बांदा की सड़कों पर 'सिस्टम' हुआ लाचार: घंटों लगे भयंकर जाम में फंसी दो एम्बुलेंस, मरीजों की सांसों पर भारी पड़ी अव्यवस्था #Apkiawajdigital बांदा | रविवार, 12 अप्रैल 2026 बांदा। शहर की यातायात व्यवस्था रविवार को एक बार फिर ताश के पत्तों की तरह ढह गई। स्टेशन रोड से लेकर कम्फर्ट इन होटल तक लगे किलोमीटर लंबे जाम ने शहर की रफ्तार पर न केवल ब्रेक लगाया, बल्कि दो जिंदगियों को भी खतरे में डाल दिया। इस भीषण जाम में दो एम्बुलेंस घंटों फंसी रहीं, जिनके सायरन की गूँज लोगों की लापरवाही और प्रशासन की बेबसी के शोर में दबकर रह गई। ओवरब्रिज से होटल तक रेंगता रहा शहर जाम की स्थिति इतनी विकराल थी कि स्टेशन रोड स्थित पुल के उतरते ही वाहनों का रेला लग गया। कम्फर्ट इन होटल तक सड़क का हर कोना गाड़ियों से पटा नजर आया। मौके पर तैनात ट्रैफिक पुलिस कर्मियों ने जाम खुलवाने की पुरजोर कोशिश की, लेकिन बेकाबू भीड़ और बेतरतीब खड़े वाहनों के आगे उनके भी पसीने छूट गए। नियमों की धज्जियां उड़ाते 'जल्दबाज' राहगीर वायरल हो रही वीडियो क्लिप शहर की कड़वी सच्चाई बयां कर रही है। यातायात नियमों के प्रति जागरूकता का घोर अभाव साफ देखा जा सकता है। अपनी गाड़ी को 'दो मिनट पहले' निकालने की होड़ में लोग नियमों को ताक पर रखकर कहीं से भी वाहन घुसा रहे हैं, जो अंततः महाजाम का कारण बन रहा है। प्रशासन के लिए चेतावनी: अब सख्ती जरूरी शहर की गलियां इस समय ट्रैफिक के बोझ से चरमरा रही हैं। यदि शासन-प्रशासन ने अभी शक्ति नहीं दिखाई और यातायात नियमों का कड़ाई से पालन नहीं कराया, तो वह दिन दूर नहीं जब यह जाम किसी बड़ी जनहानि का सबब बनेगा। प्रमुख जरूरतें: सख्त प्रवर्तन: गलत दिशा में वाहन चलाने और अवैध पार्किंग करने वालों पर भारी जुर्माना लगे। जागरूकता अभियान: जनता को ट्रैफिक सेंस सिखाने के लिए विशेष अभियान की आवश्यकता। एम्बुलेंस कॉरिडोर: आपातकालीन वाहनों के लिए प्राथमिकता के आधार पर रास्ता सुनिश्चित करने की कार्ययोजना। निष्कर्ष: यह जाम केवल वाहनों का नहीं, बल्कि नागरिक नैतिकता और प्रशासनिक नियंत्रण के अभाव का प्रतीक है। क्या बांदा प्रशासन इस अव्यवस्था को सुधारने के लिए कोई ठोस कदम उठाएगा या एम्बुलेंस में फंसी सांसें इसी तरह तड़पती रहेंगी?
बांदा की सड़कों पर 'सिस्टम' हुआ लाचार: घंटों लगे भयंकर जाम में फंसी दो एम्बुलेंस, मरीजों की सांसों पर भारी पड़ी अव्यवस्था #Apkiawajdigital बांदा | रविवार, 12 अप्रैल 2026 बांदा। शहर की यातायात व्यवस्था रविवार को एक बार फिर ताश के पत्तों की तरह ढह गई। स्टेशन रोड से लेकर कम्फर्ट इन होटल तक लगे किलोमीटर लंबे जाम ने शहर की रफ्तार पर न केवल ब्रेक लगाया, बल्कि दो जिंदगियों को भी खतरे में डाल दिया। इस भीषण जाम में दो एम्बुलेंस घंटों फंसी रहीं, जिनके सायरन की गूँज लोगों की लापरवाही और प्रशासन की बेबसी के शोर में दबकर रह गई। ओवरब्रिज से होटल तक रेंगता रहा शहर जाम की स्थिति इतनी विकराल थी कि स्टेशन रोड स्थित पुल के उतरते ही वाहनों का रेला लग गया। कम्फर्ट इन होटल तक सड़क का हर कोना गाड़ियों से पटा नजर आया। मौके पर तैनात ट्रैफिक पुलिस कर्मियों ने जाम खुलवाने की पुरजोर कोशिश की, लेकिन बेकाबू भीड़ और बेतरतीब खड़े वाहनों के आगे उनके भी पसीने छूट गए। नियमों की धज्जियां उड़ाते 'जल्दबाज' राहगीर वायरल हो रही वीडियो क्लिप शहर की कड़वी सच्चाई
बयां कर रही है। यातायात नियमों के प्रति जागरूकता का घोर अभाव साफ देखा जा सकता है। अपनी गाड़ी को 'दो मिनट पहले' निकालने की होड़ में लोग नियमों को ताक पर रखकर कहीं से भी वाहन घुसा रहे हैं, जो अंततः महाजाम का कारण बन रहा है। प्रशासन के लिए चेतावनी: अब सख्ती जरूरी शहर की गलियां इस समय ट्रैफिक के बोझ से चरमरा रही हैं। यदि शासन-प्रशासन ने अभी शक्ति नहीं दिखाई और यातायात नियमों का कड़ाई से पालन नहीं कराया, तो वह दिन दूर नहीं जब यह जाम किसी बड़ी जनहानि का सबब बनेगा। प्रमुख जरूरतें: सख्त प्रवर्तन: गलत दिशा में वाहन चलाने और अवैध पार्किंग करने वालों पर भारी जुर्माना लगे। जागरूकता अभियान: जनता को ट्रैफिक सेंस सिखाने के लिए विशेष अभियान की आवश्यकता। एम्बुलेंस कॉरिडोर: आपातकालीन वाहनों के लिए प्राथमिकता के आधार पर रास्ता सुनिश्चित करने की कार्ययोजना। निष्कर्ष: यह जाम केवल वाहनों का नहीं, बल्कि नागरिक नैतिकता और प्रशासनिक नियंत्रण के अभाव का प्रतीक है। क्या बांदा प्रशासन इस अव्यवस्था को सुधारने के लिए कोई ठोस कदम उठाएगा या एम्बुलेंस में फंसी सांसें इसी तरह तड़पती रहेंगी?
- बबेरू तहसील क्षेत्र अंतर्गत परसौली गांव मे आज रविवार की दोपहर करीब 2:00 बजे हाई टेंशन विद्युत लाइन की शार्ट सर्किट से परसौली गांव निवासी शिवपूजन सिंह के खेत जिसमें गेहूं की फसल खड़ी थी वह पूरी जलकर खाक हो गई। पीड़ित किसान ने फायर ब्रिगेड व प्रशासन को सूचना दिया, लेकिन फायर ब्रिगेड मौके पर नहीं पहुंची, वही बबेरू कोतवाली प्रभारी निरीक्षक राजेंद्र सिंह राजावत में फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गए, वहीं ग्रामीणों ने बनी टंकी के पानी से बाल्टी और डिब्बे के सहारे आग पर काबू पाया, लेकिन जब तक डेढ़ बीघे गेहूं की फसल जलकर खाक हो गई, पीड़ित किसान ने शासन प्रशासन से मुआवजे की मांग किया है। वहीं पीड़ित ने हाई टेंशन विद्युत लाइन जो ढीले हैं उनको टाइट कराए जाने की मांग विद्युत विभाग के अधिकारियों से किया है।1
- मौदहा (हमीरपुर)मौदहा थाना क्षेत्र में अवैध बालू खनन का काला खेल लगातार जारी है। शिकायतों और बढ़ते दबाव के बीच पुलिस ने एक बार फिर कार्रवाई करते हुए बालू से भरा एक ट्रैक्टर-ट्रॉली बरामद किया है। हालांकि मौके से चालक फरार हो गया। जानकारी के अनुसार, क्षेत्र में लंबे समय से रात-दिन ट्रैक्टर-ट्रॉली के जरिए अवैध बालू खनन और परिवहन किया जा रहा है। खनन माफिया बेखौफ होकर नियमों की अनदेखी कर रहे हैं और प्रशासन की कार्रवाई को चुनौती दे रहे हैं। पुलिस को गुप्त सूचना मिलने पर टीम ने दबिश दी, जहां से बालू लदा ट्रैक्टर-ट्रॉली कब्जे में ले लिया गया। पुलिस अब फरार चालक और इसमें शामिल अन्य लोगों की तलाश में जुटी है। अवैध खनन से सरकारी राजस्व को भारी नुकसान पर्यावरण पर पड़ रहा गंभीर असर कार्रवाई के बावजूद नहीं थम रहा खनन का नेटवर्क स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार शिकायतों के बावजूद अवैध खनन पर पूरी तरह रोक नहीं लग पाई है, जिससे प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। बड़ा सवाल: लगातार कार्रवाई के बावजूद आखिर क्यों नहीं रुक रहा अवैध खनन? क्या खनन माफियाओं को संरक्षण मिल रहा है या प्रशासन की कार्रवाई नाकाफी है? फिलहाल पुलिस की इस कार्रवाई से खनन माफियाओं में हड़कंप जरूर है, लेकिन देखना होगा कि यह कार्रवाई आगे कितनी प्रभावी साबित होती है।1
- हमीरपुर जनपद के बिवांर थाना क्षेत्र के छानी खुर्द गांव में शनिवार की शाम किसान के खेत पर थ्रेसिंग के लिए रखे 5 बीघे के गेहूं के ढेर पर आग लग गई।आसपास खेतों पर मौजूद किसानों की मदद से कुछ फसल ढेर से निकाल पाए और देखते-देखते पूरा ढेर आग की चपेट में आ गया , लोग कुछ नहीं कर सके।पानी का कोई साधन नजदीक न होने की वजह से पूरी फसल जलकर राख हो गई।बताया कि उसने पुलिस और फायर सर्विस को फोन किया था लेकिन दमकल गाड़ी को मौदहा से आना था इसलिए वह भी समय रहते नहीं आ सकी। किसान ने बताया कि वह घटना से लगभग आधा घण्टे पहले ही ट्रैक्टर लेकर खेत से घर लौटा था।बताया अचानक उसे लोगों से गेहूं के चट्टे में आग लगने की सूचना मिली।पीड़ित किसान ने बताया कि बार-बार पानी से भीगने की वजह से फसल को सुखाने के लिए बार-बार फैलाना पड़ता था इसलिए अभी तक मड़ाई नहीं हो सकी थी।पीड़ित किसान ने किसी द्वारा जानबूझकर आग लगाने की आशंका जताई है ,कहा कुछ देर पहले वह वहां से गया था ,तब सबकुछ ठीक था।बताया ,आगजनी में उसकी पूरे 5 बीघे की फसल जल गई है ,जिसमें उसका लगभग 1 लाख का नुकसान हो गया है। हमीरपुर जनपद के बिवांर थाना क्षेत्र के छानी खुर्द गांव में शनिवार की शाम किसान के खेत पर थ्रेसिंग के लिए रखे 5 बीघे के गेहूं के ढेर पर आग लग गई।आसपास खेतों पर मौजूद किसानों की मदद से कुछ फसल ढेर से निकाल पाए और देखते-देखते पूरा ढेर आग की चपेट में आ गया , लोग कुछ नहीं कर सके।पानी का कोई साधन नजदीक न होने की वजह से पूरी फसल जलकर राख हो गई।बताया कि उसने पुलिस और फायर सर्विस को फोन किया था लेकिन दमकल गाड़ी को मौदहा से आना था इसलिए वह भी समय रहते नहीं आ सकी। किसान ने बताया कि वह घटना से लगभग आधा घण्टे पहले ही ट्रैक्टर लेकर खेत से घर लौटा था।बताया अचानक उसे लोगों से गेहूं के चट्टे में आग लगने की सूचना मिली।पीड़ित किसान ने बताया कि बार-बार पानी से भीगने की वजह से फसल को सुखाने के लिए बार-बार फैलाना पड़ता था इसलिए अभी तक मड़ाई नहीं हो सकी थी।पीड़ित किसान ने किसी द्वारा जानबूझकर आग लगाने की आशंका जताई है ,कहा कुछ देर पहले वह वहां से गया था ,तब सबकुछ ठीक था।बताया ,आगजनी में उसकी पूरे 5 बीघे की फसल जल गई है ,जिसमें उसका लगभग 1 लाख का नुकसान हो गया है।3
- स्टार्टअप विलेज एंटरप्रेन्योरशिप प्रोग्राम के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में छोटे व्यवसाय शुरू करने के लिए आर्थिक और तकनीकी सहायता दी जा रही है। योजना का उद्देश्य गांवों में रोजगार बढ़ाना है।SVEP SCHEME BIG UPDATE1
- मौदहा हमीरपुर। उचित दर दुकान पर तैनात शिक्षक अवधेश कुमार की बड़ी लापरवाही सामने आई है। सुबह 9 बजे से खुली दुकान पर वह 11 बजे तक नहीं पहुंचे। जांच में खुलासा हुआ कि शिक्षक ने स्कूल में हाजिरी लगाकर कोटा ड्यूटी के नाम पर निकल गए, लेकिन दोनों जगह से गायब मिले। मामले ने वितरण प्रणाली की पारदर्शिता और विभागीय निगरानी पर सवाल खड़े कर दिए हैं। ➡️ स्थानीय लोगों ने जिलाधिकारी से सख्त कार्रवाई की मांग की है।1
- खेत में मिला 40 वर्षीय युवक का शव, खेत में बनी झोपडी के अंदर शव देख इलाके में हडकंप मचा, सूचना पर घटनास्थल पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर कार्यवाही शुरू की, शराब के नशे का आदी बताया गया है मृतक युवक, परिवार के साथ ससुराल में रहकर खेती किसानी करता था मृतक, मझगवां थाना क्षेत्र के इठकौर गांव का मामला...।।3
- मामला बिसंडा थाना क्षेत्र के मिलाथू गांव के पास का है। जहां आज रविवार की शाम करीब 7:00 बजे दो बाईकों की आमने-सामने की जोरदार टक्कर हो गई, जिसमें एक बाइक में सवार राजेश कुमार पुत्र बेनी प्रसाद उम्र 38 वर्ष निवासी मिलाथू थाना बिसंडा व दूसरे बाइक में सवार अजय पुत्र रामकिशोर उम्र 20 वर्ष, दिनेश कुमार पुत्र प्यारेलाल उम्र 20 वर्ष, सोनू पुत्र रामजस उम्र 18 वर्ष, निवासी तीनों निलाथू यह चारों गंभीर उसे घायल हो गए, सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची डायल 112 पीआरबी पुलिस के द्वारा चारों घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बबेरू में भर्ती कराया। जहां पर डॉक्टर द्वारा प्राथमिक उपचार करने के बाद राजेश कुमार को जिला अस्पताल रिफर कर दिया है। वही अजय दिनेश व सोनू का इलाज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बबेरू में किया जा रहा है।1
- हमीरपुर जनपद के बिवांर थाना क्षेत्र के छानी खुर्द गांव में शनिवार देर रात एक किसान की करीब पांच बीघा गेहूं की तैयार फसल जलकर राख हो गई। आग लगने के कारणों का अभी तक पता नहीं चल सका है, हालांकि किसान पन्ना सिंह ने इसे जानबूझकर लगाई गई आग बताते हुए साजिश की आशंका जताई है। बताया गया कि खेत में कटी हुई गेहूं की फसल के ढेर लगे हुए थे, जिनमें अचानक आग लग गई और तेज हवाओं के चलते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। देखते ही देखते पूरी फसल आग की चपेट में आ गई। आग की लपटें देख ग्रामीण मौके पर पहुंचे और तुरंत फायर ब्रिगेड को सूचना दी गई। दमकल की गाड़ी करीब 20 किलोमीटर दूर से पहुंची, लेकिन तब तक पूरी फसल जलकर खाक हो चुकी थी। घटना से किसान को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है।1
- हमीरपुर। जिले के कुरारा थाना क्षेत्र से एक नया मामला सामने आया है जहां पर डेढ महीने से गायब किशोरी की शादी के वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हो रहे हैं। पीडित पिता का आरोप हो कि, कुछ लोगों ने उसकी लडकी का ब्रेनवाश कर शादी करवाई है पिता ने कार्यवाही की मांग की है1