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छत्तीसगढ़ के सारंगढ़ जिले के सरिया क्षेत्र में स्थित भिखमपुरा गांव में आयोजित जन चौपाल के दौरान स्थानीय मीडिया ने प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से सारंगढ़ को रेल लाइन की सौगात मिलने के संबंध में प्रश्न किया। इस पर मुख्यमंत्री ने संक्षिप्त जवाब देते हुए कहा कि “इंतजार करो”। मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद, लोग अब यह सवाल उठा रहे हैं कि इस बहुप्रतीक्षित रेल लाइन के लिए उन्हें आखिर और कितना इंतजार करना पड़ेगा।
पत्रकारिकता
छत्तीसगढ़ के सारंगढ़ जिले के सरिया क्षेत्र में स्थित भिखमपुरा गांव में आयोजित जन चौपाल के दौरान स्थानीय मीडिया ने प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से सारंगढ़ को रेल लाइन की सौगात मिलने के संबंध में प्रश्न किया। इस पर मुख्यमंत्री ने संक्षिप्त जवाब देते हुए कहा कि “इंतजार करो”। मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद, लोग अब यह सवाल उठा रहे हैं कि इस बहुप्रतीक्षित रेल लाइन के लिए उन्हें आखिर और कितना इंतजार करना पड़ेगा।
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- छत्तीसगढ़ के सारंगढ़ जिले के सरिया क्षेत्र में स्थित भिखमपुरा गांव में आयोजित जन चौपाल के दौरान स्थानीय मीडिया ने प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से सारंगढ़ को रेल लाइन की सौगात मिलने के संबंध में प्रश्न किया। इस पर मुख्यमंत्री ने संक्षिप्त जवाब देते हुए कहा कि “इंतजार करो”। मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद, लोग अब यह सवाल उठा रहे हैं कि इस बहुप्रतीक्षित रेल लाइन के लिए उन्हें आखिर और कितना इंतजार करना पड़ेगा।1
- एक गरीब और असहाय परिवार को संत रामपाल जी महाराज का सहारा प्राप्त हुआ है। इस मदद से जुड़े पूरे विवरण को जानने के लिए दर्शक 'अन्नापूर्णा मुहिम' नामक यूट्यूब चैनल पर पूरी वीडियो देख सकते हैं।1
- एक पारिवारिक विवाद को सुलझाने की कोशिश रिश्तेदारों को भारी पड़ गई, जहाँ समझाइश से नाराज एक युवक ने उन पर बंदूक तान दी और गोली चला दी। इस घटना के बाद, पुलिस ने युवक को गिरफ्तार कर लिया है और उसे जेल भेज दिया है।1
- रायगढ़ जिले में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान "ऑपरेशन आघात" के तहत लैलूंगा पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने 5 जून को उड़ीसा से मध्य प्रदेश ले जाई जा रही लगभग 300 किलोग्राम गांजे की एक बड़ी खेप को जब्त कर तीन तस्करों को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई में लगभग 1 करोड़ 50 लाख रुपये मूल्य के गांजे के साथ-साथ परिवहन में प्रयुक्त दो लग्जरी वाहन और मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं, जिससे कुल जब्त संपत्ति का मूल्य लगभग 1 करोड़ 86 लाख रुपये आंका गया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह के निर्देशन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल कुमार सोनी एवं एसडीओपी धरमजयगढ़ सिद्धांत तिवारी के मार्गदर्शन में यह कार्रवाई की गई। पुलिस को सूचना मिली थी कि उड़ीसा के सोनपुर क्षेत्र से गांजा की यह बड़ी खेप दो सफेद रंग की कारों के माध्यम से अनूपपुर (मध्य प्रदेश) भेजी जा रही थी। सूचना की पुष्टि के बाद, एसएसपी सिंह ने लैलूंगा पुलिस को तत्काल विभिन्न मार्गों पर सघन नाकेबंदी करने के निर्देश दिए। कटकलिया मार्ग पर घेराबंदी के दौरान, पुलिस ने एक इनोवा और मारुति सुजुकी एक्सएल-6 कार को रोका। जांच में इनोवा क्रिस्टा में दो नंबर प्लेट लगी मिलीं, जिनमें OD-10-H-0050 के नीचे CG-13-BY-6540 अंकित था, जिससे संदेह गहरा गया। प्रभारी लैलूंगा उपनिरीक्षक गिरधारी साव ने इनोवा वाहन में बैठे युवक निखील कश्यप और मारुति सुजुकी एक्सएल-6 कार में सवार दो युवक रिंकु कश्यप तथा धर्मेन्द्र मौर्य को एनडीपीएस एक्ट के प्रावधानों की जानकारी देकर तलाशी ली। तलाशी के दौरान दोनों वाहनों से लगभग 300 किलोग्राम अवैध गांजा बरामद हुआ। जब्त गांजा की अनुमानित बाजार कीमत करीब 1 करोड़ 50 लाख रुपये है। पुलिस ने गांजे के साथ, परिवहन में प्रयुक्त इनोवा क्रिस्टा (लगभग 20 लाख रुपये), मारुति सुजुकी एक्सएल-6 (लगभग 14 लाख रुपये) और पांच मोबाइल फोन, जिनमें दो आईफोन शामिल हैं (लगभग 2 लाख रुपये), को भी जब्त किया है। गिरफ्तार आरोपियों में बलरामपुर के रामानुजगंज निवासी निखिल कश्यप (23), सरगुजा के दरिमा निवासी रिंकु कश्यप (28) और अनूपपुर (मध्य प्रदेश) के राजेन्द्रनगर निवासी धर्मेन्द्र कुमार मौर्य (27) शामिल हैं। पूछताछ में आरोपियों ने गांजा की यह खेप मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले में अपने सहयोगियों तक पहुंचाने की बात कबूल की है। थाना लैलूंगा में आरोपियों के विरुद्ध धारा 20(बी) और 29 एनडीपीएस एक्ट के तहत अपराध दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। मामले में फरार अन्य आरोपियों और पूरे तस्करी नेटवर्क का पता लगाने के लिए एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह के मार्गदर्शन में एक विशेष पुलिस टीम सरगुजा और अनूपपुर (मध्य प्रदेश) के लिए रवाना की गई है।2
- जांजगीर-चांपा जिले के थाना बिर्रा क्षेत्र के ग्राम करही में शुक्रवार को एक पुलिस सहायता केंद्र का भव्य शुभारंभ किया गया। इस केंद्र का मुख्य उद्देश्य बढ़ते अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाना और आमजन को त्वरित पुलिस सहायता उपलब्ध कराना है, जिससे क्षेत्र में कानून-व्यवस्था और शांति सुदृढ़ हो सके। अधिकारियों के अनुसार, यह पहल आमजन को त्वरित मदद सुनिश्चित करेगी और असामाजिक तत्वों में कानून का खौफ बढ़ाएगी। पुलिस अधीक्षक जांजगीर-चांपा, श्री विजय कुमार पाण्डेय (आईपीएस) ने विधिवत फीता काटकर इस केंद्र का उद्घाटन किया। इस अवसर पर शक्ति जिले के एसपी श्री प्रफुल्ल ठाकुर, जांजगीर के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री उमेश कुमार कश्यप, संयुक्त कलेक्टर शक्ति अरुण सोम के साथ बिर्रा सरपंच और करही सरपंच भी उपस्थित रहे। इनके अतिरिक्त क्षेत्र के जनप्रतिनिधि, अन्य सरपंच, पंचगण एवं बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक भी मौजूद थे। एसपी श्री पाण्डेय ने उद्घाटन के दौरान बताया कि अब ग्रामीणों को छोटी-बड़ी घटना की सूचना देने या पुलिस मदद के लिए थाना-चौकी तक नहीं जाना पड़ेगा। नए पुलिस सहायता केंद्र में 24 घंटे पुलिस बल की तैनाती रहेगी, ताकि आमजन को तत्काल सहायता मिल सके। ग्रामीणों ने पुलिस की इस पहल का स्वागत करते हुए इसे क्षेत्र के लिए एक बड़ी सौगात बताया है। शुभारंभ के बाद, एसपी जांजगीर-चांपा, शक्ति जिले के एसपी और एएसपी ने पुलिस सहायता केंद्र का निरीक्षण कर स्टाफ को जनता से संवेदनशील व्यवहार करने और हर शिकायत पर त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उल्लेखनीय है कि 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर जनप्रतिनिधियों एवं पुलिस अधिकारियों द्वारा इस पुलिस सहायता केंद्र परिसर में बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण भी किया गया।1
- कोरबा जिले से मिली जानकारी के अनुसार, एक युवक तालाब में नहाने गया था। इस दौरान उसकी डूबने से मृत्यु हो गई, जिसकी खबर सामने आई है।1
- बलौदाबाजार जिला मुख्यालय के समीपस्थ ग्राम बड़े भरसेला में पुरानी रंजिश के चलते बेल्ट और चाकू से जानलेवा हमला करने वाले दोनों मुख्य आरोपियों को पुलिस ने आखिरकार गिरफ्तार कर लिया है। 3 जून 2026 की रात एक ही गाँव में तीन गंभीर वारदातों को अंजाम देकर पुलिस को चुनौती देने वाले इन शातिर अपराधियों को 24 घंटे के भीतर सलाखों के पीछे पहुँचाया गया है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक (SP) श्री ओ.पी. शर्मा के कड़े रुख, मीडिया के भारी दबाव और ग्रामीणों के आक्रोश के बाद संभव हुई। दरअसल, 3 जून को वारदात के तुरंत बाद ग्रामीणों ने सिटी कोतवाली में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन शुरुआती पुलिसिया सुस्ती से नाराज़ होकर 4 जून को सैकड़ों ग्रामीणों ने एसपी कार्यालय का घेराव कर दिया। मीडिया में इस खबर के प्रमुखता से आने और ग्रामीणों के भारी आक्रोश को देखते हुए एसपी श्री ओम प्रकाश शर्मा ने स्वयं मामले का संज्ञान लिया और उनके कुशल निर्देशन में कोतवाली पुलिस ने तत्काल जाल बिछाकर दोनों नामजद आरोपियों को धर दबोचा। पुलिस द्वारा दी गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार, प्रार्थी रोमनाथ वर्मा की रिपोर्ट पर आरोपियों के खिलाफ अपराध क्र. 455/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 296, 351(2), 118(1), और 3(5) के तहत मामला दर्ज किया गया था। गवाहों के बयानों और गहन तफ्तीश के आधार पर पुलिस ने 20 वर्षीय बेदराम ध्रुव उर्फ बेदू और 19 वर्षीय महेंद्र पैकरा, दोनों निवासी ग्राम बड़े भरसेला, थाना सिटी कोतवाली को हिरासत में लिया। पूछताछ में दोनों आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। पुलिस ने उन्हें विधिवत गिरफ्तार कर लिया है और अब माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत करने की कानूनी प्रक्रिया जारी है। इस त्वरित गिरफ्तारी के बाद बड़े भरसेला गाँव के ग्रामीणों ने आखिरकार राहत की साँस ली है।1
- रायगढ़ जिले में पुलिस विभाग ने एक गंभीर शिकायत पर त्वरित कार्रवाई करते हुए करोड़ों की संपत्ति हड़पने के कथित आपराधिक षड्यंत्र का पर्दाफाश किया है। घरघोड़ा निवासी 41 वर्षीय पिंगल कुमार बघेल ने अपनी पत्नी, साले और ससुर के खिलाफ चोरी, धोखाधड़ी और आपराधिक षड्यंत्र का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई थी। एसडीओपी धरमजयगढ़ श्री सिद्धांत तिवारी द्वारा की गई जांच के आधार पर कल थाना घरघोड़ा में संबंधितों के विरुद्ध अपराध दर्ज किया गया है। पुलिस ने मामले में तेजी से कार्रवाई करते हुए आरोपी सीमा बघेल और उसके भाई कृष्ण कुमार यादव को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। शिकायतकर्ता पिंगल कुमार बघेल, जो फेब्रिकेशन, सेंट्रिंग और मीडिया से संबंधित कार्य करते हैं, ने बताया कि उनका विवाह वर्ष 2008 में श्रीमती सीमा यादव (सीमा बघेल) से हुआ था। व्यवसाय में आर्थिक उन्नति के बाद उनके ससुर भरतलाल यादव और साले कृष्ण कुमार यादव का उनके घर आना-जाना बढ़ गया। शिकायत के अनुसार, पिंगल कुमार बघेल अपनी व्यवसाय से अर्जित दैनिक राशि अपनी पत्नी सीमा बघेल को सुरक्षित रखने के लिए देते थे। वर्ष 2014 में उन्हें संदेह हुआ कि घर में उपलब्ध राशि उनके व्यवसाय से प्राप्त राशि के अनुपात में नहीं है। इसके बाद उन्होंने सीसीटीवी कैमरे लगवाकर निगरानी शुरू की, जिसमें पता चला कि उनकी पत्नी उनकी जानकारी के बिना अलमारी से रकम निकालकर अपने भाई कृष्ण कुमार यादव को दे रही थी। जांच के दौरान कृष्ण कुमार यादव के बैंक खाते में लगभग 22 लाख रुपये के लेन-देन पाए गए, जबकि वह बेरोजगार था। इसके अतिरिक्त, शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि वर्ष 2022 में उन्होंने तमनार क्षेत्र में अधिग्रहण योग्य भूमि खरीदने की योजना बनाई थी, जिस पर भविष्य में करोड़ों रुपये के मुआवजे और नौकरी मिलने की संभावना थी। इसी जानकारी का लाभ उठाते हुए, ससुर भरतलाल यादव, साले कृष्ण कुमार यादव और पत्नी सीमा बघेल ने मिलकर उन पर दबाव बनाया और लगभग 13 लाख 50 हजार रुपये की भूमि सीमा बघेल के नाम पर रजिस्ट्री करा ली। इसके बाद अन्य संपत्तियों को भी हड़पने के उद्देश्य से उन्हें लगातार मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया। एसडीओपी धरमजयगढ़ की विस्तृत जांच में यह प्रथम दृष्टया पाया गया कि आरोपी श्रीमती सीमा बघेल, कृष्ण कुमार यादव और भरतलाल यादव ने योजनाबद्ध तरीके से आवेदक को आर्थिक नुकसान पहुंचाने, उसकी रकम और संपत्ति पर अनुचित लाभ अर्जित करने तथा उसकी मेहनत की कमाई का गबन करने का प्रयास किया। जांच रिपोर्ट के आधार पर, 03 जून 2026 को थाना घरघोड़ा में अपराध क्रमांक 188/2026 धारा 61(2), 49, 318(4), 303(2), 316(2), 3(5) बीएनएस के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू की गई। थाना प्रभारी घरघोड़ा निरीक्षक कुमार गौरव साहू के नेतृत्व में, 04 जून 2026 को आरोपी सीमा बघेल (41 वर्ष) और कृष्ण कुमार यादव (39 वर्ष) को हिरासत में लेकर पूछताछ के बाद पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया। मामले में नामजद एक अन्य आरोपी की तलाश और गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है। एसएसपी शशि मोहन सिंह ने इस संबंध में सख्त संदेश देते हुए कहा है कि धोखाधड़ी, गबन और आपराधिक षड्यंत्र जैसे अपराधों में शामिल व्यक्तियों को कानून से बचने का मौका नहीं दिया जाएगा तथा पीड़ितों को न्याय दिलाना एवं आर्थिक अपराधों पर अंकुश लगाना उनकी प्राथमिकता है।2