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सम्भल जिले में जिला प्रोबेशन अधिकारी (DPO) चंद्रभूषण यादव पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप मुख्य विकास अधिकारी (CDO) गोरखनाथ भट्ट की विस्तृत जांच में प्रथमदृष्टया सही पाए गए हैं। CDO ने अपनी रिपोर्ट जिलाधिकारी अंकित खंडेलवाल को सौंप दी है, जिसमें DPO चंद्रभूषण यादव और उनके संबद्ध लिपिक मोहित कुमार के खिलाफ कई गंभीर वित्तीय अनियमितताओं और सरकारी धन के दुरुपयोग की पुष्टि हुई है। जांच रिपोर्ट के अनुसार, मिशन वात्सल्य, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, चाइल्ड हेल्पलाइन, मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना और विधवा पेंशन योजना सहित विभिन्न सरकारी योजनाओं में बड़े पैमाने पर वित्तीय गड़बड़ियां सामने आई हैं। आरोप है कि GeM पोर्टल पर फर्जी फर्मों के माध्यम से अनुबंध कर सरकारी धन का दुरुपयोग किया गया, जहाँ एक ही मोबाइल नंबर और ई-मेल आईडी से कई फर्मों का संचालन दिखाकर भुगतान किए गए। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि 'बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ' योजना के तहत बेबी किट बाजार मूल्य से अधिक कीमत पर खरीदी गईं, जबकि मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना में निर्धारित दरों से अधिक कीमत पर लैपटॉप खरीदे गए। चाइल्ड हेल्पलाइन और मिशन वात्सल्य में लगभग 60 लाख रुपये के सरकारी बजट के कथित गबन का मामला भी उजागर हुआ है। CDO की जांच में यह भी पाया गया कि डिप्टी कलेक्टर की तीन सदस्यीय जांच समिति को आवश्यक अभिलेख उपलब्ध नहीं कराए गए, जांच में सहयोग नहीं किया गया और कई सरकारी रिकॉर्ड प्रस्तुत नहीं किए गए, जिसे गंभीर प्रशासनिक अनुशासनहीनता माना गया है। CDO की जांच रिपोर्ट में गबन की धनराशि की वसूली, दोषियों पर उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता के तहत प्रतिदिन 250 रुपये का जुर्माना लगाने, विभागीय कार्रवाई शुरू करने और चंद्रभूषण यादव को DPO पद से तत्काल हटाने की सिफारिश की गई है। गौरतलब है कि इससे पहले भी डिप्टी कलेक्टर की एक तीन सदस्यीय जांच समिति अपनी रिपोर्ट में DPO के खिलाफ गंभीर वित्तीय अनियमितताओं की पुष्टि कर चुकी थी। अब CDO की रिपोर्ट सामने आने के बाद सम्भल का यह मामला जिले के सबसे चर्चित भ्रष्टाचार मामलों में शामिल हो गया है।

2 hrs ago
user_Mubarak Ali
Mubarak Ali
संभल, संभल, उत्तर प्रदेश•
2 hrs ago
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सम्भल जिले में जिला प्रोबेशन अधिकारी (DPO) चंद्रभूषण यादव पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप मुख्य विकास अधिकारी (CDO) गोरखनाथ भट्ट की विस्तृत जांच में प्रथमदृष्टया सही पाए गए हैं। CDO ने अपनी रिपोर्ट जिलाधिकारी अंकित खंडेलवाल को सौंप दी है, जिसमें DPO चंद्रभूषण यादव और उनके संबद्ध लिपिक मोहित कुमार के खिलाफ कई गंभीर वित्तीय अनियमितताओं और सरकारी धन के दुरुपयोग की पुष्टि हुई है। जांच रिपोर्ट

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के अनुसार, मिशन वात्सल्य, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, चाइल्ड हेल्पलाइन, मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना और विधवा पेंशन योजना सहित विभिन्न सरकारी योजनाओं में बड़े पैमाने पर वित्तीय गड़बड़ियां सामने आई हैं। आरोप है कि GeM पोर्टल पर फर्जी फर्मों के माध्यम से अनुबंध कर सरकारी धन का दुरुपयोग किया गया, जहाँ एक ही मोबाइल नंबर और ई-मेल आईडी से कई फर्मों का संचालन दिखाकर भुगतान किए गए।

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रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि 'बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ' योजना के तहत बेबी किट बाजार मूल्य से अधिक कीमत पर खरीदी गईं, जबकि मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना में निर्धारित दरों से अधिक कीमत पर लैपटॉप खरीदे गए। चाइल्ड हेल्पलाइन और मिशन वात्सल्य में लगभग 60 लाख रुपये के सरकारी बजट के कथित गबन का मामला भी उजागर हुआ है। CDO की जांच में यह

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भी पाया गया कि डिप्टी कलेक्टर की तीन सदस्यीय जांच समिति को आवश्यक अभिलेख उपलब्ध नहीं कराए गए, जांच में सहयोग नहीं किया गया और कई सरकारी रिकॉर्ड प्रस्तुत नहीं किए गए, जिसे गंभीर प्रशासनिक अनुशासनहीनता माना गया है। CDO की जांच रिपोर्ट में गबन की धनराशि की वसूली, दोषियों पर उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता के तहत प्रतिदिन 250 रुपये का जुर्माना लगाने, विभागीय कार्रवाई शुरू करने

और चंद्रभूषण यादव को DPO पद से तत्काल हटाने की सिफारिश की गई है। गौरतलब है कि इससे पहले भी डिप्टी कलेक्टर की एक तीन सदस्यीय जांच समिति अपनी रिपोर्ट में DPO के खिलाफ गंभीर वित्तीय अनियमितताओं की पुष्टि कर चुकी थी। अब CDO की रिपोर्ट सामने आने के बाद सम्भल का यह मामला जिले के सबसे चर्चित भ्रष्टाचार मामलों में शामिल हो गया है।

More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
  • सम्भल में सनातन पब्लिक स्कूल को प्रशासन द्वारा सील किए जाने के बाद से विवाद लगातार गहराता जा रहा है। इस मामले में अधिवक्ता अमित उठवाल ने जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने पूछा कि जो स्कूल पिछले 36 वर्षों से संचालित हो रहा था, उसकी एनओसी की कमी अब जाकर कैसे सामने आई, और यदि स्कूल में खामियां थीं तो प्रशासन इतने वर्षों तक क्या कर रहा था? अधिवक्ता उठवाल ने जोर देकर कहा कि स्कूल सील होने से हजारों छात्रों और उनके अभिभावकों को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है। नए सत्र की फीस जमा की जा चुकी है, और बच्चों ने ड्रेस, किताबें व स्टेशनरी भी खरीद ली है, लेकिन अचानक स्कूल बंद होने से उनका पूरा शैक्षणिक सत्र संकट में आ गया है। उन्होंने इस आर्थिक और मानसिक नुकसान की जिम्मेदारी तय करने की मांग की है। अमित उठवाल ने जिला प्रशासन से अपील की है कि वह सभी अभिभावकों के साथ बैठक कर उनकी पसंद के अनुसार बच्चों का प्रवेश अन्य स्कूलों में कराए, साथ ही यह भी सुनिश्चित करे कि पहले से जमा की गई फीस, ड्रेस और स्टेशनरी का लाभ नए स्कूल में भी मिल सके, ताकि अभिभावकों पर दोहरी आर्थिक मार न पड़े। अधिवक्ता उठवाल ने यह भी आरोप लगाया कि सम्भल में गली-मोहल्लों और संकरी गलियों में बिना मानकों के कई स्कूल चल रहे हैं, लेकिन कार्रवाई केवल सनातन पब्लिक स्कूल पर ही की गई है। उनके अनुसार, यदि निष्पक्ष जांच की जाए तो कई अन्य स्कूल भी कार्रवाई के दायरे में आ सकते हैं। उन्होंने दावा किया कि स्कूल प्रबंधन के पारिवारिक विवाद का खामियाजा छात्र और अभिभावक भुगत रहे हैं। अधिवक्ता ने जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग से यह मांग की कि दोषियों की जवाबदेही तय की जाए, पूरे जिले के स्कूलों की निष्पक्ष जांच कराई जाए और छात्रों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए तुरंत प्रभावी कदम उठाए जाएं। उन्होंने कहा कि इस घटना के बाद अभिभावक और छात्र ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं, और प्रशासन को उनका विश्वास फिर से बहाल करना होगा।
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    सम्भल में सनातन पब्लिक स्कूल को प्रशासन द्वारा सील किए जाने के बाद से विवाद लगातार गहराता जा रहा है। इस मामले में अधिवक्ता अमित उठवाल ने जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने पूछा कि जो स्कूल पिछले 36 वर्षों से संचालित हो रहा था, उसकी एनओसी की कमी अब जाकर कैसे सामने आई, और यदि स्कूल में खामियां थीं तो प्रशासन इतने वर्षों तक क्या कर रहा था?

अधिवक्ता उठवाल ने जोर देकर कहा कि स्कूल सील होने से हजारों छात्रों और उनके अभिभावकों को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है। नए सत्र की फीस जमा की जा चुकी है, और बच्चों ने ड्रेस, किताबें व स्टेशनरी भी खरीद ली है, लेकिन अचानक स्कूल बंद होने से उनका पूरा शैक्षणिक सत्र संकट में आ गया है। उन्होंने इस आर्थिक और मानसिक नुकसान की जिम्मेदारी तय करने की मांग की है। अमित उठवाल ने जिला प्रशासन से अपील की है कि वह सभी अभिभावकों के साथ बैठक कर उनकी पसंद के अनुसार बच्चों का प्रवेश अन्य स्कूलों में कराए, साथ ही यह भी सुनिश्चित करे कि पहले से जमा की गई फीस, ड्रेस और स्टेशनरी का लाभ नए स्कूल में भी मिल सके, ताकि अभिभावकों पर दोहरी आर्थिक मार न पड़े।

अधिवक्ता उठवाल ने यह भी आरोप लगाया कि सम्भल में गली-मोहल्लों और संकरी गलियों में बिना मानकों के कई स्कूल चल रहे हैं, लेकिन कार्रवाई केवल सनातन पब्लिक स्कूल पर ही की गई है। उनके अनुसार, यदि निष्पक्ष जांच की जाए तो कई अन्य स्कूल भी कार्रवाई के दायरे में आ सकते हैं। उन्होंने दावा किया कि स्कूल प्रबंधन के पारिवारिक विवाद का खामियाजा छात्र और अभिभावक भुगत रहे हैं। अधिवक्ता ने जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग से यह मांग की कि दोषियों की जवाबदेही तय की जाए, पूरे जिले के स्कूलों की निष्पक्ष जांच कराई जाए और छात्रों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए तुरंत प्रभावी कदम उठाए जाएं।

उन्होंने कहा कि इस घटना के बाद अभिभावक और छात्र ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं, और प्रशासन को उनका विश्वास फिर से बहाल करना होगा।
    user_Mubarak Ali
    Mubarak Ali
    संभल, संभल, उत्तर प्रदेश•
    32 min ago
  • हाल ही में ओवैसी के पंडित ने एक दमदार भाषण दिया, जिसमें उन्होंने सीधे तौर पर सवाल उठाया कि अयोध्या राम मंदिर के 'चंदा चोरों' के घरों पर आखिर बुलडोजर क्यों नहीं चलाए गए और उनके खिलाफ गोलियां क्यों नहीं चलाई गईं। उनके इस भाषण ने उन लोगों के प्रति तीखा आक्रोश व्यक्त किया, जिन्हें 'चंदा चोर' बताया गया है, और इस बात पर जोर दिया कि ऐसे लोगों पर कोई कार्रवाई क्यों नहीं हो रही है, जबकि अन्य मामलों में बुलडोजर और गोलियों का इस्तेमाल देखा जाता है।
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    हाल ही में ओवैसी के पंडित ने एक दमदार भाषण दिया, जिसमें उन्होंने सीधे तौर पर सवाल उठाया कि अयोध्या राम मंदिर के 'चंदा चोरों' के घरों पर आखिर बुलडोजर क्यों नहीं चलाए गए और उनके खिलाफ गोलियां क्यों नहीं चलाई गईं। उनके इस भाषण ने उन लोगों के प्रति तीखा आक्रोश व्यक्त किया, जिन्हें 'चंदा चोर' बताया गया है, और इस बात पर जोर दिया कि ऐसे लोगों पर कोई कार्रवाई क्यों नहीं हो रही है, जबकि अन्य मामलों में बुलडोजर और गोलियों का इस्तेमाल देखा जाता है।
    user_Eslam Ali
    Eslam Ali
    चंदौसी, संभल, उत्तर प्रदेश•
    6 hrs ago
  • संभल के नगला गाँव में सरकारी बंजर भूमि पर कथित अवैध कब्जे का मामला सामने आया है, जहाँ महबूल्ला शाह की मजार और सरकारी धन से बना एक शौचालय पाया गया है। कल्कि सेना के राष्ट्रीय संयोजक सुभाष चंद्र त्यागी एडवोकेट ने जिलाधिकारी से इस संबंध में शिकायत की थी, जिसके बाद तहसील प्रशासन ने मौके पर पैमाइश (माप) कराई। इस पैमाइश में प्रथम दृष्टया शिकायत सही पाई गई है। मौके पर मौजूद लेखपाल रोहित कुमार ने पुष्टि की कि गाटा संख्या 68/3 की 0.117 हेक्टेयर बंजर भूमि की माप की गई है और यह सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे का मामला प्रतीत होता है। वहीं, स्थानीय निवासी हाजी नूर मौहम्मद ने बताया कि यह मजार उनके होश संभालने से पहले से मौजूद है। उन्होंने पहले इसे मजार की जमीन बताया, लेकिन बाद में स्वीकार किया कि इसका कुछ हिस्सा ग्राम सभा की जमीन भी है। पैमाइश पूरी होने के बाद रिपोर्ट तहसील प्रशासन को सौंप दी गई है। अब इस पूरे मामले में आगे की कार्रवाई कोर्ट के आदेश के अनुसार होगी। यदि कोर्ट अवैध कब्जे की पुष्टि करता है, तो सरकारी बंजर भूमि को कब्जामुक्त कराने की कार्रवाई की जा सकती है।
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    संभल के नगला गाँव में सरकारी बंजर भूमि पर कथित अवैध कब्जे का मामला सामने आया है, जहाँ महबूल्ला शाह की मजार और सरकारी धन से बना एक शौचालय पाया गया है। कल्कि सेना के राष्ट्रीय संयोजक सुभाष चंद्र त्यागी एडवोकेट ने जिलाधिकारी से इस संबंध में शिकायत की थी, जिसके बाद तहसील प्रशासन ने मौके पर पैमाइश (माप) कराई। इस पैमाइश में प्रथम दृष्टया शिकायत सही पाई गई है।

मौके पर मौजूद लेखपाल रोहित कुमार ने पुष्टि की कि गाटा संख्या 68/3 की 0.117 हेक्टेयर बंजर भूमि की माप की गई है और यह सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे का मामला प्रतीत होता है। वहीं, स्थानीय निवासी हाजी नूर मौहम्मद ने बताया कि यह मजार उनके होश संभालने से पहले से मौजूद है। उन्होंने पहले इसे मजार की जमीन बताया, लेकिन बाद में स्वीकार किया कि इसका कुछ हिस्सा ग्राम सभा की जमीन भी है।

पैमाइश पूरी होने के बाद रिपोर्ट तहसील प्रशासन को सौंप दी गई है। अब इस पूरे मामले में आगे की कार्रवाई कोर्ट के आदेश के अनुसार होगी। यदि कोर्ट अवैध कब्जे की पुष्टि करता है, तो सरकारी बंजर भूमि को कब्जामुक्त कराने की कार्रवाई की जा सकती है।
    user_Nitin Sagar
    Nitin Sagar
    Court reporter चंदौसी, संभल, उत्तर प्रदेश•
    7 hrs ago
  • उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले में संचारी रोगों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से एक रैली का आयोजन किया गया। इस दौरान लोगों को संचारी रोगों से बचाव और उनके बारे में जानकारी देने हेतु शपथ भी दिलाई गई।
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    उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले में संचारी रोगों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से एक रैली का आयोजन किया गया। इस दौरान लोगों को संचारी रोगों से बचाव और उनके बारे में जानकारी देने हेतु शपथ भी दिलाई गई।
    user_डा जगदेव सिंह प्रजापति
    डा जगदेव सिंह प्रजापति
    अमरोहा, अमरोहा, उत्तर प्रदेश•
    33 min ago
  • भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में अमरोहा भाजपा के पूर्व मंडल अध्यक्ष उत्तम सिंह प्रजापति ने आगामी चुनाव के संबंध में एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने पार्टी की जीत पर विश्वास व्यक्त करते हुए संगठन की मजबूती और कार्यकर्ताओं की महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर दिया।
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    भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में अमरोहा भाजपा के पूर्व मंडल अध्यक्ष उत्तम सिंह प्रजापति ने आगामी चुनाव के संबंध में एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने पार्टी की जीत पर विश्वास व्यक्त करते हुए संगठन की मजबूती और कार्यकर्ताओं की महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर दिया।
    user_Bachchan Singh
    Bachchan Singh
    Local News Reporter Amroha, Uttar Pradesh•
    42 min ago
  • समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का 53वां जन्मदिन मुरादाबाद में अत्यंत उत्साह और संकल्पों के साथ मनाया गया। बुधवार, 01 जुलाई 2026 की मध्यरात्रि ठीक 12:01 बजे सिविल लाइन्स स्थित मुरादाबाद की सांसद रुचि वीरा के आवास पर पार्टी कार्यकर्ताओं ने एकजुट होकर अपने नेता का जन्मदिन हर्षोल्लास के साथ सेलिब्रेट किया। इस विशेष अवसर पर कार्यक्रम की मुख्य आयोजक सांसद रुचि वीरा ने 53 फीट लंबा केक काटकर अखिलेश यादव के स्वस्थ एवं दीर्घायु जीवन की कामना की। इस आयोजन को केवल एक उत्सव के रूप में नहीं, बल्कि 'समता मूलक समाज' और 'सामाजिक न्याय' के संकल्पों के साथ जोड़ा गया। सांसद रुचि वीरा ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी का उद्देश्य केवल सत्ता प्राप्त करना नहीं, बल्कि समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक न्याय पहुँचाना है। उन्होंने पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं का आह्वान किया कि वे प्रेम, दया और अपनापन के भाव के साथ पीड़ित, दुःखी और समाज में अपमानित महसूस करने वाले परिवारों से सीधे जुड़ें। रुचि वीरा ने जोर देकर कहा कि बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर द्वारा संविधान में निहित एकता, समता और बंधुत्व के मूल्यों को जन-जन तक पहुँचाना आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है। इस आयोजन में पर्यावरण संरक्षण को भी प्रमुखता दी गई, जहाँ कार्यकर्ताओं ने 'प्रदूषण मुक्त भारत' का संकल्प लेते हुए पर्यावरण की रक्षा को सामाजिक न्याय के साथ जोड़ा। सांसद ने कहा कि जैसे बाबा साहेब ने संविधान की प्राणवायु से वंचितों को अधिकार दिए, वैसे ही हम सभी को स्वस्थ पर्यावरण के साथ-साथ सामाजिक न्याय की रक्षा करनी है। कार्यक्रम में उपस्थित सभी समाजवादियों ने एक स्वर में अखिलेश यादव को 2027 में प्रदेश का मुख्यमंत्री बनाने के लिए जी-जान से जुटने का संकल्प लिया। इस अवसर पर खुशनुद खान, शाने अली शानू, कुलदीप तुरैहा एड., तुंगीश यादव, शीरीगुल, वदूद खां, विजयवीर यादव, फरीद मलिक, कमर परवेज, चन्द्रपाल सिंह दिवाकर, इस्माइल खान, मैथ्यूज आर. मैसी, रहीस सैफी, एड. फहीम, सलामत जान, शरिक कुरैशी, फाजिल मलिक, तौकीर सिद्दीकी, मौ. नूर उर्फ शेरू, फाखरा लईक, याकूब मलिक, मौ. अजीम सहित बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
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    समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का 53वां जन्मदिन मुरादाबाद में अत्यंत उत्साह और संकल्पों के साथ मनाया गया। बुधवार, 01 जुलाई 2026 की मध्यरात्रि ठीक 12:01 बजे सिविल लाइन्स स्थित मुरादाबाद की सांसद रुचि वीरा के आवास पर पार्टी कार्यकर्ताओं ने एकजुट होकर अपने नेता का जन्मदिन हर्षोल्लास के साथ सेलिब्रेट किया। इस विशेष अवसर पर कार्यक्रम की मुख्य आयोजक सांसद रुचि वीरा ने 53 फीट लंबा केक काटकर अखिलेश यादव के स्वस्थ एवं दीर्घायु जीवन की कामना की। इस आयोजन को केवल एक उत्सव के रूप में नहीं, बल्कि 'समता मूलक समाज' और 'सामाजिक न्याय' के संकल्पों के साथ जोड़ा गया।

सांसद रुचि वीरा ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी का उद्देश्य केवल सत्ता प्राप्त करना नहीं, बल्कि समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक न्याय पहुँचाना है। उन्होंने पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं का आह्वान किया कि वे प्रेम, दया और अपनापन के भाव के साथ पीड़ित, दुःखी और समाज में अपमानित महसूस करने वाले परिवारों से सीधे जुड़ें। रुचि वीरा ने जोर देकर कहा कि बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर द्वारा संविधान में निहित एकता, समता और बंधुत्व के मूल्यों को जन-जन तक पहुँचाना आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है।

इस आयोजन में पर्यावरण संरक्षण को भी प्रमुखता दी गई, जहाँ कार्यकर्ताओं ने 'प्रदूषण मुक्त भारत' का संकल्प लेते हुए पर्यावरण की रक्षा को सामाजिक न्याय के साथ जोड़ा। सांसद ने कहा कि जैसे बाबा साहेब ने संविधान की प्राणवायु से वंचितों को अधिकार दिए, वैसे ही हम सभी को स्वस्थ पर्यावरण के साथ-साथ सामाजिक न्याय की रक्षा करनी है। कार्यक्रम में उपस्थित सभी समाजवादियों ने एक स्वर में अखिलेश यादव को 2027 में प्रदेश का मुख्यमंत्री बनाने के लिए जी-जान से जुटने का संकल्प लिया। इस अवसर पर खुशनुद खान, शाने अली शानू, कुलदीप तुरैहा एड., तुंगीश यादव, शीरीगुल, वदूद खां, विजयवीर यादव, फरीद मलिक, कमर परवेज, चन्द्रपाल सिंह दिवाकर, इस्माइल खान, मैथ्यूज आर. मैसी, रहीस सैफी, एड. फहीम, सलामत जान, शरिक कुरैशी, फाजिल मलिक, तौकीर सिद्दीकी, मौ. नूर उर्फ शेरू, फाखरा लईक, याकूब मलिक, मौ. अजीम सहित बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
    user_S R पत्रकार
    S R पत्रकार
    Photographer मुरादाबाद, मुरादाबाद, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • अमरोहा जनपद की बछरायूं थाना पुलिस ने अवैध हथियारों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत कार्रवाई करते हुए एक युवक को अवैध तमंचे और जिंदा कारतूस के साथ गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, यह गिरफ्तारी 30 जून 2026 को संदिग्ध व्यक्ति और वाहन चेकिंग के दौरान रेलवे स्टेशन शेरपुर हाल्ट रोड पर एक आम के बाग के सामने से हुई। तलाशी के दौरान युवक के कब्जे से एक .315 बोर का अवैध तमंचा और एक जिंदा कारतूस बरामद किया गया। इस संबंध में, आरोपी के खिलाफ थाना बछरायूं में शस्त्र अधिनियम की धारा 3/25 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान अजनान पुत्र अनवार के रूप में हुई है, जो मोहल्ला कानूनगोयान, कस्बा एवं थाना बछरायूं, जनपद अमरोहा का निवासी है और उसकी उम्र लगभग 25 वर्ष बताई जा रही है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी अजनान ने पुलिस को बताया कि उसने यह तमंचा एक अज्ञात व्यक्ति से रुपये देकर खरीदा था। पुलिस अब इस दावे की गहराई से जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि अवैध हथियार उसे किसने और किन परिस्थितियों में बेचा। यह पूरी कार्रवाई पुलिस अधीक्षक लखन सिंह यादव के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक अखिलेश भदौरिया के पर्यवेक्षण और क्षेत्राधिकारी धनौरा अंजली कटारिया के निकट पर्यवेक्षण में थाना बछरायूं की पुलिस टीम द्वारा की गई। गिरफ्तारी करने वाली टीम में उपनिरीक्षक विपिन तोमर, हेड कांस्टेबल बेताव जावला और कांस्टेबल प्रदीप कुमार शामिल रहे।
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    अमरोहा जनपद की बछरायूं थाना पुलिस ने अवैध हथियारों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत कार्रवाई करते हुए एक युवक को अवैध तमंचे और जिंदा कारतूस के साथ गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, यह गिरफ्तारी 30 जून 2026 को संदिग्ध व्यक्ति और वाहन चेकिंग के दौरान रेलवे स्टेशन शेरपुर हाल्ट रोड पर एक आम के बाग के सामने से हुई। तलाशी के दौरान युवक के कब्जे से एक .315 बोर का अवैध तमंचा और एक जिंदा कारतूस बरामद किया गया। इस संबंध में, आरोपी के खिलाफ थाना बछरायूं में शस्त्र अधिनियम की धारा 3/25 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।

गिरफ्तार आरोपी की पहचान अजनान पुत्र अनवार के रूप में हुई है, जो मोहल्ला कानूनगोयान, कस्बा एवं थाना बछरायूं, जनपद अमरोहा का निवासी है और उसकी उम्र लगभग 25 वर्ष बताई जा रही है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी अजनान ने पुलिस को बताया कि उसने यह तमंचा एक अज्ञात व्यक्ति से रुपये देकर खरीदा था। पुलिस अब इस दावे की गहराई से जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि अवैध हथियार उसे किसने और किन परिस्थितियों में बेचा।

यह पूरी कार्रवाई पुलिस अधीक्षक लखन सिंह यादव के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक अखिलेश भदौरिया के पर्यवेक्षण और क्षेत्राधिकारी धनौरा अंजली कटारिया के निकट पर्यवेक्षण में थाना बछरायूं की पुलिस टीम द्वारा की गई। गिरफ्तारी करने वाली टीम में उपनिरीक्षक विपिन तोमर, हेड कांस्टेबल बेताव जावला और कांस्टेबल प्रदीप कुमार शामिल रहे।
    user_Kapil kumar
    Kapil kumar
    Local News Reporter अमरोहा (खास), अमरोहा, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
  • सम्भल जिले में जिला प्रोबेशन अधिकारी (DPO) चंद्रभूषण यादव पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप मुख्य विकास अधिकारी (CDO) गोरखनाथ भट्ट की विस्तृत जांच में प्रथमदृष्टया सही पाए गए हैं। CDO ने अपनी रिपोर्ट जिलाधिकारी अंकित खंडेलवाल को सौंप दी है, जिसमें DPO चंद्रभूषण यादव और उनके संबद्ध लिपिक मोहित कुमार के खिलाफ कई गंभीर वित्तीय अनियमितताओं और सरकारी धन के दुरुपयोग की पुष्टि हुई है। जांच रिपोर्ट के अनुसार, मिशन वात्सल्य, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, चाइल्ड हेल्पलाइन, मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना और विधवा पेंशन योजना सहित विभिन्न सरकारी योजनाओं में बड़े पैमाने पर वित्तीय गड़बड़ियां सामने आई हैं। आरोप है कि GeM पोर्टल पर फर्जी फर्मों के माध्यम से अनुबंध कर सरकारी धन का दुरुपयोग किया गया, जहाँ एक ही मोबाइल नंबर और ई-मेल आईडी से कई फर्मों का संचालन दिखाकर भुगतान किए गए। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि 'बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ' योजना के तहत बेबी किट बाजार मूल्य से अधिक कीमत पर खरीदी गईं, जबकि मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना में निर्धारित दरों से अधिक कीमत पर लैपटॉप खरीदे गए। चाइल्ड हेल्पलाइन और मिशन वात्सल्य में लगभग 60 लाख रुपये के सरकारी बजट के कथित गबन का मामला भी उजागर हुआ है। CDO की जांच में यह भी पाया गया कि डिप्टी कलेक्टर की तीन सदस्यीय जांच समिति को आवश्यक अभिलेख उपलब्ध नहीं कराए गए, जांच में सहयोग नहीं किया गया और कई सरकारी रिकॉर्ड प्रस्तुत नहीं किए गए, जिसे गंभीर प्रशासनिक अनुशासनहीनता माना गया है। CDO की जांच रिपोर्ट में गबन की धनराशि की वसूली, दोषियों पर उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता के तहत प्रतिदिन 250 रुपये का जुर्माना लगाने, विभागीय कार्रवाई शुरू करने और चंद्रभूषण यादव को DPO पद से तत्काल हटाने की सिफारिश की गई है। गौरतलब है कि इससे पहले भी डिप्टी कलेक्टर की एक तीन सदस्यीय जांच समिति अपनी रिपोर्ट में DPO के खिलाफ गंभीर वित्तीय अनियमितताओं की पुष्टि कर चुकी थी। अब CDO की रिपोर्ट सामने आने के बाद सम्भल का यह मामला जिले के सबसे चर्चित भ्रष्टाचार मामलों में शामिल हो गया है।
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    सम्भल जिले में जिला प्रोबेशन अधिकारी (DPO) चंद्रभूषण यादव पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप मुख्य विकास अधिकारी (CDO) गोरखनाथ भट्ट की विस्तृत जांच में प्रथमदृष्टया सही पाए गए हैं। CDO ने अपनी रिपोर्ट जिलाधिकारी अंकित खंडेलवाल को सौंप दी है, जिसमें DPO चंद्रभूषण यादव और उनके संबद्ध लिपिक मोहित कुमार के खिलाफ कई गंभीर वित्तीय अनियमितताओं और सरकारी धन के दुरुपयोग की पुष्टि हुई है।

जांच रिपोर्ट के अनुसार, मिशन वात्सल्य, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, चाइल्ड हेल्पलाइन, मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना और विधवा पेंशन योजना सहित विभिन्न सरकारी योजनाओं में बड़े पैमाने पर वित्तीय गड़बड़ियां सामने आई हैं। आरोप है कि GeM पोर्टल पर फर्जी फर्मों के माध्यम से अनुबंध कर सरकारी धन का दुरुपयोग किया गया, जहाँ एक ही मोबाइल नंबर और ई-मेल आईडी से कई फर्मों का संचालन दिखाकर भुगतान किए गए। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि 'बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ' योजना के तहत बेबी किट बाजार मूल्य से अधिक कीमत पर खरीदी गईं, जबकि मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना में निर्धारित दरों से अधिक कीमत पर लैपटॉप खरीदे गए। चाइल्ड हेल्पलाइन और मिशन वात्सल्य में लगभग 60 लाख रुपये के सरकारी बजट के कथित गबन का मामला भी उजागर हुआ है। CDO की जांच में यह भी पाया गया कि डिप्टी कलेक्टर की तीन सदस्यीय जांच समिति को आवश्यक अभिलेख उपलब्ध नहीं कराए गए, जांच में सहयोग नहीं किया गया और कई सरकारी रिकॉर्ड प्रस्तुत नहीं किए गए, जिसे गंभीर प्रशासनिक अनुशासनहीनता माना गया है।

CDO की जांच रिपोर्ट में गबन की धनराशि की वसूली, दोषियों पर उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता के तहत प्रतिदिन 250 रुपये का जुर्माना लगाने, विभागीय कार्रवाई शुरू करने और चंद्रभूषण यादव को DPO पद से तत्काल हटाने की सिफारिश की गई है। गौरतलब है कि इससे पहले भी डिप्टी कलेक्टर की एक तीन सदस्यीय जांच समिति अपनी रिपोर्ट में DPO के खिलाफ गंभीर वित्तीय अनियमितताओं की पुष्टि कर चुकी थी। अब CDO की रिपोर्ट सामने आने के बाद सम्भल का यह मामला जिले के सबसे चर्चित भ्रष्टाचार मामलों में शामिल हो गया है।
    user_Mubarak Ali
    Mubarak Ali
    संभल, संभल, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
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