बांदा पुलिस ने मेडिकल कॉलेज में इलाज कराने आई एक महिला का खोया हुआ मोबाइल फोन महज 2 घंटे में ढूंढकर उसे सुरक्षित वापस कर दिया है। इस त्वरित और प्रभावशाली कार्रवाई के लिए बांदा पुलिस की जमकर सराहना की जा रही है। यह घटना 25 मई 2026 को हुई थी, जब तिंदवारा निवासी संगीता पत्नी विनोद मेडिकल कॉलेज इलाज के लिए आई थीं। इसी दौरान कॉलेज परिसर के आसपास कहीं उनका मोबाइल फोन गिर गया था। काफी खोजबीन के बाद भी जब फोन नहीं मिला, तो उन्होंने मेडिकल कॉलेज चौकी पर मदद मांगी। सूचना मिलते ही, एसपी पलाश बंसल के निर्देशन में चौकी प्रभारी वीरेन्द्र त्रिपाठी ने तत्काल एक टीम गठित की। टीम ने सीसीटीवी कैमरों और तकनीकी साक्ष्यों का इस्तेमाल करते हुए तेजी से कार्रवाई की। पुलिस की इस तत्परता के चलते मात्र 2 घंटे में मोबाइल फोन बरामद कर लिया गया और संगीता को सौंप दिया गया। अपना खोया फोन वापस पाकर संगीता बेहद खुश हुईं। उन्होंने पुलिस टीम को दिल से धन्यवाद देते हुए बांदा पुलिस की इस फुर्तीली कार्रवाई की खूब तारीफ की।
बांदा पुलिस ने मेडिकल कॉलेज में इलाज कराने आई एक महिला का खोया हुआ मोबाइल फोन महज 2 घंटे में ढूंढकर उसे सुरक्षित वापस कर दिया है। इस त्वरित और प्रभावशाली कार्रवाई के लिए बांदा पुलिस की जमकर सराहना की जा रही है। यह घटना 25 मई 2026 को हुई थी, जब तिंदवारा निवासी संगीता पत्नी विनोद मेडिकल कॉलेज इलाज के लिए आई थीं। इसी दौरान कॉलेज परिसर के आसपास कहीं उनका मोबाइल फोन गिर गया था। काफी खोजबीन के बाद भी जब फोन नहीं मिला, तो उन्होंने मेडिकल
कॉलेज चौकी पर मदद मांगी। सूचना मिलते ही, एसपी पलाश बंसल के निर्देशन में चौकी प्रभारी वीरेन्द्र त्रिपाठी ने तत्काल एक टीम गठित की। टीम ने सीसीटीवी कैमरों और तकनीकी साक्ष्यों का इस्तेमाल करते हुए तेजी से कार्रवाई की। पुलिस की इस तत्परता के चलते मात्र 2 घंटे में मोबाइल फोन बरामद कर लिया गया और संगीता को सौंप दिया गया। अपना खोया फोन वापस पाकर संगीता बेहद खुश हुईं। उन्होंने पुलिस टीम को दिल से धन्यवाद देते हुए बांदा पुलिस की इस फुर्तीली कार्रवाई की खूब तारीफ की।
- बांदा रेलवे स्टेशन से अगवा किए गए दो साल के एक मासूम बच्चे को पुलिस ने महज दो घंटे के भीतर सकुशल बरामद कर लिया है। बांदा से सुरेश साहू की रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस की त्वरित कार्रवाई के बाद बच्चा सुरक्षित अपने परिवार के पास पहुँच गया है।1
- बांदा पुलिस ने साइबर ठगों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए ठगी के शिकार एक व्यक्ति को उसके 5 लाख 60 हजार 822 रुपये वापस दिलाए हैं। पुलिस अधीक्षक पलाश बंसल के निर्देश पर साइबर क्राइम थाने की टीम ने यह सफलता हासिल की। कोतवाली नगर के मढ़ियानाका निवासी मुकेश कुमार पुत्र बृजलाल साइबर ठगों के जाल में फंस गए थे। ठगों ने उन्हें व्हाट्सएप कॉल के जरिए व्यापार में भारी मुनाफे का लालच दिया और 5.60 लाख रुपये से अधिक की ठगी कर ली। ठगी का एहसास होते ही पीड़ित मुकेश कुमार ने तुरंत साइबर क्राइम थाने में शिकायत दर्ज कराई। अपर पुलिस अधीक्षक/क्षेत्राधिकारी साइबर अपराध मेविस टॉक के नेतृत्व में साइबर थाने की टीम ने त्वरित तकनीकी जांच शुरू की। बैंक और पेमेंट गेटवे के साथ तत्काल समन्वय स्थापित करके, ठगी की गई पूरी रकम को होल्ड करा दिया गया। इस तत्परतापूर्ण कार्रवाई के चलते पीड़ित की 5,60,822 रुपये की पूरी धनराशि सुरक्षित रूप से उसके खाते में वापस आ गई। रुपये वापस मिलने पर मुकेश कुमार ने बांदा साइबर क्राइम पुलिस टीम का आभार व्यक्त किया और उनकी त्वरित कार्रवाई की सराहना की। बांदा पुलिस ने जनता से अपील की है कि किसी भी प्रकार की ऑनलाइन ठगी, फर्जी कॉल या संदिग्ध लेन-देन होने पर बिना देर किए साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या नजदीकी थाने/साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराएं। पुलिस का कहना है कि समय पर सूचना मिलने से ठगी गई रकम वापस मिलने की संभावना काफी बढ़ जाती है।2
- बुंदेलखंड इस समय भीषण गर्मी की चपेट में है, जहाँ जनपद बांदा में तापमान 48 डिग्री सेल्सियस तक पहुँच गया है। ऐसी झुलसा देने वाली गर्मी में जब लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो गया है, वहीं एक युवक ने खुद को लू और तेज धूप से बचाने के लिए एक अनोखा देसी जुगाड़ किया, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया है। शहर क्षेत्र के इस बाइक सवार युवक ने अपनी मोटरसाइकिल पर बांस और पेड़-पौधों की मदद से एक 'ग्रीन शेड' तैयार किया है। उसने बाइक के ऊपर बांस का ढाँचा बनाकर उसमें हरी पत्तियां और पौधे लगा दिए, ताकि चलते समय सीधी धूप उसके शरीर पर न पड़े। इसके साथ ही, उसने लू से बचने के लिए अपने चेहरे पर गमछा भी बाँध रखा था। स्थानीय लोगों के अनुसार, दोपहर में भीषण गर्मी के कारण सड़क पर निकलना बेहद मुश्किल हो गया है, जिससे रोजमर्रा के कामकाज के लिए बाहर निकलने वाले लोग अब गर्मी से बचने के लिए ऐसे ही अलग-अलग तरह के जुगाड़ अपनाने को मजबूर हैं। युवक का यह अनोखा प्रयोग अब पूरे बुंदेलखंड में चर्चा का विषय बन गया है।1
- हमीरपुर जिले के मौदहा कोतवाली क्षेत्र के ग्राम छिरका में एक विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जहाँ हिंदू-मुस्लिम एकता की एक अनूठी मिसाल देखने को मिली। इस कार्यक्रम में समाज के हर वर्ग और समुदाय के लोगों ने बड़ी संख्या में भाग लिया, जिससे आयोजन को सफलतापूर्वक संपन्न कराया जा सका। भंडारे के दौरान सिंह साहब, यादव जी, शर्मा जी सहित कई गणमान्य व्यक्तियों ने मुख्य भूमिका निभाई। बाबा जी यादव और नरेंद्र शर्मा की उपस्थिति विशेष चर्चा का विषय रही। ग्रामीणों ने ऐसे आयोजनों को समाज में भाईचारा और आपसी प्रेम मजबूत करने वाला बताया। कार्यक्रम में क्षेत्राधिकारी मौदहा, कोतवाली प्रभारी और एसडीएम मौदहा की कार्यशैली की भी सराहना की गई। आयोजकों ने इस बात पर ज़ोर दिया कि क्षेत्र में आपसी सौहार्द और भाईचारा बनाए रखना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। इस अवसर पर मानव अधिकार तहसील अध्यक्ष समेत कई सामाजिक कार्यकर्ता भी मौजूद थे। कार्यक्रम का समापन 'सबका साथ, सबका विकास' और 'जय संग विजय संग, जय मानव अधिकार' के नारों के साथ हुआ।2
- जो लोग घर बैठे काम करने के इच्छुक हैं, उनके लिए एक अवसर उपलब्ध है। इस अवसर के बारे में जानने या इसमें रुचि दिखाने के लिए, इच्छुक व्यक्ति दिए गए नंबर 9913082546 पर WhatsApp के माध्यम से 'YES' लिखकर भेज सकते हैं।1
- उत्तर प्रदेश के बाँदा रेलवे स्टेशन से एक मासूम बच्चे का अपहरण कर लिया गया था। पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए अपहृत बच्चे को सकुशल बरामद कर लिया है। इसके साथ ही, इस घटना को अंजाम देने वाले अपहरणकर्ता को भी गिरफ्तार कर लिया गया है।1
- हमीरपुर जिले के मौदहा कोतवाली इलाके के खंडेह गांव में एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहाँ तालाब में नहाने गए तीन बच्चों की डूबने से मौत हो गई। बच्चों के तालाब में डूबने की सूचना पर ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंचे और तीनों बच्चों को बाहर निकाला। इसके बाद ग्रामीणों ने बच्चों को डॉक्टर को दिखाया। मौदहा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में चिकित्सकों की टीम ने प्राथमिक उपचार के बाद तीनों बच्चों को मृत घोषित कर दिया। इस दुखद घटना के बाद बच्चों के परिजनों में गहरा हड़कंप मच गया है।4
- बांदा पुलिस ने मेडिकल कॉलेज में इलाज कराने आई एक महिला का खोया हुआ मोबाइल फोन महज 2 घंटे में ढूंढकर उसे सुरक्षित वापस कर दिया है। इस त्वरित और प्रभावशाली कार्रवाई के लिए बांदा पुलिस की जमकर सराहना की जा रही है। यह घटना 25 मई 2026 को हुई थी, जब तिंदवारा निवासी संगीता पत्नी विनोद मेडिकल कॉलेज इलाज के लिए आई थीं। इसी दौरान कॉलेज परिसर के आसपास कहीं उनका मोबाइल फोन गिर गया था। काफी खोजबीन के बाद भी जब फोन नहीं मिला, तो उन्होंने मेडिकल कॉलेज चौकी पर मदद मांगी। सूचना मिलते ही, एसपी पलाश बंसल के निर्देशन में चौकी प्रभारी वीरेन्द्र त्रिपाठी ने तत्काल एक टीम गठित की। टीम ने सीसीटीवी कैमरों और तकनीकी साक्ष्यों का इस्तेमाल करते हुए तेजी से कार्रवाई की। पुलिस की इस तत्परता के चलते मात्र 2 घंटे में मोबाइल फोन बरामद कर लिया गया और संगीता को सौंप दिया गया। अपना खोया फोन वापस पाकर संगीता बेहद खुश हुईं। उन्होंने पुलिस टीम को दिल से धन्यवाद देते हुए बांदा पुलिस की इस फुर्तीली कार्रवाई की खूब तारीफ की।2