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डभौरा में प्रतिबंधित क्षेत्रों में ऑटो प्रवेश पर उठे सवाल, कार्रवाई की मांग
विकास श्रीवास्तव
डभौरा में प्रतिबंधित क्षेत्रों में ऑटो प्रवेश पर उठे सवाल, कार्रवाई की मांग
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- प्रेस विज्ञप्ति पुलिस थाना विजयराघवगढ़ जिला कटनी जंगलों पर अतिक्रमण करने वाले विजयराघवगढ़ पुलिस की नजर में श्रीमान पुलिस अधीक्षक महोदय श्री अभिनय विश्वकर्मा के निर्देशन में श्रीमान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महोदय श्री कमल मौर्य व श्रीमान अनुविभागीय अधिकारी श्री वीरेन्द्र धार्वे महोदय के मार्गदर्शन पर निरीक्षक अभिषेक चौबे थाना प्रभारी विजयराघवगढ़ के द्वारा एक महत्वपूर्ण कार्यवाही को अंजाम दिया गया। विवरण – मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान में प्राप्त शिकायतों पर थाना विजयराघवगढ़ ने संज्ञान लेकर कार्यवाही की है। आपको बता दें कि मुख्यमत्री जन विश्वास अभियान के दौरान कुछ ग्रामीणों के द्वारा यह शिकायत दर्ज कराई थी कि ग्राम कारीतलाई, पिपरा, बम्हौरी, कुसमा स्थित वन विभाग की जमीनों पर कुछ बाहरी अज्ञात लोगों के द्वारा अतिक्रमण किया जा रहा है। पुलिस ने इस पर तत्काल कार्यवाही करते हुये उन स्थानों को चिन्हित किया जहां पर वन भूमि पर अतिक्रमण किया जा रहा था। पुलिस ने ग्राम पिपरा, गुड़ेहा, कुसमा, बम्हौरी, कारीतलाई स्थित वन भूमि जहां पर अतिक्रमण किया जा रहा था उन स्थानों का भौतिक मुआयना किया एवं वहां पर उपस्थित लोगों को थाना आकर अपने पहचान संबंधी दस्तावेज प्रस्तुत करने एवं वेरीफिकेशन के लिये पाबंद किया था। इसी लिये दिनांक 22/09/2026 को बड़ी संख्या में वन भूमि पर अतिक्रमण करने वाले लोगों के आधारकार्ड एवं मोबाईल नम्बर प्राप्त किये गये हैं। इस दौरान करीब 250 की संख्या में महिला पुरूष थाना विजयराघवगढ़ परिसर में इकट्ठा हुये और अपने दस्तावेज प्रस्तुत किये। जिनका वेरीफिकेशन किया जा रहा है। इस दौरान राज्य वन विकास निगम के रेंज आफिसर श्री नायडू एवं उनकी टीम थाना में उपस्थित रही। वन भूमि पर अतिक्रमणकारियों को समझाईश दी गई कि वन भूमि पर अतिक्रमण करना अवैध है और शीघ्र अतिशीघ्र वन भूमि खाली करने की हिदायत दी गई। अतिक्रमणकारी मुख्य रूप से मैहर, सतना, रीवा, सीधी और शहडोल जिले के हैं। सभी के रिकार्ड खंगाले जा रहे हैं।2
- स्वर्गीय मदन लाल ग्रोवर की पगड़ी रस्म में उमड़ा जनसैलाब निर्मल सत्य गार्डन में श्रद्धांजलि कार्यक्रम, हजारों लोगों ने दी भावपूर्ण श्रद्धांजलि कटनी। शहर के प्रतिष्ठित नागरिक एवं उद्योगपति स्वर्गीय मदन लाल ग्रोवर की पगड़ी 💥*जिला कटनी से ज्योति तिवारी*💥 //6267641443 //रस्म का कार्यक्रम कटाए घाट मोड़ स्थित निर्मल सत्य गार्डन में श्रद्धापूर्ण वातावरण में आयोजित किया गया। उनके सुपुत्र रंजन बाबू ग्रोवर द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में कटनी शहर सहित जिले के विभिन्न क्षेत्रों से हजारों की संख्या में सामाजिक, राजनीतिक, व्यापारिक एवं गणमान्य नागरिक पहुंचे और स्वर्गीय मदन लाल ग्रोवर को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। कार्यक्रम स्थल पर श्रद्धांजलि देने वालों के पहुंचने का सिलसिला लगातार जारी रहा। इस दौरान लगातार शब्द-कीर्तन चलता रहा, जिससे पूरे परिसर में आध्यात्मिक एवं भावुक वातावरण बना रहा। शब्द-कीर्तन के माध्यम से दिवंगत आत्मा की शांति के लिए अरदास की गई। उपस्थित लोगों ने श्रद्धापूर्वक कीर्तन में शामिल होकर स्वर्गीय मदन लाल ग्रोवर को नमन किया। कार्यक्रम के दौरान चमन लाल आनंद द्वारा स्वर्गीय मदन लाल ग्रोवर के निधन पर शोक संदेश का वाचन किया गया। शोक संदेश के माध्यम से उनके व्यक्तित्व, सामाजिक संबंधों एवं परिवार के प्रति उनके योगदान को स्मरण किया गया। शोक संदेश के दौरान कार्यक्रम स्थल पर मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं और सभी ने मौन भाव से दिवंगत आत्मा को श्रद्धांजलि अर्पित की। पगड़ी रस्म के अवसर पर बड़ी संख्या में पहुंचे लोगों ने स्वर्गीय मदन लाल ग्रोवर के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी और शोकाकुल ग्रोवर परिवार के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं। लोगों ने उनके सहज, मिलनसार एवं आत्मीय व्यक्तित्व को याद करते हुए उनसे जुड़े संस्मरण साझा किए। कार्यक्रम में शहर एवं जिले के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे लोगों की मौजूदगी ने स्वर्गीय मदन लाल ग्रोवर के व्यापक सामाजिक एवं व्यावसायिक संपर्कों को भी प्रदर्शित किया। लोगों ने रंजन बाबू ग्रोवर सहित पूरे ग्रोवर परिवार को दुःख की इस घड़ी में ढांढस बंधाया तथा दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। पगड़ी रस्म के दौरान परिवारजनों एवं शुभचिंतकों की मौजूदगी में धार्मिक रीति-रिवाज संपन्न हुए। शब्द-कीर्तन की मधुर ध्वनि और श्रद्धांजलि के भावपूर्ण वातावरण के बीच कार्यक्रम आगे बढ़ता रहा। उपस्थित लोगों ने दिवंगत आत्मा की शांति तथा परिवार को इस अपार दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की। कार्यक्रम के दौरान आगंतुकों के लिए भोजन प्रसाद की व्यवस्था भी की गई। बड़ी संख्या में लोगों ने भोजन प्रसाद ग्रहण किया और इसके बाद ग्रोवर परिवार के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं। स्वर्गीय मदन लाल ग्रोवर की पगड़ी रस्म में उमड़ी हजारों लोगों की उपस्थिति उनके प्रति समाज के विभिन्न वर्गों में मौजूद आत्मीयता और सम्मान को दर्शाती रही। कार्यक्रम के अंत में परिजनों ने श्रद्धांजलि कार्यक्रम में शामिल होकर संवेदना व्यक्त करने वाले सभी लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया।3
- गोपालपुर हादसा: लकड़ी कटाई के दौरान मजदूर की मौत, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल बिरला माइंस क्षेत्र में पेड़ कटाई के दौरान ऊपर गिरी लकड़ी की चपेट में आया अधेड़ मजदूर; वन विभाग और ठेकेदार की कार्यप्रणाली पर सवाल, जांच की मांग शहडोल/बुढ़ार। बुढ़ार क्षेत्र के गोपालपुर जंगल में लकड़ी कटाई के दौरान हुए दर्दनाक हादसे में एक अधेड़ मजदूर की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि पेड़ काटने के दौरान अचानक लकड़ी ऊपर आ गिरी, जिसकी चपेट में आने से केशव साहू, निवासी शाहपुर की मौके पर मौत हो गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार केशव साहू चेतन साहू के कांट्रेक्ट के तहत मजदूरी का कार्य कर रहा था। हादसे के बाद घटनास्थल पर वन विभाग और पुलिस की टीम पहुंची। बुढ़ार तहसीलदार के भी मौके पर पहुंचने की जानकारी सामने आई है। अधिकारियों द्वारा घटना से जुड़े तथ्यों की जांच की जा रही है। सुरक्षा इंतजामों पर सबसे बड़ा सवाल हादसे के बाद सबसे बड़ा सवाल यह है कि जंगल में बड़े पैमाने पर लकड़ी कटाई के दौरान मजदूरों की सुरक्षा के लिए क्या इंतजाम किए गए थे? क्या कार्यस्थल पर सुरक्षा मानकों का पालन कराया जा रहा था? क्या कटाई से पहले खतरे वाले क्षेत्र को सुरक्षित किया गया था? क्या मौके पर जिम्मेदार अधिकारी या पर्यवेक्षक मौजूद थे? और यदि सुरक्षा व्यवस्था में कमी थी, तो उसकी जिम्मेदारी किसकी तय होगी? स्थानीय स्तर पर डिप्टी रेंजर की निगरानी और भूमिका को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी सामने नहीं आई है। इसलिए घटना की निष्पक्ष जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि हादसे के पीछे लापरवाही या सुरक्षा नियमों का उल्लंघन हुआ था अथवा नहीं। TMC बिरला माइंस को लकड़ी हैंडओवर किए जाने की बात प्राप्त जानकारी के मुताबिक जंगल से काटी जा रही लकड़ी को TMC बिरला माइंस को हैंडओवर किया जाना था। ऐसे में यह भी जांच का विषय है कि लकड़ी कटाई का काम किस अनुमति, प्रक्रिया और ठेके के तहत कराया जा रहा था तथा मजदूरों की सुरक्षा की जिम्मेदारी किसकी थी। मुआवजे की बात, लेकिन प्रक्रिया स्पष्ट नहीं बताया जा रहा है कि वन विभाग की ओर से मृतक के परिवार को मुआवजा दिए जाने की बात कही गई है। हालांकि मुआवजे की राशि, पात्रता और भुगतान की प्रक्रिया को लेकर आधिकारिक जानकारी अभी सामने आना बाकी है। जांच से तय होगी जिम्मेदारी घटना ने वन क्षेत्र में कराए जा रहे कटाई कार्यों की निगरानी और मजदूरों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों और मजदूरों की ओर से मामले की निष्पक्ष जांच तथा यदि किसी स्तर पर लापरवाही प्रमाणित होती है तो संबंधित जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठ रही है। अब देखना होगा कि वन विभाग और प्रशासन की जांच में हादसे की वास्तविक वजह क्या सामने आती है और मृतक मजदूर की मौत के लिए यदि किसी की जिम्मेदारी निर्धारित होती है, तो उस पर क्या कार्रवाई की जाती है। नोट: डिप्टी रेंजर की “शह” या सीधे तौर पर जिम्मेदारी संबंधी आरोपों की स्वतंत्र/आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध नहीं है। गोपालपुर हादसा: लकड़ी कटाई के दौरान मजदूर की मौत, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल बिरला माइंस क्षेत्र में पेड़ कटाई के दौरान ऊपर गिरी लकड़ी की चपेट में आया अधेड़ मजदूर; वन विभाग और ठेकेदार की कार्यप्रणाली पर सवाल, जांच की मांग शहडोल/बुढ़ार। बुढ़ार क्षेत्र के गोपालपुर जंगल में लकड़ी कटाई के दौरान हुए दर्दनाक हादसे में एक अधेड़ मजदूर की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि पेड़ काटने के दौरान अचानक लकड़ी ऊपर आ गिरी, जिसकी चपेट में आने से केशव साहू, निवासी शाहपुर की मौके पर मौत हो गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार केशव साहू चेतन साहू के कांट्रेक्ट के तहत मजदूरी का कार्य कर रहा था। हादसे के बाद घटनास्थल पर वन विभाग और पुलिस की टीम पहुंची। बुढ़ार तहसीलदार के भी मौके पर पहुंचने की जानकारी सामने आई है। अधिकारियों द्वारा घटना से जुड़े तथ्यों की जांच की जा रही है। सुरक्षा इंतजामों पर सबसे बड़ा सवाल हादसे के बाद सबसे बड़ा सवाल यह है कि जंगल में बड़े पैमाने पर लकड़ी कटाई के दौरान मजदूरों की सुरक्षा के लिए क्या इंतजाम किए गए थे? क्या कार्यस्थल पर सुरक्षा मानकों का पालन कराया जा रहा था? क्या कटाई से पहले खतरे वाले क्षेत्र को सुरक्षित किया गया था? क्या मौके पर जिम्मेदार अधिकारी या पर्यवेक्षक मौजूद थे? और यदि सुरक्षा व्यवस्था में कमी थी, तो उसकी जिम्मेदारी किसकी तय होगी? स्थानीय स्तर पर डिप्टी रेंजर की निगरानी और भूमिका को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी सामने नहीं आई है। इसलिए घटना की निष्पक्ष जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि हादसे के पीछे लापरवाही या सुरक्षा नियमों का उल्लंघन हुआ था अथवा नहीं। TMC बिरला माइंस को लकड़ी हैंडओवर किए जाने की बात प्राप्त जानकारी के मुताबिक जंगल से काटी जा रही लकड़ी को TMC बिरला माइंस को हैंडओवर किया जाना था। ऐसे में यह भी जांच का विषय है कि लकड़ी कटाई का काम किस अनुमति, प्रक्रिया और ठेके के तहत कराया जा रहा था तथा मजदूरों की सुरक्षा की जिम्मेदारी किसकी थी। मुआवजे की बात, लेकिन प्रक्रिया स्पष्ट नहीं बताया जा रहा है कि वन विभाग की ओर से मृतक के परिवार को मुआवजा दिए जाने की बात कही गई है। हालांकि मुआवजे की राशि, पात्रता और भुगतान की प्रक्रिया को लेकर आधिकारिक जानकारी अभी सामने आना बाकी है। जांच से तय होगी जिम्मेदारी घटना ने वन क्षेत्र में कराए जा रहे कटाई कार्यों की निगरानी और मजदूरों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों और मजदूरों की ओर से मामले की निष्पक्ष जांच तथा यदि किसी स्तर पर लापरवाही प्रमाणित होती है तो संबंधित जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठ रही है। अब देखना होगा कि वन विभाग और प्रशासन की जांच में हादसे की वास्तविक वजह क्या सामने आती है और मृतक मजदूर की मौत के लिए यदि किसी की जिम्मेदारी निर्धारित होती है, तो उस पर क्या कार्रवाई की जाती है। नोट: डिप्टी रेंजर की “शह” या सीधे तौर पर जिम्मेदारी संबंधी आरोपों की स्वतंत्र/आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध नहीं है।1
- ढीमरखेड़ा तहसील क्षेत्र की हाईटेक पंचायतों की राह में लापरवाही का गड्ढा ! ढीमरखेड़ा पंचायतों और सरकारी कार्यालयों को हाईटेक सुविधाओं से जोड़ने के लिए विभिन्न ग्राम पंचायतों में बीएसएनएल केबल बिछाने का काम जारी है। केबल के चेंबर बनाने के लिए जगह-जगह गड्ढे खोदे गए हैं, लेकिन कई गड्ढों को खुला छोड़ दिया गया है। गड्ढों के आसपास न सुरक्षा रिबन, न बैरिकेड और न ही चेतावनी संकेतक लगाए गए हैं। ऐसे में बच्चों, ग्रामीणों, मवेशियों और राहगीरों के लिए हादसे का खतरा बना हुआ है। ग्रामीणों ने संबंधित अधिकारियों से मांग की है कि खुले गड्ढों का तत्काल निरीक्षण कर सुरक्षा घेरा और चेतावनी संकेतक लगाए जाएं। उनका कहना है कि विकास कार्य जरूरी है, लेकिन सुरक्षा की अनदेखी कर किसी हादसे का इंतजार नहीं किया जाना चाहिए।1
- क्षतिग्रस्त पानी की लाइन से व्यर्थ बह रहा पानी, जिम्मेदार बेखबर कटनी/बाकल। बस स्टैंड बाकल में पानी सप्लाई की लाइन लंबे समय से क्षतिग्रस्त पड़ी है। बताया जा रहा है कि बीएसएनएल के कार्य के दौरान पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हुई थी, जिसके बाद से पानी आगे की ओर पर्याप्त मात्रा में नहीं पहुंच पा रहा है। सप्लाई शुरू होने पर बड़ी मात्रा में पानी क्षतिग्रस्त हिस्से से ही बाहर निकल जाता है। स्थानीय लोगों के अनुसार नल बंद होने के बाद भी पाइपलाइन में रिसाव दिखाई देता है, जबकि जब नल पूरी फोर्स से चलता है तो क्षतिग्रस्त हिस्से से पानी का रिसाव और अधिक बढ़ जाता है। इससे आगे के हिस्से में पानी की सप्लाई प्रभावित हो रही है और बड़ी मात्रा में पेयजल बर्बाद हो रहा है। विडंबना यह है कि समस्या सामने होने के बावजूद न तो पंचायत इस ओर ध्यान दे रही है और न ही बीएसएनएल द्वारा क्षतिग्रस्त की गई लाइन की मरम्मत कराई जा रही है। ग्रामीणों ने संबंधित जिम्मेदारों से तत्काल पाइपलाइन की मरम्मत कराकर नियमित एवं सुचारु जलापूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की है।1
- पिता को सर्प ने डसा, कुछ घंटों बाद बेटी की मौत से गांव में मातम किशोरी के अंतिम संस्कार की तैयारी के बीच पहुंची पुलिस, शव पीएम के लिए भेजा सिहोरा। सिहोरा थाना क्षेत्र के ग्राम बरखेड़ा में एक ही परिवार में लगातार दो मौतों से मातम पसरा है। रविवार देर रात घर में सो रहे 40 वर्षीय बसंत कोल को सर्प ने डस लिया। उपचार के दौरान सोमवार दोपहर जबलपुर जिला अस्पताल में उनकी मौत हो गई। इसके कुछ ही समय बाद उनकी 15 वर्षीय बेटी की भी मौत हो गई। किशोरी की मौत के कारणों को लेकर पुलिस ने अंतिम संस्कार रुकवाकर शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। जानकारी के अनुसार ग्राम बरखेड़ा निवासी बसंत कोल, पिता भद्दी कोल, को रविवार देर रात घर में सोते समय सर्प ने डस लिया था। परिजन उन्हें उपचार के लिए जबलपुर जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां सोमवार दोपहर करीब 1 बजे उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। परिजनों के अनुसार जिस सर्प ने बसंत को डसा था, उसे मार दिया गया था और वह घर में ही पड़ा मिला। सोमवार को बसंत कोल का शव गांव पहुंचा और अंतिम संस्कार की तैयारी चल रही थी। इसी दौरान उनकी 15 वर्षीय बेटी की भी मौत हो गई। मंगलवार दोपहर करीब 12 बजे परिजन किशोरी के अंतिम संस्कार की तैयारी कर रहे थे। इसी बीच सूचना मिलने पर सिहोरा पुलिस मौके पर पहुंची और किशोरी की मौत को संदिग्ध परिस्थितियों में मानते हुए अंतिम संस्कार रुकवा दिया। पुलिस ने श्मशान घाट से किशोरी का शव अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल सिहोरा की मर्चुरी पहुंचाया। पुलिस के अनुसार पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही किशोरी की मौत के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा। एक के बाद एक दो मौतों से टूटा परिवार पिता की सर्पदंश से मौत और उसके बाद बेटी की मौत की खबर से बरखेड़ा गांव में शोक की लहर है। एक ही परिवार में लगातार हुई दो मौतों ने ग्रामीणों को भी झकझोर दिया। परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल है। वहीं किशोरी के अंतिम संस्कार की तैयारियों के बीच पुलिस द्वारा शव पोस्टमार्टम के लिए ले जाने के बाद घटना को लेकर ग्रामीणों में भी तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। हालांकि किशोरी की मौत की वास्तविक वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगी। इनका कहना "पीएम रिपोर्ट आने के बाद बेटी की मौत का कारण स्पष्ट हो सकेगा। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।" प्रतीक्षा मार्को, थाना प्रभारी, सिहोरा1
- तनख्वाह न मिलने पर,,,, पूरे टेक्सटाइल मार्केट को आगे के हवाले कर दिया कर्मचारी ने यह घटना सूरत की गुजरात1
- बहोरीबंद जनपद में विवाद गहराया, सातवें दिन भी धरना जारी जनपद अध्यक्ष और सदस्यों की CEO हटाने की मांग समर्थन में उतरी भीम आर्मी, बुधवार को चक्का जाम का ऐलान कटनी के बहोरीबंद जनपद पंचायत में जनपद अध्यक्ष और CEO के बीच विवाद बढ़ता जा रहा है। जनपद अध्यक्ष लाल कमल बंसल सहित जनपद सदस्यों का धरना सातवें दिन भी जारी है। प्रदर्शनकारियों ने CEO अभिषेक कुमार झा को हटाने सहित विभिन्न मांगें रखी हैं। जनपद अध्यक्ष ने आज मंगलबार सुबह करीब 11 बजे आरोप लगाते हुए बताया कि अनियमितताओं के विरोध के बाद उनके कार्यालय में ताला लगवाया गया। उन्होंने ग्राम पंचायतों में कथित फर्जी बिल और कमीशनखोरी की निष्पक्ष जांच की मांग की है। वहीं आंदोलन को भीम आर्मी ने समर्थन दिया है। संगठन के चंद्रभान सिंह ने बुधवार को बहोरीबंद बस स्टैंड पर चक्का जाम और 10 सूत्रीय मांगों को लेकर आंदोलन की घोषणा की है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि मांगों पर कार्रवाई होने तक धरना जारी रहेगा।1
- रायसेन भीषण सड़क हादसा ऐसे में गए लोगों के लिए बने रक्षक सी एम एच ओ रायसेन-एक्सीडेंट में घायल युवकों के लिए फरिश्ता बनकर आएसीएमएचओ डॉ दिनेश खत्री। सड़क हादसे में घायल युवकों के लिए जीवनरक्षक बने सीएमएचओ डॉ. दिनेश खत्री। भोपाल रोड पर एक्सीडेंट में लहूलुहान पड़े तीन घायलों को खुद के वाहन से पहुंचाया जिला अस्पताल। अपने सार काम छोड़कर घायलों का खुद की निगरानी में किया इलाज। खरवई पुलिस चौकी के सामने मैजिक वाहन का टायर फटने से तीन लोग हो गए थे घायल। हादसे के बाद मौके से गुजर रहे CMHO डॉ. दिनेश खत्री ने अपना वाहन रुकवाया। सड़क पर लहूलुहान पड़े तीनो घायलों की मदद की। एंबुलेंस में देरी को देखते हुए डॉ. खत्री ने तीनों घायलों को खुद के वाहन से जिला अस्पताल पहुंचाया। ट्रॉमा सेंटर में खुद की निगरानी में इलाज शुरू कराया। तीनों घायलों के सिर,हाथ और पेट में चोटें आई हैं। डॉ दिनेश खत्री के इस कार्य की हर तरफ़ हो रही प्रशंसा। 1-बाइट-डॉ दिनेश खत्री सीएमएचओ रायसेन। अजय गोहिल रायसेन।3