इंदरगढ़ ब्रेकिंग न्यूज़ नोटिस के बाद भी अतिक्रमण जारी, इंदरगढ़ में नगरीय प्रशासन के आदेश को ठेंगा! नोटिस के बाद भी अतिक्रमण जारी, इंदरगढ़ में नगरीय प्रशासन के आदेश को ठेंगा! इंदरगढ़। नगर के बीच बाजार में कथित अवैध निर्माण और अतिक्रमण को लेकर नगर पालिका द्वारा नोटिस जारी किए जाने के बावजूद निर्माण गतिविधियां थमने का नाम नहीं ले रही हैं। नगरीय प्रशासन की ओर से संबंधितों को तीन दिवस के भीतर अवैध निर्माण/अतिक्रमण हटाने और निर्माण कार्य बंद करने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन इसके बाद भी मौके की तस्वीरें कुछ और ही कहानी बयां कर रही हैं। नोटिस में नगर पालिका अधिनियम 1961 की धारा 187 एवं 223 का हवाला देते हुए निर्माण को नियम विरुद्ध बताया गया था। साथ ही चेतावनी दी गई थी कि निर्धारित समय में अतिक्रमण नहीं हटाने पर प्रशासन द्वारा कार्रवाई की जाएगी। लेकिन सवाल यह है कि नोटिस के बाद भी यदि निर्माण अथवा अतिक्रमण जारी है तो जिम्मेदारों की कार्रवाई कहां है? क्या नोटिस जारी करना ही प्रशासन की पूरी कार्रवाई है, या फिर उसके बाद मौके पर जाकर निर्माण रुकवाने और अतिक्रमण हटाने की जिम्मेदारी भी तय है? मौके से सामने आए वीडियो में निर्माण से जुड़ी गतिविधियां और ईंटों से बनी संरचनाएं दिखाई दे रही हैं। इससे नगरीय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि प्रशासन ने स्वयं नोटिस जारी कर निर्माण को नियम विरुद्ध माना है, तो फिर नोटिस के बाद भी कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही? लोगों को अब तीन दिन की मियाद पूरी होने के बाद प्रशासन की अगली कार्रवाई का इंतजार है। अब देखना यह है कि इंदरगढ़ नगर पंचायत सिर्फ कागजी नोटिस तक सीमित रहती है या मौके पर पहुंचकर अतिक्रमण के खिलाफ ठोस कार्रवाई भी करती है।
इंदरगढ़ ब्रेकिंग न्यूज़ नोटिस के बाद भी अतिक्रमण जारी, इंदरगढ़ में नगरीय प्रशासन के आदेश को ठेंगा! नोटिस के बाद भी अतिक्रमण जारी, इंदरगढ़ में नगरीय प्रशासन के आदेश को ठेंगा! इंदरगढ़। नगर के बीच बाजार में कथित अवैध निर्माण और अतिक्रमण को लेकर नगर पालिका द्वारा नोटिस जारी किए जाने के बावजूद निर्माण गतिविधियां थमने का नाम नहीं ले रही हैं। नगरीय प्रशासन की ओर से संबंधितों को तीन दिवस के भीतर अवैध निर्माण/अतिक्रमण हटाने और निर्माण कार्य बंद करने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन इसके बाद भी मौके की तस्वीरें कुछ और ही कहानी बयां कर रही हैं। नोटिस में नगर पालिका अधिनियम 1961 की धारा 187 एवं 223 का हवाला देते हुए निर्माण को नियम विरुद्ध बताया गया था। साथ ही चेतावनी दी गई थी कि निर्धारित समय में अतिक्रमण नहीं हटाने पर प्रशासन द्वारा कार्रवाई की जाएगी। लेकिन सवाल यह है कि नोटिस के बाद भी यदि निर्माण अथवा अतिक्रमण जारी है तो जिम्मेदारों की कार्रवाई कहां है? क्या नोटिस जारी करना ही प्रशासन की पूरी कार्रवाई है, या फिर उसके बाद मौके पर जाकर निर्माण रुकवाने और अतिक्रमण हटाने की जिम्मेदारी भी तय है? मौके से सामने आए वीडियो में निर्माण से जुड़ी गतिविधियां और ईंटों से बनी संरचनाएं दिखाई दे रही हैं। इससे नगरीय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि प्रशासन ने स्वयं नोटिस जारी कर निर्माण को नियम विरुद्ध माना है, तो फिर नोटिस के बाद भी कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही? लोगों को अब तीन दिन की मियाद पूरी होने के बाद प्रशासन की अगली कार्रवाई का इंतजार है। अब देखना यह है कि इंदरगढ़ नगर पंचायत सिर्फ कागजी नोटिस तक सीमित रहती है या मौके पर पहुंचकर अतिक्रमण के खिलाफ ठोस कार्रवाई भी करती है।
- इंदरगढ़ ब्रेकिंग न्यूज़ नोटिस के बाद भी अतिक्रमण जारी, इंदरगढ़ में नगरीय प्रशासन के आदेश को ठेंगा! नोटिस के बाद भी अतिक्रमण जारी, इंदरगढ़ में नगरीय प्रशासन के आदेश को ठेंगा! इंदरगढ़। नगर के बीच बाजार में कथित अवैध निर्माण और अतिक्रमण को लेकर नगर पालिका द्वारा नोटिस जारी किए जाने के बावजूद निर्माण गतिविधियां थमने का नाम नहीं ले रही हैं। नगरीय प्रशासन की ओर से संबंधितों को तीन दिवस के भीतर अवैध निर्माण/अतिक्रमण हटाने और निर्माण कार्य बंद करने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन इसके बाद भी मौके की तस्वीरें कुछ और ही कहानी बयां कर रही हैं। नोटिस में नगर पालिका अधिनियम 1961 की धारा 187 एवं 223 का हवाला देते हुए निर्माण को नियम विरुद्ध बताया गया था। साथ ही चेतावनी दी गई थी कि निर्धारित समय में अतिक्रमण नहीं हटाने पर प्रशासन द्वारा कार्रवाई की जाएगी। लेकिन सवाल यह है कि नोटिस के बाद भी यदि निर्माण अथवा अतिक्रमण जारी है तो जिम्मेदारों की कार्रवाई कहां है? क्या नोटिस जारी करना ही प्रशासन की पूरी कार्रवाई है, या फिर उसके बाद मौके पर जाकर निर्माण रुकवाने और अतिक्रमण हटाने की जिम्मेदारी भी तय है? मौके से सामने आए वीडियो में निर्माण से जुड़ी गतिविधियां और ईंटों से बनी संरचनाएं दिखाई दे रही हैं। इससे नगरीय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि प्रशासन ने स्वयं नोटिस जारी कर निर्माण को नियम विरुद्ध माना है, तो फिर नोटिस के बाद भी कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही? लोगों को अब तीन दिन की मियाद पूरी होने के बाद प्रशासन की अगली कार्रवाई का इंतजार है। अब देखना यह है कि इंदरगढ़ नगर पंचायत सिर्फ कागजी नोटिस तक सीमित रहती है या मौके पर पहुंचकर अतिक्रमण के खिलाफ ठोस कार्रवाई भी करती है।1
- सेवड़ा नगर 🇮🇳मेरा तिरंगा मेरी शान....... 🇮🇳 हर घर तिरंगा अभियान के तहत सेवड़ा नगर में भव्य तिरंगा यात्रा निकाली गई जिसमें सेवड़ा विधायक माननीय प्रदीप ,जनपद अध्यक्ष रविता रुस्तम जाटव, पूर्व मंडल अध्यक्ष मुकेश चौधरी नगर के सभी वरिष्ठ नेता जन एवं कार्यकर्ता बंधु एवं स्कूल के छात्र-छात्राएं शिक्षक पार्टी के समस्त पदाधिकारी बंधु एवं नगर वासी उपस्थित रहे तिरंगा यात्रा में एसडीएम अशोक अवस्थी, एसडीओपी अजय चानना, तहसीलदार राजेंद्र जाटव ,तहसीलदार मनोज दिवाकर ,थाना प्रभारी सुनील बनोरिया सहित सैकड़ों नगरवासी उपस्थित रहे......2
- रचनात्मक कांग्रेस के राष्ट्रीय अधिवेशन में फार्मेसी एवं केमिस्ट क्षेत्र की आवाज़ रखने का अवसर रचनात्मक कांग्रेस के राष्ट्रीय अधिवेशन में फार्मेसी एवं केमिस्ट क्षेत्र की आवाज़ रखने का अवसर इंदरगढ़ :--कल इंदिरा भवन, AICC मुख्यालय, नई दिल्ली में आयोजित रचनात्मक कांग्रेस के राष्ट्रीय अधिवेशन में देशभर से आए नागरिकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, जन आंदोलनों, कलाकारों, लेखकों, शिक्षाविदों, पेशेवरों, युवाओं, महिलाओं, श्रमिकों एवं नागरिक समाज के प्रतिनिधियों के साथ सहभागिता करने का अवसर प्राप्त हुआ। इस महत्वपूर्ण अवसर पर मंच पर आदरणीय रचनात्मक कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री संदीप दीक्षित जी, श्री गुरदीप सप्पल जी, श्रीमती मीनाक्षी नटराजन जी सहित अनेक विषय एवं नीति विशेषज्ञ उपस्थित रहे। मुझे इस राष्ट्रीय मंच पर फार्मेसी एवं केमिस्ट सेक्टर का प्रतिनिधित्व करते हुए अपने विचार रखने का अवसर प्राप्त हुआ। दवा व्यापार की चुनौतियों, फार्मेसी क्षेत्र से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों तथा आम नागरिकों तक गुणवत्तापूर्ण, सुरक्षित एवं सुलभ दवाओं की उपलब्धता से जुड़े मुद्दों को सामने रखने का प्रयास किया। रचनात्मक कांग्रेस के इस राष्ट्रीय अधिवेशन में संवैधानिक लोकतंत्र, न्याय, समानता और बंधुत्व के मूल्यों के साथ विभिन्न क्षेत्रों की आवाज़ों को एक मंच पर सुनना और जनहित से जुड़े विषयों पर संवाद करना मेरे लिए अत्यंत गौरवपूर्ण अनुभव रहा। फार्मेसी एवं केमिस्ट क्षेत्र की आवाज़ को इस राष्ट्रीय मंच पर रखने का अवसर देने के लिए सभी वरिष्ठजनों का हृदय से आभार।3
- gao me rod ki kharab sthti ke bare me gao me rod ki sthti bahut kharab he our gao me koi bhi subhida nahi he h rod ki janch ho gram richhoura dera tahsel Bhander jila datiya4
- घर से बाजार निकला युवक हुआ लापता , मनजीत जाट निवासी उषा कॉलोनी डबरा हुआ लापता डबरा (ग्वालियर)मध्य प्रदेश घर से बाजार निकला युवक हुआ लापता , मंजीत जाट उम्र 18 वर्ष निवासी उषा कॉलोनी डबरा दोपहर 3:00 बजे घरवालों को बिना बताए बाजार गया था उसके बाद लापता हुआ युवक , घर वालों ने रिश्तेदारों और दोस्तों से कर रहे हैं पूछताछ लेकिन नहीं चल कोई पता ,सिटी पुलिस जुटी युवक की तलाश में , बाजार में दिखा युवक सीसीटीवी फुटेज खंगालने में जुटी सिटी पुलिस।2
- 🇮🇳 डबरा में तिरंगा यात्रा स्वतंत्रता दिवस से पहले डबरा में देशभक्ति का जज्बा देखने को मिला। ‘हर घर तिरंगा अभियान’ के तहत डबरा पुलिस प्रशासन और नगरपालिका के संयुक्त तत्वावधान में भव्य तिरंगा यात्रा निकाली गई। हाथों में तिरंगा लेकर पुलिसकर्मी और प्रशासनिक अधिकारी नगर के प्रमुख मार्गों से निकले और लोगों को देशभक्ति एवं राष्ट्रीय एकता का संदेश दिया। डबरा थाना परिसर से शुरू हुई तिरंगा यात्रा अग्रसेन चौराहा और परशुराम चौराहा होते हुए संपन्न हुई। यात्रा में पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने हाथों में तिरंगा लेकर लोगों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं। खास बात यह रही कि तिरंगा यात्रा के दौरान डीजे की देशभक्ति धुनों पर पुलिसकर्मी हाथों में तिरंगा लेकर जमकर झूमते और नाचते नजर आए। पुलिसकर्मियों का यह अंदाज देखकर मौके पर मौजूद लोगों में भी उत्साह देखने को मिला। पूरे रास्ते देशभक्ति के नारों और तिरंगे के साथ माहौल जोश और उत्साह से भर गया। तिरंगा यात्रा के दौरान पुलिस प्रशासन ने नागरिकों से राष्ट्रध्वज का सम्मान करने और स्वतंत्रता दिवस को देशभक्ति की भावना के साथ मनाने की अपील की। यात्रा के दौरान नगर में देशभक्ति का माहौल नजर आया। डबरा पुलिस ने इस तिरंगा यात्रा के माध्यम से जहां देशभक्ति और राष्ट्रीय एकता का संदेश दिया, वहीं नगरवासियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं भी दीं। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि डबरा पुलिस जनता की सेवा और सुरक्षा के लिए सदैव तत्पर है।1
- डबरा में बीच बाजार बाप-बेटे की बेरहमी से पिटाई, वायरल वीडियो ने खड़े किए पुलिस की कार्रवाई पर सवाल डबरा। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो ने डबरा क्षेत्र में कानून-व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। वीडियो में कुछ लोग एक व्यक्ति और उसके बेटे पर लाठी-डंडों से बेरहमी से हमला करते नजर आ रहे हैं। घटना इतनी भयावह है कि बीच बाजार में खुलेआम हो रही मारपीट देखकर कानून के डर पर सवाल उठना लाजिमी है। बताया जा रहा है कि घटना डबरा के छीमक क्षेत्र में एक चाय की दुकान के पास की है। आरोप है कि यहां देवरा गांव निवासी एक व्यक्ति के साथ कुछ लोगों ने मारपीट शुरू कर दी। पिता को बचाने के लिए उसका बेटा मौके पर पहुंचा तो हमलावरों ने उसे भी नहीं बख्शा और लाठी-डंडों से पीटना शुरू कर दिया। वायरल वीडियो में साफ दिखाई दे रहा है कि दोनों को घेरकर पीटा जा रहा है। हालांकि वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि और उसमें दिखाई दे रहे लोगों की पहचान की आधिकारिक पुष्टि अभी सामने नहीं आई है। पीड़ित पक्ष की ओर से आरोप लगाया जा रहा है कि मारपीट करने वाले लोग रेत के कारोबार से जुड़े हैं। वहीं, यह भी दावा किया जा रहा है कि घटना के बाद जब फरियादी शिकायत लेकर थाने पहुंचा तो उसकी सुनवाई नहीं हुई। यदि यह आरोप सही है तो मामला सिर्फ मारपीट तक सीमित नहीं रहता, बल्कि पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है। सबसे बड़ा सवाल यही है—जब बीच बाजार में लाठी-डंडे चल सकते हैं, तो फिर कानून का डर कहां है? अब जरूरत इस बात की है कि पुलिस वायरल वीडियो को संज्ञान में लेकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करे, आरोपियों की पहचान कर कानूनी कार्रवाई करे और यह भी स्पष्ट करे कि पीड़ित की शिकायत पर क्या कार्रवाई की गई। अपराध पर अंकुश लगाने के लिए कार्रवाई ऐसी होनी चाहिए कि अपराधियों को कानून का खौफ महसूस हो और आम नागरिक को यह भरोसा रहे कि मुश्किल वक्त में पुलिस उसके साथ खड़ी है। डबरा में बीच बाजार बाप-बेटे की बेरहमी से पिटाई, वायरल वीडियो ने खड़े किए पुलिस की कार्रवाई पर सवाल डबरा। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो ने डबरा क्षेत्र में कानून-व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। वीडियो में कुछ लोग एक व्यक्ति और उसके बेटे पर लाठी-डंडों से बेरहमी से हमला करते नजर आ रहे हैं। घटना इतनी भयावह है कि बीच बाजार में खुलेआम हो रही मारपीट देखकर कानून के डर पर सवाल उठना लाजिमी है। बताया जा रहा है कि घटना डबरा के छीमक क्षेत्र में एक चाय की दुकान के पास की है। आरोप है कि यहां देवरा गांव निवासी एक व्यक्ति के साथ कुछ लोगों ने मारपीट शुरू कर दी। पिता को बचाने के लिए उसका बेटा मौके पर पहुंचा तो हमलावरों ने उसे भी नहीं बख्शा और लाठी-डंडों से पीटना शुरू कर दिया। वायरल वीडियो में साफ दिखाई दे रहा है कि दोनों को घेरकर पीटा जा रहा है। हालांकि वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि और उसमें दिखाई दे रहे लोगों की पहचान की आधिकारिक पुष्टि अभी सामने नहीं आई है। पीड़ित पक्ष की ओर से आरोप लगाया जा रहा है कि मारपीट करने वाले लोग रेत के कारोबार से जुड़े हैं। वहीं, यह भी दावा किया जा रहा है कि घटना के बाद जब फरियादी शिकायत लेकर थाने पहुंचा तो उसकी सुनवाई नहीं हुई। यदि यह आरोप सही है तो मामला सिर्फ मारपीट तक सीमित नहीं रहता, बल्कि पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है। सबसे बड़ा सवाल यही है—जब बीच बाजार में लाठी-डंडे चल सकते हैं, तो फिर कानून का डर कहां है? अब जरूरत इस बात की है कि पुलिस वायरल वीडियो को संज्ञान में लेकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करे, आरोपियों की पहचान कर कानूनी कार्रवाई करे और यह भी स्पष्ट करे कि पीड़ित की शिकायत पर क्या कार्रवाई की गई। अपराध पर अंकुश लगाने के लिए कार्रवाई ऐसी होनी चाहिए कि अपराधियों को कानून का खौफ महसूस हो और आम नागरिक को यह भरोसा रहे कि मुश्किल वक्त में पुलिस उसके साथ खड़ी है।1
- डबरा में बीच बाजार बाप-बेटे की बेरहमी से पिटाई, वायरल वीडियो ने खड़े किए पुलिस की कार्रवाई पर सवाल डबरा। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो ने डबरा क्षेत्र में कानून-व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। वीडियो में कुछ लोग एक व्यक्ति और उसके बेटे पर लाठी-डंडों से बेरहमी से हमला करते नजर आ रहे हैं। घटना इतनी भयावह है कि बीच बाजार में खुलेआम हो रही मारपीट देखकर कानून के डर पर सवाल उठना लाजिमी है। बताया जा रहा है कि घटना डबरा के छीमक क्षेत्र में एक चाय की दुकान के पास की है। आरोप है कि यहां देवरा गांव निवासी एक व्यक्ति के साथ कुछ लोगों ने मारपीट शुरू कर दी। पिता को बचाने के लिए उसका बेटा मौके पर पहुंचा तो हमलावरों ने उसे भी नहीं बख्शा और लाठी-डंडों से पीटना शुरू कर दिया। वायरल वीडियो में साफ दिखाई दे रहा है कि दोनों को घेरकर पीटा जा रहा है। हालांकि वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि और उसमें दिखाई दे रहे लोगों की पहचान की आधिकारिक पुष्टि अभी सामने नहीं आई है। पीड़ित पक्ष की ओर से आरोप लगाया जा रहा है कि मारपीट करने वाले लोग रेत के कारोबार से जुड़े हैं। वहीं, यह भी दावा किया जा रहा है कि घटना के बाद जब फरियादी शिकायत लेकर थाने पहुंचा तो उसकी सुनवाई नहीं हुई। यदि यह आरोप सही है तो मामला सिर्फ मारपीट तक सीमित नहीं रहता, बल्कि पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है। सबसे बड़ा सवाल यही है—जब बीच बाजार में लाठी-डंडे चल सकते हैं, तो फिर कानून का डर कहां है? अब जरूरत इस बात की है कि पुलिस वायरल वीडियो को संज्ञान में लेकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करे, आरोपियों की पहचान कर कानूनी कार्रवाई करे और यह भी स्पष्ट करे कि पीड़ित की शिकायत पर क्या कार्रवाई की गई। अपराध पर अंकुश लगाने के लिए कार्रवाई ऐसी होनी चाहिए कि अपराधियों को कानून का खौफ महसूस हो और आम नागरिक को यह भरोसा रहे कि मुश्किल वक्त में पुलिस उसके साथ खड़ी है।1