हमीरपुर :मौरंग भरे ट्रैक्टर-ट्रॉली की टक्कर से युवक गंभीर, मामला दबाने के आरोप हमीरपुर जनपद के मौदहा थाना क्षेत्र के सिजवाही गांव में तेज रफ्तार मौरंग (बालू) से भरे ट्रैक्टर-ट्रॉली ने बाइक सवार युवक को जोरदार टक्कर मार दी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और ग्रामीणों ने घायल को संभाला। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, ट्रैक्टर मालिक कुलदीप सिंह मौके पर पहुंचा और घायल युवक को प्राइवेट अस्पताल ले जाकर मामले को दबाने की कोशिश की। बताया जा रहा है कि संबंधित ट्रैक्टर पहले भी अवैध बालू खनन के मामलों में चर्चा में रहा है। घटना से नाराज ग्रामीणों में आक्रोश है और वे प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। पुलिस ने मामले की जानकारी मिलने के बाद जांच शुरू कर दी है। अब सवाल यह है कि क्या प्रशासन इस मामले में सख्त कदम उठाएगा और घायल युवक को न्याय मिल पाएगा?
हमीरपुर :मौरंग भरे ट्रैक्टर-ट्रॉली की टक्कर से युवक गंभीर, मामला दबाने के आरोप हमीरपुर जनपद के मौदहा थाना क्षेत्र के सिजवाही गांव में तेज रफ्तार मौरंग (बालू) से भरे ट्रैक्टर-ट्रॉली ने बाइक सवार युवक को जोरदार टक्कर मार दी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और ग्रामीणों ने घायल को संभाला। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, ट्रैक्टर मालिक कुलदीप सिंह मौके पर पहुंचा और घायल युवक को प्राइवेट अस्पताल ले जाकर मामले को दबाने की कोशिश की। बताया जा रहा है कि संबंधित ट्रैक्टर पहले भी अवैध बालू खनन के मामलों में चर्चा में रहा है। घटना से नाराज ग्रामीणों में आक्रोश है और वे प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। पुलिस ने मामले की जानकारी मिलने के बाद जांच शुरू कर दी है। अब सवाल यह है कि क्या प्रशासन इस मामले में सख्त कदम उठाएगा और घायल युवक को न्याय मिल पाएगा?
- हमीरपुर जनपद के मौदहा थाना क्षेत्र के सिजवाही गांव में तेज रफ्तार मौरंग (बालू) से भरे ट्रैक्टर-ट्रॉली ने बाइक सवार युवक को जोरदार टक्कर मार दी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और ग्रामीणों ने घायल को संभाला। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, ट्रैक्टर मालिक कुलदीप सिंह मौके पर पहुंचा और घायल युवक को प्राइवेट अस्पताल ले जाकर मामले को दबाने की कोशिश की। बताया जा रहा है कि संबंधित ट्रैक्टर पहले भी अवैध बालू खनन के मामलों में चर्चा में रहा है। घटना से नाराज ग्रामीणों में आक्रोश है और वे प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। पुलिस ने मामले की जानकारी मिलने के बाद जांच शुरू कर दी है। अब सवाल यह है कि क्या प्रशासन इस मामले में सख्त कदम उठाएगा और घायल युवक को न्याय मिल पाएगा?1
- हमीरपुर जनपद के बिवांर थाना क्षेत्र के छानी खुर्द गांव में शनिवार की शाम किसान के खेत पर थ्रेसिंग के लिए रखे 5 बीघे के गेहूं के ढेर पर आग लग गई।आसपास खेतों पर मौजूद किसानों की मदद से कुछ फसल ढेर से निकाल पाए और देखते-देखते पूरा ढेर आग की चपेट में आ गया , लोग कुछ नहीं कर सके।पानी का कोई साधन नजदीक न होने की वजह से पूरी फसल जलकर राख हो गई।बताया कि उसने पुलिस और फायर सर्विस को फोन किया था लेकिन दमकल गाड़ी को मौदहा से आना था इसलिए वह भी समय रहते नहीं आ सकी। किसान ने बताया कि वह घटना से लगभग आधा घण्टे पहले ही ट्रैक्टर लेकर खेत से घर लौटा था।बताया अचानक उसे लोगों से गेहूं के चट्टे में आग लगने की सूचना मिली।पीड़ित किसान ने बताया कि बार-बार पानी से भीगने की वजह से फसल को सुखाने के लिए बार-बार फैलाना पड़ता था इसलिए अभी तक मड़ाई नहीं हो सकी थी।पीड़ित किसान ने किसी द्वारा जानबूझकर आग लगाने की आशंका जताई है ,कहा कुछ देर पहले वह वहां से गया था ,तब सबकुछ ठीक था।बताया ,आगजनी में उसकी पूरे 5 बीघे की फसल जल गई है ,जिसमें उसका लगभग 1 लाख का नुकसान हो गया है। हमीरपुर जनपद के बिवांर थाना क्षेत्र के छानी खुर्द गांव में शनिवार की शाम किसान के खेत पर थ्रेसिंग के लिए रखे 5 बीघे के गेहूं के ढेर पर आग लग गई।आसपास खेतों पर मौजूद किसानों की मदद से कुछ फसल ढेर से निकाल पाए और देखते-देखते पूरा ढेर आग की चपेट में आ गया , लोग कुछ नहीं कर सके।पानी का कोई साधन नजदीक न होने की वजह से पूरी फसल जलकर राख हो गई।बताया कि उसने पुलिस और फायर सर्विस को फोन किया था लेकिन दमकल गाड़ी को मौदहा से आना था इसलिए वह भी समय रहते नहीं आ सकी। किसान ने बताया कि वह घटना से लगभग आधा घण्टे पहले ही ट्रैक्टर लेकर खेत से घर लौटा था।बताया अचानक उसे लोगों से गेहूं के चट्टे में आग लगने की सूचना मिली।पीड़ित किसान ने बताया कि बार-बार पानी से भीगने की वजह से फसल को सुखाने के लिए बार-बार फैलाना पड़ता था इसलिए अभी तक मड़ाई नहीं हो सकी थी।पीड़ित किसान ने किसी द्वारा जानबूझकर आग लगाने की आशंका जताई है ,कहा कुछ देर पहले वह वहां से गया था ,तब सबकुछ ठीक था।बताया ,आगजनी में उसकी पूरे 5 बीघे की फसल जल गई है ,जिसमें उसका लगभग 1 लाख का नुकसान हो गया है।3
- मौदहा हमीरपुर। उचित दर दुकान पर तैनात शिक्षक अवधेश कुमार की बड़ी लापरवाही सामने आई है। सुबह 9 बजे से खुली दुकान पर वह 11 बजे तक नहीं पहुंचे। जांच में खुलासा हुआ कि शिक्षक ने स्कूल में हाजिरी लगाकर कोटा ड्यूटी के नाम पर निकल गए, लेकिन दोनों जगह से गायब मिले। मामले ने वितरण प्रणाली की पारदर्शिता और विभागीय निगरानी पर सवाल खड़े कर दिए हैं। ➡️ स्थानीय लोगों ने जिलाधिकारी से सख्त कार्रवाई की मांग की है।1
- #Apkiawajdigital बांदा | रविवार, 12 अप्रैल 2026 बांदा। शहर की यातायात व्यवस्था रविवार को एक बार फिर ताश के पत्तों की तरह ढह गई। स्टेशन रोड से लेकर कम्फर्ट इन होटल तक लगे किलोमीटर लंबे जाम ने शहर की रफ्तार पर न केवल ब्रेक लगाया, बल्कि दो जिंदगियों को भी खतरे में डाल दिया। इस भीषण जाम में दो एम्बुलेंस घंटों फंसी रहीं, जिनके सायरन की गूँज लोगों की लापरवाही और प्रशासन की बेबसी के शोर में दबकर रह गई। ओवरब्रिज से होटल तक रेंगता रहा शहर जाम की स्थिति इतनी विकराल थी कि स्टेशन रोड स्थित पुल के उतरते ही वाहनों का रेला लग गया। कम्फर्ट इन होटल तक सड़क का हर कोना गाड़ियों से पटा नजर आया। मौके पर तैनात ट्रैफिक पुलिस कर्मियों ने जाम खुलवाने की पुरजोर कोशिश की, लेकिन बेकाबू भीड़ और बेतरतीब खड़े वाहनों के आगे उनके भी पसीने छूट गए। नियमों की धज्जियां उड़ाते 'जल्दबाज' राहगीर वायरल हो रही वीडियो क्लिप शहर की कड़वी सच्चाई बयां कर रही है। यातायात नियमों के प्रति जागरूकता का घोर अभाव साफ देखा जा सकता है। अपनी गाड़ी को 'दो मिनट पहले' निकालने की होड़ में लोग नियमों को ताक पर रखकर कहीं से भी वाहन घुसा रहे हैं, जो अंततः महाजाम का कारण बन रहा है। प्रशासन के लिए चेतावनी: अब सख्ती जरूरी शहर की गलियां इस समय ट्रैफिक के बोझ से चरमरा रही हैं। यदि शासन-प्रशासन ने अभी शक्ति नहीं दिखाई और यातायात नियमों का कड़ाई से पालन नहीं कराया, तो वह दिन दूर नहीं जब यह जाम किसी बड़ी जनहानि का सबब बनेगा। प्रमुख जरूरतें: सख्त प्रवर्तन: गलत दिशा में वाहन चलाने और अवैध पार्किंग करने वालों पर भारी जुर्माना लगे। जागरूकता अभियान: जनता को ट्रैफिक सेंस सिखाने के लिए विशेष अभियान की आवश्यकता। एम्बुलेंस कॉरिडोर: आपातकालीन वाहनों के लिए प्राथमिकता के आधार पर रास्ता सुनिश्चित करने की कार्ययोजना। निष्कर्ष: यह जाम केवल वाहनों का नहीं, बल्कि नागरिक नैतिकता और प्रशासनिक नियंत्रण के अभाव का प्रतीक है। क्या बांदा प्रशासन इस अव्यवस्था को सुधारने के लिए कोई ठोस कदम उठाएगा या एम्बुलेंस में फंसी सांसें इसी तरह तड़पती रहेंगी?2
- खेत में मिला 40 वर्षीय युवक का शव, खेत में बनी झोपडी के अंदर शव देख इलाके में हडकंप मचा, सूचना पर घटनास्थल पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर कार्यवाही शुरू की, शराब के नशे का आदी बताया गया है मृतक युवक, परिवार के साथ ससुराल में रहकर खेती किसानी करता था मृतक, मझगवां थाना क्षेत्र के इठकौर गांव का मामला...।।3
- छोटे-छोटे बच्चों की प्रतिभा, आत्मविश्वास और उत्साह ने कार्यक्रम में मौजूद सभी लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम के अंत में आयोजित पुरस्कार वितरण समारोह में बच्चों का उत्साहवर्धन किया गया। प्रतिभाशाली बच्चों को सम्मानित करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई। इस अवसर पर बच्चों के चेहरे पर खुशी और आत्मविश्वास साफ झलक रहा था, जिसे देखकर उपस्थित सभी लोगों ने प्रसन्नता का अनुभव किया। यह कार्यक्रम न केवल बच्चों की प्रतिभा को निखारने का मंच बना, बल्कि उनके आत्मबल को बढ़ाने का भी एक सराहनीय प्रयास साबित हुआ।1
- मारका थाना क्षेत्र के अरमार गांव में 45 वर्षीय महिला को दबंगों ने मारी गोली,मेडिकल कॉलेज बांदा में भर्ती।1
- मौदहा (हमीरपुर)मौदहा थाना क्षेत्र में अवैध बालू खनन का काला खेल लगातार जारी है। शिकायतों और बढ़ते दबाव के बीच पुलिस ने एक बार फिर कार्रवाई करते हुए बालू से भरा एक ट्रैक्टर-ट्रॉली बरामद किया है। हालांकि मौके से चालक फरार हो गया। जानकारी के अनुसार, क्षेत्र में लंबे समय से रात-दिन ट्रैक्टर-ट्रॉली के जरिए अवैध बालू खनन और परिवहन किया जा रहा है। खनन माफिया बेखौफ होकर नियमों की अनदेखी कर रहे हैं और प्रशासन की कार्रवाई को चुनौती दे रहे हैं। पुलिस को गुप्त सूचना मिलने पर टीम ने दबिश दी, जहां से बालू लदा ट्रैक्टर-ट्रॉली कब्जे में ले लिया गया। पुलिस अब फरार चालक और इसमें शामिल अन्य लोगों की तलाश में जुटी है। अवैध खनन से सरकारी राजस्व को भारी नुकसान पर्यावरण पर पड़ रहा गंभीर असर कार्रवाई के बावजूद नहीं थम रहा खनन का नेटवर्क स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार शिकायतों के बावजूद अवैध खनन पर पूरी तरह रोक नहीं लग पाई है, जिससे प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। बड़ा सवाल: लगातार कार्रवाई के बावजूद आखिर क्यों नहीं रुक रहा अवैध खनन? क्या खनन माफियाओं को संरक्षण मिल रहा है या प्रशासन की कार्रवाई नाकाफी है? फिलहाल पुलिस की इस कार्रवाई से खनन माफियाओं में हड़कंप जरूर है, लेकिन देखना होगा कि यह कार्रवाई आगे कितनी प्रभावी साबित होती है।1