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साथियों, हम अलग-अलग राजनीतिक दलों में बंटकर वर्षों से वोट देते आए हैं, लेकिन गैरसैंण की सबसे बड़ी जरूरत आज भी वहीं खड़ी है। क्योंकि जब गैरसैंण की जनता एकमत होगी, तभी हमारी आवाज विधानसभा से दिल्ली तक पहुंचेगी। इस बार वोट की ताकत से गैरसैंण के भविष्य की नींव रखनी है। ❤️🏔️ #गैरसैंण #कर्णप्रयाग #गैरसैंण_में_AIIMS_चाहिए #viralreelschallenge #PostViral #GenZ
पवन नेगी
साथियों, हम अलग-अलग राजनीतिक दलों में बंटकर वर्षों से वोट देते आए हैं, लेकिन गैरसैंण की सबसे बड़ी जरूरत आज भी वहीं खड़ी है। क्योंकि जब गैरसैंण की जनता एकमत होगी, तभी हमारी आवाज विधानसभा से दिल्ली तक पहुंचेगी। इस बार वोट की ताकत से गैरसैंण के भविष्य की नींव रखनी है। ❤️🏔️ #गैरसैंण #कर्णप्रयाग #गैरसैंण_में_AIIMS_चाहिए #viralreelschallenge #PostViral #GenZ
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- साथियों, हम अलग-अलग राजनीतिक दलों में बंटकर वर्षों से वोट देते आए हैं, लेकिन गैरसैंण की सबसे बड़ी जरूरत आज भी वहीं खड़ी है। क्योंकि जब गैरसैंण की जनता एकमत होगी, तभी हमारी आवाज विधानसभा से दिल्ली तक पहुंचेगी। इस बार वोट की ताकत से गैरसैंण के भविष्य की नींव रखनी है। ❤️🏔️ #गैरसैंण #कर्णप्रयाग #गैरसैंण_में_AIIMS_चाहिए #viralreelschallenge #PostViral #GenZ1
- 30 लोग वर्षों से माइंस के बीच जान जोखिम में डालकर रहने को मजबूर हैं बागेश्वर के कांडा क्षेत्र के बखेत गांव में करीब 30 लोग वर्षों से माइंस के बीच जान जोखिम में डालकर रहने को मजबूर हैं। बारिश होते ही इन परिवारों की मुश्किलें और बढ़ जाती हैं। घरों के अंदर पानी भरने के साथ ही लगातार खिसकती जमीन और कमजोर हो चुकी दीवारें हादसे की आशंका बढ़ा रही हैं। वीओ 1 - ग्रामीणों के मुताबिक, बखेत में आबादी के दोनों ओर माइंस होने के कारण जमीन लगातार अस्थिर हो रही है। हल्की बारिश में भी घरों के भीतर पानी घुस जाता है। कई मकानों की छतें टपक रही हैं और परिवार बर्तनों में पानी जमा कर रात गुजारने को मजबूर हैं। ग्रामीणों का कहना है कि एक तरफ घर के भीतर से पानी आता है तो दूसरी तरफ छत से पानी टपकता है। वीओ 2- सबसे ज्यादा चिंता मंजू देवी के परिवार को लेकर है। उनके घर में पांच बच्चे हैं। मकान की दीवारों से पत्थर गिरने लगे हैं, जबकि आंगन की स्थिति भी बेहद खराब है। परिवार के लिए शौचालय की सुविधा तक पर्याप्त नहीं है। ऐसे में बच्चों की सुरक्षा को लेकर परिजन हर समय चिंतित रहते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जमीन खिसकने की समस्या नई नहीं है। दशकों से वे सुरक्षित स्थान पर विस्थापन की मांग कर रहे हैं, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं हो सका है। उनका कहना है कि बरसात के दौरान हर दिन किसी बड़े हादसे का डर बना रहता है। वीओ 3- ग्रामीणों ने सवाल उठाया कि जब जिला खनिज फाउंडेशन (DMF) में करोड़ों रुपये उपलब्ध हैं, तो खनन प्रभावित और जोखिम वाले क्षेत्र में रहने वाले इन परिवारों के पुनर्वास के लिए फंड का इस्तेमाल क्यों नहीं किया जा रहा है। उनकी मांग है कि प्रशासन मौके का स्थलीय निरीक्षण कर जल्द से जल्द उन्हें सुरक्षित स्थान पर विस्थापित कर.. जिलाधिकारी अपूर्वा पांडेय ने कहा कि ऐसे संवेदनशील क्षेत्रों में टीम भेजकर स्थिति की जांच कराई जाएगी। जांच रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।1
- सहारनपुर में आधी रात बड़ा एक्शन! इकरा हसन को पुलिस ने रोका, बुलडोजर कार्रवाई पर गरमाई सियासत सहारनपुर में बुलडोजर कार्रवाई के बाद देर रात ऐसा घटनाक्रम हुआ जिसने उत्तर प्रदेश की राजनीति में नई बहस छेड़ दी। समाजवादी पार्टी की सांसद इकरा हसन सहारनपुर जाने के लिए निकलीं, लेकिन पुलिस ने उन्हें रास्ते में आगे बढ़ने की अनुमति नहीं दी। इसके बाद उनके आवास के बाहर सुरक्षा बढ़ा दी गई और देर रात तक पुलिस व सांसद के बीच बातचीत चलती रही। इस वीडियो में हम पूरे घटनाक्रम को क्रमवार समझा रहे हैं—आखिर बुलडोजर कार्रवाई के बाद हालात कैसे बदले, प्रशासन ने क्या वजह बताई, इकरा हसन ने क्या आरोप लगाए और इस पूरे मामले का राजनीतिक असर क्या हो सकता है। अगर आप बिना अफवाह, सिर्फ़ अहम तथ्यों और तेज़ अपडेट के साथ उत्तर प्रदेश की बड़ी खबरें देखना चाहते हैं, तो G Express को सब्सक्राइब करें और बेल आइकन ज़रूर दबाएं। #Saharanpur #IqraHasan #UPNews #BreakingNews #HindiNews #SamajwadiParty #Politics #LatestNews #GExpress1
- नैनीताल आज 6 सितंबर 2026, सुबह से हो रही बारिश। मानसून का अदभुत सौंदर्य। नैनीताल आज 6 सितंबर 2026, सुबह से हो रही बारिश। मानसून का अदभुत सौंदर्य।1
- देश आज चाँद पर पहुँच गया है , लेकिन टिहरी के इस गांव तक आज तक सड़क नहीं पहुंची! टिहरी गढ़वाल :देश आज चाँद पर पहुँच गया है , लेकिन टिहरी के इस गांव तक आज तक सड़क नहीं पहुंची! ग्राम पंचायत सिलोडा, उपली रमोली, विधानसभा प्रतापनगर, जनपद टिहरी गढ़वाल के अंतिम गांव में आज भी सड़क नहीं होने की वजह से लोगों को डंडी कंडि का सहारा लेकर सड़क मार्ग तक लाना पड़ता है आजादी के दशकों बाद और उत्तराखंड राज्य गठन के 26 वर्ष बाद भी यहां के ग्रामीण सड़क जैसी बुनियादी सुविधा के लिए तरस रहे हैं। लगातार बारिश और खराब मौसम के बीच जब किसी ग्रामीण की तबीयत बिगड़ती है, बुजुर्ग बीमार पड़ते हैं, जंगल में घास काटते समय कोई महिला दुर्घटनाग्रस्त होती है या किसी गर्भवती महिला को प्रसव पीड़ा होती है, तो उसे डंडी-कंडी के सहारे कई किलोमीटर पैदल सड़क तक पहुंचाना पड़ता है। जिस दुर्गम और फिसलन भरे रास्ते पर सामान्य व्यक्ति का चलना तक मुश्किल है, उसी रास्ते पर लाचार मरीजों और गर्भवती महिलाओं की जिंदगी दांव पर लगाकर उन्हें अस्पताल पहुंचाने की मजबूरी है। समय पर उपचार न मिलने के कारण कई बार रास्ते में ही अनहोनी होने की घटनाएं भी सामने आ चुकी हैं। सवाल सरकार से है—आखिर इन ग्रामीणों का गुनाह क्या है? क्या सड़क सिर्फ शहरों और सड़कों से जुड़े गांवों का अधिकार है? क्या पहाड़ के अंतिम छोर पर रहने वाला ग्रामीण इस मूलभूत सुविधा का हकदार नहीं है? क्या चुनाव के समय किए गए वादे और घोषणाएं सिर्फ वोट लेने तक सीमित हैं? पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य एवं प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव राकेश राणा ने कहा कि राज्य गठन के 26 वर्ष बाद भी कई सरकारें आईं और चली गईं, लेकिन सिलोडा जैसे सीमांत गांवों की तस्वीर नहीं बदली। उन्होंने कहा कि यह गांव टिहरी और उत्तरकाशी जनपद की सीमा से लगा हुआ अंतिम क्षेत्र है। भाजपा की तथाकथित ‘डबल इंजन’ सरकार ने गांव तक सड़क पहुंचाने की कई बार घोषणाएं कीं, लेकिन घोषणाओं के बावजूद आज भी ग्रामीण उसी बदहाल रास्ते पर चलने को मजबूर हैं। यह विकास के दावों की नहीं, सरकार की जमीनी नाकामी की तस्वीर है। राकेश राणा ने कहा कि सरकार को घोषणाओं और जुमलों से बाहर निकलकर सिलोडा गांव तक सड़क निर्माण का कार्य तत्काल शुरू करना चाहिए। पहाड़ के ग्रामीणों को सड़क, स्वास्थ्य और सम्मानजनक जीवन का अधिकार है। उन्हें हर बार चुनाव के समय आश्वासन और चुनाव के बाद उपेक्षा स्वीकार नहीं है। अब सवाल सिर्फ सड़क का नहीं, इंसानी जिंदगी का है। सरकार बताए सिलोडा के ग्रामीणों को सड़क कब मिलेगी? और आखिर कितनी जिंदगियां डंडी-कंडी के सहारे सड़क तक पहुंचाई जाएंगी?1
- देहरादून के जैंतनवाला क्षेत्र में लगातार हो रही भारी बारिश के बाद नून नदी अचानक उफान पर आ गई। नदी में आए पानी के इस रौद्र रूप और बेहद तेज बहाव के बीच एक महिंद्रा पिकअप गाड़ी देखते ही देखते तिनके की तरह पानी में बह गई, जिसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा... #Uttarakhand #Dehradun #UttarakhandRain #NoonRiver1
- नजीबाबाद में साइबर ठगों का कारनामा: व्यापारी के बैंक खाते से उड़ाए 79 हजार रुपये, 6 बार में निकाली रकम #BijnorNews #Najibabad #CyberCrime #CyberFraud #UPPolice #BankFraud1
- आगरा में प्यार का सबसे बड़ा धोखा! शादी के लिए कराया जेंडर चेंज, फिर निकला शादीशुदा | 4 लाख की ठगी आगरा के सिकंदरा थाना क्षेत्र से सामने आया यह मामला सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया है। पुलिस में दर्ज शिकायत के अनुसार, एक किन्नर ने आरोप लगाया है कि एक युवक ने शादी का वादा करके करीब दो साल तक उसे अपने प्रेम जाल में फंसाए रखा। आरोप है कि शादी की शर्त के तौर पर पीड़िता पर जेंडर चेंज कराने का दबाव बनाया गया। पीड़िता का कहना है कि उसने भारी शारीरिक और आर्थिक परेशानी झेलते हुए लिंग परिवर्तन कराया, लेकिन इसके बाद आरोपी शादी से मुकर गया। बाद में पता चला कि आरोपी पहले से शादीशुदा था। पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया है कि आरोपी ने कारोबार के नाम पर करीब 4 लाख रुपये, एक बुलेट बाइक और अन्य पैसे भी ले लिए। पैसे वापस मांगने पर जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप लगाया गया है। फिलहाल पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इस वीडियो में हम पूरे मामले को आसान भाषा में समझा रहे हैं। Disclaimer: यह वीडियो पुलिस में दर्ज शिकायत और उपलब्ध मीडिया रिपोर्ट्स के आधार पर तैयार किया गया है। मामले की जांच जारी है और अंतिम फैसला न्यायालय के अधिकार क्षेत्र में है। #AgraNews #UPNews #CrimeNews #HindiNews #BreakingNews #GenderChange #MarriageFraud #LoveFraud #KinnarNews #ViralNews #AgraCrime #UttarPradesh #GExpress #TrendingNews #LatestNews1