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सरकार की कार्यवाही का इंतजार नहीं तो आंदोलन को तैयारः पुर्ण चंद ठाकुर पधर (मंडी)। द्रंग के विधायक पुर्ण चंद ठाकुर ने कहा है कि नेशनल हाइवे मंडी पठानकोट के निर्माणाधीन फेज पांच नारला से बिजनी स्कोर अर्डा के दौरान प्रभावितों स्थानीय लोगों की समस्याओं के समाधान को लेकर उन्होंने विधानसभा में मामला उठाने को लेकर लिखित कार्यवाही की है। इस बारे में जिला प्रशासन और एनएचएआई ने क्या कार्यवाही की है। संतोषजनक जवाब सरकार की ओर से न आने के बाद वह स्वयं स्थानीय लोगों के साथ आंदोलन में शरीक होंगे। कुन्नू में पंजीकृत फोरलेन समन्वय समिति की बैठक को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि स्थानीय लोगों की समस्याओं के समाधान को उन्होंने पीएमओ के कार्यालय को भी लिखित शिकायत की है। बैठक की कार्यावाही करते हुए महासचिव महेंद्र सिंह गुलेरिया ने कहा कि निर्माणाधीन पैकेज में गंभीर अनियमितताएं हुई है। इस बारे में प्रभावितों ने समिति के माध्यम से समय समय पर एनएचएआई, निर्माण गावर कंपनी, स्थानीय प्रशासन के समक्ष समस्याएं रखी है जिन पर आज दिन तक न तो उचित कार्यवाही हुई है और न ही लोगों को न्याय मिल पाया है। कंपनी काम करने आती है लेकिन क्वालिटी लोगों को कतई पसंद नहीं। भुमि के सर्कल रेट सरकार द्वारा निर्धारित किए जाते हैं। 2015 में सर्कल रेट कम किए गए और भुमि अधिग्रहण की प्रक्रिया 2016 से शुरू की गई। लोगों को भुमि का मुआवजा न के बराबर दिया गया है। अधिग्रहण प्रक्रिया के दौरान पेड़ पौधों का लोगों को उचित मुआवजा नहीं दिया गया है। कई प्रभावितों के मकानों का आधे हिस्से का अधिग्रहण किया गया है। मुआवजा अधिग्रहण किए गए हिस्से का दिया गया जबकि लोगों के मकान तोड़ती बार बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। उन्होंने कहा कि टीसीपी अधिनियम के अनुसार मकानों के बचे हुए हिस्से की मुरम्मत भी नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा कि लोगों की तमाम समस्याएं सरकार, प्रशासन, एनएचएआई और गावर कंपनी के ध्यानार्थ लाई गई है जिनका कोई समाधान नहीं किया गया है। फोरलेन समन्वय समिति ने प्रशासन को अंतिम अभ्यावेदन जारी किया है। प्रशासन को दिए गए अल्टीमेटम का समय बीत गया है। अब स्थानीय लोग अपने हितों की पैरवी के लिए आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे। विधायक ने प्रभावितों से कहा कि विधानसभा सत्र के दौरान उठाए गए मुदों पर कार्यवाही का इंतजार करना होगा। लोगों की समस्याओं पर कोई गौर सरकार नहीं फरमाती तो वह भी प्रभावितों के साथ आंदोलन में शामिल होंगे। इस दौरान समन्वय समिति के अध्यक्ष चिंत राम ठाकुर, जिला परिषद सदस्य चंपा ठाकुर, पंचायत प्रधान शिल्पा देवी, पवन कुमार, प्रेम सिंह प्रीतू, शकुंतला देवी, पंचायत समिति सदस्य रूप लाल, हजारा सिंह सहित काफी संख्या में फोरलेन प्रभावित मौजूद रहे। सरकार की कार्यवाही का इंतजार नहीं तो आंदोलन को तैयारः पुर्ण चंद ठाकुर पधर (मंडी)। द्रंग के विधायक पुर्ण चंद ठाकुर ने कहा है कि नेशनल हाइवे मंडी पठानकोट के निर्माणाधीन फेज पांच नारला से बिजनी स्कोर अर्डा के दौरान प्रभावितों स्थानीय लोगों की समस्याओं के समाधान को लेकर उन्होंने विधानसभा में मामला उठाने को लेकर लिखित कार्यवाही की है। इस बारे में जिला प्रशासन और एनएचएआई ने क्या कार्यवाही की है। संतोषजनक जवाब सरकार की ओर से न आने के बाद वह स्वयं स्थानीय लोगों के साथ आंदोलन में शरीक होंगे। कुन्नू में पंजीकृत फोरलेन समन्वय समिति की बैठक को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि स्थानीय लोगों की समस्याओं के समाधान को उन्होंने पीएमओ के कार्यालय को भी लिखित शिकायत की है। बैठक की कार्यावाही करते हुए महासचिव महेंद्र सिंह गुलेरिया ने कहा कि निर्माणाधीन पैकेज में गंभीर अनियमितताएं हुई है। इस बारे में प्रभावितों ने समिति के माध्यम से समय समय पर एनएचएआई, निर्माण गावर कंपनी, स्थानीय प्रशासन के समक्ष समस्याएं रखी है जिन पर आज दिन तक न तो उचित कार्यवाही हुई है और न ही लोगों को न्याय मिल पाया है। कंपनी काम करने आती है लेकिन क्वालिटी लोगों को कतई पसंद नहीं। भुमि के सर्कल रेट सरकार द्वारा निर्धारित किए जाते हैं। 2015 में सर्कल रेट कम किए गए और भुमि अधिग्रहण की प्रक्रिया 2016 से शुरू की गई। लोगों को भुमि का मुआवजा न के बराबर दिया गया है। अधिग्रहण प्रक्रिया के दौरान पेड़ पौधों का लोगों को उचित मुआवजा नहीं दिया गया है। कई प्रभावितों के मकानों का आधे हिस्से का अधिग्रहण किया गया है। मुआवजा अधिग्रहण किए गए हिस्से का दिया गया जबकि लोगों के मकान तोड़ती बार बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। उन्होंने कहा कि टीसीपी अधिनियम के अनुसार मकानों के बचे हुए हिस्से की मुरम्मत भी नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा कि लोगों की तमाम समस्याएं सरकार, प्रशासन, एनएचएआई और गावर कंपनी के ध्यानार्थ लाई गई है जिनका कोई समाधान नहीं किया गया है। फोरलेन समन्वय समिति ने प्रशासन को अंतिम अभ्यावेदन जारी किया है। प्रशासन को दिए गए अल्टीमेटम का समय बीत गया है। अब स्थानीय लोग अपने हितों की पैरवी के लिए आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे। विधायक ने प्रभावितों से कहा कि विधानसभा सत्र के दौरान उठाए गए मुदों पर कार्यवाही का इंतजार करना होगा। लोगों की समस्याओं पर कोई गौर सरकार नहीं फरमाती तो वह भी प्रभावितों के साथ आंदोलन में शामिल होंगे। इस दौरान समन्वय समिति के अध्यक्ष चिंत राम ठाकुर, जिला परिषद सदस्य चंपा ठाकुर, पंचायत प्रधान शिल्पा देवी, पवन कुमार, प्रेम सिंह प्रीतू, शकुंतला देवी, पंचायत समिति सदस्य रूप लाल, हजारा सिंह सहित काफी संख्या में फोरलेन प्रभावित मौजूद रहे।

1 hr ago
user_ललित ठाकुर
ललित ठाकुर
Padhar, Mandi•
1 hr ago

सरकार की कार्यवाही का इंतजार नहीं तो आंदोलन को तैयारः पुर्ण चंद ठाकुर पधर (मंडी)। द्रंग के विधायक पुर्ण चंद ठाकुर ने कहा है कि नेशनल हाइवे मंडी पठानकोट के निर्माणाधीन फेज पांच नारला से बिजनी स्कोर अर्डा के दौरान प्रभावितों स्थानीय लोगों की समस्याओं के समाधान को लेकर उन्होंने विधानसभा में मामला उठाने को लेकर लिखित कार्यवाही की है। इस बारे में जिला प्रशासन और एनएचएआई ने क्या कार्यवाही की है। संतोषजनक जवाब सरकार की ओर से न आने के बाद वह स्वयं स्थानीय लोगों के साथ आंदोलन में शरीक होंगे। कुन्नू में पंजीकृत फोरलेन समन्वय समिति की बैठक को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि स्थानीय लोगों की समस्याओं के समाधान को उन्होंने पीएमओ के कार्यालय को भी लिखित शिकायत की है। बैठक की कार्यावाही करते हुए महासचिव महेंद्र सिंह गुलेरिया ने कहा कि निर्माणाधीन पैकेज में गंभीर अनियमितताएं हुई है। इस बारे में प्रभावितों ने समिति के माध्यम से समय समय पर एनएचएआई, निर्माण गावर कंपनी, स्थानीय प्रशासन के समक्ष समस्याएं रखी है जिन पर आज दिन तक न तो उचित कार्यवाही हुई है और न ही लोगों को न्याय मिल पाया है। कंपनी काम करने आती है लेकिन क्वालिटी लोगों को कतई पसंद नहीं। भुमि के सर्कल रेट सरकार द्वारा निर्धारित किए जाते हैं। 2015 में सर्कल रेट कम किए गए और भुमि अधिग्रहण की प्रक्रिया 2016 से शुरू की गई। लोगों को भुमि का मुआवजा न के बराबर दिया गया है। अधिग्रहण प्रक्रिया के दौरान पेड़ पौधों का लोगों को उचित मुआवजा नहीं दिया गया है। कई प्रभावितों के मकानों का आधे हिस्से का अधिग्रहण किया गया है। मुआवजा अधिग्रहण किए गए हिस्से का दिया गया जबकि लोगों के मकान तोड़ती बार बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। उन्होंने कहा कि टीसीपी अधिनियम के अनुसार मकानों के बचे हुए हिस्से की मुरम्मत भी नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा कि लोगों की तमाम समस्याएं सरकार, प्रशासन, एनएचएआई और गावर कंपनी के ध्यानार्थ लाई गई है जिनका कोई समाधान नहीं किया गया है। फोरलेन समन्वय समिति ने प्रशासन को अंतिम अभ्यावेदन जारी किया है। प्रशासन को दिए गए अल्टीमेटम का समय बीत गया है। अब स्थानीय लोग अपने हितों की पैरवी के लिए आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे। विधायक ने प्रभावितों से कहा कि विधानसभा सत्र के दौरान उठाए गए मुदों पर कार्यवाही का इंतजार करना होगा। लोगों की समस्याओं पर कोई गौर सरकार नहीं फरमाती तो वह भी प्रभावितों के साथ आंदोलन में शामिल होंगे। इस दौरान समन्वय समिति के अध्यक्ष चिंत राम ठाकुर, जिला परिषद सदस्य चंपा ठाकुर, पंचायत प्रधान शिल्पा देवी, पवन कुमार, प्रेम सिंह प्रीतू, शकुंतला देवी, पंचायत समिति सदस्य रूप लाल, हजारा सिंह सहित काफी संख्या में फोरलेन प्रभावित मौजूद रहे। सरकार की कार्यवाही का इंतजार नहीं तो आंदोलन को तैयारः पुर्ण चंद ठाकुर पधर (मंडी)। द्रंग के विधायक पुर्ण चंद ठाकुर ने कहा है कि नेशनल हाइवे मंडी पठानकोट के निर्माणाधीन फेज पांच नारला से बिजनी स्कोर अर्डा के दौरान प्रभावितों स्थानीय लोगों की समस्याओं के समाधान को लेकर उन्होंने विधानसभा में मामला उठाने को लेकर लिखित कार्यवाही की है। इस बारे में जिला प्रशासन और एनएचएआई ने क्या कार्यवाही की है। संतोषजनक जवाब सरकार की ओर से न आने के बाद वह स्वयं स्थानीय लोगों के साथ आंदोलन में शरीक होंगे। कुन्नू में पंजीकृत फोरलेन समन्वय समिति की बैठक को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि स्थानीय लोगों की समस्याओं के समाधान को उन्होंने पीएमओ के कार्यालय को भी लिखित शिकायत की है। बैठक की कार्यावाही करते हुए महासचिव महेंद्र सिंह गुलेरिया ने कहा कि निर्माणाधीन पैकेज में गंभीर अनियमितताएं हुई है। इस बारे में प्रभावितों ने समिति के माध्यम से समय समय पर एनएचएआई, निर्माण गावर कंपनी, स्थानीय प्रशासन के समक्ष समस्याएं रखी है जिन पर आज दिन तक न तो उचित कार्यवाही हुई है और न ही लोगों को न्याय मिल पाया है। कंपनी काम करने आती है लेकिन क्वालिटी लोगों को कतई पसंद नहीं। भुमि के सर्कल रेट सरकार द्वारा निर्धारित किए जाते हैं। 2015 में सर्कल रेट कम किए गए और भुमि अधिग्रहण की प्रक्रिया 2016 से शुरू की गई। लोगों को भुमि का मुआवजा न के बराबर दिया गया है। अधिग्रहण प्रक्रिया के दौरान पेड़ पौधों का लोगों को उचित मुआवजा नहीं दिया गया है। कई प्रभावितों के मकानों का आधे हिस्से का अधिग्रहण किया गया है। मुआवजा अधिग्रहण किए गए हिस्से का दिया गया जबकि लोगों के मकान तोड़ती बार बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। उन्होंने कहा कि टीसीपी अधिनियम के अनुसार मकानों के बचे हुए हिस्से की मुरम्मत भी नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा कि लोगों की तमाम समस्याएं सरकार, प्रशासन, एनएचएआई और गावर कंपनी के ध्यानार्थ लाई गई है जिनका कोई समाधान नहीं किया गया है। फोरलेन समन्वय समिति ने प्रशासन को अंतिम अभ्यावेदन जारी किया है। प्रशासन को दिए गए अल्टीमेटम का समय बीत गया है। अब स्थानीय लोग अपने हितों की पैरवी के लिए आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे। विधायक ने प्रभावितों से कहा कि विधानसभा सत्र के दौरान उठाए गए मुदों पर कार्यवाही का इंतजार करना होगा। लोगों की समस्याओं पर कोई गौर सरकार नहीं फरमाती तो वह भी प्रभावितों के साथ आंदोलन में शामिल होंगे। इस दौरान समन्वय समिति के अध्यक्ष चिंत राम ठाकुर, जिला परिषद सदस्य चंपा ठाकुर, पंचायत प्रधान शिल्पा देवी, पवन कुमार, प्रेम सिंह प्रीतू, शकुंतला देवी, पंचायत समिति सदस्य रूप लाल, हजारा सिंह सहित काफी संख्या में फोरलेन प्रभावित मौजूद रहे।

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  • हिमाचल प्रदेश के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक रूप से समृद्ध मलाणा गांव की यह स्थिति वाकई चिंताजनक है। दुनिया भर में अपनी अनूठी लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए जाने जाने वाले गांव के लोग अगर मूलभूत सुविधाओं जैसे कि सड़क और स्कूल जाने के रास्ते के लिए परेशान हों, तो यह शासन और स्थानीय प्रशासन की गंभीर अनदेखी को दर्शाता है। इस समस्या के प्रमुख बिंदु और आवश्यक कदम: * सड़क की दयनीय स्थिति: मानसून के दौरान सड़कों का नदी बन जाना न केवल आवाजाही को ठप करता है, बल्कि बच्चों की शिक्षा और आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं के लिए भी बेहद खतरनाक है। * प्रशासनिक उदासीनता: निवासियों द्वारा बार-बार उपायुक्त (DC) कुल्लू से गुहार लगाने के बावजूद कार्रवाई न होना स्थानीय प्रशासन की जवाबदेही पर सवाल उठाता है। * हाइड्रो प्रोजेक्ट कंपनियों की जिम्मेदारी: मलाणा क्षेत्र में काम कर रही बिजली और विकास परियोजनाओं (Hydro Projects) की यह सामाजिक जिम्मेदारी (CSR - Corporate Social Responsibility) बनती है कि वे स्थानीय बुनियादी ढांचे और रास्तों के रखरखाव में मदद करें। स्थानीय निवासियों के लिए आगे के प्रभावी कदम: * मुख्यमंत्री सेवा संकल्प हेल्पलाइन (1100): शिमला स्तर पर तुरंत मामला दर्ज कराने के लिए 1100 नंबर पर शिकायत दर्ज करें। यह शिकायत सीधे उच्च अधिकारियों की निगरानी में जाती है। * संयुक्त ज्ञापन (Memorandum) और मीडिया: गांव के लोग लोक निर्माण विभाग (PWD) के अधिशासी अभियंता (XEN) और स्थानीय विधायक को एक साथ ज्ञापन सौंपें। स्थानीय समाचार पत्रों और सोशल मीडिया के माध्यम से सड़कों के वीडियो साझा कर दबाव बनाएं। * CSR फंड के तहत मांग: प्रोजेक्ट कंपनियों को लिखित रूप में CSR फंड से रास्ते की तुरंत मरम्मत के लिए बाध्य करने हेतु DC कार्यालय के माध्यम से पत्र भिजवाएं। प्रशासन और प्रदेश सरकार को मलाणा के निवासियों और स्कूली बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए तुरंत प्रभाव से सड़कों की मरम्मत और नालियों की निकासी का कार्य शुरू करना चाहिए। हिमाचल प्रदेश के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक रूप से समृद्ध मलाणा गांव की यह स्थिति वाकई चिंताजनक है। दुनिया भर में अपनी अनूठी लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए जाने जाने वाले गांव के लोग अगर मूलभूत सुविधाओं जैसे कि सड़क और स्कूल जाने के रास्ते के लिए परेशान हों, तो यह शासन और स्थानीय प्रशासन की गंभीर अनदेखी को दर्शाता है। इस समस्या के प्रमुख बिंदु और आवश्यक कदम: * सड़क की दयनीय स्थिति: मानसून के दौरान सड़कों का नदी बन जाना न केवल आवाजाही को ठप करता है, बल्कि बच्चों की शिक्षा और आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं के लिए भी बेहद खतरनाक है। * प्रशासनिक उदासीनता: निवासियों द्वारा बार-बार उपायुक्त (DC) कुल्लू से गुहार लगाने के बावजूद कार्रवाई न होना स्थानीय प्रशासन की जवाबदेही पर सवाल उठाता है। * हाइड्रो प्रोजेक्ट कंपनियों की जिम्मेदारी: मलाणा क्षेत्र में काम कर रही बिजली और विकास परियोजनाओं (Hydro Projects) की यह सामाजिक जिम्मेदारी (CSR - Corporate Social Responsibility) बनती है कि वे स्थानीय बुनियादी ढांचे और रास्तों के रखरखाव में मदद करें। स्थानीय निवासियों के लिए आगे के प्रभावी कदम: * मुख्यमंत्री सेवा संकल्प हेल्पलाइन (1100): शिमला स्तर पर तुरंत मामला दर्ज कराने के लिए 1100 नंबर पर शिकायत दर्ज करें। यह शिकायत सीधे उच्च अधिकारियों की निगरानी में जाती है। * संयुक्त ज्ञापन (Memorandum) और मीडिया: गांव के लोग लोक निर्माण विभाग (PWD) के अधिशासी अभियंता (XEN) और स्थानीय विधायक को एक साथ ज्ञापन सौंपें। स्थानीय समाचार पत्रों और सोशल मीडिया के माध्यम से सड़कों के वीडियो साझा कर दबाव बनाएं। * CSR फंड के तहत मांग: प्रोजेक्ट कंपनियों को लिखित रूप में CSR फंड से रास्ते की तुरंत मरम्मत के लिए बाध्य करने हेतु DC कार्यालय के माध्यम से पत्र भिजवाएं। प्रशासन और प्रदेश सरकार को मलाणा के निवासियों और स्कूली बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए तुरंत प्रभाव से सड़कों की मरम्मत और नालियों की निकासी का कार्य शुरू करना चाहिए।
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    हिमाचल प्रदेश के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक रूप से समृद्ध मलाणा गांव की यह स्थिति वाकई चिंताजनक है। दुनिया भर में अपनी अनूठी लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए जाने जाने वाले गांव के लोग अगर मूलभूत सुविधाओं जैसे कि सड़क और स्कूल जाने के रास्ते के लिए परेशान हों, तो यह शासन और स्थानीय प्रशासन की गंभीर अनदेखी को दर्शाता है।
इस समस्या के प्रमुख बिंदु और आवश्यक कदम:
 * सड़क की दयनीय स्थिति: मानसून के दौरान सड़कों का नदी बन जाना न केवल आवाजाही को ठप करता है, बल्कि बच्चों की शिक्षा और आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं के लिए भी बेहद खतरनाक है।
 * प्रशासनिक उदासीनता: निवासियों द्वारा बार-बार उपायुक्त (DC) कुल्लू से गुहार लगाने के बावजूद कार्रवाई न होना स्थानीय प्रशासन की जवाबदेही पर सवाल उठाता है।
 * हाइड्रो प्रोजेक्ट कंपनियों की जिम्मेदारी: मलाणा क्षेत्र में काम कर रही बिजली और विकास परियोजनाओं (Hydro Projects) की यह सामाजिक जिम्मेदारी (CSR - Corporate Social Responsibility) बनती है कि वे स्थानीय बुनियादी ढांचे और रास्तों के रखरखाव में मदद करें।
स्थानीय निवासियों के लिए आगे के प्रभावी कदम:
 * मुख्यमंत्री सेवा संकल्प हेल्पलाइन (1100): शिमला स्तर पर तुरंत मामला दर्ज कराने के लिए 1100 नंबर पर शिकायत दर्ज करें। यह शिकायत सीधे उच्च अधिकारियों की निगरानी में जाती है।
 * संयुक्त ज्ञापन (Memorandum) और मीडिया: गांव के लोग लोक निर्माण विभाग (PWD) के अधिशासी अभियंता (XEN) और स्थानीय विधायक को एक साथ ज्ञापन सौंपें। स्थानीय समाचार पत्रों और सोशल मीडिया के माध्यम से सड़कों के वीडियो साझा कर दबाव बनाएं।
 * CSR फंड के तहत मांग: प्रोजेक्ट कंपनियों को लिखित रूप में CSR फंड से रास्ते की तुरंत मरम्मत के लिए बाध्य करने हेतु DC कार्यालय के माध्यम से पत्र भिजवाएं।
प्रशासन और प्रदेश सरकार को मलाणा के निवासियों और स्कूली बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए तुरंत प्रभाव से सड़कों की मरम्मत और नालियों की निकासी का कार्य शुरू करना चाहिए।
हिमाचल प्रदेश के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक रूप से समृद्ध मलाणा गांव की यह स्थिति वाकई चिंताजनक है। दुनिया भर में अपनी अनूठी लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए जाने जाने वाले गांव के लोग अगर मूलभूत सुविधाओं जैसे कि सड़क और स्कूल जाने के रास्ते के लिए परेशान हों, तो यह शासन और स्थानीय प्रशासन की गंभीर अनदेखी को दर्शाता है।
इस समस्या के प्रमुख बिंदु और आवश्यक कदम:
* सड़क की दयनीय स्थिति: मानसून के दौरान सड़कों का नदी बन जाना न केवल आवाजाही को ठप करता है, बल्कि बच्चों की शिक्षा और आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं के लिए भी बेहद खतरनाक है।
* प्रशासनिक उदासीनता: निवासियों द्वारा बार-बार उपायुक्त (DC) कुल्लू से गुहार लगाने के बावजूद कार्रवाई न होना स्थानीय प्रशासन की जवाबदेही पर सवाल उठाता है।
* हाइड्रो प्रोजेक्ट कंपनियों की जिम्मेदारी: मलाणा क्षेत्र में काम कर रही बिजली और विकास परियोजनाओं (Hydro Projects) की यह सामाजिक जिम्मेदारी (CSR - Corporate Social Responsibility) बनती है कि वे स्थानीय बुनियादी ढांचे और रास्तों के रखरखाव में मदद करें।
स्थानीय निवासियों के लिए आगे के प्रभावी कदम:
* मुख्यमंत्री सेवा संकल्प हेल्पलाइन (1100): शिमला स्तर पर तुरंत मामला दर्ज कराने के लिए 1100 नंबर पर शिकायत दर्ज करें। यह शिकायत सीधे उच्च अधिकारियों की निगरानी में जाती है।
* संयुक्त ज्ञापन (Memorandum) और मीडिया: गांव के लोग लोक निर्माण विभाग (PWD) के अधिशासी अभियंता (XEN) और स्थानीय विधायक को एक साथ ज्ञापन सौंपें। स्थानीय समाचार पत्रों और सोशल मीडिया के माध्यम से सड़कों के वीडियो साझा कर दबाव बनाएं।
* CSR फंड के तहत मांग: प्रोजेक्ट कंपनियों को लिखित रूप में CSR फंड से रास्ते की तुरंत मरम्मत के लिए बाध्य करने हेतु DC कार्यालय के माध्यम से पत्र भिजवाएं।
प्रशासन और प्रदेश सरकार को मलाणा के निवासियों और स्कूली बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए तुरंत प्रभाव से सड़कों की मरम्मत और नालियों की निकासी का कार्य शुरू करना चाहिए।
    user_Himachal Update 24 News
    Himachal Update 24 News
    Business Analyst कुल्लू, कुल्लू, हिमाचल प्रदेश•
    2 hrs ago
  • सैंज पार्वती-2 पावर हाउस के पीछे जल रिसाव से हड़कंप, पंचायत प्रधान टेक सिंह ने मौके पर लिया जायजा, रिपोर्ट -बुद्धि सिंह ठाकुर। एनएचपीसी (NHPC) की पार्वती-2 जल विद्युत परियोजना के पावर हाउस सियूंड (सैंज) के ठीक पीछे पहाड़ी से अचानक भारी मात्रा में पानी का रिसाव होने से क्षेत्र में दहशत का माहौल है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए रैला पंचायत के प्रधान टेक सिंह ठाकुर और पंचायत समिति सदस्य रीटा देवी ने स्थानीय ग्रामीणों के साथ तुरंत मौके पर पहुंचकर प्रभावित क्षेत्र का विस्तृत निरीक्षण किया। ​मौके का जायजा लेने के बाद प्रधान टेक सिंह ठाकुर ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि पहाड़ी से पानी का बहाव बेहद तेज है, जिससे रैला, रूमरा, जीवा, शुलगा और वागीधार गांवों पर भूस्खलन का बड़ा खतरा मंडरा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ग्रामीणों की सुरक्षा को खतरे में डालकर परियोजना का संचालन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने प्रशासन से तुरंत भू-वैज्ञानिक जांच करवाने तथा परियोजना प्रबंधन से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने की मांग की है।
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    सैंज पार्वती-2 पावर हाउस के पीछे जल रिसाव से हड़कंप, पंचायत प्रधान टेक सिंह ने मौके पर लिया जायजा, 
रिपोर्ट -बुद्धि सिंह ठाकुर।
एनएचपीसी (NHPC) की पार्वती-2 जल विद्युत परियोजना के पावर हाउस सियूंड (सैंज) के ठीक पीछे पहाड़ी से अचानक भारी मात्रा में पानी का रिसाव होने से क्षेत्र में दहशत का माहौल है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए रैला पंचायत के प्रधान टेक सिंह ठाकुर और पंचायत समिति सदस्य रीटा देवी ने स्थानीय ग्रामीणों के साथ तुरंत मौके पर पहुंचकर प्रभावित क्षेत्र का विस्तृत निरीक्षण किया।
​मौके का जायजा लेने के बाद प्रधान टेक सिंह ठाकुर ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि पहाड़ी से पानी का बहाव बेहद तेज है, जिससे रैला, रूमरा, जीवा, शुलगा और वागीधार गांवों पर भूस्खलन का बड़ा खतरा मंडरा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ग्रामीणों की सुरक्षा को खतरे में डालकर परियोजना का संचालन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने प्रशासन से तुरंत भू-वैज्ञानिक जांच करवाने तथा परियोजना प्रबंधन से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने की मांग की है।
    user_Budhi Singh Thakur
    Budhi Singh Thakur
    Local News Reporter Sainj, Kullu•
    5 hrs ago
  • सत्ता के दबाव से आवाज नहीं दबेगी—सच के लिए संघर्ष जारी रहेगा। सरकार द्वारा एक राज्य में 2 कानून नहीं चलेंगे। सुजानपुर : सुजानपुर पूर्व विधायक राजिंदर राणा की अगुवाई में आज सुजानपुर में सत्ता पक्ष द्वारा भाजपा नेताओं के खिलाफ दर्ज की जा रही कथित झूठी एफआईआर और सच की आवाज को दबाने के प्रयास के विरोध में प्रदर्शन किया। राणा ने कहा कि अगर भाजपा नेताओं के सवालों पर 12 घंटे में प्रदेश सरकार मुकद्दमा दर्ज कर सकती है तो 48 घंटे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को गाली देने वालों पर क्यों नहीं?
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    सत्ता के दबाव से आवाज नहीं दबेगी—सच के लिए संघर्ष जारी रहेगा।
सरकार द्वारा एक राज्य में 2 कानून नहीं चलेंगे।
सुजानपुर :
सुजानपुर पूर्व विधायक राजिंदर राणा की अगुवाई में आज सुजानपुर में सत्ता पक्ष द्वारा भाजपा नेताओं के खिलाफ दर्ज की जा रही कथित झूठी एफआईआर और सच की आवाज को दबाने के प्रयास के विरोध में प्रदर्शन किया।
राणा ने कहा कि अगर भाजपा नेताओं के सवालों पर 12 घंटे में प्रदेश सरकार मुकद्दमा दर्ज कर सकती है तो 48 घंटे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को गाली देने वालों पर क्यों नहीं?
    user_Ranjna Kumari
    Ranjna Kumari
    टीरा सुजानपुर, हमीरपुर, हिमाचल प्रदेश•
    10 hrs ago
  • समर्थकों के साथ सुजानपुर थाना पहुंचे प्रदेश प्रवक्ता व पूर्व विधायक राजेंद्र राणा, बोले पुलिस जब तक चाहे रख मुझे जेल में बेल भी नहीं लूंगा, प्रधानमंत्री के खिलाफ अभद्र भाषा बोलने वालों के खिलाफ 48 घंटे बाद भी दर्ज नहीं हुई एफआईआर, एक प्रदेश में दो संविधान मंजूर नहीं, मुख्यमंत्री के राजनीतिक सलाहकार सहित तीन लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग, रैली निकाल कर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी हमीरपुर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ कांग्रेस के धरना प्रदर्शनों के दौरान इस्तेमाल की गई अभद्र भाषा और उन्हें गालियां देने के मामले में एफआईआर दर्ज न करने के मामले को लेकर बुधवार को भाजपा प्रदेश प्रवक्ता व पूर्व विधायक राजेंद्र राणा अपने समर्थकों और कार्यकर्ताओं के साथ सुजानपुर पुलिस थाना पहुंचे और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की । राणा ने कहा कि पुलिस ने उनके ऊपर एफआईआर दर्ज की है इसलिए वह गिरफ्तार होने को तैयार है और पुलिस का पूरा सहयोग करने के अलावा कोर्ट से बेल न लेने की बात की । इससे पहले भाजपा कार्यकर्ताओं ने पार्टी ऑफिस से लेकर सुजानपुर पुलिस थाना तक रैली निकाली और प्रदर्शन किया भाजपा का आरोप है कि भाजपा की शिकायत में जिन तीन लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के लिए 48 घंटे के बावजूद उन पर अब तक मामला दर्ज क्यों नहीं हुआ है। उन्होंने चेतावनी दी कि पुलिस ने अगर एक सप्ताह के अंदर मुख्यमंत्री के राजनीतिक सलाहकार सुनील बिट्टू, प्रदेश नशा निवारण बोर्ड के संयोजक नरेश ठाकुर और जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुमन भारती के खिलाफ मामला दर्ज नहीं किया तो पहले एसपी हमीरपुर के पास धरना प्रदर्शन किया जाएगा उसके बाद प्रदेश के पुलिस महानिदेशक को और अगर वहां पर भी उनकी बात को नहीं सुना गया तो फिर कोर्ट के माध्यम से तीनो लोगों के खिलाफ मामला दर्ज करवाया जाएगा। राजेंद्र राणा ने कहा कि कांग्रेस के प्रायोजित धरना प्रदर्शन में देश के प्रधानमंत्री के खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया जा रहा है इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रदेश की कांग्रेस सरकार एक के बाद एक भाजपा नेताओं के खिलाफ मामले दर्ज करने में लगी हुई है उनके खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया है । पुलिस उन्हें पकड़कर जेल में डाल दे वह बेल भी नहीं लेंगे जब तक चाहे जेल में रख सकते हैं । राणा ने कहा कि उनकी किसी से व्यक्तिगत लड़ाई नहीं है वह प्रदेश की जनता के लिए इस बलिदान को देने के लिए भी तैयार हैं। राणा ने कहा कि देश के संविधान ने हर व्यक्ति को फ्रीडम ऑफ स्पीच का अधिकार दिया है लेकिन कांग्रेस सरकार इस अधिकार को छीन ने में लगी हुई है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को अगर अगला चुनाव जीतना है तो वह भाजपा के सभी नेताओं को जेल में डाल दे अपने आप कांग्रेस चुनाव जीत जाएगी। राणा ने कहा कि उन पर 12 घंटे के अंदर एफआईआर दर्ज कर दी गई उन पर संगीन आरोप लगाए गए कि उन्होंने सरकार से जनता हित के सवाल क्यों पूछे सवालों का जवाब तो नहीं मिला उल्टा उनके खिलाफ मामला दर्ज कर दिया गया
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    समर्थकों के साथ सुजानपुर थाना पहुंचे प्रदेश प्रवक्ता व पूर्व विधायक राजेंद्र राणा, बोले पुलिस जब तक चाहे रख मुझे जेल में बेल भी नहीं लूंगा, प्रधानमंत्री के खिलाफ अभद्र भाषा बोलने वालों के खिलाफ 48 घंटे बाद भी दर्ज नहीं हुई एफआईआर, एक प्रदेश में दो संविधान मंजूर नहीं, मुख्यमंत्री के राजनीतिक सलाहकार सहित तीन लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग, रैली निकाल कर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी

हमीरपुर
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ कांग्रेस के धरना प्रदर्शनों के दौरान इस्तेमाल की गई अभद्र भाषा और उन्हें गालियां देने के मामले में एफआईआर दर्ज न करने के मामले को लेकर बुधवार को भाजपा प्रदेश प्रवक्ता व पूर्व विधायक राजेंद्र राणा अपने समर्थकों और कार्यकर्ताओं के साथ सुजानपुर पुलिस थाना पहुंचे और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की । राणा ने कहा कि पुलिस ने उनके ऊपर एफआईआर दर्ज की है इसलिए वह गिरफ्तार होने को तैयार है और पुलिस का पूरा सहयोग करने के अलावा कोर्ट से बेल न लेने की बात की । इससे पहले भाजपा कार्यकर्ताओं ने पार्टी ऑफिस से लेकर सुजानपुर पुलिस थाना तक रैली निकाली और प्रदर्शन किया
भाजपा का आरोप है कि भाजपा की शिकायत में जिन तीन लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के लिए 48 घंटे के बावजूद उन पर अब तक मामला दर्ज क्यों नहीं हुआ है। उन्होंने चेतावनी दी कि पुलिस ने अगर एक सप्ताह के अंदर मुख्यमंत्री के राजनीतिक सलाहकार सुनील बिट्टू, प्रदेश नशा निवारण बोर्ड के संयोजक नरेश ठाकुर और जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुमन भारती के खिलाफ मामला दर्ज नहीं किया तो पहले एसपी हमीरपुर के पास धरना प्रदर्शन किया जाएगा उसके बाद प्रदेश के पुलिस महानिदेशक को और अगर वहां पर भी उनकी बात को नहीं सुना गया तो फिर कोर्ट के माध्यम से तीनो लोगों के खिलाफ मामला दर्ज करवाया जाएगा।
राजेंद्र राणा ने कहा कि कांग्रेस के प्रायोजित धरना प्रदर्शन में देश के प्रधानमंत्री के खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया जा रहा है इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रदेश की कांग्रेस सरकार एक के बाद एक भाजपा नेताओं के खिलाफ मामले दर्ज करने में लगी हुई है उनके खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया है । पुलिस उन्हें पकड़कर जेल में डाल दे वह बेल भी नहीं लेंगे जब तक चाहे जेल में रख सकते हैं । राणा ने कहा कि उनकी किसी से व्यक्तिगत लड़ाई नहीं है वह प्रदेश की जनता के लिए इस बलिदान को देने के लिए भी तैयार हैं।
राणा ने कहा कि देश के संविधान ने हर व्यक्ति को फ्रीडम ऑफ स्पीच का अधिकार दिया है लेकिन कांग्रेस सरकार इस अधिकार को छीन ने में लगी हुई है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को अगर अगला चुनाव जीतना है तो वह भाजपा के सभी नेताओं को जेल में डाल दे अपने आप कांग्रेस चुनाव जीत जाएगी।
राणा ने कहा कि उन पर 12 घंटे के अंदर एफआईआर दर्ज कर दी गई उन पर संगीन आरोप लगाए गए कि उन्होंने सरकार से जनता हित के सवाल क्यों पूछे सवालों का जवाब तो नहीं मिला उल्टा उनके खिलाफ मामला दर्ज कर दिया गया
    user_खबरी लाल
    खबरी लाल
    रिपोर्टर हमीरपुर, हमीरपुर, हिमाचल प्रदेश•
    8 hrs ago
  • भदोल गांव से काशी तक गौरव की गाथा—सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति को राष्ट्रीय स्तर पर मिला विशिष्ट सम्मान* *एनसीसी के गार्ड ऑफ *बिलासपुर की माटी के लाल प्रो. बिहारी लाल शर्मा को एनसीसी की मानद ‘कर्नल’ रैंक* *भदोल गांव से काशी तक गौरव की गाथा—सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति को राष्ट्रीय स्तर पर मिला विशिष्ट सम्मान* *एनसीसी के गार्ड ऑफ ऑनर से हुआ अभिनन्दन; शिक्षा, अनुशासन, संस्कार और राष्ट्रसेवा के प्रति समर्पण का सम्मान* बिलासपुर/झंडूत्ता/वाराणसी, 12 अगस्त। बिलासपुर की पावन धरती ने एक बार फिर हिमाचल प्रदेश का गौरव राष्ट्रीय पटल पर प्रतिष्ठित किया है। जिला बिलासपुर की तहसील झण्डूत्ता के ग्राम पंचायत रोहल के भदोल गांव में जन्मे और हिमाचल की संस्कारभूमि से निकलकर देश की प्राच्यविद्या एवं संस्कृत शिक्षा के क्षेत्र में विशिष्ट पहचान बनाने वाले *प्रो. बिहारी लाल शर्मा, कुलपति, सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय, वाराणसी** को राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) की प्रतिष्ठित *मानद ‘कर्नल’ रैंक* से अलंकृत किया गया है। यह सम्मान केवल प्रो. बिहारी लाल शर्मा की व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि भदोल गांव, रोहल पंचायत, झण्डूत्ता क्षेत्र, जिला बिलासपुर और समूचे हिमाचल प्रदेश के लिए गौरव का विषय बन गया है। एक छोटे से हिमाचली गांव से अपनी जीवन-यात्रा आरम्भ कर देश के प्रतिष्ठित संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति पद तक पहुंचने और अब एनसीसी की मानद कर्नल रैंक से सम्मानित होने की उनकी उपलब्धि ने हिमाचल की प्रतिभा, संस्कार और कर्मनिष्ठा को एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर रेखांकित किया है। राष्ट्रीय कैडेट कोर, ग्रुप मुख्यालय वाराणसी ‘बी’ द्वारा बुधवार को सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय के ऐतिहासिक मुख्य भवन में आयोजित गरिमामय सम्मान एवं अलंकरण समारोह में ग्रुप कैप्टन विकास कुमार पांजियार ने प्रो. बिहारी लाल शर्मा को मानद कर्नल रैंक प्रदान की। सम्मान के उपरान्त एनसीसी कैडेट्स ने उन्हें भव्य *गार्ड ऑफ ऑनर* प्रदान कर सैन्य परम्परा के अनुरूप अभिनंदन किया। *भदोल की धरती से निकली प्रतिभा ने काशी में रचा नया अध्याय* प्रो. बिहारी लाल शर्मा का जन्म जिला बिलासपुर, तहसील झण्डूत्ता, ग्राम पंचायत रोहल के भदोल गांव में हुआ। उनकी प्रारम्भिक शिक्षा प्राथमिक विद्यालय ज्योरा से हुई और इसके बाद उन्होंने झण्ड़ूता राजकीय हाईस्कूल से मैट्रिक की शिक्षा प्राप्त की। हिमाचल की शान्त, सरल और संस्कारसमृद्ध ग्रामीण पृष्ठभूमि से निकलकर प्रो. शर्मा ने संस्कृत, ज्योतिष और भारतीय ज्ञान-परम्परा के क्षेत्र में उच्च शिक्षा एवं शोध की यात्रा आगे बढ़ाई। उनकी अकादमिक यात्रा उन्हें राष्ट्रीय स्तर के प्रतिष्ठित संस्थानों तक ले गई और उन्होंने दीर्घकालीन अध्यापन, शोध एवं शैक्षणिक-प्रशासनिक दायित्वों का निर्वहन किया। वर्ष 2023 में उत्तर प्रदेश की राज्यपाल एवं कुलाधिपति द्वारा उन्हें सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय, वाराणसी का कुलपति नियुक्त किया गया। उन्होंने 22 अगस्त 2023 को कुलपति पद का कार्यभार ग्रहण किया। आज काशी जैसे विश्वविख्यात आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक नगर में स्थित देश की प्रतिष्ठित संस्कृत शिक्षण संस्था का नेतृत्व करना और उसी अवधि में एनसीसी की *मानद कर्नल रैंक* से सम्मानित होना उनके शैक्षणिक नेतृत्व और राष्ट्रनिष्ठ दृष्टिकोण की विशिष्ट स्वीकृति के रूप में देखा जा रहा है। ‘*भदोल से काशी तक’—हिमाचल की संस्कारभूमि का राष्ट्रीय सम्मान* प्रो. बिहारी लाल शर्मा की उपलब्धि की सबसे विशेष बात यह है कि उनकी जीवन-यात्रा हिमाचल प्रदेश के एक छोटे से गांव से आरम्भ होकर देश की सांस्कृतिक राजधानी काशी तक पहुंची है। भदोल की माटी में प्रारम्भिक संस्कार प्राप्त करने वाले प्रो. शर्मा ने अपनी प्रतिभा, परिश्रम, अध्ययनशीलता और कर्मनिष्ठा के बल पर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी विशिष्ट पहचान बनाई। अब एनसीसी की मानद कर्नल रैंक से अलंकृत होना इस गौरवगाथा में एक और महत्वपूर्ण अध्याय जुड़ने जैसा है। ‘*यह सम्मान मेरा नहीं, विश्वविद्यालय की सामूहिक साधना का गौरव है*’ मानद कर्नल रैंक प्रदान किए जाने के अवसर पर भावुक एवं विनम्र स्वर में प्रो. बिहारी लाल शर्मा ने एनसीसी ग्रुप मुख्यालय, वाराणसी ‘बी’ के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए कहा कि यह सम्मान उनके लिए अत्यन्त गौरव और आत्मविभोर करने वाला क्षण है। उन्होंने कहा— “*यह सम्मान मेरा व्यक्तिगत सम्मान नहीं, बल्कि सम्पूर्ण विश्वविद्यालय परिवार की सामूहिक साधना, आचार्यों की तपःपूत परम्परा, विद्यार्थियों की प्रतिभा एवं परिश्रम तथा अधिकारियों-कर्मचारियों के समर्पण का गौरव है*।” उन्होंने कहा कि *मानद कर्नल की यह रैंक उनके लिए केवल एक सम्मान अथवा अलंकरण नहीं, बल्कि अनुशासन, राष्ट्रसेवा, कर्तव्यनिष्ठा और सामाजिक उत्तरदायित्व के प्रति एक नवीन संकल्प है*। उन्होंने बाबा विश्वनाथ के श्रीचरणों में प्रार्थना करते हुए कहा कि इस दायित्व का निर्वहन पूरी निष्ठा, गरिमा और समर्पण के साथ करने की शक्ति प्राप्त हो। *युवाओं में संस्कार और राष्ट्रनिष्ठा का निर्माण शिक्षा का मूल उद्देश्य* प्रो. शर्मा ने कहा कि युवा किसी भी राष्ट्र की सबसे बड़ी शक्ति और सबसे मूल्यवान पूंजी हैं। शिक्षा का उद्देश्य केवल पुस्तकीय ज्ञान अथवा उपाधि प्राप्त करना नहीं, बल्कि ज्ञान के साथ चरित्र, अनुशासन, संस्कार, आत्मविश्वास, सेवा-भाव और राष्ट्रनिष्ठा का निर्माण करना भी है। उन्होंने कहा कि एनसीसी युवाओं के व्यक्तित्व एवं चरित्र निर्माण तथा उन्हें राष्ट्रसेवा के लिए तैयार करने का अत्यन्त प्रभावी माध्यम है। उन्होंने सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय की समृद्ध भारतीय ज्ञान-परम्परा और एनसीसी की अनुशासन, सेवा एवं राष्ट्रभक्ति की भावना के समन्वय को विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए अत्यंत उपयोगी बताया। उन्होंने कहा कि भारतीय ज्ञान-परम्परा केवल अतीत की विरासत नहीं, बल्कि वर्तमान को दिशा और भविष्य को दृष्टि देने वाली जीवनदृष्टि है। युवाओं को अपनी संस्कृति, परम्परा और गौरवशाली विरासत से जोड़ते हुए उनमें आधुनिक ज्ञान, वैज्ञानिक दृष्टि, अनुशासन और राष्ट्रसेवा का भाव विकसित करना समय की आवश्यकता है। *एनसीसी ग्रुप कैपटन ने कहा—अनुशासन और राष्ट्रसेवा के प्रति प्रतिबद्धता का सम्मान* एनसीसी ग्रुप मुख्यालय, वाराणसी ‘बी’ के ग्रुप कैप्टन विकास कुमार पांजियार ने प्रो. शर्मा को मानद कर्नल रैंक प्रदान करते हुए कहा कि यह सम्मान उनके नेतृत्व, अनुशासन, राष्ट्रसेवा के प्रति समर्पण और युवाओं के व्यक्तित्व-निर्माण के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का अभिनन्दन है। उन्होंने कहा कि एनसीसी केवल सैन्य प्रशिक्षण का माध्यम नहीं है। इसका व्यापक उद्देश्य युवाओं में नेतृत्व क्षमता, अनुशासन, आत्मविश्वास, सेवा-भाव, कर्तव्यबोध और राष्ट्र के प्रति उत्तरदायित्व की भावना विकसित करना है। *गार्ड ऑफ ऑनर से बढ़ी समारोह की गरिमा* मानद कर्नल रैंक प्रदान किए जाने के बाद एनसीसी कैडेट्स द्वारा प्रो. बिहारी लाल शर्मा को भव्य गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। अनुशासित कदमताल, सैन्य परम्परा और राष्ट्रभक्ति से ओतप्रोत वातावरण ने समारोह को विशेष गरिमा प्रदान की। समारोह का प्रारम्भ वैदिक मन्त्रोच्चार एवं मंगलाचरण से हुआ। इसके बाद दीपप्रज्ज्वलन, रैंक प्रदान, स्वस्तिवाचन तथा विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियां हुईं। लोकनृत्य और लोकगीत की प्रस्तुतियों ने समारोह में भारतीय संस्कृति की जीवंत छटा प्रस्तुत की। *शिक्षा और सैन्य अनुशासन का अद्भुत संगम* प्रो. बिहारी लाल शर्मा को प्रदान की गई मानद कर्नल रैंक का महत्व इस दृष्टि से भी विशेष है कि सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय भारतीय ज्ञान-परम्परा, संस्कृत, दर्शन और संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन की प्रतिष्ठित संस्था है, जबकि एनसीसी युवाओं में अनुशासन, नेतृत्व, सेवा और राष्ट्रनिष्ठा के संस्कार विकसित करने वाली राष्ट्रीय संस्था है। इन दोनों धाराओं का समन्वय युवा पीढ़ी के सर्वांगीण विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा सकता है। प्रो. शर्मा ने विश्वविद्यालय में एनसीसी की गतिविधियों को और अधिक सशक्त एवं प्रभावी बनाने के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की है। *हिमाचल के युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत* प्रो. बिहारी लाल शर्मा की उपलब्धि हिमाचल प्रदेश के युवाओं के लिए भी प्रेरणादायी संदेश लेकर आई है। भदोल जैसे ग्रामीण परिवेश से प्रारम्भ हुई उनकी यात्रा यह प्रमाणित करती है कि प्रतिभा को यदि परिश्रम, संस्कार, अनुशासन और लक्ष्यबद्ध साधना का आधार मिल जाए तो भौगोलिक सीमाएं उसके मार्ग में बाधा नहीं बन सकतीं। बिलासपुर जिले के झण्डूत्ता क्षेत्र के भदोल गांव से निकलकर काशी की प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्था के कुलपति पद तक पहुंचना और अब राष्ट्रीय कैडेट कोर की मानद कर्नल रैंक प्राप्त करना निश्चय ही उनके जन्मस्थान और समूचे हिमाचल के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि है। यह उपलब्धि उस हिमाचली जीवन-मूल्य को भी रेखांकित करती है जिसमें सरलता, संस्कार, परिश्रम, अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा को जीवन की आधारशिला माना जाता है। *प्रमुख शिक्षाविद् एवं सैन्य अधिकारी रहे उपस्थित* समारोह में महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के कुलपति प्रो. आनन्द कुमार त्यागी, केंद्रीय उच्च तिब्बती शिक्षा संस्थान, सारनाथ के कुलपति प्रो. (डॉ.) वांगचुक दोरजे नेगी, आईयूसीटीई के निदेशक प्रो. प्रेम नारायण सिंह, एनसीसी ग्रुप मुख्यालय, वाराणसी ‘बी’ के ग्रुप कमांडर ग्रुप कैप्टन विकास कुमार पांजियार, 97 उत्तर प्रदेश बटालियन एनसीसी के कमान अधिकारी लेफ्टिनेंट कर्नल प्रकरण वर्मा, 100 उत्तर प्रदेश बटालियन एनसीसी के कमान अधिकारी लेफ्टिनेंट कर्नल राकेश रौशन, प्रशासनिक अधिकारी लेफ्टिनेंट कर्नल संजेश राय सहित विश्वविद्यालय के शिक्षकगण, अधिकारीगण, एनसीसी कैडेट्स तथा अन्य गणमान्यजन उपस्थित रहे। *भदोल से काशी तक—बिलासपुर के लिए गर्व का क्षण* प्रो. बिहारी लाल शर्मा को मिली एनसीसी की मानद ‘कर्नल’ रैंक को बिलासपुर जिले के लिए केवल एक सम्मान के रूप में नहीं, बल्कि अपनी माटी से निकली प्रतिभा के राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित होने के गौरवपूर्ण अवसर के रूप में देखा जा रहा है। जिस भदोल-ज्योरा गांव में उनकी जीवन-यात्रा की पहली पाठशाला आरम्भ हुई, वहीं से निकली प्रतिभा आज काशी में भारतीय ज्ञान-परम्परा की प्रतिष्ठित संस्था का नेतृत्व कर रही है और राष्ट्र के युवा-चरित्र निर्माण से जुड़ी राष्ट्रीय संस्था एनसीसी की मानद कर्नल रैंक से सम्मानित हुई है। भदोल की माटी से काशी की गरिमा तक प्रो. बिहारी लाल शर्मा की यह यात्रा न केवल उनके व्यक्तिगत पुरुषार्थ की कहानी है, बल्कि यह बिलासपुर की धरती, झंडूत्ता क्षेत्र और हिमाचल प्रदेश की प्रतिभा, संस्कार और सामर्थ्य की भी गौरवगाथा है।
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    भदोल गांव से काशी तक गौरव की गाथा—सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति को राष्ट्रीय स्तर पर मिला विशिष्ट सम्मान*

*एनसीसी के गार्ड ऑफ
*बिलासपुर की माटी के लाल प्रो. बिहारी लाल शर्मा को एनसीसी की मानद ‘कर्नल’ रैंक*
*भदोल गांव से काशी तक गौरव की गाथा—सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति को राष्ट्रीय स्तर पर मिला विशिष्ट सम्मान*
*एनसीसी के गार्ड ऑफ ऑनर से हुआ अभिनन्दन; शिक्षा, अनुशासन, संस्कार और राष्ट्रसेवा के प्रति समर्पण का सम्मान*
बिलासपुर/झंडूत्ता/वाराणसी, 12 अगस्त।
बिलासपुर की पावन धरती ने एक बार फिर हिमाचल प्रदेश का गौरव राष्ट्रीय पटल पर प्रतिष्ठित किया है। जिला बिलासपुर की तहसील झण्डूत्ता के ग्राम पंचायत रोहल के भदोल गांव में जन्मे और हिमाचल की संस्कारभूमि से निकलकर देश की प्राच्यविद्या एवं संस्कृत शिक्षा के क्षेत्र में विशिष्ट पहचान बनाने वाले *प्रो. बिहारी लाल शर्मा, कुलपति, सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय, वाराणसी** को राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) की प्रतिष्ठित *मानद ‘कर्नल’ रैंक* से अलंकृत किया गया है।
यह सम्मान केवल प्रो. बिहारी लाल शर्मा की व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि भदोल गांव, रोहल पंचायत, झण्डूत्ता क्षेत्र, जिला बिलासपुर और समूचे हिमाचल प्रदेश के लिए गौरव का विषय बन गया है। एक छोटे से हिमाचली गांव से अपनी जीवन-यात्रा आरम्भ कर देश के प्रतिष्ठित संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति पद तक पहुंचने और अब एनसीसी की मानद कर्नल रैंक से सम्मानित होने की उनकी उपलब्धि ने हिमाचल की प्रतिभा, संस्कार और कर्मनिष्ठा को एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर रेखांकित किया है।
राष्ट्रीय कैडेट कोर, ग्रुप मुख्यालय वाराणसी ‘बी’ द्वारा बुधवार को सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय के ऐतिहासिक मुख्य भवन में आयोजित गरिमामय सम्मान एवं अलंकरण समारोह में ग्रुप कैप्टन विकास कुमार पांजियार ने प्रो. बिहारी लाल शर्मा को मानद कर्नल रैंक प्रदान की। सम्मान के उपरान्त एनसीसी कैडेट्स ने उन्हें भव्य *गार्ड ऑफ ऑनर* प्रदान कर सैन्य परम्परा के अनुरूप अभिनंदन किया।
*भदोल की धरती से निकली प्रतिभा ने काशी में रचा नया अध्याय*
प्रो. बिहारी लाल शर्मा का जन्म जिला बिलासपुर, तहसील झण्डूत्ता, ग्राम पंचायत रोहल के भदोल गांव में हुआ। उनकी प्रारम्भिक शिक्षा  प्राथमिक विद्यालय ज्योरा से हुई और इसके बाद उन्होंने झण्ड़ूता राजकीय हाईस्कूल से मैट्रिक की शिक्षा प्राप्त की। 
हिमाचल की शान्त, सरल और संस्कारसमृद्ध ग्रामीण पृष्ठभूमि से निकलकर प्रो. शर्मा ने संस्कृत, ज्योतिष और भारतीय ज्ञान-परम्परा के क्षेत्र में उच्च शिक्षा एवं शोध की यात्रा आगे बढ़ाई। उनकी अकादमिक यात्रा उन्हें राष्ट्रीय स्तर के प्रतिष्ठित संस्थानों तक ले गई और उन्होंने दीर्घकालीन अध्यापन, शोध एवं शैक्षणिक-प्रशासनिक दायित्वों का निर्वहन किया।
वर्ष 2023 में उत्तर प्रदेश की राज्यपाल एवं कुलाधिपति द्वारा उन्हें सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय, वाराणसी का कुलपति नियुक्त किया गया। उन्होंने 22 अगस्त 2023 को कुलपति पद का कार्यभार ग्रहण किया।
आज काशी जैसे विश्वविख्यात आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक नगर में स्थित देश की प्रतिष्ठित संस्कृत शिक्षण संस्था का नेतृत्व करना और उसी अवधि में एनसीसी की *मानद कर्नल रैंक* से सम्मानित होना उनके शैक्षणिक नेतृत्व और राष्ट्रनिष्ठ दृष्टिकोण की विशिष्ट स्वीकृति के रूप में देखा जा रहा है।
‘*भदोल से काशी तक’—हिमाचल की संस्कारभूमि का राष्ट्रीय सम्मान*
प्रो. बिहारी लाल शर्मा की उपलब्धि की सबसे विशेष बात यह है कि उनकी जीवन-यात्रा हिमाचल प्रदेश के एक छोटे से गांव से आरम्भ होकर देश की सांस्कृतिक राजधानी काशी तक पहुंची है।
भदोल की माटी में प्रारम्भिक संस्कार प्राप्त करने वाले प्रो. शर्मा ने अपनी प्रतिभा, परिश्रम, अध्ययनशीलता और कर्मनिष्ठा के बल पर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी विशिष्ट पहचान बनाई। 
अब एनसीसी की मानद कर्नल रैंक से अलंकृत होना इस गौरवगाथा में एक और महत्वपूर्ण अध्याय जुड़ने जैसा है।
‘*यह सम्मान मेरा नहीं, विश्वविद्यालय की सामूहिक साधना का गौरव है*’
मानद कर्नल रैंक प्रदान किए जाने के अवसर पर भावुक एवं विनम्र स्वर में प्रो. बिहारी लाल शर्मा ने एनसीसी ग्रुप मुख्यालय, वाराणसी ‘बी’ के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए कहा कि यह सम्मान उनके लिए अत्यन्त गौरव और आत्मविभोर करने वाला क्षण है।
उन्होंने कहा—
“*यह सम्मान मेरा व्यक्तिगत सम्मान नहीं, बल्कि सम्पूर्ण विश्वविद्यालय परिवार की सामूहिक साधना, आचार्यों की तपःपूत परम्परा, विद्यार्थियों की प्रतिभा एवं परिश्रम तथा अधिकारियों-कर्मचारियों के समर्पण का गौरव है*।”
उन्होंने कहा कि *मानद कर्नल की यह रैंक उनके लिए केवल एक सम्मान अथवा अलंकरण नहीं, बल्कि अनुशासन, राष्ट्रसेवा, कर्तव्यनिष्ठा और सामाजिक उत्तरदायित्व के प्रति एक नवीन संकल्प है*।
उन्होंने बाबा विश्वनाथ के श्रीचरणों में प्रार्थना करते हुए कहा कि इस दायित्व का निर्वहन पूरी निष्ठा, गरिमा और समर्पण के साथ करने की शक्ति प्राप्त हो।
*युवाओं में संस्कार और राष्ट्रनिष्ठा का निर्माण शिक्षा का मूल उद्देश्य*
प्रो. शर्मा ने कहा कि युवा किसी भी राष्ट्र की सबसे बड़ी शक्ति और सबसे मूल्यवान पूंजी हैं। शिक्षा का उद्देश्य केवल पुस्तकीय ज्ञान अथवा उपाधि प्राप्त करना नहीं, बल्कि ज्ञान के साथ चरित्र, अनुशासन, संस्कार, आत्मविश्वास, सेवा-भाव और राष्ट्रनिष्ठा का निर्माण करना भी है।
उन्होंने कहा कि एनसीसी युवाओं के व्यक्तित्व एवं चरित्र निर्माण तथा उन्हें राष्ट्रसेवा के लिए तैयार करने का अत्यन्त प्रभावी माध्यम है।
उन्होंने सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय की समृद्ध भारतीय ज्ञान-परम्परा और एनसीसी की अनुशासन, सेवा एवं राष्ट्रभक्ति की भावना के समन्वय को विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए अत्यंत उपयोगी बताया।
उन्होंने कहा कि भारतीय ज्ञान-परम्परा केवल अतीत की विरासत नहीं, बल्कि वर्तमान को दिशा और भविष्य को दृष्टि देने वाली जीवनदृष्टि है। युवाओं को अपनी संस्कृति, परम्परा और गौरवशाली विरासत से जोड़ते हुए उनमें आधुनिक ज्ञान, वैज्ञानिक दृष्टि, अनुशासन और राष्ट्रसेवा का भाव विकसित करना समय की आवश्यकता है।
*एनसीसी ग्रुप कैपटन ने कहा—अनुशासन और राष्ट्रसेवा के प्रति प्रतिबद्धता का सम्मान*
एनसीसी ग्रुप मुख्यालय, वाराणसी ‘बी’ के ग्रुप कैप्टन विकास कुमार पांजियार ने प्रो. शर्मा को मानद कर्नल रैंक प्रदान करते हुए कहा कि यह सम्मान उनके नेतृत्व, अनुशासन, राष्ट्रसेवा के प्रति समर्पण और युवाओं के व्यक्तित्व-निर्माण के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का अभिनन्दन है।
उन्होंने कहा कि एनसीसी केवल सैन्य प्रशिक्षण का माध्यम नहीं है। इसका व्यापक उद्देश्य युवाओं में नेतृत्व क्षमता, अनुशासन, आत्मविश्वास, सेवा-भाव, कर्तव्यबोध और राष्ट्र के प्रति उत्तरदायित्व की भावना विकसित करना है।
*गार्ड ऑफ ऑनर से बढ़ी समारोह की गरिमा*
मानद कर्नल रैंक प्रदान किए जाने के बाद एनसीसी कैडेट्स द्वारा प्रो. बिहारी लाल शर्मा को भव्य गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। अनुशासित कदमताल, सैन्य परम्परा और राष्ट्रभक्ति से ओतप्रोत वातावरण ने समारोह को विशेष गरिमा प्रदान की।
समारोह का प्रारम्भ वैदिक मन्त्रोच्चार एवं मंगलाचरण से हुआ। इसके बाद दीपप्रज्ज्वलन, रैंक प्रदान, स्वस्तिवाचन तथा विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियां हुईं। लोकनृत्य और लोकगीत की प्रस्तुतियों ने समारोह में भारतीय संस्कृति की जीवंत छटा प्रस्तुत की।
*शिक्षा और सैन्य अनुशासन का अद्भुत संगम*
प्रो. बिहारी लाल शर्मा को प्रदान की गई मानद कर्नल रैंक का महत्व इस दृष्टि से भी विशेष है कि सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय भारतीय ज्ञान-परम्परा, संस्कृत, दर्शन और संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन की प्रतिष्ठित संस्था है, जबकि एनसीसी युवाओं में अनुशासन, नेतृत्व, सेवा और राष्ट्रनिष्ठा के संस्कार विकसित करने वाली राष्ट्रीय संस्था है।
इन दोनों धाराओं का समन्वय युवा पीढ़ी के सर्वांगीण विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा सकता है। प्रो. शर्मा ने विश्वविद्यालय में एनसीसी की गतिविधियों को और अधिक सशक्त एवं प्रभावी बनाने के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की है।
*हिमाचल के युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत*
प्रो. बिहारी लाल शर्मा की उपलब्धि हिमाचल प्रदेश के युवाओं के लिए भी प्रेरणादायी संदेश लेकर आई है। भदोल जैसे ग्रामीण परिवेश से प्रारम्भ हुई उनकी यात्रा यह प्रमाणित करती है कि प्रतिभा को यदि परिश्रम, संस्कार, अनुशासन और लक्ष्यबद्ध साधना का आधार मिल जाए तो भौगोलिक सीमाएं उसके मार्ग में बाधा नहीं बन सकतीं।
बिलासपुर जिले के झण्डूत्ता क्षेत्र के भदोल गांव से निकलकर काशी की प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्था के कुलपति पद तक पहुंचना और अब राष्ट्रीय कैडेट कोर की मानद कर्नल रैंक प्राप्त करना निश्चय ही उनके जन्मस्थान और समूचे हिमाचल के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि है।
यह उपलब्धि उस हिमाचली जीवन-मूल्य को भी रेखांकित करती है जिसमें सरलता, संस्कार, परिश्रम, अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा को जीवन की आधारशिला माना जाता है।
*प्रमुख शिक्षाविद् एवं सैन्य अधिकारी रहे उपस्थित*
समारोह में महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के कुलपति प्रो. आनन्द कुमार त्यागी, केंद्रीय उच्च तिब्बती शिक्षा संस्थान, सारनाथ के कुलपति प्रो. (डॉ.) वांगचुक दोरजे नेगी, आईयूसीटीई के निदेशक प्रो. प्रेम नारायण सिंह, एनसीसी ग्रुप मुख्यालय, वाराणसी ‘बी’ के ग्रुप कमांडर ग्रुप कैप्टन विकास कुमार पांजियार, 97 उत्तर प्रदेश बटालियन एनसीसी के कमान अधिकारी लेफ्टिनेंट कर्नल प्रकरण वर्मा, 100 उत्तर प्रदेश बटालियन एनसीसी के कमान अधिकारी लेफ्टिनेंट कर्नल राकेश रौशन, प्रशासनिक अधिकारी लेफ्टिनेंट कर्नल संजेश राय सहित विश्वविद्यालय के शिक्षकगण, अधिकारीगण, एनसीसी कैडेट्स तथा अन्य गणमान्यजन उपस्थित रहे।
*भदोल से काशी तक—बिलासपुर के लिए गर्व का क्षण*
प्रो. बिहारी लाल शर्मा को मिली एनसीसी की मानद ‘कर्नल’ रैंक को बिलासपुर जिले के लिए केवल एक सम्मान के रूप में नहीं, बल्कि अपनी माटी से निकली प्रतिभा के राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित होने के गौरवपूर्ण अवसर के रूप में देखा जा रहा है।
जिस भदोल-ज्योरा गांव में उनकी जीवन-यात्रा की पहली पाठशाला आरम्भ हुई, वहीं से निकली प्रतिभा आज काशी में भारतीय ज्ञान-परम्परा की प्रतिष्ठित संस्था का नेतृत्व कर रही है और राष्ट्र के युवा-चरित्र निर्माण से जुड़ी राष्ट्रीय संस्था एनसीसी की मानद कर्नल रैंक से सम्मानित हुई है।
भदोल की माटी से काशी की गरिमा तक प्रो. बिहारी लाल शर्मा की यह यात्रा न केवल उनके व्यक्तिगत पुरुषार्थ की कहानी है, बल्कि यह बिलासपुर की धरती, झंडूत्ता क्षेत्र और हिमाचल प्रदेश की प्रतिभा, संस्कार और सामर्थ्य की भी गौरवगाथा है।
    user_रिपोर्टर राकेशशर्मा पंजाबकेसरी
    रिपोर्टर राकेशशर्मा पंजाबकेसरी
    Local News Reporter घुमारवीं, बिलासपुर, हिमाचल प्रदेश•
    3 hrs ago
  • सरकार की कार्यवाही का इंतजार नहीं तो आंदोलन को तैयारः पुर्ण चंद ठाकुर पधर (मंडी)। द्रंग के विधायक पुर्ण चंद ठाकुर ने कहा है कि नेशनल हाइवे मंडी पठानकोट के निर्माणाधीन फेज पांच नारला से बिजनी स्कोर अर्डा के दौरान प्रभावितों स्थानीय लोगों की समस्याओं के समाधान को लेकर उन्होंने विधानसभा में मामला उठाने को लेकर लिखित कार्यवाही की है। इस बारे में जिला प्रशासन और एनएचएआई ने क्या कार्यवाही की है। संतोषजनक जवाब सरकार की ओर से न आने के बाद वह स्वयं स्थानीय लोगों के साथ आंदोलन में शरीक होंगे। कुन्नू में पंजीकृत फोरलेन समन्वय समिति की बैठक को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि स्थानीय लोगों की समस्याओं के समाधान को उन्होंने पीएमओ के कार्यालय को भी लिखित शिकायत की है। बैठक की कार्यावाही करते हुए महासचिव महेंद्र सिंह गुलेरिया ने कहा कि निर्माणाधीन पैकेज में गंभीर अनियमितताएं हुई है। इस बारे में प्रभावितों ने समिति के माध्यम से समय समय पर एनएचएआई, निर्माण गावर कंपनी, स्थानीय प्रशासन के समक्ष समस्याएं रखी है जिन पर आज दिन तक न तो उचित कार्यवाही हुई है और न ही लोगों को न्याय मिल पाया है। कंपनी काम करने आती है लेकिन क्वालिटी लोगों को कतई पसंद नहीं। भुमि के सर्कल रेट सरकार द्वारा निर्धारित किए जाते हैं। 2015 में सर्कल रेट कम किए गए और भुमि अधिग्रहण की प्रक्रिया 2016 से शुरू की गई। लोगों को भुमि का मुआवजा न के बराबर दिया गया है। अधिग्रहण प्रक्रिया के दौरान पेड़ पौधों का लोगों को उचित मुआवजा नहीं दिया गया है। कई प्रभावितों के मकानों का आधे हिस्से का अधिग्रहण किया गया है। मुआवजा अधिग्रहण किए गए हिस्से का दिया गया जबकि लोगों के मकान तोड़ती बार बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। उन्होंने कहा कि टीसीपी अधिनियम के अनुसार मकानों के बचे हुए हिस्से की मुरम्मत भी नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा कि लोगों की तमाम समस्याएं सरकार, प्रशासन, एनएचएआई और गावर कंपनी के ध्यानार्थ लाई गई है जिनका कोई समाधान नहीं किया गया है। फोरलेन समन्वय समिति ने प्रशासन को अंतिम अभ्यावेदन जारी किया है। प्रशासन को दिए गए अल्टीमेटम का समय बीत गया है। अब स्थानीय लोग अपने हितों की पैरवी के लिए आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे। विधायक ने प्रभावितों से कहा कि विधानसभा सत्र के दौरान उठाए गए मुदों पर कार्यवाही का इंतजार करना होगा। लोगों की समस्याओं पर कोई गौर सरकार नहीं फरमाती तो वह भी प्रभावितों के साथ आंदोलन में शामिल होंगे। इस दौरान समन्वय समिति के अध्यक्ष चिंत राम ठाकुर, जिला परिषद सदस्य चंपा ठाकुर, पंचायत प्रधान शिल्पा देवी, पवन कुमार, प्रेम सिंह प्रीतू, शकुंतला देवी, पंचायत समिति सदस्य रूप लाल, हजारा सिंह सहित काफी संख्या में फोरलेन प्रभावित मौजूद रहे। सरकार की कार्यवाही का इंतजार नहीं तो आंदोलन को तैयारः पुर्ण चंद ठाकुर पधर (मंडी)। द्रंग के विधायक पुर्ण चंद ठाकुर ने कहा है कि नेशनल हाइवे मंडी पठानकोट के निर्माणाधीन फेज पांच नारला से बिजनी स्कोर अर्डा के दौरान प्रभावितों स्थानीय लोगों की समस्याओं के समाधान को लेकर उन्होंने विधानसभा में मामला उठाने को लेकर लिखित कार्यवाही की है। इस बारे में जिला प्रशासन और एनएचएआई ने क्या कार्यवाही की है। संतोषजनक जवाब सरकार की ओर से न आने के बाद वह स्वयं स्थानीय लोगों के साथ आंदोलन में शरीक होंगे। कुन्नू में पंजीकृत फोरलेन समन्वय समिति की बैठक को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि स्थानीय लोगों की समस्याओं के समाधान को उन्होंने पीएमओ के कार्यालय को भी लिखित शिकायत की है। बैठक की कार्यावाही करते हुए महासचिव महेंद्र सिंह गुलेरिया ने कहा कि निर्माणाधीन पैकेज में गंभीर अनियमितताएं हुई है। इस बारे में प्रभावितों ने समिति के माध्यम से समय समय पर एनएचएआई, निर्माण गावर कंपनी, स्थानीय प्रशासन के समक्ष समस्याएं रखी है जिन पर आज दिन तक न तो उचित कार्यवाही हुई है और न ही लोगों को न्याय मिल पाया है। कंपनी काम करने आती है लेकिन क्वालिटी लोगों को कतई पसंद नहीं। भुमि के सर्कल रेट सरकार द्वारा निर्धारित किए जाते हैं। 2015 में सर्कल रेट कम किए गए और भुमि अधिग्रहण की प्रक्रिया 2016 से शुरू की गई। लोगों को भुमि का मुआवजा न के बराबर दिया गया है। अधिग्रहण प्रक्रिया के दौरान पेड़ पौधों का लोगों को उचित मुआवजा नहीं दिया गया है। कई प्रभावितों के मकानों का आधे हिस्से का अधिग्रहण किया गया है। मुआवजा अधिग्रहण किए गए हिस्से का दिया गया जबकि लोगों के मकान तोड़ती बार बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। उन्होंने कहा कि टीसीपी अधिनियम के अनुसार मकानों के बचे हुए हिस्से की मुरम्मत भी नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा कि लोगों की तमाम समस्याएं सरकार, प्रशासन, एनएचएआई और गावर कंपनी के ध्यानार्थ लाई गई है जिनका कोई समाधान नहीं किया गया है। फोरलेन समन्वय समिति ने प्रशासन को अंतिम अभ्यावेदन जारी किया है। प्रशासन को दिए गए अल्टीमेटम का समय बीत गया है। अब स्थानीय लोग अपने हितों की पैरवी के लिए आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे। विधायक ने प्रभावितों से कहा कि विधानसभा सत्र के दौरान उठाए गए मुदों पर कार्यवाही का इंतजार करना होगा। लोगों की समस्याओं पर कोई गौर सरकार नहीं फरमाती तो वह भी प्रभावितों के साथ आंदोलन में शामिल होंगे। इस दौरान समन्वय समिति के अध्यक्ष चिंत राम ठाकुर, जिला परिषद सदस्य चंपा ठाकुर, पंचायत प्रधान शिल्पा देवी, पवन कुमार, प्रेम सिंह प्रीतू, शकुंतला देवी, पंचायत समिति सदस्य रूप लाल, हजारा सिंह सहित काफी संख्या में फोरलेन प्रभावित मौजूद रहे।
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    सरकार की कार्यवाही का इंतजार नहीं तो आंदोलन को तैयारः पुर्ण चंद ठाकुर
पधर (मंडी)। द्रंग के विधायक पुर्ण चंद ठाकुर ने कहा है कि नेशनल हाइवे मंडी पठानकोट के निर्माणाधीन फेज पांच नारला से बिजनी स्कोर अर्डा के दौरान प्रभावितों स्थानीय लोगों की समस्याओं के समाधान को लेकर उन्होंने विधानसभा में मामला उठाने को लेकर लिखित कार्यवाही की है। इस बारे में जिला प्रशासन और एनएचएआई ने क्या कार्यवाही की है। संतोषजनक जवाब सरकार की ओर से न आने के बाद वह स्वयं स्थानीय लोगों के साथ आंदोलन में शरीक होंगे। कुन्नू में पंजीकृत फोरलेन समन्वय समिति की बैठक को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि स्थानीय लोगों की समस्याओं के समाधान को उन्होंने पीएमओ के कार्यालय को भी लिखित शिकायत की है। बैठक की कार्यावाही करते हुए महासचिव महेंद्र सिंह गुलेरिया ने कहा कि निर्माणाधीन पैकेज में गंभीर अनियमितताएं हुई है। इस बारे में प्रभावितों ने समिति के माध्यम से समय समय पर एनएचएआई, निर्माण गावर कंपनी, स्थानीय प्रशासन के समक्ष समस्याएं रखी है जिन पर आज दिन तक न तो उचित कार्यवाही हुई है और न ही लोगों को न्याय मिल पाया है। कंपनी काम करने आती है लेकिन क्वालिटी लोगों को कतई पसंद नहीं। भुमि के सर्कल रेट सरकार द्वारा निर्धारित किए जाते हैं। 2015 में सर्कल रेट कम किए गए और भुमि अधिग्रहण की प्रक्रिया 2016 से शुरू की गई। लोगों को भुमि का मुआवजा न के बराबर दिया गया है। अधिग्रहण प्रक्रिया के दौरान पेड़ पौधों का लोगों को उचित मुआवजा नहीं दिया गया है। कई प्रभावितों के मकानों का आधे हिस्से का अधिग्रहण किया गया है। मुआवजा अधिग्रहण किए गए हिस्से का दिया गया जबकि लोगों के मकान तोड़ती बार बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। उन्होंने कहा कि टीसीपी अधिनियम के अनुसार मकानों के बचे हुए हिस्से की मुरम्मत भी नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा कि लोगों की तमाम समस्याएं सरकार, प्रशासन, एनएचएआई और गावर कंपनी के ध्यानार्थ लाई गई है जिनका कोई समाधान नहीं किया गया है। फोरलेन समन्वय समिति ने प्रशासन को अंतिम अभ्यावेदन जारी किया है। प्रशासन को दिए गए अल्टीमेटम का समय बीत गया है। अब स्थानीय लोग अपने हितों की पैरवी के लिए आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे। विधायक ने प्रभावितों से कहा कि विधानसभा सत्र के दौरान उठाए गए मुदों पर कार्यवाही का इंतजार करना होगा। लोगों की समस्याओं पर कोई गौर सरकार नहीं फरमाती तो वह भी प्रभावितों के साथ आंदोलन में शामिल होंगे। इस दौरान समन्वय समिति के अध्यक्ष चिंत राम ठाकुर, जिला परिषद सदस्य चंपा ठाकुर, पंचायत प्रधान शिल्पा देवी, पवन कुमार, प्रेम सिंह प्रीतू, शकुंतला देवी, पंचायत समिति सदस्य रूप लाल, हजारा सिंह सहित काफी संख्या में फोरलेन प्रभावित मौजूद रहे।
सरकार की कार्यवाही का इंतजार नहीं तो आंदोलन को तैयारः पुर्ण चंद ठाकुर
पधर (मंडी)। द्रंग के विधायक पुर्ण चंद ठाकुर ने कहा है कि नेशनल हाइवे मंडी पठानकोट के निर्माणाधीन फेज पांच नारला से बिजनी स्कोर अर्डा के दौरान प्रभावितों स्थानीय लोगों की समस्याओं के समाधान को लेकर उन्होंने विधानसभा में मामला उठाने को लेकर लिखित कार्यवाही की है। इस बारे में जिला प्रशासन और एनएचएआई ने क्या कार्यवाही की है। संतोषजनक जवाब सरकार की ओर से न आने के बाद वह स्वयं स्थानीय लोगों के साथ आंदोलन में शरीक होंगे। कुन्नू में पंजीकृत फोरलेन समन्वय समिति की बैठक को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि स्थानीय लोगों की समस्याओं के समाधान को उन्होंने पीएमओ के कार्यालय को भी लिखित शिकायत की है। बैठक की कार्यावाही करते हुए महासचिव महेंद्र सिंह गुलेरिया ने कहा कि निर्माणाधीन पैकेज में गंभीर अनियमितताएं हुई है। इस बारे में प्रभावितों ने समिति के माध्यम से समय समय पर एनएचएआई, निर्माण गावर कंपनी, स्थानीय प्रशासन के समक्ष समस्याएं रखी है जिन पर आज दिन तक न तो उचित कार्यवाही हुई है और न ही लोगों को न्याय मिल पाया है। कंपनी काम करने आती है लेकिन क्वालिटी लोगों को कतई पसंद नहीं। भुमि के सर्कल रेट सरकार द्वारा निर्धारित किए जाते हैं। 2015 में सर्कल रेट कम किए गए और भुमि अधिग्रहण की प्रक्रिया 2016 से शुरू की गई। लोगों को भुमि का मुआवजा न के बराबर दिया गया है। अधिग्रहण प्रक्रिया के दौरान पेड़ पौधों का लोगों को उचित मुआवजा नहीं दिया गया है। कई प्रभावितों के मकानों का आधे हिस्से का अधिग्रहण किया गया है। मुआवजा अधिग्रहण किए गए हिस्से का दिया गया जबकि लोगों के मकान तोड़ती बार बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। उन्होंने कहा कि टीसीपी अधिनियम के अनुसार मकानों के बचे हुए हिस्से की मुरम्मत भी नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा कि लोगों की तमाम समस्याएं सरकार, प्रशासन, एनएचएआई और गावर कंपनी के ध्यानार्थ लाई गई है जिनका कोई समाधान नहीं किया गया है। फोरलेन समन्वय समिति ने प्रशासन को अंतिम अभ्यावेदन जारी किया है। प्रशासन को दिए गए अल्टीमेटम का समय बीत गया है। अब स्थानीय लोग अपने हितों की पैरवी के लिए आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे। विधायक ने प्रभावितों से कहा कि विधानसभा सत्र के दौरान उठाए गए मुदों पर कार्यवाही का इंतजार करना होगा। लोगों की समस्याओं पर कोई गौर सरकार नहीं फरमाती तो वह भी प्रभावितों के साथ आंदोलन में शामिल होंगे। इस दौरान समन्वय समिति के अध्यक्ष चिंत राम ठाकुर, जिला परिषद सदस्य चंपा ठाकुर, पंचायत प्रधान शिल्पा देवी, पवन कुमार, प्रेम सिंह प्रीतू, शकुंतला देवी, पंचायत समिति सदस्य रूप लाल, हजारा सिंह सहित काफी संख्या में फोरलेन प्रभावित मौजूद रहे।
    user_ललित ठाकुर
    ललित ठाकुर
    Padhar, Mandi•
    1 hr ago
  • द्रंग में दो मकानों के नुकसान का 14 अगस्त को होगा आकलन ! जिला प्रशासन, स्थानीय प्रशासन, NHAI और निर्माण कंपनी के प्रतिनिधि प्रभावित परिवारों के साथ मिलकर मौके पर नुकसान का लेंगे जायजा। इसके बाद विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर डीसी मंडी को सौंपी जाएगी, जिसे आगे भेजा जाएगा दिल्ली। आकलन के बाद प्राप्त निर्देशों के आधार पर की जाएगी आगामी कार्रवाई । #Drang #Mandi #NHAI #MandiPathankotHighway #HimachalNews #PoleStarHimachal द्रंग में दो मकानों के नुकसान का 14 अगस्त को होगा आकलन ! जिला प्रशासन, स्थानीय प्रशासन, NHAI और निर्माण कंपनी के प्रतिनिधि प्रभावित परिवारों के साथ मिलकर मौके पर नुकसान का लेंगे जायजा। इसके बाद विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर डीसी मंडी को सौंपी जाएगी, जिसे आगे भेजा जाएगा दिल्ली। आकलन के बाद प्राप्त निर्देशों के आधार पर की जाएगी आगामी कार्रवाई । #Drang #Mandi #NHAI #MandiPathankotHighway #HimachalNews #PoleStarHimachal
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    द्रंग में दो मकानों के नुकसान का 14 अगस्त को होगा आकलन ! 

जिला प्रशासन, स्थानीय प्रशासन, NHAI और निर्माण कंपनी के प्रतिनिधि प्रभावित परिवारों के साथ मिलकर मौके पर नुकसान का लेंगे जायजा। इसके बाद विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर डीसी मंडी को सौंपी जाएगी, जिसे आगे भेजा जाएगा दिल्ली।

आकलन के बाद प्राप्त निर्देशों के आधार पर की जाएगी आगामी कार्रवाई ।

#Drang #Mandi #NHAI #MandiPathankotHighway #HimachalNews #PoleStarHimachal
द्रंग में दो मकानों के नुकसान का 14 अगस्त को होगा आकलन ! 
जिला प्रशासन, स्थानीय प्रशासन, NHAI और निर्माण कंपनी के प्रतिनिधि प्रभावित परिवारों के साथ मिलकर मौके पर नुकसान का लेंगे जायजा। इसके बाद विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर डीसी मंडी को सौंपी जाएगी, जिसे आगे भेजा जाएगा दिल्ली।
आकलन के बाद प्राप्त निर्देशों के आधार पर की जाएगी आगामी कार्रवाई ।
#Drang #Mandi #NHAI #MandiPathankotHighway #HimachalNews #PoleStarHimachal
    user_ललित ठाकुर
    ललित ठाकुर
    Padhar, Mandi•
    1 hr ago
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