पितृ मोक्ष अमावस्या पर पितरों को तर्पण श्राद्ध आदि करने का आखिरी दिन शनि अमावस्या का अद्भुत संयोग सर्व पितृ मोक्ष अमावस्या - सर्व पत्र मोक्ष अमावस्या और शनि अमावस्या का अद्भुत संयोग - 27 साल बाद एक साथ हो रहा शुभ संयोग - पिछले 15 दिनों से चले आ रहे पत्र पक्ष का शनिवार को पत्र मोक्ष अमावस्या पर समापन होगा इसके बाद पत्र अपने लोग को वापस चले जाएंगे इन 15 दिनों के दौरान सभी लोगों ने अपने पूर्वज जो अलग-अलग तिथियां को दिवंगत हुए थे उन्नतियों पर तर्पण करने के साथ, उनका श्राद्ध आदि किया था पंडित संजय पुरोहित बताते हैं कि जिन लोगों को अपने दिवंगत पूर्वजों की तिथि याद नहीं है पितृपक्ष के पहले दिन पूर्णिमा पर और अंतिम दिन पत्र मोक्ष अमावस्या पर तर्पण कर सकते हैं इसके अलावा जो व्यक्ति इन 15 दिनों में समय अभाव के कारण तर्पण आदि नहीं कर सकती हैं वे भी अपने पूर्वजों को एक ही दिन तर्पण कर श्राद्ध आदि कर उनसे आशीर्वाद प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि करीब 27 साल बाद यह योग बन रहा है जिसमें पितृ मोक्ष अमावस्या और शनि अमावस्या एक ही दिन पड़ रही है जो काफी शुभ फलकारी है उन्होंने कहा कि जो लोग अब तक तर्पण नहीं कर पाए हैं वह पत्र मुख्य अमावस्या पर आकर विधि विधान से तर्पण करें
पितृ मोक्ष अमावस्या पर पितरों को तर्पण श्राद्ध आदि करने का आखिरी दिन शनि अमावस्या का अद्भुत संयोग सर्व पितृ मोक्ष अमावस्या - सर्व पत्र मोक्ष अमावस्या और शनि अमावस्या का अद्भुत संयोग - 27 साल बाद एक साथ हो रहा शुभ संयोग - पिछले 15 दिनों से चले आ रहे पत्र पक्ष का शनिवार को पत्र मोक्ष अमावस्या पर समापन होगा इसके बाद पत्र अपने लोग को वापस चले जाएंगे इन 15 दिनों के दौरान सभी
लोगों ने अपने पूर्वज जो अलग-अलग तिथियां को दिवंगत हुए थे उन्नतियों पर तर्पण करने के साथ, उनका श्राद्ध आदि किया था पंडित संजय पुरोहित बताते हैं कि जिन लोगों को अपने दिवंगत पूर्वजों की तिथि याद नहीं है पितृपक्ष के पहले दिन पूर्णिमा पर और अंतिम दिन पत्र मोक्ष अमावस्या पर तर्पण कर सकते हैं इसके अलावा जो व्यक्ति इन 15 दिनों में समय अभाव के कारण तर्पण आदि नहीं कर सकती हैं
वे भी अपने पूर्वजों को एक ही दिन तर्पण कर श्राद्ध आदि कर उनसे आशीर्वाद प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि करीब 27 साल बाद यह योग बन रहा है जिसमें पितृ मोक्ष अमावस्या और शनि अमावस्या एक ही दिन पड़ रही है जो काफी शुभ फलकारी है उन्होंने कहा कि जो लोग अब तक तर्पण नहीं कर पाए हैं वह पत्र मुख्य अमावस्या पर आकर विधि विधान से तर्पण करें
- सर्वपितृ अमावस्या विशेष -मुक्ति धाम में दिवंगत हुए सभी पितरों को दी जाएगी विदाई.. पुरखों के प्रतीक कागो को परोसें जाएंगे विभिन्न प्रकार के व्यंजन और उन्हीं की याद में किया जाएगा पौधारोपण विदिशा/मुक्तिधाम सेवा समिति के सचिव मनोज पांडे ने बताया कि मुक्तिधाम की काग रसोई में आज शनिवार को हमारे पुरखों के प्रतीक कागो को विभिन्न प्रकार के व्यंजनों का भोग लगाकर उनको विदा किया जाएगा। क्योंकि ऐसा माना जाता है कि पितृपक्ष के 15 दिनों तक पुरखे हमारे बीच मौजूद रहते हैं और सर्व पितृ अमावस्या पर वह पितृ लोक को वापस जाते हैं। इसलिए उनकी तृप्ति से हम सब परिवार की सुख शांति समृद्धि वंश वृद्धि सेहत सुधर और अन्य कार्य जुड़े रहते हैं इसलिए इस अमावस्या पर हम सभी अपने-अपने कार्यों से उन्हें तृप्त कर उनके पितृलोक की यात्रा सुगम करते हैं इसी के अंतर्गत मुक्तिधाम से जिस भी परिवार कुटुंब या लोगों का यहां अंतिम संस्कार हुआ है उन सभी की तृप्ति के लिए यह कार्य आयोजित किया गया है। संस्था सचिव मनोज पांडे के मुताबिक सर्वपितृ अमावस्या पर दिवंगत सभी पुरखों की याद में औषधि और वैदिक पौधों का रोपण भी किया जा रहा है। मुक्तिधाम सेवा समिति के सचिव मनोज पांडे के मुताबिक यहां मुक्ति धाम में एक काग रसोई भी संचालित है जहां पूरे वर्ष भर कागो के पशु पक्षियों के आहार की व्यवस्था की जाती है। श्री पांडे के मुताबिक यह क्रम आगे भी 365 दिन जारी रहेगा। मुक्तिधाम में सर्व पितृ अमावस्या पर कागो को खीर पुरी बूंदी लड्डू सहित समोसे कचोरी भाजी बड़ा जलेबी बिस्किट पोहा आदि अनेक व्यंजन परोसे जाएंगे की शहर के सभी परिवारों में उनके पितरों का आशीर्वाद बना रहे। संस्था सचिव मनोज पांडे ने शहर वासियों से अपील की है कि वह भी शनिवार सुबह 7:30 बजे आयोजित इस धार्मिक आयोजन में शामिल होकर अपने पितरों को अंतिम विदाई प्रदान करें।1
- मूर्तिकार धर्मेंद्र प्रजापति ने बताया कि प्रजापति समाज के सदस्यों द्वारा माता रानी के आगमन और स्थापना को लेकर सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। माता रानी के दरबार को आकर्षक रूप देने के साथ ही नवरात्रि उत्सव को भक्तिमय वातावरण मूर्तिकार धर्मेंद्र प्रजापति ने बताया कि प्रजापति समाज के सदस्यों द्वारा माता रानी के आगमन और स्थापना को लेकर सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। माता रानी के दरबार को आकर्षक रूप देने के साथ ही नवरात्रि उत्सव को भक्तिमय वातावरण1
- नवरात्रि में मांस की दुकानें बंद कराने की मांग, विहिप और बजरंग दल ने एसडीएम को सौंपा ज्ञापन शनिवार को संगठन के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने एसडीएम शमशाबाद को ज्ञापन सौंपकर 11 अक्टूबर से 20 अक्टूबर 2026 तक मांस की दुकानों को बंद रखने की मांग की। ज्ञापन में कहा गया कि नवरात्रि के दौरान श्रद्धालु व्रत, उपवास और पूजा-अर्चना करते हैं। ऐसे में धार्मिक आस्था और जनभावनाओं को ध्यान में रखते हुए प्रशासन से आवश्यक निर्देश जारी करने का आग्रह किया गया है। इस दौरान संगठन के जिला संयोजक कुलदीप सिंह धाकड़ सहित विशाल यादव, राज विश्वकर्मा, रामदयाल कुशवाहा और अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।1
- शमशाबाद: पाइपलाइन के बाद सड़क बदहाल, रहवासियों ने सौंपा आवेदन वार्ड नंबर 8 में सड़क पर कंक्रीट कराने की मांग, CMO को दिया आवेदन शमशाबाद के वार्ड नंबर 8 में जल पाइपलाइन बिछाने के बाद सड़क पर कंक्रीट नहीं होने से रहवासी परेशान हैं। इस समस्या को लेकर रहवासियों ने नगर परिषद पहुंचकर मुख्य नगर पालिका अधिकारी को लिखित आवेदन सौंपा और जल्द सड़क की मरम्मत कराने की मांग की, ताकि आवागमन में हो रही परेशानी से राहत मिल सके।1
- वीआईपी रोड पर डिवाइडर पर चढ़ी कार रोड पर लगा ट्रैफिक जाम1
- बेरखेड़ी के गरीब परिवारों ने दिग्विजय सिंह से लगाई न्याय की गुहार, मकान तोड़ने और मतदान को लेकर धमकाने का आरोप भोपाल। राजधानी भोपाल के हुजूर तहसील अंतर्गत ग्राम बेरखेड़ी बाज्याप्त के गरीब परिवारों ने पूर्व मुख्यमंत्री एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह से मुलाकात कर अपने मकानों को लेकर जारी प्रशासनिक कार्रवाई के संबंध में न्याय की गुहार लगाई है। ग्रामीणों ने स्थानीय विधायक रामेश्वर शर्मा और राजस्व विभाग के अधिकारियों पर राजनीतिक द्वेष के चलते चुनिंदा परिवारों को निशाना बनाने तथा भाजपा के पक्ष में मतदान करने के लिए दबाव बनाने का आरोप लगाया है। ग्रामीणों द्वारा दिए गए आवेदन के अनुसार, वे पिछले 30 वर्षों से अधिक समय से गांव में अपने परिवारों के साथ निवास कर रहे हैं। इनमें अधिकांश परिवार गरीबी रेखा से नीचे जीवनयापन करने वाले और दैनिक मजदूरी पर निर्भर हैं। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने अपनी जीवनभर की कमाई मकानों के निर्माण में लगाई है। कुछ मकान प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत निर्मित हैं, जबकि कई घरों में सरकारी योजनाओं के तहत शौचालयों का निर्माण भी कराया गया है। आवेदन में आरोप लगाया गया है कि स्थानीय विधायक रामेश्वर शर्मा से संबंधित लोगों द्वारा ग्रामीणों पर भाजपा के पक्ष में मतदान करने का दबाव बनाया जा रहा है। ग्रामीणों का दावा है कि ऐसा नहीं करने पर उनके मकान तोड़े जाने की धमकी दी जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि हुजूर क्षेत्र में अन्य स्थानों पर भी सरकारी भूमि पर मकान बने होने के बावजूद केवल कुछ गरीब परिवारों के विरुद्ध कार्रवाई की जा रही है। ग्रामीणों ने विवेक कुशवाहा, पुत्र ओमप्रकाश कुशवाहा, के मकान का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया है कि समान परिस्थितियों के बावजूद उसके विरुद्ध कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने इसे भेदभावपूर्ण कार्रवाई बताते हुए संविधान के अनुच्छेद 14 के तहत समानता के अधिकार का मुद्दा उठाया है। आवेदन में तहसीलदार हुजूर कुणाल राउत द्वारा प्रकरण क्रमांक A-68/2026-2027 में मध्यप्रदेश भू-राजस्व संहिता, 1959 की धारा 248 के अंतर्गत जारी नोटिस का भी उल्लेख है। ग्रामीणों के अनुसार, वे 7 अक्टूबर 2026 को अपने अधिवक्ता के साथ तहसील कार्यालय पहुंचे थे, लेकिन उन्हें उचित सुनवाई का अवसर दिए बिना आदेश पत्रिका पर हस्ताक्षर कराए गए। उनका आरोप है कि हस्ताक्षर केवल उपस्थिति दर्ज करने के नाम पर कराए गए थे। ग्रामीणों ने दिग्विजय सिंह से मामले में हस्तक्षेप करने, निष्पक्ष जांच कराने, कथित भेदभावपूर्ण कार्रवाई पर रोक लगाने और सभी प्रभावित परिवारों को उचित सुनवाई का अवसर दिलाने की मांग की है। बेरखेड़ी के गरीब परिवारों ने दिग्विजय सिंह से लगाई न्याय की गुहार, मकान तोड़ने और मतदान को लेकर धमकाने का आरोप भोपाल। राजधानी भोपाल के हुजूर तहसील अंतर्गत ग्राम बेरखेड़ी बाज्याप्त के गरीब परिवारों ने पूर्व मुख्यमंत्री एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह से मुलाकात कर अपने मकानों को लेकर जारी प्रशासनिक कार्रवाई के संबंध में न्याय की गुहार लगाई है। ग्रामीणों ने स्थानीय विधायक रामेश्वर शर्मा और राजस्व विभाग के अधिकारियों पर राजनीतिक द्वेष के चलते चुनिंदा परिवारों को निशाना बनाने तथा भाजपा के पक्ष में मतदान करने के लिए दबाव बनाने का आरोप लगाया है। ग्रामीणों द्वारा दिए गए आवेदन के अनुसार, वे पिछले 30 वर्षों से अधिक समय से गांव में अपने परिवारों के साथ निवास कर रहे हैं। इनमें अधिकांश परिवार गरीबी रेखा से नीचे जीवनयापन करने वाले और दैनिक मजदूरी पर निर्भर हैं। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने अपनी जीवनभर की कमाई मकानों के निर्माण में लगाई है। कुछ मकान प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत निर्मित हैं, जबकि कई घरों में सरकारी योजनाओं के तहत शौचालयों का निर्माण भी कराया गया है। आवेदन में आरोप लगाया गया है कि स्थानीय विधायक रामेश्वर शर्मा से संबंधित लोगों द्वारा ग्रामीणों पर भाजपा के पक्ष में मतदान करने का दबाव बनाया जा रहा है। ग्रामीणों का दावा है कि ऐसा नहीं करने पर उनके मकान तोड़े जाने की धमकी दी जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि हुजूर क्षेत्र में अन्य स्थानों पर भी सरकारी भूमि पर मकान बने होने के बावजूद केवल कुछ गरीब परिवारों के विरुद्ध कार्रवाई की जा रही है। ग्रामीणों ने विवेक कुशवाहा, पुत्र ओमप्रकाश कुशवाहा, के मकान का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया है कि समान परिस्थितियों के बावजूद उसके विरुद्ध कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने इसे भेदभावपूर्ण कार्रवाई बताते हुए संविधान के अनुच्छेद 14 के तहत समानता के अधिकार का मुद्दा उठाया है। आवेदन में तहसीलदार हुजूर कुणाल राउत द्वारा प्रकरण क्रमांक A-68/2026-2027 में मध्यप्रदेश भू-राजस्व संहिता, 1959 की धारा 248 के अंतर्गत जारी नोटिस का भी उल्लेख है। ग्रामीणों के अनुसार, वे 7 अक्टूबर 2026 को अपने अधिवक्ता के साथ तहसील कार्यालय पहुंचे थे, लेकिन उन्हें उचित सुनवाई का अवसर दिए बिना आदेश पत्रिका पर हस्ताक्षर कराए गए। उनका आरोप है कि हस्ताक्षर केवल उपस्थिति दर्ज करने के नाम पर कराए गए थे। ग्रामीणों ने दिग्विजय सिंह से मामले में हस्तक्षेप करने, निष्पक्ष जांच कराने, कथित भेदभावपूर्ण कार्रवाई पर रोक लगाने और सभी प्रभावित परिवारों को उचित सुनवाई का अवसर दिलाने की मांग की है।4
- गोंडवाना गणतंत्र पार्टी जिला भोपाल के नागरिक मतदाता भारत के संविधान में निहित लोकतांत्रिक व्यवस्था स्वतंत्र एवं निष्पक्ष निर्वाचन के संबंध में मान्य राष्ट्रपति महोदय भारत गणराज्य राष्ट्रपति भवन नई दिल्ली के नाम जिला कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी के समक्ष भोपाल में ज्ञापन सोपा गया इस अवसर पर जिला पदाधिकारी गोंडवाना गणतंत्र पार्टी जिला कार्यवाहक अध्यक्ष जयकुमार बड़खड़ प्रदेश मीडिया प्रभारी ललित महेश्वरी सहित पदाधिकारी उपस्थित रहे मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में भारत के मुख्य निर्वाचन आयुक्त श्री ज्ञानेश कुमार के विरुद्ध निर्वाचन प्रक्रिया एवं एस ए आर से संबंधित गंभीर शिकायतों की निष्पक्ष जांच करने के विषय में2
- पितृ मोक्ष अमावस्या पर पितरों को तर्पण श्राद्ध आदि करने का आखिरी दिन शनि अमावस्या का अद्भुत संयोग सर्व पितृ मोक्ष अमावस्या - सर्व पत्र मोक्ष अमावस्या और शनि अमावस्या का अद्भुत संयोग - 27 साल बाद एक साथ हो रहा शुभ संयोग - पिछले 15 दिनों से चले आ रहे पत्र पक्ष का शनिवार को पत्र मोक्ष अमावस्या पर समापन होगा इसके बाद पत्र अपने लोग को वापस चले जाएंगे इन 15 दिनों के दौरान सभी लोगों ने अपने पूर्वज जो अलग-अलग तिथियां को दिवंगत हुए थे उन्नतियों पर तर्पण करने के साथ, उनका श्राद्ध आदि किया था पंडित संजय पुरोहित बताते हैं कि जिन लोगों को अपने दिवंगत पूर्वजों की तिथि याद नहीं है पितृपक्ष के पहले दिन पूर्णिमा पर और अंतिम दिन पत्र मोक्ष अमावस्या पर तर्पण कर सकते हैं इसके अलावा जो व्यक्ति इन 15 दिनों में समय अभाव के कारण तर्पण आदि नहीं कर सकती हैं वे भी अपने पूर्वजों को एक ही दिन तर्पण कर श्राद्ध आदि कर उनसे आशीर्वाद प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि करीब 27 साल बाद यह योग बन रहा है जिसमें पितृ मोक्ष अमावस्या और शनि अमावस्या एक ही दिन पड़ रही है जो काफी शुभ फलकारी है उन्होंने कहा कि जो लोग अब तक तर्पण नहीं कर पाए हैं वह पत्र मुख्य अमावस्या पर आकर विधि विधान से तर्पण करें3