ऐसी भाषा और अपीलें समाज में डर और तनाव बढ़ाती हैं। अगर किसी भी तरह का अपराध हो रहा है — चाहे वह धोखा, जबरन धर्म परिवर्तन, शोषण या हिंसा हो — तो उसका समाधान कानून और प्रशासन के माध्यम से होता है, न कि किसी धर्म या समुदाय को सामूहिक रूप से दोषी ठहराकर। “लव जिहाद”, “जिहादियों का अड्डा”, “धर्म योद्धा” जैसी शब्दावली माहौल को भड़काती है और इससे आम लोगों के बीच अविश्वास और टकराव पैदा होता है। इससे सबसे ज़्यादा नुकसान समाज और युवाओं को होता है। अगर किसी परिवार को वास्तविक शिकायत है: पुलिस में FIR दर्ज कराएं प्रशासनिक अधिकारियों से मिलें कानूनी सहायता लें सार्वजनिक सभा करना लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन: भाषण कानून के दायरे में होने चाहिए किसी समुदाय के खिलाफ नफरत या हिंसा का आह्वान नहीं होना चाहिए शहर सुरक्षित तभी रहेगा जब कानून सबके लिए बराबर लागू होगा और लोग शांति बनाए रखेंगे — न कि एक-दूसरे के खिलाफ खड़े
ऐसी भाषा और अपीलें समाज में डर और तनाव बढ़ाती हैं। अगर किसी भी तरह का अपराध हो रहा है — चाहे वह धोखा, जबरन धर्म परिवर्तन, शोषण या हिंसा हो — तो उसका समाधान कानून और प्रशासन के माध्यम से होता है, न कि किसी धर्म या समुदाय को सामूहिक रूप से दोषी ठहराकर। “लव जिहाद”, “जिहादियों का अड्डा”, “धर्म योद्धा” जैसी शब्दावली माहौल को भड़काती है और इससे आम लोगों के बीच अविश्वास और टकराव पैदा होता है। इससे सबसे ज़्यादा नुकसान समाज और युवाओं को होता है। अगर किसी परिवार को वास्तविक शिकायत है: पुलिस में FIR दर्ज कराएं प्रशासनिक अधिकारियों से मिलें कानूनी सहायता लें सार्वजनिक सभा करना लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन: भाषण कानून के दायरे में होने चाहिए किसी समुदाय के खिलाफ नफरत या हिंसा का आह्वान नहीं होना चाहिए शहर सुरक्षित तभी रहेगा जब कानून सबके लिए बराबर लागू होगा और लोग शांति बनाए रखेंगे — न कि एक-दूसरे के खिलाफ खड़े
- बरेली के भुता थाना क्षेत्र के अठाना गांव में पिता ने अपने एक साल के मासूम बेटे को गला दबाकर मार डाला। ऐसा उसने अपनी पत्नी पर अवैध संबंध होने के शक में बुधवार की शाम को किया। पुलिस ने आरोपी को जंगल से गिरफ्तार कर लिया है।1
- स्थान: नैनीताल, उत्तराखंड एक स्थानीय व्यक्ति ने मुस्लिम ब्लॉगर सरफू मलिक से उनकी धार्मिक पहचान के आधार पर उनका नाम पूछा और कहा, "हम तुम्हें पसंद नहीं करते।" फिर, उन्हें वापस आते देख, उस स्थानीय व्यक्ति ने "जय श्री राम" जैसे धार्मिक नारे लगाए। #trending1
- "रिपोर्ट : आदित्य भारद्वाज" आंवला। थाना भमोरा क्षेत्र में अवैध कटान के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मजनूपुर गांव के एक घर में छापा मारकर पड्डे के अवैध कटान का खुलासा किया है। मौके से करीब 50 किलो मांस, आठ पैर समेत कटान में प्रयुक्त धारदार हथियार बरामद किए गए हैं। पुलिस ने चार आरोपियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर लिया है, फिलहाल सभी आरोपी मौके से फरार हैं। जानकारी के अनुसार मंगलवार शाम सरदार नगर चौकी प्रभारी हीरेंद्र सिंह पुलिस टीम के साथ गश्त पर थे। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि मजनूपुर गांव में एक घर के अंदर अवैध रूप से पड्डे का कटान किया जा रहा है। सूचना पर पुलिस ने तत्काल दबिश दी। छापेमारी के दौरान घर से लगभग 50 किलो मांस, आठ पैर, एक कुल्हाड़ी, दो गड़ासा, तीन छुरी और एक सूजा बरामद किया गया। पुलिस जांच में सामने आया कि मजनूपुर निवासी हबीब हुसैन के पास मीट बिक्री का लाइसेंस है, लेकिन वह लाइसेंस की आड़ में अपने घर पर ही अवैध कटान कर रहा था। पुलिस ने हबीब हुसैन, आसिफ हुसैन, शानू और आकिल के खिलाफ पशु क्रूरता निवारण अधिनियम सहित अन्य सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस के अनुसार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है और मामले की गहन जांच जारी है।2
- Post by Nadeem uddin2
- आबकारी आयुक्त उत्तर प्रदेश एवं जिलाधिकारी फिरोजाबाद रमेश रंजन के आदेशों के अनुपालन में तथा संयुक्त आबकारी आयुक्त आगरा जोन और उप आबकारी आयुक्त आगरा प्रभार के निर्देशन में जनपद में सघन निरीक्षण अभियान चलाया गया। इसी क्रम में 12 फरवरी 2026 को आबकारी निरीक्षक जीके वर्मा (क्षेत्र–2 शिकोहाबाद) द्वारा मय स्टाफ क्षेत्र की फुटकर देशी एवं कंपोजिट मदिरा दुकानों का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान दुकानों व कैंटीन परिसरों में साफ-सफाई बनाए रखने, दुकान के बाहर मदिरा सेवन न करने देने, मांग के अनुरूप ब्रांडों की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा पर्याप्त स्टॉक बनाए रखने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों ने सभी दुकानों पर सीसीटीवी कैमरे निरंतर संचालित रखने, पीओएस मशीन से 100 प्रतिशत बिक्री, अभिलेखों को अद्यतन रखने तथा ऑनलाइन पेमेंट व्यवस्था अनिवार्य रूप से लागू करने के निर्देश भी दिए। इसके साथ ही अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि निर्धारित मूल्य से अधिक दर पर मदिरा बिक्री किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी। नियमों के उल्लंघन की स्थिति में संबंधित दुकानदारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी गई। उत्तर प्रदेश की छोटी बड़ी खबर देखने के लिए चैनल को लाइक शेयर व सब्सक्राइब करें जनपद न्यूज 24 यूपी1
- बदायूं। जिले के थाना सहसवान क्षेत्र में गुरुवार की रात दो ट्रैक्टर ट्रालियों में आमने सामने से हुई भिड़ंत में तीन की मौके पर मौत हो गई जब एक दर्जन के करीब महिला पुरुष घायल हुए है। हादसा सहसवान के गांव सिद्ध बरोलिया के पास हुआ जहां एक ट्रैक्टर ट्राली में वजीरगंज थाना क्षेत्र के गांव उरैना निवासी कुछ महिला पुरुष भात की रस्म में भाग लेने उघैती थाना क्षेत्र के गांव टेहरा जा रहे थे इसी दौरान सहसवान की ओर से आ रहे तेज गति के ट्रैक्टर ने महिला पुरुषों से भरे ट्रैक्टर में टक्कर मार दी हादसा भयाभय की दोनों वहनों के परखच्चे उड़ गए और भात चढ़ाने जा रहे हैं महिला पुरुष ट्राली के नीचे दब गए। हादसे पर जुटे ग्रामीणों ने ट्रैक्टर ट्राली के नीचे दबे लोगों को बाहर निकलना शुरू किया इस बीच पुलिस भी पहुंच गई और घायलों को एंबुलेंस व अन्य बहनों के जरिए सीएचसी बिसौली भेजा। इस हादसे में तीन की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे की सूचना पर एसएसपी मौके पर पहुंचे और घटना की जानकारी ली एसपी ने बताया की तीन की मौत की सूचना है और लगभग 20 महिला पुरुष घायल हैं जिनकी हालत सामान्य है और अस्पताल में इलाज चल रहा है। उन्होंने बताया कि अगर किसी की हालत गंभीर है तो उसे मेडिकल कॉलेज भेजा जाएगा। पुलिस ने तीनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए जिला मुख्यालय भेज दिया है।1
- बरेली। थाना क्योलड़िया पर पंजीकृत मु0अ0सं0 09/2025 धारा 137(2)/103(1)/238 BNS एवं थाना भुता पर पंजीकृत मु0अ0सं0 52/2026 धारा 364 भादवि से संबंधित 02 अभियुक्तों की गिरफ्तारी के सम्बन्ध में जानकारी देते #SPNorth मुकेश मिश्र।1
- ऐसी बातें भावनात्मक होती हैं, लेकिन हमें तथ्य और संतुलन से देखना चाहिए। पहली बात — भारत के अधिकांश मुसलमान खुद को भारतीय मानते हैं, उनका इतिहास, संस्कृति और पहचान यहीं की है। उन्हें 500 साल पहले आए किसी शासक से जोड़कर देखना सही नहीं है। जैसे आज के हिंदुओं को किसी भी ऐतिहासिक राजा के हर काम के लिए व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता, वैसे ही मुसलमानों को भी बाबर से जोड़ना तर्कसंगत नहीं है। दूसरी बात — डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम भारत के महान वैज्ञानिक और पूर्व राष्ट्रपति थे, और उन्हें हर धर्म और समुदाय के लोगों ने सम्मान दिया। उन्हें सिर्फ “मुस्लिम आइकन” नहीं बल्कि “राष्ट्र के प्रेरणास्रोत” के रूप में देखा जाता है। तीसरी बात — अगर कहीं कोई मस्जिद, मंदिर या स्मारक बन रहा है, तो वह कानूनी प्रक्रिया और स्थानीय परिस्थितियों के आधार पर होता है। इसे पूरे समुदाय की सोच से जोड़ देना अक्सर गलत निष्कर्ष पैदा करता है। AI युग का भारत वही होगा जहाँ: इतिहास को समझा जाए, लेकिन वर्तमान में नफरत नहीं पनपे, और नागरिक अपनी पहचान धर्म से पहले संविधान से जोड़ें। विकास, शिक्षा और तकनीक पर ध्यान देना ही 2026 के भारत को आगे ले जाएगा — आपसी आरोपों से नहीं।1