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स्थान: नैनीताल, उत्तराखंड एक स्थानीय व्यक्ति ने मुस्लिम ब्लॉगर सरफू मलिक से उनकी धार्मिक पहचान के आधार पर उनका नाम पूछा और कहा, "हम तुम्हें पसंद नहीं करते।" फिर, उन्हें वापस आते देख, उस स्थानीय व्यक्ति ने "जय श्री राम" जैसे धार्मिक नारे लगाए। #trending
MOHD ASIF ABBAS
स्थान: नैनीताल, उत्तराखंड एक स्थानीय व्यक्ति ने मुस्लिम ब्लॉगर सरफू मलिक से उनकी धार्मिक पहचान के आधार पर उनका नाम पूछा और कहा, "हम तुम्हें पसंद नहीं करते।" फिर, उन्हें वापस आते देख, उस स्थानीय व्यक्ति ने "जय श्री राम" जैसे धार्मिक नारे लगाए। #trending
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- बरेली के भुता थाना क्षेत्र के अठाना गांव में पिता ने अपने एक साल के मासूम बेटे को गला दबाकर मार डाला। ऐसा उसने अपनी पत्नी पर अवैध संबंध होने के शक में बुधवार की शाम को किया। पुलिस ने आरोपी को जंगल से गिरफ्तार कर लिया है।1
- स्थान: नैनीताल, उत्तराखंड एक स्थानीय व्यक्ति ने मुस्लिम ब्लॉगर सरफू मलिक से उनकी धार्मिक पहचान के आधार पर उनका नाम पूछा और कहा, "हम तुम्हें पसंद नहीं करते।" फिर, उन्हें वापस आते देख, उस स्थानीय व्यक्ति ने "जय श्री राम" जैसे धार्मिक नारे लगाए। #trending1
- "रिपोर्ट : आदित्य भारद्वाज" आंवला। थाना भमोरा क्षेत्र में अवैध कटान के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मजनूपुर गांव के एक घर में छापा मारकर पड्डे के अवैध कटान का खुलासा किया है। मौके से करीब 50 किलो मांस, आठ पैर समेत कटान में प्रयुक्त धारदार हथियार बरामद किए गए हैं। पुलिस ने चार आरोपियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर लिया है, फिलहाल सभी आरोपी मौके से फरार हैं। जानकारी के अनुसार मंगलवार शाम सरदार नगर चौकी प्रभारी हीरेंद्र सिंह पुलिस टीम के साथ गश्त पर थे। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि मजनूपुर गांव में एक घर के अंदर अवैध रूप से पड्डे का कटान किया जा रहा है। सूचना पर पुलिस ने तत्काल दबिश दी। छापेमारी के दौरान घर से लगभग 50 किलो मांस, आठ पैर, एक कुल्हाड़ी, दो गड़ासा, तीन छुरी और एक सूजा बरामद किया गया। पुलिस जांच में सामने आया कि मजनूपुर निवासी हबीब हुसैन के पास मीट बिक्री का लाइसेंस है, लेकिन वह लाइसेंस की आड़ में अपने घर पर ही अवैध कटान कर रहा था। पुलिस ने हबीब हुसैन, आसिफ हुसैन, शानू और आकिल के खिलाफ पशु क्रूरता निवारण अधिनियम सहित अन्य सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस के अनुसार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है और मामले की गहन जांच जारी है।2
- Post by Nadeem uddin2
- बदायूं के एआरटीओ और कुछ लोगों के साथ हुई तीखी बहस। इस अवसर पर एआरटीओ हरिओम बहस करने वालो को दलाल के साथ घंटा पत्रकार कहते हुए वीडियो बना रहे युवक के मोबाइल पर हाथ मारते नजर आ रहे है। इस मामले में एआरटीओ ने तीन लोगों के खिलाफ सिविल लाइन पुलिस को तहरीर दी है।1
- बरेली। थाना बिथरीचैनपुर क्षेत्र के ग्राम चंदपुर बिचपुरी डोरिया के निवासियों ने बरेली विकास प्राधिकरण (बीडीए) की ध्वस्तीकरण कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग को लेकर जिला अधिकारी कार्यालय में ज्ञापन सौंपा। यह ज्ञापन एडवोकेट अच्छन अंसारी के नेतृत्व में दिया गया। एडवोकेट अच्छन अंसारी व ग्रामवासी नत्थू शाह ने बताया कि वे मजदूर वर्ग से हैं और पिछले लगभग 25 वर्षों से गांव में खरीदी गई जमीन पर अपने परिवार के साथ रह रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने करीब 25 वर्ष पूर्व गांव के ही सुखलाल आदि से जमीन खरीदकर अपने मकान बनाए थे। ग्रामीणों के अनुसार 4 अप्रैल 2025 को बीडीए द्वारा उत्तर प्रदेश नगर नियोजन एवं विकास अधिनियम 1973 की धारा 26 के तहत नोटिस जारी किए गए थे। इसके विरोध में 21 अप्रैल 2025 को लिखित आपत्ति दर्ज कर नोटिस निरस्त करने की मांग की गई, लेकिन अब तक कोई निर्णय नहीं लिया गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि बीडीए के अधिकारी मकान खाली करने का दबाव बना रहे हैं और बुलडोजर चलाने की चेतावनी दे रहे हैं। उनका कहना है कि यदि मकान ध्वस्त किए गए तो वे बेघर हो जाएंगे, क्योंकि उनके पास अन्य कोई आवास या जमीन नहीं है। ग्रामीणों ने प्रशासन से खसरा संख्या 60, 61, 62, 63, 64 व 75 पर बने मकानों को ध्वस्तीकरण से बचाने की मांग की है। ज्ञापन देने वालों में जाबिर, हरप्रसाद, सालिक राम, वेदपाल, प्रेमपाल, इरशाद अली, सलीम, मोहिनी और शकील सहित अन्य ग्रामीण मौजूद रहे।1
- उधैती थाना प्रभारी ऋषिपाल सिंह ने शांति व्यवस्था बनाए रखने अपील की, थाना परिसर में संभ्रांत व्यक्तियों के साथ आगामी त्यौहारों को लेकर, मीटिंग हुई संपन्न ।1
- ऐसी बातें भावनात्मक होती हैं, लेकिन हमें तथ्य और संतुलन से देखना चाहिए। पहली बात — भारत के अधिकांश मुसलमान खुद को भारतीय मानते हैं, उनका इतिहास, संस्कृति और पहचान यहीं की है। उन्हें 500 साल पहले आए किसी शासक से जोड़कर देखना सही नहीं है। जैसे आज के हिंदुओं को किसी भी ऐतिहासिक राजा के हर काम के लिए व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता, वैसे ही मुसलमानों को भी बाबर से जोड़ना तर्कसंगत नहीं है। दूसरी बात — डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम भारत के महान वैज्ञानिक और पूर्व राष्ट्रपति थे, और उन्हें हर धर्म और समुदाय के लोगों ने सम्मान दिया। उन्हें सिर्फ “मुस्लिम आइकन” नहीं बल्कि “राष्ट्र के प्रेरणास्रोत” के रूप में देखा जाता है। तीसरी बात — अगर कहीं कोई मस्जिद, मंदिर या स्मारक बन रहा है, तो वह कानूनी प्रक्रिया और स्थानीय परिस्थितियों के आधार पर होता है। इसे पूरे समुदाय की सोच से जोड़ देना अक्सर गलत निष्कर्ष पैदा करता है। AI युग का भारत वही होगा जहाँ: इतिहास को समझा जाए, लेकिन वर्तमान में नफरत नहीं पनपे, और नागरिक अपनी पहचान धर्म से पहले संविधान से जोड़ें। विकास, शिक्षा और तकनीक पर ध्यान देना ही 2026 के भारत को आगे ले जाएगा — आपसी आरोपों से नहीं।1