गाजीपुर के सैदपुर थाना पुलिस ने अपराध एवं अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत बड़ी सफलता हासिल करते हुए अपहरण के एक मामले में नाबालिग पीड़िता को सकुशल बरामद कर लिया है। इसके साथ ही, पुलिस टीम ने इस मामले में वांछित दो आरोपियों को भी गिरफ्तार करने में सफलता पाई है। इस पूरी कार्रवाई को महिला उपनिरीक्षक श्वेता कुमारी और सैदपुर पुलिस टीम ने सर्विलांस सेल के विशेष सहयोग से सफलतापूर्वक अंजाम दिया। पुलिस के अनुसार, दिनांक 15 जुलाई 2026 को महिला उपनिरीक्षक श्वेता कुमारी ने सर्विलांस सेल की मदद से चेकिंग के दौरान मु0अ0सं0 410/25 धारा 61(2), 137(2) बीएनएस से संबंधित इस नाबालिग पीड़िता को सुरक्षित बरामद किया। मौके से गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान सुमित (20 वर्ष) और राज (19 वर्ष) के रूप में हुई है। दोनों आरोपी नगीना के पुत्र हैं और ग्राम नारायनपुर ककरही, थाना सैदपुर के निवासी हैं। पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार दोनों आरोपियों के विरुद्ध संबंधित मुकदमे में अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है। इन आरोपियों का आपराधिक इतिहास भी दर्ज है और इनके विरुद्ध थाना सैदपुर में इसी प्रकरण से संबंधित मुकदमा पंजीकृत है।
गाजीपुर के सैदपुर थाना पुलिस ने अपराध एवं अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत बड़ी सफलता हासिल करते हुए अपहरण के एक मामले में नाबालिग पीड़िता को सकुशल बरामद कर लिया है। इसके साथ ही, पुलिस टीम ने इस मामले में वांछित दो आरोपियों को भी गिरफ्तार करने में सफलता पाई है। इस पूरी कार्रवाई को महिला उपनिरीक्षक श्वेता कुमारी और सैदपुर पुलिस टीम ने सर्विलांस सेल के विशेष सहयोग से सफलतापूर्वक अंजाम दिया। पुलिस के अनुसार, दिनांक 15 जुलाई 2026 को महिला उपनिरीक्षक श्वेता कुमारी ने सर्विलांस सेल की मदद से चेकिंग के दौरान मु0अ0सं0 410/25 धारा 61(2), 137(2) बीएनएस से संबंधित इस नाबालिग पीड़िता को सुरक्षित बरामद किया। मौके से गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान सुमित (20 वर्ष) और राज (19 वर्ष) के रूप में हुई है। दोनों आरोपी नगीना के पुत्र हैं और ग्राम नारायनपुर ककरही, थाना सैदपुर के निवासी हैं। पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार दोनों आरोपियों के विरुद्ध संबंधित मुकदमे में अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है। इन आरोपियों का आपराधिक इतिहास भी दर्ज है और इनके विरुद्ध थाना सैदपुर में इसी प्रकरण से संबंधित मुकदमा पंजीकृत है।
- मऊ के अछार मोहल्ले में रास्ता न बनने से नाराज काफी संख्या में महिलाओं ने जिला मुख्यालय स्थित कलेक्ट्रेट परिसर में पहुंचकर प्रदर्शन किया। पीड़ित महिलाओं ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर न्याय की गुहार लगाई है। महिलाओं का सीधा आरोप है कि इस समस्या को लेकर मुख्य राजस्व अधिकारी द्वारा उनकी कोई सुनवाई नहीं की जा रही है। महिलाओं का कहना है कि मोहल्ले में ही एक महिला के द्वारा रास्ता नहीं बनने दिया जा रहा है, जिसके कारण उन्हें पानी के बीच से गुजरने को मजबूर होना पड़ रहा है। इसी परेशानी से तंग आकर महिलाओं ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर विरोध प्रदर्शन किया।1
- उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के मेहनगर में सड़क न होने के कारण बारिश के समय बच्चों को स्कूल जाने में भारी समस्या का सामना करना पड़ रहा है। सड़क न होने की वजह से बरसात के मौसम में बच्चे स्कूल नहीं जा पाते हैं और उनके आने-जाने में बहुत दिक्कत होती है। बारिश के कारण लोग कहीं भी आ-जा नहीं पा रहे हैं।1
- उत्तर प्रदेश के गाजीपुर में 36 साल पुराने बहुचर्चित देवकली पम्प कैनाल कांड में एक बड़ा फैसला आया है। मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (एमपी-एमएलए) नूतन द्विवेदी की अदालत ने दोनों पक्षों की बहस और उपलब्ध साक्ष्यों पर सुनवाई के बाद पूर्व एमएलसी बृजेश सिंह को दोषमुक्त कर दिया है। अदालत द्वारा बुधवार को सुनाए गए इस फैसले के साथ ही बृजेश सिंह के खिलाफ चल रहा यह लंबा मुकदमा समाप्त हो गया है। यह पूरा मामला 3 दिसंबर 1990 का है, जब धर्ममरपुर स्थित देवकली पम्प कैनाल पर हुई एक घटना के बाद सैदपुर थाने में सरफराज अंसारी की तहरीर पर अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस की विवेचना के दौरान इस कांड में बृजेश सिंह, त्रिभुवन सिंह और विजयशंकर सिंह के नाम सामने आए थे, जिसके बाद पुलिस ने तीनों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया था। बाद में त्रिभुवन सिंह और विजयशंकर सिंह की याचिकाएं हाईकोर्ट में लंबित होने के कारण उनके मुकदमों को अलग कर दिया गया था, जबकि बृजेश सिंह का ट्रायल लगातार जारी रहा। इस मुकदमे के दौरान अभियोजन पक्ष ने बृजेश सिंह के खिलाफ अदालत में कुल 9 गवाह पेश किए थे। दोनों पक्षों की अंतिम बहस पूरी होने के बाद अदालत ने साक्ष्यों के आधार पर बृजेश सिंह को दोषमुक्त करार दिया।1
- उत्तर प्रदेश के मऊ जनपद के मुहम्मदाबाद गोहना स्थित किंग्स ईडन कॉलेज ऑफ़ नर्सिंग को भारतीय नर्सिंग परिषद (INC) दिल्ली की मान्यता मिल गई है। इस बड़ी उपलब्धि के बाद अब यहाँ के नर्सिंग छात्रों के लिए पूरे भारत समेत विदेशों में भी नौकरी के बेहतर अवसर खुल गए हैं। अब तक कॉलेज के पास भारतीय नर्सिंग परिषद की मान्यता न होने के कारण यहाँ से पढ़ाई करने वाले छात्रों को सिर्फ उत्तर प्रदेश के भीतर ही नौकरी मिल पाती थी, लेकिन अब उनका भविष्य और भी बेहतर और सुनहरा बनेगा। बलिया की रहने वाली छात्रा शालू सिंह ने बताया कि कॉलेज को INC की मंजूरी मिलने से यहाँ का एजुकेशन लेवल और सुविधाएं काफी बढ़ जाएंगी। इस मान्यता के बाद अब छात्रों को गवर्नमेंट हॉस्पिटल में काम करने का मौका मिलेगा और वे रेलवे की परीक्षाओं के साथ-साथ एयरफोर्स में पीसी नर्सिंग के जरिए आने वाली वैकेंसियों में भी भाग ले सकेंगे। इस कॉलेज का एक बड़ा फायदा यह भी है कि यहाँ पढ़ाई और बेहतर लैब के साथ-साथ प्रेमा मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल में प्रैक्टिकल ट्रेनिंग कराई जाती है। बीएससी नर्सिंग प्रथम वर्ष की छात्रा अंजलि ओझा का कहना है कि मान्यता मिलने से कॉलेज में वेल-एजुकेटेड फैकल्टी आएगी और अब यहाँ से मिलने वाला सर्टिफिकेट सीधे भारतीय नर्सिंग परिषद दिल्ली से अप्रूव्ड होगा। मध्यमवर्गीय परिवारों के छात्रों के लिए यह कॉलेज बेहद फायदेमंद साबित हो रहा है, क्योंकि यहाँ कम बजट और कम खर्च में बेहतर पढ़ाई की सुविधा दी जा रही है, जिससे छात्र आसानी से देश-विदेश के किसी भी सरकारी या प्राइवेट अस्पताल में अच्छी सैलरी वाली नौकरी पा सकेंगे।1
- चंदौली जिले की सकलडीहा तहसील की जिम्मेदारी एसडीएम आकांक्षा सिंह को सौंप दी गई है। जिम्मेदारी सौंपे जाने के बाद एसडीएम आकांक्षा सिंह ने अपना पदभार ग्रहण कर लिया है।1
- मऊ जनपद में जनता के साथ दुर्व्यवहार करने के आरोप में सरायलखंसी थानाध्यक्ष पर बड़ी गाज गिरी है। जनता से दुर्व्यवहार की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए अपर पुलिस अधीक्षक ने मामले का संज्ञान लिया और जांच के बाद संबंधित थानाध्यक्ष को लाइन हाजिर कर दिया। जांच में शिकायत सही पाए जाने पर थानाध्यक्ष के खिलाफ यह विभागीय और अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई है। पुलिस अधिकारियों ने सख्त लहजे में स्पष्ट किया है कि आम जनता के साथ अभद्र व्यवहार और कर्तव्यों में लापरवाही किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अधिकारियों के अनुसार, पुलिस की प्राथमिकता आमजन को सम्मानजनक और निष्पक्ष सेवा प्रदान करना है और दोषी कर्मियों पर आगे भी कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।1
- गाजीपुर के सैदपुर थाना पुलिस ने अपराध एवं अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत बड़ी सफलता हासिल करते हुए अपहरण के एक मामले में नाबालिग पीड़िता को सकुशल बरामद कर लिया है। इसके साथ ही, पुलिस टीम ने इस मामले में वांछित दो आरोपियों को भी गिरफ्तार करने में सफलता पाई है। इस पूरी कार्रवाई को महिला उपनिरीक्षक श्वेता कुमारी और सैदपुर पुलिस टीम ने सर्विलांस सेल के विशेष सहयोग से सफलतापूर्वक अंजाम दिया। पुलिस के अनुसार, दिनांक 15 जुलाई 2026 को महिला उपनिरीक्षक श्वेता कुमारी ने सर्विलांस सेल की मदद से चेकिंग के दौरान मु0अ0सं0 410/25 धारा 61(2), 137(2) बीएनएस से संबंधित इस नाबालिग पीड़िता को सुरक्षित बरामद किया। मौके से गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान सुमित (20 वर्ष) और राज (19 वर्ष) के रूप में हुई है। दोनों आरोपी नगीना के पुत्र हैं और ग्राम नारायनपुर ककरही, थाना सैदपुर के निवासी हैं। पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार दोनों आरोपियों के विरुद्ध संबंधित मुकदमे में अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है। इन आरोपियों का आपराधिक इतिहास भी दर्ज है और इनके विरुद्ध थाना सैदपुर में इसी प्रकरण से संबंधित मुकदमा पंजीकृत है।1