logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…
  • Latest News
  • News
  • Politics
  • Elections
  • Viral
  • Astrology
  • Horoscope in Hindi
  • Horoscope in English
  • Latest Political News
logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…

अंबिकापुर के तकिया क्षेत्र में वन भूमि पर अतिक्रमण कर बनाए गए 17 अवैध मकानों को प्रशासन और वन विभाग की टीम ने रविवार सुबह बुलडोजर चलाकर ढहा दिया। यह कार्रवाई अंबिकापुर और आसपास के क्षेत्रों में वन भूमि पर अतिक्रमण के खिलाफ जारी अभियान का हिस्सा है। शहर से लगे तकिया पावर हाउस के पास हुई इस कार्रवाई के दौरान वन विभाग की टीम के साथ प्रशासनिक व पुलिस अमला भी मौजूद था। इस कार्रवाई से पहले वन विभाग व प्रशासन ने 20 अतिक्रमणकारियों को नोटिस जारी कर अतिक्रमण हटाने को कहा था। अतिक्रमणकारियों का आरोप था कि वे लंबे समय से (कुछ के अनुसार 20-30 या 30-40 सालों से) यहां रह रहे हैं, लेकिन उन्हें वन भूमि का पट्टा नहीं दिया गया। इस मामले में हाईकोर्ट ने प्रशासन व वन विभाग को जांच कर 60 दिनों में जवाब देने का आदेश दिया था। जांच के बाद यह बात सामने आई कि अतिक्रमण बहुत पुराना नहीं है और वे वन भूमि पट्टा के पात्र नहीं हैं, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई। कुछ लोगों ने अपने सामान हटा लिए थे, जबकि कईयों ने नोटिस का पालन नहीं किया था। इस संबंध में भाजपा पार्षद आलोक दुबे ने खुद पर लगने वाले उस आरोप पर प्रतिक्रिया दी, जिसमें कहा जाता है कि वे एक धर्म विशेष के लोगों को निशाना बनाकर अवैध अतिक्रमण हटवाते हैं। उन्होंने तकिया में तोड़े जा रहे मकानों में किस धर्म के लोग रहते हैं, यह देखने की बात कही। उन्होंने यह भी बताया कि हाईकोर्ट के 2 अप्रैल के निर्देश के बाद हुई जांच में पाया गया कि अतिक्रमण नया था और निवासी पट्टे के पात्र नहीं थे। वहीं, कांग्रेस के पूर्व पार्षद दीपक मिश्रा ने कहा कि लोग 30-40 साल से रह रहे थे और उन्हें सामान निकालने का भी समय नहीं दिया गया। उन्होंने यह भी बताया कि रहवासियों ने सांसद-विधायक से मुलाकात की थी, जिन्होंने आश्वासन दिया था कि उनके घर नहीं टूटेंगे, जिस कारण वे कोर्ट नहीं गए। अब बारिश का मौसम सिर पर है और उनके मकान तोड़े जा रहे हैं, जिससे परिवारों के लिए संकट खड़ा हो गया है।

3 hrs ago
user_Jarif Khan
Jarif Khan
अंबिकापुर, सरगुजा, छत्तीसगढ़•
3 hrs ago

अंबिकापुर के तकिया क्षेत्र में वन भूमि पर अतिक्रमण कर बनाए गए 17 अवैध मकानों को प्रशासन और वन विभाग की टीम ने रविवार सुबह बुलडोजर चलाकर ढहा दिया। यह कार्रवाई अंबिकापुर और आसपास के क्षेत्रों में वन भूमि पर अतिक्रमण के खिलाफ जारी अभियान का हिस्सा है। शहर से लगे तकिया पावर हाउस के पास हुई इस कार्रवाई के दौरान वन विभाग की टीम के साथ प्रशासनिक व पुलिस अमला भी मौजूद था। इस कार्रवाई से पहले वन विभाग व प्रशासन ने 20 अतिक्रमणकारियों को नोटिस जारी कर अतिक्रमण हटाने को कहा था। अतिक्रमणकारियों का आरोप था कि वे लंबे समय से (कुछ के अनुसार 20-30 या 30-40 सालों से) यहां रह रहे हैं, लेकिन उन्हें वन भूमि का पट्टा नहीं दिया गया। इस मामले में हाईकोर्ट ने प्रशासन व वन विभाग को जांच कर 60 दिनों में जवाब देने का आदेश दिया था। जांच के बाद यह बात सामने आई कि अतिक्रमण बहुत पुराना नहीं है और वे वन भूमि पट्टा के पात्र नहीं हैं, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई। कुछ लोगों ने अपने सामान हटा लिए थे, जबकि कईयों ने नोटिस का पालन नहीं किया था। इस संबंध में भाजपा पार्षद आलोक दुबे ने खुद पर लगने वाले उस आरोप पर प्रतिक्रिया दी, जिसमें कहा जाता है कि वे एक धर्म विशेष के लोगों को निशाना बनाकर अवैध अतिक्रमण हटवाते हैं। उन्होंने तकिया में तोड़े जा रहे मकानों में किस धर्म के लोग रहते हैं, यह देखने की बात कही। उन्होंने यह भी बताया कि हाईकोर्ट के 2 अप्रैल के निर्देश के बाद हुई जांच में पाया गया कि अतिक्रमण नया था और निवासी पट्टे के पात्र नहीं थे। वहीं, कांग्रेस के पूर्व पार्षद दीपक मिश्रा ने कहा कि लोग 30-40 साल से रह रहे थे और उन्हें सामान निकालने का भी समय नहीं दिया गया। उन्होंने यह भी बताया कि रहवासियों ने सांसद-विधायक से मुलाकात की थी, जिन्होंने आश्वासन दिया था कि उनके घर नहीं टूटेंगे, जिस कारण वे कोर्ट नहीं गए। अब बारिश का मौसम सिर पर है और उनके मकान तोड़े जा रहे हैं, जिससे परिवारों के लिए संकट खड़ा हो गया है।

More news from छत्तीसगढ़ and nearby areas
  • नई दिल्ली के राजनीतिक गलियारों में इन दिनों एक बड़ी चर्चा तेजी से फैल रही है कि तृणमूल कांग्रेस (TMC) और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) का कांग्रेस में विलय हो सकता है। सूत्रों के हवाले से किए जा रहे दावों के अनुसार, यदि यह विलय होता है तो लोकसभा में कांग्रेस सांसदों की संख्या 99 से बढ़कर लगभग 136 तक पहुंच सकती है। हालांकि, इस संबंध में अभी तक कांग्रेस, टीएमसी या एनसीपी (एसपी) की ओर से कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है, और इन दावों को फिलहाल राजनीतिक अटकलों और चर्चाओं के रूप में ही देखा जा रहा है। इसी बीच, राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का एक बयान भी चर्चा में है। गहलोत ने कहा है कि संविधान और लोकतंत्र की रक्षा के लिए कभी कांग्रेस से अलग होकर बने क्षेत्रीय दलों को अब "घर वापसी" कर कांग्रेस के साथ आना चाहिए और राहुल गांधी के नेतृत्व में एकजुट होकर आगे बढ़ना चाहिए। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले टीएमसी के भीतर संभावित असंतोष और विपक्षी एकता की रणनीति को देखते हुए इस तरह की चर्चाओं को बल मिल रहा है। फिर भी, सवाल अभी भी बरकरार है कि क्या टीएमसी और एनसीपी (एसपी) वास्तव में कांग्रेस में शामिल होने जा रही हैं, या फिर यह केवल राजनीतिक अफवाह है। इसका जवाब आने वाले दिनों में ही स्पष्ट हो पाएगा। यह समाचार विभिन्न सूत्रों और राजनीतिक चर्चाओं पर आधारित है, और संबंधित दलों की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
    1
    नई दिल्ली के राजनीतिक गलियारों में इन दिनों एक बड़ी चर्चा तेजी से फैल रही है कि तृणमूल कांग्रेस (TMC) और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) का कांग्रेस में विलय हो सकता है। सूत्रों के हवाले से किए जा रहे दावों के अनुसार, यदि यह विलय होता है तो लोकसभा में कांग्रेस सांसदों की संख्या 99 से बढ़कर लगभग 136 तक पहुंच सकती है।

हालांकि, इस संबंध में अभी तक कांग्रेस, टीएमसी या एनसीपी (एसपी) की ओर से कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है, और इन दावों को फिलहाल राजनीतिक अटकलों और चर्चाओं के रूप में ही देखा जा रहा है। इसी बीच, राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का एक बयान भी चर्चा में है। गहलोत ने कहा है कि संविधान और लोकतंत्र की रक्षा के लिए कभी कांग्रेस से अलग होकर बने क्षेत्रीय दलों को अब "घर वापसी" कर कांग्रेस के साथ आना चाहिए और राहुल गांधी के नेतृत्व में एकजुट होकर आगे बढ़ना चाहिए। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले टीएमसी के भीतर संभावित असंतोष और विपक्षी एकता की रणनीति को देखते हुए इस तरह की चर्चाओं को बल मिल रहा है।

फिर भी, सवाल अभी भी बरकरार है कि क्या टीएमसी और एनसीपी (एसपी) वास्तव में कांग्रेस में शामिल होने जा रही हैं, या फिर यह केवल राजनीतिक अफवाह है। इसका जवाब आने वाले दिनों में ही स्पष्ट हो पाएगा। यह समाचार विभिन्न सूत्रों और राजनीतिक चर्चाओं पर आधारित है, और संबंधित दलों की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
    user_Akhil Mittal
    Akhil Mittal
    उदयपुर, सरगुजा, छत्तीसगढ़•
    5 hrs ago
  • बलरामपुर जिले के दलधोवा घाट स्थित शिव मंदिर के सामने राष्ट्रीय राजमार्ग पर बस चालक और परिचालक के साथ मारपीट एवं लूट की घटना को अंजाम दिया गया। इस वारदात में शामिल चार आरोपियों को कोतवाली पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने घटना में इस्तेमाल किए गए बोलेरो वाहन को भी जब्त कर लिया है।
    1
    बलरामपुर जिले के दलधोवा घाट स्थित शिव मंदिर के सामने राष्ट्रीय राजमार्ग पर बस चालक और परिचालक के साथ मारपीट एवं लूट की घटना को अंजाम दिया गया। इस वारदात में शामिल चार आरोपियों को कोतवाली पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने घटना में इस्तेमाल किए गए बोलेरो वाहन को भी जब्त कर लिया है।
    user_Vijay Singh
    Vijay Singh
    बलरामपुर, बलरामपुर, छत्तीसगढ़•
    8 hrs ago
  • रायगढ़ जिला जेल में अवैध शराब बिक्री के एक मामले में बंद 28 वर्षीय संजय बघेल नामक विचाराधीन कैदी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है। बताया गया है कि तबीयत बिगड़ने पर संजय को मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाया गया था, जहाँ इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। इस घटना के बाद मृतक कैदी के परिजनों ने जेल में मारपीट का गंभीर आरोप लगाया है और इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। वहीं, जेल प्रशासन और पुलिस ने परिजनों द्वारा लगाए गए इन आरोपों से इनकार किया है। अधिकारियों के मुताबिक, संजय बघेल की मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने और आगे की जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगा।
    1
    रायगढ़ जिला जेल में अवैध शराब बिक्री के एक मामले में बंद 28 वर्षीय संजय बघेल नामक विचाराधीन कैदी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है। बताया गया है कि तबीयत बिगड़ने पर संजय को मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाया गया था, जहाँ इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई।

इस घटना के बाद मृतक कैदी के परिजनों ने जेल में मारपीट का गंभीर आरोप लगाया है और इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।

वहीं, जेल प्रशासन और पुलिस ने परिजनों द्वारा लगाए गए इन आरोपों से इनकार किया है। अधिकारियों के मुताबिक, संजय बघेल की मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने और आगे की जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगा।
    user_Ibnul khan
    Ibnul khan
    Media house कांसबेल, जशपुर, छत्तीसगढ़•
    58 min ago
  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सेवा, सुशासन, विश्वास और विकास के 12 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में, भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) जिला एमसीबी द्वारा मनेन्द्रगढ़ बस स्टैंड परिसर में एक स्वच्छता अभियान चलाया गया। इस पहल में भाजपा के पदाधिकारियों, जनप्रतिनिधियों, कार्यकर्ताओं और नागरिकों ने सक्रिय रूप से भाग लिया, हाथों में झाड़ू लेकर श्रमदान किया और स्वच्छता का महत्वपूर्ण संदेश दिया। इस कार्यक्रम में नगर पालिका अध्यक्ष प्रतिमा यादव, भाजपा जिला महामंत्री आशीष मजूमदार, पूर्व जिलाध्यक्ष लखन लाल श्रीवास्तव, और भाजयुमो जिलाध्यक्ष अंकित शर्मा सहित कई अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे। वक्ताओं ने जोर देकर कहा कि स्वच्छता केवल शासन की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि यह समाज के प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। अभियान के दौरान, उपस्थित लोगों को स्वच्छ और सुंदर मनेन्द्रगढ़ बनाने का संकल्प भी दिलाया गया, जिससे सामूहिक भागीदारी और जागरूकता को बढ़ावा मिला।
    1
    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सेवा, सुशासन, विश्वास और विकास के 12 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में, भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) जिला एमसीबी द्वारा मनेन्द्रगढ़ बस स्टैंड परिसर में एक स्वच्छता अभियान चलाया गया। इस पहल में भाजपा के पदाधिकारियों, जनप्रतिनिधियों, कार्यकर्ताओं और नागरिकों ने सक्रिय रूप से भाग लिया, हाथों में झाड़ू लेकर श्रमदान किया और स्वच्छता का महत्वपूर्ण संदेश दिया।

इस कार्यक्रम में नगर पालिका अध्यक्ष प्रतिमा यादव, भाजपा जिला महामंत्री आशीष मजूमदार, पूर्व जिलाध्यक्ष लखन लाल श्रीवास्तव, और भाजयुमो जिलाध्यक्ष अंकित शर्मा सहित कई अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे। वक्ताओं ने जोर देकर कहा कि स्वच्छता केवल शासन की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि यह समाज के प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है।

अभियान के दौरान, उपस्थित लोगों को स्वच्छ और सुंदर मनेन्द्रगढ़ बनाने का संकल्प भी दिलाया गया, जिससे सामूहिक भागीदारी और जागरूकता को बढ़ावा मिला।
    user_Ashok Shrivastava Khabar Fast
    Ashok Shrivastava Khabar Fast
    Local News Reporter Manendragarh, Manendragarh Chirimiri Bharatpur•
    8 hrs ago
  • कोरबा जिले में हसदेव दर्री बैराज के पास हसदेव नदी जलकुंभी से पूरी तरह घिर गई है, जिससे नदी का दम घुट रहा है। सामने आई चौंकाने वाली तस्वीरों में नदी किसी मैदान जैसी दिखाई दे रही है, जिससे उसके जलीय जीवन पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है। यह स्थिति नदी के पारिस्थितिकी तंत्र के लिए एक बड़ी चुनौती बन गई है।
    1
    कोरबा जिले में हसदेव दर्री बैराज के पास हसदेव नदी जलकुंभी से पूरी तरह घिर गई है, जिससे नदी का दम घुट रहा है। सामने आई चौंकाने वाली तस्वीरों में नदी किसी मैदान जैसी दिखाई दे रही है, जिससे उसके जलीय जीवन पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है। यह स्थिति नदी के पारिस्थितिकी तंत्र के लिए एक बड़ी चुनौती बन गई है।
    user_Durgesh maravi
    Durgesh maravi
    कोरबा, कोरबा, छत्तीसगढ़•
    1 hr ago
  • एक रेस्क्यू टीम ने गांव के एक घर से दुनिया के सबसे जहरीले और 11 फीट लंबे किंग कोबरा को सफलतापूर्वक बाहर निकालकर मौत को मात देने वाली जीत हासिल की है। इस जोखिम भरे अभियान में रेस्क्यू टीम ने अपनी जान को खतरे में डालकर किंग कोबरा को सुरक्षित निकाला।
    1
    एक रेस्क्यू टीम ने गांव के एक घर से दुनिया के सबसे जहरीले और 11 फीट लंबे किंग कोबरा को सफलतापूर्वक बाहर निकालकर मौत को मात देने वाली जीत हासिल की है। इस जोखिम भरे अभियान में रेस्क्यू टीम ने अपनी जान को खतरे में डालकर किंग कोबरा को सुरक्षित निकाला।
    user_Manoj
    Manoj
    कोरबा, कोरबा, छत्तीसगढ़•
    2 hrs ago
  • सरगुजा जिले के रामगढ़ में शनिवार को केते एक्सटेंशन खदान सहित अन्य नई खनन परियोजनाओं को स्वीकृति दिए जाने के विरोध में एक विशाल परिचर्चा कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में हजारों ग्रामीणों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और जनप्रतिनिधियों ने भाग लिया। इसी अवसर पर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने प्रदेशभर में खनन परियोजनाओं के खिलाफ आंदोलन शुरू करने का शंखनाद किया। दीपक बैज ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार बड़े उद्योगपतियों के हित में कार्य कर रही है, जिसके चलते खनन परियोजनाओं के माध्यम से जल, जंगल और जमीन को नुकसान पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आदिवासी क्षेत्रों में खदानों के लगातार विस्तार से स्थानीय लोगों के अधिकार और उनकी आजीविका प्रभावित हो रही है। पूर्व उपमुख्यमंत्री टी.एस. सिंहदेव ने भी छत्तीसगढ़ में प्राकृतिक संसाधनों के दोहन की तेज होती प्रक्रिया पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि रामगढ़ क्षेत्र में प्रस्तावित खनन परियोजनाएं इस क्षेत्र के अस्तित्व, पर्यावरण और सामाजिक ताने-बाने पर गंभीर प्रभाव डाल सकती हैं। हसदेव बचाओ मंच के आलोक शुक्ला ने दावा किया कि केते एक्सटेंशन परियोजना के कारण लगभग 5000 एकड़ क्षेत्र में 7 लाख पेड़ों की कटाई हो सकती है, और भविष्य में अन्य कोल ब्लॉकों में भी बड़े पैमाने पर वन क्षेत्र प्रभावित होने की आशंका है। कार्यक्रम में युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रभारी मनीष शर्मा, सर्व आदिवासी समाज के प्रतिनिधि, रामगढ़ संरक्षण एवं संवर्धन समिति के सदस्य तथा विभिन्न सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी भी उपस्थित रहे। वक्ताओं ने लोकतांत्रिक तरीके से अपना संघर्ष जारी रखने और जल, जंगल, जमीन व प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा के लिए एकजुट रहने का आह्वान किया। इस परिचर्चा में उदयपुर, लखनपुर, अंबिकापुर, सीतापुर, बतौली, मैनपाट, प्रेमनगर, श्रीनगर, सूरजपुर सहित कई क्षेत्रों से बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए।
    3
    सरगुजा जिले के रामगढ़ में शनिवार को केते एक्सटेंशन खदान सहित अन्य नई खनन परियोजनाओं को स्वीकृति दिए जाने के विरोध में एक विशाल परिचर्चा कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में हजारों ग्रामीणों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और जनप्रतिनिधियों ने भाग लिया। इसी अवसर पर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने प्रदेशभर में खनन परियोजनाओं के खिलाफ आंदोलन शुरू करने का शंखनाद किया।

दीपक बैज ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार बड़े उद्योगपतियों के हित में कार्य कर रही है, जिसके चलते खनन परियोजनाओं के माध्यम से जल, जंगल और जमीन को नुकसान पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आदिवासी क्षेत्रों में खदानों के लगातार विस्तार से स्थानीय लोगों के अधिकार और उनकी आजीविका प्रभावित हो रही है। पूर्व उपमुख्यमंत्री टी.एस. सिंहदेव ने भी छत्तीसगढ़ में प्राकृतिक संसाधनों के दोहन की तेज होती प्रक्रिया पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि रामगढ़ क्षेत्र में प्रस्तावित खनन परियोजनाएं इस क्षेत्र के अस्तित्व, पर्यावरण और सामाजिक ताने-बाने पर गंभीर प्रभाव डाल सकती हैं।

हसदेव बचाओ मंच के आलोक शुक्ला ने दावा किया कि केते एक्सटेंशन परियोजना के कारण लगभग 5000 एकड़ क्षेत्र में 7 लाख पेड़ों की कटाई हो सकती है, और भविष्य में अन्य कोल ब्लॉकों में भी बड़े पैमाने पर वन क्षेत्र प्रभावित होने की आशंका है। कार्यक्रम में युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रभारी मनीष शर्मा, सर्व आदिवासी समाज के प्रतिनिधि, रामगढ़ संरक्षण एवं संवर्धन समिति के सदस्य तथा विभिन्न सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी भी उपस्थित रहे। वक्ताओं ने लोकतांत्रिक तरीके से अपना संघर्ष जारी रखने और जल, जंगल, जमीन व प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा के लिए एकजुट रहने का आह्वान किया। इस परिचर्चा में उदयपुर, लखनपुर, अंबिकापुर, सीतापुर, बतौली, मैनपाट, प्रेमनगर, श्रीनगर, सूरजपुर सहित कई क्षेत्रों से बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए।
    user_Akhil Mittal
    Akhil Mittal
    उदयपुर, सरगुजा, छत्तीसगढ़•
    8 hrs ago
  • लातेहार के महुआडांड प्रखंड में खरीफ सीजन की शुरुआत के साथ ही किसानों से खुलेआम 'लूट' मची हुई है। क्षेत्र में खाद की भारी किल्लत और बड़े पैमाने पर कालाबाजारी का मामला सामने आया है। इस गंभीर स्थिति पर महुआडांड अनुमंडल के सांसद प्रतिनिधि संजय जायसवाल ने गहरी चिंता जताते हुए इसकी कड़ी निंदा की है और प्रशासन से दोषियों के खिलाफ तत्काल सख्त कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारी तय दामों को दरकिनार कर खाद-उर्वरक को दोगुने दामों पर बेचा जा रहा है, जहाँ ₹250 की सरकारी कीमत वाली खाद खुलेआम ₹500 में और ₹1300-₹1350 मूल्य वाली खाद के लिए गरीब किसानों से ₹2200-₹2300 तक वसूले जा रहे हैं। सांसद प्रतिनिधि जायसवाल ने मीडिया और समाचार पत्रों की खबरों का हवाला देते हुए यह भी आरोप लगाया कि महुआडांड के स्थानीय किसानों के हक की खाद को अवैध रूप से पड़ोसी राज्य छत्तीसगढ़ भेजा जा रहा है। इस कालाबाजारी के कारण स्थानीय किसानों को खेती के मुख्य समय पर सही दाम में खाद नसीब नहीं हो पा रही है, जिसे उन्होंने किसानों की 'मानसिक हत्या' से कम नहीं बताया। उन्होंने कहा कि स्थानीय स्तर पर कुछ खुदरा दुकानदारों और बिचौलियों ने चार-चार, पांच-पांच और दस-दस अवैध गोदाम बना रखे हैं जहाँ खाद की जमाखोरी कर किसानों को लूटा जा रहा है। उन्होंने अनुमंडल और जिला प्रशासन से इस पूरे सिंडिकेट पर तुरंत रोक लगाने की मांग की है। संजय जायसवाल ने चेतावनी दी है कि वे ₹1300 की खाद को ₹2300 में और ₹250 की खाद को ₹500 में कदापि नहीं बिकने देंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसानों के हक पर डाका डालने वाले किसी भी रसूखदार या पावरफुल व्यक्ति को बख्शा नहीं जाना चाहिए। जायसवाल ने कड़े शब्दों में कहा कि अगर प्रशासन ने इस कालाबाजारी पर तुरंत लगाम नहीं लगाई, तो वे किसानों के साथ मिलकर चरणबद्ध तरीके से एक बड़ा और उग्र आंदोलन शुरू करने को बाध्य होंगे।
    1
    लातेहार के महुआडांड प्रखंड में खरीफ सीजन की शुरुआत के साथ ही किसानों से खुलेआम 'लूट' मची हुई है। क्षेत्र में खाद की भारी किल्लत और बड़े पैमाने पर कालाबाजारी का मामला सामने आया है। इस गंभीर स्थिति पर महुआडांड अनुमंडल के सांसद प्रतिनिधि संजय जायसवाल ने गहरी चिंता जताते हुए इसकी कड़ी निंदा की है और प्रशासन से दोषियों के खिलाफ तत्काल सख्त कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारी तय दामों को दरकिनार कर खाद-उर्वरक को दोगुने दामों पर बेचा जा रहा है, जहाँ ₹250 की सरकारी कीमत वाली खाद खुलेआम ₹500 में और ₹1300-₹1350 मूल्य वाली खाद के लिए गरीब किसानों से ₹2200-₹2300 तक वसूले जा रहे हैं।

सांसद प्रतिनिधि जायसवाल ने मीडिया और समाचार पत्रों की खबरों का हवाला देते हुए यह भी आरोप लगाया कि महुआडांड के स्थानीय किसानों के हक की खाद को अवैध रूप से पड़ोसी राज्य छत्तीसगढ़ भेजा जा रहा है। इस कालाबाजारी के कारण स्थानीय किसानों को खेती के मुख्य समय पर सही दाम में खाद नसीब नहीं हो पा रही है, जिसे उन्होंने किसानों की 'मानसिक हत्या' से कम नहीं बताया। उन्होंने कहा कि स्थानीय स्तर पर कुछ खुदरा दुकानदारों और बिचौलियों ने चार-चार, पांच-पांच और दस-दस अवैध गोदाम बना रखे हैं जहाँ खाद की जमाखोरी कर किसानों को लूटा जा रहा है। उन्होंने अनुमंडल और जिला प्रशासन से इस पूरे सिंडिकेट पर तुरंत रोक लगाने की मांग की है।

संजय जायसवाल ने चेतावनी दी है कि वे ₹1300 की खाद को ₹2300 में और ₹250 की खाद को ₹500 में कदापि नहीं बिकने देंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसानों के हक पर डाका डालने वाले किसी भी रसूखदार या पावरफुल व्यक्ति को बख्शा नहीं जाना चाहिए। जायसवाल ने कड़े शब्दों में कहा कि अगर प्रशासन ने इस कालाबाजारी पर तुरंत लगाम नहीं लगाई, तो वे किसानों के साथ मिलकर चरणबद्ध तरीके से एक बड़ा और उग्र आंदोलन शुरू करने को बाध्य होंगे।
    user_आदर्श मोबाइल एण्ड रेलवे टिकट
    आदर्श मोबाइल एण्ड रेलवे टिकट
    Mobile Store महुआडांड़, लातेहार, झारखंड•
    6 hrs ago
  • पत्थलगांव-बाकारुमा से लैलूंगा स्टेट हाईवे पर मालवाहक पिकअप में यात्रियों को ठूंस-ठूंस कर भरा गया, जहाँ कई लोगों के पैर तक गाड़ी से बाहर लटकते हुए दिखाई दिए। यह गंभीर स्थिति सड़क सुरक्षा को लेकर बड़ी चिंता पैदा करती है, और सवाल उठता है कि चंद रुपयों के लिए लोगों की जान से खिलवाड़ कब तक जारी रहेगा।
    1
    पत्थलगांव-बाकारुमा से लैलूंगा स्टेट हाईवे पर मालवाहक पिकअप में यात्रियों को ठूंस-ठूंस कर भरा गया, जहाँ कई लोगों के पैर तक गाड़ी से बाहर लटकते हुए दिखाई दिए। यह गंभीर स्थिति सड़क सुरक्षा को लेकर बड़ी चिंता पैदा करती है, और सवाल उठता है कि चंद रुपयों के लिए लोगों की जान से खिलवाड़ कब तक जारी रहेगा।
    user_Ibnul khan
    Ibnul khan
    Media house कांसबेल, जशपुर, छत्तीसगढ़•
    19 hrs ago
View latest news on Shuru App
Download_Android
  • Terms & Conditions
  • Career
  • Privacy Policy
  • Blogs
Shuru, a product of Close App Private Limited.