कोटा : टीम जीवनदाता हमेशा ही लोगों की मदद को आगे रहती है, ये ही नहीं स्वयं पहले एसडीपी डोनेशन करते हैं और दूसरों को मोटिवेट करते हैं, मदद करते हैं और अनमोल जीवन को बचाने का पूरा प्रयास किया जाता है। ऐसा ही वाकया देखने को मिला जब लायंस क्लब कोटा टेक्नो के निदेशक व टीम जीवनदाता के संयोजक व संरक्षक भुवनेश गुप्ता ने स्वयं एमबीएस पहुंचकर एक ग्रामीण की मदद की। यह कोई पहली बार नहीं अनगिनत कई बार ग्रामीणों को संबल प्रदान किया गया। भुवनेश गुप्ता ने बताया कि हनुमान की प्लेटलेट 5 हजार से भी कम रह गई थी, उनका भतीजा भरत योगी परेशान हो रहा था, व उसे बताया गया कि ये लाइफ सेविंग केस है । उन्होंने अपने स्तर पर प्रयास किया लेकिन सफलता नहीं मिली, ऐसे में सेवाभाव रखने वाले भुवनेश गुप्ता एमबीएस ब्लड बैंक पहुंचे और उन्होंने 71वीं बार एसडीपी डोनशन किया। वह इससे पूर्व 109 बार रक्तदान भी कर चुके हैं और हजारों लोगों को इस सेवा कार्य से जोड़ चुके हैं। मेडिकल कॉलेज में एसडीपी के लिए रजनीश खंडेलवाल तैयार थे, लेकिन किसी कारण से एमबीएस में एसडीपी की गई, इस दौरान टीम जीवनदाता के मनीष माहेश्वरी , नितिन मेहता, शुभम, सिद्धार्थ सहित कई लोग भी उपस्थित रहे। - गर्मी में ना करें संकोच, व्यक्ति का जीवन है अनमोल भुवनेश गुप्ता ने कहा कि गर्मी के मौसम में लोग रक्तदान व एसडीपी डोनेशन करने में संकोच करते हैं, भ्रांतियां उनके मन में रहती है, लेकिन किसी की जान का महत्व समझों और गर्मी में एक या दो बार हर व्यक्ति को रक्तदान व एसडीपी डोनेशन करना चाहिए ताकी मदद का यह हाथ किसी के जीवन की डोर को थाम सकता है। सबसे अधिक एसडीपी व ब्लड की आवश्यकता गर्मी में रहती है, ऐसे में एक बार भी रक्तदान किया गया तो रक्त की कमी को दूर किया जा सकता है। कोटा. टीम जीवनदाता हमेशा ही लोगों की मदद को आगे रहती है, ये ही नहीं स्वयं पहले एसडीपी डोनेशन करते हैं और दूसरों को मोटिवेट करते हैं, मदद करते हैं और अनमोल जीवन को बचाने का पूरा प्रयास किया जाता है। ऐसा ही वाकया देखने को मिला जब लायंस क्लब कोटा टेक्नो के निदेशक व टीम जीवनदाता के संयोजक व संरक्षक भुवनेश गुप्ता ने स्वयं एमबीएस पहुंचकर एक ग्रामीण की मदद की। यह कोई पहली बार नहीं अनगिनत कई बार ग्रामीणों को संबल प्रदान किया गया। भुवनेश गुप्ता ने बताया कि हनुमान की प्लेटलेट 5 हजार से भी कम रह गई थी, उनका भतीजा भरत योगी परेशान हो रहा था, व उसे बताया गया कि ये लाइफ सेविंग केस है । उन्होंने अपने स्तर पर प्रयास किया लेकिन सफलता नहीं मिली, ऐसे में सेवाभाव रखने वाले भुवनेश गुप्ता एमबीएस ब्लड बैंक पहुंचे और उन्होंने 71वीं बार एसडीपी डोनशन किया। वह इससे पूर्व 109 बार रक्तदान भी कर चुके हैं और हजारों लोगों को इस सेवा कार्य से जोड़ चुके हैं। मेडिकल कॉलेज में एसडीपी के लिए रजनीश खंडेलवाल तैयार थे, लेकिन किसी कारण से एमबीएस में एसडीपी की गई, इस दौरान टीम जीवनदाता के मनीष माहेश्वरी , नितिन मेहता, शुभम, सिद्धार्थ सहित कई लोग भी उपस्थित रहे। - गर्मी में ना करें संकोच, व्यक्ति का जीवन है अनमोल भुवनेश गुप्ता ने कहा कि गर्मी के मौसम में लोग रक्तदान व एसडीपी डोनेशन करने में संकोच करते हैं, भ्रांतियां उनके मन में रहती है, लेकिन किसी की जान का महत्व समझों और गर्मी में एक या दो बार हर व्यक्ति को रक्तदान व एसडीपी डोनेशन करना चाहिए ताकी मदद का यह हाथ किसी के जीवन की डोर को थाम सकता है। सबसे अधिक एसडीपी व ब्लड की आवश्यकता गर्मी में रहती है, ऐसे में एक बार भी रक्तदान किया गया तो रक्त की कमी को दूर किया जा सकता है। भुवनेश गुप्ता ने भीषण गर्मी में एमबीएस पहुंचकर की 71 वी एसडीपी डोनेशन, कुल 180 बार हो चुका है डोनेशन । - ग्रामीण क्षेत्र के मरीज को लाइफ सेविंग केस में मिला सहारा, चेहरे पर आई सुकुनभरी मुस्कान।
कोटा : टीम जीवनदाता हमेशा ही लोगों की मदद को आगे रहती है, ये ही नहीं स्वयं पहले एसडीपी डोनेशन करते हैं और दूसरों को मोटिवेट करते हैं, मदद करते हैं और अनमोल जीवन को बचाने का पूरा प्रयास किया जाता है। ऐसा ही वाकया देखने को मिला जब लायंस क्लब कोटा टेक्नो के निदेशक व टीम जीवनदाता के संयोजक व संरक्षक भुवनेश गुप्ता ने स्वयं एमबीएस पहुंचकर एक ग्रामीण की मदद की। यह कोई पहली बार नहीं अनगिनत कई बार ग्रामीणों को संबल प्रदान किया गया। भुवनेश गुप्ता ने बताया कि हनुमान की प्लेटलेट 5 हजार से भी कम रह गई थी, उनका भतीजा भरत योगी परेशान हो रहा था, व उसे बताया गया कि ये लाइफ सेविंग केस है । उन्होंने अपने स्तर पर प्रयास किया लेकिन सफलता नहीं मिली, ऐसे में सेवाभाव रखने वाले भुवनेश गुप्ता एमबीएस ब्लड बैंक पहुंचे और उन्होंने 71वीं बार एसडीपी डोनशन किया। वह इससे पूर्व 109 बार रक्तदान भी कर चुके हैं और हजारों लोगों को इस सेवा कार्य से जोड़ चुके हैं। मेडिकल कॉलेज में एसडीपी के लिए रजनीश खंडेलवाल तैयार थे, लेकिन किसी कारण से एमबीएस में एसडीपी की गई, इस दौरान टीम जीवनदाता के मनीष माहेश्वरी , नितिन मेहता, शुभम, सिद्धार्थ सहित कई लोग भी उपस्थित रहे। - गर्मी में ना करें संकोच, व्यक्ति का जीवन है अनमोल भुवनेश गुप्ता ने कहा कि गर्मी के मौसम में लोग रक्तदान व एसडीपी डोनेशन करने में संकोच करते हैं, भ्रांतियां उनके मन में रहती है, लेकिन किसी की जान का महत्व समझों और गर्मी में एक या दो बार हर व्यक्ति को रक्तदान व एसडीपी डोनेशन करना चाहिए ताकी मदद का यह हाथ किसी के जीवन की डोर को थाम सकता है। सबसे अधिक एसडीपी व ब्लड की आवश्यकता गर्मी में रहती है, ऐसे में एक बार भी रक्तदान किया गया तो रक्त की कमी को दूर किया जा सकता है। कोटा. टीम जीवनदाता हमेशा ही लोगों की मदद को आगे रहती है, ये ही नहीं स्वयं पहले एसडीपी डोनेशन करते हैं और दूसरों को मोटिवेट करते हैं, मदद करते हैं और अनमोल जीवन को बचाने का पूरा प्रयास किया जाता है। ऐसा ही वाकया देखने को मिला जब लायंस क्लब कोटा टेक्नो के निदेशक व टीम जीवनदाता के संयोजक व संरक्षक भुवनेश गुप्ता ने स्वयं एमबीएस पहुंचकर एक ग्रामीण की मदद की। यह कोई पहली बार नहीं अनगिनत कई बार ग्रामीणों को संबल प्रदान किया गया। भुवनेश गुप्ता ने बताया कि हनुमान की प्लेटलेट 5 हजार से भी कम रह गई थी, उनका भतीजा भरत योगी परेशान हो रहा था, व उसे बताया गया कि ये लाइफ सेविंग केस है । उन्होंने अपने स्तर पर प्रयास किया लेकिन सफलता नहीं मिली, ऐसे में सेवाभाव रखने वाले भुवनेश गुप्ता एमबीएस ब्लड बैंक पहुंचे और उन्होंने 71वीं बार एसडीपी डोनशन किया। वह इससे पूर्व 109 बार रक्तदान भी कर चुके हैं और हजारों लोगों को इस सेवा कार्य से जोड़ चुके हैं। मेडिकल कॉलेज में एसडीपी के लिए रजनीश खंडेलवाल तैयार थे, लेकिन किसी कारण से एमबीएस में एसडीपी की गई, इस दौरान टीम जीवनदाता के मनीष माहेश्वरी , नितिन मेहता, शुभम, सिद्धार्थ सहित कई लोग भी उपस्थित रहे। - गर्मी में ना करें संकोच, व्यक्ति का जीवन है अनमोल भुवनेश गुप्ता ने कहा कि गर्मी के मौसम में लोग रक्तदान व एसडीपी डोनेशन करने में संकोच करते हैं, भ्रांतियां उनके मन में रहती है, लेकिन किसी की जान का महत्व समझों और गर्मी में एक या दो बार हर व्यक्ति को रक्तदान व एसडीपी डोनेशन करना चाहिए ताकी मदद का यह हाथ किसी के जीवन की डोर को थाम सकता है। सबसे अधिक एसडीपी व ब्लड की आवश्यकता गर्मी में रहती है, ऐसे में एक बार भी रक्तदान किया गया तो रक्त की कमी को दूर किया जा सकता है। भुवनेश गुप्ता ने भीषण गर्मी में एमबीएस पहुंचकर की 71 वी एसडीपी डोनेशन, कुल 180 बार हो चुका है डोनेशन । - ग्रामीण क्षेत्र के मरीज को लाइफ सेविंग केस में मिला सहारा, चेहरे पर आई सुकुनभरी मुस्कान।
- 430 वें दिन भी जारी रहा अनिश्चित कालीन धरना कोटा। जे.के.सिंथेटिक फैक्ट्री के बकाया वेतन (लगभग 29 वर्ष पुराने) के भुगतान की मांग को लेकर सीटू (सीआईटीयू) के बैनर तले चल रहा मजदूरों का अनिश्चित कालीन धरना आज 430वें दिन भी जारी रहा। धरने में शामिल सैकड़ों मजदूरों और महिलाओं ने जिला कलेक्टर कार्यालय के सामने नारेबाजी कर सरकार के खिलाफ आक्रोश व्यक्त किया। 18 फरवरी 2025 से कोटा जिला कलेक्ट्रेट गेट पर शुरू हुए इस धरने का नेतृत्व जे.के. सिंथेटिक फैक्ट्री की तीनों मजदूर यूनियनों के महामंत्रियों कामरेड हबीब खान, कामरेड उमाशंकर और कामरेड नरेंद्र सिंह के संयुक्त नेतृत्व में हो रहा है। धरने में बड़ी संख्या में महिलाएं और सीटू कार्यकर्ता मौजूद रहे। मजदूरों ने जोरदार नारेबाजी की और सरकार पर बकाया वेतन भुगतान में जानबूझकर देरी करने का आरोप लगाया। मजदूर नेताओं का सरकार पर तीखा हमला धरने को संबोधित करते हुए कामरेड उमाशंकर, कामरेड नरेंद्र सिंह और कामरेड हबीब खान ने कहा कि सरकार मजदूरों के आंदोलन से डरी हुई है, इसलिए पुलिस का इस्तेमाल कर संघर्ष को दबाने की कोशिश कर रही है।नेताओं ने चेतावनी दी कि 1 मई, मजदूर दिवस पर सरकार की आमजन-विरोधी नीतियों और मजदूरों पर हुई दमनकारी कार्रवाइयों के खिलाफ कोटा कलेक्ट्रेट गेट पर विशाल प्रदर्शन किया जाएगा। भुगतान नहीं हुआ तो जमीन पर कब्जा मजदूर नेताओं ने प्रशासन को साफ चेतावनी देते हुए कहा, “अगर सरकार ने जल्द ही मजदूरों का बकाया वेतन नहीं चुकाया तो हम फैक्ट्री प्लांट की जमीन पर कब्जा कर लेंगे। सीटू मीडिया प्रभारी मुरारीलाल बैरवा ने बताया कि 1997 में बंद हुई जे.के. सिंथेटिक फैक्ट्री के हजारों मजदूर लंबे समय से अपने हक की लड़ाई लड़ रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद सरकार अब तक भुगतान नहीं कर पाई है।धरना स्थल पर सैकड़ों मजदूर रोजाना अपनी उपस्थिति दर्ज करा रहे हैं और आंदोलन को और मजबूत बनाने का संकल्प लिया है।4
- कोटा. टीम जीवनदाता हमेशा ही लोगों की मदद को आगे रहती है, ये ही नहीं स्वयं पहले एसडीपी डोनेशन करते हैं और दूसरों को मोटिवेट करते हैं, मदद करते हैं और अनमोल जीवन को बचाने का पूरा प्रयास किया जाता है। ऐसा ही वाकया देखने को मिला जब लायंस क्लब कोटा टेक्नो के निदेशक व टीम जीवनदाता के संयोजक व संरक्षक भुवनेश गुप्ता ने स्वयं एमबीएस पहुंचकर एक ग्रामीण की मदद की। यह कोई पहली बार नहीं अनगिनत कई बार ग्रामीणों को संबल प्रदान किया गया। भुवनेश गुप्ता ने बताया कि हनुमान की प्लेटलेट 5 हजार से भी कम रह गई थी, उनका भतीजा भरत योगी परेशान हो रहा था, व उसे बताया गया कि ये लाइफ सेविंग केस है । उन्होंने अपने स्तर पर प्रयास किया लेकिन सफलता नहीं मिली, ऐसे में सेवाभाव रखने वाले भुवनेश गुप्ता एमबीएस ब्लड बैंक पहुंचे और उन्होंने 71वीं बार एसडीपी डोनशन किया। वह इससे पूर्व 109 बार रक्तदान भी कर चुके हैं और हजारों लोगों को इस सेवा कार्य से जोड़ चुके हैं। मेडिकल कॉलेज में एसडीपी के लिए रजनीश खंडेलवाल तैयार थे, लेकिन किसी कारण से एमबीएस में एसडीपी की गई, इस दौरान टीम जीवनदाता के मनीष माहेश्वरी , नितिन मेहता, शुभम, सिद्धार्थ सहित कई लोग भी उपस्थित रहे। - गर्मी में ना करें संकोच, व्यक्ति का जीवन है अनमोल भुवनेश गुप्ता ने कहा कि गर्मी के मौसम में लोग रक्तदान व एसडीपी डोनेशन करने में संकोच करते हैं, भ्रांतियां उनके मन में रहती है, लेकिन किसी की जान का महत्व समझों और गर्मी में एक या दो बार हर व्यक्ति को रक्तदान व एसडीपी डोनेशन करना चाहिए ताकी मदद का यह हाथ किसी के जीवन की डोर को थाम सकता है। सबसे अधिक एसडीपी व ब्लड की आवश्यकता गर्मी में रहती है, ऐसे में एक बार भी रक्तदान किया गया तो रक्त की कमी को दूर किया जा सकता है। भुवनेश गुप्ता ने भीषण गर्मी में एमबीएस पहुंचकर की 71 वी एसडीपी डोनेशन, कुल 180 बार हो चुका है डोनेशन । - ग्रामीण क्षेत्र के मरीज को लाइफ सेविंग केस में मिला सहारा, चेहरे पर आई सुकुनभरी मुस्कान।1
- प्रेस विज्ञप्ति, सादर प्रकाशनार्थ फोटो भुवनेश गुप्ता ने भीषण गर्मी में एमबीएस पहुंचकर की 71 वी एसडीपी डोनेशन, कुल 180 बार हो चुका है डोनेशन । - ग्रामीण क्षेत्र के मरीज को लाइफ सेविंग केस में मिला सहारा, चेहरे पर आई सुकुनभरी मुस्कान। कोटा. टीम जीवनदाता हमेशा ही लोगों की मदद को आगे रहती है, ये ही नहीं स्वयं पहले एसडीपी डोनेशन करते हैं और दूसरों को मोटिवेट करते हैं, मदद करते हैं और अनमोल जीवन को बचाने का पूरा प्रयास किया जाता है। ऐसा ही वाकया देखने को मिला जब लायंस क्लब कोटा टेक्नो के निदेशक व टीम जीवनदाता के संयोजक व संरक्षक भुवनेश गुप्ता ने स्वयं एमबीएस पहुंचकर एक ग्रामीण की मदद की। यह कोई पहली बार नहीं अनगिनत कई बार ग्रामीणों को संबल प्रदान किया गया। भुवनेश गुप्ता ने बताया कि हनुमान की प्लेटलेट 5 हजार से भी कम रह गई थी, उनका भतीजा भरत योगी परेशान हो रहा था, व उसे बताया गया कि ये लाइफ सेविंग केस है । उन्होंने अपने स्तर पर प्रयास किया लेकिन सफलता नहीं मिली, ऐसे में सेवाभाव रखने वाले भुवनेश गुप्ता एमबीएस ब्लड बैंक पहुंचे और उन्होंने 71वीं बार एसडीपी डोनशन किया। वह इससे पूर्व 109 बार रक्तदान भी कर चुके हैं और हजारों लोगों को इस सेवा कार्य से जोड़ चुके हैं। मेडिकल कॉलेज में एसडीपी के लिए रजनीश खंडेलवाल तैयार थे, लेकिन किसी कारण से एमबीएस में एसडीपी की गई, इस दौरान टीम जीवनदाता के मनीष माहेश्वरी , नितिन मेहता, शुभम, सिद्धार्थ सहित कई लोग भी उपस्थित रहे। - गर्मी में ना करें संकोच, व्यक्ति का जीवन है अनमोल भुवनेश गुप्ता ने कहा कि गर्मी के मौसम में लोग रक्तदान व एसडीपी डोनेशन करने में संकोच करते हैं, भ्रांतियां उनके मन में रहती है, लेकिन किसी की जान का महत्व समझों और गर्मी में एक या दो बार हर व्यक्ति को रक्तदान व एसडीपी डोनेशन करना चाहिए ताकी मदद का यह हाथ किसी के जीवन की डोर को थाम सकता है। सबसे अधिक एसडीपी व ब्लड की आवश्यकता गर्मी में रहती है, ऐसे में एक बार भी रक्तदान किया गया तो रक्त की कमी को दूर किया जा सकता है।1
- यहाँ इस घटना और चुनावी माहौल से जुड़ी मुख्य जानकारी दी गई है: 1. दक्षिण दिनाजपुर: प्रत्याशी पर हमला और भागकर बचाई जान कुमारगंज विधानसभा क्षेत्र में मतदान के दौरान स्थिति उस समय बिगड़ गई जब भाजपा प्रत्याशी सुवेंदु सरकार के काफिले पर हमला हुआ। खबरों के अनुसार: भीड़ का हमला: प्रत्याशी ने आरोप लगाया कि उन पर और उनके सुरक्षाकर्मियों पर उग्र भीड़ ने हमला किया, जिसके बाद उन्हें अपनी जान बचाने के लिए वहां से भागना पड़ा। वाहन में तोड़फोड़: उनके वाहन को काफी नुकसान पहुँचाया गया है। प्रत्याशी ने इस हिंसा का सीधा आरोप तृणमूल कांग्रेस (TMC) के कार्यकर्ताओं पर लगाया है। सुरक्षा पर सवाल: इस घटना ने चुनाव आयोग और तैनात सुरक्षा बलों की मुस्तैदी पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं, क्योंकि भारी सुरक्षा तैनाती के दावों के बावजूद प्रत्याशी सुरक्षित महसूस नहीं कर रहे हैं। 2. फलौदी सट्टा बाजार का अनुमान (Phalodi Satta Bazar) जहाँ एक तरफ बंगाल की सड़कों पर हिंसा का माहौल है, वहीं राजस्थान का प्रसिद्ध फलौदी सट्टा बाजार अपनी भविष्यवाणियों के साथ सुर्खियों में है। सट्टा बाजार के ताजा रुझान बीजेपी के लिए काफी सकारात्मक संकेत दे रहे हैं: बीजेपी को बढ़त: सट्टा बाजार के आंकड़ों के अनुसार, पश्चिम बंगाल में भाजपा को स्पष्ट बहुमत मिलने की संभावना जताई जा रही है। सीटों का आंकड़ा: बाजार के सटोरियों का मानना है कि भाजपा 148 के जादुई आंकड़े को पार कर 170 से अधिक सीटें जीत सकती है। यह अनुमान जमीनी स्तर पर चल रही कांटे की टक्कर के बीच काफी चौंकाने वाला है। निष्कर्ष और वर्तमान स्थिति वोटिंग टर्नआउट: पहले चरण में पश्चिम बंगाल में शाम 5 बजे तक 89.93% से अधिक का भारी मतदान दर्ज किया गया है, जो मतदाताओं के उत्साह को दर्शाता है। राजनीतिक बयानबाजी: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारी मतदान को भाजपा की लहर बताया है, वहीं मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने दावा किया है कि पहले चरण के रुझान ही TMC की जीत पक्की कर चुके हैं। नोट: सट्टा बाजार के अनुमान केवल बाजार की धारणा पर आधारित होते हैं और इनका वास्तविक चुनाव परिणामों से कोई आधिकारिक संबंध नहीं होता है। अंतिम परिणाम चुनाव आयोग द्वारा ही घोषित किए जाएंगे।1
- Post by Rajendra Kumar Doveriya1
- Post by VKH NEWS1
- कोटा में पहली बार राष्ट्रीय गतका प्रतियोगिता का आगाज़,32 विश्वविद्यालयों की 212 महिला खिलाड़ियों ने दिखाया दम कोटा। भारतीय विश्वविद्यालय संघ एवं खेल और युवा मामले विभाग, भारत सरकार के संयुक्त तत्वावधान में कोटा विश्वविद्यालय में बुधवार को अखिल भारतीय अंतर-विश्वविद्यालय गतका प्रतियोगिता का भव्य शुभारंभ हुआ। कुलगुरु प्रो. बी.पी. सारस्वत के निर्देशन में आयोजित इस प्रतिष्ठित स्पर्धा की मेजबानी इस वर्ष पहली बार कोटा विश्वविद्यालय को सौंपी गई है। 22 से 26 अप्रैल तक चलने वाली इस प्रतियोगिता में दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, उत्तर प्रदेश, राजस्थान एवं छत्तीसगढ़ सहित देशभर के 32 विश्वविद्यालयों की 212 महिला खिलाड़ियाँ तथा 30 कोच व मैनेजर भाग ले रहे हैं। पंजाब के विश्वविद्यालयों का रहा दबदबा आयोजन सचिव डा. विजय सिंह ने बताया कि प्रतियोगिता के पहले दिन फुल स्ट्राइक फटी सोटी टीम इवेंट में गुरु काशी यूनिवर्सिटी, पंजाब ने स्वर्ण पदक अपने नाम किया, जबकि श्री गुरु ग्रंथ साहिब यूनिवर्सिटी को रजत पदक प्राप्त हुआ। पंजाबी यूनिवर्सिटी, पटियाला एवं डॉ. प्रीति ग्लोबल यूनिवर्सिटी, जयपुर संयुक्त रूप से कांस्य पदक विजेता रहीं। हाफ स्ट्राइक सिंगल सोटी स्पर्धा में पंजाबी यूनिवर्सिटी, पटियाला ने स्वर्ण पदक जीता। श्री गुरु ग्रंथ साहिब यूनिवर्सिटी रजत तथा डॉ. प्रीति ग्लोबल यूनिवर्सिटी एवं देवगढ़ यूनिवर्सिटी, गोबिंदगढ़ संयुक्त रूप से कांस्य पदक पर रहीं। आयोजन सचिव डॉ. विजय सिंह ने बताया कि प्रतियोगिता गतका की चार प्रमुख श्रेणियों में आयोजित हो रही है, जिसका संचालन गतका फेडरेशन ऑफ इंडिया के 30 तकनीकी अधिकारियों एवं रेफरी के पर्यवेक्षण में किया जा रहा है। युवाओं को खेलों से जोड़ना आवश्यक — प्रो. चौधरी उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि राजस्थान तकनीकी विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. निमित्त रंजन चौधरी ने कहा कि स्वस्थ जीवनशैली के लिए खेल अपरिहार्य हैं और प्रत्येक युवा को किसी न किसी खेल से अवश्य जुड़ना चाहिए। समारोह में वीर खालसा गतका दल, कोटा द्वारा पारंपरिक गतका का प्रभावशाली प्रदर्शन किया गया, जिसे दर्शकों ने भरपूर सराहा। गतका फेडरेशन ऑफ इंडिया के महासचिव बलजिंदर सिंह तूर ने कहा कि कोटा में इस स्तर की प्रतियोगिता का यह ऐतिहासिक प्रथम आयोजन स्थानीय प्रतिभाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगा। कार्यक्रम का संचालन विजयलक्ष्मी जैन ने किया तथा डॉ. विजय सिंह ने आभार व्यक्त किया। वीर खालसा गतका दल की आकर्षक प्रस्तुति उद्घाटन समारोह के दौरान वीर खालसा गतका दल, कोटा द्वारा पारंपरिक गतका का शानदार प्रदर्शन प्रस्तुत किया गया, जिसे उपस्थित दर्शकों ने खूब सराहा। इस अवसर पर सिख समाज के प्रतिनिधि तरुमीत सिंह बेदी एवं समाजसेवी हरमीत सिंह भी मौजूद रहे। ये रहे मंचासीन कार्यक्रम में राजस्थान तकनीकी विश्वविद्यालय, कोटा के कुलगुरु प्रो. निमित्त रंजन चौधरी के साथ भारत माता कॉलेज के निदेशक डॉ. मजीद मलिक ‘कमांडो’, प्राइवेट कॉलेज एसोसिएशन के अध्यक्ष विशाल जोशी, समाजसेवी प्रेम जे. भाटिया, सर्वोदय कॉलेज के निदेशक ए.जी. मिर्जा, अधिष्ठाता स्नातकोत्तर अध्ययन प्रो. घनश्याम शर्मा, प्रो. बी.एस. राठौड़ तथा कार्यवाहक कुलसचिव एवं वित्त नियंत्रक भगवान करमचंदानी मंचासीन रहे एवं अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम का संचालन विजयलक्ष्मी जैन ने किया, जबकि आयोजन सचिव डॉ. विजय सिंह ने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों के प्रति आभार प्रकट किया। इस अवसर पर डॉ. एम.एल. साहू, एच.एस. शक्तावत, डॉ. चक्रपाणि गौतम, डॉ. शिखा दाधीच, डॉ. पायल जोशी, डॉ. विपुल शर्मा, डॉ. चमन तिवारी, डॉ. अमर सिंह यादव, डॉ. मूलचंद शर्मा, आशीष यादव, डॉ. तीरथ सांगा, डॉ. धीरेन्द्र सक्सेना, डॉ. भूपेंद्र शर्मा, शाहबाज खान, अफरोज अब्बास सहित अनेक अधिकारी, कार्मिक एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।1
- एक्शन मोड में नगर निगम, स्टेशन रोड पर फुटपाथ से कब्जा हटाया एक दर्जन से ज्यादा चालन बनाए ।। कोटा। शहर में अतिक्रमण के खिलाफ नगर निगम का एक्शन बुधवार को भी नजर आया। निगम और पुलिस की संयुक्त टीम ने बुधवार स्टेशन रोड तक व्यापक अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया। अतिक्रमण जाप्ता प्रभारी ने बताया कि नगर निगम लगातार पूरे शहर में मुनादी कर अतिक्रमणकारियों को चेतावनी दे रहा है कि वे स्वयं अपने अतिक्रमण हटा लें। इसी क्रम में बुधवार को निगम की अतिक्रमण निरोधक टीम और पुलिस टीम ने स्टेशन रोड तक कार्रवाई करते हुए सड़क और फुटपाथ पर किए गए अस्थायी अतिक्रमण को हटाया। कार्रवाई के दौरान दुकानों के बाहर लगाए गए बैनर, होर्डिंग और बाहर रखे सामान को हटवाया गया। साथ ही फुटपाथ और उसके आगे लगे ठेले-थड़ियों को भी हटाया गया, जिससे मार्ग पर यातायात सुचारू रूप से संचालित हो सके। इस कार्यवाही के तहत 13 ठेले वालो और थड़ी वालों के खिलाफ चालान भी काटे। चालन की राशि लगभ 2200 रुपए बताई गई है।17 चालन ट्रैफिक पुलिस ने बनाए।निगम की कार्यवाही की स्थानीय लोगों ने प्रशंसा की है। अतिक्रमण हटाने कार्यवाही के दौरान कनिष्ठ अभियंता दिनेश गंगवाल जाप्ता प्रभारी संजीव कुमार दस्ता प्रभारी मय जाप्ता एवं संसाधन के साथ मौजूद रहे।1