पांढुर्णा में अवैध शराब पर प्रशासन का बड़ा प्रहार 6000 किलो महुआ लाहन नष्ट पांढुर्णा। कलेक्टर श्री वशिष्ठ के कड़े निर्देश और सहायक आबकारी आयुक्त बी. आर. वैद्य के मार्गदर्शन में आबकारी विभाग ने अवैध शराब के ठिकानों पर बड़ी कार्रवाई की है। बुधवार 22 अप्रैल को सौसर वृत्त के अंतर्गत आने वाले ग्राम बड़गांबोडी, नवथल, उठेकाटा गोंदी और बागोड़ा ढाना क्षेत्रों में आबकारी टीम ने छापामार कार्रवाई की। टीम ने नदी और नालों के किनारे दबिश देकर भारी मात्रा में अवैध सामग्री बरामद की है। इस सघन तलाशी अभियान के दौरान विभाग ने करीब 6000 किलोग्राम महुआ लाहन और 80 लीटर कच्ची महुआ शराब जब्त की। मौके पर ही लाहन के सैंपल लिए गए और शेष भारी मात्रा में मिले लाहन को तुरंत नष्ट कर दिया गया। विभाग ने इस मामले में आबकारी अधिनियम की धारा 34 (1) च के तहत कुल 08 अलग-अलग प्रकरण दर्ज किए हैं। अवैध शराब के निर्माण और बिक्री पर रोक लगाने के लिए की गई इस कार्रवाई में सहायक जिला आबकारी अधिकारी के सी चौहान, जी एल मरावी, भारती गोंड और उपनिरीक्षक आकाश मेश्राम समेत पूरी टीम शामिल रही। इसमें जीत सिंह धुर्वे, नरेंद्र कुमार नागेश, आनिकेत पटेल और कई आबकारी आरक्षकों के साथ होमगार्ड के जवानों ने भी सक्रिय भूमिका निभाई। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि क्षेत्र में अवैध शराब के कारोबार के खिलाफ इस तरह की सख्त कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
पांढुर्णा में अवैध शराब पर प्रशासन का बड़ा प्रहार 6000 किलो महुआ लाहन नष्ट पांढुर्णा। कलेक्टर श्री वशिष्ठ के कड़े निर्देश और सहायक आबकारी आयुक्त बी. आर. वैद्य के मार्गदर्शन में आबकारी विभाग ने अवैध शराब के ठिकानों पर बड़ी कार्रवाई की है। बुधवार 22 अप्रैल को सौसर वृत्त के अंतर्गत आने वाले ग्राम बड़गांबोडी, नवथल, उठेकाटा गोंदी और
बागोड़ा ढाना क्षेत्रों में आबकारी टीम ने छापामार कार्रवाई की। टीम ने नदी और नालों के किनारे दबिश देकर भारी मात्रा में अवैध सामग्री बरामद की है। इस सघन तलाशी अभियान के दौरान विभाग ने करीब 6000 किलोग्राम महुआ लाहन और 80 लीटर कच्ची महुआ शराब जब्त की। मौके पर ही लाहन के सैंपल लिए गए और शेष भारी
मात्रा में मिले लाहन को तुरंत नष्ट कर दिया गया। विभाग ने इस मामले में आबकारी अधिनियम की धारा 34 (1) च के तहत कुल 08 अलग-अलग प्रकरण दर्ज किए हैं। अवैध शराब के निर्माण और बिक्री पर रोक लगाने के लिए की गई इस कार्रवाई में सहायक जिला आबकारी अधिकारी के सी चौहान, जी एल मरावी, भारती गोंड
और उपनिरीक्षक आकाश मेश्राम समेत पूरी टीम शामिल रही। इसमें जीत सिंह धुर्वे, नरेंद्र कुमार नागेश, आनिकेत पटेल और कई आबकारी आरक्षकों के साथ होमगार्ड के जवानों ने भी सक्रिय भूमिका निभाई। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि क्षेत्र में अवैध शराब के कारोबार के खिलाफ इस तरह की सख्त कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
- पांढुर्णा। कलेक्टर श्री वशिष्ठ के कड़े निर्देश और सहायक आबकारी आयुक्त बी. आर. वैद्य के मार्गदर्शन में आबकारी विभाग ने अवैध शराब के ठिकानों पर बड़ी कार्रवाई की है। बुधवार 22 अप्रैल को सौसर वृत्त के अंतर्गत आने वाले ग्राम बड़गांबोडी, नवथल, उठेकाटा गोंदी और बागोड़ा ढाना क्षेत्रों में आबकारी टीम ने छापामार कार्रवाई की। टीम ने नदी और नालों के किनारे दबिश देकर भारी मात्रा में अवैध सामग्री बरामद की है। इस सघन तलाशी अभियान के दौरान विभाग ने करीब 6000 किलोग्राम महुआ लाहन और 80 लीटर कच्ची महुआ शराब जब्त की। मौके पर ही लाहन के सैंपल लिए गए और शेष भारी मात्रा में मिले लाहन को तुरंत नष्ट कर दिया गया। विभाग ने इस मामले में आबकारी अधिनियम की धारा 34 (1) च के तहत कुल 08 अलग-अलग प्रकरण दर्ज किए हैं। अवैध शराब के निर्माण और बिक्री पर रोक लगाने के लिए की गई इस कार्रवाई में सहायक जिला आबकारी अधिकारी के सी चौहान, जी एल मरावी, भारती गोंड और उपनिरीक्षक आकाश मेश्राम समेत पूरी टीम शामिल रही। इसमें जीत सिंह धुर्वे, नरेंद्र कुमार नागेश, आनिकेत पटेल और कई आबकारी आरक्षकों के साथ होमगार्ड के जवानों ने भी सक्रिय भूमिका निभाई। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि क्षेत्र में अवैध शराब के कारोबार के खिलाफ इस तरह की सख्त कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।4
- पांढुर्णा:-स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ बनी कार्यकर्ता बोलीं—मांगें पूरी न हुईं तो होगा बड़ा आंदोलन, प्रशासन से समाधान की उम्मीद। पांढुर्णा जिले के सौंसर में आशा कार्यकर्ताओं की समस्याओं को लेकर विरोध के स्वर तेज होते नजर आ रहे हैं। दावा किया जा रहा है कि पिछले 9 महीनों से उन्हें पूर्ण वेतन नहीं मिला है, जिसके चलते कार्यकर्ताओं में नाराजगी बढ़ती जा रही है। सौंसर के रेवनाथ चौरे पार्क में आयोजित बैठक में बड़ी संख्या में आशा कार्यकर्ता एकत्रित हुईं और अपनी मांगों को लेकर आवाज उठाई। इस दौरान लघु वेतन कर्मचारी संघ के जिला उपाध्यक्ष राजू खंडाइत ने प्रशासन का ध्यान इस मुद्दे की ओर आकर्षित करते हुए कहा कि यदि जल्द ही वेतन भुगतान नहीं हुआ, तो आंदोलन तेज किया जाएगा। कार्यकर्ताओं का कहना है कि वे ग्रामीण क्षेत्रों में जच्चा-बच्चा देखभाल, टीकाकरण और विभिन्न सरकारी योजनाओं को घर-घर तक पहुंचाने का काम करती हैं। कठिन परिस्थितियों में भी सेवाएं देने के बावजूद, समय पर वेतन न मिलना उनके लिए गंभीर समस्या बन गया है। वहीं, इस पूरे मामले में स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आना अभी बाकी है। जानकारों का मानना है कि यदि जल्द समाधान नहीं निकला, तो इसका असर स्वास्थ्य सेवाओं पर भी पड़ सकता है। फिलहाल, सभी की नजरें प्रशासनिक कदमों पर टिकी हैं कि आशा कार्यकर्ताओं की मांगों पर कब तक निर्णय लिया जाता है और स्थिति को कैसे संतुलित किया जाता है।1
- मुलताई में दमकल व्यवस्था लचर, एक वाहन खराब तो दूसरे पर बढ़ा दबाव मुलताई। विधानसभा क्षेत्र में दमकल व्यवस्था की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है, यहां नपा के पास मात्र दो दमकल वाहन उपलब्ध हैं जिनमें से एक पहले से ही खराब है, जबकि दूसरा वाहन भी हाल ही में आगजनी की घटना के दौरान खराब हो गया। ऐसे में क्षेत्र में लगातार हो रही आगजनी की घटनाओं के बीच समय पर दमकल वाहन नहीं पहुंच पाने से लोगों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि आए दिन आगजनी की घटनाएं सामने आ रही हैं, लेकिन दमकल वाहनों की कमी और तकनीकी खराबी के चलते राहत कार्य में देरी हो रही है। इससे आग पर काबू पाने में देर लग रही है जिससे नुकसान बढ़ रहा है। इस संबंध में नगर पालिका अधिकारियों का कहना है कि परिषद की बैठक में नए दमकल वाहन खरीदने का प्रस्ताव रखा गया था, लेकिन उसे मंजूरी नहीं मिल पाई। फिलहाल पुराने वाहनों को ही सुधार कर काम चलाया जा रहा है। जानकारी के अनुसार, छोटा दमकल वाहन पहले ही ख़राब हो गया था जिसे बैतूल से मरम्मत कर लाया गया जो आज सावलमेंडा मे हुई आगजनी की घटना में आग बुझाते समय खराब हो गया। बताया जा रहा है कि नपा का बड़ा दमकल वाहन मरम्मत के लिए बैतूल भेजा गया है, ऐसे में पूरे क्षेत्र की दमकल व्यवस्था भगवान भरोसे नजर आ रही है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से जल्द नए दमकल वाहन उपलब्ध कराने और व्यवस्था को मजबूत करने की मांग की है, ताकि भविष्य में होने वाली घटनाओं में समय पर राहत मिल सके।1
- बिछुआ। विगत कुछ दिनों से पेंच टाइगर रिजर्व के कुंभपानी बफर एवं कोर क्षेत्र में जनहानि की घटनाएं सामने आने के बाद प्रशासन और वन विभाग द्वारा सतर्कता बढ़ा दी गई है। इसी संबंध में दिनांक 22 अप्रैल 2026 को जनपद पंचायत भवन बिछुआ में तहसील बिछुआ एवं चांद क्षेत्र के वन, राजस्व, पंचायत, आंगनवाड़ी, स्वास्थ्य, खाद्य, बिजली और पुलिस विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की संयुक्त समन्वय बैठक आयोजित की गई। बैठक में वन विभाग की ओर से सहायक वन संरक्षक (छिंदवाड़ा क्षेत्र) पेंच टाइगर रिजर्व, सिवनी द्वारा कोर एवं बफर क्षेत्र की सीमाओं की विस्तृत जानकारी दी गई। साथ ही तहसीलदार, मुख्य कार्यपालन अधिकारी, अधीनस्थ कर्मचारियों एवं जनप्रतिनिधियों के साथ ग्रामीणों में फैले आक्रोश और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चर्चा की गई। अधिकारियों ने ग्रामीणों से अपील की कि महुआ बीनने अकेले न जाएं, वन्यप्राणियों से छेड़छाड़ न करें, तेंदूपत्ता तोड़ने के लिए सुबह 8 बजे के बाद ही जंगल में प्रवेश करें तथा कोर क्षेत्र में जाने से बचें। इसके अलावा गांवों में मवेशियों को खुले स्थान पर न बांधने और वन्यप्राणियों के हमले से बचाव के उपायों के बारे में भी जानकारी दी गई। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि वन क्षेत्र के आसपास के गांवों में ग्रामीणों की सहमति से फेंसिंग कराने पर विचार किया जाएगा। वहीं बिजली विभाग को निर्देश दिए गए कि वन क्षेत्र से लगे गांवों के खेतों में दिन के समय बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए, जिससे ग्रामीणों को रात्रि में खेतों में जाने की आवश्यकता कम हो। वन विभाग द्वारा बताया गया कि बाघ की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए कैमरा ट्रैप, वाहन और हाथियों के माध्यम से लगातार गश्ती की जा रही है। साथ ही गांव-गांव में समितियों की बैठक, बाघ चौपाल और मोगली साइकिल अभियान के जरिए जनजागरूकता फैलाने का कार्य किया जा रहा है। अधिकारियों ने ग्रामीणों से अपील की है कि यदि गांव के आसपास या सड़क किनारे कहीं भी बाघ दिखाई दे, तो उसकी सूचना तुरंत वन विभाग के कर्मचारियों, वनरक्षक या डिप्टी रेंजर को दें तथा अफवाह फैलाने, मोबाइल से वीडियो बनाने या उसे वायरल करने से बचें। उक्त बैठक में सहायक वन संरक्षक (छिंदवाड़ा क्षेत्र) पेंच टाइगर रिजर्व, सिवनी, तहसीलदार बिछुआ, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत बिछुआ, वन परिक्षेत्र अधिकारी कुंभपानी, खमारपानी, गुमतरा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।1
- आमला। तपती गर्मी के बीच जहां सूरज की तेज़ किरणें लोगों को बेहाल कर रही हैं, वहीं आमला में मानवता और सेवा की मिसाल पेश की जा रही है। शहर के सेवाभावी संगठन बिना किसी भेदभाव के स्टेशन से गुजरने वाली ट्रेनों के यात्रियों तक शीतल जल पहुंचाने में जुटे हुए हैं। जैसे एक पुराना गीत कहता है—“गाड़ी को देख, कैसी है नेक… अच्छा बुरा न देखे…”—उसी भावना के साथ ये समाजसेवी हर यात्री को समान रूप से सेवा प्रदान कर रहे हैं। ट्रेन में सवार हर व्यक्ति तक पानी पहुंचाने का यह प्रयास इन दिनों लगातार जारी है। इसी क्रम में आज व्यापारी संघ आमला एवं डॉ. भीमराव अम्बेडकर महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं ने रेलवे स्टेशन पर पहुंचकर ट्रेनों में सफर कर रहे यात्रियों को ठंडा पानी वितरित किया। कड़ी धूप और गर्म हवाओं के बावजूद युवाओं और समाजसेवियों का उत्साह देखते ही बन रहा था। यह सेवा कार्य केवल राहत देने तक सीमित नहीं, बल्कि समाज में सहयोग और संवेदनशीलता का संदेश भी दे रहा है। यात्रियों ने भी इस पहल की सराहना करते हुए आभार व्यक्त किया। यह जल सेवा अभियान पूरे गर्मी के मौसम में जारी रहेगा। शहर के अन्य सामाजिक संगठनों और नागरिकों से भी अपील की जा रही है कि वे अपने समय का थोड़ा हिस्सा निकालकर इस पुण्य कार्य में सहयोग करें, ताकि यह प्रयास निरंतर चलता रहे और अधिक से अधिक लोगों तक राहत पहुंच सके।2
- आठनेर विकासखण्ड क्षेत्र के ग्राम पंचायत कोयलारी पहुंची जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती रोशनी इवने ने चौपाल लगाकर ग्रामीणों की जनसमस्याएं सुनी और मौके से ही सम्बन्धित अधिकारियों को दुरभाष पर सम्पर्क कर सामान्य समस्याओं का निराकरण किया, ग्रामीणों ने मुख्य समस्याएं पेयजल को लेकर बताई तो वहीं किसानों ने सर्वर को लेकर जनपद पंचायत अध्यक्ष को अवगत कराया। श्रीमती रोशनी इवने ने ग्रामीणों के बीच जमीन पर बैठकर समस्याएं सुनी उन्होंने कहा कि सरकार की प्रत्येक योजना का लाभ हितग्राहियों को मिले यह पहली प्राथमिकता है।1
- बदायूँ जनपद बदायूं के थाना बिनावर क्षेत्र के गांव शकूरपुर में ट्रांसफार्मर खराब होने से बीते 20 दिनों से1
- धर्म के मार्ग पर चलने वाले व्यक्ति का कोई बाल भी बांका नहीं कर सकता। यह अटूट सत्य प्रेमानंद जी महाराज के प्रवचनों का सार है। महाराज जी बताते हैं कि जब मनुष्य अपने जीवन को धर्म और भक्ति से जोड़ लेता है, तो दुनिया की कोई भी शक्ति उसे विचलित नहीं कर सकती। उनकी वाणी उलझी हुई जिंदगी को सुलझाने और मन को शांति प्रदान करने का एक सशक्त माध्यम है। प्रेमानंद जी महाराज के विचारों को अपने जीवन में उतारने के लिए आप उनके चैनल को फॉलो और लाइक कर सकते हैं। उनके सत्संग न केवल हमें सही दिशा दिखाते हैं, बल्कि कठिन समय में धैर्य और साहस बनाए रखने की शक्ति भी देते हैं। यदि आप भी अपने जीवन में सकारात्मक बदलाव लाना चाहते हैं और आध्यात्मिकता से जुड़ना चाहते हैं, तो महाराज जी के बताए मार्ग का अनुसरण करें। राधे राधे।1