प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सेवा, सुशासन, विश्वास और विकास के 12 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में, भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) जिला एमसीबी द्वारा मनेन्द्रगढ़ बस स्टैंड परिसर में एक स्वच्छता अभियान चलाया गया। इस पहल में भाजपा के पदाधिकारियों, जनप्रतिनिधियों, कार्यकर्ताओं और नागरिकों ने सक्रिय रूप से भाग लिया, हाथों में झाड़ू लेकर श्रमदान किया और स्वच्छता का महत्वपूर्ण संदेश दिया। इस कार्यक्रम में नगर पालिका अध्यक्ष प्रतिमा यादव, भाजपा जिला महामंत्री आशीष मजूमदार, पूर्व जिलाध्यक्ष लखन लाल श्रीवास्तव, और भाजयुमो जिलाध्यक्ष अंकित शर्मा सहित कई अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे। वक्ताओं ने जोर देकर कहा कि स्वच्छता केवल शासन की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि यह समाज के प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। अभियान के दौरान, उपस्थित लोगों को स्वच्छ और सुंदर मनेन्द्रगढ़ बनाने का संकल्प भी दिलाया गया, जिससे सामूहिक भागीदारी और जागरूकता को बढ़ावा मिला।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सेवा, सुशासन, विश्वास और विकास के 12 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में, भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) जिला एमसीबी द्वारा मनेन्द्रगढ़ बस स्टैंड परिसर में एक स्वच्छता अभियान चलाया गया। इस पहल में भाजपा के पदाधिकारियों, जनप्रतिनिधियों, कार्यकर्ताओं और नागरिकों ने सक्रिय रूप से भाग लिया, हाथों में झाड़ू लेकर श्रमदान किया और स्वच्छता का महत्वपूर्ण संदेश दिया। इस कार्यक्रम में नगर पालिका अध्यक्ष प्रतिमा यादव, भाजपा जिला महामंत्री आशीष मजूमदार, पूर्व जिलाध्यक्ष लखन लाल श्रीवास्तव, और भाजयुमो जिलाध्यक्ष अंकित शर्मा सहित कई अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे। वक्ताओं ने जोर देकर कहा कि स्वच्छता केवल शासन की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि यह समाज के प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। अभियान के दौरान, उपस्थित लोगों को स्वच्छ और सुंदर मनेन्द्रगढ़ बनाने का संकल्प भी दिलाया गया, जिससे सामूहिक भागीदारी और जागरूकता को बढ़ावा मिला।
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सेवा, सुशासन, विश्वास और विकास के 12 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में, भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) जिला एमसीबी द्वारा मनेन्द्रगढ़ बस स्टैंड परिसर में एक स्वच्छता अभियान चलाया गया। इस पहल में भाजपा के पदाधिकारियों, जनप्रतिनिधियों, कार्यकर्ताओं और नागरिकों ने सक्रिय रूप से भाग लिया, हाथों में झाड़ू लेकर श्रमदान किया और स्वच्छता का महत्वपूर्ण संदेश दिया। इस कार्यक्रम में नगर पालिका अध्यक्ष प्रतिमा यादव, भाजपा जिला महामंत्री आशीष मजूमदार, पूर्व जिलाध्यक्ष लखन लाल श्रीवास्तव, और भाजयुमो जिलाध्यक्ष अंकित शर्मा सहित कई अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे। वक्ताओं ने जोर देकर कहा कि स्वच्छता केवल शासन की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि यह समाज के प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। अभियान के दौरान, उपस्थित लोगों को स्वच्छ और सुंदर मनेन्द्रगढ़ बनाने का संकल्प भी दिलाया गया, जिससे सामूहिक भागीदारी और जागरूकता को बढ़ावा मिला।1
- एक लड़की के अचानक कुएं में गिर जाने के बाद उसकी जान पर बन आई, लेकिन स्थानीय लोगों और बचाव दल की तत्परता से उसे बचा लिया गया। इस घटना का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें दिखाया गया है कि कैसे समय पर किए गए रेस्क्यू ऑपरेशन ने उसकी जिंदगी बचा ली। ईश्वर की कृपा और बचावकर्ताओं की कड़ी मेहनत से एक बड़ा हादसा टल गया। बताया गया है कि लड़की की जान बाल-बाल बची, क्योंकि बचाव कार्य तुरंत शुरू कर दिया गया था। यह घटना सभी के लिए एक महत्वपूर्ण सुरक्षा संदेश देती है कि खुले कुओं और अन्य खतरनाक स्थानों के आसपास हमेशा अत्यधिक सावधानी बरतनी चाहिए। यह हादसा सतर्क रहने और सुरक्षा नियमों का पालन करने की आवश्यकता पर ज़ोर देता है।1
- अनूपपुर का एकमात्र बड़ा लाडली लक्ष्मी पार्क, जो सैकड़ों बच्चों के खेलकूद और मनोरंजन का केंद्र है, अब असुरक्षा का गढ़ बनता जा रहा है। इसकी मुख्य वजह पार्क में खुलेआम घूमते हुए शिकारी और आक्रामक नस्ल के कुत्ते हैं, जिन पर नगर पालिका का कोई नियंत्रण या सख्ती नहीं दिख रही है। शाम ढलते ही जब बच्चे और परिवार पार्क में जुटते हैं, तो कुछ लोग खतरनाक नस्ल के कुत्तों को बिना जंजीर और सुरक्षा बेल्ट के घुमाते नजर आते हैं, जिससे छोटे बच्चों के साथ किसी भी समय बड़े हादसे की आशंका बनी रहती है। स्थानीय अभिभावकों का कहना है कि यह पार्क अब बच्चों के खेलने के लिए सुरक्षित नहीं रहा और वे हर समय भय में रहते हैं, हालांकि अभी तक ऐसी कोई बड़ी घटना सामने नहीं आई है, लेकिन हालात लगातार खतरनाक होते जा रहे हैं। लोगों में नगर पालिका की इस उदासीनता पर भारी नाराजगी है, क्योंकि पार्क में न तो सुरक्षा गार्ड मौजूद हैं और न ही ऐसे कुत्तों के प्रवेश को लेकर कोई स्पष्ट नियम लागू किए गए हैं। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि नगर पालिका केवल सौंदर्यीकरण और दिखावे पर ध्यान दे रही है, जबकि बच्चों की सुरक्षा जैसे गंभीर मुद्दों को लगातार अनदेखा किया जा रहा है। सामाजिक संगठनों और स्थानीय लोगों ने प्रशासन से तत्काल पार्क में सुरक्षा व्यवस्था लागू करने, आक्रामक नस्ल के कुत्तों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाने और नियम तोड़ने वालों पर जुर्माना लगाने की मांग की है। इसके अतिरिक्त, पार्क में चेतावनी बोर्ड, सीसीटीवी कैमरे और सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की भी जोरदार मांग उठ रही है। शहरवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते प्रशासन ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया, तो कोई भी अप्रिय घटना पूरे शहर को झकझोर सकती है। बच्चों की सुरक्षा से जुड़ा यह मुद्दा अब आम लोगों के लिए चिंता का विषय बन चुका है, और सबकी निगाहें नगर पालिका पर टिकी हैं कि वह कब तक अपनी जिम्मेदारी समझते हुए इस गंभीर स्थिति पर ठोस कार्रवाई करती है।3
- समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की बेटी अदिति यादव को लेकर सोशल मीडिया पर कथित रूप से अभद्र टिप्पणियां और भ्रामक पोस्ट साझा किए जाने के मामले में उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में कई लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। इस मामले में मिली जानकारी के अनुसार, सपा कार्यकर्ताओं और नेताओं की शिकायत के बाद लखनऊ, कानपुर और संतकबीर नगर समेत कई जिलों के साइबर थानों में मामला दर्ज किया गया है। आरोप है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) और फेसबुक पर कुछ अकाउंट्स द्वारा अपमानजनक और आपत्तिजनक सामग्री पोस्ट की गई थी। इस मामले पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए अखिलेश यादव ने बिना किसी का नाम लिए कहा कि जो लोग परिवार और बेटियों के सम्मान को नहीं समझते, वे समाज की भावनाओं को भी नहीं समझ सकते। वहीं, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी इस मामले को गंभीर बताया है। उन्होंने कहा कि किसी भी बेटी के खिलाफ अभद्र टिप्पणी स्वीकार नहीं की जा सकती। मुख्यमंत्री ने पुलिस अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई करने और दोषियों के विरुद्ध FIR दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। पुलिस ने संबंधित सोशल मीडिया अकाउंट्स की जांच शुरू कर दी है और डिजिटल साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।1
- अंबिकापुर शहर के बंगाली चौक, रामानुजगंज रोड पर स्थित ट्रैफिक सिग्नल पिछले लगभग दो सप्ताह से खराब पड़ा हुआ है। इस कारण राहगीरों और वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। एक स्थानीय ट्रैफिक हवलदार ने जानकारी दी है कि सिग्नल लंबे समय से बंद है, लेकिन अब तक इसकी मरम्मत नहीं की गई है। हवलदार के अनुसार, रात के समय चौक पर पर्याप्त रोशनी और सुचारु ट्रैफिक सिग्नल व्यवस्था न होने के कारण कई लोग गिरकर घायल भी हो चुके हैं। क्षेत्रवासियों का कहना है कि यह एक व्यस्त मार्ग होने के बावजूद, संबंधित विभाग द्वारा इस समस्या के समाधान के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है। बंगाली चौक को अंबिकापुर का एक प्रमुख यातायात केंद्र माना जाता है, जहाँ प्रतिदिन बड़ी संख्या में वाहन गुजरते हैं। एमडी न्यूज़ के माध्यम से लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि बंगाली चौक स्थित ट्रैफिक सिग्नल की शीघ्र मरम्मत कराई जाए, ताकि दुर्घटनाओं पर रोक लग सके और यातायात व्यवस्था सुचारु रूप से संचालित हो सके।1
- अंबिकापुर के तकिया क्षेत्र में वन भूमि पर अतिक्रमण कर बनाए गए 17 अवैध मकानों को प्रशासन और वन विभाग की टीम ने रविवार सुबह बुलडोजर चलाकर ढहा दिया। यह कार्रवाई अंबिकापुर और आसपास के क्षेत्रों में वन भूमि पर अतिक्रमण के खिलाफ जारी अभियान का हिस्सा है। शहर से लगे तकिया पावर हाउस के पास हुई इस कार्रवाई के दौरान वन विभाग की टीम के साथ प्रशासनिक व पुलिस अमला भी मौजूद था। इस कार्रवाई से पहले वन विभाग व प्रशासन ने 20 अतिक्रमणकारियों को नोटिस जारी कर अतिक्रमण हटाने को कहा था। अतिक्रमणकारियों का आरोप था कि वे लंबे समय से (कुछ के अनुसार 20-30 या 30-40 सालों से) यहां रह रहे हैं, लेकिन उन्हें वन भूमि का पट्टा नहीं दिया गया। इस मामले में हाईकोर्ट ने प्रशासन व वन विभाग को जांच कर 60 दिनों में जवाब देने का आदेश दिया था। जांच के बाद यह बात सामने आई कि अतिक्रमण बहुत पुराना नहीं है और वे वन भूमि पट्टा के पात्र नहीं हैं, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई। कुछ लोगों ने अपने सामान हटा लिए थे, जबकि कईयों ने नोटिस का पालन नहीं किया था। इस संबंध में भाजपा पार्षद आलोक दुबे ने खुद पर लगने वाले उस आरोप पर प्रतिक्रिया दी, जिसमें कहा जाता है कि वे एक धर्म विशेष के लोगों को निशाना बनाकर अवैध अतिक्रमण हटवाते हैं। उन्होंने तकिया में तोड़े जा रहे मकानों में किस धर्म के लोग रहते हैं, यह देखने की बात कही। उन्होंने यह भी बताया कि हाईकोर्ट के 2 अप्रैल के निर्देश के बाद हुई जांच में पाया गया कि अतिक्रमण नया था और निवासी पट्टे के पात्र नहीं थे। वहीं, कांग्रेस के पूर्व पार्षद दीपक मिश्रा ने कहा कि लोग 30-40 साल से रह रहे थे और उन्हें सामान निकालने का भी समय नहीं दिया गया। उन्होंने यह भी बताया कि रहवासियों ने सांसद-विधायक से मुलाकात की थी, जिन्होंने आश्वासन दिया था कि उनके घर नहीं टूटेंगे, जिस कारण वे कोर्ट नहीं गए। अब बारिश का मौसम सिर पर है और उनके मकान तोड़े जा रहे हैं, जिससे परिवारों के लिए संकट खड़ा हो गया है।1
- एक युवक की जेल में हुई मौत के बाद उसके परिजनों ने जमकर हंगामा किया है। परिजनों द्वारा इस घटना पर आक्रोश व्यक्त करते हुए यह जानने की मांग की जा रही है कि आखिर उनकी मौत किस तरह हुई।1
- अनूपपुर जिले में सर्प प्रहरियों की एक टीम ने बीते दो दिनों में 8 अत्यंत जहरीले सांपों को आमजनों के घरों और आसपास के ग्रामीण अंचलों से सुरक्षित रेस्क्यू किया है। इन सर्प प्रहरियों में शशिधर अग्रवाल, छोटेलाल यादव, मनोज यादव, धर्मेन्द्र यादव और लाल दास सिंह शामिल थे, जिन्होंने इन सांपों को पकड़ने के बाद किरर के जंगल में स्वतंत्र विचरण के लिए छोड़ दिया। इसी दौरान, जिला मुख्यालय अनूपपुर से 15 किलोमीटर दूर स्थित ग्राम पंचायत मझगवां के चटुआ गांव में जीवन कोल के घर के अंदर एक अत्यंत जहरीला कोबरा सांप किराना दुकान में रखे सामानों के गिरने से गंभीर रूप से घायल हो गया था। सूचना मिलने पर सर्प प्रहरी शशिधर अग्रवाल देर रात अकेले ही घटनास्थल पर पहुंचे और घायल सांप का सावधानीपूर्वक रेस्क्यू किया। अगली सुबह, शशिधर अग्रवाल अपने सहयोगी छोटेलाल यादव के साथ घायल कोबरा को पशु चिकित्सा विभाग अनूपपुर के सहायक पशु चिकित्सा क्षेत्र अधिकारी नारायण सिंह मार्को के निवास पर ले गए। वहाँ सांप को टांके लगाए गए और अन्य औषधियों से उसका उपचार किया गया। दो दिनों में रेस्क्यू किए गए कुल 8 सांपों, जिनमें 6 कोबरा प्रजाति के और 2 कॉमन करैत (डंडाकरायल) प्रजाति के सर्प थे, को उपचार के बाद वनांचल क्षेत्र किरर के जंगल में स्वतंत्र विचरण के लिए सुरक्षित रूप से छोड़ दिया गया। सर्प प्रहरियों ने यह भी बताया कि भीषण गर्मी और वर्षा काल से ठीक पहले, कई जहरीले और सामान्य सांपों सहित विभिन्न जीव-जंतु अपने रहवास इलाकों से बाहर निकलकर ज्यादा संख्या में विचरण कर रहे हैं। ऐसी स्थिति में, उन्होंने आमजनों से रात के समय रोशनी या टॉर्च के साथ चलने, टॉर्च की रोशनी के सहारे ही घर या अन्य स्थानों से आवश्यक सामान निकालने, किसी भी परिस्थिति में जमीन में न सोने, और सर्पदंश पीड़ित व्यक्ति को बिना समय गंवाए झाड़-फूंक या किसी भी तरह के देशी/स्थापित उपचार का प्रयोग किए बगैर तत्काल शासकीय चिकित्सालय में पहुंचकर चिकित्सकों से उपचार कराने की अपील की है।1