सिवान जिले के सिसवन प्रखंड अंतर्गत भीखपुर और बखरी पंचायतों में एक सहयोग शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीण पहुंचे और राशन कार्ड, पेंशन, भूमि, आवास, नल-जल, बिजली तथा सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से संबंधित अपनी विभिन्न समस्याओं को अधिकारियों के समक्ष रखा। अधिकारियों ने मौके पर ही कई मामलों का सफलतापूर्वक निष्पादन किया, जबकि कुछ जटिल मामलों के शीघ्र समाधान का आश्वासन भी दिया गया। इस पहल का जायजा लेने पहुंचे जिला परिषद सदस्य ब्रजेश सिंह ने इसे सरकार की एक सराहनीय पहल बताया। उन्होंने कहा कि ऐसे शिविरों के माध्यम से शासन व्यवस्था गाँव-गाँव तक पहुंची है, जिससे अब ग्रामीणों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए ब्लॉक या जिला कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ रहे हैं। इस अवसर पर बीडीओ राजेश कुमार, सीओ पंकज कुमार सहित कई पंचायत प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।
सिवान जिले के सिसवन प्रखंड अंतर्गत भीखपुर और बखरी पंचायतों में एक सहयोग शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीण पहुंचे और राशन कार्ड, पेंशन, भूमि, आवास, नल-जल, बिजली तथा सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से संबंधित अपनी विभिन्न समस्याओं को अधिकारियों के समक्ष रखा। अधिकारियों ने मौके पर ही कई मामलों का सफलतापूर्वक निष्पादन किया, जबकि कुछ जटिल मामलों के शीघ्र समाधान का आश्वासन भी दिया गया। इस पहल का जायजा लेने पहुंचे जिला परिषद सदस्य ब्रजेश सिंह ने इसे सरकार की एक सराहनीय पहल बताया। उन्होंने कहा कि ऐसे शिविरों के माध्यम से शासन व्यवस्था गाँव-गाँव तक पहुंची है, जिससे अब ग्रामीणों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए ब्लॉक या जिला कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ रहे हैं। इस अवसर पर बीडीओ राजेश कुमार, सीओ पंकज कुमार सहित कई पंचायत प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।
- सिवान जिले के सिसवन प्रखंड अंतर्गत भीखपुर और बखरी पंचायतों में एक सहयोग शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीण पहुंचे और राशन कार्ड, पेंशन, भूमि, आवास, नल-जल, बिजली तथा सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से संबंधित अपनी विभिन्न समस्याओं को अधिकारियों के समक्ष रखा। अधिकारियों ने मौके पर ही कई मामलों का सफलतापूर्वक निष्पादन किया, जबकि कुछ जटिल मामलों के शीघ्र समाधान का आश्वासन भी दिया गया। इस पहल का जायजा लेने पहुंचे जिला परिषद सदस्य ब्रजेश सिंह ने इसे सरकार की एक सराहनीय पहल बताया। उन्होंने कहा कि ऐसे शिविरों के माध्यम से शासन व्यवस्था गाँव-गाँव तक पहुंची है, जिससे अब ग्रामीणों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए ब्लॉक या जिला कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ रहे हैं। इस अवसर पर बीडीओ राजेश कुमार, सीओ पंकज कुमार सहित कई पंचायत प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।1
- सिसवन प्रखंड के ग्यासपुर में सरयू तट पर स्थित ब्रह्मर्षि साहेब बाबा धाम में नौ दिवसीय महायज्ञ श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ चल रहा है। अपने पाँचवें दिन, पूरे धाम परिसर में वैदिक मंत्रों और जयकारों से भक्तिमय माहौल बना हुआ है। पाँचवें दिन कथावाचक ने व्यासपीठ से रामचरित मानस के मार्मिक प्रसंगों का वर्णन किया। कथा के दौरान अहिल्या उद्धार और ताड़का वध के प्रसंग सुनाए गए, जिसमें संवाद शैली में बताया गया कि प्रभु श्रीराम द्वारा ताड़का का वध करने से धर्म की विजय हुई और ऋषि-मुनियों के यज्ञ की रक्षा हुई। वहीं, श्रीराम के चरण-रज से पत्थर बनी अहिल्या के उद्धार के क्षण को करुणा और मर्यादा का संगम बताया गया। कथावाचक ने यह भी सिखाया कि प्रभु की शरण में आने वाले का उद्धार निश्चित है। कथा सुनकर पंडाल में उपस्थित सैकड़ों श्रद्धालु भाव-विभोर हो गए और जय ब्रह्मर्षि साहेब बाबा के जयकारे लगाने लगे। इस अवसर पर पीठाधीश्वर श्री श्री 1008 महामंडलेश्वर देवेंद्र दास जी महाराज ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि यह महायज्ञ केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि लोक कल्याण का संकल्प है। इसका मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में सुख-शांति स्थापित करना, सामाजिक सौहार्द को मजबूत करना और नई पीढ़ी को सनातन संस्कृति के मूल्यों से जोड़ना है। महाराज जी ने बल दिया कि जब समाज में प्रेम और एकता का भाव रहेगा, तभी राष्ट्र सशक्त होगा। महाराज जी ने यह भी बताया कि नौ दिनों तक प्रतिदिन सुबह-शाम हवन, आरती और प्रवचन का आयोजन हो रहा है। आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में महिला-पुरुष श्रद्धालु पहुँचकर यज्ञ में आहुति दे रहे हैं। श्रद्धालुओं के लिए हर रोज विशाल भंडारे की व्यवस्था की गई है।2
- उत्तर प्रदेश के बलिया जनपद के फेंफना थाना क्षेत्र के दुमदुमा गांव में आमडारी गांव के निवासी शंकर गोंड एक मकान का निर्माण करा रहे हैं, जिसका छज्जा सड़क पर निकाला जा रहा है। ग्रामीणों ने इस पर आपत्ति जताई, उनका कहना था कि जब छज्जा ही सड़क पर निकलेगा तो सीढ़ी कहां बनेगी और इससे वाहनों की आवाजाही में भारी दिक्कत होगी, जबकि इस सड़क पर बने अन्य नए मकानों का छज्जा रोड पर नहीं है। जब ग्रामीणों ने शंकर गोंड को छज्जा सड़क पर निकालने से मना किया, तो वह ग्रामीणों पर छज्जा तोड़ने और अपनी पत्नी के साथ छेड़छाड़ का आरोप लगाते हुए थाने पहुंच गए। मौके पर मीडिया टीम द्वारा की गई पड़ताल में सामने आया कि यह सभी आरोप मनगढ़ंत हैं और असल विवाद छज्जा सड़क पर निकालने से रोकने को लेकर ही है। ग्रामीणों ने इन आरोपों को सिरे से बेबुनियाद बताया और आरोप लगाया कि उन्हें गलत तरीके से फंसाने की कोशिश की जा रही है, यहां तक कि एससी/एसटी का मुकदमा दर्ज कराने की धमकी भी दी गई है। ग्रामीणों ने इस पूरे मामले की उच्च अधिकारियों से जांच की मांग की है। इस संबंध में दुमदुमा के ग्राम प्रधान प्रतिनिधि राकेश यादव ने भी आरोपों को बेबुनियाद बताया। उन्होंने पुष्टि की कि छज्जा सड़क पर ही निकल रहा है और ग्रामीणों ने केवल मना किया था, किसी ने न तो छज्जा तोड़ा है और न ही परिजनों से छेड़खानी की है। उन्होंने बताया कि एसडीएम, लेखपाल और थानाध्यक्ष के मना करने के बावजूद भी यह कार्य जबरदस्ती किया जा रहा है। क्षेत्रीय लेखपाल ने भी इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि उन्होंने पहले ही सड़क पर छज्जा न निकालने को कहा था, लेकिन काम जारी है। उन्होंने आश्वासन दिया कि जमीन की विधिवत नापी की जाएगी और गलत पाए जाने पर कानूनी कार्यवाही होगी।1
- भीषण गर्मी के बीच फ्रिज के फेल हो जाने की एक मजेदार स्थिति इंटरनेट पर खूब ट्रेंड कर रही है। यह कॉमेडी, फनी मोमेंट्स और एंटरटेनमेंट के तौर पर देखा जा रहा है, और लोग इसे एक फनी रील या मीम के रूप में खूब पसंद कर रहे हैं।1
- फेफना थाना क्षेत्र के दुमदुमा गांव में रविवार शाम एक घर की छत की ढलाई के दौरान हुए विवाद में पीड़िता ममता देवी ने गांव के दबंगों पर निर्माणाधीन छत को क्षतिग्रस्त करने, गाली-गलौज करने और जातिसूचक शब्दों का प्रयोग कर उत्पीड़न का गंभीर आरोप लगाया है। मामले में पुलिस से आवश्यक कार्रवाई की मांग की गई है। अमडारी गांव की मूल निवासी ममता देवी ने अपनी लिखित शिकायत में बताया कि उन्होंने फरवरी 2026 में संबंधित भूमि की रजिस्ट्री कराई थी और मुख्य मार्ग से लगभग डेढ़ फीट जमीन छोड़कर मकान बनवा रही थीं। रविवार को जब मकान की छत की ढलाई का काम चल रहा था, तभी शाम के समय गांव के कुछ लोग मौके पर पहुंचे। आरोप है कि उन्होंने ढलाई में लगी सेंटरिंग, बांस और बल्लियों को गिरा दिया, जिससे निर्माणाधीन छत क्षतिग्रस्त हो गई। ममता देवी का आरोप है कि जब उन्होंने इसका विरोध किया, तो उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया और जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करते हुए गाली-गलौज भी की गई। इस घटना की सूचना मिलने पर यूपी-112 पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन थाना पर आकर शिकायत दर्ज कराने की बात कहकर वापस लौट गई। पीड़िता के देवर रामाकांत गोंड ने बताया कि घटना के समय घर पर केवल महिलाएं मौजूद थीं। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोगों ने मिलकर उनके निर्माण कार्य में बाधा डाली, जबकि वे अपनी जमीन की सीमा के भीतर ही निर्माण करा रहे थे और उन्हें अनावश्यक रूप से परेशान किया जा रहा है। इस संबंध में फेफना थानाध्यक्ष विश्वदीप सिंह ने बताया कि अभी तक उनके पास कोई लिखित शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। उन्होंने आश्वस्त किया कि यदि शिकायत मिलती है, तो मामले की जांच की जाएगी और आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।1
- बलिया जिला कलेक्ट्रेट पर समाजवादी पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने एकजुट होकर बढ़ती महंगाई के विरोध में एक विशाल धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने आम जनता पर लगातार बढ़ रहे आर्थिक बोझ को लेकर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस दौरान समाजवादी पार्टी के सदस्यों ने अपनी मांगों को लेकर एक ज्ञापन भी सौंपा।1
- सिसवन के ग्यासपुर स्थित ब्रह्मर्षि साहेब बाबा धाम में आयोजित नौ दिवसीय महायज्ञ के पांचवें दिन, कथावाचक ने श्रोताओं को अहिल्या उद्धार और ताड़का वध की कथा विस्तार से सुनाई। यह कथा इस विशेष अनुष्ठान के दौरान आध्यात्मिक संदेश का महत्वपूर्ण हिस्सा रही। इस अवसर पर, महामंडलेश्वर देवेंद्र दास जी महाराज ने महायज्ञ के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इसका मुख्य प्रयोजन समाज में सुख-शांति स्थापित करना, सामाजिक सौहार्द को बढ़ावा देना और सनातन संस्कृति का प्रचार-प्रसार करना है। यज्ञ स्थल पर प्रतिदिन नियमित रूप से हवन-आरती का आयोजन किया जा रहा है, और इसके साथ ही, रोजाना विशाल भंडारे का भी आयोजन होता है जिसमें भक्तगण प्रसाद ग्रहण करते हैं।2
- सिवान जिले के दरौली प्रखंड के कुर्मीटोला गांव में उस समय हड़कंप मच गया, जब रब्बान मोहम्मद नाम का एक व्यक्ति साधु के वेश में घूमता हुआ पाया गया। ग्रामीणों को उसकी गतिविधियां संदिग्ध लगीं, जिसके बाद उन्होंने उससे पूछताछ शुरू की। पूछताछ में रब्बान मोहम्मद अपनी पहचान सही ढंग से नहीं बता सका। इस पर ग्रामीणों ने सतर्कता दिखाते हुए उसे पकड़ लिया और तुरंत स्थानीय पुलिस को इसकी सूचना दी, जिसके बाद पुलिस ने उसे अपनी हिरासत में ले लिया।1