मॉल रोड डक्ट प्रोजेक्ट बना करोड़ों की बर्बादी का उदाहरण—संदीपनी भारद्वाज 250 करोड़ से अधिक लागत, बिना स्पष्ट जरूरत के जनता पर थोपा गया प्रोजेक्ट—भाजपा शिमला। भाजपा प्रदेश प्रवक्ता संदीपनी भारद्वाज ने मॉल रोड पर बन रहे डक्ट प्रोजेक्ट को लेकर कांग्रेस सरकार पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि यह परियोजना जनता के पैसे की खुली बर्बादी का उदाहरण बन चुकी है। उन्होंने कहा कि इस डक्ट की अनुमानित लागत 250 करोड़ रुपये से अधिक है, जो आने वाले समय में और बढ़ने की पूरी संभावना है। संदीपनी भारद्वाज ने कहा कि इतने बड़े प्रोजेक्ट को शुरू करने से पहले न तो इसकी वास्तविक आवश्यकता का सही आकलन किया गया और न ही जनता को होने वाले लाभ का कोई स्पष्ट खाका प्रस्तुत किया गया। उन्होंने सवाल उठाया कि जब इस डक्ट से न यातायात में कोई सुधार होना है और न ही आम नागरिक को सीधा फायदा मिलने वाला है, तो आखिर इतने बड़े बजट को खर्च करने का औचित्य क्या है? उन्होंने कहा कि किसी भी परियोजना को लागू करने से पहले बेनिफिट-कॉस्ट एनालिसिस, ट्रैफिक स्टडी और पब्लिक इम्पैक्ट का मूल्यांकन आवश्यक होता है, लेकिन इस डक्ट प्रोजेक्ट में इन सभी मानकों की अनदेखी की गई। केवल बिना योजना के कार्य शुरू कर दिया गया, जिसका खामियाजा अब शिमला की जनता भुगत रही है। भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि पिछले लंबे समय से इस निर्माण कार्य के कारण मॉल रोड और आसपास के क्षेत्रों में भारी असुविधा उत्पन्न हुई है, जिससे व्यापार, पर्यटन और आम लोगों की दैनिक गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं। उन्होंने कहा कि जनता के समय और संसाधनों का भारी नुकसान हो रहा है, लेकिन सरकार इस पर कोई जवाब देने को तैयार नहीं है। संदीपनी भारद्वाज ने मांग की कि इस डक्ट प्रोजेक्ट की लागत, आवश्यकता और लाभ को लेकर सरकार श्वेत पत्र जारी करे और जनता को स्पष्ट बताए कि इस पर खर्च किए जा रहे सैकड़ों करोड़ रुपये का आखिर परिणाम क्या होगा। उन्होंने कहा कि भाजपा इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाएगी और कांग्रेस सरकार को जनता के पैसे के दुरुपयोग का जवाब देना होगा।
मॉल रोड डक्ट प्रोजेक्ट बना करोड़ों की बर्बादी का उदाहरण—संदीपनी भारद्वाज 250 करोड़ से अधिक लागत, बिना स्पष्ट जरूरत के जनता पर थोपा गया प्रोजेक्ट—भाजपा शिमला। भाजपा प्रदेश प्रवक्ता संदीपनी भारद्वाज ने मॉल रोड पर बन रहे डक्ट प्रोजेक्ट को लेकर कांग्रेस सरकार पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि यह परियोजना जनता के पैसे की खुली बर्बादी का उदाहरण बन चुकी है। उन्होंने कहा कि इस डक्ट की अनुमानित लागत 250 करोड़ रुपये से अधिक है, जो आने वाले समय में और बढ़ने की पूरी संभावना है। संदीपनी भारद्वाज ने कहा कि इतने बड़े प्रोजेक्ट को शुरू करने से पहले न तो इसकी वास्तविक आवश्यकता का सही आकलन किया गया और न ही जनता को होने वाले लाभ का कोई स्पष्ट खाका प्रस्तुत किया गया। उन्होंने सवाल उठाया कि जब इस डक्ट से न यातायात में कोई सुधार होना है और न ही आम नागरिक को सीधा फायदा मिलने वाला है, तो आखिर इतने बड़े बजट को खर्च करने का औचित्य क्या है? उन्होंने कहा कि किसी भी परियोजना को लागू करने से पहले बेनिफिट-कॉस्ट एनालिसिस, ट्रैफिक स्टडी और पब्लिक इम्पैक्ट का मूल्यांकन आवश्यक होता है, लेकिन इस डक्ट प्रोजेक्ट में इन सभी मानकों की अनदेखी की गई। केवल बिना योजना के कार्य शुरू कर दिया गया, जिसका खामियाजा अब शिमला की जनता भुगत रही है। भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि पिछले लंबे समय से इस निर्माण कार्य के कारण मॉल रोड और आसपास के क्षेत्रों में भारी असुविधा उत्पन्न हुई है, जिससे व्यापार, पर्यटन और आम लोगों की दैनिक गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं। उन्होंने कहा कि जनता के समय और संसाधनों का भारी नुकसान हो रहा है, लेकिन सरकार इस पर कोई जवाब देने को तैयार नहीं है। संदीपनी भारद्वाज ने मांग की कि इस डक्ट प्रोजेक्ट की लागत, आवश्यकता और लाभ को लेकर सरकार श्वेत पत्र जारी करे और जनता को स्पष्ट बताए कि इस पर खर्च किए जा रहे सैकड़ों करोड़ रुपये का आखिर परिणाम क्या होगा। उन्होंने कहा कि भाजपा इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाएगी और कांग्रेस सरकार को जनता के पैसे के दुरुपयोग का जवाब देना होगा।
- *शारीरिक शिक्षकों की भर्ती (PET 870) प्रक्रिया में ढिलाई पर उठे सवाल,,बेरोजगारों में रोष* शिमला। प्रदेश में PET 870 (शारीरिक शिक्षा शिक्षक) भर्ती प्रक्रिया एक बार फिर सुस्ती का शिकार होती नजर आ रही है। बेरोजगार शारीरिक कल्याण संगठन के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. रमेश राजपूत ने सचिवालय और शिक्षा विभाग शिमला में जानकारी लेने के बाद बताया कि जिलों से अब तक जरूरी रिकॉर्ड नहीं पहुंच पाया है। उन्होंने बताया कि 19 मार्च को शिक्षा विभाग द्वारा सभी जिलों के डिप्टी डायरेक्टर को 5 दिन के भीतर आवश्यक दस्तावेज और आंकड़े भेजने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन समयसीमा खत्म होने के बावजूद विभाग इस दिशा में गंभीरता नहीं दिखा रहा है। रमेश राजपूत ने कहा कि लंबे समय से भर्ती का इंतजार कर रहे युवाओं में निराशा बढ़ रही है। 8-9 साल से अभ्यर्थी नौकरी की आस लगाए बैठे हैं, वहीं दूसरी ओर स्कूलों में खेल गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं, जिससे छात्रों के समग्र विकास पर असर पड़ रहा है। उन्होंने सभी जिलों के अधिकारियों से अपील की कि जल्द से जल्द प्रक्रिया पूरी कर काउंसलिंग तिथि घोषित की जाए। साथ ही मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू और शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर से भी आग्रह किया कि अपने वादे के अनुसार पंचायत चुनाव से पहले भर्ती पूरी कर युवाओं को राहत दी जाए। संगठन ने स्पष्ट किया कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो भर्ती प्रक्रिया और लटक सकती है, जिसका असर न केवल युवाओं बल्कि पूरे शिक्षा तंत्र पर पड़ सकता है।1
- देवभूमि हिमाचल में बाहर से शूटर बुलाकर सुपारी किलिंग की शुरुआत करने के साथ ही बिलासपुर में चिट्टे जैसे घातक नशे के जन्मदाता पूर्व विधायक बंबर ठाकुर अपना मानसिक संतुलन पूरी तरह से खो बैठे हैं। खुद को नेता कहने वाले यह एक ऐसे पेशेवर ठेकेदार हैं, जो गुंडागर्दी के दम पर वन, खनन व जमीन से लेकर हर तरह के माफिया के सरगना हैं। उनके खिलाफ लगभग 30 केस दर्ज हैं। बिलासपुर के एक पूर्व डीसी के साथ ही वर्तमान में एएसपी पद पर कार्यरत पुलिस अधिकारी भी उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करवा चुके हैं। कांग्रेस के पिछले कार्यकाल में इसी पार्टी के पूर्व मंत्री रामलाल ठाकुर जी भी उन पर फोरलेन में लगभग 200 करोड़ रुपये के घोटाले का गंभीर आरोप लगा चुके हैं। उनकी रग-रग को पहचान चुकी सदर विधानसभा क्षेत्र की प्रबुद्ध जनता ने वर्ष 2022 के चुनाव में उन्हें नकार दिया था। उसी समय से उनकी दिमागी हालत ठीक नहीं है। रही-सही कसर कांग्रेस सरकार में उन्हें हाशिये पर धकेले जाने से पूरी हो गई है। पहले उन्होंने सरकार में कोई ओहदा मिलने की उम्मीद लगा रखी थी। जब वह उम्मीद पूरी नहीं हुई तो वह खुद को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पद का सबसे बड़ा दावेदार बताने लगे, लेकिन उनकी यह हसरत भी पूरी नहीं हो पाई। उनकी हालत कुछ ऐसी है कि ‘चौबे जी चले थे छब्बे जी बनने, दूबे जी बनकर रह गए।’ ड्रामेबाजी में माहिर यही नौटंकीबाज पूर्व विधायक अब एक बार फिर से विधानसभा के बाहर धरना देने पहंुच गए। प्रदेश में कांगे्रस की सरकार है। जिन तथ्यहीन आरोपों का सहारा लेकर वह सुर्खियां बटोरने का असफल प्रयास कर रहे हैं, उनकी जांच किसी भी एजेंसी से करवाने से उन्हें कौन रोक रहा है। ईश्वर से यही प्रार्थना है कि उन्हें स्वस्थ रखने के साथ सद्बुद्धि भी दें।1
- Post by Dev Raj Thakur1
- ऊपरी शिमला में भारी ओलावृष्टि कोटखाई, नारकंडा समेत कुमारसेन में औलावृष्टि से स्टोन फ्रूट सहित सेब की फ़सल को नुकसान1
- रिपोर्ट 30 मार्च, बुद्धि सिंह ठाकुर सैंज। क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू में मरीजों को पंजीकरण में परेशानी हो रही है हालांकि यहां पर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की सुविधा अस्पताल प्रबंधन द्वारा शुरू की गई है लेकिन मरीजों का कहना है कि यह सुविधा पर्ची काउंटर में बैठे स्टाफ के लिए सुविधाजनक है क्योंकि मरीज को टोकन मिलने के बावजूद रजिस्ट्रेशन के लिए लंबी लाइनों में खड़े रहना पड़ता है1
- अजमेरपुर ग्रीष्मोत्सव मेला भराड़ी 2026 | 2 अप्रैल से शुभारंभ | कुश्ती इनाम 41000 | सांस्कृतिक कार्यक्रम1
- Post by हमीरपुरी पत्रकार1
- ‘मन की बात’ देश को जोड़ने वाला सशक्त माध्यम—जयराम ठाकुर प्रधानमंत्री मोदी का संवाद राष्ट्र निर्माण की दिशा में प्रेरणादायक—डॉ. राजीव बिंदल मंडी, नेता प्रतिपक्ष श्री जयराम ठाकुर ने आज मंडी में माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के लोकप्रिय कार्यक्रम ‘मन की बात’ का नवीनतम एपिसोड भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल के साथ सुना। इस अवसर पर भाजपा विधायक राकेश जमवाल भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम एशिया में चल रही युद्ध की परिस्थितियों पर देशवासियों को संबोधित करते हुए संयम और सतर्कता बनाए रखने की अपील की तथा आश्वस्त किया कि देश में किसी प्रकार की घबराहट की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने कहा कि भारत एकजुटता के साथ हर चुनौती का सामना करने में सक्षम है। इसके साथ ही प्रधानमंत्री जी ने भारतीय क्रिकेट टीम को टी-20 विश्व कप में शानदार जीत और रणजी ट्रॉफी में जम्मू-कश्मीर की ऐतिहासिक विजय पर बधाई देते हुए खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया। इस अवसर पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा शुरू किया गया ‘मन की बात’ कार्यक्रम एक अनूठी पहल है, जिसके माध्यम से देश का सर्वोच्च नेतृत्व सीधे करोड़ों देशवासियों से संवाद करता है। उन्होंने कहा कि देशभर में हो रहे नवाचार, सकारात्मक प्रयास और जनभागीदारी के उदाहरणों को इस मंच के माध्यम से साझा करना समाज को प्रेरित करता है। उन्होंने विशेष रूप से रूफटॉप सोलर पैनल्स, जल संरक्षण जैसे विषयों का उल्लेख करते हुए कहा कि इन पहलों से न केवल ऊर्जा और जल संकट का समाधान संभव है, बल्कि रोजगार और कृषि क्षेत्र में भी व्यापक लाभ मिल रहा है। डॉ. बिंदल ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने आज के कार्यक्रम में वैश्विक परिस्थितियों, विशेषकर मध्य पूर्व में चल रहे युद्धों के प्रभावों की ओर ध्यान आकर्षित करते हुए देश को सतर्क रहने का संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि कोविड के बाद भी विश्व में अस्थिरता बनी हुई है, ऐसे में भारत को सजग और संगठित रहकर आगे बढ़ना होगा। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि ‘मन की बात’ केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि देश को जोड़ने और सकारात्मक दिशा देने का एक सशक्त माध्यम बन चुका है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी जिस प्रकार देश के आम नागरिकों, युवाओं, किसानों और नवाचार करने वालों की कहानियों को सामने लाते हैं, वह पूरे समाज को प्रेरित करता है। जयराम ठाकुर ने कहा कि आज के कार्यक्रम में भी प्रधानमंत्री जी ने वैश्विक चुनौतियों के प्रति जागरूक रहने के साथ-साथ देश की एकता और सामूहिक शक्ति पर जोर दिया, जो हर नागरिक के लिए मार्गदर्शक है। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम देशवासियों को जागरूक, जिम्मेदार और राष्ट्रहित में सक्रिय बनने की प्रेरणा देता है तथा भविष्य के भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।1