फतेहाबाद तहसील के ग्राम नगरिया निवासी एक ग्रामीण ने वन विभाग की भूमि पर अवैध कब्जे और खेती किए जाने का आरोप लगाते हुए वन क्षेत्राधिकारी कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई है। शिकायतकर्ता का कहना है कि वह लंबे समय से अधिकारियों के चक्कर लगा रहा है, लेकिन अभी तक इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं हुई है। ग्राम नगरिया के किसान देवीराम पुत्र चूरामनि ने अपनी शिकायत में बताया कि गांव में स्थित वन विभाग की विभिन्न गाटा संख्याओं की भूमि पर कुछ लोगों द्वारा कथित रूप से अवैध कब्जा कर खेती की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कब्जाधारक वर्षों से वन विभाग की इस भूमि का उपयोग कर आर्थिक लाभ उठा रहे हैं, जिससे विभाग को नुकसान हो रहा है। देवीराम के अनुसार, उन्होंने इस मामले की शिकायत कई बार संबंधित अधिकारियों से की, लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई। उन्होंने यह भी बताया कि जिलाधिकारी आगरा, डीएफओ और मुख्यमंत्री पोर्टल पर भी इस संबंध में शिकायत दर्ज कराई जा चुकी है, फिर भी आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। पीड़ित ने आरोप लगाया कि शिकायतों के बावजूद जिम्मेदार अधिकारी इस मामले को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। शिकायतकर्ता ने वन विभाग की भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने तथा अवैध कब्जा करने वालों के खिलाफ विभागीय और कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। इस बीच, वन क्षेत्राधिकार विशाल सिंह राठौर ने आश्वासन दिया है कि मिली शिकायत के आधार पर मामले की जांच कराई जाएगी।
फतेहाबाद तहसील के ग्राम नगरिया निवासी एक ग्रामीण ने वन विभाग की भूमि पर अवैध कब्जे और खेती किए जाने का आरोप लगाते हुए वन क्षेत्राधिकारी कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई है। शिकायतकर्ता का कहना है कि वह लंबे समय से अधिकारियों के चक्कर लगा रहा है, लेकिन अभी तक इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं हुई है। ग्राम नगरिया के किसान देवीराम पुत्र चूरामनि ने अपनी शिकायत में बताया कि गांव में स्थित वन विभाग की विभिन्न गाटा संख्याओं की भूमि पर कुछ लोगों द्वारा कथित रूप से अवैध कब्जा कर खेती की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कब्जाधारक वर्षों से वन विभाग की इस भूमि का उपयोग कर आर्थिक लाभ उठा रहे हैं, जिससे विभाग को नुकसान हो रहा है। देवीराम के अनुसार, उन्होंने इस मामले की शिकायत कई बार संबंधित अधिकारियों से की, लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई। उन्होंने यह भी बताया कि जिलाधिकारी आगरा, डीएफओ और मुख्यमंत्री पोर्टल पर भी इस संबंध में शिकायत दर्ज कराई जा चुकी है, फिर भी आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। पीड़ित ने आरोप लगाया कि शिकायतों के बावजूद जिम्मेदार अधिकारी इस मामले को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। शिकायतकर्ता ने वन विभाग की भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने तथा अवैध कब्जा करने वालों के खिलाफ विभागीय और कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। इस बीच, वन क्षेत्राधिकार विशाल सिंह राठौर ने आश्वासन दिया है कि मिली शिकायत के आधार पर मामले की जांच कराई जाएगी।
- उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा रजिस्ट्री कार्यालयों में प्रस्तावित पेपरलेस ई-रजिस्ट्री व्यवस्था को लेकर फतेहाबाद के अधिवक्ताओं में भारी आक्रोश है। इसी के चलते 25 जून गुरुवार को बार एसोसिएशन फतेहाबाद के बैनर तले अधिवक्ताओं ने तहसील परिसर में जोरदार प्रदर्शन किया। नारेबाजी करते हुए अधिवक्ताओं का जत्था तहसीलदार कार्यालय पहुंचा और तहसीलदार बब्लेश कुमार को मुख्यमंत्री के नाम संबोधित एक ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शन से पहले बार एसोसिएशन की बार सभागार में एक बैठक आयोजित की गई, जहाँ अधिवक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि प्रदेश सरकार की यह प्रस्तावित ई-रजिस्ट्री व्यवस्था अधिवक्ताओं, दस्तावेज लेखकों, स्टांप विक्रेताओं और टाइपिस्टों के रोजगार को पूरी तरह खत्म कर देगी, जिससे हजारों परिवार सीधे तौर पर प्रभावित होंगे। अधिवक्ताओं ने यह भी कहा कि नई व्यवस्था से आम जनता को भी परेशानी होगी, क्योंकि ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को तकनीकी जानकारी न होने के कारण दलालों पर निर्भर रहना पड़ेगा, जिससे भ्रष्टाचार बढ़ने के साथ-साथ रजिस्ट्री की लागत भी बढ़ जाएगी। इस जनविरोधी निर्णय के खिलाफ 15 जून से ही उपनिबंधक कार्यालय फतेहाबाद में अधिवक्ताओं की अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी है। हड़ताल के दौरान रजिस्ट्री बैनामा, वसीयत, गोदनामा सहित कोई भी कार्य अधिवक्ताओं द्वारा नहीं किया जा रहा है। गुरुवार दोपहर बाद सभी अधिवक्ता एकजुट हुए और “ई-रजिस्ट्री वापस लो, अधिवक्ता एकता जिंदाबाद” के नारे लगाते हुए तहसील परिसर में प्रदर्शन किया। उन्होंने तहसीलदार को ज्ञापन सौंपकर मांग की कि सरकार तत्काल इस निर्णय को वापस ले। अधिवक्ताओं ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने जल्द उनकी मांगें नहीं मानीं, तो जिले स्तर पर एक बड़ा आंदोलन किया जाएगा और प्रदेश भर के अधिवक्ता सड़कों पर उतरने को मजबूर होंगे। इस प्रदर्शन और बैठक में बड़ी संख्या में अधिवक्ता उपस्थित रहे।1
- फतेहाबाद तहसील के ग्राम नगरिया निवासी एक ग्रामीण ने वन विभाग की भूमि पर अवैध कब्जे और खेती किए जाने का आरोप लगाते हुए वन क्षेत्राधिकारी कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई है। शिकायतकर्ता का कहना है कि वह लंबे समय से अधिकारियों के चक्कर लगा रहा है, लेकिन अभी तक इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं हुई है। ग्राम नगरिया के किसान देवीराम पुत्र चूरामनि ने अपनी शिकायत में बताया कि गांव में स्थित वन विभाग की विभिन्न गाटा संख्याओं की भूमि पर कुछ लोगों द्वारा कथित रूप से अवैध कब्जा कर खेती की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कब्जाधारक वर्षों से वन विभाग की इस भूमि का उपयोग कर आर्थिक लाभ उठा रहे हैं, जिससे विभाग को नुकसान हो रहा है। देवीराम के अनुसार, उन्होंने इस मामले की शिकायत कई बार संबंधित अधिकारियों से की, लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई। उन्होंने यह भी बताया कि जिलाधिकारी आगरा, डीएफओ और मुख्यमंत्री पोर्टल पर भी इस संबंध में शिकायत दर्ज कराई जा चुकी है, फिर भी आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। पीड़ित ने आरोप लगाया कि शिकायतों के बावजूद जिम्मेदार अधिकारी इस मामले को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। शिकायतकर्ता ने वन विभाग की भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने तथा अवैध कब्जा करने वालों के खिलाफ विभागीय और कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। इस बीच, वन क्षेत्राधिकार विशाल सिंह राठौर ने आश्वासन दिया है कि मिली शिकायत के आधार पर मामले की जांच कराई जाएगी।1
- उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा रजिस्ट्री कार्यालयों में प्रस्तावित पेपरलेस ई-रजिस्ट्री व्यवस्था के विरोध में अधिवक्ताओं में भारी आक्रोश है। इसी क्रम में फतेहाबाद बार एसोसिएशन के तत्वावधान में अधिवक्ताओं ने गुरुवार, 25 जून को तहसील परिसर में जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान अधिवक्ताओं ने नारेबाजी करते हुए मुख्यमंत्री के नाम संबोधित एक ज्ञापन तहसीलदार बब्लेश कुमार को सौंपा। यह प्रदर्शन 15 जून से जारी अधिवक्ताओं की अनिश्चितकालीन हड़ताल का हिस्सा है। प्रदर्शन से पूर्व बार सभागार में हुई बैठक में अधिवक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि सरकार की प्रस्तावित ई-रजिस्ट्री व्यवस्था से अधिवक्ताओं, दस्तावेज लेखकों, स्टांप विक्रेताओं और टाइपिस्टों सहित हजारों परिवारों का रोजगार पूरी तरह खत्म हो जाएगा। अधिवक्ताओं का कहना था कि नई व्यवस्था से आम जनता को भी परेशानी होगी, क्योंकि ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को तकनीकी जानकारी न होने के कारण दलालों पर निर्भर रहना पड़ेगा, जिससे भ्रष्टाचार बढ़ेगा और रजिस्ट्री की लागत भी बढ़ जाएगी। बैठक में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया गया कि सरकार के इस जनविरोधी निर्णय के खिलाफ 15 जून से उपनिबंधक कार्यालय फतेहाबाद में अधिवक्ताओं की अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी रहेगी, जिसके तहत रजिस्ट्री बैनामा, वसीयत, गोदनामा सहित कोई भी कार्य अधिवक्ताओं द्वारा नहीं किया जाएगा। गुरुवार को दोपहर बाद सभी अधिवक्ताओं ने एकजुट होकर “ई-रजिस्ट्री वापस लो, अधिवक्ता एकता जिंदाबाद” के नारे लगाते हुए तहसील परिसर में प्रदर्शन किया। ज्ञापन सौंपते हुए अधिवक्ताओं ने मांग की कि सरकार इस निर्णय को तत्काल वापस ले। प्रदर्शन और बैठक में वरिष्ठ अधिवक्ता जुगराज सिंह, सुरेन्द्र पैगोरिया, चोब सिंह, पुष्पेंद्र सिंह बघेल, सुभाष चंद्र शर्मा, दिनेश कुमार पाठक, शिवस्वरूप गुप्ता, देवेंद्र पाठक, अवनीश पैगोरिया, चंदन श्रीवास्तव, ज्ञानदेव सिंह, जयपाल सिंह यादव, आशीष कुमार एडवोकेट, मानवेंद्र सिंह गुर्जर एडवोकेट, शैलेंद्र सिंह गुर्जर एडवोकेट, अमरदीप कंसाना एडवोकेट, राजेश कुशवाहा, देवेंद्र सिंह गुर्जर, विष्णु वर्मा, अनिल गुर्जर एडवोकेट, प्रेमसेवक शर्मा एडवोकेट, प्रेमहंस सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता उपस्थित रहे। अधिवक्ताओं ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने जल्द उनकी मांगें नहीं मानीं तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा, जिसमें जिले स्तर पर बड़ा आंदोलन और प्रदेश भर के अधिवक्ताओं का सड़कों पर उतरना शामिल होगा।1
- फतेहाबाद में अधिवक्ताओं और दस्तावेज लेखकों ने बुधवार को उत्तर प्रदेश ऑनलाइन दस्तावेज पंजीकरण नियमावली-2024 के तहत लागू की गई ई-पंजीकरण व्यवस्था के विरोध में अनिश्चितकालीन हड़ताल का ऐलान किया है। इस विरोध प्रदर्शन के तहत न्यायिक कार्यों से विरत रहने का निर्णय लिया गया है। दस्तावेज बार एसोसिएशन फतेहाबाद, दीवानी बार एसोसिएशन और बार एसोसिएशन फतेहाबाद की एक संयुक्त बैठक तहसील में आयोजित की गई। इस बैठक में अधिवक्ताओं, दस्तावेज लेखकों और स्टांप विक्रेताओं ने ई-पंजीकरण व्यवस्था के खिलाफ अपने विचार रखते हुए कहा कि यह नई प्रणाली आम जनता के साथ-साथ उनके अपने रोजगार पर भी प्रतिकूल प्रभाव डालेगी। बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि जब तक सरकार ई-पंजीकरण व्यवस्था लागू करने संबंधी आदेश वापस नहीं लेती, तब तक अधिवक्ता न्यायिक कार्यों से दूर रहेंगे और उनकी अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी रहेगी। इस अवसर पर पंकज गुप्ता, हरी सिंह अर्नोटिया, विष्णु गुर्जर, अरविंद कुमार, अनिल कुमार, उमाशंकर शर्मा, महेश पाठक, देवेंद्र सिंह, पुष्पेंद्र, चौब सिंह, भंवर सिंह, सुभाष चंद्र शर्मा, विष्णु वर्मा सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता मौजूद रहे।2
- आगरा जिले के डौकी क्षेत्र के तहत आने वाली ग्राम पंचायत बरौली गुर्जर के ग्राम पीपरा में बाबा सोती दास के एक नए मंदिर का उद्घाटन किया गया है। इस अवसर पर मंदिर में बाबा सोती दास की मूर्ति की स्थापना भी संपन्न हुई।1
- मोहर्रम के मद्देनजर फिरोजाबाद प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। इसी क्रम में, जिलाधिकारी (DM) और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) ने संयुक्त रूप से ताजिया मार्ग का निरीक्षण किया।1
- मोहर्रम पर्व के अवसर पर जिले में शांति, सुरक्षा और सौहार्दपूर्ण वातावरण बनाए रखने के उद्देश्य से फिरोजाबाद के जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री आदित्य लांग्हे ने नगर क्षेत्र में ताजिया रूट का स्थलीय निरीक्षण किया। इस निरीक्षण के दौरान, अधिकारियों ने ताजिया जुलूस के निर्धारित मार्ग, संवेदनशील स्थलों, बैरिकेडिंग, यातायात व्यवस्था और अन्य सुरक्षा प्रबंधों का गहनता से जायजा लिया। निरीक्षण के पश्चात, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक फिरोजाबाद ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देने के संबंध में जानकारी दी।1
- फतेहाबाद विधायक छोटेलाल वर्मा के नाती हर्ष वर्मा ने दो परिचित युवकों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। हर्ष वर्मा का आरोप है कि उन्हें 'आई लव आगरा' के पास बुलाया गया और उनके साथ मारपीट की गई, ₹65,200 छीन लिए गए और फायरिंग भी की गई। उन्होंने युवकों पर लूट और जानलेवा हमले का आरोप लगाया है। हर्ष वर्मा के अनुसार, कार के डैशबोर्ड से ₹65,200 जबरन निकाल लिए गए। हमलावरों ने पिस्तौल दिखाकर धमकाया और उनकी हत्या का प्रयास किया। घटना के बाद उन्हें धमकी भरे फोन भी आने का आरोप है। इस संबंध में ताजगंज थाने में तहरीर दी गई है, और पुलिस अब इस पूरे मामले की जांच में जुट गई है।1