Shuru
Apke Nagar Ki App…
हजारीबाग स्थित चमेली झरने को उसकी मनमोहक सुंदरता के बावजूद 'मौत का गर्त' बताया गया है। इस विरोधाभासी स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए, यह इंगित किया गया है कि जहाँ एक ओर प्रकृति कष्ट में है और रो रही है, वहीं दूसरी ओर विकास के दावे मुस्कुराते हुए दिखाई दे रहे हैं, जो इस गंभीर विडंबना को उजागर करता है।
Shashikant
हजारीबाग स्थित चमेली झरने को उसकी मनमोहक सुंदरता के बावजूद 'मौत का गर्त' बताया गया है। इस विरोधाभासी स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए, यह इंगित किया गया है कि जहाँ एक ओर प्रकृति कष्ट में है और रो रही है, वहीं दूसरी ओर विकास के दावे मुस्कुराते हुए दिखाई दे रहे हैं, जो इस गंभीर विडंबना को उजागर करता है।
More news from झारखंड and nearby areas
- हजारीबाग जिले के ईचाक प्रखंड अंतर्गत डाढ़ा पंचायत का आरा गांव इन दिनों आम की खुशबू से सराबोर है। यह गांव 2000 से अधिक आम के पेड़ों और दर्जनों बागानों के लिए अपनी एक विशेष पहचान बना चुका है। स्थानीय किसान पिछले लगभग 30 वर्षों से इस क्षेत्र में आम की खेती कर रहे हैं। यहां दूधिया मालदा, दसहरी, लंगड़ा, सुकुल और मिट्ठू सहित कई किस्मों के आमों का बड़े पैमाने पर उत्पादन होता है। किसानों के अनुसार, पेड़ों पर मंजर आते ही दूर-दूर से व्यापारी इन बागानों का सौदा करने पहुंच जाते हैं। यहां के आम न केवल झारखंड के कई जिलों में भेजे जाते हैं, बल्कि इनकी आपूर्ति बिहार के पटना, गया, नवादा और बिहार शरीफ तक भी होती है। आम की यह खेती आरा गांव के लोगों के लिए रोजगार और आय का एक प्रमुख साधन बन गई है। किसान इसे पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ आर्थिक समृद्धि का एक बेहतरीन माध्यम मानते हैं।1
- हजारीबाग जिले के ईचाक प्रखंड के अंतर्गत आने वाले डाढ़ा पंचायत का आरा गांव इन दिनों आम की मनमोहक खुशबू से सराबोर है। इस गांव में 2000 से भी अधिक आम के पेड़ और दर्जनों बागान किसानों की कड़ी मेहनत की कहानी कहते हैं। यहां दूधिया मालदा, दसहरी, लंगड़ा, सुकुल और मिट्ठू जैसी आम की कई बेहतरीन किस्में उगाई जाती हैं। किसानों के अनुसार, जैसे ही आम के पेड़ों में मंजर आने शुरू होते हैं, व्यापारी बगीचों का सौदा करने के लिए गांव पहुंच जाते हैं। आरा गांव के इन स्वादिष्ट आमों को झारखंड के विभिन्न जिलों के साथ-साथ बिहार के कई शहरों में भी भेजा जाता है। आम की खेती अब इस गांव के किसानों के लिए आय और रोजगार का एक प्रमुख स्रोत बन चुकी है, जिसने गांव की आर्थिक तस्वीर बदल दी है।1
- हजारीबाग स्थित चमेली झरने को उसकी मनमोहक सुंदरता के बावजूद 'मौत का गर्त' बताया गया है। इस विरोधाभासी स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए, यह इंगित किया गया है कि जहाँ एक ओर प्रकृति कष्ट में है और रो रही है, वहीं दूसरी ओर विकास के दावे मुस्कुराते हुए दिखाई दे रहे हैं, जो इस गंभीर विडंबना को उजागर करता है।1
- झारखंड के शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में प्रबंधन की घोर लापरवाही का एक मामला सामने आया है, जहाँ एक लिफ्ट बीच रास्ते में ही फँस गई और उसके भीतर एक गंभीर मरीज तड़पता रहा। अस्पताल प्रबंधन ने इस घटना में उपायुक्त के आदेशों को भी ठेंगा दिखाया। बरकट्ठा से आए पीड़ित नारायण दास नामक इस गंभीर मरीज के परिजनों को हालात की गंभीरता देखते हुए खुद ही मोर्चा संभालना पड़ा, क्योंकि अस्पताल की तरफ से कोई त्वरित समाधान नहीं मिला। यह घटना अस्पताल में सुविधाओं के रखरखाव और प्रशासनिक निर्देशों के पालन पर गंभीर सवाल उठाती है।1
- हजारीबाग में झील परिसर को 'नो व्हीकल ज़ोन' बनाने के मुद्दे पर एक बड़ा खुलासा हुआ है। उपमहापौर अविनाश कुमार यादव ने स्पष्ट किया है कि नगर निगम की बैठक में झील परिसर को 'नो व्हीकल ज़ोन' घोषित करने का कोई प्रस्ताव पारित नहीं हुआ था। उनके अनुसार, निगम ने केवल इस विषय पर निर्णय लेने के लिए जिला प्रशासन से अनुरोध किया था और नगर निगम ने खुद इस प्रस्ताव को मंजूरी नहीं दी थी। उपमहापौर ने यह भी कहा कि 'नो व्हीकल ज़ोन' बनने से आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने प्रशासन से आग्रह किया कि जनता की सुविधा और जनभावनाओं को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। इस खुलासे के बाद हजारीबाग में 'नो व्हीकल ज़ोन' पर चल रही बहस और तेज हो गई है। यह सवाल उठाया जा रहा है कि क्या झील परिसर को पूरी तरह वाहनों से मुक्त करना चाहिए, या सीमित वाहनों की अनुमति देकर लोगों की सुविधा बनाए रखनी चाहिए। लोगों से सीधे पूछा जा रहा है कि यदि उनकी गाड़ी झील परिसर तक नहीं जा सके, तो क्या वे इस फैसले का समर्थन करेंगे। झील परिसर में 'नो व्हीकल ज़ोन' का मुद्दा अब जनता के हित में है या परेशानी का नया कारण, इस पर गरमागरम बहस छिड़ी हुई है।1
- झारखंड के हजारीबाग जिले में खुलेआम अवैध और प्रतिबंधित लॉटरी का कारोबार फल-फूल रहा है, जिसके कारण क्षेत्र के युवा तेजी से बर्बादी की कगार पर पहुँच रहे हैं। यह स्थिति गंभीर चिंता का विषय बनी हुई है, जहाँ प्रतिबंधित गतिविधियों का खुला संचालन हो रहा है। स्थानीय युवा लॉटरी, गेमिंग और ऑनलाइन लॉटरी जैसे अवैध धंधों का शिकार बन रहे हैं, जिससे उनका भविष्य अंधकारमय होता जा रहा है। इस अवैध कारोबार के बावजूद, हजारीबाग प्रशासन की इस पर अनदेखी स्पष्ट रूप से सामने आ रही है, जिस पर लोग सवाल उठा रहे हैं।1
- हजारीबाग शहर के अंसार नगर मैदान में आयोजित अंसार नगर प्रीमियर लीग (एएनपीएल) सीजन-2 टी-10 नाइट क्रिकेट टूर्नामेंट का शनिवार की रात भव्य और यादगार समापन हुआ। फ्लड लाइट की जगमगाती रोशनी में खेले गए रोमांचक फाइनल मुकाबले में यासिर यूट्यूबर एंड कैफ 11 ने थायरोकेयर 11 को 9 विकेट से हराकर एएनपीएल सीजन-2 का खिताब अपने नाम कर लिया, जिसने क्रिकेट प्रेमियों को देर रात तक बांधे रखा। फाइनल मुकाबला थायरोकेयर 11 और यासिर यूट्यूबर एंड कैफ 11 के बीच खेला गया। पहले बल्लेबाजी करते हुए थायरोकेयर 11 की टीम ने निर्धारित 10 ओवर में 8 विकेट खोकर 91 रन बनाए और प्रतिद्वंद्वी टीम के सामने 92 रनों का लक्ष्य रखा। जवाब में यासिर यूट्यूबर एंड कैफ 11 की टीम ने शानदार बल्लेबाजी का प्रदर्शन करते हुए मात्र एक विकेट खोकर लक्ष्य हासिल कर लिया। चौकों-छक्कों की बारिश, शानदार गेंदबाजी, संघर्षपूर्ण फील्डिंग और खिलाड़ियों के बेहतरीन प्रदर्शन से पूरा मैदान उत्साह और रोमांच से सराबोर रहा। दर्शकों ने खिलाड़ियों का भरपूर उत्साहवर्धन किया, जिससे हर चौके, छक्के और विकेट पर तालियों की गड़गड़ाहट से पूरा मैदान गूंजता रहा। टूर्नामेंट में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए अदीब ट्रिगर को मैन ऑफ द सीरीज चुना गया। वहीं, आक्रामक और शानदार बल्लेबाजी के लिए नाजिश अख्तर को बेस्ट बैट्समैन का खिताब दिया गया, जिन्होंने अपनी ताबड़तोड़ बल्लेबाजी से दर्शकों का दिल जीत लिया। इसके अलावा, सौरभ को उनके बेहतरीन प्रदर्शन के लिए बेस्ट बॉलर के पुरस्कार से सम्मानित किया गया। पुरस्कार वितरण समारोह में विजेता टीम यासिर यूट्यूबर एंड कैफ 11 को ₹31,000 नकद पुरस्कार एवं ट्रॉफी, जबकि उपविजेता थायरोकेयर 11 को ₹15,000 नकद पुरस्कार एवं ट्रॉफी प्रदान कर सम्मानित किया गया। इस खास अवसर पर कांग्रेस नेता मुन्ना सिंह, झारखंड स्टेट पेट्रोलियम डीलर एसोसिएशन के वाइस प्रेसिडेंट मासूम परवेज, अधिवक्ता नवनीश चंद्रा, डॉ. आसिफ अजहर, डॉ. इकबाल फारूकी, अलफलाह कमेटी के सदर नमूद आलम खान, बैडमिंटन कोच रियाजुल इस्लाम, शहाबुद्दीन खान, शाहिद कमाल खान, शहजाद खान, अली कामरान सहित कई जनप्रतिनिधि, समाजसेवी एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे। टूर्नामेंट के सफल आयोजन में अदनान, फरहान, साजिद, साकिब, मकसूद आलम और शोएब गुड्डू ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अंपायर के रूप में खुर्शीद आलम, विनय एक्का, नाजिश अख्तर और शराफत ने अपनी जिम्मेदारी बखूबी निभाई, जबकि शरीफउल्लाह गुड्डू ने उद्घोषक की भूमिका और सुफियान अली और शाहिद ने स्कोरिंग का दायित्व संभाला। टूर्नामेंट के आयोजक एवं आइडियल पैथोलॉजी के डायरेक्टर नावेद अशर ने सभी खिलाड़ियों को बधाई देते हुए उनके अनुशासन, खेल भावना और सौहार्द की सराहना की। उन्होंने खिलाड़ियों और दर्शकों के सहयोग के साथ-साथ 'फील्ड वॉरियर्स' के रूप में अंसार नगर के बच्चों के महत्वपूर्ण योगदान से टूर्नामेंट को पूरी तरह सफल बताया। उपस्थित अतिथियों ने इस प्रतियोगिता को खेल को बढ़ावा देने और युवाओं को नशे से दूर रखने की एक सराहनीय पहल बताया, जो प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को मंच प्रदान करती है और राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। समापन समारोह के दौरान टूर्नामेंट से जुड़े अंपायर, स्कोरर, कॉमेंटेटर, मीडिया प्रतिनिधियों एवं फील्ड वॉरियर्स को शॉल और मोमेंटो देकर सम्मानित किया गया। विजेता टीम की जीत का जश्न खिलाड़ियों, आयोजकों और स्थानीय लोगों ने उत्साहपूर्वक मनाया, इस दौरान की गई भव्य आतिशबाजी और आकर्षक रोशनी से पूरा अंसार नगर मोहल्ला जगमगा उठा। स्थानीय लोगों का मानना है कि अंसार नगर प्रीमियर लीग ने न केवल खेल प्रतिभाओं को मंच प्रदान किया है, बल्कि अंसार नगर मोहल्ले को पूरे हजारीबाग शहर में एक नई पहचान दिलाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, जिससे यह सफल आयोजन इन दिनों शहर में चर्चा का विषय बना हुआ है।1
- भारत सरकार की प्रोत्साहन योजना के तहत SIS SECURITY कंपनी में सुरक्षा कर्मचारियों की सीधी भर्ती की जा रही है। इस योजना के अंतर्गत, प्रत्येक नए सुरक्षा कर्मचारी को उनके वेतन के अतिरिक्त ₹15,000 की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी। यह विशेष भर्ती अभियान हजारीबाग जिले में चलाया जा रहा है, जिसमें विभिन्न थाना परिसरों में भर्ती प्रक्रिया आयोजित की जाएगी। भर्ती के लिए देश के किसी भी शहर या राज्य के युवा आवेदन कर सकते हैं।1