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स्वर्ण सरोवर गीत माला की प्रस्तुति ने मोहा श्रोताओं का दिल, स्वर्ण सरोवर गीत माला की प्रस्तुति ने मोहा श्रोताओं का दिल, महाराज अजमीढ़ देव जयंती के अवसर पर स्वर्ण सरोवर गीत माला की प्रस्तुति ने जबलपुर के श्रोताओं का दिल जीत लिया प्रस्तुति में नए पुराने गीतों का संगम देखने को मिला, स समस्त स्वर्णकार समाज राष्ट्रीय अध्यक्ष सीता देवी जी ने बताया कि अजमीढ़ देव जयंती के अवसर पर हम लोग सभी भंडारे का और मिलजुलकर सामाजिक कार्यक्रम का आयोजन करते हैं
Sarvesh Tiwari
स्वर्ण सरोवर गीत माला की प्रस्तुति ने मोहा श्रोताओं का दिल, स्वर्ण सरोवर गीत माला की प्रस्तुति ने मोहा श्रोताओं का दिल, महाराज अजमीढ़ देव जयंती के अवसर पर स्वर्ण सरोवर गीत माला की प्रस्तुति ने जबलपुर के श्रोताओं का दिल जीत लिया प्रस्तुति में नए पुराने गीतों का संगम देखने को मिला, स समस्त स्वर्णकार समाज राष्ट्रीय अध्यक्ष सीता देवी जी ने बताया कि अजमीढ़ देव जयंती के अवसर पर हम लोग सभी भंडारे का और मिलजुलकर सामाजिक कार्यक्रम का आयोजन करते हैं
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- स्वर्ण सरोवर गीत माला की प्रस्तुति ने मोहा श्रोताओं का दिल, स्वर्ण सरोवर गीत माला की प्रस्तुति ने मोहा श्रोताओं का दिल, महाराज अजमीढ़ देव जयंती के अवसर पर स्वर्ण सरोवर गीत माला की प्रस्तुति ने जबलपुर के श्रोताओं का दिल जीत लिया प्रस्तुति में नए पुराने गीतों का संगम देखने को मिला, स समस्त स्वर्णकार समाज राष्ट्रीय अध्यक्ष सीता देवी जी ने बताया कि अजमीढ़ देव जयंती के अवसर पर हम लोग सभी भंडारे का और मिलजुलकर सामाजिक कार्यक्रम का आयोजन करते हैं4
- कान्हा में बाघों की मौत पर जबलपुर हाईकोर्ट सख्त, सरकार से मांगी रिपोर्ट कैनाइन डिस्टेंपर वायरस से मौत की आशंका पर उठे सवाल, सितंबर-अक्टूबर में मरे दो बाघों का कारण बताने के निर्देश; 16 नवंबर को अगली सुनवाई जबलपुर। मध्य प्रदेश के कान्हा टाइगर रिजर्व में बाघों की मौत के मामले में मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को सितंबर और अक्टूबर में हुई दो बाघों की मौत का कारण बताने के निर्देश दिए हैं। अदालत ने इस संबंध में सरकार से रिपोर्ट मांगी है। मामले की अगली सुनवाई 16 नवंबर को निर्धारित की गई है। यह मामला कान्हा टाइगर रिजर्व में बाघों की मौत और उनमें कैनाइन डिस्टेंपर वायरस (CDV) के संक्रमण की आशंका से जुड़ा है। मुंबई निवासी सुब्रत चक्रवर्ती ने इस संबंध में जनहित याचिका दायर की है। सालभर में 20 से अधिक बाघों की मौत का दावा याचिकाकर्ता की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता अंशुमान सिंह ने अदालत को बताया कि इस साल कान्हा टाइगर रिजर्व में 20 से अधिक बाघों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो चुकी है। याचिका में यह भी कहा गया कि पांच बाघों की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में कैनाइन डिस्टेंपर वायरस से मौत होने की बात सामने आई है। इन मौतों के कारणों और वायरस के प्रसार को लेकर चिंता जताई गई है। हालांकि, सभी मौतों के कारणों की पुष्टि जांच और संबंधित रिपोर्टों के आधार पर ही हो सकेगी। मुक्की वन्यजीव उपचार केंद्र में रखे गए थे दो बाघ याचिका में बताया गया कि कान्हा टाइगर रिजर्व के दो बाघों को मुक्की स्थित वन्यजीव उपचार केंद्र में रखा गया था। याचिकाकर्ता ने वायरस के प्रसार में संक्रमित कुत्तों और सामूहिक जलस्रोतों की संभावित भूमिका को लेकर भी सवाल उठाए। याचिका के अनुसार, कैनाइन डिस्टेंपर वायरस से संक्रमित होने पर बाघों के स्वाभाविक व्यवहार पर असर पड़ सकता है। इससे उनकी शिकार करने की क्षमता और व्यवहार प्रभावित होने की आशंका रहती है। दो हजार से अधिक कुत्तों का कराया गया टीकाकरण सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से अदालत को बताया गया कि कैनाइन डिस्टेंपर वायरस के प्रसार को रोकने के लिए कान्हा टाइगर रिजर्व और आसपास के क्षेत्रों में दो हजार से अधिक कुत्तों का टीकाकरण कराया गया है। यह कदम वन्यजीवों में संक्रमण के खतरे को कम करने के उद्देश्य से उठाया गया है। हाईकोर्ट ने सरकार से मांगा जवाब मुख्य न्यायाधीश अल्पेश यशवंत कोगजे और न्यायमूर्ति विवेक जैन की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए सितंबर और अक्टूबर में हुई दो बाघों की मौत का कारण बताने के निर्देश दिए हैं। अदालत ने राज्य सरकार से इस संबंध में रिपोर्ट मांगी है। अब मामले की अगली सुनवाई 16 नवंबर को होगी। उस दिन सरकार की ओर से प्रस्तुत जानकारी के आधार पर आगे की सुनवाई हो सकती है। सच तक पत्रिका न्यूज़ ✍️ रिपोर्ट: दीपक विश्वकर्मा, जबलपुर नोट: खबर में बाघों की मौत और वायरस से संबंधित विवरण याचिका में प्रस्तुत दावों तथा सुनवाई के दौरान बताई गई जानकारी पर आधारित हैं। सभी मौतों के कारणों की पुष्टि संबंधित जांच रिपोर्टों से ही होगी।1
- OBC पिछड़ा वर्ग की जनसंख्या 52 %परसेंट 52% दो है फिर भी 27% परसेंट आरक्षण मांगा था पर 13% परसेंट हॉल करती है जाति का जनगणना करवाओ जिसकी जितनी संख्या भारी उसकी उतनी हिस्सेदारी मिलनी चाहिए1
- किसानों की मांगों पर गरजे किसान, MSP गारंटी से लेकर कर्जमाफी तक उठाई आवाज भारतीय किसान यूनियन टिकैत ने तहसीलदार को सौंपा प्रधानमंत्री और कलेक्टर के नाम ज्ञापन, बिजली निजीकरण रोकने, खाद की उपलब्धता और अवैध शराब पर अंकुश लगाने की मांग सिहोरा। किसानों की विभिन्न समस्याओं और लंबित मांगों को लेकर 27 अक्टूबर को भारतीय किसान यूनियन टिकैत ने तहसील कार्यालय सिहोरा में प्रदर्शन कर प्रधानमंत्री और कलेक्टर के नाम तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा। यूनियन के जिलाध्यक्ष एडवोकेट रमेश पटेल के नेतृत्व में पहुंचे किसान पदाधिकारियों ने न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की कानूनी गारंटी, कर्जमाफी, किसान पेंशन और फसल बीमा में सुधार सहित कई मांगें उठाईं। ज्ञापन में कृषि क्षेत्र से जुड़े कानूनों और नीतियों में बदलाव के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में बिक रही अवैध शराब पर रोक लगाने की भी मांग की गई। MSP गारंटी और कर्जमाफी की मांग किसान यूनियन ने मांग की कि छह वर्षों से लंबित MSP गारंटी के मुद्दे पर निर्णय लेते हुए सभी फसलों के लिए C2 लागत पर 50 प्रतिशत लाभ जोड़कर न्यूनतम समर्थन मूल्य लागू किया जाए। इसके अलावा किसानों की कर्जमाफी, किसान पेंशन योजना और फसल बीमा व्यवस्था में सुधार किया जाए, ताकि किसानों को आर्थिक राहत मिल सके। कृषि और श्रम संबंधी नीतियों का विरोध ज्ञापन में बिजली के निजीकरण और बीज विधेयक 2025 का विरोध करते हुए इन्हें वापस लेने की मांग की गई। यूनियन ने चार श्रम संहिताओं को रद्द करने तथा अमेरिका के साथ कृषि उत्पादों और डेयरी से संबंधित समझौते को तत्काल निरस्त करने की मांग भी रखी। किसानों का कहना है कि कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जुड़े फैसलों में किसानों के हितों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। धान पंजीयन से लेकर खाद की उपलब्धता तक उठाए मुद्दे किसानों ने धान की पराली जलाने पर लगाए गए प्रतिबंध को हटाने, धान पंजीयन में छूटे खसरों को जोड़ने और वंचित किसानों का पंजीयन कराने की मांग की। इसके साथ ही कृषि पंपों के हॉर्स पावर लोड में सुधार करने तथा मझगवां-सरौली क्षेत्र में खाद की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए डबल लॉक केंद्र खोलने की मांग उठाई गई। गांवों में अवैध शराब की बिक्री पर रोक लगाने की मांग ज्ञापन में ग्रामीण क्षेत्रों में गांव-गांव बिक रही अवैध शराब पर रोक लगाने की मांग भी शामिल रही। किसान यूनियन ने संबंधित विभागों से किसानों की समस्याओं का निराकरण करने और मांगों पर गंभीरता से कार्रवाई करने की अपील की। इस दौरान जिला पंचायत सदस्य प्रदीप पटेल, ओबीसी जिलाध्यक्ष जितेन्द्र कुमार कुर्मी सहित लक्ष्मीनारायण पटेल, अशोक पटेल, बिहारी पटेल, केके पटेल, राजेश पटेल, एडवोकेट दिलीप पटेल, एडवोकेट रामगोपाल पटेल, संत कुमार पटेल, प्रमोद पटेल, अखिलेश पटेल, रणजीत पटेल, वीरेंद्र पटेल, सुरेंद्र पटेल, अमरजीत पटेल, गंगाराम पटेल, अजीत पटेल, रोहित पटेल, अनिल पटेल, रघुवर पटेल, जागेश्वर पटेल, ओमकार पटेल, सुनील पटेल, अमित पटेल और मनोज पटेल सहित सैकड़ों किसान एवं यूनियन पदाधिकारी उपस्थित रहे।1
- भोपाल लाल परेड ग्राउंड में पूज्य गुरु देव रावतपुरा सरकार जी के सानिध्य में सवा लाख कलश के साथ राजराजेश्वरी माता का दर्शन पूज्य गुरुदेव रावतपुरा सरकार जी के द्वारा भोपाल के लाल परेड ग्राउंड में सवा लाख से ज्यादा कलश के साथ राजराजेश्वरी चिंतामणि माता का पूजन अर्चन किया गया माता के 1000 नाम का उच्चारण कर आहुति दी गई कार्यक्रम में मध्य प्रदेश के पंचायत ग्रामीण मंत्री पहलाद पटेल जीतू पटवारी संजय शर्मा पूर्व विधायक मुख्यमंत्री मोहन यादव आने को लोग उपस्थित थे कार्यक्रम में पूजन अर्चना पूर्ण रूप से म्युचुअल था एवं भक्तों को तीन खाली प्रसाद सभी सामग्री निशुल्क उपलब्ध कराई गई पूज्य सरकार रवि शंकर महाराज जी के द्वारा3
- जबलपुर बाईपास पर दिन में भी जल रही स्ट्रीट लाइट, बिजली की बर्बादी पर उठे सवाल जबलपुर बाईपास पर दिन में भी जल रही स्ट्रीट लाइट, बिजली की बर्बादी पर उठे सवाल जबलपुर बाईपास पर दिन के उजाले में भी स्ट्रीट लाइट जलती नजर आ रही हैं। एक ओर बिजली बचाने के लिए लोगों को जागरूक किया जाता है, वहीं दूसरी ओर दिन में लाइट जलने से बिजली की बर्बादी हो रही है। संबंधित विभाग को इस ओर ध्यान देकर स्ट्रीट लाइटों को अनावश्यक रूप से जलने से रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाने चाहिए, ताकि बिजली की बचत हो सके। #जबलपुरबाईपास #बिजलीकीबर्बादी #जनहित #प्रशासन1
- सागर में OBC का जनसैलाब! 27% आरक्षण पर महेंद्र लोधी का बड़ा बयान : 27% OBC आरक्षण की मांग को लेकर सागर में हजारों लोगों का पैदल मार्च! OBC महासभा के सदस्य महेंद्र लोधी ने CM मोहन यादव पर सवाल उठाए। आखिर क्या कहा? देखिए पूरी ग्राउंड रिपोर्ट। 🎤1
- 4 महीने बाद संगमरमरी वादियों में आवाजें, भेड़ाघाट में नौका विहार शुरू 4 महीने बाद संगमरमरी वादियों में आवाजें, भेड़ाघाट में नौका विहार शुरू जबलपुर समाचार पर्यटन नगरी भेड़ाघाट में आखिरकार चार महीने के लंबे इंतजार के बाद संगमरमरी वादियों के बीच नौका विहार फिर से शुरू हो गया है। 15 अक्टूबर से नर्मदा की लहरों पर नौकाएं दौड़ने लगी हैं, जिससे पर्यटकों के चेहरे खिल उठे हैं। हर साल बारिश के मौसम में नर्मदा नदी का जलस्तर बढ़ने और तेज बहाव के कारण सुरक्षा की दृष्टि से भेड़ाघाट में नौका विहार बंद कर दिया जाता है। इस बार भी चार महीने तक नौका विहार बंद रहा। अब पानी का स्तर सामान्य होने पर प्रशासन ने इसे फिर से शुरू करने की अनुमति दे दी है। नौका विहार शुरू होने के साथ ही सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। नगर परिषद के सदस्यों ने जानकारी देते हुए बताया कि सभी नावों में निर्धारित संख्या में ही पर्यटकों को बैठाया जा रहा है, लाइफ जैकेट अनिवार्य कर दी गई है और प्रत्येक घाट पर सुरक्षा कर्मी तैनात किए गए हैं। दीपावली, क्रिसमस और नए साल के जश्न को देखते हुए नगर परिषद ने तैयारियां तेज कर दी हैं। धुआंधार जलप्रपात और चौंसठ योगिनी मंदिर के साथ-साथ नौका विहार का लुत्फ लेने बड़ी संख्या में पर्यटकों के आने की उम्मीद है, जिससे स्थानीय रोजगार को भी बढ़ावा मिलेगा।4