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Nh43 बायपास मार्ग में तेज रफ्तार स्कॉर्पियो वाहन अनियंत्रित होकर पलटा शहडोल गुरुवार को nh43 बायपास मार्ग में तेज रफ्तार स्कॉर्पियो वाहन अनियंत्रित होकर पलट गया हालांकि इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई है, लेकिन स्थानीय लोगों ने जानकारी देते हुए बताया है कि वाहन काफी तेज था और सामने से एक ट्रक आ रहा था, अचानक स्कॉर्पियो वाहन अनियंत्रित हो गया और पलट गया वहीं मौके पर स्थानीय लोगों की काफी भीड़ भी लगी रही है।
Akhilesh Mishra
Nh43 बायपास मार्ग में तेज रफ्तार स्कॉर्पियो वाहन अनियंत्रित होकर पलटा शहडोल गुरुवार को nh43 बायपास मार्ग में तेज रफ्तार स्कॉर्पियो वाहन अनियंत्रित होकर पलट गया हालांकि इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई है, लेकिन स्थानीय लोगों ने जानकारी देते हुए बताया है कि वाहन काफी तेज था और सामने से एक ट्रक आ रहा था, अचानक स्कॉर्पियो वाहन अनियंत्रित हो गया और पलट गया वहीं मौके पर स्थानीय लोगों की काफी भीड़ भी लगी रही है।
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- Post by Ashok Sondhiya1
- शहडोल। जिले के गोहपारू वन क्षेत्र में हाल ही में हुई घटनाओं ने प्रशासनिक सक्रियता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक ओर जहां एक तेंदुए की कुएं में गिरने से मौत हो गई, वहीं दूसरी ओर वन विभाग के कर्मचारियों पर हमले की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र में लंबे समय से अव्यवस्थाएं बनी हुई हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों की ओर से ठोस कार्रवाई नजर नहीं आ रही। इससे लोगों में नाराज़गी बढ़ती जा रही है। मुख्य सवाल जो उठ रहे हैं: 👉 वन्यजीव सुरक्षा पर लापरवाही? तेंदुए की मौत को लेकर सवाल उठ रहे हैं कि क्या सुरक्षा इंतजाम पर्याप्त थे। यदि कुएं के आसपास सुरक्षा दीवार या घेराबंदी होती, तो शायद यह घटना टाली जा सकती थी। 👉 कर्मचारियों की सुरक्षा पर खतरा वन विभाग की टीम पर हमले की घटना ने यह साफ कर दिया है कि फील्ड में काम कर रहे कर्मचारियों की सुरक्षा पर्याप्त नहीं है। ऐसे में उनके मनोबल पर भी असर पड़ रहा है। 👉 जिम्मेदारी तय क्यों नहीं? घटनाओं के बाद भी अब तक किसी स्तर पर स्पष्ट जवाबदेही तय नहीं होने से प्रशासनिक कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय स्तर पर बढ़ रही चिंता गोहपारू क्षेत्र में लगातार सामने आ रही घटनाओं से ग्रामीणों और कर्मचारियों दोनों में असुरक्षा की भावना है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सुधारात्मक कदम नहीं उठाए गए, तो हालात और गंभीर हो सकते हैं। क्या होनी चाहिए आगे की कार्रवाई? पूरे मामले की स्वतंत्र जांच कराई जाए वन्यजीव सुरक्षा के लिए मूलभूत ढांचे (जैसे कुओं की सुरक्षा) को मजबूत किया जाए फील्ड कर्मचारियों के लिए सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई जाए संबंधित मामलों में जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए निष्कर्ष गोहपारू की घटनाएं सिर्फ एक इलाके की समस्या नहीं, बल्कि सिस्टम की कार्यप्रणाली पर सवाल हैं। अब देखना होगा कि प्रशासन इन संकेतों को गंभीरता से लेकर ठोस कदम उठाता है या नहीं।1
- बाणसागर: शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बाणसागर प्रभारी प्राचार्य श्री शिवेंद्र मणि त्रिपाठी के मार्गदर्शन में आयोजित नवीन शैक्षणिक सत्र 2026-27 के शुभारंभ पर भव्य 'प्रवेश उत्सव' का आयोजन किया गया। शासन के निर्देशानुसार आयोजित इस कार्यक्रम में नव-प्रवेशी छात्र-छात्राओं का स्वागत पारंपरिक और उत्साहपूर्ण तरीके से तिलक लगाकर हुआ स्वागत विद्यालय की गरिमा के अनुरूप, शिक्षकों और वरिष्ठ छात्रों ने नव-प्रवेशी विद्यार्थियों का प्रवेश द्वार पर ही तिलक लगाकर और फूल-मालाओं के साथ आत्मीय अभिनंदन किया। इस दौरान छात्रों के चेहरे पर नई कक्षा और नए सत्र को लेकर विशेष उत्साह देखा गया।प्रवेश उत्सव के अवसर पर विद्यालय में कार्यक्रम की शुरुआत वैदिक मंत्रोच्चार और मां सरस्वती की प्रतिमा की स्थापना के साथ हुई। विद्यालय के प्रभारी प्राचार्य और शिक्षकों ने दीप प्रज्वलित कर माता का आशीर्वाद लिया।। छात्र-छात्राओं ने विभिन्न लोक गीतों, नृत्यों के माध्यम से अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। कार्यक्रमों के माध्यम से शिक्षा के महत्व और 'स्कूल चलें हम' अभियान का संदेश दिया गया। इस दौरान कक्षा 9वीं और 11वीं के छात्र-छात्राओं को उनकी अंकसूची प्रदान की गई। साथ ही, आगामी शैक्षणिक सत्र के सुचारू संचालन हेतु शासन की योजना के तहत विद्यार्थियों को निःशुल्क पाठ्यपुस्तकों का वितरण भी किया गया। विद्यालय का परीक्षा परिणाम उत्कृष्ट रहा, जिसमें कई छात्र-छात्राओं ने प्रथम श्रेणी में स्थान प्राप्त कर विद्यालय का नाम रोशन किया। अंकसूची प्राप्त करने के तुरंत बाद विद्यार्थियों को नए सत्र की पुस्तकें प्रदान की गईं, ताकि वे अपनी आगे की पढ़ाई समय पर शुरू कर सकें। इस अवसर पर उपस्थित अभिभावकों को उनके बच्चों की प्रगति के बारे में जानकारी दी गई और शिक्षा के महत्व पर प्रकाश डाला गया। अतिथियों का उद्बोधन: कार्यक्रम के मुख्य अतिथि स्थानीय नगर परिषद खांड (बाणसागर) अध्यक्ष श्री मती सुशीला सिंह भाजपा मंडल अध्यक्ष वीरेंद्र बैस, वरिष्ठ समाजसेवी गया पयासी और निपेंद्र सिंह, रामजी गौतम संबोधन में विद्यार्थियों को बधाई दी और उन्हें भविष्य के लिए कड़ी मेहनत करने हेतु प्रेरित किया। प्राचार्य का संबोधन:इस अवसर पर विद्यालय के प्रभारी प्राचार्य श्री शिवेंद्र मणि त्रिपाठी ने सफल विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि "शिक्षा ही सफलता की कुंजी है। नई पुस्तकें विद्यार्थियों के लिए नए सपनों की शुरुआत हैं।" उन्होंने अभिभावकों से भी आग्रह किया कि वे बच्चों की शिक्षा के प्रति जागरूक रहें और उन्हें नियमित विद्यालय भेजें।परीक्षा परिणाम पाकर छात्रों के चेहरे खिल उठे और वे नई पुस्तकें पाकर बेहद उत्साहित नजर आए।1
- घुघरी/कैबिनेट मंत्री सम्पतिया उइके ने नैनपुर के धतूरा में खेतों में पहुंचकर ओला वृष्टि से फसलों को हुए नुकसान का लिया जायजा।1
- मध्य प्रदेश के कटनी में इंसानियत शर्मसार, ट्रेन के टॉयलेट में लावारिस मिली नवजात सोमवार (30 मार्च) की सुबह हरिद्वार से पुरी जा रही उत्कल एक्सप्रेस के S-4 कोच में उस वक्त हड़कंप मच गया. जब एक यात्री ने टॉयलेट के अंदर एक नवजात शिशु को पड़ा हुआ देखा. मध्य प्रदेश के कटनी से इंसानियत को शर्मसार कर देने वाली एक ऐसी खबर सामने आई है. जिसने सभी के रोंगटे खड़े कर दिए हैं. कटनी में उत्कल एक्सप्रेस के कोच के टॉयलेट में एक नवजात शिशु लावारिस हालत में मिली है. लावारिश हालत में शिशु के बरामद होने से हड़कंप मच गया. यह घटना मुड़वारा रेलवे स्टेशन की है, जहां मासूम की जिंदगी मौत के मुहाने पर थी, लेकिन समय रहते उसे बचा लिया गया. फिलहाल नवजात शिशु पूरी तरह सुरक्षित बताई जा रही है. यात्री को टॉयलेट में मिला नवजात शिशु सोमवार (30 मार्च) की सुबह हरिद्वार से पुरी जा रही उत्कल एक्सप्रेस के S-4 कोच में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब एक यात्री ने टॉयलेट के अंदर एक नवजात शिशु को पड़ा हुआ देखा. यात्री द्वारा यह दृश्य देखते ही इसकी सूचना यात्री ने तुरंत रेलवे के इमरजेंसी नंबर पर दी. सूचना मिलते ही कोच में अफरा-तफरी मच गई.1
- रूस ने भर दी भारत की झोली, होर्मुज की वजह से तेल संकट आया तो भर-भरकर भेजा 'काला सोना' होर्मुज संकट की वजह से आने वाले दिनों में एनर्जी क्राइसिस न होने पाए, इसलिए भारत ने रूस से कोयले का इंपोर्ट बढ़ा दिया है. रूस ने भी निराश नहीं किया. आंकड़े बता रहे है कि मार्च महीने के पहले तीन हफ्तों में ही शिपमेंट में 25% की बढ़ोतरी दर्ज की गई है. महीने के अंत तक आयात में 20–35% तक और बढ़त हो सकती है. कहते हैं पुरानी दोस्ती समय की कसौटी पर हमेशा खरी उतरती है… कुछ ऐसा ही इन दिनों भारत-रूस के रिश्तों में नजर आ रहा है. ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद किया तो पहले तो रूस ने तेल के टैंकर भारत की ओर मोड़ दिए. फिर गैस के टैंकर भेजने शुरू कर दिए. और अब खबर आ रही कि रूस भर भरकर भारत को ‘काला सोना’ यानी कोयला भेज भारत के बंदरगाहों पर रहा है. रूस ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि संकट की घड़ी में वह हमेशा अपने सबसे पुराने और भरोसेमंद दोस्त के साथ खड़ा है. रूस ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि संकट की घड़ी में वह नई दिल्ली के साथ मजबूती से खड़ा है.1
- शहडोल गुरुवार को हनुमान जयंती के अवसर पर भारतीय श्रमजीवी पत्रकार संघ के लोग एकत्रित होकर कलेक्ट्रेट परिसर पहुंचे और विशाल भंडारे का आयोजन किया है, इस भंडारे के आयोजन में सैकड़ो की तादाद पर श्रद्धालु पहुंचे और भंडारे का प्रसाद ग्रहण किया है, इस दौरान भारतीय श्रमजीव पत्रकार संघ के लोग काफी संख्या में मौजूद रहे हैं।1
- Post by Ashok Sondhiya1
- शहडोल /जिला जेल शहडोल में बुधवार सुबह उस वक्त हड़कंप मच गया, जब कोर्ट से आजीवन कारावास की सजा मिलने के बाद एक बंदी ने आत्महत्या की कोशिश कर डाली। बंदी ने किसी नुकीली वस्तु से अपना ही गला काट लिया, जिससे जेल प्रशासन में अफरा-तफरी फैल गई। जानकारी के मुताबिक, दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट के मामले में दोषी पाए गए बंदी पंकज कटारे को हाल ही में अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाई थी। सजा के बाद से ही वह मानसिक रूप से बेहद तनाव में बताया जा रहा था। 🔴 सुबह बैरक खुलते ही सामने आया खौफनाक मंजर बुधवार सुबह जब सुरक्षाकर्मी बैरक खोलने पहुंचे, तो चादर पर खून के निशान देखकर उनके होश उड़ गए। पास जाकर देखा तो बंदी के हाथ में टीन का धारदार टुकड़ा था और वह अपने गले पर वार कर चुका था। ⚡ तुरंत बचाई गई जान सुरक्षाकर्मियों ने फौरन स्थिति संभाली, बंदी को काबू में लिया और तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों ने बताया कि गले में गहरा घाव था, जिस पर टांके लगाए गए हैं। फिलहाल उसकी हालत स्थिर है और खतरे से बाहर बताई जा रही है। 🔎 तनाव बना वजह? जेल प्रशासन के अनुसार, बंदी पिछले करीब एक साल से जेल में था और इस दौरान उससे मिलने कोई परिजन नहीं आया। कानूनी सहायता भी नहीं मिल सकी, जिससे वह लगातार मानसिक दबाव में था। उम्रकैद की सजा सुनाए जाने के बाद उसका तनाव और बढ़ गया, जिसने उसे यह खौफनाक कदम उठाने पर मजबूर कर दिया। ⚠️ पहले भी रहा है आपराधिक इतिहास बताया जा रहा है कि आरोपी पहले भी दुष्कर्म के मामले में सजा काट चुका है और हाल ही में रिहा होने के बाद फिर एक गंभीर अपराध में लिप्त पाया गया था। 👉 फिलहाल मामले ने जेल सुरक्षा व्यवस्था और बंदियों की मानसिक स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।1