बिल्थरारोड में उभांव पुलिस द्वारा राजपुर निवासी युवक राकेश कुमार सिंह के खिलाफ मारपीट की एक घटना में फर्जी एससी/एसटी मुकदमा दर्ज करने का आरोप लगा है। इस मामले में पीड़ित युवक राकेश कुमार सिंह ने बलिया के पुलिस अधीक्षक को सूचना का अधिकार (आरटीआई) अधिनियम-2005 के तहत आवेदन देकर संबंधित सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध कराने की मांग की है। युवक का दावा है कि घटना के समय वह मौके पर मौजूद नहीं था। पुलिस द्वारा जिस समय घटना में उसकी मौजूदगी दिखाई गई है, उस दौरान उसकी गाड़ी थाने पर चालान हुई थी और वह उसके कागजात जमा करने थाने पर ही गया था। आवेदन में राकेश कुमार सिंह ने बताया है कि उभांव थाने में दर्ज मुकदमे में उसकी गिरफ्तारी की आशंका है, जिससे उसकी व्यक्तिगत स्वतंत्रता प्रभावित हो सकती है। दिए गए आवेदन के अनुसार, उन्होंने बीते 13 जून को थाना परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग के साथ-साथ पुलिस चौकी क्षेत्र से संबंधित वीडियो फुटेज भी उपलब्ध कराने की मांग की है। आवेदक का तर्क है कि यह फुटेज मामले में महत्वपूर्ण साक्ष्य है और निष्पक्ष जांच के लिए अत्यंत आवश्यक है। आरटीआई अधिनियम की धारा 7(1) का हवाला देते हुए, युवक ने अपने जीवन एवं व्यक्तिगत स्वतंत्रता से जुड़े इस मामले में 48 घंटे के भीतर सूचना उपलब्ध कराने की अपील की है। साथ ही, उसने यह भी मांग की है कि यदि फुटेज उपलब्ध नहीं है, तो उसके नष्ट होने अथवा अनुपलब्ध होने का कारण लिखित रूप में बताया जाए। पीड़ित द्वारा इस आवेदन की एक प्रति संबंधित अन्य अधिकारियों को भी प्रेषित की गई है।
बिल्थरारोड में उभांव पुलिस द्वारा राजपुर निवासी युवक राकेश कुमार सिंह के खिलाफ मारपीट की एक घटना में फर्जी एससी/एसटी मुकदमा दर्ज करने का आरोप लगा है। इस मामले में पीड़ित युवक राकेश कुमार सिंह ने बलिया के पुलिस अधीक्षक को सूचना का अधिकार (आरटीआई) अधिनियम-2005 के तहत आवेदन देकर संबंधित सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध कराने की मांग की है। युवक का दावा है कि घटना के
समय वह मौके पर मौजूद नहीं था। पुलिस द्वारा जिस समय घटना में उसकी मौजूदगी दिखाई गई है, उस दौरान उसकी गाड़ी थाने पर चालान हुई थी और वह उसके कागजात जमा करने थाने पर ही गया था। आवेदन में राकेश कुमार सिंह ने बताया है कि उभांव थाने में दर्ज मुकदमे में उसकी गिरफ्तारी की आशंका है, जिससे उसकी व्यक्तिगत स्वतंत्रता प्रभावित हो सकती
है। दिए गए आवेदन के अनुसार, उन्होंने बीते 13 जून को थाना परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग के साथ-साथ पुलिस चौकी क्षेत्र से संबंधित वीडियो फुटेज भी उपलब्ध कराने की मांग की है। आवेदक का तर्क है कि यह फुटेज मामले में महत्वपूर्ण साक्ष्य है और निष्पक्ष जांच के लिए अत्यंत आवश्यक है। आरटीआई अधिनियम की धारा 7(1) का हवाला देते हुए, युवक ने
अपने जीवन एवं व्यक्तिगत स्वतंत्रता से जुड़े इस मामले में 48 घंटे के भीतर सूचना उपलब्ध कराने की अपील की है। साथ ही, उसने यह भी मांग की है कि यदि फुटेज उपलब्ध नहीं है, तो उसके नष्ट होने अथवा अनुपलब्ध होने का कारण लिखित रूप में बताया जाए। पीड़ित द्वारा इस आवेदन की एक प्रति संबंधित अन्य अधिकारियों को भी प्रेषित की गई है।
- बिल्थरारोड के उभांव थाना क्षेत्र स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) सीयर परिसर से शनिवार को दिनदहाड़े एक मरीज की मोटरसाइकिल चोरी हो गई। तेंदुआ पाही निवासी श्रीओम यादव दवा लेने के लिए अस्पताल आए थे और इलाज कराने के बाद जब वह बाहर निकले, तो उन्हें अपनी बाइक गायब मिली। उन्होंने काफी तलाश की, लेकिन बाइक का कोई सुराग नहीं मिला, जिसके बाद उन्होंने पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। अस्पताल परिसर में होमगार्ड की ड्यूटी होने के बावजूद हुई इस चोरी की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस घटना को लेकर यह भी कहा गया कि चोरों ने नवागत चौकी प्रभारी को 'सलामी' दी है।4
- बलिया पुलिस ने अपराध और अपराधियों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत कार्रवाई करते हुए हत्या के प्रयास से जुड़े दो वांछित अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक ओमवीर सिंह के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक उत्तरी दिनेश कुमार शुक्ला के निकट पर्यवेक्षण, और क्षेत्राधिकारी रसड़ा रजनीश कुमार व प्रभारी निरीक्षक रसड़ा योगेन्द्र बहादुर सिंह के कुशल निर्देशन में थाना रसड़ा पुलिस द्वारा की गई है। गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों में संजय सिंह (उम्र करीब 34 वर्ष), पुत्र स्व. रामाश्रय सिंह, निवासी ग्राम बैजलपुर, थाना रसड़ा, जनपद बलिया, और गौरी शंकर पाल (उम्र 46 वर्ष), पुत्र स्व. देवनाथ पाल, निवासी ग्राम आशापुर, थाना चितबड़ागांव, जनपद बलिया शामिल हैं। इन्हें मुखबिर की सूचना पर लखनेश्वरडीह मंदिर मोड़ के पास से 04 जुलाई 2026 को पकड़ा गया। यह मामला 03 जुलाई 2026 को वादी मुकदमा राजकरन सिंह पुत्र हृदय नरायण सिंह द्वारा दिए गए एक प्रार्थना पत्र से संबंधित है। प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया गया था कि जमीनी विवाद को लेकर विपक्षी संतोष सिंह पुत्र स्व. रामाश्रय सिंह, संजय सिंह उर्फ गुड्डन पुत्र स्व. रामाश्रय सिंह, सूरज सिंह उर्फ हर्ष पुत्र संतोष सिंह, गुड़िया पत्नी संतोष सिंह, तन्नु सिंह पुत्री संतोष सिंह (सभी ग्राम बैजलपुर, थाना रसड़ा) और तीन अज्ञात व्यक्तियों ने मिलकर वादी राजकरन सिंह, हृदयनारायण सिंह पुत्र स्व. रामदास सिंह, अर्जुन सिंह और अनिल कुमार सिंह पुत्र केदार सिंह पर कुल्हाड़ी, गड़ासा और चाकू से हमला कर गंभीर चोटें पहुंचाई थीं। इस संबंध में थाना स्थानीय द्वारा मु0अ0सं0 236/2026 धारा 191(2), 109(1), 118(1), 115(2), 352, 351(3) बीएनएस के तहत अभियोग पंजीकृत कर अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए टीमें लगा दी गई थीं। इसी क्रम में, उप निरीक्षक श्री हरिद्वार के नेतृत्व में थाना रसड़ा की पुलिस टीम, जिसमें उप निरीक्षक शिवम कुमार और कांस्टेबल श्याम सुंदर यादव शामिल थे, ने इन वांछित अभियुक्तों को हिरासत में लिया। गिरफ्तार किए गए दोनों अभियुक्तों के विरुद्ध आवश्यक विधिक कार्यवाही पूरी करते हुए उन्हें माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया गया है।1
- बनकटा पुलिस ने एक महत्वपूर्ण कार्रवाई की है, जिसके तहत शराब से लदी एक गाड़ी को बरामद किया गया है। इस मामले में, प्रधान पति के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज कर लिया गया है।1
- मऊ जिले में राजस्व अधिकारियों पर एक गंभीर आरोप लगा है कि उन्होंने न्यायालय के स्टे ऑर्डर के बावजूद एक विवादित जमीन की पैमाइश कराई और विपक्षी को कब्जा दिलाने में मदद की। इस मामले में पीड़ित ने मुख्यमंत्री को एक शिकायती पत्र भेजकर तत्काल कार्रवाई की मांग की है। मऊ जनपद के घोसी तहसील क्षेत्र के बेला सुल्तानपुर निवासी विनीत राय ने मुख्यमंत्री को भेजे अपने पत्र में कहा है कि उनकी विवादित भूमि पर न्यायालय द्वारा स्टे ऑर्डर और यथास्थिति बनाए रखने का आदेश था। इसके बावजूद, स्थानीय राजस्व अधिकारियों ने उन्हें बिना किसी पूर्व सूचना या नोटिस के जमीन की पैमाइश करवा दी। शिकायतकर्ता का आरोप है कि इन अधिकारियों ने विपक्षी को जमीन पर कब्जा दिलाने में सहायता की, जिसके परिणामस्वरूप मौके पर एक दीवार भी खड़ी कर दी गई है। पत्र में संबंधित एसडीएम और लेखपालों पर न्यायालय के आदेश की अवहेलना करने का आरोप लगाते हुए इसे न्यायालय की अवमानना बताया गया है। पीड़ित विनीत राय ने मुख्यमंत्री से इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने, दोषी अधिकारियों के खिलाफ कानूनी और विभागीय कार्रवाई करने, तथा न्यायालय के अंतिम निर्णय आने तक विवादित भूमि पर यथास्थिति बनाए रखने की मांग की है।1
- राजधानी लखनऊ स्थित बीजेपी प्रदेश कार्यालय में राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण संगठनात्मक बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में राष्ट्रीय महामंत्री संगठन बीएल संतोष, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी और दोनों उपमुख्यमंत्री प्रमुख रूप से मौजूद रहे। यह अहम बैठक 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर आयोजित की गई थी। इस संगठनात्मक विचार-विमर्श में धर्मपाल सिंह समेत प्रदेश के सभी महामंत्री, उपाध्यक्ष और प्रदेश मंत्री शामिल हुए। इनके अतिरिक्त, युवा, महिला, एससी, एसटी, ओबीसी, अल्पसंख्यक और किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्षों ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। बीजेपी के सभी छह क्षेत्रों के क्षेत्रीय अध्यक्षों ने भी इस बैठक में भाग लिया। बैठक के दौरान संगठन की मजबूती, आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा और विशेष रूप से 2027 विधानसभा चुनाव की रणनीति पर विस्तार से मंथन किया गया। माना जा रहा है कि बीजेपी ने अब चुनावी तैयारियों को लेकर संगठनात्मक स्तर पर एक बड़ा अभियान शुरू कर दिया है।1
- औरंगाबाद में एक ऑटो और कार के बीच हुई टक्कर में दो लोग घायल हो गए। इस घटना में कार ने ऑटो को टक्कर मारी, जिसके परिणामस्वरूप दो व्यक्ति चोटिल हुए हैं।1
- जनपद देवरिया के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) मझगांवा में सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करने वाला मामला सामने आया है। प्रभारी चिकित्साधिकारी के चेंबर से सटे एक कमरे में कथित तौर पर बीयर की खाली बोतलें मिलने का एक वीडियो वायरल होने के बाद पूरे स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है। इस घटना ने सरकारी अस्पतालों में अनुशासन और जवाबदेही को लेकर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिए हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, जिस कमरे में ये खाली बोतलें मिली हैं, वह प्रभारी चिकित्साधिकारी के कक्ष के ठीक बगल में स्थित है। आरोप है कि इस कमरे में शराब का सेवन किया गया और बाद में खाली बोतलें वहीं छोड़ दी गईं, जिससे क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। मामले की पड़ताल के लिए जब मीडिया टीम प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंची, तो प्रभारी चिकित्साधिकारी अस्पताल में मौजूद नहीं मिले, जिससे संदेह और गहरा गया। हालांकि, वायरल वीडियो कब का है और बोतलें वहां कैसे पहुंचीं, यह स्पष्ट नहीं है; इन तथ्यों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। घटना की जानकारी मिलने पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) ने इस मामले की जांच कराने और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है। एक सरकारी स्वास्थ्य संस्थान में इस तरह की सामग्री का मिलना अस्पताल की कार्यप्रणाली, अनुशासन और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाता है। अब सभी की निगाहें स्वास्थ्य विभाग की जांच पर टिकी हैं कि इस मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाती है।1
- बिल्थरारोड में उभांव पुलिस द्वारा राजपुर निवासी युवक राकेश कुमार सिंह के खिलाफ मारपीट की एक घटना में फर्जी एससी/एसटी मुकदमा दर्ज करने का आरोप लगा है। इस मामले में पीड़ित युवक राकेश कुमार सिंह ने बलिया के पुलिस अधीक्षक को सूचना का अधिकार (आरटीआई) अधिनियम-2005 के तहत आवेदन देकर संबंधित सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध कराने की मांग की है। युवक का दावा है कि घटना के समय वह मौके पर मौजूद नहीं था। पुलिस द्वारा जिस समय घटना में उसकी मौजूदगी दिखाई गई है, उस दौरान उसकी गाड़ी थाने पर चालान हुई थी और वह उसके कागजात जमा करने थाने पर ही गया था। आवेदन में राकेश कुमार सिंह ने बताया है कि उभांव थाने में दर्ज मुकदमे में उसकी गिरफ्तारी की आशंका है, जिससे उसकी व्यक्तिगत स्वतंत्रता प्रभावित हो सकती है। दिए गए आवेदन के अनुसार, उन्होंने बीते 13 जून को थाना परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग के साथ-साथ पुलिस चौकी क्षेत्र से संबंधित वीडियो फुटेज भी उपलब्ध कराने की मांग की है। आवेदक का तर्क है कि यह फुटेज मामले में महत्वपूर्ण साक्ष्य है और निष्पक्ष जांच के लिए अत्यंत आवश्यक है। आरटीआई अधिनियम की धारा 7(1) का हवाला देते हुए, युवक ने अपने जीवन एवं व्यक्तिगत स्वतंत्रता से जुड़े इस मामले में 48 घंटे के भीतर सूचना उपलब्ध कराने की अपील की है। साथ ही, उसने यह भी मांग की है कि यदि फुटेज उपलब्ध नहीं है, तो उसके नष्ट होने अथवा अनुपलब्ध होने का कारण लिखित रूप में बताया जाए। पीड़ित द्वारा इस आवेदन की एक प्रति संबंधित अन्य अधिकारियों को भी प्रेषित की गई है।4