भाटखेड़ी में रिमझिम बारिश के बीच निकली बाबा महाकाल की भव्य शाही सवारी भाटखेड़ी में रिमझिम बारिश के बीच निकली बाबा महाकाल की भव्य शाही सवारी जय जय महाकाल के जयकारों से गूंज उठा पूरा नगर मनासा। समीप गांव भाटखेड़ी में सावन के दूसरे सोमवार को रिमझिम बारिश के बीच बाबा महाकाल की ऐसी भव्य शाही सवारी निकली, जिसे देख हर कोई शिवभक्ति के रंग में रंग गया। डीजे और ढोल की धुन पर झूमते इन श्रद्धालुओं का उत्साह आसमान छू रहा है!सावन के पावन सोमवार को ग्राम भाटखेड़ी के प्रसिद्ध श्री शेषावतार मंदिर से इस भव्य शाही सवारी का आगाज हुआ। जैसे ही बाबा की पालकी नगर भ्रमण पर निकली, पूरा इलाका 'हर-हर महादेव' और 'जय महाकाल' के जयकारों से गूंज उठा। आसमान से बरसती रिमझिम फुहारें भी शिवभक्तों के इस सैलाब को रोक नहीं पाईं। बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं... हर कोई भजनों की धुन पर थिरकता नजर आया। गांव की गलियों में जगह-जगह बाबा का स्वागत किया गया।पूरे नगर का भ्रमण करने के बाद यह शाही सवारी वापस शेषावतार मंदिर पहुंची, जहाँ शंखध्वनि के साथ बाबा की अलौकिक महाआरती की गई और भक्तों में महाप्रसाद का वितरण किया गया।
भाटखेड़ी में रिमझिम बारिश के बीच निकली बाबा महाकाल की भव्य शाही सवारी भाटखेड़ी में रिमझिम बारिश के बीच निकली बाबा महाकाल की भव्य शाही सवारी जय जय महाकाल के जयकारों से गूंज उठा पूरा नगर मनासा। समीप गांव भाटखेड़ी में सावन के दूसरे सोमवार को रिमझिम बारिश के बीच बाबा महाकाल की ऐसी भव्य शाही सवारी निकली, जिसे देख हर कोई शिवभक्ति के रंग में रंग गया। डीजे और ढोल की धुन पर झूमते इन श्रद्धालुओं का उत्साह आसमान छू रहा है!सावन के पावन सोमवार को ग्राम भाटखेड़ी के प्रसिद्ध श्री शेषावतार मंदिर से इस भव्य शाही सवारी का आगाज हुआ। जैसे ही बाबा की पालकी नगर भ्रमण पर निकली, पूरा इलाका 'हर-हर महादेव' और 'जय महाकाल' के जयकारों से गूंज उठा। आसमान से बरसती रिमझिम फुहारें भी शिवभक्तों के इस सैलाब को रोक नहीं पाईं। बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं... हर कोई भजनों की धुन पर थिरकता नजर आया। गांव की गलियों में जगह-जगह बाबा का स्वागत किया गया।पूरे नगर का भ्रमण करने के बाद यह शाही सवारी वापस शेषावतार मंदिर पहुंची, जहाँ शंखध्वनि के साथ बाबा की अलौकिक महाआरती की गई और भक्तों में महाप्रसाद का वितरण किया गया।
- जावद में शासकीय स्कूलों के बच्चों के लिए स्पोकन इंग्लिश कक्षाओं का शुभारंभ जावद विधानसभा क्षेत्र के सभी शासकीय विद्यालयों के विद्यार्थियों के लिए आज स्पोकन इंग्लिश कक्षाओं का शुभारंभ किया गया। जावद स्थित सांदीपनि विद्यालय के सभाकक्ष से विद्यार्थियों को वर्चुअली संबोधित किया गया। इस पहल का उद्देश्य बच्चों के सर्वांगीण विकास के साथ उनके आत्मविश्वास और रोजगारपरक कौशल को मजबूत करना है। अब शासकीय विद्यालयों के बच्चे एआई यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का ज्ञान प्राप्त करने के साथ अंग्रेजी भाषा बोलने का भी नियमित अभ्यास करेंगे। इस अवसर पर शिक्षकों और अभिभावकों से बच्चों को प्रोत्साहित करने तथा घर और स्कूल में अंग्रेजी बोलने के लिए अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराने का आग्रह किया गया।1
- 12 अगस्त की रात सूर्य ग्रहण और अमावस्या का दुर्लभ संयोग, भारत में दिखेगा नहीं फिर भी इन 4 राशियों को क्यों रहना होगा सावधान? 12 अगस्त 2026 की रात आसमान में बड़ी खगोलीय घटना होने जा रही है. चंद्रमा कुछ समय के लिए सूर्य को पूरी तरह ढक देगा. दुनिया के कई हिस्सों में दिन के समय अंधेरा छा जाएगा. हालांकि भारत में उस समय रात होगी. इसलिए यहां पूर्ण सूर्य ग्रहण दिखाई नहीं देगा. भारत में ग्रहण नहीं दिखने के कारण सूतक भी मान्य नहीं होगा. पूजा-पाठ, मंदिर और दैनिक काम सामान्य रूप से किए जा सकेंगे. फिर भी ज्योतिष के जानकार इस ग्रहण को पूरी तरह प्रभावहीन नहीं मान रहे. इसकी वजह ग्रहण का कर्क राशि और आश्लेषा नक्षत्र में लगना है. ग्रहण के समय सूर्य और चंद्रमा एक ही राशि में होंगे. अमावस्या भी रहेगी. ज्योतिषीय मान्यता है कि ऐसी स्थिति व्यक्ति के मन, परिवार, पद और फैसलों पर असर डाल सकती है. विशेष रूप से कर्क, मकर, मेष और तुला राशि के लोगों को थोड़ा संभलकर चलने की सलाह दी जा रही है.वैज्ञानिक दृष्टि से हर सूर्य ग्रहण अमावस्या के दिन ही लगता है. अमावस्या पर चंद्रमा पृथ्वी और सूर्य के बीच आता है. लेकिन हर अमावस्या पर तीनों खगोलीय पिंड एक सीधी रेखा में नहीं होते. इसीलिए हर महीने सूर्य ग्रहण नहीं लगता. 12 अगस्त का ग्रहण इसलिए खास है क्योंकि यह पूर्ण सूर्य ग्रहण होगा. ग्रीनलैंड, आइसलैंड, स्पेन, उत्तरी रूस और पुर्तगाल के एक छोटे हिस्से में सूर्य पूरी तरह ढक जाएगा. यूरोप, उत्तरी अमेरिका और अफ्रीका के कुछ क्षेत्रों में आंशिक ग्रहण नजर आएगा. पूर्णता की स्थिति अधिकांश स्थानों पर दो मिनट से कम रहेगी.1
- MP मन्दसौर सावन के दूसरे सोमवार पर पशुपतिनाथ धाम में आस्था का सैलाब,सुबह 4 बजे से लगी कतारें.।l MP मन्दसौर सावन के दूसरे सोमवार पर पशुपतिनाथ धाम में आस्था का सैलाब,सुबह 4 बजे से लगी कतारें। *देखिए जनसंसार न्यूज पर।*1
- रामप्रसाद धनगर गुर्जर पत्रकार तोलाखेड़ी चंदवासा जिला मंदसौर म प्र1
- माधोपुर में 12 फीट का विशाल अजगर, वन विभाग ने किया रेस्क्यू माधोपुर में खेत में निकला 12 फीट लंबा विशालकाय अजगर, 40 किलो वजन—वन विभाग ने किया सुरक्षित रेस्क्यू1
- MP मन्दसौर सहित प्रदेश में सुबह से बारिश का दौर जारी, मौसम हुआ सुहावना. ll मन्दसौर । मध्यप्रदेश में एक बार फिर मानसून सक्रिय नजर आ रहा है। मन्दसौर सहित प्रदेश के कई इलाकों में सोमवार सुबह से ही बारिश का दौर जारी है। आसमान में बादल छाए हुए हैं और रुक-रुककर हो रही बारिश से मौसम सुहावना हो गया है। मन्दसौर शहर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में सुबह से बारिश होने के चलते जनजीवन पर भी असर देखने को मिला। कई स्थानों पर सड़कों पर पानी जमा हो गया, वहीं बारिश के कारण लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ा। मौसम विभाग ने मध्यप्रदेश के कई जिलों में तेज बारिश की संभावना जताई है। प्रदेश के कुछ हिस्सों के लिए भारी बारिश का अलर्ट भी जारी किया गया है। मौसम के बदले मिजाज से किसानों के चेहरे पर भी राहत दिखाई दे रही है। हालांकि लगातार बारिश की स्थिति में खेतों में जलभराव और फसलों पर असर की स्थिति भी बन सकती है। मौसम पूर्वानुमान के अनुसार मन्दसौर में आज बारिश की संभावना बनी हुई है और आने वाले दिनों में भी बारिश व गरज-चमक का दौर जारी रह सकता है। फिलहाल मन्दसौर सहित पूरे क्षेत्र में बारिश का दौर जारी है और लोगों को मौसम को देखते हुए सावधानी बरतने की जरूरत है।1
- भारी बारिश से झालावाड़ में स्कूल बना टापु 40 बच्चों और शिक्षकों का सुरक्षित रेस्क्यू बच्चों और शिक्षकों का सुरक्षित रेस्क्यू1