कैमूर जिले के कुदरा थाना प्रभारी की कार्यशैली पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। कुदरा नगर पंचायत निवासी और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से जुड़े पत्रकार महेंद्र प्रसाद गुप्ता ने थाना प्रभारी पर पुलिस को दी गई गोपनीय सूचना लीक करने का आरोप लगाया है। इस घटना के बाद पत्रकार और उनके परिवार को जान से मारने की धमकी मिल रही है। पीड़ित पत्रकार ने मोहनियां के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ) को लिखित आवेदन देकर निष्पक्ष जांच और सुरक्षा की गुहार लगाई है, जिससे पुलिस की कार्यशैली पर क्षेत्र में चर्चा का माहौल है। पूरा मामला 16 जून को कुदरा नगर पंचायत के वार्ड संख्या-4 निवासी बबन गुप्ता के मैजिक वाहन (संख्या AP39UB5719) की बैटरी चोरी होने से शुरू हुआ। पीड़ित ने कुदरा थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। इसी दौरान, घटनास्थल 'सुहागन वाटिका' पर कथित तौर पर भारी मात्रा में खाली शराब की बोतलें मिलीं। बिहार में पूर्ण शराबबंदी को देखते हुए, इस संबंध में कैमूर पुलिस अधीक्षक हरिमोहन शुक्ला को गोपनीय सूचना दी गई थी, जिन्होंने जांच का जिम्मा कुदरा थाना को सौंपा था। एसडीपीओ को दिए आवेदन में पत्रकार महेंद्र प्रसाद गुप्ता ने आरोप लगाया है कि कुदरा थाना प्रभारी ने घटनास्थल पर जाकर जांच करने के बजाय 'सुहागन वाटिका' के संचालक लक्ष्मण शाह को थाने बुला लिया और वहीं पर गुप्त सूचना देने वाले पत्रकार की पहचान उजागर कर दी। पत्रकार ने बताया कि गोपनीयता भंग होने के बाद, आरोपी 17 जून को उनके घर पहुंचा, गाली-गलौज की, और हाथ-पैर तोड़ने तथा गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी। पत्रकार का दावा है कि उनके पास इस धमकी की ऑडियो रिकॉर्डिंग है, जिसे वे सबूत के तौर पर पुलिस के सामने पेश करेंगे। आरोपी का पुराना आपराधिक इतिहास भी बताया जा रहा है। पत्रकार महेंद्र प्रसाद गुप्ता ने अपने और अपने परिवार की जान-माल की सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने एसडीपीओ मोहनियां से थाना प्रभारी की भूमिका की निष्पक्ष जांच करने, धमकी देने वाले आरोपी के खिलाफ तत्काल कठोर कानूनी कार्रवाई करने और पीड़ित परिवार को उचित सुरक्षा प्रदान करने की मांग की है। इस घटना के बाद स्थानीय पत्रकारों और प्रबुद्ध नागरिकों में पुलिस की इस कार्यशैली के प्रति गहरा आक्रोश है, और सबकी निगाहें इस पर टिकी हैं कि आला अधिकारी इस गंभीर आरोप पर क्या और कितनी जल्दी कार्रवाई करते हैं।
कैमूर जिले के कुदरा थाना प्रभारी की कार्यशैली पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। कुदरा नगर पंचायत निवासी और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से जुड़े पत्रकार महेंद्र प्रसाद गुप्ता ने थाना प्रभारी पर पुलिस को दी गई गोपनीय सूचना लीक करने का आरोप लगाया है। इस घटना के बाद पत्रकार और उनके परिवार को जान से मारने की धमकी मिल रही है। पीड़ित पत्रकार ने मोहनियां के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ) को लिखित आवेदन देकर निष्पक्ष जांच और सुरक्षा की गुहार लगाई है, जिससे पुलिस की कार्यशैली पर क्षेत्र में चर्चा का माहौल
है। पूरा मामला 16 जून को कुदरा नगर पंचायत के वार्ड संख्या-4 निवासी बबन गुप्ता के मैजिक वाहन (संख्या AP39UB5719) की बैटरी चोरी होने से शुरू हुआ। पीड़ित ने कुदरा थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। इसी दौरान, घटनास्थल 'सुहागन वाटिका' पर कथित तौर पर भारी मात्रा में खाली शराब की बोतलें मिलीं। बिहार में पूर्ण शराबबंदी को देखते हुए, इस संबंध में कैमूर पुलिस अधीक्षक हरिमोहन शुक्ला को गोपनीय सूचना दी गई थी, जिन्होंने जांच का जिम्मा कुदरा थाना को सौंपा था। एसडीपीओ को दिए आवेदन में पत्रकार महेंद्र प्रसाद गुप्ता ने आरोप लगाया है कि
कुदरा थाना प्रभारी ने घटनास्थल पर जाकर जांच करने के बजाय 'सुहागन वाटिका' के संचालक लक्ष्मण शाह को थाने बुला लिया और वहीं पर गुप्त सूचना देने वाले पत्रकार की पहचान उजागर कर दी। पत्रकार ने बताया कि गोपनीयता भंग होने के बाद, आरोपी 17 जून को उनके घर पहुंचा, गाली-गलौज की, और हाथ-पैर तोड़ने तथा गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी। पत्रकार का दावा है कि उनके पास इस धमकी की ऑडियो रिकॉर्डिंग है, जिसे वे सबूत के तौर पर पुलिस के सामने पेश करेंगे। आरोपी का पुराना आपराधिक इतिहास भी बताया जा रहा
है। पत्रकार महेंद्र प्रसाद गुप्ता ने अपने और अपने परिवार की जान-माल की सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने एसडीपीओ मोहनियां से थाना प्रभारी की भूमिका की निष्पक्ष जांच करने, धमकी देने वाले आरोपी के खिलाफ तत्काल कठोर कानूनी कार्रवाई करने और पीड़ित परिवार को उचित सुरक्षा प्रदान करने की मांग की है। इस घटना के बाद स्थानीय पत्रकारों और प्रबुद्ध नागरिकों में पुलिस की इस कार्यशैली के प्रति गहरा आक्रोश है, और सबकी निगाहें इस पर टिकी हैं कि आला अधिकारी इस गंभीर आरोप पर क्या और कितनी जल्दी कार्रवाई करते हैं।
- चंदौली जिले के बलुआ थाना क्षेत्र के खोनपुर गांव में एक विवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है। मृतक महिला के भाई का नाम पंकज यादव बताया गया है।1
- चंदौली के नौगढ़ ब्लॉक में महत्वाकांक्षी 'अमृत सरोवर योजना' की स्थानीय स्तर पर हो रही उपेक्षा की एक 'जीती-जागती मिसाल' सामने आई है। 'देश के महान सपूत और वीर चक्र विजेता' के नाम पर बने 'वीर अब्दुल हमीद अमृत सरोवर' में 'बूंद-भर पानी' भी नहीं है, जिससे जिम्मेदार अधिकारियों और ग्राम पंचायत द्वारा योजना को 'ठेंगा दिखाने' का आरोप लगाया गया है। जल संरक्षण के तमाम बड़े-बड़े दावों के बावजूद यह सरोवर पूरी तरह सूखा पड़ा है, जो शासन की मूल मंशा और इस पर खर्च हुए 'लाखों रुपयों' पर गंभीर सवाल खड़े करता है। ग्रामीणों का आरोप है कि इस अमृत सरोवर के निर्माण और सुंदरीकरण के नाम पर सरकारी खजाने से 'लाखों रुपये' का बजट निकाला जा चुका है। जहाँ कागजों पर इसे 'हरा-भरा और पानी से लबालब' दिखाया जा रहा है, वहीं हकीकत में सरोवर में 'सिर्फ धूल उड़ रही' है, क्योंकि न तो पानी रोकने की कोई सही व्यवस्था की गई और न ही पानी के इनलेट (आवक) रास्तों को दुरुस्त किया गया। भीषण गर्मी के इस मौसम में, जब पानी की एक-एक बूंद के लिए हाहाकार मचा है, स्थानीय लोगों ने बताया कि इस सरोवर में पानी होने से 'आसपास के मवेशियों और जंगली पशु-पक्षियों' को पीने का पानी मिलता और 'क्षेत्र का भूजल स्तर' भी सुधरता। हालांकि, 'अधिकारियों और ठेकेदारों की लापरवाही' के चलते यह केवल एक सूखा गड्ढा बनकर रह गया है, जो 'कागजों पर जल संरक्षण, धरातल पर सिर्फ धूल' की स्थिति को दर्शाता है।4
- उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले में बिजली बिल के अत्यधिक दबाव के चलते एक पान दुकानदार, सुरेंद्र कश्यप, की कथित तौर पर सल्फास खाकर जान देने से पूरे जिले में हड़कंप मच गया है। सैदपुर थाना क्षेत्र के मुरादचक गांव निवासी सुरेंद्र ने एक सुसाइड नोट छोड़ा है, जिसमें उन्होंने लिखा है कि वे "बिजली विभाग से परेशान होकर यह कदम उठा रहे हैं।" परिजनों ने बताया कि लगभग 9 महीने पहले उनके पास 1 लाख 12 हजार रुपये का बिजली बिल आया था। आर्थिक तंगी के बावजूद परिवार ने उधार लेकर किश्तों में बिल चुकाना शुरू किया, लेकिन बिजली विभाग की ओर से नोटिस और दबाव लगातार बना रहा, जिससे मृतक मानसिक रूप से काफी परेशान थे। मृतक की बेटियों ने जिलाधिकारी के सामने भावुक होकर बताया कि उनके पिता हार मानने वाले व्यक्ति नहीं थे और उन्होंने आखिरी समय तक परिवार के लिए संघर्ष किया, लेकिन बिजली बिल के दबाव ने उन्हें तोड़ दिया। वे परिवार के सामने खुद को मजबूत दिखाते रहे। घटना की जानकारी मिलने पर गाजीपुर के जिलाधिकारी पीड़ित परिवार के घर पहुंचे। उन्होंने परिवार को निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया और दोषियों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की बात कही। साथ ही, जिलाधिकारी ने परिवार को हर संभव मदद और आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने का भी आश्वासन दिया है।1
- एक पोस्ट में इस बात पर ज़ोर दिया गया है कि राजनीति में समय के साथ परिस्थितियाँ और दृष्टिकोण दोनों बदलते रहते हैं। इसमें संभावना जताई गई है कि जो बयान आज दिए जा रहे हैं, उन्हें 2027 के बाद मीडिया विश्लेषक और एंकर तार्किक व दूरदर्शी बताने लगेंगे। इसी के मद्देनजर, मानवतावादी, सामाजिक न्याय और संवैधानिक मूल्यों में विश्वास रखने वाले लोगों से आग्रह किया गया है कि वे अपने विचारों, सिद्धांतों और संघर्ष पर दृढ़ता से खड़े रहें। पोस्ट में कहा गया है कि बदलाव उन्हीं के प्रयासों से आता है जो विपरीत परिस्थितियों में भी अपने लक्ष्य से विचलित नहीं होते।1
- सोनभद्र के रॉबर्ट्सगंज में रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) के निर्माण कार्य के कारण उत्पन्न हो रही जनता की परेशानियों का संज्ञान लेते हुए सदर विधायक भूपेश चौबे ने मौके पर पहुंचकर स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने रॉबर्ट्सगंज रेलवे क्रॉसिंग बंद होने और डायवर्जन व्यवस्था का जायजा लिया। इस दौरान विधायक ने अधिकारियों और निर्माण एजेंसी के प्रतिनिधियों के साथ वैकल्पिक मार्गों का भी निरीक्षण किया।4
- रोहतास जिले के बिक्रमगंज अनुमंडल क्षेत्र के दावथ प्रखंड कार्यालय में बुधवार को दूसरे दिन प्रखंड सहयोग सह जन कल्याण शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर प्रखंड कार्यालय परिसर में हुआ, जिसमें सभी पदाधिकारी और कर्मी मौजूद रहे। दावथ के बीडीओ विकास कुमार ने बताया कि बिहार सरकार द्वारा चलाए जा रहे 'विकसित भारत समृद्ध बिहार' अभियान के तहत जन कल्याण अभियान का उद्देश्य केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाना है। शिविर में लोगों को योजनाओं का लाभ प्राप्त करने के लिए आवेदन, निवेदन, सत्यापन और ई-केवाईसी जैसी सुविधाएँ एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई गईं। इसमें आयुष्मान भारत पीएम जेएवाई, आयुष्मान वंदन कार्ड, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, पीएम सूर्य घर योजना, लखपति दीदी, पीएम सम्मान निधि योजना, वीबीजी रामजी, केसीसी, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, मुख्यमंत्री उद्यमी योजना, मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना, दिव्यांग कल्याण योजनाएँ, निर्माण कामगार कल्याण बोर्ड, मुख्यमंत्री स्वयं सहायता भत्ता योजना और अन्य योजनाएँ शामिल थीं। प्रत्येक योजना के लिए अलग-अलग काउंटर लगाए गए थे, जहाँ नोडल अधिकारी उपलब्ध थे और मौके पर ही स्वीकृत लाभार्थियों को प्रमाण पत्र व अन्य सुविधाएँ दी जा रही थीं। शिविर में एक हेल्प डेस्क भी था जहाँ शिकायतें स्वीकार की गईं और ऑनलाइन आवेदनों की सुनवाई सुनिश्चित की गई। हालांकि, प्रखंड कार्यालय परिसर में आयोजित इस जन कल्याण शिविर में संबंधित विभागों के सभी पदाधिकारी और कर्मी उपस्थित थे, लेकिन ग्रामीणों या शिकायतकर्ताओं की उपस्थिति काफी कम देखी गई, जिससे लोगों में काफी उदासीनता का माहौल दिखा। प्रखंड विकास पदाधिकारी विकास कुमार ने जानकारी दी कि संबंधित विभागों से मात्र 26 आवेदन प्राप्त हुए। इनमें राजस्व विभाग से 6, जी राम जी योजना से 10, कृषि से 1, विद्युत से 2, पंचायती राज से 2, आपूर्ति से 4 और शौचालय निर्माण से 1 आवेदन शामिल था। मौके पर प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी आनंद किशोर सिंह, राजस्व अधिकारी विकास कुमार पंडित, और बीसीओ सीताराम सिंह सहित अन्य सभी पदाधिकारी और कर्मी मौजूद थे।4
- काशी में पंडित महेंद्र प्रसन्ना की शहनाई की मधुर धुन से इंद्रदेव प्रसन्न हो गए। उनकी शहनाई वादन के बाद वाराणसी जिले में भारी बारिश हुई, जिससे पूरा क्षेत्र भीग गया। इस घटना को लेकर लोगों में यह धारणा बन गई है कि शहनाई वादन के कारण ही वर्षा हुई है।1
- चंदौली जिले में आयोजित दिशा की बैठक में पत्रकारों को प्रवेश नहीं दिया गया, जिस पर बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के जिला अध्यक्ष घनश्याम प्रधान ने एक बड़ा बयान जारी किया है।1
- आजमगढ़ में अपनी जनता पार्टी की एक महत्वपूर्ण कार्यकर्ता बैठक संपन्न हुई, जिसकी अध्यक्षता पार्टी के जिलाध्यक्ष संजय मौर्य ने की। इस बैठक में संगठन को मजबूत बनाने, आगामी राजनीतिक गतिविधियों की रूपरेखा तैयार करने और जनहित के मुद्दों पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। बैठक में उपस्थित पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने संगठन के विस्तार के लिए गांव-गांव तक पहुंच बनाने का संकल्प लिया। जिलाध्यक्ष संजय मौर्य ने कार्यकर्ताओं को पार्टी की नीतियों और विचारधारा को जन-जन तक पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ पहुंचाने का आह्वान किया। उन्होंने यह भी बताया कि अपनी जनता पार्टी सामाजिक न्याय, पिछड़े, दलित, वंचित और शोषित वर्गों के अधिकारों की लड़ाई को मजबूती से आगे बढ़ा रही है। मौर्य ने संगठन की मजबूती को पार्टी की सबसे बड़ी ताकत और कार्यकर्ताओं को पार्टी की रीढ़ बताया। आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा पर भी चर्चा हुई, जिसमें बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया गया। उपस्थित कार्यकर्ताओं ने पार्टी नेतृत्व के प्रति विश्वास जताते हुए संगठन विस्तार में सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया। यह बैठक "मजबूत संगठन, मजबूत जनआंदोलन और मजबूत लोकतंत्र" के संकल्प के साथ सफलतापूर्वक समाप्त हुई।2