पहाड़ी में टीका मित्र प्रचार वाहन को हरी झंडी, गांव-गांव पहुंचाया जाएगा टीकाकरण जागरूकता का संदेश रिपोर्ट- बंशी लाल पहाड़ी, चित्रकूट। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहाड़ी के अधीक्षक डॉ. उदय प्रताप सिंह ने बच्चों एवं गर्भवती महिलाओं को टीकाकरण के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से टीका मित्र प्रचार वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह वाहन गांव-गांव पहुंचकर लोगों को निर्धारित समय पर टीकाकरण कराने के लिए जागरूक करेगा। इस अवसर पर अधीक्षक ने कहा कि बच्चों को जन्म से लेकर निर्धारित आयु तक सभी आवश्यक टीके लगवाना जरूरी है। टीकाकरण कार्यक्रम के अंतर्गत जन्म के समय, 6, 10 और 14 सप्ताह की आयु में तथा 9 से 12 माह और 16 से 24 माह की आयु में निर्धारित टीके लगाए जाते हैं। इसके अलावा पांच से छह वर्ष की आयु में डीपीटी बूस्टर तथा 10 और 16 वर्ष की आयु में टीडी का टीका लगाया जाता है। गर्भवती महिलाओं को भी निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार टीके लगाए जाते हैं। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि बच्चों का टीकाकरण कार्ड बनवाएं और सभी टीके निर्धारित समय पर लगवाएं। यदि कोई खुराक छूट गई है तो नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या आशा कार्यकर्ता से संपर्क करें। उन्होंने कहा कि समय पर संपूर्ण टीकाकरण बच्चों को कई गंभीर बीमारियों से बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। ‘पांच साल में सात बार, छूटे न टीका एक भी बार’ के संदेश के साथ स्वास्थ्य विभाग का यह अभियान ग्रामीण क्षेत्रों में टीकाकरण के प्रति जागरूकता बढ़ाने और प्रत्येक बच्चे को टीकाकरण का लाभ दिलाने के उद्देश्य से चलाया जा रहा है।
पहाड़ी में टीका मित्र प्रचार वाहन को हरी झंडी, गांव-गांव पहुंचाया जाएगा टीकाकरण जागरूकता का संदेश रिपोर्ट- बंशी लाल पहाड़ी, चित्रकूट। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहाड़ी के अधीक्षक डॉ. उदय प्रताप सिंह ने बच्चों एवं गर्भवती महिलाओं को टीकाकरण के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से टीका मित्र प्रचार वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह वाहन गांव-गांव पहुंचकर लोगों को निर्धारित समय पर टीकाकरण कराने के लिए जागरूक करेगा। इस अवसर पर अधीक्षक ने कहा कि बच्चों को जन्म से लेकर निर्धारित आयु तक सभी आवश्यक
टीके लगवाना जरूरी है। टीकाकरण कार्यक्रम के अंतर्गत जन्म के समय, 6, 10 और 14 सप्ताह की आयु में तथा 9 से 12 माह और 16 से 24 माह की आयु में निर्धारित टीके लगाए जाते हैं। इसके अलावा पांच से छह वर्ष की आयु में डीपीटी बूस्टर तथा 10 और 16 वर्ष की आयु में टीडी का टीका लगाया जाता है। गर्भवती महिलाओं को भी निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार टीके लगाए जाते हैं। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि बच्चों का टीकाकरण कार्ड बनवाएं और
सभी टीके निर्धारित समय पर लगवाएं। यदि कोई खुराक छूट गई है तो नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या आशा कार्यकर्ता से संपर्क करें। उन्होंने कहा कि समय पर संपूर्ण टीकाकरण बच्चों को कई गंभीर बीमारियों से बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। ‘पांच साल में सात बार, छूटे न टीका एक भी बार’ के संदेश के साथ स्वास्थ्य विभाग का यह अभियान ग्रामीण क्षेत्रों में टीकाकरण के प्रति जागरूकता बढ़ाने और प्रत्येक बच्चे को टीकाकरण का लाभ दिलाने के उद्देश्य से चलाया जा रहा है।
- पहाड़ी में टीका मित्र प्रचार वाहन रवाना, गांव-गांव पहुंचेगा टीकाकरण का संदेश पहाड़ी, चित्रकूट। सामुदायिकस्वास्थ्यकेंद्रपहाड़ी के अधीक्षक डॉ उदयप्रतापसिंह ने ‘टीका मित्र’ प्रचार वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। अभियान के जरिए ग्रामीण क्षेत्रों में बच्चों और गर्भवती महिलाओं को टीकाकरण के प्रति जागरूक किया जाएगा। डॉ. सिंह ने अभिभावकों से अपील की कि बच्चों को निर्धारित समय पर सभी जरूरी टीके लगवाएं। कोई खुराक छूटने पर नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या आशा कार्यकर्ता से संपर्क करें। संदेश: पांच साल में सात बार, छूटे न टीका एक भी बार!1
- पहाड़ी में टीका मित्र प्रचार वाहन को हरी झंडी, गांव-गांव पहुंचाया जाएगा टीकाकरण जागरूकता का संदेश रिपोर्ट- बंशी लाल पहाड़ी, चित्रकूट। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहाड़ी के अधीक्षक डॉ. उदय प्रताप सिंह ने बच्चों एवं गर्भवती महिलाओं को टीकाकरण के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से टीका मित्र प्रचार वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह वाहन गांव-गांव पहुंचकर लोगों को निर्धारित समय पर टीकाकरण कराने के लिए जागरूक करेगा। इस अवसर पर अधीक्षक ने कहा कि बच्चों को जन्म से लेकर निर्धारित आयु तक सभी आवश्यक टीके लगवाना जरूरी है। टीकाकरण कार्यक्रम के अंतर्गत जन्म के समय, 6, 10 और 14 सप्ताह की आयु में तथा 9 से 12 माह और 16 से 24 माह की आयु में निर्धारित टीके लगाए जाते हैं। इसके अलावा पांच से छह वर्ष की आयु में डीपीटी बूस्टर तथा 10 और 16 वर्ष की आयु में टीडी का टीका लगाया जाता है। गर्भवती महिलाओं को भी निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार टीके लगाए जाते हैं। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि बच्चों का टीकाकरण कार्ड बनवाएं और सभी टीके निर्धारित समय पर लगवाएं। यदि कोई खुराक छूट गई है तो नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या आशा कार्यकर्ता से संपर्क करें। उन्होंने कहा कि समय पर संपूर्ण टीकाकरण बच्चों को कई गंभीर बीमारियों से बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। ‘पांच साल में सात बार, छूटे न टीका एक भी बार’ के संदेश के साथ स्वास्थ्य विभाग का यह अभियान ग्रामीण क्षेत्रों में टीकाकरण के प्रति जागरूकता बढ़ाने और प्रत्येक बच्चे को टीकाकरण का लाभ दिलाने के उद्देश्य से चलाया जा रहा है।3
- *ब्रेकिंग न्यूज़ – मानिकपुर – 29/10/26* *दीपावली के पावन त्योहार पर CHC मानिकपुर के 51 संविदा कर्मियों को मिला वेतन कटौती का ‘क्रूर तोहफा’ – बिना नोटिस वेतन काटने पर फूटा आक्रोश* *स्थान: मानिकपुर, चित्रकूट – दिनांक: 29 अक्टूबर 2026* जहाँ एक ओर सरकार दीपावली के पावन पर्व पर सभी सरकारी और संविदा कर्मचारियों को समय से वेतन और बोनस देकर उनका त्योहार रोशन करने का दावा कर रही है, वहीं दूसरी ओर *सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) मानिकपुर के प्रशासन द्वारा एक बेहद असंवेदनशील और तानाशाही रवैया* सामने आया है। *CHC मानिकपुर में कार्यरत 51 संविदा कर्मचारियों का वेतन बिना किसी ठोस कारण और बिना कोई पूर्व नोटिस (Show Cause Notice) दिए जबरन काट दिया गया है।* अल्प मानदेय पर दिन-रात स्वास्थ्य सेवाएं देने वाले इन गरीब कर्मचारियों के घरों में दीपावली के त्योहार पर अंधेरा छाने की नौबत आ गई है। *कर्मचारियों का आरोप –* कर्मचारियों का आरोप है कि चिकित्सा अधिकारी प्रभारी (MOIC) द्वारा दुर्भावना और द्वेष भावना से ग्रसित होकर, बिना किसी प्रशासनिक जांच या स्पष्टीकरण का मौका दिए, एकतरफा कार्रवाई करते हुए *उपस्थिति रजिस्टर में हेरफेर किया गया और वेतन कटौती का यह ‘क्रूर तोहफा’ थमा दिया गया।* कर्मचारियों ने इसे प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों, श्रम नियमों और सरकारी आचरण नियमावली का खुला उल्लंघन बताया है। *कानूनी धाराओं के तहत कार्रवाई की मांग:* *1. भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 के तहत –* - *धारा 335(3) [शासकीय दस्तावेजों में हेरफेर / Falsification of Records]:* लोक सेवक द्वारा दुर्भावनापूर्ण उद्देश्य से उपस्थिति रजिस्टर में जानबूझकर गलत प्रविष्टि करना। - *धारा 61 [आपराधिक साजिश / Criminal Conspiracy]:* अल्पवेतन भोगी संविदा कर्मियों को प्रताड़ित करने और उनका आर्थिक शोषण करने के लिए सामूहिक रूप से रची गई साजिश। - *धारा 352 [मानसिक उत्पीड़न एवं जानबूझकर अपमान]:* त्योहार के समय कर्मचारियों को गंभीर मानसिक और आर्थिक आघात पहुँचाने के उद्देश्य से किया गया दुर्भावनापूर्ण कृत्य। *2. श्रम कानून एवं सेवा नियमावली का उल्लंघन –* *मजदूरी संदाय अधिनियम (Payment of Wages Act) एवं श्रम नियम:* किसी भी कर्मचारी (चाहे संविदा पर हो या स्थायी) का वेतन बिना किसी जांच, बिना ठोस आधार और बिना लिखित कारण बताए काटना पूरी तरह से अवैध और दंडात्मक अपराध है। पीड़ित कर्मचारियों ने जिलाधिकारी, सीएमओ चित्रकूट और शासन से उच्च स्तरीय जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई और काटा गया वेतन तुरंत वापस दिलाने की मांग की है। --- *– 29/10/26:* "मानिकपुर CHC में दीवाली पर 51 संविदा कर्मियों का वेतन काटा, बिना नोटिस कार्रवाई पर आक्रोश, कर्मचारियों ने लगाए हेरफेर और उत्पीड़न के आरोप" *रिपोर्ट* *पवन कुमार मिश्रा* *जन जागरण सन्देश* *मानिकपुर, चित्रकूट* *ब्रेकिंग न्यूज़ – मानिकपुर – 29/10/26* *दीपावली के पावन त्योहार पर CHC मानिकपुर के 51 संविदा कर्मियों को मिला वेतन कटौती का ‘क्रूर तोहफा’ – बिना नोटिस वेतन काटने पर फूटा आक्रोश* *स्थान: मानिकपुर, चित्रकूट – दिनांक: 29 अक्टूबर 2026* जहाँ एक ओर सरकार दीपावली के पावन पर्व पर सभी सरकारी और संविदा कर्मचारियों को समय से वेतन और बोनस देकर उनका त्योहार रोशन करने का दावा कर रही है, वहीं दूसरी ओर *सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) मानिकपुर के प्रशासन द्वारा एक बेहद असंवेदनशील और तानाशाही रवैया* सामने आया है। *CHC मानिकपुर में कार्यरत 51 संविदा कर्मचारियों का वेतन बिना किसी ठोस कारण और बिना कोई पूर्व नोटिस (Show Cause Notice) दिए जबरन काट दिया गया है।* अल्प मानदेय पर दिन-रात स्वास्थ्य सेवाएं देने वाले इन गरीब कर्मचारियों के घरों में दीपावली के त्योहार पर अंधेरा छाने की नौबत आ गई है। *कर्मचारियों का आरोप –* कर्मचारियों का आरोप है कि चिकित्सा अधिकारी प्रभारी (MOIC) द्वारा दुर्भावना और द्वेष भावना से ग्रसित होकर, बिना किसी प्रशासनिक जांच या स्पष्टीकरण का मौका दिए, एकतरफा कार्रवाई करते हुए *उपस्थिति रजिस्टर में हेरफेर किया गया और वेतन कटौती का यह ‘क्रूर तोहफा’ थमा दिया गया।* कर्मचारियों ने इसे प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों, श्रम नियमों और सरकारी आचरण नियमावली का खुला उल्लंघन बताया है। *कानूनी धाराओं के तहत कार्रवाई की मांग:* *1. भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 के तहत –* - *धारा 335(3) [शासकीय दस्तावेजों में हेरफेर / Falsification of Records]:* लोक सेवक द्वारा दुर्भावनापूर्ण उद्देश्य से उपस्थिति रजिस्टर में जानबूझकर गलत प्रविष्टि करना। - *धारा 61 [आपराधिक साजिश / Criminal Conspiracy]:* अल्पवेतन भोगी संविदा कर्मियों को प्रताड़ित करने और उनका आर्थिक शोषण करने के लिए सामूहिक रूप से रची गई साजिश। - *धारा 352 [मानसिक उत्पीड़न एवं जानबूझकर अपमान]:* त्योहार के समय कर्मचारियों को गंभीर मानसिक और आर्थिक आघात पहुँचाने के उद्देश्य से किया गया दुर्भावनापूर्ण कृत्य। *2. श्रम कानून एवं सेवा नियमावली का उल्लंघन –* *मजदूरी संदाय अधिनियम (Payment of Wages Act) एवं श्रम नियम:* किसी भी कर्मचारी (चाहे संविदा पर हो या स्थायी) का वेतन बिना किसी जांच, बिना ठोस आधार और बिना लिखित कारण बताए काटना पूरी तरह से अवैध और दंडात्मक अपराध है। पीड़ित कर्मचारियों ने जिलाधिकारी, सीएमओ चित्रकूट और शासन से उच्च स्तरीय जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई और काटा गया वेतन तुरंत वापस दिलाने की मांग की है। --- *– 29/10/26:* "मानिकपुर CHC में दीवाली पर 51 संविदा कर्मियों का वेतन काटा, बिना नोटिस कार्रवाई पर आक्रोश, कर्मचारियों ने लगाए हेरफेर और उत्पीड़न के आरोप" *रिपोर्ट* *पवन कुमार मिश्रा* *जन जागरण सन्देश* *मानिकपुर, चित्रकूट*3
- सतना में कोई रिश्ता नहीं करना चाहता" — बदहाली पर भड़के विधायक सिद्धार्थ कुशवाहा सतना नगर निगम परिषद की बैठक में विधायक सिद्धार्थ कुशवाहा ने शहर की दुर्दशा पर तीखा हमला बोला। उन्होंने तल्ख लहजे में कहा कि निगम ने शहर की ऐसी हालत कर दी है कि अब लोग सतना में रिश्ता तक नहीं करना चाहते। चारों तरफ गंदगी की बदबू फैल चुकी है भाजपा महापौर के झूठ का गुब्बारा नगर निगम में जाकर फोड़ा*1
- परसौली न्याय पंचायत के अंतर्गत ग्राम पंचायत दतौरा मे उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा बाँदा बबेरू कमासिन रोड के चौडीकरण एव सुंदरीकरण परसौली न्याय पंचायत के अंतर्गत ग्राम पंचायत दतौरा मे उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा बाँदा बबेरू कमासिन रोड के चौडीकरण एव सुंदरीकरण के साथ जुड़े हुए गाँव की रोड़ों का नवीनीकरण के साथ डामरीकरण से बबेरू कमासिन के सेंटर पर ग्राम पंचायत दतौरा परसौली संपर्क मार्ग पी डब्ल्यू रोड का नवीनीकरण के साथ डामरीकरण का कार्य प्रगति पर है सभी ग्रामवासियो ने उत्तर प्रदेश सरकार के इस पहल का कोटि कोटि आभार एव वंदन किया है ग्रामीणों का कहना है की धान की फ़सल की कटाई शुरू हो गई ऐसे मे इस बार अधिक बारिश से रोड खराब हो गईं थी जिनका नवीनीकरण जरूरी है ग्रामीणों ने सरकार के इस कदम को गाँव गरीब का आवागमन को सुगम सरल बनाने के संकल्प के साथ उत्तर प्रदेश सरकार के साथ है जिम्मेदार ग्रामीण सरकार से अपील की है की गाँव की रोड तो ठीक है लेकिन गाँव के विद्यालय मे कयाकल्प जैसी खूबसूरत योजना भरस्टाचार की भेंट चढ़ गई पंचायत भवन (सचिवालय ) नवीनीकरण सुंदरीकरण अभी आधुनिक सुविधाओं के लिए तरस रहे है इनकी ऒर भी ध्यान दिया जाये4
- अरब सागर में मिली नई इलेक्ट्रिक मछली 😱🇮🇳महासागर में इस वंश का पहला पुष्ट रिकॉर्ड है। भारतीय वैज्ञानिकों ने अरब सागर की गहराइयों में इलेक्ट्रिक रे की नई प्रजाति Tetronarce ramanamurthyi की पहचान की है। यह उत्तरी हिंद महासागर में इस वंश का पहला पुष्ट रिकॉर्ड है।1
- 2. Instagram Reels / YouTube Shorts कैप्शन (शॉर्ट व वायरल) कोतवाली से 500 मीटर दूर रातभर चले कटर और हथौड़े! 🚨🔓 6 ताले कटे, 3 अलमारियां तोड़ीं... लाखों के जेवर लेकर चोर रफूचक्कर! पुलिस की रात्रि गश्त पर उठे गंभीर सवाल! ⚠️🚔 पूरी ग्राउंड रिपोर्ट देखने के लिए चैनल को सब्सक्राइब करें। #AbhayTV #ChitrakootNews #BreakingNews #CrimeAlert #TheftCase #KotwaliChitrakoot #NightPatrol #ReelsIndia #ViralReels #UPNews2
- Mohammed Parvez: 🔴 चित्रकूट: सुबह बच्चों को जगाकर स्कूल गए शिक्षक की नीम के पेड़ पर लटकी मिली लाश! खुदकुशी या कोई गहरा राज? चित्रकूट के बहिलपुरवा थाना क्षेत्र अंतर्गत लोहसरिया पुरवा गांव में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब श्री सीताराम अनुसूचित पूर्व माध्यमिक विद्यालय के सहायक अध्यापक 42 वर्षीय तेज बहादुर वर्मा का शव विद्यालय परिसर के बगल में नीम के पेड़ पर फंदे से लटकता मिला। सवालों के घेरे में मौत: परिजनों के मुताबिक, तेज बहादुर सुबह अपने बच्चों को पढ़ाई के लिए जगाकर खुद सामान्य दिनों की तरह स्कूल गए थे। विद्यालय का संचालन उनके पिता के हाथों में था, लिहाजा पूरी जिम्मेदारी तेज बहादुर ही संभालते थे। लेकिन दोपहर तक जब वे घर नहीं लौटे, तो खोजबीन के दौरान स्कूल के पास उनका शव फंदे से झूलता मिला। हंसते-खेलते शिक्षक की इस रहस्यमयी मौत ने कई अनसुलझे सवाल खड़े कर दिए हैं—क्या यह आत्महत्या है या इसके पीछे कोई सोची-समझी साजिश? मृतक अपने पीछे तीन मासूम बच्चों को छोड़ गए हैं (10वीं की बेटी, 7वीं का बेटा और महज 1 साल का दुधमुंहा मासूम)। परिवार के अकेले कमाऊ सहारे की मौत के बाद अब इन मासूमों का भरण-पोषण कैसे होगा? बहिलपुरवा पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। 📌 सच्ची, निष्पक्ष और बेबाक खबरों के लिए अभय TV को फॉलो व सब्सक्राइब करें। #ChitrakootNews #BreakingNews #AbhayTV #BahilpurwaPolice #TeacherDeathMystery #LohsariyaPurwa #SuspiciousDeath #JusticeForTejBahadur #CrimeAlert #ForensicReport #UPPolice #GroundReport #UPNews #TrendingNow #ViralVideo एंगेजमेंट बढ़ाने वाले पिन किए गए कमेंट्स (Pinned Comment Options) विकल्प 1 (पुलिस जांच और निष्पक्षता पर सवाल): 💬 जनता का सवाल: हंसते-खेलते शिक्षक का शव स्कूल के पास फंदे से मिलना क्या महज खुदकुशी है, या इसके पीछे कोई गहरा राज छिपा है? क्या पुलिस को इसकी हर एंगल से जांच करनी चाहिए? अपनी राय कमेंट में बेबाकी से दर्ज करें। 👇 विकल्प 2 (मासूम बच्चों के भविष्य और मदद पर सवाल): 💬 बड़ा सवाल: घर का इकलौता कमाऊ सहारा छिन गया और 1 साल के दुधमुंहे समेत तीन मासूम अनाथ हो गए। प्रशासन और समाज को इस पीड़ित परिवार के लिए क्या कदम उठाने चाहिए? अपने विचार साझा करें। ✍️2