विश्व पर्यावरण दिवस के उपलक्ष्य में शाहपुरा के राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय कुंड गेट में हरित पर्यावरण संवर्धन संस्थान द्वारा एक पौधारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर कार्यक्रम में उपस्थित सभी व्यक्तियों ने 'एक पेड़ मां के नाम' लगाने का संकल्प लिया। इस दौरान, अतिरिक्त मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी डॉ. सत्यनारायण कुमावत ने प्रकृति संरक्षण की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वर्तमान आधुनिक युग में प्रकृति का संतुलन बनाए रखने के लिए अधिक से अधिक पौधे लगाना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने प्रकृति को मानव संस्कृति और जीव-जंतुओं के लिए देवतुल्य भी बताया। संस्था प्रधान देवी लाल बेरवा ने आगामी सत्र में विद्यालय को पूरी तरह हरा-भरा बनाने के निरंतर प्रयासों को जारी रखने का संकल्प दोहराया। कार्यक्रम में हरित पर्यावरण संवर्धन संस्थान के अध्यक्ष प्रताप सिंह राणावत, पर्यावरण संरक्षण गतिविधि प्रांत जन संवाद प्रमुख डॉ. परमेश्वर प्रसाद कुमावत, प्रधानाचार्य इकराम उल हक अंसारी, शारीरिक शिक्षक शंकर सिंह राठौड़, राजकुमार बेरवा, अंबेडकर विचार मंच के सुरेश घूसर, शिवराज सैनी, प्रबोधक संघ के तहसील अध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह सोदा, जय प्रकाश शर्मा, श्रीमती इंदिरा दिलीप धूपिया, श्रीमती सुधा पारीक, पुष्पेंद्र कुमार घूसर, रमेश चंद्र घूसर, मुकेश चावला, आशीष कुम्हार, भोजराज कहार, महेंद्र सिंह दरोगा और राजू लाल रेगर सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।
विश्व पर्यावरण दिवस के उपलक्ष्य में शाहपुरा के राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय कुंड गेट में हरित पर्यावरण संवर्धन संस्थान द्वारा एक पौधारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर कार्यक्रम में उपस्थित सभी व्यक्तियों ने 'एक पेड़ मां के नाम' लगाने का संकल्प लिया। इस दौरान, अतिरिक्त मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी डॉ. सत्यनारायण कुमावत ने प्रकृति संरक्षण की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वर्तमान आधुनिक युग में प्रकृति का संतुलन बनाए रखने के लिए अधिक से अधिक पौधे लगाना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने प्रकृति को मानव संस्कृति और जीव-जंतुओं के लिए देवतुल्य भी बताया। संस्था प्रधान देवी लाल बेरवा ने
आगामी सत्र में विद्यालय को पूरी तरह हरा-भरा बनाने के निरंतर प्रयासों को जारी रखने का संकल्प दोहराया। कार्यक्रम में हरित पर्यावरण संवर्धन संस्थान के अध्यक्ष प्रताप सिंह राणावत, पर्यावरण संरक्षण गतिविधि प्रांत जन संवाद प्रमुख डॉ. परमेश्वर प्रसाद कुमावत, प्रधानाचार्य इकराम उल हक अंसारी, शारीरिक शिक्षक शंकर सिंह राठौड़, राजकुमार बेरवा, अंबेडकर विचार मंच के सुरेश घूसर, शिवराज सैनी, प्रबोधक संघ के तहसील अध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह सोदा, जय प्रकाश शर्मा, श्रीमती इंदिरा दिलीप धूपिया, श्रीमती सुधा पारीक, पुष्पेंद्र कुमार घूसर, रमेश चंद्र घूसर, मुकेश चावला, आशीष कुम्हार, भोजराज कहार, महेंद्र सिंह दरोगा और राजू लाल रेगर सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।
- विश्व पर्यावरण दिवस के उपलक्ष्य में शाहपुरा के राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय कुंड गेट में हरित पर्यावरण संवर्धन संस्थान द्वारा एक पौधारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर कार्यक्रम में उपस्थित सभी व्यक्तियों ने 'एक पेड़ मां के नाम' लगाने का संकल्प लिया। इस दौरान, अतिरिक्त मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी डॉ. सत्यनारायण कुमावत ने प्रकृति संरक्षण की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वर्तमान आधुनिक युग में प्रकृति का संतुलन बनाए रखने के लिए अधिक से अधिक पौधे लगाना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने प्रकृति को मानव संस्कृति और जीव-जंतुओं के लिए देवतुल्य भी बताया। संस्था प्रधान देवी लाल बेरवा ने आगामी सत्र में विद्यालय को पूरी तरह हरा-भरा बनाने के निरंतर प्रयासों को जारी रखने का संकल्प दोहराया। कार्यक्रम में हरित पर्यावरण संवर्धन संस्थान के अध्यक्ष प्रताप सिंह राणावत, पर्यावरण संरक्षण गतिविधि प्रांत जन संवाद प्रमुख डॉ. परमेश्वर प्रसाद कुमावत, प्रधानाचार्य इकराम उल हक अंसारी, शारीरिक शिक्षक शंकर सिंह राठौड़, राजकुमार बेरवा, अंबेडकर विचार मंच के सुरेश घूसर, शिवराज सैनी, प्रबोधक संघ के तहसील अध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह सोदा, जय प्रकाश शर्मा, श्रीमती इंदिरा दिलीप धूपिया, श्रीमती सुधा पारीक, पुष्पेंद्र कुमार घूसर, रमेश चंद्र घूसर, मुकेश चावला, आशीष कुम्हार, भोजराज कहार, महेंद्र सिंह दरोगा और राजू लाल रेगर सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।2
- भीलवाड़ा जिले के करेड़ा क्षेत्र में समाज के पंचों द्वारा हुक्का-पानी बंद करने, सामाजिक बहिष्कार करने और आर्थिक दंड के रूप में मोटी रकम वसूलने का एक गंभीर मामला सामने आया है। इसके बाद पुनः समाज में शामिल करने के नाम पर और रुपयों की मांग की जा रही है। इस मामले में शिव उर्फ सुवालाल पुत्र रूपा जी अजमेरा, निवासी शिवपुरा का खेड़ा, तहसील करेड़ा ने शुक्रवार शाम करीब 4 बजे भीलवाड़ा पुलिस अधीक्षक को परिवाद सौंपकर न्याय की गुहार लगाई है। उन्होंने आरोपियों के खिलाफ करेड़ा थाने में मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। एसपी को सौंपे गए परिवाद के अनुसार, प्रार्थी शिव उर्फ सुवालाल ने बताया कि 19 सितंबर 2024 को क्षत्रिय कुमावत समाज कमेटी, चौखला बागोलिया द्वारा उन्हें एक सूचना नोटिस भेजकर उपस्थित होने के लिए कहा गया था। जब प्रार्थी अपने परिवार सहित वहां पहुंचा, तो उसकी पुत्री के ससुराल पक्ष के लोग, समाज के पंच और अन्य अभियुक्तगण उपस्थित थे। आरोप है कि वहां मौजूद लोगों ने प्रार्थी से कहा कि उसकी लड़की की शादी अंबा लाल कुमावत के साथ हुई है, जिसका फैसला किया जाए। इस पर प्रार्थी ने जवाब दिया कि उसकी पुत्री की उम्र मात्र 4 वर्ष है, ऐसे में इस शादी और उसकी जिम्मेदारी किसकी होगी? प्रार्थी का आरोप है कि इस बात पर अभियुक्तगणों ने धमकी दी कि यदि उसने फैसला नहीं किया, तो उसका समाज से हुक्का-पानी बंद कर दिया जाएगा। इसके बाद समाज में रहने की एवज में प्रार्थी पर 1,50,000 रुपये का आर्थिक दंड लगाया गया, जिसे उससे वसूल भी लिया गया और कहा गया कि अब वह समाज में आ सकता है। परिवाद में आगे बताया गया है कि कुछ दिन पूर्व गांव गोपालपुरा में मदन लाल कुमावत के यहां एक सामाजिक कार्यक्रम आयोजित हुआ था। वहां प्रार्थी को फिर से अभियुक्तगण मिले और धमकाते हुए कहा कि 'तू अगर तेरी बच्ची का फैसला नहीं करता है, तो तेरे को समाज से बाहर कर रहे हैं।' जब प्रार्थी ने पूर्व में दिए गए 1,50,000 रुपये का हवाला दिया, तो आरोपियों ने जवाब दिया कि 'वे पैसे तो हम खा गए, आज से ही तू जाति समाज से बाहर है।' आरोपियों ने प्रार्थी को डराते-धमकाते हुए कहा कि यदि उसे वापस समाज में आना है, तो 2,50,000 रुपये और जमा कराने होंगे। प्रार्थी का यह भी आरोप है कि इस सामाजिक कार्यक्रम में उसके परिवार को खाना तक नहीं खाने दिया गया। इस पूरे घटनाक्रम और सामाजिक बहिष्कार के कारण प्रार्थी और उसका परिवार गंभीर मानसिक प्रताड़ना झेल रहा है। प्रार्थी ने अपनी शिकायत में कहा है कि आरोपी उन्हें आत्महत्या के लिए मजबूर कर रहे हैं। पीड़ित पिता ने एसपी से सभी आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।1
- राजस्थान के भीलवाड़ा शहर के प्रतापनगर थाना क्षेत्र में अपराधियों के हौसले बुलंद होते दिख रहे हैं, जहाँ चंद्रशेखर आजाद नगर के मुख्य चौराहे के पास स्थित एक डेयरी के सामने भरे बाजार में एक महिला के साथ चेन स्नेचिंग की घटना हुई। एक अज्ञात बदमाश ने काम से बाजार आई महिला के गले से सोने की चेन झपट ली और मौके से फरार हो गया। यह पूरी वारदात वहाँ लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। यह घटना इतनी तेजी से हुई कि महिला और आसपास मौजूद लोग कुछ समझ पाते, उससे पहले ही आरोपी भाग निकला। वारदात के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई और क्षेत्र में दहशत का माहौल बन गया। सूचना मिलने पर पुलिस घटनास्थल पर पहुँची, जायजा लिया और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने की कार्रवाई शुरू कर दी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि नगर में लगातार बढ़ रही चोरी और झपटमारी की घटनाओं के कारण आमजन में भय का माहौल है। लोगों ने पुलिस प्रशासन से अपराधियों पर सख्त कार्रवाई करने और मुख्य बाजारों व चौराहों पर पुलिस गश्त बढ़ाने की कड़ी माँग की है।1
- अकोला क्षेत्र के होलीरडा गांव में एक नव देवी कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। इस कार्यक्रम में शामिल होने या इससे संबंधित अधिक जानकारी प्राप्त करने के इच्छुक व्यक्ति पोस्ट में दिए गए नंबर पर संपर्क कर सकते हैं।2
- सहायक अभियंता (एईएन) दुर्गालाल ने स्पष्ट किया है कि जनहानि को रोकना और बिजली व्यवस्था में सुधार करना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने यह भी बताया कि विभाग ने आमजन से आह्वान किया है कि यदि कहीं भी टूटे तार, स्पार्किंग या किसी भी प्रकार का फॉल्ट दिखाई दे तो उसकी सूचना तुरंत संबंधित विभाग को दी जाए।1
- पर्यावरण दिवस के अवसर पर चित्तौड़गढ़ में व्यापक गतिविधियां देखने को मिलीं, जिससे पूरा शहर गूंज उठा। इस दौरान पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित किए गए, चिकित्सा शिविरों का संचालन हुआ, विभिन्न ज्ञापन सौंपे गए और अनेक राजनीतिक व सामाजिक सरोकारों से जुड़ी हलचल दिखाई दी। इन आयोजनों ने चित्तौड़गढ़ में पर्यावरण के साथ-साथ स्वास्थ्य और सामाजिक चेतना के महत्व को रेखांकित किया।1
- विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर शुक्रवार को जिला कारागृह परिसर में एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया, जहाँ पौधारोपण, पक्षियों के लिए परिंडे लगाने और कपड़े के थैले वितरित करने जैसी गतिविधियाँ हुईं। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में नागरिकों से पर्यावरण संरक्षण हेतु अधिक से अधिक पेड़ लगाने और प्लास्टिक का उपयोग कम करने का आह्वान किया गया। इस अवसर पर जिला एवं सेशन न्यायाधीश तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष अभय जैन ने स्वयं पौधारोपण करते हुए कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को अपने घर और आसपास पेड़ लगाने चाहिए, जिससे शहर हरा-भरा और सुंदर बन सके तथा पर्यावरण संतुलन बना रहे। उन्होंने कपड़े के थैलों के उपयोग को बढ़ावा देने और प्लास्टिक मुक्त समाज बनाने की अपील भी की। कार्यक्रम में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव रश्मि आर्य ने जिंदल सॉ लिमिटेड के सहयोग से एक जागरूकता वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया, जो शहर में निःशुल्क कपड़े के थैले वितरित कर नागरिकों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करेगा। उन्होंने "एक पेड़, एक उम्मीद—धरती के लिए नई जिंदगी" का संदेश देते हुए पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन बनाने पर जोर दिया। बार एसोसिएशन अध्यक्ष उम्मेद सिंह राठौड़, अतिरिक्त जिला कलक्टर प्रतिभा देवठिया, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पारस जैन सहित कई अन्य अधिकारियों और समाजसेवियों ने भी पौधारोपण में भाग लिया, और इस दौरान आमजन को कपड़े के थैले तथा परिंडे भी वितरित किए गए। कार्यक्रम समाप्त होने के बाद, जिला एवं सेशन न्यायाधीश अभय जैन की अध्यक्षता में बोर्ड ऑफ विजिटर्स के सदस्यों ने जिला कारागृह का त्रैमासिक निरीक्षण किया। इस निरीक्षण के दौरान, बंदियों के स्वास्थ्य, चिकित्सा सुविधाओं, भोजन की गुणवत्ता और अन्य व्यवस्थाओं की विस्तार से समीक्षा की गई। श्री जैन ने विशेष रूप से कारागृह के रसोईघर का निरीक्षण कर बंदियों को दिए जा रहे भोजन की गुणवत्ता का जायजा लिया। उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने का प्रयास किया कि किसी भी बंदी के साथ जाति, धर्म, वर्ग, लिंग अथवा सामाजिक-आर्थिक आधार पर कोई भेदभाव न हो। बोर्ड ने कारागृह परिसर और बैरकों की स्वच्छता, मरम्मत, पुताई एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं में सुधार हेतु जेल प्रशासन को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए। यह सारी जानकारी शुक्रवार दोपहर करीब 2 बजे जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के मनोज द्वारा प्रदान की गई।1
- मथुरा जनपद के डड़ीसरा गांव से एक चौंकाने वाला वीडियो सामने आया है, जिसमें कुछ लोग कथित तौर पर लाठी-डंडों के साथ एक घर में घुसकर महिलाओं के साथ मारपीट करते दिखाई दे रहे हैं। यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने क्षेत्र में आक्रोश का माहौल पैदा कर दिया है। वायरल वीडियो में महिलाएं हमलावरों से बचने और रहम की गुहार लगाती नजर आ रही हैं, लेकिन इसके बावजूद मारपीट जारी रहने का दावा किया जा रहा है। इस घटना के सामने आने के बाद लोगों ने कानून-व्यवस्था पर गंभीर चिंता जताई है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग उठाई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसे मामलों में समय पर कठोर कदम न उठाने से असामाजिक तत्वों के हौसले बढ़ सकते हैं। सोशल मीडिया पर भी बड़ी संख्या में लोग इस घटना की निष्पक्ष जांच और पीड़ित महिलाओं को न्याय दिलाने की मांग कर रहे हैं। हालांकि, इस वायरल वीडियो की तारीख और घटना की परिस्थितियों को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है। संबंधित प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों की ओर से भी इस मामले पर कोई विस्तृत बयान जारी नहीं किया गया है। लोगों ने प्रशासन से तत्काल वीडियो की जांच कराने, घटना में शामिल व्यक्तियों की पहचान करने और आरोप सही पाए जाने पर कानून के अनुसार कड़ी कार्रवाई करने की अपील की है। साथ ही, पीड़ित पक्ष की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग भी की जा रही है। फिलहाल, यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है और सभी की निगाहें प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं।4