*भीषण गर्मी में इंसानियत की मिसाल: आमला में यात्रियों को पिलाया जा रहा शीतल जल* *सेवाभावी संगठनों और विद्यार्थियों का सराहनीय प्रयास, ट्रेनों में यात्रियों तक पहुंचा रहे पानी* आमला। तपती गर्मी के बीच जहां सूरज की तेज़ किरणें लोगों को बेहाल कर रही हैं, वहीं आमला में मानवता और सेवा की मिसाल पेश की जा रही है। शहर के सेवाभावी संगठन बिना किसी भेदभाव के स्टेशन से गुजरने वाली ट्रेनों के यात्रियों तक शीतल जल पहुंचाने में जुटे हुए हैं। जैसे एक पुराना गीत कहता है—“गाड़ी को देख, कैसी है नेक… अच्छा बुरा न देखे…”—उसी भावना के साथ ये समाजसेवी हर यात्री को समान रूप से सेवा प्रदान कर रहे हैं। ट्रेन में सवार हर व्यक्ति तक पानी पहुंचाने का यह प्रयास इन दिनों लगातार जारी है। इसी क्रम में आज व्यापारी संघ आमला एवं डॉ. भीमराव अम्बेडकर महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं ने रेलवे स्टेशन पर पहुंचकर ट्रेनों में सफर कर रहे यात्रियों को ठंडा पानी वितरित किया। कड़ी धूप और गर्म हवाओं के बावजूद युवाओं और समाजसेवियों का उत्साह देखते ही बन रहा था। यह सेवा कार्य केवल राहत देने तक सीमित नहीं, बल्कि समाज में सहयोग और संवेदनशीलता का संदेश भी दे रहा है। यात्रियों ने भी इस पहल की सराहना करते हुए आभार व्यक्त किया। यह जल सेवा अभियान पूरे गर्मी के मौसम में जारी रहेगा। शहर के अन्य सामाजिक संगठनों और नागरिकों से भी अपील की जा रही है कि वे अपने समय का थोड़ा हिस्सा निकालकर इस पुण्य कार्य में सहयोग करें, ताकि यह प्रयास निरंतर चलता रहे और अधिक से अधिक लोगों तक राहत पहुंच सके।
*भीषण गर्मी में इंसानियत की मिसाल: आमला में यात्रियों को पिलाया जा रहा शीतल जल* *सेवाभावी संगठनों और विद्यार्थियों का सराहनीय प्रयास, ट्रेनों में यात्रियों तक पहुंचा रहे पानी* आमला। तपती गर्मी के बीच जहां सूरज की तेज़ किरणें लोगों को बेहाल कर रही हैं, वहीं आमला में मानवता और सेवा की मिसाल पेश की जा रही है। शहर के सेवाभावी संगठन बिना किसी भेदभाव के स्टेशन से गुजरने वाली ट्रेनों के यात्रियों तक शीतल जल पहुंचाने में जुटे हुए हैं। जैसे एक पुराना गीत कहता है—“गाड़ी को देख, कैसी है नेक… अच्छा बुरा न देखे…”—उसी भावना के साथ ये समाजसेवी हर यात्री को समान रूप से सेवा प्रदान कर रहे हैं। ट्रेन में सवार हर व्यक्ति तक पानी पहुंचाने का यह प्रयास इन दिनों लगातार जारी है। इसी क्रम में आज
व्यापारी संघ आमला एवं डॉ. भीमराव अम्बेडकर महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं ने रेलवे स्टेशन पर पहुंचकर ट्रेनों में सफर कर रहे यात्रियों को ठंडा पानी वितरित किया। कड़ी धूप और गर्म हवाओं के बावजूद युवाओं और समाजसेवियों का उत्साह देखते ही बन रहा था। यह सेवा कार्य केवल राहत देने तक सीमित नहीं, बल्कि समाज में सहयोग और संवेदनशीलता का संदेश भी दे रहा है। यात्रियों ने भी इस पहल की सराहना करते हुए आभार व्यक्त किया। यह जल सेवा अभियान पूरे गर्मी के मौसम में जारी रहेगा। शहर के अन्य सामाजिक संगठनों और नागरिकों से भी अपील की जा रही है कि वे अपने समय का थोड़ा हिस्सा निकालकर इस पुण्य कार्य में सहयोग करें, ताकि यह प्रयास निरंतर चलता रहे और अधिक से अधिक लोगों तक राहत पहुंच सके।
- आमला। तपती गर्मी के बीच जहां सूरज की तेज़ किरणें लोगों को बेहाल कर रही हैं, वहीं आमला में मानवता और सेवा की मिसाल पेश की जा रही है। शहर के सेवाभावी संगठन बिना किसी भेदभाव के स्टेशन से गुजरने वाली ट्रेनों के यात्रियों तक शीतल जल पहुंचाने में जुटे हुए हैं। जैसे एक पुराना गीत कहता है—“गाड़ी को देख, कैसी है नेक… अच्छा बुरा न देखे…”—उसी भावना के साथ ये समाजसेवी हर यात्री को समान रूप से सेवा प्रदान कर रहे हैं। ट्रेन में सवार हर व्यक्ति तक पानी पहुंचाने का यह प्रयास इन दिनों लगातार जारी है। इसी क्रम में आज व्यापारी संघ आमला एवं डॉ. भीमराव अम्बेडकर महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं ने रेलवे स्टेशन पर पहुंचकर ट्रेनों में सफर कर रहे यात्रियों को ठंडा पानी वितरित किया। कड़ी धूप और गर्म हवाओं के बावजूद युवाओं और समाजसेवियों का उत्साह देखते ही बन रहा था। यह सेवा कार्य केवल राहत देने तक सीमित नहीं, बल्कि समाज में सहयोग और संवेदनशीलता का संदेश भी दे रहा है। यात्रियों ने भी इस पहल की सराहना करते हुए आभार व्यक्त किया। यह जल सेवा अभियान पूरे गर्मी के मौसम में जारी रहेगा। शहर के अन्य सामाजिक संगठनों और नागरिकों से भी अपील की जा रही है कि वे अपने समय का थोड़ा हिस्सा निकालकर इस पुण्य कार्य में सहयोग करें, ताकि यह प्रयास निरंतर चलता रहे और अधिक से अधिक लोगों तक राहत पहुंच सके।2
- कलेक्टर डॉ. सौरभ संजय सोनवणे ने बुधवार को प्रभात पट्टन विकासखंड स्थित नवोदय विद्यालय का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने विद्यालय के पुस्तकालय सहित विभिन्न कक्षाओं का अवलोकन कर व्यवस्थाओं की जानकारी ली। इस दौरान कलेक्टर ने विद्यार्थियों से आत्मीय संवाद करते हुए उनकी अभिरुचियों के बारे में जाना। विद्यार्थियों ने क्रिकेटर, डॉक्टर, आर्मी अधिकारी एवं लेखक बनने की अपनी आकांक्षाएं साझा कीं। कलेक्टर डॉ. सोनवणे ने विद्यार्थियों को निरंतर कड़ी मेहनत कर अपने लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया।निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने विद्यार्थियों को पेन एवं स्केच पेन वितरित कर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। इस दौरान प्राचार्य श्री सी एस पटेल साथ विद्यालय स्टाफ मौजूद रहा।1
- मुलताई में दमकल व्यवस्था लचर, एक वाहन खराब तो दूसरे पर बढ़ा दबाव मुलताई। विधानसभा क्षेत्र में दमकल व्यवस्था की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है, यहां नपा के पास मात्र दो दमकल वाहन उपलब्ध हैं जिनमें से एक पहले से ही खराब है, जबकि दूसरा वाहन भी हाल ही में आगजनी की घटना के दौरान खराब हो गया। ऐसे में क्षेत्र में लगातार हो रही आगजनी की घटनाओं के बीच समय पर दमकल वाहन नहीं पहुंच पाने से लोगों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि आए दिन आगजनी की घटनाएं सामने आ रही हैं, लेकिन दमकल वाहनों की कमी और तकनीकी खराबी के चलते राहत कार्य में देरी हो रही है। इससे आग पर काबू पाने में देर लग रही है जिससे नुकसान बढ़ रहा है। इस संबंध में नगर पालिका अधिकारियों का कहना है कि परिषद की बैठक में नए दमकल वाहन खरीदने का प्रस्ताव रखा गया था, लेकिन उसे मंजूरी नहीं मिल पाई। फिलहाल पुराने वाहनों को ही सुधार कर काम चलाया जा रहा है। जानकारी के अनुसार, छोटा दमकल वाहन पहले ही ख़राब हो गया था जिसे बैतूल से मरम्मत कर लाया गया जो आज सावलमेंडा मे हुई आगजनी की घटना में आग बुझाते समय खराब हो गया। बताया जा रहा है कि नपा का बड़ा दमकल वाहन मरम्मत के लिए बैतूल भेजा गया है, ऐसे में पूरे क्षेत्र की दमकल व्यवस्था भगवान भरोसे नजर आ रही है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से जल्द नए दमकल वाहन उपलब्ध कराने और व्यवस्था को मजबूत करने की मांग की है, ताकि भविष्य में होने वाली घटनाओं में समय पर राहत मिल सके।1
- पानी के लिए तरसते ग्रामीण लाखों करोड़ों खर्च लेकिन पानी की समस्या से छुटकारा नहीं आमढाना पंचायत के ढाबा ढाने की समस्या1
- आठनेर विकासखण्ड क्षेत्र के ग्राम पंचायत कोयलारी पहुंची जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती रोशनी इवने ने चौपाल लगाकर ग्रामीणों की जनसमस्याएं सुनी और मौके से ही सम्बन्धित अधिकारियों को दुरभाष पर सम्पर्क कर सामान्य समस्याओं का निराकरण किया, ग्रामीणों ने मुख्य समस्याएं पेयजल को लेकर बताई तो वहीं किसानों ने सर्वर को लेकर जनपद पंचायत अध्यक्ष को अवगत कराया। श्रीमती रोशनी इवने ने ग्रामीणों के बीच जमीन पर बैठकर समस्याएं सुनी उन्होंने कहा कि सरकार की प्रत्येक योजना का लाभ हितग्राहियों को मिले यह पहली प्राथमिकता है।1
- पांढुर्णा। कलेक्टर श्री वशिष्ठ के कड़े निर्देश और सहायक आबकारी आयुक्त बी. आर. वैद्य के मार्गदर्शन में आबकारी विभाग ने अवैध शराब के ठिकानों पर बड़ी कार्रवाई की है। बुधवार 22 अप्रैल को सौसर वृत्त के अंतर्गत आने वाले ग्राम बड़गांबोडी, नवथल, उठेकाटा गोंदी और बागोड़ा ढाना क्षेत्रों में आबकारी टीम ने छापामार कार्रवाई की। टीम ने नदी और नालों के किनारे दबिश देकर भारी मात्रा में अवैध सामग्री बरामद की है। इस सघन तलाशी अभियान के दौरान विभाग ने करीब 6000 किलोग्राम महुआ लाहन और 80 लीटर कच्ची महुआ शराब जब्त की। मौके पर ही लाहन के सैंपल लिए गए और शेष भारी मात्रा में मिले लाहन को तुरंत नष्ट कर दिया गया। विभाग ने इस मामले में आबकारी अधिनियम की धारा 34 (1) च के तहत कुल 08 अलग-अलग प्रकरण दर्ज किए हैं। अवैध शराब के निर्माण और बिक्री पर रोक लगाने के लिए की गई इस कार्रवाई में सहायक जिला आबकारी अधिकारी के सी चौहान, जी एल मरावी, भारती गोंड और उपनिरीक्षक आकाश मेश्राम समेत पूरी टीम शामिल रही। इसमें जीत सिंह धुर्वे, नरेंद्र कुमार नागेश, आनिकेत पटेल और कई आबकारी आरक्षकों के साथ होमगार्ड के जवानों ने भी सक्रिय भूमिका निभाई। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि क्षेत्र में अवैध शराब के कारोबार के खिलाफ इस तरह की सख्त कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।4
- पांढुर्णा:-स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ बनी कार्यकर्ता बोलीं—मांगें पूरी न हुईं तो होगा बड़ा आंदोलन, प्रशासन से समाधान की उम्मीद। पांढुर्णा जिले के सौंसर में आशा कार्यकर्ताओं की समस्याओं को लेकर विरोध के स्वर तेज होते नजर आ रहे हैं। दावा किया जा रहा है कि पिछले 9 महीनों से उन्हें पूर्ण वेतन नहीं मिला है, जिसके चलते कार्यकर्ताओं में नाराजगी बढ़ती जा रही है। सौंसर के रेवनाथ चौरे पार्क में आयोजित बैठक में बड़ी संख्या में आशा कार्यकर्ता एकत्रित हुईं और अपनी मांगों को लेकर आवाज उठाई। इस दौरान लघु वेतन कर्मचारी संघ के जिला उपाध्यक्ष राजू खंडाइत ने प्रशासन का ध्यान इस मुद्दे की ओर आकर्षित करते हुए कहा कि यदि जल्द ही वेतन भुगतान नहीं हुआ, तो आंदोलन तेज किया जाएगा। कार्यकर्ताओं का कहना है कि वे ग्रामीण क्षेत्रों में जच्चा-बच्चा देखभाल, टीकाकरण और विभिन्न सरकारी योजनाओं को घर-घर तक पहुंचाने का काम करती हैं। कठिन परिस्थितियों में भी सेवाएं देने के बावजूद, समय पर वेतन न मिलना उनके लिए गंभीर समस्या बन गया है। वहीं, इस पूरे मामले में स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आना अभी बाकी है। जानकारों का मानना है कि यदि जल्द समाधान नहीं निकला, तो इसका असर स्वास्थ्य सेवाओं पर भी पड़ सकता है। फिलहाल, सभी की नजरें प्रशासनिक कदमों पर टिकी हैं कि आशा कार्यकर्ताओं की मांगों पर कब तक निर्णय लिया जाता है और स्थिति को कैसे संतुलित किया जाता है।1
- आमला। शहर में जारी निर्माण कार्यों के बीच ठेकेदार की घोर लापरवाही और नगर पालिका प्रशासन की उदासीनता ने आम नागरिकों की सुरक्षा को खतरे में डाल दिया है। बुधवार दोपहर एक चार पहिया वाहन अनियंत्रित होकर निर्माणाधीन डिवाइडर के पिलर से जा टकराया। हादसा बड़ा रूप ले सकता था, लेकिन सौभाग्य से कोई जनहानि नहीं हुई। शहर में चंद्रभागा नदी से बस स्टैंड तक स्ट्रीट लाइट और डिवाइडर निर्माण का कार्य लाखों रुपये की लागत से किया जा रहा है। वहीं जनपद चौक से पीरमंजिल तक सड़क और नाली निर्माण का ठेका भी उसी एजेंसी के पास है। बावजूद इसके कार्यों में भारी अनियमितताएं और लापरवाही साफ नजर आ रही है। सूत्रों के अनुसार, निर्माण एजेंसी ने पहले डिवाइडर और स्ट्रीट लाइट का कार्य शुरू किया, लेकिन कुछ ही दिनों में उसे अधूरा छोड़कर पीरमंजिल क्षेत्र में नाली निर्माण शुरू कर दिया। इस दौरान सड़क को जगह-जगह खोद दिया गया, जिससे पूरा मार्ग अव्यवस्थित हो गया है और आवागमन बाधित हो रहा है। सबसे चिंताजनक पहलू यह है कि निर्माण स्थल पर न तो चेतावनी संकेतक लगाए गए हैं और न ही किसी प्रकार की बैरिकेडिंग की गई है। रात के समय अंधेरे में यह स्थिति और अधिक खतरनाक हो जाती है, जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। स्थिति को और गंभीर बनाता है यह तथ्य कि कई स्थानों पर पिछले हफ्तों से काम पूरी तरह बंद पड़ा है, लेकिन इसके बावजूद नगर पालिका के जिम्मेदार अधिकारी—सीएमओ और संबंधित इंजीनियर—मूकदर्शक बने हुए हैं। स्थानीय लोगों में यह सवाल उठ रहा है कि क्या प्रशासन किसी बड़ी दुर्घटना का इंतजार कर रहा है। *व्यस्त मार्ग बना जोखिम का रास्ता* आमला-बोरदेही मुख्य मार्ग शहर की जीवनरेखा माना जाता है, जहां दिनभर भारी वाहनों के साथ दोपहिया और चारपहिया वाहनों का लगातार आवागमन रहता है। ऐसे व्यस्त मार्ग पर सुरक्षा मानकों की अनदेखी सीधे तौर पर लोगों की जान से खिलवाड़ साबित हो रही है। *नागरिकों में आक्रोश, सख्त कार्रवाई की मांग* घटना के बाद क्षेत्रवासियों में ठेकेदार और संबंधित विभाग के खिलाफ भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। नागरिकों का कहना है कि यदि जल्द ही सुरक्षा इंतजाम नहीं किए गए तो भविष्य में बड़ा हादसा हो सकता है। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि निर्माण स्थल पर तत्काल चेतावनी बोर्ड, बैरिकेडिंग और पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। साथ ही लापरवाही बरतने वाले ठेकेदार और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।2