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बगीचा हाई स्कूल पेट्रोल पंप में डीजल और पेट्रोल की कमी लोग वापिस लौट रहे बिना पेट्रोल और डीजल के......
हमर जशपुर
बगीचा हाई स्कूल पेट्रोल पंप में डीजल और पेट्रोल की कमी लोग वापिस लौट रहे बिना पेट्रोल और डीजल के......
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- Post by हमर जशपुर1
- अंबिकापुर/लुंड्रा, 30 अप्रैल 2026। जिला सरगुजा में अवैध शराब कारोबार के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। साइबर सेल अंबिकापुर एवं थाना लुंड्रा की संयुक्त टीम ने यह कार्रवाई करते हुए आरोपी के कब्जे से भारी मात्रा में अंग्रेजी शराब और एक डस्टर वाहन जब्त किया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, पुलिस को 29 अप्रैल को मुखबिर से सूचना मिली थी कि बहेराडीह निवासी दया साहू मध्य प्रदेश से अवैध रूप से अंग्रेजी शराब लाकर अपने पुराने खंडहरनुमा घर में संग्रहित करता है और वाहन के माध्यम से आसपास के क्षेत्रों में बिक्री करता है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने तत्काल दबिश दी। कार्रवाई के दौरान आरोपी दया साहू अपनी डस्टर कार (क्रमांक CG 11 MB 5170) में निकलने की कोशिश कर रहा था, जिसे पुलिस ने घेराबंदी कर रोक लिया। वाहन की तलाशी लेने पर डिक्की से 750 एमएल की 6 बोतल आफ्टर डार्क व्हिस्की तथा 180 एमएल की 300 नग अंग्रेजी शराब बरामद की गई। कुल मिलाकर 101.46 लीटर शराब, जिसकी कीमत लगभग 92,060 रुपये आंकी गई है, जब्त की गई। पुलिस ने घटना में प्रयुक्त डस्टर वाहन सहित कुल 5,09,260 रुपये की संपत्ति जब्त की है। आरोपी के पास शराब से संबंधित कोई वैध दस्तावेज नहीं पाए जाने पर थाना लुंड्रा में अपराध क्रमांक 96/2026 धारा 34(2) आबकारी अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने आरोपी दया साहू (उम्र 52 वर्ष), निवासी लुंड्रा, को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है।1
- PM नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में गूंजा नारा – महिलाओं को 33% आरक्षण कब?1
- सीतापुर मे दो नाबालिक लड़कियों के साथ सामूहिक दुष्कर्म : तीन नाबालिग लड़कों सहित 6 आरोपी गिरफ्तार.. अंबिकापुर । थाना सीतापुर अंतर्गत दो नाबालिक लड़कियों के साथ हुए सामूहिक दुष्कर्म के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्यवाही करते हुए कुल छह आरोपियों को सलाखों के पीछे भेज दिया है। घटना का विवरण देते हुए पुलिस ने बताया कि प्रार्थिया ने 26 अप्रैल 2026 को थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि वह 24 अप्रैल को अपनी सहेलियों के साथ एक शादी समारोह में गई थी। वहां से वापस लौटते समय आरोपियों ने उसे जबरदस्ती अपनी मोटरसाइकिल पर बैठाया और एक सुनसान स्थान पर ले गए, जहां चार लोगों ने उसके साथ अनाचार किया। पीड़िता उस रात किसी तरह अपने घर पहुंची और अगले दिन 25 अप्रैल को अपने परिजनों को घटना की विस्तृत जानकारी दी। इसके पश्चात परिजनों के साथ थाना पहुंचकर प्रार्थिया ने आरोपियों के विरुद्ध नामजद शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने प्रार्थिया की रिपोर्ट पर अपराध क्रमांक 150/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 70(2) बीएनएस एवं पॉक्सो अधिनियम की धाराओं के तहत मामला पंजीबद्ध कर जांच शुरू की। विवेचना के दौरान जब महिला पुलिस अधिकारी ने पीड़िता का कथन दर्ज किया, तब एक और गंभीर बात सामने आई। पीड़िता ने बताया कि उसके साथ मौजूद उसकी सहेली के साथ भी आरोपियों ने दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया है। इस खुलासे के बाद पुलिस ने दूसरी पीड़िता का भी मेडिकल परीक्षण कराया। पहली पीड़िता का मेडिकल 26 अप्रैल को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सीतापुर में हुआ था, वहीं दूसरी पीड़िता का परीक्षण देर रात होने के कारण 27 अप्रैल को संपन्न कराया गया। मामले में नया मोड़ तब आया जब 28 अप्रैल को पीड़िताओं के परिजनों ने प्रारंभिक मेडिकल रिपोर्ट पर असहमति जताई। परिजनों की मांग और मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए थाना प्रभारी सीतापुर ने 29 अप्रैल को दोनों पीड़िताओं को पुनः मेडिकल परीक्षण के लिए जिला अस्पताल अंबिकापुर भेजा। मेडिकल जांच से प्राप्त साक्ष्यों और एकत्रित किए गए सबूतों के आधार पर पुलिस ने आरोपियों की घेराबंदी शुरू की। 30 अप्रैल 2026 तक पुलिस ने इस मामले में संलिप्त सभी छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया, जिनमें तीन वयस्क पुरुष और तीन विधि से संघर्षरत बालक शामिल हैं। पकड़े गए वयस्क आरोपियों में आनंद बेक पिता लिखन बेक (27 वर्ष), विकास उर्फ राहुल पिता नन्हू राम तिग्गा (24 वर्ष) और मनीष खलखो उर्फ आभीस शामिल हैं, जो सभी सीतापुर क्षेत्र के ग्राम जजगा के विभिन्न मोहल्लों के निवासी हैं। इन तीनों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है, जबकि तीन अन्य अपचारी बालकों को बाल न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया है। इस महत्वपूर्ण कार्यवाही में थाना प्रभारी उप निरीक्षक अखिलेश सिंह, सहायक उप निरीक्षक शशिप्रभा दास, प्रधान आरक्षक अखिलेश्वर भगत और उनकी टीम के अन्य सदस्यों की सक्रिय भूमिका रही। पुलिस अब इस प्रकरण में अग्रिम वैधानिक कार्यवाही और साक्ष्य संकलन की प्रक्रिया पूरी कर रही है।1
- दिनांक 30/4/2026 दो पहर के 3 बजे बारिस होते समय बीजली के प्रहार् से ग्राम पंचायत् लोखंडी के करम कोना के एक पोवाल् माचे मे आग लगी किसी भी प्रकार का जीव जंतु को कोई हनी नही पहुची। गाव के सभी लोग आग बुझाने पहुचे लेकीन बहुत देर होने के कारण बुझाने मे असमर्थत रे ।1
- बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के न्यायधानी बिलासपुर से सटे NTPC Limited (सीपत संयंत्र) के खिलाफ अब आर-पार की जंग की तैयारी है। लंबे समय से वादाखिलाफी, भ्रष्टाचार और शोषण का दंश झेल रहे प्रभावित गांवों के ग्रामीणों का सब्र अब जवाब दे चुका है। 1 मई, मजदूर दिवस के अवसर पर सुखरीपाली स्थित ठाकुर देव द्वार पर एक विशाल जनआंदोलन होने जा रहा है, जिसमें 24 सूत्रीय मांगों को लेकर प्रबंधन को घेरने की रणनीति तैयार की गई है। वादों की भेंट चढ़ता विश्वास : ग्रामीणों का कहना है कि प्रबंधन ने बार-बार बैठकों और झूठे आश्वासनों के जरिए केवल समय बर्बाद किया है। 9 मार्च को होने वाले आंदोलन को प्रशासन ने यह कहकर रुकवाया था कि 1 मई तक सभी समस्याओं का समाधान कर लिया जाएगा, लेकिन धरातल पर स्थिति जस की तस बनी हुई है। ये क्या जादू है?...🤔 फ्लाई ऐश विभाग में 'करोड़ों का खेल'? - स्थानीय जनप्रतिनिधियों - नरेन्द्र वस्त्रकार और रेवा शंकर साहू - ने फ्लाई ऐश विभाग के AGM पर भ्रष्टाचार के संगीन आरोप लगाए हैं। उनकी प्रमुख मांगें और आरोप निम्नलिखित हैं: फर्जी बिलिंग : एक ही वाहन पर कई नेम प्लेट लगाकर फर्जी भुगतान का दावा। अवैध निकासी : 'सेनोस्फीयर' जैसे प्रतिबंधित पदार्थों की चोरी-छिपे निकासी। CBI जांच की मांग : जनप्रतिनिधियों ने AGM के बैंक खातों और कॉल डिटेल्स की जांच की मांग की है ताकि इस 'अरबों के घोटाले' का पर्दाफाश हो सके। श्रम अधिकारों का हनन और रोजगार में धांधली - NTPC प्रबंधन पर स्थानीय युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने का आरोप है: आरक्षण की अनदेखी : आदिवासियों के लिए आरक्षित 152 पद सालों से लंबित हैं। भर्ती में भ्रष्टाचार : 692 पदों की भर्ती में गड़बड़ी और बाहरी लोगों को प्राथमिकता देने के आरोप। न्यूनतम मजदूरी का उल्लंघन : Minimum Wages Act, 1948 के तहत तय ₹541 की जगह मजदूरों को केवल ₹300–350 थमाए जा रहे हैं। पर्यावरण और किसानी पर प्रहार : राख डाइक (Ash Dyke) से होने वाले रिसाव ने क्षेत्र में तबाही मचा रखी है: बंजर होती जमीन : रिसाव के कारण उपजाऊ खेत दलदल में बदल रहे हैं और नहरें जाम हो चुकी हैं। स्वास्थ्य संकट : उड़ती राख से इंसानों और मवेशियों की जान पर बन आई है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह Environment Protection Act, 1986 और NGT के नियमों का सीधा उल्लंघन है। जर्जर बुनियादी ढांचा और CSR की विफलता : Companies Act, 2013 के तहत मिलने वाले CSR फंड का लाभ ग्रामीणों को नहीं मिल रहा है। ओवरलोडिंग की मार : 14 टन क्षमता वाली सड़कों पर 70 टन के भारी वाहन दौड़ रहे हैं। खंडहर होता क्षेत्र : प्रसिद्ध "घूमना पुल" बीते 4 वर्षों से जर्जर है, लेकिन मरम्मत की सुध लेने वाला कोई नहीं। "हक मांगने पर मिलती है धमकी" ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि जब भी वे अपने जायज अधिकारों की मांग करते हैं, प्रबंधन उन्हें National Security Act (रासुका) के तहत कार्रवाई करने की धमकी देकर डराने की कोशिश करता है। मौन है प्रबंधन - इस पूरे विवाद पर जब संबंधित AGM का पक्ष जानने की कोशिश की गई, तो उन्होंने फोन उठाना मुनासिब नहीं समझा। उनकी यह चुप्पी आरोपों को और अधिक हवा दे रही है। आगे क्या? - कल का सूर्योदय NTPC प्रबंधन के लिए चुनौतीपूर्ण होने वाला है। मजदूर दिवस पर होने वाला यह जनआंदोलन न केवल प्रबंधन की कार्यशैली पर सवालिया निशान खड़ा करेगा, बल्कि प्रशासन की निष्पक्षता की भी परीक्षा लेगा।3
- रामप्रवेश गुप्ता नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर देशभर में चल रही राजनीतिक बहस के बीच महुआडांड़ क्षेत्र में विरोध प्रदर्शन किया गया। स्थानीय कार्यकर्ताओं एवं लोगों ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ आक्रोश व्यक्त करते हुए उनका पुतला दहन किया। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि कांग्रेस पार्टी ने महिलाओं के हित से जुड़े इस महत्वपूर्ण अधिनियम का समर्थन नहीं किया, जिससे आम जनता, विशेषकर महिलाओं में नाराजगी देखी जा रही है। उन्होंने कहा कि नारी सशक्तिकरण जैसे गंभीर विषय पर राजनीति नहीं होनी चाहिए और सभी दलों को मिलकर महिलाओं के अधिकारों को मजबूत करना चाहिए। इस दौरान कार्यक्रम में मंडल अध्यक्ष प्रशांत सिंह, अमित जाजवाल सांसद प्रतिनिधि संजय जायसवाल दिलीप जायसवाल सुनील जायसवाल दिलीप प्रसाद संजय राय विश्वनाथ राम रोहित सिंह विनोद कुमार सिंह राजेंद्र सोनी कृष्णा लोहारा विशेष रूप से उपस्थित रहे। उपस्थित नेताओं ने अपने संबोधन में कहा कि महिलाओं को उनका अधिकार दिलाने के लिए यह अधिनियम ऐतिहासिक कदम है और इसका विरोध दुर्भाग्यपूर्ण है। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने जोरदार नारेबाजी की और सरकार से मांग की कि इस कानून को जल्द प्रभावी रूप से लागू किया जाए, ताकि महिलाओं को इसका सीधा लाभ मिल सके। कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ, लेकिन इस घटना के बाद पूरे क्षेत्र में इस मुद्दे को लेकर चर्चाओं का दौर जारी है।3
- PM नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में गूंजा नारा – महिलाओं को 33% आरक्षण कब?1