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डोभी प्रखंड की बजौरा पंचायत स्थित मिस्त्रीटांड़ गांव में विश्व और मानव कल्याण की कामना को लेकर 24 घंटे का अखंड कीर्तन आयोजित किया गया। यह धार्मिक अनुष्ठान शनिवार को विधिवत पूजा-अर्चना के साथ शुरू हुआ था, जिसका समापन रविवार शाम करीब 4 बजे हवन-पूजन एवं पूर्णाहुति के साथ संपन्न हुआ। पूरे आयोजन के दौरान गांव का वातावरण भक्ति और श्रद्धा से सराबोर रहा और श्रद्धालु "जय श्री राम, जय-जय श्री राम" के संकीर्तन में भावविभोर होकर शामिल हुए। बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने कीर्तन में भाग लेकर सुख-समृद्धि और विश्व शांति की प्रार्थना की। इस कार्यक्रम को सफल बनाने में मुखी यादव, राजेश यादव, पूर्व मुखिया सुरेंद्र दास, अवधेश यादव, शंकर यादव तथा रामोतार साव सहित अन्य ग्रामीणों ने सक्रिय भूमिका निभाई, जबकि आचार्य अजय मिश्रा ने पूजन और पूर्णाहुति संपन्न कराई।
महेंद्र शर्मा
डोभी प्रखंड की बजौरा पंचायत स्थित मिस्त्रीटांड़ गांव में विश्व और मानव कल्याण की कामना को लेकर 24 घंटे का अखंड कीर्तन आयोजित किया गया। यह धार्मिक अनुष्ठान शनिवार को विधिवत पूजा-अर्चना के साथ शुरू हुआ था, जिसका समापन रविवार शाम करीब 4 बजे हवन-पूजन एवं पूर्णाहुति के साथ संपन्न हुआ। पूरे आयोजन के दौरान गांव का वातावरण भक्ति और श्रद्धा से सराबोर रहा और श्रद्धालु "जय श्री राम, जय-जय श्री राम" के संकीर्तन में भावविभोर होकर शामिल हुए। बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने कीर्तन में भाग लेकर सुख-समृद्धि और विश्व शांति की प्रार्थना की। इस कार्यक्रम को सफल बनाने में मुखी यादव, राजेश यादव, पूर्व मुखिया सुरेंद्र दास, अवधेश यादव, शंकर यादव तथा रामोतार साव सहित अन्य ग्रामीणों ने सक्रिय भूमिका निभाई, जबकि आचार्य अजय मिश्रा ने पूजन और पूर्णाहुति संपन्न कराई।
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- गया जी में केदारनाथ मार्केट के नाम पर चिन्हित क्षेत्र से बाहर सड़क पर ही वसूली किए जाने का मामला सामने आया है। ठेका मार्केट परिसर का होने के बावजूद खुलेआम सड़क पर की जा रही इस कथित अवैध वसूली को लेकर गया नगर निगम की व्यवस्था और भ्रष्टाचार पर बड़े सवाल खड़े हो रहे हैं। तय सीमा से बाहर जाकर की जा रही इस वसूली के खिलाफ जनता की आवाज बुलंद हो रही है और जवाबदेही तय करने की माँग की जा रही है।1
- गया में तिरंगा यात्रा की तैयारियों को लेकर दूसरी बैठक का आयोजन किया गया है। यह बैठक आगामी तिरंगा यात्रा की पूर्व तैयारियों और रूपरेखा को लेकर बुलाई गई।1
- बिहार में चल रहे छात्र विरोधी दमन के खिलाफ नेहा कल पटना आ रही हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा है कि जब तक साथियों की रिहाई नहीं हो जाती, तब तक यह जीत अधूरी है। सरकार के रवैये पर तीखा हमला बोलते हुए नेहा ने आरोप लगाया कि सरकार द्वारा छात्रों को दिया गया आश्वासन पूरी तरह झूठ है। इसी दमनकारी नीति के विरोध में उन्होंने कल पटना पहुँचने का ऐलान किया है।1
- कारगिल विजय दिवस के अवसर पर औरंगाबाद जिले के रफीगंज स्थित कारगिल शहीद गैस एजेंसी परिसर में रविवार रात 8 बजे "एक दीपक शहीदों के नाम" कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान रफीगंज के वीर सपूत शहीद शिवशंकर गुप्ता सहित देश के सभी अमर शहीदों की स्मृति में दीप प्रज्वलित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस कार्यक्रम में रफीगंज थानाध्यक्ष शंभू कुमार, एसआई मिथलेश कुमार, एएसआई राजीव कुमार, समाजसेवी गोपाल सिंह, शहीद के परिजन और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक शामिल हुए। उपस्थित सभी लोगों ने शहीदों के अदम्य साहस, वीरता और बलिदान को नमन करते हुए राष्ट्रसेवा का संकल्प दोहराया। कार्यक्रम के दौरान शहीद के छोटे भाई शिवदयाल प्रसाद गुप्ता ने कहा कि शहादत के बाद बिहार सरकार ने परिवार को पेंशन, रफीगंज में आवास के लिए पांच डिसमिल जमीन, परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी और किसी विद्यालय का नाम शहीद शिवशंकर गुप्ता के नाम पर रखने की घोषणा की थी। उन्होंने बताया कि अब तक इन घोषणाओं का पूर्ण लाभ परिवार को नहीं मिल सका है, जबकि वर्तमान में परिवार को गैस एजेंसी, मुआवजा और पेंशन का लाभ मिल रहा है।1
- बिहार के औरंगाबाद में प्रदर्शन के बाद जिला प्रशासन द्वारा 106 छात्र-छात्राओं के स्केच और फोटो जारी किए जाने पर सांसद अभय कुशवाहा ने कड़ा विरोध जताया है। उन्होंने इस कार्रवाई को अत्यंत निंदनीय बताते हुए सवाल उठाया कि जब देशव्यापी आंदोलन की मांगें मान ली गई हैं और एफआईआर वापस लेने के स्पष्ट निर्देश हैं, तो फिर प्रशासन यह कार्रवाई क्यों कर रहा है। औरंगाबाद सांसद अभय कुशवाहा ने जिला प्रशासन (डीएम और एसपी) से विनम्र आग्रह किया है कि छात्रों पर दर्ज एफआईआर और जारी की गई तस्वीरें अविलंब वापस ली जाएं ताकि उनका मनोबल न टूटे। उन्होंने चेतावनी दी कि युवाओं में सरकार की शिक्षा नीति के प्रति पहले से ही भारी रोष है, इसलिए प्रशासन इसे और न भड़काए। उन्होंने कहा कि आदरणीय श्री तेजस्वी प्रसाद यादव जी और पूरा विपक्ष छात्रों के भविष्य व उनके अधिकारों के लिए उनके साथ कदम से कदम मिलाकर खड़ा है। लोकतंत्र में शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन सबका अधिकार है और छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।1
- रफीगंज शहर के पाठक टोला में छत से गिरकर गंभीर रूप से घायल हुए स्वर्गीय कमलेश मिश्र के 45 वर्षीय पुत्र बबलू मिश्र की जमुहार मेडिकल कॉलेज अस्पताल में इलाज के दौरान शुक्रवार की रात मौत हो गई। उनकी मौत की खबर मिलते ही पूरे मोहल्ले में शोक की लहर दौड़ गई। बताया गया है कि बीते 21 जुलाई को बबलू मिश्र अपने घर की छत से गिर गए थे। इस हादसे में लोहे की रॉड उनके पेट में गहराई तक घुस गई थी, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए थे। दुर्घटना के बाद उन्हें प्राथमिक उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रफीगंज ले जाया गया, जहाँ चिकित्सकों ने गंभीर स्थिति को देखते हुए औरंगाबाद सदर अस्पताल रेफर कर दिया। वहाँ से बेहतर इलाज के लिए उन्हें जमुहार मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेजा गया, जहाँ इलाज के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली। शनिवार सुबह जैसे ही उनका शव घर पहुँचा, पूरे मोहल्ले में मातम छा गया और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। वे अपने पीछे दो पुत्रियों और एक पुत्र को छोड़ गए हैं। उनके निधन पर वैश्य समाज के प्रखंड संयोजक शंकर शौंडिक, राजकिशोर पाठक, उमापत मिश्र, मिथलेश मिश्र, बलिराम मिश्र, पिंटू कुमार, आशुतोष मिश्र, आलोक मिश्र, प्रकाश, सुभाष, श्रीराम मिश्र, कृष्णा पाठक, कौशलेंद्र मिश्र, महेंद्र मिश्र, संतोष कर्मचारी, प्रमोद दास, राजेश कुमार, विवेक सिंह, अशोक शौंडिक, बिरजू प्रसाद एवं अन्य लोगों ने गहरा शोक व्यक्त किया है।1
- भारत की स्वर्णिम बेटी मीराबाई चानू ने विश्व स्तर पर लगातार तीसरी बार देश के लिए स्वर्ण पदक जीतकर पूरे देश की आंखें गर्व, खुशी और भावुकता के आंसुओं से नम कर दी हैं। पदक पोडियम पर खड़े होकर राष्ट्रगान की धुन पर तिरंगा सबसे ऊंचा लहराते देखना हर देशवासी के लिए बेहद गौरवशाली क्षण बन गया है। जिला, मंडल और राज्य स्तर की प्रतियोगिताओं में भी हजारों प्रतिभाएं वर्षों की कड़ी मेहनत के बाद पदक से चूक जाती हैं। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय मंच पर लगातार तीन बार गोल्ड मैडल जीतना केवल एक उपलब्धि नहीं, बल्कि अटूट विश्वास, तपस्या, त्याग और अनुशासन की मिसाल है। इन आंसुओं के पीछे अनगिनत सुबहों की मेहनत, अनगिनत दर्द, ठोकरें और हर बार फिर से उठ खड़े होने का साहस छिपा है। जब तिरंगा सबसे ऊंचा लहराता है, तो यह जीत सिर्फ एक खिलाड़ी की नहीं, बल्कि 140 करोड़ भारतीयों के विश्वास की जीत होती है। मीराबाई चानू जैसी बेटियां हमें याद दिलाती हैं कि सपने तब सच होते हैं, जब उनके पीछे पूरा जीवन लगा दिया जाए। ऐसे चैंपियनों की सफलता पर केवल तालियां ही नहीं, बल्कि सम्मान भी उतना ही गूंजना चाहिए, क्योंकि यह पदक यूं ही नहीं मिलते, इनके पीछे किसी का पूरा जीवन खपा होता है। देश को मीराबाई चानू की इस स्वर्णिम सफलता पर गर्व है।1
- बिहार के गया में पुलिस ने भारी मात्रा में शराब के साथ दो शराब तस्करों को गिरफ्तार किया है।1