केमार बाईपास हादसा: शराब दुकान से पीकर खदान में डूबा व्यक्ति, ग्रामीणों में आक्रोश | Satna News *केमार बेला बाईपास की अवैध शराब दुकान ने ले ली बाल्मीक की जान - अगर दुकान न होती तो न होता हादसा, सरपंच की शिकायत के बाद भी आबकारी-कलेक्टर नहीं दिए ध्यान* *राइजिंग सतना रामपुर बाघेलन रामदत्त दाहिया की रिपोर्ट✍️* *रामपुर बाघेलन-* केमार बाईपास स्थित डूंगरी खदान में डूबने से हुई *बाल्मीक बसदेवा, उम्र 55 वर्ष, निवासी केमार* की मौत का जिम्मेदार कौन? ग्रामीणों ने एक स्वर में कहा - *बेला बाईपास की अवैध शराब दुकान।* *कैसे हुई मौत -* बाल्मीक बसदेवा ने बाईपास स्थित शराब दुकान से शराब पी थी। शराब के नशे में उसे कुछ समझ नहीं आया और वह सीधे गहरी डूंगरी खदान में चला गया और डूब गया। किनारे पर पड़ी चप्पलों ने पूरे हादसे की पोल खोल दी। बेला चौकी पुलिस ने SDRF/होमगार्ड गोताखोर टीम की मदद से शव बरामद किया। *अब सबसे बड़ा खुलासा - यह दुकान अवैध है -* 1. ग्रामीणों और पंचायत का आरोप है कि यह शराब दुकान *बिना सरपंच की NOC के, धमकी और गुंडागर्दी के दम पर* संचालित हो रही है। 2. सरपंच द्वारा इसकी *लिखित शिकायत आबकारी विभाग और कलेक्टर साहब को भी दी जा चुकी है, उसके बाद भी आज तक कोई कार्यवाही नहीं हुई।* 3. दुकान खदान के मुहाने पर संचालित हो रही है, जहां दिन-रात नशेड़ियों का जमावड़ा लगा रहता है। ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। ग्रामीणों का कहना है - *अगर आज यह अवैध शराब दुकान यहां नहीं होती, तो बाल्मीक बसदेवा की मौत नहीं होती। इस मौत की पूरी जिम्मेदार यह अवैध शराब दुकान और कार्यवाही न करने वाला आबकारी विभाग है।* ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि अगर इस अवैध दुकान को तत्काल बंद नहीं किया गया तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।
केमार बाईपास हादसा: शराब दुकान से पीकर खदान में डूबा व्यक्ति, ग्रामीणों में आक्रोश | Satna News *केमार बेला बाईपास की अवैध शराब दुकान ने ले ली बाल्मीक की जान - अगर दुकान न होती तो न होता हादसा, सरपंच की शिकायत के बाद भी आबकारी-कलेक्टर नहीं दिए ध्यान* *राइजिंग सतना रामपुर बाघेलन रामदत्त दाहिया की रिपोर्ट✍️* *रामपुर बाघेलन-* केमार बाईपास स्थित डूंगरी खदान में डूबने से हुई *बाल्मीक बसदेवा, उम्र 55 वर्ष, निवासी केमार* की मौत का जिम्मेदार कौन? ग्रामीणों ने एक स्वर में कहा - *बेला बाईपास की अवैध शराब दुकान।* *कैसे हुई मौत -* बाल्मीक बसदेवा ने बाईपास स्थित शराब दुकान से शराब पी थी। शराब के नशे में उसे कुछ समझ नहीं आया और वह सीधे गहरी डूंगरी खदान में चला गया और डूब गया। किनारे पर पड़ी चप्पलों ने पूरे हादसे की पोल खोल दी। बेला चौकी पुलिस ने SDRF/होमगार्ड गोताखोर टीम की मदद से शव बरामद किया। *अब सबसे बड़ा खुलासा - यह दुकान अवैध है -* 1. ग्रामीणों और पंचायत का आरोप है कि यह शराब दुकान *बिना सरपंच की NOC के, धमकी और गुंडागर्दी के दम पर* संचालित हो रही है। 2. सरपंच द्वारा इसकी *लिखित शिकायत आबकारी विभाग और कलेक्टर साहब को भी दी जा चुकी है, उसके बाद भी आज तक कोई कार्यवाही नहीं हुई।* 3. दुकान खदान के मुहाने पर संचालित हो रही है, जहां दिन-रात नशेड़ियों का जमावड़ा लगा रहता है। ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। ग्रामीणों का कहना है - *अगर आज यह अवैध शराब दुकान यहां नहीं होती, तो बाल्मीक बसदेवा की मौत नहीं होती। इस मौत की पूरी जिम्मेदार यह अवैध शराब दुकान और कार्यवाही न करने वाला आबकारी विभाग है।* ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि अगर इस अवैध दुकान को तत्काल बंद नहीं किया गया तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।
- भारत इंटरनेशनल स्कूल में दोहरे उत्सव की धूम: गणेश पूजा के साथ मनाया गया हिंदी दिवस रामपुर बघेलान। स्थानीय भारत इंटरनेशनल स्कूल में आज गणेश चतुर्थी एवं हिंदी दिवस के पावन अवसर पर एक भव्य और गरिमामयी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दोहरे उत्सव को लेकर स्कूल परिसर में भारी उत्साह देखा गया, जहां बच्चों के भीतर अध्यात्म, कला और अपनी संस्कृति के प्रति चेतना जगाने के लिए विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन हुआ।कार्यक्रम का शुभारंभ संस्था के संचालक श्री सुनील सोनी एवं श्रीमती पद्मा सोनी ने भगवान श्री गणेश जी की मूर्ति की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और माँ सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया। इस विशेष अवसर पर संस्था संचालक श्री सुनील सोनी जी ने बच्चों को संबोधित करते हुए हिंदी दिवस और मातृभाषा के महत्व पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि हमें अपनी मातृभाषा के प्रति सदैव आदर और सम्मान की भावना रखनी चाहिए, क्योंकि भाषा ही हमें अपनी जड़ों और संस्कृति से जोड़कर रखती है। वहीं, स्कूल के प्राचार्य श्री मनीष तिवारी जी ने भी भगवान गणेश जी से बच्चों के लिए अच्छे संस्कार, बुद्धि और विवेक की कामना की। उत्सव को और रंगीन बनाने के लिए स्कूल में हिंदी लेखन, फैंसी ड्रेस और वाद-विवाद प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया, जिसमें छात्रों ने अपनी कला, वेशभूषा और भाषा कौशल का बेहतरीन प्रदर्शन किया। इस मौके पर विद्यालय का समस्त स्टाफ और छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।3
- *संजय गांधी में फिर लापरवाही उजागर, ICU में भर्ती मरीज 5 घंटे से बिना इलाज के तड़प रहा* *रीवा -* संजय गांधी अस्पताल की मनमानी थमने का नाम नहीं ले रही है। एक नया वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें *ग्राम धमना, पोस्ट मजगवां, तहसील अमरपाटन, जिला सतना* निवासी *अजय कुशवाहा* ने आरोप लगाया है कि उन्होंने अपनी पत्नी का इलाज कराने के लिए संजय गांधी अस्पताल में भर्ती कराया, लेकिन 5 घंटे बीत जाने के बाद भी ICU में भर्ती उनकी पत्नी का इलाज शुरू नहीं किया गया है। परिजन का कहना है कि 5 घंटे से मरीज तड़प रहा है पर डॉक्टर देखने तक नहीं आए। गौरतलब है कि कुछ दिन पहले ही इसी अस्पताल में प्रसूता कल्पना मिश्रा और उसके नवजात की मौत के बाद अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर सवाल उठे थे। मृतका के पिता आज भी सिरमौर चौराहे पर धरने पर बैठे न्याय मांग रहे हैं, बावजूद इसके अस्पताल की व्यवस्था में कोई सुधार नहीं दिख रहा है। *राइजिंग सतना रामदत्त दाहिया* *संजय गांधी में फिर लापरवाही उजागर, ICU में भर्ती मरीज 5 घंटे से बिना इलाज के तड़प रहा* *रीवा -* संजय गांधी अस्पताल की मनमानी थमने का नाम नहीं ले रही है। एक नया वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें *ग्राम धमना, पोस्ट मजगवां, तहसील अमरपाटन, जिला सतना* निवासी *अजय कुशवाहा* ने आरोप लगाया है कि उन्होंने अपनी पत्नी का इलाज कराने के लिए संजय गांधी अस्पताल में भर्ती कराया, लेकिन 5 घंटे बीत जाने के बाद भी ICU में भर्ती उनकी पत्नी का इलाज शुरू नहीं किया गया है। परिजन का कहना है कि 5 घंटे से मरीज तड़प रहा है पर डॉक्टर देखने तक नहीं आए। गौरतलब है कि कुछ दिन पहले ही इसी अस्पताल में प्रसूता कल्पना मिश्रा और उसके नवजात की मौत के बाद अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर सवाल उठे थे। मृतका के पिता आज भी सिरमौर चौराहे पर धरने पर बैठे न्याय मांग रहे हैं, बावजूद इसके अस्पताल की व्यवस्था में कोई सुधार नहीं दिख रहा है। *राइजिंग सतना रामदत्त दाहिया*1
- कल्पना मिश्रा की मौत के 12वें दिन भी पिता का धरना जारी, डॉक्टरों पर FIR की मांग को लेकर जल सत्याग्रह शुरू, रीवा में कल्पना मिश्रा की मौत के बाद न्याय की मांग को लेकर चल रहा धरना 12वें दिन भी जारी है। कल्पना मिश्रा के पिता लगातार धरना स्थल पर बैठे हुए हैं। अब डॉक्टरों पर FIR दर्ज कराने की मांग को लेकर जल सत्याग्रह की शुरुआत भी हो गई है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि फिलहाल यह सांकेतिक जल सत्याग्रह है, लेकिन अगर जल्द ही FIR दर्ज नहीं की गई तो इसे निरंतर जारी किया जाएगा।1
- असम में बच्चों के सामने फुटबॉल से खेलता दिखा जंगली हाथी असम में बच्चों के सामने फुटबॉल से खेलता दिखा जंगली हाथी असम के नुमालीगढ़ स्थित बागीधाला टी एस्टेट में एक जंगली हाथी फुटबॉल को लात मारता हुआ कैमरे में कैद हुआ. बच्चे मैदान में फुटबॉल खेल रहे थे, तभी हाथी वहां पहुंच गया और बच्चे गेंद छोड़कर दूर चले गए. इसके बाद हाथी खाली मैदान में गेंद को लात मारता नजर आया. फॉरेस्ट स्टाफ ने लोगों को ऐसे हाथियों के पास जाने या भीड़ लगाने से बचने की सलाह दी है. #Assam1
- *💥 🔝 FNB 💥* *रील बनाने पहुंचे युवकों से पुलिस ने ‘डक वॉक’ करा दी* हमीरपुर में जान जोखिम में डालकर बंधे(नहर) पर नहाने की रील्स बनाने पहुंचे आधा दर्जन युवकों से पुलिस ने 'डक वॉक' करा दी. इतना ही नहीं आगे से मिलने पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी भी दी. रील के चक्कर में यहा अब तक कई युवकों की जान जा चुकी है. जिसके चलते पुलिस ने कार्रवाई की. *💥 🔝 FNB 💥* *रील बनाने पहुंचे युवकों से पुलिस ने ‘डक वॉक’ करा दी* हमीरपुर में जान जोखिम में डालकर बंधे(नहर) पर नहाने की रील्स बनाने पहुंचे आधा दर्जन युवकों से पुलिस ने 'डक वॉक' करा दी. इतना ही नहीं आगे से मिलने पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी भी दी. रील के चक्कर में यहा अब तक कई युवकों की जान जा चुकी है. जिसके चलते पुलिस ने कार्रवाई की.1
- नल-जल योजना में अनियमितताओं के आरोप, निर्माण गुणवत्ता पर उठे गंभीर सवाल खटखरी में टंकी धराशायी होने के बाद भी नहीं चेता पीएचई विभाग! जिला मुख्यालय के आसपास ही निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर सवाल मऊगंज जिले में ग्रामीणों को घर-घर पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालित नल-जल योजना अब अपनी कार्यप्रणाली और निर्माण गुणवत्ता को लेकर सवालों के घेरे में है। आरोप है कि योजना के तहत कराए जा रहे निर्माण कार्यों में जिम्मेदार अधिकारियों और संविदाकारों की कथित मिलीभगत से जमकर अनियमितताएं की जा रही हैं। स्थिति यह है कि कहीं नल-जल योजना का केवल कागजों और फोटो सेशन में संचालन दिखाई दे रहा है, तो कहीं निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर ही गंभीर प्रश्न खड़े हो रहे हैं। नईगढ़ी जनपद अंतर्गत खटखरी में नल-जल योजना के तहत निर्मित पानी की टंकी के धराशायी होने की घटना के बाद निर्माण कार्यों की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठना स्वाभाविक है। इसके बावजूद आरोप है कि संबंधित विभाग ने जिले में संचालित अन्य योजनाओं के निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की व्यापक जांच कराने की दिशा में अपेक्षित गंभीरता नहीं दिखाई। जिला मुख्यालय के आसपास भी सामने आ रहे सवाल जिला मुख्यालय के समीप स्थित कुछ ग्राम पंचायतों में नल-जल योजना के नाम पर कराए गए कार्यों को लेकर ग्रामीणों द्वारा शिकायतें सामने आने की बात कही जा रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि योजना का शुभारंभ और संचालन दिखाने के लिए फोटो सेशन तो कराए गए, लेकिन वास्तविक स्थिति में आज भी कई परिवारों को नियमित रूप से पानी उपलब्ध नहीं हो रहा है। ऐसे में सवाल उठता है कि यदि योजना धरातल पर सुचारू रूप से संचालित नहीं है तो उसके संचालन और भुगतान की प्रक्रिया किस आधार पर आगे बढ़ाई गई? निर्माण कार्य हादसे का कारण बनने का आरोप! कुछ स्थानों पर नल-जल योजना से जुड़े निर्माण कार्यों की स्थिति इतनी चिंताजनक बताई जा रही है कि वह दुर्घटना का कारण तक बन चुकी है। इस संबंध में शिकायत मऊगंज थाने तक पहुंचने की जानकारी सामने आई है। यदि शिकायत सही है तो यह केवल सरकारी धन के दुरुपयोग का मामला नहीं, बल्कि आम लोगों की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर विषय है। खटखरी की घटना के बाद जांच की जरूरत लेकिन कोरम पूर्ति तक सीमित ना रहे जांच! नईगढी जनपद क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत खटखरी में पानी की टंकी धराशायी होने की घटना ने निर्माण गुणवत्ता की निगरानी व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। आखिर करोड़ों रुपये की योजनाओं में निर्माण सामग्री, तकनीकी मानकों, स्ट्रक्चरल डिजाइन और निर्माण के दौरान गुणवत्ता परीक्षण की जिम्मेदारी किसकी है? यदि विभागीय अधिकारियों द्वारा नियमित निरीक्षण किया गया था तो कमजोर निर्माण समय रहते पकड़ में क्यों नहीं आया? कार्यपालन यंत्री की भूमिका पर भी उठ रहे सवाल? नल-जल योजना से जुड़े कार्यों को लेकर पीएचई विभाग के कार्यपालन यंत्री संजय पांडे की भूमिका पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है। ऐसे में आवश्यक है कि विभाग पूरे मामले की निष्पक्ष तकनीकी जांच कराए और यदि कहीं नियमों का उल्लंघन, घटिया निर्माण अथवा शासकीय राशि के दुरुपयोग की पुष्टि होती है तो संबंधित संविदाकार से लेकर जिम्मेदार अधिकारियों तक जवाबदेही तय की जाए। बड़ा सवाल—फोटो में पानी या गांव में पानी? सरकार की मंशा ग्रामीणों को स्वच्छ और नियमित पेयजल उपलब्ध कराने की है, लेकिन यदि योजनाएं केवल कागजों और फोटो तक सीमित रह जाएं तो करोड़ों रुपये खर्च करने का उद्देश्य ही विफल हो जाता है। ग्रामीणों का कहना है कि विभाग को फोटो सेशन के बजाय वास्तविक जलापूर्ति की स्थिति का सत्यापन करना चाहिए। अब देखना यह है कि खटखरी की घटना से सबक लेते हुए पीएचई विभाग मऊगंज जिले में संचालित नल-जल योजनाओं का तकनीकी ऑडिट और भौतिक सत्यापन कराता है या फिर किसी बड़ी अनहोनी के बाद ही जिम्मेदारों की नींद टूटेगी। ब्यूरो चीफ रीवा अभिषेक पांडे1
- सिविल अस्पताल की छत पर शराब की बोतलें मिलने का दावा, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल सिविल अस्पताल की छत पर शराब की बोतलें मिलने का दावा, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल MAIHAR :- मैहर सिविल अस्पताल जैसे संवेदनशील परिसर में *छत पर शराब की खाली बोतलें मिलने की बात सामने आने* से अस्पताल की सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। अस्पताल में जहां मरीज और उनके परिजन इलाज के लिए पहुंचते हैं, वहां परिसर के ऐसे हिस्से में शराब की बोतलों का मिलना चिंता का विषय माना जा रहा है। सवाल यह है कि अस्पताल की छत तक शराब की बोतलें कैसे पहुंचीं? क्या अस्पताल परिसर की नियमित निगरानी की जाती है? यदि निगरानी होती है तो ऐसी स्थिति जिम्मेदार अधिकारियों की नजर से कैसे बची? यह मामला केवल अनुशासन का नहीं, बल्कि अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था और प्रबंधन की कार्यप्रणाली से भी जुड़ा हुआ है। प्रशासन को चाहिए कि मामले की निष्पक्ष जांच कर यह स्पष्ट करे कि बोतलें वहां कैसे पहुंचीं और इसके लिए जिम्मेदारी किसकी बनती है। जिले के प्रशासनिक अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को मामले का संज्ञान लेकर अस्पताल परिसर की सुरक्षा व्यवस्था की जांच करानी चाहिए। साथ ही स्वास्थ्य विभाग और अस्पताल प्रबंधन को भी मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जानकारी सार्वजनिक करनी चाहिए। अब सवाल यह है कि क्या जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग इस मामले को गंभीरता से लेकर जांच एवं कार्रवाई करेगा, या अस्पताल की छत पर मिली शराब की बोतलों का मामला भी अन्य व्यवस्थागत सवालों की तरह अनदेखा रह जाएगा?2
- केमार बाईपास हादसा: शराब दुकान से पीकर खदान में डूबा व्यक्ति, ग्रामीणों में आक्रोश | Satna News *केमार बेला बाईपास की अवैध शराब दुकान ने ले ली बाल्मीक की जान - अगर दुकान न होती तो न होता हादसा, सरपंच की शिकायत के बाद भी आबकारी-कलेक्टर नहीं दिए ध्यान* *राइजिंग सतना रामपुर बाघेलन रामदत्त दाहिया की रिपोर्ट✍️* *रामपुर बाघेलन-* केमार बाईपास स्थित डूंगरी खदान में डूबने से हुई *बाल्मीक बसदेवा, उम्र 55 वर्ष, निवासी केमार* की मौत का जिम्मेदार कौन? ग्रामीणों ने एक स्वर में कहा - *बेला बाईपास की अवैध शराब दुकान।* *कैसे हुई मौत -* बाल्मीक बसदेवा ने बाईपास स्थित शराब दुकान से शराब पी थी। शराब के नशे में उसे कुछ समझ नहीं आया और वह सीधे गहरी डूंगरी खदान में चला गया और डूब गया। किनारे पर पड़ी चप्पलों ने पूरे हादसे की पोल खोल दी। बेला चौकी पुलिस ने SDRF/होमगार्ड गोताखोर टीम की मदद से शव बरामद किया। *अब सबसे बड़ा खुलासा - यह दुकान अवैध है -* 1. ग्रामीणों और पंचायत का आरोप है कि यह शराब दुकान *बिना सरपंच की NOC के, धमकी और गुंडागर्दी के दम पर* संचालित हो रही है। 2. सरपंच द्वारा इसकी *लिखित शिकायत आबकारी विभाग और कलेक्टर साहब को भी दी जा चुकी है, उसके बाद भी आज तक कोई कार्यवाही नहीं हुई।* 3. दुकान खदान के मुहाने पर संचालित हो रही है, जहां दिन-रात नशेड़ियों का जमावड़ा लगा रहता है। ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। ग्रामीणों का कहना है - *अगर आज यह अवैध शराब दुकान यहां नहीं होती, तो बाल्मीक बसदेवा की मौत नहीं होती। इस मौत की पूरी जिम्मेदार यह अवैध शराब दुकान और कार्यवाही न करने वाला आबकारी विभाग है।* ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि अगर इस अवैध दुकान को तत्काल बंद नहीं किया गया तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।1