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परम पूज्य मुनि 108 श्री वैराग्य सागर जी एवं परम पूज्य मुनि श्री सुप्रभ सागर जी महाराज का विहार आज शाम 4 बजे होगा। इस विशेष विहार के दौरान मौसम के अनुकूल रहने की भी संभावना जताई गई है। विहार संपन्न होने के बाद, उनका रात्रि विश्राम एस आर तिवारी कॉलेज में रहेगा, जो लगभग 10 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।
मुकेश कुमार जैन
परम पूज्य मुनि 108 श्री वैराग्य सागर जी एवं परम पूज्य मुनि श्री सुप्रभ सागर जी महाराज का विहार आज शाम 4 बजे होगा। इस विशेष विहार के दौरान मौसम के अनुकूल रहने की भी संभावना जताई गई है। विहार संपन्न होने के बाद, उनका रात्रि विश्राम एस आर तिवारी कॉलेज में रहेगा, जो लगभग 10 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।
More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
- प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने नीमच में एक प्रेस वार्ता के दौरान सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने नीट पेपर लीक मामले से लेकर जावद जनपद में फैले भ्रष्टाचार तक के विभिन्न मुद्दों को लेकर सरकार को घेरा। इस दौरान पटवारी ने दृढ़ता से कहा कि मध्य प्रदेश में अगली सरकार जनता और किसानों की ही बनेगी।1
- मंदसौर जिला जेल के जेलर पी.के. सिंह की सेवानिवृत्ति के अवसर पर एक भव्य सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस समारोह में संयुक्त बेरोजगार सेना के प्रदेश अध्यक्ष वकील बंजारा ने उनका स्वागत और सम्मान किया। इस अवसर पर, पी.के. सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि जेल केवल सजा देने का स्थान नहीं है, बल्कि यह व्यक्तियों के सुधार और पुनर्वास का भी एक महत्वपूर्ण केंद्र है। वकील बंजारा ने उनके कार्यकाल की सराहना करते हुए बताया कि पी.के. सिंह ने जेल को एक आदर्श सुधार गृह के रूप में विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। समारोह में उपस्थित सामाजिक कार्यकर्ताओं, अधिवक्ताओं और नागरिकों ने पी.के. सिंह को उनके स्वस्थ और सफल सेवानिवृत्त जीवन के लिए शुभकामनाएं दीं।1
- नीमच जिले के मनासा से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ एक प्रॉपर्टी कारोबारी ने कॉलोनी में निवेश के नाम पर लाखों रुपये की धोखाधड़ी का आरोप लगाया है। मनासा निवासी प्रॉपर्टी कारोबारी मोइउद्दीन मंसुरी बुधवार को अपनी पत्नी और दो मासूम बच्चों के साथ नीमच एसपी कार्यालय पहुँचे और पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपकर डॉ. अनवर मेवाती तथा बबलू शेख के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। मंसुरी के अनुसार, शालीमार कॉलोनी में हिस्सेदारी दिलाने के झांसे में आकर उनसे 41 लाख 40 हजार रुपये का निवेश कराया गया। इस भारी-भरकम राशि की व्यवस्था के लिए पीड़ित ने अपने पिता से पैसे लिए, अपने दो प्लॉट बेचे और यहाँ तक कि अपना मकान भी बेच दिया। बाद में उन्हें पता चला कि कॉलोनी के सौदे और हिस्सेदारी से संबंधित कई महत्वपूर्ण जानकारियाँ उनसे छिपाई गई थीं। जब उन्होंने अपनी निवेश राशि और मुनाफे का हिसाब माँगा, तो उन्हें लगातार टालमटोल का सामना करना पड़ा। इस आर्थिक और मानसिक तनाव के चलते मोइउद्दीन मंसुरी ने 16 फरवरी 2026 को जहर खाकर आत्महत्या का प्रयास भी किया था, हालाँकि समय पर इलाज मिलने से उनकी जान बच गई। उन्होंने बताया कि इस घटना से जुड़े वीडियो और सुसाइड नोट भी मौजूद हैं। मंसुरी ने यह भी आरोप लगाया कि उन्होंने पहले भी शिकायतें की थीं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई, और उन्हें जान से मारने की धमकियाँ भी मिल रही हैं। अब पीड़ित ने पुलिस प्रशासन को पाँच दिन का अल्टीमेटम दिया है और चेतावनी दी है कि यदि आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई, तो वे परिवार सहित एसपी कार्यालय के बाहर धरने पर बैठेंगे। फिलहाल, पुलिस प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की मांग की जा रही है, और सभी आरोपों की गहन जाँच के बाद ही इस मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।1
- चित्तौड़गढ़ जिले की कपासन पुलिस के खिलाफ पत्रकारों में भारी रोष देखा जा रहा है, जहाँ पत्रकारों का आरोप है कि पुलिस लोकतंत्र के चौथे स्तंभ को गुमराह कर रही है। यह रोष विशेषकर पुलिसकर्मियों के मोबाइल स्टेटस को लेकर है, जहाँ जवान से लेकर थानाधिकारी तक अपराधियों की तस्वीरें अपने स्टेटस पर लगा रहे हैं, जबकि पत्रकारों को ऐसे कार्य करने से सख्त मनाही है। इस भेदभावपूर्ण व्यवहार के कारण, चित्तौड़गढ़ पुलिस मीडिया ग्रुप और PRO ग्रुप से एक पत्रकार को बाहर कर दिया गया है। बताया गया है कि पत्रकार द्वारा माफी मांगने के बाद भी ग्रुप के एडमिन द्वारा उन्हें वापस नहीं जोड़ा जा रहा है, जिससे पत्रकारों में असंतोष और गहरा गया है।1
- राजस्थान सरकार ने चित्तौड़गढ़ जिले के गंगरार स्थित मेवाड़ विश्वविद्यालय में सभी नए प्रवेशों पर आगामी आदेश तक तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। उच्च शिक्षा विभाग ने यह सख्त प्रशासनिक निर्णय फर्जी डिग्री प्रकरण, जांच में सामने आई कथित गंभीर अनियमितताओं और विभिन्न स्तरों पर जारी जांचों को ध्यान में रखते हुए लिया है। इस कदम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों के हित, उच्च शिक्षा व्यवस्था की साख और जनहित को सुरक्षित रखना बताया गया है, जिसके तहत विश्वविद्यालय के सभी शैक्षणिक एवं व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में नए दाखिले प्रतिबंधित रहेंगे। यह कार्रवाई विश्वविद्यालय के खिलाफ फर्जी डिग्रियां जारी करने और अन्य प्रशासनिक व शैक्षणिक अनियमितताओं की शिकायतों के बाद शुरू हुई जांच पर आधारित है। राज्य सरकार ने उदयपुर संभागीय आयुक्त की अध्यक्षता में एक जांच समिति गठित की थी, जिसने अपनी रिपोर्ट में कई गंभीर अनियमितताओं का उल्लेख किया है। इसी रिपोर्ट के आधार पर उच्च शिक्षा विभाग ने मेवाड़ विश्वविद्यालय चित्तौड़गढ़ अधिनियम-2009 की धारा 44(1) के तहत विश्वविद्यालय को कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा था। सूत्रों के अनुसार, विश्वविद्यालय ने अपना जवाब प्रस्तुत कर दिया है, जिसकी विभागीय स्तर पर समीक्षा जारी है। इसके अतिरिक्त, स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) ने भी फर्जी डिग्री प्रकरणों की जांच के दौरान विश्वविद्यालय से जुड़े कुछ कर्मचारियों और पदाधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की है, जिसमें कुछ गिरफ्तारियां भी शामिल हैं, जिन्हें सरकार ने गंभीरता से लिया है। सरकारी आदेश में इस बात पर जोर दिया गया है कि विश्वविद्यालय से जुड़े विभिन्न मामलों की जांच अभी जारी है और कुछ मामलों में कानूनी कार्रवाई भी विचाराधीन है। साथ ही, मेवाड़ विश्वविद्यालय अधिनियम-2009 की कुछ धाराओं के संभावित उल्लंघन से संबंधित परिस्थितियाँ भी सरकार के संज्ञान में आई हैं। सरकार का मानना है कि इन परिस्थितियों में नए प्रवेश जारी रखना विद्यार्थियों के भविष्य के लिए उचित नहीं होगा। संयुक्त सचिव डॉ. मुकेश कुमार शर्मा की ओर से जारी इस आदेश के बाद मेवाड़ विश्वविद्यालय में प्रवेश लेने की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों में चिंता बढ़ गई है, जिससे आगामी शैक्षणिक सत्र को लेकर भी कई सवाल खड़े हो गए हैं। शिक्षा जगत की निगाहें अब सरकार की अगली कार्रवाई, विभागीय जांच के अंतिम निष्कर्ष और विश्वविद्यालय प्रशासन के जवाब पर टिकी हुई हैं, जिसके बाद ही प्रवेश प्रक्रिया और विश्वविद्यालय के भविष्य पर अंतिम स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।1
- राजस्थान के कोटा में कांग्रेस संगठन के भीतर गुटबाजी एक बार फिर खुलकर सामने आ गई है। यह स्थिति प्रदेश नेतृत्व की मौजूदगी में आयोजित ओबीसी प्रकोष्ठ के एक कार्यक्रम के दौरान स्पष्ट रूप से देखने को मिली, जहां संगठन में आपसी समन्वय की कमी और अलग-अलग गुटों की सक्रियता साफ नजर आई। गौरतलब है कि प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने हाल ही में राजस्थान कांग्रेस को एकजुट बताते हुए भाजपा के खिलाफ मजबूती से लड़ने की बात कही थी, हालांकि उन्होंने यह भी स्वीकार किया था कि कोटा में 'थोड़ी बहुत गुटबाजी' है, जिसे जल्द समाप्त किया जाएगा। बुधवार को कोटा में जिला कांग्रेस कमेटी के ओबीसी विभाग का जिला स्तरीय अधिवेशन और पदभार ग्रहण समारोह आयोजित हुआ। इस कार्यक्रम की तैयारी कई दिनों से चल रही थी, लेकिन आयोजन के दौरान ही अंदरूनी मतभेद खुलकर सामने आ गए। सूत्रों के अनुसार, कार्यक्रम में जिला कांग्रेस कमेटी की अध्यक्ष को लेकर समन्वय की कमी दिखाई दी। उन्हें अंतिम समय में सूचना देकर आमंत्रित किया गया, जिससे असंतोष की स्थिति बनी। जिलाध्यक्ष ने नयापुरा चौराहे पर कार्यकर्ताओं के साथ डोटासरा और नेता प्रतिपक्ष का स्वागत तो किया, लेकिन इसके बाद वे कार्यक्रम स्थल पर मंच पर नहीं गईं और कुछ देर बाद ही वहां से लौट गईं। कार्यक्रम में ओबीसी प्रकोष्ठ के शहर अध्यक्ष दीपक नामदेव और देहात अध्यक्ष डॉ. टीकमचंद सुमन ने पदभार ग्रहण किया। इस आयोजन की कमान पूर्व विधायक और नेता प्रहलाद गुंजल के प्रभाव वाले गुट के नेताओं के हाथ में थी। इस कार्यक्रम में टीकाराम जूली, गोविंद सिंह डोटासरा और ओबीसी विभाग के राष्ट्रीय व प्रदेश स्तर के नेताओं को आमंत्रित किया गया था, लेकिन देहात कांग्रेस और संगठन से जुड़े कई वरिष्ठ नेता अनुपस्थित रहे, जिससे संगठनात्मक असंतुलन की स्थिति और भी स्पष्ट हो गई। कोटा कांग्रेस में लंबे समय से गुटबाजी की चर्चाएं होती रही हैं, लेकिन इस बार प्रदेश नेतृत्व के सामने ही यह स्थिति खुलकर सामने आने से पार्टी की एकजुटता पर सवाल खड़े हो गए हैं। अब देखना होगा कि प्रदेश नेतृत्व इस अंदरूनी खींचतान को कैसे संभालता है और संगठन को एकजुट करने के लिए क्या कदम उठाता है।4
- मंदसौर जिला जेल के जेलर पी.के. सिंह के सेवानिवृत्त होने पर एक भव्य सम्मान समारोह आयोजित किया गया। इस अवसर पर संयुक्त बेरोजगार सेना के प्रदेश अध्यक्ष वकील बंजारा ने उनका स्वागत और सम्मान किया। पी.के. सिंह ने अपने संबोधन में स्पष्ट किया कि जेल केवल सजा देने का स्थान नहीं, बल्कि सुधार और पुनर्वास का केंद्र है। वकील बंजारा ने उनके कार्यकाल की प्रशंसा करते हुए कहा कि पी.के. सिंह ने जेल को एक आदर्श सुधार गृह के रूप में विकसित किया। समारोह में उपस्थित सामाजिक कार्यकर्ताओं, अधिवक्ताओं और नागरिकों ने पी.के. सिंह को स्वस्थ और सफल सेवानिवृत्त जीवन की शुभकामनाएं दीं।1
- चित्तौड़गढ़ जिले में दिनभर पुलिस की सक्रिय कार्रवाई और विभिन्न धार्मिक आयोजनों की व्यापक चर्चा रही। शहर में पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए मोबाइल चोरी के एक मामले का खुलासा किया। पुलिस की इस कार्रवाई में 12 क्विंटल डोडा चूरा भी जब्त किया गया, जो दिनभर चर्चा का विषय बना रहा। दूसरी ओर, जिले में धार्मिक उत्साह का माहौल रहा, जहाँ अशरफी साहब का उर्स विधिवत रूप से शुरू हो गया है।1
- चित्तौड़गढ़ सदर थाना पुलिस ने राष्ट्रीय राजमार्ग पर फर्जी फाइनेंस रिकवरी एजेंट बनकर वाहन चालकों से अवैध वसूली करने वाले तीन व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इन आरोपियों के कब्जे से वसूली के लिए इस्तेमाल की जा रही एक कार भी जब्त की। जिला पुलिस अधीक्षक धर्मेन्द्र सिंह यादव ने बताया कि फर्जी फाइनेंस या रिकवरी एजेंट बनकर लोगों को धमकाने और वाहन जब्त करने की धमकी देकर अवैध वसूली करने वालों के विरुद्ध एक विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मुकुल कुमार शर्मा और पुलिस उपाधीक्षक बृजेश सिंह के निर्देशन में सदर थाना प्रभारी प्रेम सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने यह कार्रवाई की। पुलिस को एक मुखबिर से सूचना मिली थी कि चित्तौड़गढ़-भीलवाड़ा राष्ट्रीय राजमार्ग पर बोजुन्दा पुलिया के पास कुछ लोग खुद को फाइनेंस कंपनी का रिकवरी एजेंट बताकर वाहन चालकों से किस्तों के नाम पर अवैध रूप से धन वसूल रहे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। पुलिस ने मौके से मदनलाल, शैतान सिंह और राजू गुर्जर नामक तीन व्यक्तियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की। जांच के दौरान, आरोपी किसी भी फाइनेंस कंपनी के अधिकृत एजेंट होने या वाहन रिकवरी संबंधी कोई वैध लाइसेंस अथवा दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके। इसके बाद पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपियों के पास मिली एक बलेनो कार को भी जब्त कर लिया, क्योंकि वाहन के संबंध में कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए। प्रारंभिक जांच में इस कार का उपयोग अवैध वसूली की गतिविधियों में होने की पुष्टि होने पर इसे राजस्थान पुलिस अधिनियम की धारा 38 के तहत जब्त किया गया। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान मदनलाल गुर्जर (30 वर्ष), पुत्र नन्दराम गुर्जर, निवासी शनि मंदिर के पास, सैती, थाना सदर चित्तौड़गढ़; शैतान सिंह राजपूत (31 वर्ष), पुत्र गणपत सिंह, निवासी लक्ष्मीपुरा, बराड़ा, थाना सदर चित्तौड़गढ़; और राजू गुर्जर (31 वर्ष), पुत्र जीतमल गुर्जर, निवासी बोजुन्दा, थाना सदर चित्तौड़गढ़ के रूप में हुई है। पुलिस इस मामले में विस्तृत जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि आरोपियों द्वारा अब तक कितने वाहन चालकों से अवैध वसूली की गई है और क्या उनके साथ कोई अन्य लोग भी इस गिरोह में शामिल हैं।1