सिसवन प्रखंड के ग्यासपुर में सरयू तट पर स्थित ब्रह्मर्षि साहेब बाबा धाम में नौ दिवसीय महायज्ञ श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ चल रहा है। अपने पाँचवें दिन, पूरे धाम परिसर में वैदिक मंत्रों और जयकारों से भक्तिमय माहौल बना हुआ है। पाँचवें दिन कथावाचक ने व्यासपीठ से रामचरित मानस के मार्मिक प्रसंगों का वर्णन किया। कथा के दौरान अहिल्या उद्धार और ताड़का वध के प्रसंग सुनाए गए, जिसमें संवाद शैली में बताया गया कि प्रभु श्रीराम द्वारा ताड़का का वध करने से धर्म की विजय हुई और ऋषि-मुनियों के यज्ञ की रक्षा हुई। वहीं, श्रीराम के चरण-रज से पत्थर बनी अहिल्या के उद्धार के क्षण को करुणा और मर्यादा का संगम बताया गया। कथावाचक ने यह भी सिखाया कि प्रभु की शरण में आने वाले का उद्धार निश्चित है। कथा सुनकर पंडाल में उपस्थित सैकड़ों श्रद्धालु भाव-विभोर हो गए और जय ब्रह्मर्षि साहेब बाबा के जयकारे लगाने लगे। इस अवसर पर पीठाधीश्वर श्री श्री 1008 महामंडलेश्वर देवेंद्र दास जी महाराज ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि यह महायज्ञ केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि लोक कल्याण का संकल्प है। इसका मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में सुख-शांति स्थापित करना, सामाजिक सौहार्द को मजबूत करना और नई पीढ़ी को सनातन संस्कृति के मूल्यों से जोड़ना है। महाराज जी ने बल दिया कि जब समाज में प्रेम और एकता का भाव रहेगा, तभी राष्ट्र सशक्त होगा। महाराज जी ने यह भी बताया कि नौ दिनों तक प्रतिदिन सुबह-शाम हवन, आरती और प्रवचन का आयोजन हो रहा है। आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में महिला-पुरुष श्रद्धालु पहुँचकर यज्ञ में आहुति दे रहे हैं। श्रद्धालुओं के लिए हर रोज विशाल भंडारे की व्यवस्था की गई है।
सिसवन प्रखंड के ग्यासपुर में सरयू तट पर स्थित ब्रह्मर्षि साहेब बाबा धाम में नौ दिवसीय महायज्ञ श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ चल रहा है। अपने पाँचवें दिन, पूरे धाम परिसर में वैदिक मंत्रों और जयकारों से भक्तिमय माहौल बना हुआ है। पाँचवें दिन कथावाचक ने व्यासपीठ से रामचरित मानस के मार्मिक प्रसंगों का वर्णन किया। कथा के दौरान अहिल्या उद्धार और ताड़का वध के प्रसंग सुनाए गए, जिसमें संवाद शैली में बताया गया कि प्रभु श्रीराम द्वारा ताड़का का वध करने से धर्म की विजय हुई और ऋषि-मुनियों के यज्ञ की रक्षा हुई। वहीं, श्रीराम के चरण-रज से पत्थर बनी अहिल्या के उद्धार के क्षण को करुणा और मर्यादा का संगम बताया गया। कथावाचक ने यह भी सिखाया कि प्रभु की शरण में आने वाले का उद्धार निश्चित है। कथा सुनकर पंडाल में उपस्थित सैकड़ों श्रद्धालु
भाव-विभोर हो गए और जय ब्रह्मर्षि साहेब बाबा के जयकारे लगाने लगे। इस अवसर पर पीठाधीश्वर श्री श्री 1008 महामंडलेश्वर देवेंद्र दास जी महाराज ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि यह महायज्ञ केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि लोक कल्याण का संकल्प है। इसका मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में सुख-शांति स्थापित करना, सामाजिक सौहार्द को मजबूत करना और नई पीढ़ी को सनातन संस्कृति के मूल्यों से जोड़ना है। महाराज जी ने बल दिया कि जब समाज में प्रेम और एकता का भाव रहेगा, तभी राष्ट्र सशक्त होगा। महाराज जी ने यह भी बताया कि नौ दिनों तक प्रतिदिन सुबह-शाम हवन, आरती और प्रवचन का आयोजन हो रहा है। आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में महिला-पुरुष श्रद्धालु पहुँचकर यज्ञ में आहुति दे रहे हैं। श्रद्धालुओं के लिए हर रोज विशाल भंडारे की व्यवस्था की गई है।
- सिसवन प्रखंड के ग्यासपुर में सरयू तट पर स्थित ब्रह्मर्षि साहेब बाबा धाम में नौ दिवसीय महायज्ञ श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ चल रहा है। अपने पाँचवें दिन, पूरे धाम परिसर में वैदिक मंत्रों और जयकारों से भक्तिमय माहौल बना हुआ है। पाँचवें दिन कथावाचक ने व्यासपीठ से रामचरित मानस के मार्मिक प्रसंगों का वर्णन किया। कथा के दौरान अहिल्या उद्धार और ताड़का वध के प्रसंग सुनाए गए, जिसमें संवाद शैली में बताया गया कि प्रभु श्रीराम द्वारा ताड़का का वध करने से धर्म की विजय हुई और ऋषि-मुनियों के यज्ञ की रक्षा हुई। वहीं, श्रीराम के चरण-रज से पत्थर बनी अहिल्या के उद्धार के क्षण को करुणा और मर्यादा का संगम बताया गया। कथावाचक ने यह भी सिखाया कि प्रभु की शरण में आने वाले का उद्धार निश्चित है। कथा सुनकर पंडाल में उपस्थित सैकड़ों श्रद्धालु भाव-विभोर हो गए और जय ब्रह्मर्षि साहेब बाबा के जयकारे लगाने लगे। इस अवसर पर पीठाधीश्वर श्री श्री 1008 महामंडलेश्वर देवेंद्र दास जी महाराज ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि यह महायज्ञ केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि लोक कल्याण का संकल्प है। इसका मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में सुख-शांति स्थापित करना, सामाजिक सौहार्द को मजबूत करना और नई पीढ़ी को सनातन संस्कृति के मूल्यों से जोड़ना है। महाराज जी ने बल दिया कि जब समाज में प्रेम और एकता का भाव रहेगा, तभी राष्ट्र सशक्त होगा। महाराज जी ने यह भी बताया कि नौ दिनों तक प्रतिदिन सुबह-शाम हवन, आरती और प्रवचन का आयोजन हो रहा है। आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में महिला-पुरुष श्रद्धालु पहुँचकर यज्ञ में आहुति दे रहे हैं। श्रद्धालुओं के लिए हर रोज विशाल भंडारे की व्यवस्था की गई है।2
- सिवान जिले के सिसवन प्रखंड अंतर्गत भीखपुर और बखरी पंचायतों में एक सहयोग शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीण पहुंचे और राशन कार्ड, पेंशन, भूमि, आवास, नल-जल, बिजली तथा सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से संबंधित अपनी विभिन्न समस्याओं को अधिकारियों के समक्ष रखा। अधिकारियों ने मौके पर ही कई मामलों का सफलतापूर्वक निष्पादन किया, जबकि कुछ जटिल मामलों के शीघ्र समाधान का आश्वासन भी दिया गया। इस पहल का जायजा लेने पहुंचे जिला परिषद सदस्य ब्रजेश सिंह ने इसे सरकार की एक सराहनीय पहल बताया। उन्होंने कहा कि ऐसे शिविरों के माध्यम से शासन व्यवस्था गाँव-गाँव तक पहुंची है, जिससे अब ग्रामीणों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए ब्लॉक या जिला कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ रहे हैं। इस अवसर पर बीडीओ राजेश कुमार, सीओ पंकज कुमार सहित कई पंचायत प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।1
- उत्तर प्रदेश के बलिया जनपद के फेंफना थाना क्षेत्र के दुमदुमा गांव में आमडारी गांव के निवासी शंकर गोंड एक मकान का निर्माण करा रहे हैं, जिसका छज्जा सड़क पर निकाला जा रहा है। ग्रामीणों ने इस पर आपत्ति जताई, उनका कहना था कि जब छज्जा ही सड़क पर निकलेगा तो सीढ़ी कहां बनेगी और इससे वाहनों की आवाजाही में भारी दिक्कत होगी, जबकि इस सड़क पर बने अन्य नए मकानों का छज्जा रोड पर नहीं है। जब ग्रामीणों ने शंकर गोंड को छज्जा सड़क पर निकालने से मना किया, तो वह ग्रामीणों पर छज्जा तोड़ने और अपनी पत्नी के साथ छेड़छाड़ का आरोप लगाते हुए थाने पहुंच गए। मौके पर मीडिया टीम द्वारा की गई पड़ताल में सामने आया कि यह सभी आरोप मनगढ़ंत हैं और असल विवाद छज्जा सड़क पर निकालने से रोकने को लेकर ही है। ग्रामीणों ने इन आरोपों को सिरे से बेबुनियाद बताया और आरोप लगाया कि उन्हें गलत तरीके से फंसाने की कोशिश की जा रही है, यहां तक कि एससी/एसटी का मुकदमा दर्ज कराने की धमकी भी दी गई है। ग्रामीणों ने इस पूरे मामले की उच्च अधिकारियों से जांच की मांग की है। इस संबंध में दुमदुमा के ग्राम प्रधान प्रतिनिधि राकेश यादव ने भी आरोपों को बेबुनियाद बताया। उन्होंने पुष्टि की कि छज्जा सड़क पर ही निकल रहा है और ग्रामीणों ने केवल मना किया था, किसी ने न तो छज्जा तोड़ा है और न ही परिजनों से छेड़खानी की है। उन्होंने बताया कि एसडीएम, लेखपाल और थानाध्यक्ष के मना करने के बावजूद भी यह कार्य जबरदस्ती किया जा रहा है। क्षेत्रीय लेखपाल ने भी इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि उन्होंने पहले ही सड़क पर छज्जा न निकालने को कहा था, लेकिन काम जारी है। उन्होंने आश्वासन दिया कि जमीन की विधिवत नापी की जाएगी और गलत पाए जाने पर कानूनी कार्यवाही होगी।1
- भीषण गर्मी के बीच फ्रिज के फेल हो जाने की एक मजेदार स्थिति इंटरनेट पर खूब ट्रेंड कर रही है। यह कॉमेडी, फनी मोमेंट्स और एंटरटेनमेंट के तौर पर देखा जा रहा है, और लोग इसे एक फनी रील या मीम के रूप में खूब पसंद कर रहे हैं।1
- गोपालगंज जिले में आपसी रंजिश ने एक बार फिर खूनी रूप ले लिया, जहाँ पूर्व के विवाद को लेकर एक 40 वर्षीय युवक की चाकू से गोदकर निर्मम हत्या कर दी गई। मृतक की पहचान कुचायकोट थाना क्षेत्र के रामपुर माधो बलुआ टोला निवासी हरकेश यादव के पुत्र मोहन यादव के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार, मोहन यादव रविवार की शाम को मठिया नंदलाल बाजार में घरेलू सामान खरीदने गए थे, जिसके बाद कथित तौर पर पहले से घात लगाए बैठे लोगों ने उन्हें जबरन अपने साथ ले लिया और फिर उनका कोई पता नहीं चला। सोमवार की सुबह मोहन यादव की पत्नी लीलावती देवी ने कुचायकोट थाने में अपने पति के अचानक गायब होने को लेकर एक आवेदन दिया, जिसमें उन्होंने किसी अनहोनी की आशंका जताते हुए पुलिस प्रशासन से जल्द से जल्द पति को सकुशल बरामद करने की गुहार लगाई थी। इसी बीच, परिजनों ने रामदेव यादव के पुत्र संदीप यादव और बाबूलाल यादव के पुत्र रवि यादव पर मोहन यादव का अपहरण कर सुनसान दियारा क्षेत्र में ले जाकर चाकू से गोदकर हत्या करने और शव को गुमनिया दियारा स्थित विजयपुर चंवर में फेंकने का आरोप लगाया है। सोमवार देर शाम को बिशम्भरपुर थाना क्षेत्र में शव मिलने की सूचना से इलाके में सनसनी फैल गई। स्थानीय लोगों की सूचना पर मौके पर पहुँची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया। घटनास्थल पर एफएसएल की टीम भी बुलाई गई, जिसने कई महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए। पुलिस की प्रारंभिक जाँच में हत्या के पीछे पुरानी रंजिश की आशंका जताई जा रही है, और मामले के सभी पहलुओं से गहनता से जाँच की जा रही है। घटना के बाद से मृतक के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, और वे आरोपियों की अविलंब गिरफ्तारी तथा कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। पुलिस भी मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है।1
- बिहार के गोपालगंज जिले में ई-रिक्शा और रिक्शा चालकों ने सड़कों पर जाम लगा दिया। यह जाम स्टैंड चार्ज की वसूली को लेकर किया गया था।1
- सिवान जिले के आंदर प्रखंड स्थित आसांव पंचायत में मंगलवार की सुबह 11 बजे एक सहयोग शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर का मुख्य उद्देश्य लोगों की विभिन्न समस्याओं को सुनना था, जिसके लिए पेंशन, प्रधानमंत्री आवास योजना, राशन, बिजली, स्वास्थ्य, शिक्षा, भूमि विवाद और कृषि सहित कई विभागों के पदाधिकारी उपस्थित रहे। इस दौरान बीडीओ रवि कुमार, प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ दीपक कुमार, थानाध्यक्ष संतोष कुमार, सीओ नीलम कुमारी, और मुखिया सतीशचंद्र गुप्ता समेत दर्जनों अधिकारियों ने लोगों की समस्याएँ सुनीं।1
- सिवान जिले के दरौली प्रखंड के कुर्मीटोला गांव में उस समय हड़कंप मच गया, जब रब्बान मोहम्मद नाम का एक व्यक्ति साधु के वेश में घूमता हुआ पाया गया। ग्रामीणों को उसकी गतिविधियां संदिग्ध लगीं, जिसके बाद उन्होंने उससे पूछताछ शुरू की। पूछताछ में रब्बान मोहम्मद अपनी पहचान सही ढंग से नहीं बता सका। इस पर ग्रामीणों ने सतर्कता दिखाते हुए उसे पकड़ लिया और तुरंत स्थानीय पुलिस को इसकी सूचना दी, जिसके बाद पुलिस ने उसे अपनी हिरासत में ले लिया।1