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अवैध अंग्रेजी शराब बिक्री पर पुलिस का शिकंजा, 5 लाख से अधिक की संपत्ति जब्त अंबिकापुर/लुंड्रा, 30 अप्रैल 2026। जिला सरगुजा में अवैध शराब कारोबार के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। साइबर सेल अंबिकापुर एवं थाना लुंड्रा की संयुक्त टीम ने यह कार्रवाई करते हुए आरोपी के कब्जे से भारी मात्रा में अंग्रेजी शराब और एक डस्टर वाहन जब्त किया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, पुलिस को 29 अप्रैल को मुखबिर से सूचना मिली थी कि बहेराडीह निवासी दया साहू मध्य प्रदेश से अवैध रूप से अंग्रेजी शराब लाकर अपने पुराने खंडहरनुमा घर में संग्रहित करता है और वाहन के माध्यम से आसपास के क्षेत्रों में बिक्री करता है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने तत्काल दबिश दी। कार्रवाई के दौरान आरोपी दया साहू अपनी डस्टर कार (क्रमांक CG 11 MB 5170) में निकलने की कोशिश कर रहा था, जिसे पुलिस ने घेराबंदी कर रोक लिया। वाहन की तलाशी लेने पर डिक्की से 750 एमएल की 6 बोतल आफ्टर डार्क व्हिस्की तथा 180 एमएल की 300 नग अंग्रेजी शराब बरामद की गई। कुल मिलाकर 101.46 लीटर शराब, जिसकी कीमत लगभग 92,060 रुपये आंकी गई है, जब्त की गई। पुलिस ने घटना में प्रयुक्त डस्टर वाहन सहित कुल 5,09,260 रुपये की संपत्ति जब्त की है। आरोपी के पास शराब से संबंधित कोई वैध दस्तावेज नहीं पाए जाने पर थाना लुंड्रा में अपराध क्रमांक 96/2026 धारा 34(2) आबकारी अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने आरोपी दया साहू (उम्र 52 वर्ष), निवासी लुंड्रा, को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है।

4 hrs ago
user_Sunil Gupta
Sunil Gupta
सीतापुर, सरगुजा, छत्तीसगढ़•
4 hrs ago

अवैध अंग्रेजी शराब बिक्री पर पुलिस का शिकंजा, 5 लाख से अधिक की संपत्ति जब्त अंबिकापुर/लुंड्रा, 30 अप्रैल 2026। जिला सरगुजा में अवैध शराब कारोबार के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। साइबर सेल अंबिकापुर एवं थाना लुंड्रा की संयुक्त टीम ने यह कार्रवाई करते हुए आरोपी के कब्जे से भारी मात्रा में अंग्रेजी शराब और एक डस्टर वाहन जब्त किया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, पुलिस को 29 अप्रैल को मुखबिर से सूचना मिली थी कि बहेराडीह निवासी दया साहू मध्य प्रदेश से अवैध रूप से अंग्रेजी शराब लाकर अपने पुराने खंडहरनुमा घर में संग्रहित करता है और वाहन के माध्यम से आसपास के क्षेत्रों में बिक्री करता है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने तत्काल दबिश दी। कार्रवाई के दौरान आरोपी दया साहू अपनी डस्टर कार (क्रमांक CG 11 MB 5170) में निकलने की कोशिश कर रहा था, जिसे पुलिस ने घेराबंदी कर रोक लिया। वाहन की तलाशी लेने पर डिक्की से 750 एमएल की 6 बोतल आफ्टर डार्क व्हिस्की तथा 180 एमएल की 300 नग अंग्रेजी शराब बरामद की गई। कुल मिलाकर 101.46 लीटर शराब, जिसकी कीमत लगभग 92,060 रुपये आंकी गई है, जब्त की गई। पुलिस ने घटना में प्रयुक्त डस्टर वाहन सहित कुल 5,09,260 रुपये की संपत्ति जब्त की है। आरोपी के पास शराब से संबंधित कोई वैध दस्तावेज नहीं पाए जाने पर थाना लुंड्रा में अपराध क्रमांक 96/2026 धारा 34(2) आबकारी अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने आरोपी दया साहू (उम्र 52 वर्ष), निवासी लुंड्रा, को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है।

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  • अंबिकापुर/लुंड्रा, 30 अप्रैल 2026। जिला सरगुजा में अवैध शराब कारोबार के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। साइबर सेल अंबिकापुर एवं थाना लुंड्रा की संयुक्त टीम ने यह कार्रवाई करते हुए आरोपी के कब्जे से भारी मात्रा में अंग्रेजी शराब और एक डस्टर वाहन जब्त किया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, पुलिस को 29 अप्रैल को मुखबिर से सूचना मिली थी कि बहेराडीह निवासी दया साहू मध्य प्रदेश से अवैध रूप से अंग्रेजी शराब लाकर अपने पुराने खंडहरनुमा घर में संग्रहित करता है और वाहन के माध्यम से आसपास के क्षेत्रों में बिक्री करता है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने तत्काल दबिश दी। कार्रवाई के दौरान आरोपी दया साहू अपनी डस्टर कार (क्रमांक CG 11 MB 5170) में निकलने की कोशिश कर रहा था, जिसे पुलिस ने घेराबंदी कर रोक लिया। वाहन की तलाशी लेने पर डिक्की से 750 एमएल की 6 बोतल आफ्टर डार्क व्हिस्की तथा 180 एमएल की 300 नग अंग्रेजी शराब बरामद की गई। कुल मिलाकर 101.46 लीटर शराब, जिसकी कीमत लगभग 92,060 रुपये आंकी गई है, जब्त की गई। पुलिस ने घटना में प्रयुक्त डस्टर वाहन सहित कुल 5,09,260 रुपये की संपत्ति जब्त की है। आरोपी के पास शराब से संबंधित कोई वैध दस्तावेज नहीं पाए जाने पर थाना लुंड्रा में अपराध क्रमांक 96/2026 धारा 34(2) आबकारी अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने आरोपी दया साहू (उम्र 52 वर्ष), निवासी लुंड्रा, को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है।
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    अंबिकापुर/लुंड्रा, 30 अप्रैल 2026।
जिला सरगुजा में अवैध शराब कारोबार के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। साइबर सेल अंबिकापुर एवं थाना लुंड्रा की संयुक्त टीम ने यह कार्रवाई करते हुए आरोपी के कब्जे से भारी मात्रा में अंग्रेजी शराब और एक डस्टर वाहन जब्त किया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पुलिस को 29 अप्रैल को मुखबिर से सूचना मिली थी कि बहेराडीह निवासी दया साहू मध्य प्रदेश से अवैध रूप से अंग्रेजी शराब लाकर अपने पुराने खंडहरनुमा घर में संग्रहित करता है और वाहन के माध्यम से आसपास के क्षेत्रों में बिक्री करता है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने तत्काल दबिश दी।
कार्रवाई के दौरान आरोपी दया साहू अपनी डस्टर कार (क्रमांक CG 11 MB 5170) में निकलने की कोशिश कर रहा था, जिसे पुलिस ने घेराबंदी कर रोक लिया। वाहन की तलाशी लेने पर डिक्की से 750 एमएल की 6 बोतल आफ्टर डार्क व्हिस्की तथा 180 एमएल की 300 नग अंग्रेजी शराब बरामद की गई। कुल मिलाकर 101.46 लीटर शराब, जिसकी कीमत लगभग 92,060 रुपये आंकी गई है, जब्त की गई।
पुलिस ने घटना में प्रयुक्त डस्टर वाहन सहित कुल 5,09,260 रुपये की संपत्ति जब्त की है। आरोपी के पास शराब से संबंधित कोई वैध दस्तावेज नहीं पाए जाने पर थाना लुंड्रा में अपराध क्रमांक 96/2026 धारा 34(2) आबकारी अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया।
पुलिस ने आरोपी दया साहू (उम्र 52 वर्ष), निवासी लुंड्रा, को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है।
    user_Sunil Gupta
    Sunil Gupta
    सीतापुर, सरगुजा, छत्तीसगढ़•
    4 hrs ago
  • Post by हमर जशपुर
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    Post by हमर जशपुर
    user_हमर जशपुर
    हमर जशपुर
    बगीचा, जशपुर, छत्तीसगढ़•
    5 hrs ago
  • बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के न्यायधानी बिलासपुर से सटे NTPC Limited (सीपत संयंत्र) के खिलाफ अब आर-पार की जंग की तैयारी है। लंबे समय से वादाखिलाफी, भ्रष्टाचार और शोषण का दंश झेल रहे प्रभावित गांवों के ग्रामीणों का सब्र अब जवाब दे चुका है। 1 मई, मजदूर दिवस के अवसर पर सुखरीपाली स्थित ठाकुर देव द्वार पर एक विशाल जनआंदोलन होने जा रहा है, जिसमें 24 सूत्रीय मांगों को लेकर प्रबंधन को घेरने की रणनीति तैयार की गई है। वादों की भेंट चढ़ता विश्वास : ग्रामीणों का कहना है कि प्रबंधन ने बार-बार बैठकों और झूठे आश्वासनों के जरिए केवल समय बर्बाद किया है। 9 मार्च को होने वाले आंदोलन को प्रशासन ने यह कहकर रुकवाया था कि 1 मई तक सभी समस्याओं का समाधान कर लिया जाएगा, लेकिन धरातल पर स्थिति जस की तस बनी हुई है। ये क्या जादू है?...🤔 फ्लाई ऐश विभाग में 'करोड़ों का खेल'? - स्थानीय जनप्रतिनिधियों - नरेन्द्र वस्त्रकार और रेवा शंकर साहू - ने फ्लाई ऐश विभाग के AGM पर भ्रष्टाचार के संगीन आरोप लगाए हैं। उनकी प्रमुख मांगें और आरोप निम्नलिखित हैं: फर्जी बिलिंग : एक ही वाहन पर कई नेम प्लेट लगाकर फर्जी भुगतान का दावा। अवैध निकासी : 'सेनोस्फीयर' जैसे प्रतिबंधित पदार्थों की चोरी-छिपे निकासी। CBI जांच की मांग : जनप्रतिनिधियों ने AGM के बैंक खातों और कॉल डिटेल्स की जांच की मांग की है ताकि इस 'अरबों के घोटाले' का पर्दाफाश हो सके। श्रम अधिकारों का हनन और रोजगार में धांधली - NTPC प्रबंधन पर स्थानीय युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने का आरोप है: आरक्षण की अनदेखी : आदिवासियों के लिए आरक्षित 152 पद सालों से लंबित हैं। भर्ती में भ्रष्टाचार : 692 पदों की भर्ती में गड़बड़ी और बाहरी लोगों को प्राथमिकता देने के आरोप। न्यूनतम मजदूरी का उल्लंघन : Minimum Wages Act, 1948 के तहत तय ₹541 की जगह मजदूरों को केवल ₹300–350 थमाए जा रहे हैं। पर्यावरण और किसानी पर प्रहार : राख डाइक (Ash Dyke) से होने वाले रिसाव ने क्षेत्र में तबाही मचा रखी है: बंजर होती जमीन : रिसाव के कारण उपजाऊ खेत दलदल में बदल रहे हैं और नहरें जाम हो चुकी हैं। स्वास्थ्य संकट : उड़ती राख से इंसानों और मवेशियों की जान पर बन आई है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह Environment Protection Act, 1986 और NGT के नियमों का सीधा उल्लंघन है। जर्जर बुनियादी ढांचा और CSR की विफलता : Companies Act, 2013 के तहत मिलने वाले CSR फंड का लाभ ग्रामीणों को नहीं मिल रहा है। ओवरलोडिंग की मार : 14 टन क्षमता वाली सड़कों पर 70 टन के भारी वाहन दौड़ रहे हैं। खंडहर होता क्षेत्र : प्रसिद्ध "घूमना पुल" बीते 4 वर्षों से जर्जर है, लेकिन मरम्मत की सुध लेने वाला कोई नहीं। ​"हक मांगने पर मिलती है धमकी" ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि जब भी वे अपने जायज अधिकारों की मांग करते हैं, प्रबंधन उन्हें National Security Act (रासुका) के तहत कार्रवाई करने की धमकी देकर डराने की कोशिश करता है। मौन है प्रबंधन - इस पूरे विवाद पर जब संबंधित AGM का पक्ष जानने की कोशिश की गई, तो उन्होंने फोन उठाना मुनासिब नहीं समझा। उनकी यह चुप्पी आरोपों को और अधिक हवा दे रही है। आगे क्या? - कल का सूर्योदय NTPC प्रबंधन के लिए चुनौतीपूर्ण होने वाला है। मजदूर दिवस पर होने वाला यह जनआंदोलन न केवल प्रबंधन की कार्यशैली पर सवालिया निशान खड़ा करेगा, बल्कि प्रशासन की निष्पक्षता की भी परीक्षा लेगा।
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    बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के न्यायधानी बिलासपुर से सटे NTPC Limited (सीपत संयंत्र) के खिलाफ अब आर-पार की जंग की तैयारी है। लंबे समय से वादाखिलाफी, भ्रष्टाचार और शोषण का दंश झेल रहे प्रभावित गांवों के ग्रामीणों का सब्र अब जवाब दे चुका है। 1 मई, मजदूर दिवस के अवसर पर सुखरीपाली स्थित ठाकुर देव द्वार पर एक विशाल जनआंदोलन होने जा रहा है, जिसमें 24 सूत्रीय मांगों को लेकर प्रबंधन को घेरने की रणनीति तैयार की गई है।
वादों की भेंट चढ़ता विश्वास : ग्रामीणों का कहना है कि प्रबंधन ने बार-बार बैठकों और झूठे आश्वासनों के जरिए केवल समय बर्बाद किया है। 9 मार्च को होने वाले आंदोलन को प्रशासन ने यह कहकर रुकवाया था कि 1 मई तक सभी समस्याओं का समाधान कर लिया जाएगा, लेकिन धरातल पर स्थिति जस की तस बनी हुई है।
ये क्या जादू है?...🤔 
फ्लाई ऐश विभाग में 'करोड़ों का खेल'? - स्थानीय जनप्रतिनिधियों - नरेन्द्र वस्त्रकार और रेवा शंकर साहू - ने फ्लाई ऐश विभाग के AGM पर भ्रष्टाचार के संगीन आरोप लगाए हैं। उनकी प्रमुख मांगें और आरोप निम्नलिखित हैं:
फर्जी बिलिंग : एक ही वाहन पर कई नेम प्लेट लगाकर फर्जी भुगतान का दावा।
अवैध निकासी : 'सेनोस्फीयर' जैसे प्रतिबंधित पदार्थों की चोरी-छिपे निकासी।
CBI जांच की मांग : जनप्रतिनिधियों ने AGM के बैंक खातों और कॉल डिटेल्स की जांच की मांग की है ताकि इस 'अरबों के घोटाले' का पर्दाफाश हो सके।
श्रम अधिकारों का हनन और रोजगार में धांधली - NTPC प्रबंधन पर स्थानीय युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने का आरोप है:
आरक्षण की अनदेखी : आदिवासियों के लिए आरक्षित 152 पद सालों से लंबित हैं।
भर्ती में भ्रष्टाचार : 692 पदों की भर्ती में गड़बड़ी और बाहरी लोगों को प्राथमिकता देने के आरोप।
न्यूनतम मजदूरी का उल्लंघन : Minimum Wages Act, 1948 के तहत तय ₹541 की जगह मजदूरों को केवल ₹300–350 थमाए जा रहे हैं।
पर्यावरण और किसानी पर प्रहार : राख डाइक (Ash Dyke) से होने वाले रिसाव ने क्षेत्र में तबाही मचा रखी है:
बंजर होती जमीन : रिसाव के कारण उपजाऊ खेत दलदल में बदल रहे हैं और नहरें जाम हो चुकी हैं।
स्वास्थ्य संकट : उड़ती राख से इंसानों और मवेशियों की जान पर बन आई है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह Environment Protection Act, 1986 और NGT के नियमों का सीधा उल्लंघन है।
जर्जर बुनियादी ढांचा और CSR की विफलता : Companies Act, 2013 के तहत मिलने वाले CSR फंड का लाभ ग्रामीणों को नहीं मिल रहा है।
ओवरलोडिंग की मार : 14 टन क्षमता वाली सड़कों पर 70 टन के भारी वाहन दौड़ रहे हैं।
खंडहर होता क्षेत्र : प्रसिद्ध "घूमना पुल" बीते 4 वर्षों से जर्जर है, लेकिन मरम्मत की सुध लेने वाला कोई नहीं।
​"हक मांगने पर मिलती है धमकी"
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि जब भी वे अपने जायज अधिकारों की मांग करते हैं, प्रबंधन उन्हें National Security Act (रासुका) के तहत कार्रवाई करने की धमकी देकर डराने की कोशिश करता है।
मौन है प्रबंधन - इस पूरे विवाद पर जब संबंधित AGM का पक्ष जानने की कोशिश की गई, तो उन्होंने फोन उठाना मुनासिब नहीं समझा। उनकी यह चुप्पी आरोपों को और अधिक हवा दे रही है।
आगे क्या? - कल का सूर्योदय NTPC प्रबंधन के लिए चुनौतीपूर्ण होने वाला है। मजदूर दिवस पर होने वाला यह जनआंदोलन न केवल प्रबंधन की कार्यशैली पर सवालिया निशान खड़ा करेगा, बल्कि प्रशासन की निष्पक्षता की भी परीक्षा लेगा।
    user_RM24 News
    RM24 News
    Local News Reporter लैलूंगा, रायगढ़, छत्तीसगढ़•
    3 hrs ago
  • आज धारमजयगड़ नोनाईजोर बृज के पास 7:5 बजे बस और सफारी जोरदार टक्कर
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    आज धारमजयगड़ नोनाईजोर बृज के पास 7:5 बजे बस और सफारी जोरदार टक्कर
    user_Ramesh tigga
    Ramesh tigga
    उदयपुर (धरमजयगढ़), रायगढ़, छत्तीसगढ़•
    14 hrs ago
  • PM नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में गूंजा नारा – महिलाओं को 33% आरक्षण कब?
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    PM नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में गूंजा नारा – महिलाओं को 33% आरक्षण कब?
    user_Pradesh Khabar
    Pradesh Khabar
    Media company अंबिकापुर, सरगुजा, छत्तीसगढ़•
    2 hrs ago
  • सीतापुर मे दो नाबालिक लड़कियों के साथ सामूहिक दुष्कर्म : तीन नाबालिग लड़कों सहित 6 आरोपी गिरफ्तार.. अंबिकापुर । थाना सीतापुर अंतर्गत दो नाबालिक लड़कियों के साथ हुए सामूहिक दुष्कर्म के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्यवाही करते हुए कुल छह आरोपियों को सलाखों के पीछे भेज दिया है। घटना का विवरण देते हुए पुलिस ने बताया कि प्रार्थिया ने 26 अप्रैल 2026 को थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि वह 24 अप्रैल को अपनी सहेलियों के साथ एक शादी समारोह में गई थी। वहां से वापस लौटते समय आरोपियों ने उसे जबरदस्ती अपनी मोटरसाइकिल पर बैठाया और एक सुनसान स्थान पर ले गए, जहां चार लोगों ने उसके साथ अनाचार किया। पीड़िता उस रात किसी तरह अपने घर पहुंची और अगले दिन 25 अप्रैल को अपने परिजनों को घटना की विस्तृत जानकारी दी। इसके पश्चात परिजनों के साथ थाना पहुंचकर प्रार्थिया ने आरोपियों के विरुद्ध नामजद शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने प्रार्थिया की रिपोर्ट पर अपराध क्रमांक 150/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 70(2) बीएनएस एवं पॉक्सो अधिनियम की धाराओं के तहत मामला पंजीबद्ध कर जांच शुरू की। विवेचना के दौरान जब महिला पुलिस अधिकारी ने पीड़िता का कथन दर्ज किया, तब एक और गंभीर बात सामने आई। पीड़िता ने बताया कि उसके साथ मौजूद उसकी सहेली के साथ भी आरोपियों ने दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया है। इस खुलासे के बाद पुलिस ने दूसरी पीड़िता का भी मेडिकल परीक्षण कराया। पहली पीड़िता का मेडिकल 26 अप्रैल को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सीतापुर में हुआ था, वहीं दूसरी पीड़िता का परीक्षण देर रात होने के कारण 27 अप्रैल को संपन्न कराया गया। मामले में नया मोड़ तब आया जब 28 अप्रैल को पीड़िताओं के परिजनों ने प्रारंभिक मेडिकल रिपोर्ट पर असहमति जताई। परिजनों की मांग और मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए थाना प्रभारी सीतापुर ने 29 अप्रैल को दोनों पीड़िताओं को पुनः मेडिकल परीक्षण के लिए जिला अस्पताल अंबिकापुर भेजा। मेडिकल जांच से प्राप्त साक्ष्यों और एकत्रित किए गए सबूतों के आधार पर पुलिस ने आरोपियों की घेराबंदी शुरू की। 30 अप्रैल 2026 तक पुलिस ने इस मामले में संलिप्त सभी छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया, जिनमें तीन वयस्क पुरुष और तीन विधि से संघर्षरत बालक शामिल हैं। पकड़े गए वयस्क आरोपियों में आनंद बेक पिता लिखन बेक (27 वर्ष), विकास उर्फ राहुल पिता नन्हू राम तिग्गा (24 वर्ष) और मनीष खलखो उर्फ आभीस शामिल हैं, जो सभी सीतापुर क्षेत्र के ग्राम जजगा के विभिन्न मोहल्लों के निवासी हैं। इन तीनों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है, जबकि तीन अन्य अपचारी बालकों को बाल न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया है। इस महत्वपूर्ण कार्यवाही में थाना प्रभारी उप निरीक्षक अखिलेश सिंह, सहायक उप निरीक्षक शशिप्रभा दास, प्रधान आरक्षक अखिलेश्वर भगत और उनकी टीम के अन्य सदस्यों की सक्रिय भूमिका रही। पुलिस अब इस प्रकरण में अग्रिम वैधानिक कार्यवाही और साक्ष्य संकलन की प्रक्रिया पूरी कर रही है।
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    सीतापुर मे दो नाबालिक लड़कियों के साथ सामूहिक दुष्कर्म : तीन नाबालिग लड़कों सहित 6 आरोपी गिरफ्तार..
अंबिकापुर । थाना सीतापुर अंतर्गत दो नाबालिक लड़कियों के साथ हुए सामूहिक दुष्कर्म के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्यवाही करते हुए कुल छह आरोपियों को सलाखों के पीछे भेज दिया है। घटना का विवरण देते हुए पुलिस ने बताया कि प्रार्थिया ने 26 अप्रैल 2026 को थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि वह 24 अप्रैल को अपनी सहेलियों के साथ एक शादी समारोह में गई थी। वहां से वापस लौटते समय आरोपियों ने उसे जबरदस्ती अपनी मोटरसाइकिल पर बैठाया और एक सुनसान स्थान पर ले गए, जहां चार लोगों ने उसके साथ अनाचार किया। पीड़िता उस रात किसी तरह अपने घर पहुंची और अगले दिन 25 अप्रैल को अपने परिजनों को घटना की विस्तृत जानकारी दी। इसके पश्चात परिजनों के साथ थाना पहुंचकर प्रार्थिया ने आरोपियों के विरुद्ध नामजद शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस ने प्रार्थिया की रिपोर्ट पर अपराध क्रमांक 150/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 70(2) बीएनएस एवं पॉक्सो अधिनियम की धाराओं के तहत मामला पंजीबद्ध कर जांच शुरू की। विवेचना के दौरान जब महिला पुलिस अधिकारी ने पीड़िता का कथन दर्ज किया, तब एक और गंभीर बात सामने आई। पीड़िता ने बताया कि उसके साथ मौजूद उसकी सहेली के साथ भी आरोपियों ने दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया है। इस खुलासे के बाद पुलिस ने दूसरी पीड़िता का भी मेडिकल परीक्षण कराया। पहली पीड़िता का मेडिकल 26 अप्रैल को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सीतापुर में हुआ था, वहीं दूसरी पीड़िता का परीक्षण देर रात होने के कारण 27 अप्रैल को संपन्न कराया गया।
मामले में नया मोड़ तब आया जब 28 अप्रैल को पीड़िताओं के परिजनों ने प्रारंभिक मेडिकल रिपोर्ट पर असहमति जताई। परिजनों की मांग और मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए थाना प्रभारी सीतापुर ने 29 अप्रैल को दोनों पीड़िताओं को पुनः मेडिकल परीक्षण के लिए जिला अस्पताल अंबिकापुर भेजा। मेडिकल जांच से प्राप्त साक्ष्यों और एकत्रित किए गए सबूतों के आधार पर पुलिस ने आरोपियों की घेराबंदी शुरू की। 30 अप्रैल 2026 तक पुलिस ने इस मामले में संलिप्त सभी छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया, जिनमें तीन वयस्क पुरुष और तीन विधि से संघर्षरत बालक शामिल हैं।
पकड़े गए वयस्क आरोपियों में आनंद बेक पिता लिखन बेक (27 वर्ष), विकास उर्फ राहुल पिता नन्हू राम तिग्गा (24 वर्ष) और मनीष खलखो उर्फ आभीस शामिल हैं, जो सभी सीतापुर क्षेत्र के ग्राम जजगा के विभिन्न मोहल्लों के निवासी हैं। इन तीनों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है, जबकि तीन अन्य अपचारी बालकों को बाल न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया है। इस महत्वपूर्ण कार्यवाही में थाना प्रभारी उप निरीक्षक अखिलेश सिंह, सहायक उप निरीक्षक शशिप्रभा दास, प्रधान आरक्षक अखिलेश्वर भगत और उनकी टीम के अन्य सदस्यों की सक्रिय भूमिका रही। पुलिस अब इस प्रकरण में अग्रिम वैधानिक कार्यवाही और साक्ष्य संकलन की प्रक्रिया पूरी कर रही है।
    user_Jarif Khan
    Jarif Khan
    अंबिकापुर, सरगुजा, छत्तीसगढ़•
    8 hrs ago
  • दिनांक 30/4/2026 दो पहर के 3 बजे बारिस होते समय बीजली के प्रहार् से ग्राम पंचायत् लोखंडी के करम कोना के एक पोवाल् माचे मे आग लगी किसी भी प्रकार का जीव जंतु को कोई हनी नही पहुची। गाव के सभी लोग आग बुझाने पहुचे लेकीन बहुत देर होने के कारण बुझाने मे असमर्थत रे ।
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    दिनांक 30/4/2026 दो पहर के 3 बजे  बारिस होते समय बीजली के प्रहार् से ग्राम पंचायत् लोखंडी के करम कोना के एक पोवाल् माचे मे आग लगी किसी भी प्रकार का जीव जंतु को कोई हनी नही पहुची।  गाव के सभी लोग आग बुझाने पहुचे लेकीन बहुत देर होने के कारण बुझाने मे असमर्थत रे ।
    user_Arnold advid lakra
    Arnold advid lakra
    Farmer जशपुर, जशपुर, छत्तीसगढ़•
    9 hrs ago
  • ​जगदलपुर। शहर के बोधघाट थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले शांति नगर वार्ड में नजूल जमीन पर निर्माण कार्य को लेकर शुरू हुआ विवाद अब थाने की दहलीज तक जा पहुंचा है। एक तरफ जहां बेघर होने का डर था, वहीं दूसरी ओर सत्ता और नियमों का दबाव; इन दोनों के बीच हुए टकराव ने इतना उग्र रूप ले लिया कि महिला पार्षद और पीड़ित परिवार की महिलाओं के बीच जमकर मारपीट हुई। ​क्या है पूरा मामला? ​मिली जानकारी के अनुसार, बोधघाट क्षेत्र में एक महिला अपनी पांच बेटियों के साथ पिछले कई वर्षों से लगभग 250 वर्ग फीट के एक कच्चे मकान में गुजर-बसर कर रही है। बरसात और भविष्य की सुरक्षा को देखते हुए परिवार ने इस कच्चे मकान की मरम्मत कर इसे पक्का बनाने का काम शुरू किया था। ​विवाद तब शुरू हुआ जब क्षेत्र की भाजपा महिला पार्षद ने मौके पर पहुंचकर निर्माण कार्य को 'अवैध' बताते हुए रुकवा दिया। पार्षद का तर्क था कि नजूल भूमि पर बिना अनुमति के पक्का निर्माण नहीं किया जा सकता, जबकि पीड़ित परिवार का कहना है कि वे वर्षों से वहां रह रहे हैं और उनके पास सिर छिपाने के लिए यही एकमात्र सहारा है। ​सड़क पर छिड़ा 'संग्राम' ​देखते ही देखते बहस गाली-गलौज और फिर शारीरिक हिंसा में बदल गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दोनों पक्षों की महिलाएं आपस में भिड़ गईं। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में स्पष्ट देखा जा सकता है कि कैसे महिलाएं एक-दूसरे के बाल खींच रही हैं और मारपीट कर रही हैं। बीच बचाव करने आए लोग भी इस हाईवोल्टेज ड्रामे को रोकने में नाकाम रहे। ​पुलिसिया कार्रवाई और राजनीतिक गरमाहट ​घटना के तुरंत बाद दोनों पक्ष बोधघाट थाने पहुंचे। ​पार्षद पक्ष: सरकारी काम में बाधा डालने और दुर्व्यवहार का आरोप लगाया है। ​पीड़ित परिवार: पार्षद पर सत्ता का धौंस दिखाने और गरीब परिवार को प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है। ​बोधघाट पुलिस का कहना है: ​"दोनों पक्षों की शिकायत दर्ज कर ली गई है। मारपीट के वायरल वीडियो की जांच की जा रही है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। राजस्व विभाग से जमीन की स्थिति की रिपोर्ट भी मांगी जा सकती है।" ​सवालिया घेरे में प्रशासन ​यह घटना शहर में नजूल भूमि पर काबिज हजारों परिवारों के भविष्य और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े करती है। क्या प्रशासन केवल गरीबों के छोटे निर्माणों पर ही डंडा चलाता है, या फिर नियमों का पालन सभी के लिए समान है? ​फिलहाल, इस मारपीट के वीडियो ने पूरे शहर में चर्चा का बाजार गर्म कर दिया है और पुलिस मामले की तह तक जाने की कोशिश कर रही है।
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    ​जगदलपुर। शहर के बोधघाट थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले शांति नगर वार्ड में नजूल जमीन पर निर्माण कार्य को लेकर शुरू हुआ विवाद अब थाने की दहलीज तक जा पहुंचा है। एक तरफ जहां बेघर होने का डर था, वहीं दूसरी ओर सत्ता और नियमों का दबाव; इन दोनों के बीच हुए टकराव ने इतना उग्र रूप ले लिया कि महिला पार्षद और पीड़ित परिवार की महिलाओं के बीच जमकर मारपीट हुई।
​क्या है पूरा मामला?
​मिली जानकारी के अनुसार, बोधघाट क्षेत्र में एक महिला अपनी पांच बेटियों के साथ पिछले कई वर्षों से लगभग 250 वर्ग फीट के एक कच्चे मकान में गुजर-बसर कर रही है। बरसात और भविष्य की सुरक्षा को देखते हुए परिवार ने इस कच्चे मकान की मरम्मत कर इसे पक्का बनाने का काम शुरू किया था।
​विवाद तब शुरू हुआ जब क्षेत्र की भाजपा महिला पार्षद ने मौके पर पहुंचकर निर्माण कार्य को 'अवैध' बताते हुए रुकवा दिया। पार्षद का तर्क था कि नजूल भूमि पर बिना अनुमति के पक्का निर्माण नहीं किया जा सकता, जबकि पीड़ित परिवार का कहना है कि वे वर्षों से वहां रह रहे हैं और उनके पास सिर छिपाने के लिए यही एकमात्र सहारा है।
​सड़क पर छिड़ा 'संग्राम'
​देखते ही देखते बहस गाली-गलौज और फिर शारीरिक हिंसा में बदल गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दोनों पक्षों की महिलाएं आपस में भिड़ गईं। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में स्पष्ट देखा जा सकता है कि कैसे महिलाएं एक-दूसरे के बाल खींच रही हैं और मारपीट कर रही हैं। बीच बचाव करने आए लोग भी इस हाईवोल्टेज ड्रामे को रोकने में नाकाम रहे।
​पुलिसिया कार्रवाई और राजनीतिक गरमाहट
​घटना के तुरंत बाद दोनों पक्ष बोधघाट थाने पहुंचे।
​पार्षद पक्ष: सरकारी काम में बाधा डालने और दुर्व्यवहार का आरोप लगाया है।
​पीड़ित परिवार: पार्षद पर सत्ता का धौंस दिखाने और गरीब परिवार को प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है।
​बोधघाट पुलिस का कहना है:
​"दोनों पक्षों की शिकायत दर्ज कर ली गई है। मारपीट के वायरल वीडियो की जांच की जा रही है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। राजस्व विभाग से जमीन की स्थिति की रिपोर्ट भी मांगी जा सकती है।"
​सवालिया घेरे में प्रशासन
​यह घटना शहर में नजूल भूमि पर काबिज हजारों परिवारों के भविष्य और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े करती है। क्या प्रशासन केवल गरीबों के छोटे निर्माणों पर ही डंडा चलाता है, या फिर नियमों का पालन सभी के लिए समान है?
​फिलहाल, इस मारपीट के वीडियो ने पूरे शहर में चर्चा का बाजार गर्म कर दिया है और पुलिस मामले की तह तक जाने की कोशिश कर रही है।
    user_RM24 News
    RM24 News
    Local News Reporter Lailunga, Raigarh•
    18 hrs ago
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