ग्राम पंचायत सारसोप में प्रशासन द्वारा बरसात के मौसम को ध्यान में रखते हुए नालों की सफाई और सड़क किनारे उगे बबूल के पेड़ों को हटाने का अभियान चलाया जा रहा है। यह पहल मुख्य रूप से वर्षा के दौरान होने वाली जलभराव की समस्या से लोगों को राहत दिलाने और सड़कों पर सुचारु यातायात सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की जा रही है। अभियान के तहत, जेसीबी मशीनों की मदद से मुख्य नालों में जमा गाद और कचरा हटाया जा रहा है। इसके साथ ही, सड़कों पर फैल चुके बबूल के पेड़ों और झाड़ियों की कटाई भी की जा रही है, ताकि दुर्घटनाओं का खतरा कम हो और वाहनों की आवाजाही में कोई बाधा न आए। ग्रामीणों ने प्रशासन की इस पहल का स्वागत करते हुए कहा है कि समय रहते किए गए इन सफाई कार्यों से बरसात में काफी राहत मिलेगी। प्रशासन ने बताया कि यह अभियान गांव के अन्य क्षेत्रों में भी लगातार जारी रहेगा, जिसका लक्ष्य पूरे गांव को स्वच्छ, सुरक्षित और व्यवस्थित बनाना है।
ग्राम पंचायत सारसोप में प्रशासन द्वारा बरसात के मौसम को ध्यान में रखते हुए नालों की सफाई और सड़क किनारे उगे बबूल के पेड़ों को हटाने का अभियान चलाया जा रहा है। यह पहल मुख्य रूप से वर्षा के दौरान होने वाली जलभराव की समस्या से लोगों को राहत दिलाने और सड़कों पर सुचारु यातायात सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की जा रही है। अभियान के तहत, जेसीबी मशीनों की मदद से मुख्य नालों में जमा गाद और कचरा हटाया जा रहा है। इसके साथ
ही, सड़कों पर फैल चुके बबूल के पेड़ों और झाड़ियों की कटाई भी की जा रही है, ताकि दुर्घटनाओं का खतरा कम हो और वाहनों की आवाजाही में कोई बाधा न आए। ग्रामीणों ने प्रशासन की इस पहल का स्वागत करते हुए कहा है कि समय रहते किए गए इन सफाई कार्यों से बरसात में काफी राहत मिलेगी। प्रशासन ने बताया कि यह अभियान गांव के अन्य क्षेत्रों में भी लगातार जारी रहेगा, जिसका लक्ष्य पूरे गांव को स्वच्छ, सुरक्षित और व्यवस्थित बनाना है।
- ग्राम पंचायत सारसोप में प्रशासन द्वारा बरसात के मौसम को ध्यान में रखते हुए नालों की सफाई और सड़क किनारे उगे बबूल के पेड़ों को हटाने का अभियान चलाया जा रहा है। यह पहल मुख्य रूप से वर्षा के दौरान होने वाली जलभराव की समस्या से लोगों को राहत दिलाने और सड़कों पर सुचारु यातायात सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की जा रही है। अभियान के तहत, जेसीबी मशीनों की मदद से मुख्य नालों में जमा गाद और कचरा हटाया जा रहा है। इसके साथ ही, सड़कों पर फैल चुके बबूल के पेड़ों और झाड़ियों की कटाई भी की जा रही है, ताकि दुर्घटनाओं का खतरा कम हो और वाहनों की आवाजाही में कोई बाधा न आए। ग्रामीणों ने प्रशासन की इस पहल का स्वागत करते हुए कहा है कि समय रहते किए गए इन सफाई कार्यों से बरसात में काफी राहत मिलेगी। प्रशासन ने बताया कि यह अभियान गांव के अन्य क्षेत्रों में भी लगातार जारी रहेगा, जिसका लक्ष्य पूरे गांव को स्वच्छ, सुरक्षित और व्यवस्थित बनाना है।2
- राजस्थान के चौथ का बरवाड़ा स्थित बासड़ा गांव में एक पैंथर 80 फीट गहरे कुएं में गिर गया। इस घटना की जानकारी मिलते ही ग्रामीणों ने तत्काल वन विभाग को इसकी सूचना दी।1
- सवाई माधोपुर जिले के चौथ का बरवाड़ा क्षेत्र के बासड़ा गांव में एक तेंदुआ कुएं में गिर गया, जिसकी जानकारी गांव की महिलाओं ने दी। महिलाओं ने पहले जंगली जानवर की आवाज सुनी और फिर गांव वालों को इसकी सूचना दी, जिसके बाद कुएं में देखने पर तेंदुआ दिखाई दिया। घटना की सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम तुरंत मौके पर पहुंची। टीम ने करीब एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद तेंदुए को कुएं से सुरक्षित बाहर निकाला और उसे जंगल में छोड़ दिया।1
- पूरे राजस्थान में आज, 2 जुलाई से 15 दिवसीय विशेष हेलमेट जागरूकता एवं प्रवर्तन अभियान शुरू हो गया है। यह अभियान 16 जुलाई तक चलेगा, जिसके तहत अब सिर्फ बाइक चलाने वाले ही नहीं, बल्कि पीछे बैठने वाले व्यक्ति के लिए भी हेलमेट पहनना अनिवार्य कर दिया गया है। इस अभियान के दौरान हेलमेट नियमों का पालन न करने वालों को मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है। यह जानकारी एक वीडियो के माध्यम से दी गई है, जिसमें अभियान से संबंधित सभी महत्वपूर्ण विवरण शामिल हैं।1
- राजस्थान में मानसून ने अपनी उपस्थिति दर्ज करा दी है, जो अब प्रदेश की सीमा तक पहुंच चुका है।1
- राज्य सरकार के निर्देश पर, टोंक की देवली ग्राम पंचायत में आमजन को त्वरित राहत पहुँचाने के उद्देश्य से एक जन सेवा शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में ब्लॉक स्तर के 20 विभिन्न विभागों ने अपनी सहभागिता सुनिश्चित की, जिससे बड़ी संख्या में ग्रामीणों को लाभ मिला। शिविर प्रभारी धर्मेंद्र तसेरा के अनुसार, विभिन्न विभागों ने यहाँ तत्परता दिखाते हुए आमजन की समस्याओं का मौके पर ही निस्तारण किया। राजस्व विभाग ने 166 से अधिक दस्तावेजों में शुद्धि की, साथ ही 74 नामांतरण और 8 बंटवारे संबंधी प्रकरणों का समाधान किया। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने 50 से अधिक लोगों की जाँच की और चल (मोबाइल) एक्स-रे मशीन के माध्यम से 100 से अधिक लोगों के एक्स-रे किए। इसके अलावा, पंचायत राज विभाग द्वारा 5 पट्टे वितरित किए गए, वहीं पशुपालन विभाग ने 33 मंगला पशु बीमा किए। इस महत्वपूर्ण शिविर में स्थानीय प्रशासन की सक्रिय भूमिका रही, जिसमें विकास अधिकारी शंकर लाल मेघवाल, नायब तहसीलदार रामप्रशाद मीना, गिरदावर सरिता यादव, स्टेटिक्स विभाग के सौरभ अवस्थी, महिला अधिकारिता के नरेश मीना सहित PEEO हरिपाल मीना, PHED JEN भूपेंद्र सैनी, समाज कल्याण विभाग से इकलेश गौतम, ICDS सुपरवाइजर किरण मीना, वैध राधेश्याम स्वर्णकार, VDO राघव, बलवीर सिंह, पशुपालन नोडल अधिकारी हरीश कुमार मीना, नर्सिंग ऑफिसर पूजा शर्मा, सहायक प्रबंधक राजस्थान मरुधरा ग्रामीण बैंक के लोकेस शर्मा, पटवारी रामवतार मीना, धर्मराज और साथिन मल्लों जैसे ब्लॉक स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे। उपस्थित अधिकारियों ने ग्रामीणों की समस्याओं को सुना और उनके निराकरण के लिए आवश्यक निर्देश दिए। इस जन सेवा शिविर के सफल आयोजन से ग्रामीणों में काफी उत्साह देखा गया, क्योंकि उन्हें एक ही छत के नीचे विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ मिलने से बड़ी राहत मिली।1
- उनियारा शहर के वार्ड नंबर 19 से गुजरने वाला मुख्य नाला जगह-जगह से अवरुद्ध हो गया है, जिसके कारण नालियों का पानी नाले में नहीं जा पा रहा है। इस स्थिति के चलते हल्की बरसात से ही मोहल्ले में पानी भर जाता है, और यह समस्या विशेष रूप से छत्तरियों के पास आए दिन बनी रहती है। स्थानीय निवासियों ने नगर पालिका प्रशासन से इस संबंध में कई बार शिकायत की है। हालांकि, प्रशासन ने नाला बनने के बाद से अब तक एक बार भी इसकी पूर्ण रूप से सफाई नहीं करवाई है। यदि यही स्थिति बनी रही, तो पानी की उचित निकासी न होने से भविष्य में बाजार और मोहल्ले दोनों में बड़े पैमाने पर जलभराव की आशंका है।2
- चौथ का बरवाड़ा के ग्राम कुस्तला में गहराते पेयजल संकट से ग्रामीणों का धैर्य जवाब देने लगा है। स्थिति यह है कि महिलाओं को प्रतिदिन सिर पर मटके रखकर दूर-दराज से पानी लाने को मजबूर होना पड़ रहा है। दो दिन पहले, पानी की भीषण समस्या से त्रस्त महिलाओं ने पानी की टंकी पर चढ़कर विरोध प्रदर्शन किया था, जिसके बाद जलदाय विभाग ने बेहतर जलापूर्ति का आश्वासन दिया था। हालांकि, इस आश्वासन के बावजूद गाँव में अब तक हालात नहीं सुधरे हैं। गाँव के मुख्य बाजार, शिव विहार कॉलोनी, आदर्श कॉलोनी, जाट मोहल्ला और कोली मोहल्ला सहित कई क्षेत्रों में पानी की आपूर्ति प्रभावित है। ग्रामीणों का आरोप है कि विभाग लीकेज ठीक करने और व्यवस्था सुधारने के बड़े-बड़े दावे कर रहा है, जबकि ज़मीनी स्तर पर पानी की समस्या ज्यों की त्यों बनी हुई है और कोई सुधार देखने को नहीं मिला है। महिलाओं ने अपनी परेशानी बताते हुए कहा कि पानी की कमी के चलते उनके घर-गृहस्थी के काम बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं और उन्हें घंटों तक पानी की तलाश में भटकना पड़ता है। ग्रामीणों ने प्रशासन से इस गंभीर मुद्दे का तत्काल समाधान करने की मांग की है और चेतावनी दी है कि यदि समस्या का निराकरण नहीं किया गया, तो वे एक बार फिर बड़ा आंदोलन शुरू करेंगे।1