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अनूपपुर पुलिस अधीक्षक विक्रांत मुराब (IPS) के निर्देशन में यातायात पुलिस ने "नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0" अभियान के तहत तीन स्कूलों में ट्रैफिक पाठशाला का आयोजन किया। इसके अंतर्गत केंद्रीय विद्यालय भालूमाड़ा, कल्याणिका विद्यालय राजेन्द्रग्राम और संदीपनी स्कूल वेंकटनगर के 250 से अधिक छात्र-छात्राओं को सड़क सुरक्षा नियमों, हेलमेट व सीट बेल्ट के महत्व, यातायात संकेतों और नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक किया गया। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने नशे से दूर रहने और यातायात नियमों का सदैव पालन करने की शपथ ली। यातायात पुलिस ने विद्यार्थियों से जिम्मेदार नागरिक बनकर समाज में सड़क सुरक्षा और नशामुक्ति का संदेश फैलाने की अपील की है।
Anupam Singh patrkar
अनूपपुर पुलिस अधीक्षक विक्रांत मुराब (IPS) के निर्देशन में यातायात पुलिस ने "नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0" अभियान के तहत तीन स्कूलों में ट्रैफिक पाठशाला का आयोजन किया। इसके अंतर्गत केंद्रीय विद्यालय भालूमाड़ा, कल्याणिका विद्यालय राजेन्द्रग्राम और संदीपनी स्कूल वेंकटनगर के 250 से अधिक छात्र-छात्राओं को सड़क सुरक्षा नियमों, हेलमेट व सीट बेल्ट के महत्व, यातायात संकेतों और नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक किया गया। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने नशे से दूर रहने और यातायात नियमों का सदैव पालन करने की शपथ ली। यातायात पुलिस ने विद्यार्थियों से जिम्मेदार नागरिक बनकर समाज में सड़क सुरक्षा और नशामुक्ति का संदेश फैलाने की अपील की है।
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- छत्तीसगढ़ के गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के मरवाही में हमारी और हमारी टीम (BRSN) की ओर से एक नेता को बधाई दी गई है।1
- छत्तीसगढ़ के एमसीबी जिले के भरतपुर-सोनहत विधानसभा क्षेत्र के दूरस्थ वनांचल स्थित ग्राम कुदरापा में बुनियादी सुविधाओं की कमी सरकारी दावों पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है। आजादी के दशकों बाद भी इस गाँव में प्राथमिक स्कूल नहीं बन सका है, जिसके कारण छोटे-छोटे बच्चों को पढ़ाई के लिए मजबूरन 20 से 25 किलोमीटर दूर जाना पड़ रहा है। इसके साथ ही गाँव में उपस्वास्थ्य केंद्र भी नहीं है, जिससे ग्रामीणों को स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए भटकना पड़ रहा है। इन बुनियादी माँगों को लेकर अब गाँव के लोग अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए हैं।1
- मध्य प्रदेश के डिंडौरी जिले के एक छोटे से गांव चटिया के होनहार बालक इमानुएल मरावी आज 4 वर्ष के हो गए हैं और आज उनका जन्मदिन मनाया जा रहा है। अपने मासूम चेहरे, खिलखिलाती हुई हंसी और बेहद भोले स्वभाव से उन्होंने अपने परिजनों, समाज और रिश्तेदारों के दिलों में एक बेहद खास जगह बना ली है। इमानुएल की यह प्यारी मुस्कान हर किसी के जीवन में नई ऊर्जा और खुशी भर देती है। इस विशेष दिन पर नन्हे सितारे इमानुएल को जन्मदिन की ढेर सारी बधाइयां और शुभकामनाएं दी गई हैं। परिजनों ने प्रभु से प्रार्थना की है कि वे इमानुएल को अपने ढेरों आशीषों से भर दें और यह दिन उनके जीवन में सदैव प्रेम, आनंद, खुशी, उत्तम स्वास्थ्य और अच्छी सफलता लेकर आए।2
- डिंडौरी जिले में किसानों को वैज्ञानिक खेती के लिए सही सलाह देने के उद्देश्य से स्थापित मृदा परीक्षण प्रयोगशालाओं की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े होने लगे हैं। जिले को वर्ष 2026-27 के लिए 7,514 मृदा नमूनों की जांच का लक्ष्य दिया गया था, जिसके विरुद्ध अब तक केवल 3,455 नमूनों की जांच कर मृदा स्वास्थ्य कार्ड जारी किए जा सके हैं। इस प्रकार जिले में अब तक लगभग 46 प्रतिशत लक्ष्य ही पूरा हो सका है। इस बीच, सूत्रों के दावे के अनुसार भारत सरकार की गाइडलाइन के विपरीत कुछ प्रयोगशालाओं में अपेक्षित तकनीकी योग्यता के बिना ही कर्मचारियों से मृदा परीक्षण कराया जा रहा है। सरकार की गाइडलाइन के तहत मिट्टी की जांच 12 निर्धारित पैरामीटरों पर प्रशिक्षित एवं तकनीकी रूप से योग्य कर्मियों द्वारा की जानी चाहिए, जिसके लिए सामान्यतः कृषि विषय में स्नातक (बी.एससी. एग्रीकल्चर) की योग्यता आवश्यक बताई जाती है। इसके अलावा, अधिकांश प्रयोगशालाओं में कर्मचारियों की जानकारी दर्शाने वाला कोई डिस्प्ले बोर्ड भी नहीं लगाया गया है, जिससे वहां कार्यरत लैब टेक्नीशियन, सहायक अथवा अन्य कर्मचारियों के नाम, पद या योग्यता की कोई सार्वजनिक जानकारी उपलब्ध नहीं है। इससे पूरी व्यवस्था की पारदर्शिता पर सवाल उठ रहे हैं। यदि ये आरोप सही पाए जाते हैं, तो मृदा स्वास्थ्य कार्ड की रिपोर्ट और उर्वरक संबंधी सलाह की गुणवत्ता प्रभावित होने से किसानों की लागत, उत्पादन और फसल पर सीधा असर पड़ेगा। इसके साथ ही, कई रिपोर्टों में डीएपी उर्वरक की अनुशंसा की जा रही है, लेकिन किसानों का कहना है कि जिले में डीएपी की पर्याप्त उपलब्धता ही नहीं है, जिससे उनके सामने बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है। वहीं, किसानों को बुवाई पूरी होने के बाद मृदा स्वास्थ्य कार्ड मिलने की समस्या भी सामने आई है, जिससे समय निकल जाने पर उन्हें वैज्ञानिक सलाह का कोई लाभ नहीं मिल पा रहा है। इस पूरे मामले को गंभीर बताते हुए भारतीय किसान संघ के जिला अध्यक्ष श्री बिहारी लाल साहू ने कहा कि समय पर मृदा परीक्षण न होना विभाग की बड़ी लापरवाही है। इससे किसान वैज्ञानिक तरीके से उर्वरकों का उपयोग नहीं कर पाएंगे, जिससे पूरे कृषि सत्र पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है और किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। उधर, कृषि विभाग के अनुविभागीय अधिकारी ने इस संबंध में कहा है कि यह जानकारी उनके संज्ञान में लाई गई है और वे पूरे मामले की जानकारी प्राप्त कर अवगत कराएंगे। स्थानीय लोग अब प्रयोगशालाओं के नियमित निरीक्षण, गुणवत्ता जांच और कर्मचारियों की योग्यता के सत्यापन की मांग कर रहे हैं ताकि योजना का उद्देश्य पूरा हो सके।3
- दिल्ली पुलिस प्रशासन की दादागिरी के खिलाफ तीखा आक्रोश व्यक्त किया गया है। पुलिस प्रशासन के रवैए पर गंभीर सवाल उठाते हुए पूछा गया है कि आखिर इस तानाशाही का विरोध कहां दर्ज कराया जाए और इस तरह की दादागिरी का विरोध करने में क्या गलत है।1
- मनेंद्रगढ़ चिरमिरी भरतपुर जिले के चिरमिरी रेंज अंतर्गत दुबछोला गांव में वन विभाग ने अवैध रूप से सेमर प्रजाति की लकड़ी से भरे एक ट्रक को जब्त किया है। जब्त किए गए इस ट्रक का पंजीयन क्रमांक UP-64 HN-9748 बताया जा रहा है। कार्रवाई के दौरान जब वाहन से संबंधित जरूरी दस्तावेज और लकड़ी के वैध परिवहन से जुड़े कागजात नहीं मिले, तो वन विभाग ने ट्रक को अपने कब्जे में ले लिया। इस मामले में विभाग द्वारा भारतीय वन अधिनियम 1927 के तहत कार्रवाई शुरू कर दी गई है।1
- छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले के बैकुंठपुर क्षेत्र में लगातार बनी हुई विभिन्न समस्याओं को लेकर स्थानीय नागरिकों में गहरा असंतोष और निराशा देखने को मिल रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि वे सड़क, पानी, बिजली, स्वास्थ्य और अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी अपनी परेशानियाँ कई बार जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के सामने रख चुके हैं। इसके बावजूद, शिकायतें दर्ज कराने और अधिकारियों से मिलने के बाद भी हालात जस के तस बने हुए हैं और अब तक समस्याओं का कोई अपेक्षित समाधान नहीं निकल सका है। लगातार मिल रहे कोरे आश्वासनों से तंग आकर अब नागरिकों ने साफ कर दिया है कि केवल आश्वासन से काम नहीं चलेगा। उनका मानना है कि अपने अधिकारों के लिए अब लोगों को स्वयं जागरूक होकर लोकतांत्रिक तरीके से आवाज उठानी होगी। लोगों का कहना है कि यदि पूरा समाज एकजुट होकर अपनी बात रखेगा, तभी व्यवस्था पर सकारात्मक दबाव बनेगा और ठोस कदम उठाए जा सकेंगे। फिलहाल इस पूरे विषय पर संबंधित विभाग या प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, जिससे लोगों में "समस्याएँ सुनने वाले बहुत, समाधान करने वाले कम" की भावना के साथ नाराजगी और अधिक बढ़ रही है।1
- मध्य प्रदेश के बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के धमोखर रेंज में शुक्रवार को एक मादा बाघ शावक का शव मिलने से वन विभाग अलर्ट मोड पर आ गया है। शावक का मृत शरीर धमोखर बीट की सीमा से लगभग 500 मीटर दूर ग्राम चापर के राजस्व क्षेत्र में पाया गया। घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम ने तत्काल मौके पर पहुंचकर पूरे क्षेत्र को सुरक्षा घेरे में ले लिया और गहन जांच शुरू कर दी। वन्यजीव स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राजेश तोमर द्वारा किए गए शावक के प्राथमिक परीक्षण ने मौत के मामले में रहस्य बढ़ा दिया है। परीक्षण में शावक के सिर की हड्डियों में फ्रैक्चर होना पाया गया है, और उसके मृत शरीर पर नाखून व दांतों के निशान भी मिले हैं। इन प्रारंभिक तथ्यों ने शावक की मौत को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि, वन विभाग का स्पष्ट कहना है कि मृत्यु के वास्तविक और सटीक कारणों की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी। मामले की गंभीरता को देखते हुए बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के क्षेत्र संचालक डॉ. अनुपम सहाय ने स्वयं घटनास्थल का दौरा कर निरीक्षण किया। वन्यजीव स्वास्थ्य अधिकारी के पहुंचने से पहले डॉग स्क्वाड द्वारा इलाके की सघन सर्चिंग कराई गई और मेटल डिटेक्टर से भी पूरे क्षेत्र की जांच की गई, लेकिन इस दौरान कोई भी संदिग्ध या अस्वाभाविक वस्तु बरामद नहीं हुई। फिलहाल शावक के शव को सुरक्षित रख लिया गया है और शनिवार, 18 जुलाई को उसका विधिवत पोस्टमार्टम कराया जाएगा। इसके बाद राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण की मानक संचालन प्रक्रिया के तहत शव का दाह संस्कार कर आवश्यक वैधानिक कार्रवाई पूरी की जाएगी।4