गुरु पूर्णिमा पर श्रेष्ठ गुरुओं को किया नमन ******************** कुशलगढ़ जिला बांसवाड़ा राजस्थान रिपोर्टर धर्मेन्द्र कुमार सोनी विधा निकेतन माध्यमिक विद्यालय कुशलगढ़ में विधालय परिवार द्वारा गुरु पूर्णिमा उत्सव मनाया गया । विधालय के सांस्कृतिक प्रभारी रुपसिंह लबाना ने बताया कि गुरु पूर्णिमा के अवसर पर विधालय के भैय्या/ बहनों द्वारा श्रेष्ठ गुरुओं को नमन कर उनके व्यक्तित्व एवं कृतित्व को याद करते हुए जीवन में उतारने का संकल्प लिया गया । गुरु पूर्णिमा उत्सव में विधालय की बहन ईवानी चोहान,पायल देवदा, अंकिता मईडा, सतीश चारेल, आदि ने भारतीय संस्कृति के श्रेष्ठ गुरुओं एवं उनके आदर्श शिष्यों के जीवन की कहानियां प्रस्तुत की जीसमे रामकृष्ण परमहंस, स्वामी विरजान्द, दयानंद सरस्वती,समर्थ गुरु रामदास, आदर्श शिष्य एकलव्य एवं द्रोणाचार्य आदि । विधालय के आचार्य भवानी सिंह राठौड़, अभिराज सिंह, रुपसिंह लबाना,प्राची दीदी आदी ने भी गुरुजनों की आदर्श वाणी को आत्मसात कर जीवन की आने वाली चुनौतियां का डटकर मुकाबला करते हुए आगे बढ़ने का आह्वान किया । संस्था प्रधान दिग्पाल सिंह राठौड़ ने कहा की गुरुजनों के बताए सदमार्ग पर चलते हुए आगे बढ़ना चाहिए । गुरु हमेशा शिष्यों को उत्तरोत्तर आगे बढ़ते देखना चाहते हैं । कार्यक्रम का संचालन कक्षा दसवीं की बहिन मधुबाला लासुण ने किया और आभार खुशी फतरोड ने व्यक्त किया ।।
गुरु पूर्णिमा पर श्रेष्ठ गुरुओं को किया नमन ******************** कुशलगढ़ जिला बांसवाड़ा राजस्थान रिपोर्टर धर्मेन्द्र कुमार सोनी विधा निकेतन माध्यमिक विद्यालय कुशलगढ़ में विधालय परिवार द्वारा गुरु पूर्णिमा उत्सव मनाया गया । विधालय के सांस्कृतिक प्रभारी रुपसिंह लबाना ने बताया कि गुरु पूर्णिमा के अवसर पर विधालय के भैय्या/ बहनों द्वारा श्रेष्ठ गुरुओं को नमन कर उनके व्यक्तित्व एवं कृतित्व को याद करते हुए जीवन में उतारने का संकल्प लिया गया । गुरु पूर्णिमा उत्सव में विधालय की बहन ईवानी चोहान,पायल देवदा, अंकिता मईडा, सतीश चारेल, आदि ने भारतीय संस्कृति के श्रेष्ठ गुरुओं एवं उनके आदर्श शिष्यों के जीवन की कहानियां प्रस्तुत की जीसमे
रामकृष्ण परमहंस, स्वामी विरजान्द, दयानंद सरस्वती,समर्थ गुरु रामदास, आदर्श शिष्य एकलव्य एवं द्रोणाचार्य आदि । विधालय के आचार्य भवानी सिंह राठौड़, अभिराज सिंह, रुपसिंह लबाना,प्राची दीदी आदी ने भी गुरुजनों की आदर्श वाणी को आत्मसात कर जीवन की आने वाली चुनौतियां का डटकर मुकाबला करते हुए आगे बढ़ने का आह्वान किया । संस्था प्रधान दिग्पाल सिंह राठौड़ ने कहा की गुरुजनों के बताए सदमार्ग पर चलते हुए आगे बढ़ना चाहिए । गुरु हमेशा शिष्यों को उत्तरोत्तर आगे बढ़ते देखना चाहते हैं । कार्यक्रम का संचालन कक्षा दसवीं की बहिन मधुबाला लासुण ने किया और आभार खुशी फतरोड ने व्यक्त किया ।।
- ग्राम पंचायत सरोना तहसील कुशलगढ़ जिला बांसवाड़ा राज्य राजस्थान आज का न्यूज़ समाचार कृपया आज का समाचार न्यूज़ का बांसवाड़ा प्रतापगढ़ डूंगरपुर उदयपुर इन जिलों में जोरदार बारिश और तूफान हर जिलों में गिरेगी पढ़ कर आगे तक शेयर कीजिए1
- रात के अंधेरे मे वाहन धारियों से ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश आठ को किया गिरफ्तार एक आर्टिका कार को भी किया जब्त रात के अंधेरे मे वाहन धारियों से ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश आठ को किया गिरफ्तार एक आर्टिका कार को भी किया जब्त डी एस टी टीम ओर बिछिवाड़ा पुलिस ने सयुक्त कार्यवाही करते हुए गिरोह का पर्दाफाश किया । जिला पुलिस अधीक्षक मनीष कुमार को तीसरी आख के नंबर के जरिये सूचना मिली थी नेशनल हाइवे पर कुछ लोग रात को रेडियम पट्टी लगाने के नाम पर अवैध वसूली ओर ठगी कर रहे है । जिस पर पुलिस अधीक्षक ने तत्परता दिखाते हुए डी एस टी टीम ओर बिछिवाड़ा पुलिस को मोके पर रवाना किया। दोनो की सयुक्त कार्यवाही से गिरोह का पर्दाफाश हुआ। मामले मे पुलिस ने आठ जनो को गिरफ्तार किया एवं उनके कब्जे से रसीदे ओर नकदी बरामद की ओर एक आर्टिका कार को भी जब्त किया।1
- एक कविता...... कलम का सिपाही.1
- बेसहारा गौवंश की मौत, कार्रवाई की मांग समीपवर्ती गैंजी गांव में बेसहारा छोड़े गए गौवंश की समस्या एक बार फिर सामने आई है। समीपवर्ती गैंजी गांव में बेसहारा छोड़े गए गौवंश की समस्या एक बार फिर सामने आई है। गांव में पिछले तीन दिनों से एक गाय खेतों के पास गंभीर हालत में पड़ी थी। सूचना मिलने पर गांव के गौसेवकों, व्यापारी मंडल के सदस्यों एवं स्थानीय युवाओं ने तत्परता दिखाते हुए पशु चिकित्सक डॉ. बाबूलाल डेण्डोर को बुलाकर उपचार शुरू कराया। लगातार तीन दिनों तक ड्रिप, इंजेक्शन और अन्य उपचार किए गए, लेकिन गाय की हालत में सुधार नहीं हुआ। गाय को बचाने के लिए युवाओं ने पिकअप और लिफ्ट मशीन की सहायता से उसे खड़ा करने का भी प्रयास किया, लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद उसकी मौत हो गई। इसके बाद गांव के युवाओं, गौसेवकों और व्यापारी मंडल के सदस्यों ने मिलकर पूरे सम्मान के साथ गौवंश का अंतिम संस्कार किया। इस दौरान युवाओं ने आरोप लगाया कि कई पशुपालक दूध देना बंद होने के बाद गायों को बेसहारा छोड़ देते हैं। ये पशु सड़कों पर भटकते हैं, प्लास्टिक व कचरा खाने से बीमार हो जाते हैं और दुर्घटनाओं का भी कारण बनते हैं। युवाओं ने ग्राम पंचायत व प्रशासन से मांग की कि बेसहारा घूम रहे गौवंश के मालिकों की पहचान कर नोटिस दिए जाएं तथा पशु क्रूरता निवारण अधिनियम के तहत दोषियों पर कार्रवाई की जाए। साथ ही ऐसी गायों को गौशाला भेजने अथवा गांव में स्थायी गौशाला की व्यवस्था करने की मांग की। उन्होंने कहा कि समय रहते ठोस कदम उठाए जाएं तो गैंजी गांव गौ-संरक्षण का आदर्श बन सकता है।3
- रतलाम जिले के ग्राम ढोढर में अभी-अभी हवा के साथ जोरदार बारिश।1
- पशुपालकों की लापरवाही ने ली एक और गौमाता की जान दूध बंद होते ही सड़क पर छोड़ दी, तीन दिन तक जिंदगी की जंग लड़ती रही गाय; युवाओं ने बचाने की हर कोशिश की, आखिरकार तड़प-तड़पकर तोड़ा दम गैंजी में प्रशासन व पंचायत से सख्त कार्रवाई की मांग, बेसहारा गौवंश छोड़ने वालों पर पशु क्रूरता अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज करने की उठी आवाज सीमलवाड़ा। समीपवर्ती गैंजी गांव में बेसहारा गौवंश की उपेक्षा का एक बेहद संवेदनशील मामला सामने आया है। गांव में पिछले दो-तीन दिनों से एक गाय खेतों के समीप गंभीर रूप से बीमार अवस्था में पड़ी हुई थी। सूचना मिलने पर गांव के गौ-सेवकों, व्यापारी मंडल के सदस्यों और स्थानीय युवाओं ने मानवता का परिचय देते हुए गाय को बचाने का हरसंभव प्रयास किया, लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद गाय ने दम तोड़ दिया। जानकारी के अनुसार, गाय की हालत गंभीर होने पर युवाओं ने पशु चिकित्सक डॉ. बाबूलाल डेंडोर को मौके पर बुलाया। लगातार तीन दिनों तक गाय का उपचार किया गया। उसे ड्रिप लगाई गई, इंजेक्शन दिए गए और अन्य आवश्यक उपचार भी किए गए। जब गाय उठने की स्थिति में नहीं रही तो युवाओं ने पिकअप एवं लिफ्ट मशीन की सहायता से उसे खड़ा करने का भी प्रयास किया, ताकि उसकी जान बचाई जा सके। लेकिन बीमारी और कमजोरी इतनी अधिक थी कि आखिरकार गाय ने तड़पते हुए दम तोड़ दिया। गाय की मृत्यु के बाद गांव के युवाओं ने पूरी श्रद्धा और सम्मान के साथ उसका अंतिम संस्कार किया। इस दौरान ग्रामीणों में गहरा आक्रोश और दुःख देखने को मिला। ग्रामीणों का आरोप है कि कई पशुपालक जब तक गाय दूध देती है तब तक उसकी देखभाल करते हैं, लेकिन जैसे ही दूध देना बंद होता है, उसे सड़कों और खेतों में बेसहारा छोड़ दिया जाता है। यही बेसहारा गौवंश भूख और प्यास से भटकता रहता है, प्लास्टिक और कचरा खाने को मजबूर हो जाता है तथा धीरे-धीरे बीमारी और कुपोषण का शिकार होकर दम तोड़ देता है। ग्रामीणों ने कहा कि यह केवल पशु क्रूरता ही नहीं, बल्कि सामाजिक संवेदनहीनता का भी उदाहरण है। एक ओर देशभर में गाय को राष्ट्रीय गौमाता का दर्जा देने की मांग उठाई जाती है, गौ-सेवा और गौ-रक्षा की बातें की जाती हैं, वहीं दूसरी ओर दूध बंद होते ही उसी गाय को मरने के लिए बेसहारा छोड़ देना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और चिंताजनक है। ग्रामीणों ने यह भी बताया कि गांव और आसपास की सड़कों पर बड़ी संख्या में बेसहारा गौवंश घूमता रहता है। इससे आए दिन सड़क दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। कई बार दोपहिया और चारपहिया वाहन चालक इन पशुओं से टकराकर घायल हो चुके हैं। यदि समय रहते प्रभावी व्यवस्था नहीं की गई तो भविष्य में गंभीर हादसे हो सकते हैं। ग्रामीण युवाओं ने ग्राम पंचायत एवं स्थानीय प्रशासन से मांग की है कि गांव में बेसहारा घूम रहे गौवंश के वास्तविक मालिकों की पहचान कर उन्हें नोटिस जारी किए जाएं। जो लोग जानबूझकर अपने पशुओं को लावारिस छोड़ते हैं, उनके विरुद्ध पशु क्रूरता निवारण अधिनियम सहित अन्य प्रासंगिक कानूनी प्रावधानों के तहत सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही बेसहारा गौवंश को निकटवर्ती गौशालाओं में पहुंचाने की व्यवस्था की जाए तथा आवश्यकता होने पर गांव में स्थायी गौशाला स्थापित की जाए। ग्रामीणों का कहना है कि यदि पंचायत और प्रशासन इस दिशा में गंभीरता से कार्रवाई करें तो गैंजी गांव गौ-संरक्षण के क्षेत्र में पूरे क्षेत्र के लिए एक आदर्श उदाहरण बन सकता है। पशुपालकों के नाम संदेश गाय केवल दूध देने तक ही उपयोगी नहीं होती, बल्कि भारतीय संस्कृति, आस्था और मानवीय संवेदनाओं का प्रतीक मानी जाती है। इसलिए प्रत्येक पशुपालक का नैतिक और कानूनी दायित्व है कि वह अपने पशुओं की जीवनभर देखभाल करे। दूध बंद होने के बाद उन्हें बेसहारा छोड़ देना न केवल अमानवीय कृत्य है, बल्कि कानूनन भी अपराध की श्रेणी में आता है। यदि स्वयं पालन-पोषण संभव नहीं है तो संबंधित गौशाला या प्रशासन से संपर्क कर उचित व्यवस्था कराएं, लेकिन किसी भी हालत में गौवंश को सड़कों पर मरने के लिए न छोड़ें।4
- विपक्ष ने आज संसद में विरोध के दौरान एक शॉर्ट प्ले किया। सांसद पप्पू यादव पुजारी बनकर आए। राहुल गांधी ने भी चंदा दानपात्र में डाला और पुजारी अयोध्या सांसद के पैर छूते दिखाई दिए। फिर पुजारी बने पप्पू यादव दानपात्र लेकर भाग गए1
- ढोढर शनि मंदिर परिसर में विश्व मानव दुर्व्यापार विरोध दिवस आयोजित किया। ढोढर में विश्व मानव दुर्व्यापार निरोध दिवस पर पुलिस प्रशासन ने जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। डीआईजी निमिष अग्रवाल ने कहा कि मानव तस्करी जैसी समस्याओं का समाधान जन-जागरूकता से ही संभव है। एसपी अमित कुमार ने बाल श्रम, बाल यौन शोषण और बंधुआ मजदूरी की रोकथाम का संदेश देते हुए पुरानी पुलिस चौकी को यातायात चौकी के रूप में पुनर्जीवित करने तथा बच्चों के लिए लाइब्रेरी खोलने की घोषणा की। कार्यक्रम में एडिशनल एसपी विवेक कुमार लाल, एसडीओपी संदीप मालवीय, सीएसपी युवराज सिंह चौहान, नायब तहसीलदार भगवान सिंह ठाकुर, ढोढर पुलिस चौकी प्रभारी रघुवीर जोशी, माननखेड़ा पुलिस चौकी प्रभारी राजेश मालवीय, ढोढर सरपंच जगदीश माली, भाजपा जावरा ग्रामीण मंडल अध्यक्ष राजेंद्र सिंह देवड़ा, सरपंच गोपीचंद पाटीदार गोंदी धर्मसि, सरपंच प्रतिनिधि शांतिलाल धाकड़ मोयाखेड़ा, वरिष्ठ नेता प्रकाश सोलंकी परवलिया, सरपंच प्रतिनिधि यशवंत सिंह, आसपास थाना क्षेत्र के पुलिस अधिकारी एवं बड़ी संख्या में स्कूली छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।1