ओडिशा के जगन्नाथ पुरी मंदिर में कल रात जो हुआ सभी को चोका देने वाला मंजर था l जगन्नाथ पुरी मंदिर के शिखर पर भारी बारिश और तूफानी हवाओं के बीच 'एकादशी महादीप' (दीपक) के लगातार जलते रहने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है, जिसे श्रद्धालु आस्तिक भाव से चमत्कार मान रहे हैं। घटना की जानकारी कब की घटना: सितंबर 2026 के आखिरी दिनों (लगभग 25 से 30 सितंबर 2026 के आसपास) के वीडियो सोशल मीडिया (इंस्टाग्राम और फेसबुक) पर दोबारा खूब शेयर किए गए हैं। मंजर: पुरी में मूसलाधार बारिश और घने बादलों के बीच मंदिर के शिखर पर जलता हुआ महादीप साफ चमकता दिखाई दिया। श्रद्धालुओं की आस्था: भक्तों का मानना है कि भारी बारिश और तेज हवाओं के बावजूद महादीप का न बुझना अटूट आस्था और भगवान जगन्नाथ की दिव्य उपस्थिति का प्रतीक है। हालांकि, इस तरह के वायरल वीडियो और दावों की कोई आधिकारिक या वैज्ञानिक पुष्टि नहीं की गई है। ऐसे कई वीडियो पुरानी परंपराओं और एकादशी के अवसरों पर चर्चा का विषय बनते रहे हैं।
ओडिशा के जगन्नाथ पुरी मंदिर में कल रात जो हुआ सभी को चोका देने वाला मंजर था l जगन्नाथ पुरी मंदिर के शिखर पर भारी बारिश और तूफानी हवाओं के बीच 'एकादशी महादीप' (दीपक) के लगातार जलते रहने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है, जिसे श्रद्धालु आस्तिक भाव से चमत्कार मान रहे हैं। घटना की जानकारी कब की घटना: सितंबर 2026 के आखिरी दिनों (लगभग 25 से 30 सितंबर 2026 के आसपास) के वीडियो सोशल मीडिया (इंस्टाग्राम और फेसबुक) पर दोबारा खूब शेयर किए गए हैं। मंजर: पुरी में मूसलाधार बारिश और घने बादलों के बीच मंदिर के शिखर पर जलता हुआ महादीप साफ चमकता दिखाई दिया। श्रद्धालुओं की आस्था: भक्तों का मानना है कि भारी बारिश और तेज हवाओं के बावजूद महादीप का न बुझना अटूट आस्था और भगवान जगन्नाथ की दिव्य उपस्थिति का प्रतीक है। हालांकि, इस तरह के वायरल वीडियो और दावों की कोई आधिकारिक या वैज्ञानिक पुष्टि नहीं की गई है। ऐसे कई वीडियो पुरानी परंपराओं और एकादशी के अवसरों पर चर्चा का विषय बनते रहे हैं।
- ओडिशा के जगन्नाथ पुरी मंदिर में कल रात जो हुआ सभी को चोका देने वाला मंजर था l जगन्नाथ पुरी मंदिर के शिखर पर भारी बारिश और तूफानी हवाओं के बीच 'एकादशी महादीप' (दीपक) के लगातार जलते रहने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है, जिसे श्रद्धालु आस्तिक भाव से चमत्कार मान रहे हैं। घटना की जानकारी कब की घटना: सितंबर 2026 के आखिरी दिनों (लगभग 25 से 30 सितंबर 2026 के आसपास) के वीडियो सोशल मीडिया (इंस्टाग्राम और फेसबुक) पर दोबारा खूब शेयर किए गए हैं। मंजर: पुरी में मूसलाधार बारिश और घने बादलों के बीच मंदिर के शिखर पर जलता हुआ महादीप साफ चमकता दिखाई दिया। श्रद्धालुओं की आस्था: भक्तों का मानना है कि भारी बारिश और तेज हवाओं के बावजूद महादीप का न बुझना अटूट आस्था और भगवान जगन्नाथ की दिव्य उपस्थिति का प्रतीक है। हालांकि, इस तरह के वायरल वीडियो और दावों की कोई आधिकारिक या वैज्ञानिक पुष्टि नहीं की गई है। ऐसे कई वीडियो पुरानी परंपराओं और एकादशी के अवसरों पर चर्चा का विषय बनते रहे हैं।1
- भलुआनी आम बगीचा दुर्गा पूजा समिति ने घर-घर पहुंचकर बांटा निमंत्रण, भव्य पूजा की तैयारी शुरू रंका प्रखंड के सोनदाग पंचायत अंतर्गत भलुआनी आम बगीचा दुर्गा पूजा समिति की ओर से इस वर्ष दुर्गा पूजा को भव्य एवं आकर्षक रूप से मनाने की तैयारी शुरू कर दी गई है। इसी क्रम में शनिवार को दोपहर करीब 2 बजे पूजा समिति के अध्यक्ष, कोषाध्यक्ष, सचिव एवं अन्य सदस्यों ने सोनदाग पंचायत के जनप्रतिनिधियों तथा ग्रामीणों के घर-घर पहुंचकर दुर्गा पूजा में शामिल होने के लिए निमंत्रण पत्र वितरित किया। पूजा समिति के सदस्यों ने सोनदाग पंचायत की मुखिया रीमा देवी, पूर्व मुखिया मालती देवी सहित पंचायत के विभिन्न ग्रामीणों से मुलाकात कर उन्हें पूजा समारोह में शामिल होने का आग्रह किया। समिति की ओर से बताया गया कि प्रत्येक वर्ष की तरह इस वर्ष भी श्रद्धालुओं की आस्था और उत्साह को ध्यान में रखते हुए भलुआनी आम बगीचा में मां दुर्गा की पूजा-अर्चना भव्य तरीके से आयोजित करने की तैयारी की जा रही है। पूजा समिति के सचिव मनोज ठाकुर ने बताया कि दुर्गा पूजा को लेकर समिति द्वारा आवश्यक तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। पूजा पंडाल, सजावट, प्रकाश व्यवस्था सहित अन्य व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पूजा में अधिक से अधिक श्रद्धालु शामिल हों और पूरे क्षेत्र में भक्तिमय वातावरण बने, इसी उद्देश्य से समिति के सदस्य घर-घर जाकर लोगों को निमंत्रण दे रहे हैं। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि वे परिवार सहित दुर्गा पूजा समारोह में पहुंचकर मां दुर्गा का दर्शन एवं पूजा-अर्चना करें और आयोजन को सफल बनाने में सहयोग करें। इस अवसर पर सोनदाग पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि हेमंत कुमार पासवान, मुखिया रीमा देवी, पूर्व मुखिया मालती देवी समेत पूजा समिति के सदस्य एवं ग्रामीण मौजूद रहे।1
- 23 दिन बाद महाराष्ट्र में मिला रामव्रत का शव, पाटन में ग्रामीणों ने किया सड़क जाम,हत्या की आशंका 23 दिन बाद महाराष्ट्र में मिला रामव्रत का शव, पाटन में ग्रामीणों ने किया सड़क जाम,हत्या की आशंका की जांच और मुआवजे की मांग, पुलिस के आश्वासन के बाद शांत हुआ मामला पाटन (पलामू)। पाटन थाना क्षेत्र के सतौवा गांव निवासी 28 वर्षीय रामव्रत भुइयां की 23 दिनों से जारी तलाश शनिवार को महाराष्ट्र के वीरभूनगर रेलवे स्टेशन से शव बरामद होने के बाद समाप्त हुई। शनिवार सुबह करीब 11 बजे पुलिस एंबुलेंस से रामव्रत का शव पाटन थाना लाया गया। शव पहुंचने की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में परिजन और ग्रामीण थाना गेट पर जुट गए। आक्रोशित ग्रामीणों ने थाना के मुख्य गेट को घेरते हुए सड़क जाम कर दिया। ग्रामीणों ने रामव्रत की मौत की पूरी जांच कराने, मामले में दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने तथा मृतक के परिजनों को मुआवजा देने की मांग की। पुलिस अधिकारियों द्वारा मामले की जांच और उचित कार्रवाई का आश्वासन दिए जाने के बाद थाना गेट के पास से जाम हटाया गया। इसके बाद ग्रामीणों ने पाटन के लोहिया चौक के समीप करीब एक घंटे तक सड़क जाम रखा। पुलिस के आश्वासन के बाद वहां से भी जाम समाप्त हुआ। इसके बाद पुलिस शव को लेकर सतौवा गांव पहुंची। 11 सितंबर को अखिलेश के साथ निकला था रामव्रत परिजनों के अनुसार रामव्रत भुइयां 11 सितंबर को गांव के ही अखिलेश भुइयां के साथ घर से निकला था। बताया गया कि अखिलेश उसे काम के सिलसिले में मदुरै पहुंचाने की बात कहकर अपने साथ ले गया था। घर से निकलने के बाद रामव्रत से परिजनों का संपर्क टूट गया। कई दिनों तक कोई जानकारी नहीं मिलने पर परिजनों की चिंता बढ़ गई और उन्होंने अनहोनी की आशंका जतायी। परिजनों और ग्रामीणों ने अखिलेश को पकड़कर पुलिस के हवाले भी किया था। रामव्रत की पत्नी रूबी देवी और बहन पार्वती देवी ने उस समय ही उसकी हत्या की आशंका जताते हुए जांच की मांग की थी। उनका आरोप था कि अखिलेश रामव्रत को जबरन अपने साथ ले गया था। अब 23 दिन बाद दूसरे राज्य में शव मिलने के बाद परिजनों द्वारा पहले जतायी गयी आशंका को लेकर पुलिस जांच की मांग और तेज हो गयी है। रेलवे टिकट से हुई शव की पहचान जानकारी के अनुसार महाराष्ट्र के वीरभूनगर रेलवे स्टेशन से जीआरपी को एक शव बरामद हुआ था। शव के पास से रेलवे टिकट मिला, जिसके आधार पर पहचान की प्रक्रिया शुरू की गयी। बताया गया कि रामव्रत के पास हटिया से चेन्नई जाने के लिए दो लोगों का टिकट था। जीआरपी ने टिकट और शव की तस्वीर पलामू पुलिस को भेजी। इसके बाद पलामू पुलिस ने तस्वीर परिजनों को दिखायी, जिसके आधार पर परिजनों ने शव की पहचान रामव्रत भुइयां के रूप में की। इसके बाद पाटन थाना के सहायक अवर निरीक्षक प्रभात किरण को मृतक के परिजनों के साथ महाराष्ट्र भेजा गया। पुलिस टीम आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने के बाद शव को लेकर शनिवार को पाटन पहुंची। कई सवालों के जवाब तलाश रही पुलिस रामव्रत किन परिस्थितियों में घर से निकला था, वह महाराष्ट्र के वीरभूनगर रेलवे स्टेशन तक कैसे पहुंचा, उसके साथ यात्रा करने वाला दूसरा व्यक्ति कौन था और उसकी मौत किन परिस्थितियों में हुई—इन सभी सवालों के जवाब पुलिस जांच में अहम होंगे। परिजनों की ओर से पहले ही हत्या की आशंका जताये जाने के कारण मामले की जांच और पुलिस की कार्रवाई पर ग्रामीणों की नजर बनी हुई है। पुलिस जांच में जुटी, शव लाने में ग्रामीणों ने जुटाई राशि पलामू एसपी कपिल चौधरी के निर्देश पर पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है। राज्य के वित्त मंत्री सह छतरपुर-पाटन विधायक राधाकृष्ण किशोर की पहल के बाद पुलिस टीम गठित कर शव को महाराष्ट्र से पाटन लाने की कार्रवाई की गयी। ग्रामीणों के अनुसार शव को गांव तक लाने के लिए करीब एक लाख दस हजार रुपये चंदा कर जुटाये गये, जिसके बाद एंबुलेंस के माध्यम से शव पाटन लाया गया। परिजनों के अनुसार रामव्रत परिवार का अकेला कमाने वाला सदस्य था। उसकी मौत से परिवार के सामने आर्थिक संकट भी उत्पन्न हो गया है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मृतक के आश्रितों को उचित मुआवजा देने की मांग की है। मौके पर पाटन पश्चिमी के जिला परिषद सदस्य जयशंकर सिंह, सतौवा पंचायत के मुखिया अखिलेश पासवान, मंजू देवी, श्यामलाल, नागेंद्र, विवेक सिंह, श्रवण भुइयां, विकास रवि, गीरेंद्र प्रसाद, तूफानी राम, बाबूलाल राम, मृतक की पत्नी रूबी देवी, सोना देवी, प्रभा देवी समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे।1
- महुली प्राचीन शिव मंदिर में जितिया व्रत पर महिलाओं ने सुनाई कथा, भक्ति गीतों से गूंजा मंदिर परिसर महुली प्राचीन शिव मंदिर में जितिया व्रत पर महिलाओं ने सुनाई कथा, भक्ति गीतों से गूंजा मंदिर परिसर1
- बीड़र में महिला को बिजली का झटका, सीएचसी दुद्धी में भर्ती दुद्धी (सोनभद्र)। कोतवाली क्षेत्र के बीड़र गांव में शनिवार शाम एक महिला को बिजली का तेज़ झटका लग गया। गंभीर हालत में उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र दुद्धी में भर्ती कराया गया है, जहाँ उसका इलाज चल रहा है। परिजनों के अनुसार, 45 वर्षीय भगवंती देवी, पत्नी अयोध्या प्रसाद कुशवाहा निवासी बीड़र, शाम करीब साढ़े 6 बजे घर में फर्राटे पंखे का कनेक्शन कर रही थीं, तभी अचानक वह बिजली की चपेट में आ गईं। मौके पर मौजूद उनके पति अयोध्या प्रसाद ने तुरंत एक डंडे से कनेक्शन हटाकर उन्हें करंट से मुक्त कराया और निजी साधन से सीएचसी दुद्धी पहुँचाया। सीएचसी दुद्धी में डॉ. सुनील कुमार की निगरानी में महिला का उपचार जारी है। चिकित्सकों के मुताबिक, महिला को बिजली का मामूली झटका लगा है, लेकिन डर के कारण उनकी हालत गंभीर बनी हुई है। प्राथमिक उपचार के बाद यदि स्थिति स्थिर रहती है तो उन्हें जल्द ही छुट्टी दी जा सकती है।2
- गांधी जयंती पर साहू समाज का भव्य आयोजन, एकजुटता का दिया संदेश संगठन की मजबूती के लिए अधिक से अधिक सदस्यों को जोड़ने का आह्वान। विंढमगंज। स्थानीय थाना क्षेत्र के बुटवेढवा ग्राम पंचायत स्थित रामलीला फड़ में शुक्रवार को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती के शुभ अवसर पर दुद्धी विधानसभा-403 साहू समाज समिति के तत्वावधान में भव्य गांधी जयंती समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में साहू समाज के लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और महात्मा गांधी के विचारों को आत्मसात करते हुए सामाजिक एकता एवं भाईचारे को मजबूत करने का संकल्प लिया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि म्योरपुर ब्लॉक प्रमुख मानसिंह गोंड एवं गढ़वा जिले के सगमा प्रखंड प्रमुख अजय कुमार गुप्ता रहे। विशिष्ट अतिथियों में विकास स्वदेशी, प्रवक्ता जितेंद्र कुमार गुप्ता तथा नंदलाल गुप्ता उपस्थित रहे। कार्यक्रम में साहू समाज समिति के संरक्षक गोपाल प्रसाद गुप्ता, अध्यक्ष लक्ष्मी शंकर प्रसाद गुप्ता, उपाध्यक्ष पप्पू गुप्ता, सचिव सुभाष कुमार, कोषाध्यक्ष फूलचंद गुप्ता एवं समाजसेवी रामकुमार गुप्ता सहित समाज के अनेक सम्मानित सदस्य मौजूद रहे। वहीं सुमन गुप्ता, गगन गुप्ता, सुशिल गुप्ता, जितेन्द्र प्रसाद,संजय गुप्ता, बबलू गुप्ता, संपूर्णानंद गुप्ता, अरविंद गुप्ता, सियाराम गुप्ता, डोमन प्रसाद गुप्ता एवं ललन प्रसाद गुप्ता समेत अन्य सदस्यों की सहभागिता रही। कार्यक्रम का संचालन प्रवीण गुप्ता ने किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में उनकी भूमिका की उपस्थित लोगों ने सराहना की। समारोह में वक्ताओं ने कहा कि समाज की वास्तविक ताकत एकता, आपसी सहयोग और संगठन से जुड़ाव में है। साहू समाज एवं तेली समाज के प्रत्येक सदस्य को चाहिए कि वह अपने आसपास के लोगों को संगठन से जोड़ने का प्रयास करे और जरूरत के समय एक-दूसरे के साथ खड़ा रहे। वक्ताओं ने समाज के युवाओं, महिलाओं और सभी वर्गों के लोगों से सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी करने तथा अधिक से अधिक सदस्यों को जोड़कर संगठन को मजबूत बनाने का आह्वान किया। गांधी जयंती के अवसर पर आयोजित यह कार्यक्रम एकता, भाईचारे, सेवा और सामाजिक जागरूकता का मजबूत संदेश देकर संपन्न हुआ।4
- बाबू गरड़ी निवासी एवं विधायक प्रतिनिधि प्रो. संतोष सिंह की पत्नी के निधन पर विधायक प्रमोद कुमार सिंह ने जताया शोक मदनपुर प्रखंड के चेई नवादा पंचायत अंतर्गत बाबू गरड़ी गांव निवासी एवं विधानसभा विधायक प्रतिनिधि प्रो. संतोष सिंह की धर्मपत्नी के निधन की सूचना मिलते ही शनिवार सुबह रफीगंज विधायक प्रमोद कुमार सिंह उनके आवास पर पहुंचे। विधायक ने शोकाकुल परिजनों से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी और दिवंगत आत्मा के प्रति श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान विधायक प्रमोद कुमार सिंह ने कहा कि यह समाचार अत्यंत दुखद एवं हृदयविदारक है। उनका असमय निधन केवल प्रो. संतोष सिंह एवं उनके परिवार के लिए ही नहीं, बल्कि हम सभी परिवारजनों के लिए भी एक असहनीय पीड़ा और अपूरणीय क्षति है। उन्होंने कहा कि दुःख की इस घड़ी में वे शोकाकुल परिवार के साथ खड़े हैं और अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त करते हैं। विधायक ने ईश्वर से प्रार्थना करते हुए कहा कि माता समान भाभी की पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान प्रदान करें तथा संतोष सिंह सहित पूरे परिवार को इस अथाह दुःख को सहन करने की शक्ति दें। इसकी जानकारी विधायक प्रमोद कुमार सिंह के फेसबुक आईडी से शनिवार दोपहर एक बजे प्राप्त हुई। #BharatCrimeLiveNews #मदनपुर #रफीगंज #प्रमोदकुमारसिंह #संतोषसिंह #शोक_संवेदना #श्रद्धांजलि #बाबूगरड़ी #चेईनवादा #औरंगाबाद #बिहार #BiharNews #AurangabadNews भाषा को अधिक संयमित बनाएं1
- काली कमली वाले बाबा की पलामू के जपला में 01/10/2026 से कैप लगा है, 08/10/2026 तक अपने भक्तों को सेवा दे पाएंगे l कंबल वाले बाबा" (गणेश यादव) अपने चमत्कारी काले कंबल और उससे लाइलाज बीमारियों व शारीरिक दर्दों को ठीक करने के दावों के कारण सोशल मीडिया और शिविरों के माध्यम से फेमस हुए। YouTube·Times Now Navbharat +2 कैसे मशहूर हुए कंबल वाले बाबा? चमत्कारी कंबल का दावा: बाबा का दावा है कि जब वे 4 वर्ष के थे, तब मां काली ने उन्हें एक काला कंबल दिया था। YouTube·ET Now Swadesh +1 इलाज का तरीका: वे शिविरों में मरीजों के ऊपर यह कंबल डालते हैं और उनके अंगों या नसों को खींचकर ठीक करने का दावा करते हैं। YouTube +1 सोशल मीडिया और वायरल वीडियो: उनके शिविरों के वीडियो इंटरनेट पर तेजी से वायरल हुए, जिन्हें देखकर दूर-दूर से लोग उनके पास पहुँचने लगे।1