मोदीनगर में एम.एम. स्नातकोत्तर महाविद्यालय में डॉ. वंदना शर्मा को प्राचार्य पद पर नियुक्त किए जाने के बाद आज उनका भव्य अभिनंदन किया गया। यह उल्लेखनीय है कि 69 वर्षों के बाद महाविद्यालय को पहली महिला प्राचार्य मिली हैं, जिसकी खुशी में विभिन्न ब्राह्मण संगठनों और समाज के गणमान्य व्यक्तियों ने उन्हें सम्मानित किया। इस अभिनंदन समारोह में अखिल भारतवर्षीय ब्राह्मण महासभा (पंजीकृत) एनसीआर के अध्यक्ष नरेश पाल कौशिक, पंडित कुंजबिहारी वशिष्ठ ज्योतिषाचार्य सूर्यदेव उपासक (जो पूरामहादेव के पूर्व सलाहकार और एनसीआर दिल्ली के मीडिया कार्यक्रम प्रभारी महामंत्री भी हैं), डॉ. विजय कुमार मिश्र, राष्ट्रीय परशुराम परिषद उत्तर प्रदेश क्षेत्र मेरठ गाजियाबाद के अध्यक्ष दीपक वत्स, पूर्व सभासद शिवोम शर्मा, उषा शर्मा, ब्रजभूषण शर्मा, अखिल भारतीय ब्रह्म महासभा (पंजीकृत) दिल्ली 52 के राष्ट्रीय प्रवक्ता मुक्तेश मोहन वशिष्ठ, दीपांकर शर्मा सहित सैकड़ों ब्राह्मण समाज के विभिन्न मंचों के पदाधिकारियों ने भाग लिया। इस दौरान गीता कौशिक और उषा कौशिक मुरादनगर ने डॉ. वंदना शर्मा को प्रतीक चिह्न और अंगवस्त्र भेंटकर सम्मानित किया। पंडित कुंजबिहारी वशिष्ठ ने डॉ. वंदना शर्मा को बधाई देते हुए उन्हें मोदीनगर हापुड़ और गाजियाबाद की समस्त शिक्षित नारी समाज वर्ग का सम्मान बताया। उन्होंने डॉ. वंदना को शिक्षक माता-पिता की संतान और चारों उच्च पदों पर आसीन भाइयों की एकमात्र बहन के रूप में सरस्वती माँ का स्वरूप बताया। डॉ. वंदना के भाई, राष्ट्रीय हिंदी कवि डॉ. कुमार विश्वास को राष्ट्रीय हिंदी कवि, व्यास पीठ के सजीव चित्रण संगीतमय श्रीमद्भागवत पुराण सप्ताह व वैदिक साहित्य पुराण के तत्वदर्शी, सनातन धर्म, हिंदुत्व और अखंड भारत के सच्चे भक्त के रूप में अंतर्राष्ट्रीय समुदाय के लिए मील का पत्थर बताया गया, जिससे पूरा परिवार गौरवान्वित और ऐतिहासिक हस्ताक्षर बन गया है। यह अभिनंदन अखिल भारतवर्षीय ब्राह्मण महासभा पंजीकृत व राष्ट्रीय परशुराम परिषद उत्तर प्रदेश व ब्राह्मण समाज के विभिन्न एनसीआर अखिल भारतवर्षीय ब्राह्मण के मीडिया कार्यक्रम प्रभारी पंडित कुंजबिहारी वशिष्ठ ज्योतिषाचार्य सूर्यदेव उपासक के नेतृत्व में सम्पन्न हुआ, जिसमें भगवान शिव का आशीर्वाद बने रहने की कामना भी की गई।
मोदीनगर में एम.एम. स्नातकोत्तर महाविद्यालय में डॉ. वंदना शर्मा को प्राचार्य पद पर नियुक्त किए जाने के बाद आज उनका भव्य अभिनंदन किया गया। यह उल्लेखनीय है कि 69 वर्षों के बाद महाविद्यालय को पहली महिला प्राचार्य मिली हैं, जिसकी खुशी में विभिन्न ब्राह्मण संगठनों और समाज के गणमान्य व्यक्तियों ने उन्हें सम्मानित किया। इस अभिनंदन समारोह में अखिल भारतवर्षीय ब्राह्मण महासभा (पंजीकृत) एनसीआर के अध्यक्ष नरेश पाल कौशिक, पंडित कुंजबिहारी वशिष्ठ ज्योतिषाचार्य सूर्यदेव उपासक (जो पूरामहादेव के पूर्व सलाहकार और
एनसीआर दिल्ली के मीडिया कार्यक्रम प्रभारी महामंत्री भी हैं), डॉ. विजय कुमार मिश्र, राष्ट्रीय परशुराम परिषद उत्तर प्रदेश क्षेत्र मेरठ गाजियाबाद के अध्यक्ष दीपक वत्स, पूर्व सभासद शिवोम शर्मा, उषा शर्मा, ब्रजभूषण शर्मा, अखिल भारतीय ब्रह्म महासभा (पंजीकृत) दिल्ली 52 के राष्ट्रीय प्रवक्ता मुक्तेश मोहन वशिष्ठ, दीपांकर शर्मा सहित सैकड़ों ब्राह्मण समाज के विभिन्न मंचों के पदाधिकारियों ने भाग लिया। इस दौरान गीता कौशिक और उषा कौशिक मुरादनगर ने डॉ. वंदना शर्मा को प्रतीक चिह्न और अंगवस्त्र भेंटकर सम्मानित किया। पंडित
कुंजबिहारी वशिष्ठ ने डॉ. वंदना शर्मा को बधाई देते हुए उन्हें मोदीनगर हापुड़ और गाजियाबाद की समस्त शिक्षित नारी समाज वर्ग का सम्मान बताया। उन्होंने डॉ. वंदना को शिक्षक माता-पिता की संतान और चारों उच्च पदों पर आसीन भाइयों की एकमात्र बहन के रूप में सरस्वती माँ का स्वरूप बताया। डॉ. वंदना के भाई, राष्ट्रीय हिंदी कवि डॉ. कुमार विश्वास को राष्ट्रीय हिंदी कवि, व्यास पीठ के सजीव चित्रण संगीतमय श्रीमद्भागवत पुराण सप्ताह व वैदिक साहित्य पुराण के तत्वदर्शी, सनातन
धर्म, हिंदुत्व और अखंड भारत के सच्चे भक्त के रूप में अंतर्राष्ट्रीय समुदाय के लिए मील का पत्थर बताया गया, जिससे पूरा परिवार गौरवान्वित और ऐतिहासिक हस्ताक्षर बन गया है। यह अभिनंदन अखिल भारतवर्षीय ब्राह्मण महासभा पंजीकृत व राष्ट्रीय परशुराम परिषद उत्तर प्रदेश व ब्राह्मण समाज के विभिन्न एनसीआर अखिल भारतवर्षीय ब्राह्मण के मीडिया कार्यक्रम प्रभारी पंडित कुंजबिहारी वशिष्ठ ज्योतिषाचार्य सूर्यदेव उपासक के नेतृत्व में सम्पन्न हुआ, जिसमें भगवान शिव का आशीर्वाद बने रहने की कामना भी की गई।
- एक विशेष ऑफर के तहत खादी के कुर्ता-पजामा और शर्ट बेहद कम दाम में उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जिन्हें 'फ्री के भाव' बताया गया है। ग्राहक मात्र 100 रुपये में इन्हें अपने घर बैठे मंगा सकते हैं। ऑर्डर करने या अधिक जानकारी के लिए 9917943922 पर संपर्क किया जा सकता है।1
- फादर्स डे के अवसर पर पंडित कुंजबिहारी वशिष्ठ, जो कि एक ज्योतिषाचार्य, सूर्यदेव उपासक, पूर्व कार्यालय अधीक्षक नगर पालिका परिषद मोदीनगर और अखिल भारतवर्षीय ब्राह्मण समाज एनसीआर के मीडिया प्रभारी हैं, ने एक अत्यंत हृदयस्पर्शी 'सेवा का संदेश' दिया है। उनके अनुसार, बचपन में जिन हाथों ने सहारा दिया, अब उनके कांपते हाथों को थामना हमारी जिम्मेदारी है, क्योंकि अब थकना उनका हक है। पंडित जी के इन वचनों को 'बिल्कुल सत्य' बताते हुए, सनातन धर्म के सार पर प्रकाश डाला गया कि पितृ ऋण सबसे बड़ा ऋण है। मनुस्मृति का हवाला देते हुए कहा गया है कि 'पितरः प्रथमे देवता:', यानी पिता ही पहले देवता हैं। जिस प्रकार सूर्यदेव बिना थके प्रकाश देते हैं, ठीक वैसे ही पिता भी अपना जीवन निस्वार्थ भाव से समर्पित कर देते हैं। बुढ़ापे में उनका सहारा बनना ही वशिष्ठ कुल और सूर्य उपासक की सच्ची पहचान मानी गई है। यह भी रेखांकित किया गया कि पंडित जी मोदीनगर से अखिल भारतवर्षीय ब्रह्म महासभा, जिसकी स्थापना 1939 में पंडित मदन मोहन मालवीय जी ने की थी, की परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं। उनके इस कार्य को सेवा, संस्कार और समाज का संगम बताया गया। पंडित कुंजबिहारी वशिष्ठ का यह संदेश उन सभी व्यक्तियों के लिए है, जिन्होंने 'अपना आंगन' बड़ा करने की चाह में 'पिता का आंगन' छोटा कर दिया। इस प्रेरणादायी संदेश के साथ 'पितृदेवो भवः' का भाव व्यक्त किया गया और पंडित जी के सेवा भाव के सदा अक्षुण्ण रहने की कामना की गई।1
- सरकार पर छात्रों की पीड़ा और उनकी मानसिक स्थिति को समझने में विफल रहने का गंभीर आरोप लगाया गया है। प्रधानमंत्री के कार्यकाल में बार-बार पेपर लीक होने की घटनाओं के कारण छात्रों को लगातार अनिश्चितता, असमंजस और अत्यधिक मानसिक तनाव का सामना करना पड़ रहा है। इस स्थिति के लिए सीधे तौर पर सरकार की गलतियों और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के 'निकम्मेपन' को जिम्मेदार ठहराया गया है, जिसकी सज़ा देश के बच्चे और उनके परिवार भुगत रहे हैं। परीक्षा व्यवस्था लगातार सवालों के घेरे में रही है, और इसके बावजूद छात्रों के लिए कुछ मिनट का बफर टाइम या किसी भी तरह की राहत का प्रावधान न होने पर चिंता व्यक्त की गई है। इसका एक उदाहरण मध्य प्रदेश के विदिशा में हुए नीट री-एग्जाम के दौरान सामने आया, जहाँ महज़ दो मिनट की देरी के कारण तीन छात्रों की सालों की मेहनत पर पानी फिर गया। इन घटनाओं से व्यथित छात्र गेट बंद होने पर रोते हुए भी देखे गए। इस पूरे मामले को 'धृतराष्ट्र की तरह सब कुछ जानते हुए भी आँखें मूंदे बैठे रहने' जैसा बताते हुए इसे महापाप करार दिया गया है।1
- सीतापुर के टाउनहॉल इलाके में आज सुबह अवैध कब्जे पर प्रशासन का बुलडोजर चला है। समाजवादी पार्टी का कार्यालय अवैध ढंग से नजूल की जमीन पर कब्जा करके बनाया गया था, जिस पर सुबह करीब 5 बजे कार्रवाई की गई। इस कार्रवाई में पाँच जेसीबी मशीनों ने कुछ ही देर में अवैध निर्माण को जमींदोज कर दिया। प्रशासन का दावा है कि अवैध कब्जे पर बने इस सपा कार्यालय को हटाने के लिए पहले नोटिस दिया गया था। जानकारी के अनुसार, लंबे समय से चल रही खाली कराने की प्रक्रिया के तहत दो दिन पहले ही सपा कार्यालय खाली कर दिया गया था, लेकिन नोटिस के बावजूद जब अवैध कब्जा नहीं हटा तो यह कार्रवाई की गई।1
- जनपद गाजियाबाद के जिलाधिकारी रविंद्र कुमार ने मसूरी थाना क्षेत्र के डासना में 270 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की सरकारी जमीन को कब्जे से मुक्त कराया है। इस कार्रवाई की विशेष रिपोर्ट गाजियाबाद ब्यूरो चीफ हरीश कुमार ने दुनिया डायरेक्ट राष्ट्रीय हिंदी समाचार पत्र के लिए प्रस्तुत की है।3
- मेरठ के शास्त्री नगर सेक्टर 13 आरटीओ रोड के समीप आवास विकास परिषद द्वारा अवैध निर्माणों के खिलाफ बुलडोजर चलाने की कार्रवाई आज लगातार दूसरे दिन भी जारी रही।1
- जिओ की ओर से यह सुविधा प्रदान की जा रही है कि एक ही रिचार्ज के माध्यम से अब पूरे घर के सभी फोन को सक्रिय रखा जा सकेगा।1
- मेरठ के थाना कोतवाली क्षेत्र में स्थित पूर्वा अहिरान के कस्तूरबा गांधी विद्यालय की एक जर्जर दीवार अचानक ढह गई, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। इस हादसे में कई राहगीरों को चोटें आईं, वहीं मौके पर खड़े दो स्कूटर और एक बाइक भी दीवार के मलबे के नीचे दब गए। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि विद्यालय की यह दीवार लंबे समय से खराब हालत में थी और इसकी शिकायत संबंधित अधिकारियों से कई बार की जा चुकी थी, लेकिन किसी ने भी इस पर ध्यान नहीं दिया। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते इसकी मरम्मत करा दी जाती, तो इस दुखद घटना को टाला जा सकता था। गनीमत रही कि दीवार गिरने के समय वहाँ अधिक भीड़ नहीं थी, जिससे एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। नागरिकों ने यह भी बताया कि विद्यालय की अन्य दीवारें भी बेहद खराब स्थिति में हैं, जो भविष्य में किसी बड़े हादसे का कारण बन सकती हैं। इस घटना के बाद, क्षेत्रीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि विद्यालय की शेष जर्जर दीवारों की तत्काल जांच करवाई जाए और उनकी मरम्मत सुनिश्चित की जाए।1