*पंचायत चुनावों से भाग रही सुक्खू सरकार, लोकतंत्र का गला घोंटने की साजिश : राजेंद्र राणा* झूठी गारंटियों से जनता को ठगा, अब हार के डर से कोर्ट और डिजास्टर का बहाना हमीरपुर हिमाचल प्रदेश भाजपा के वरिष्ठ प्रवक्ता एवं सुजानपुर के पूर्व विधायक राजेंद्र राणा ने हिमाचल प्रदेश की सुखविंदर सिंह सुक्खू सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया है कि प्रदेश सरकार जानबूझकर पंचायत चुनावों को टालकर लोकतंत्र के मूल ढांचे को कमजोर करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार जनता के बीच जाने से घबरा रही है, इसलिए पहले हाईकोर्ट और अब सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटा रही है। आज यहां जारी एक बयान में राजेंद्र राणा ने कहा कि पंचायती राज लोकतंत्र की नींव है, लेकिन सुक्खू सरकार इस नींव को ही हिलाने में लगी हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव कराने की बजाय सरकार कानूनी पैंतरेबाजी कर रही है, जिससे स्पष्ट है कि कांग्रेस सरकार को अपनी जनविरोधी नीतियों का डर सता रहा है। उन्होंने कहा कि तीन साल के शासनकाल में सरकार ने हर वर्ग—किसान, कर्मचारी, युवा, महिलाएं और व्यापारी—सभी को केवल झूठी गारंटियों और खोखले वादों का झुनझुना पकड़ा दिया। सत्ता में आने के बाद एक भी बड़ी गारंटी धरातल पर उतरती दिखाई नहीं दी। राणा ने डिजास्टर एक्ट का हवाला देकर चुनाव टालने को केवल बहाना करार देते हुए सवाल उठाया कि ट्राइबल क्षेत्रों को छोड़कर प्रदेश के अन्य हिस्सों में कहां ऐसी आपदा है, जहां सड़कें बंद हों या सामान्य जनजीवन ठप हो। उन्होंने कहा कि यदि प्रदेश में वास्तव में आपदा की स्थिति है तो मुख्यमंत्री राहत कार्यों में नजर क्यों नहीं आते। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि मुख्यमंत्री बार-बार दिल्ली के दौरे और फाइव स्टार होटलों में ठहरने में व्यस्त हैं, जो आपदा का रोना रोने वाली सरकार के दावों पर सवाल खड़ा करता है। जनता मुश्किल में है और सरकार आराम फरमा रही है। राणा ने कहा कि पंचायत चुनावों से बचना इस बात का प्रमाण है कि सरकार को अपनी हार साफ दिखाई दे रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि भाजपा लोकतंत्र की हत्या नहीं होने देगी और समय पर चुनाव करवाने के लिए सड़क से लेकर सदन तक संघर्ष करेगी। उन्होंने कहा कि जनता अब जवाब मांग रही है और कांग्रेस सरकार को अपने वादाखिलाफी का हिसाब देना ही होगा।
*पंचायत चुनावों से भाग रही सुक्खू सरकार, लोकतंत्र का गला घोंटने की साजिश : राजेंद्र राणा* झूठी गारंटियों से जनता को ठगा, अब हार के डर से कोर्ट और डिजास्टर का बहाना हमीरपुर हिमाचल प्रदेश भाजपा के वरिष्ठ प्रवक्ता एवं सुजानपुर के पूर्व विधायक राजेंद्र राणा ने हिमाचल प्रदेश की सुखविंदर सिंह सुक्खू सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया है कि प्रदेश सरकार जानबूझकर पंचायत चुनावों को टालकर लोकतंत्र के मूल ढांचे को कमजोर करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार जनता के बीच जाने से घबरा रही है, इसलिए पहले हाईकोर्ट और अब सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटा रही है। आज यहां जारी एक बयान में राजेंद्र राणा ने कहा कि पंचायती राज लोकतंत्र की नींव है, लेकिन सुक्खू सरकार इस नींव को ही हिलाने में लगी हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव कराने की बजाय सरकार कानूनी पैंतरेबाजी कर रही है, जिससे स्पष्ट है कि कांग्रेस सरकार को अपनी जनविरोधी नीतियों का डर सता रहा है। उन्होंने कहा कि तीन साल के शासनकाल में सरकार ने हर वर्ग—किसान, कर्मचारी, युवा, महिलाएं और व्यापारी—सभी को केवल झूठी गारंटियों और खोखले वादों का झुनझुना पकड़ा दिया। सत्ता में आने के बाद एक भी बड़ी गारंटी धरातल पर उतरती दिखाई नहीं दी। राणा ने डिजास्टर एक्ट का हवाला देकर चुनाव टालने को केवल बहाना करार देते हुए सवाल उठाया कि ट्राइबल क्षेत्रों को छोड़कर प्रदेश के अन्य हिस्सों में कहां ऐसी आपदा है, जहां सड़कें बंद हों या सामान्य जनजीवन ठप हो। उन्होंने कहा कि यदि प्रदेश में वास्तव में आपदा की स्थिति है तो मुख्यमंत्री राहत कार्यों में नजर क्यों नहीं आते। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि मुख्यमंत्री बार-बार दिल्ली के दौरे और फाइव स्टार होटलों में ठहरने में व्यस्त हैं, जो आपदा का रोना रोने वाली सरकार के दावों पर सवाल खड़ा करता है। जनता मुश्किल में है और सरकार आराम फरमा रही है। राणा ने कहा कि पंचायत चुनावों से बचना इस बात का प्रमाण है कि सरकार को अपनी हार साफ दिखाई दे रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि भाजपा लोकतंत्र की हत्या नहीं होने देगी और समय पर चुनाव करवाने के लिए सड़क से लेकर सदन तक संघर्ष करेगी। उन्होंने कहा कि जनता अब जवाब मांग रही है और कांग्रेस सरकार को अपने वादाखिलाफी का हिसाब देना ही होगा।
- हमीरपुर हिमाचल प्रदेश भाजपा के वरिष्ठ प्रवक्ता एवं सुजानपुर के पूर्व विधायक राजेंद्र राणा ने हिमाचल प्रदेश की सुखविंदर सिंह सुक्खू सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया है कि प्रदेश सरकार जानबूझकर पंचायत चुनावों को टालकर लोकतंत्र के मूल ढांचे को कमजोर करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार जनता के बीच जाने से घबरा रही है, इसलिए पहले हाईकोर्ट और अब सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटा रही है। आज यहां जारी एक बयान में राजेंद्र राणा ने कहा कि पंचायती राज लोकतंत्र की नींव है, लेकिन सुक्खू सरकार इस नींव को ही हिलाने में लगी हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव कराने की बजाय सरकार कानूनी पैंतरेबाजी कर रही है, जिससे स्पष्ट है कि कांग्रेस सरकार को अपनी जनविरोधी नीतियों का डर सता रहा है। उन्होंने कहा कि तीन साल के शासनकाल में सरकार ने हर वर्ग—किसान, कर्मचारी, युवा, महिलाएं और व्यापारी—सभी को केवल झूठी गारंटियों और खोखले वादों का झुनझुना पकड़ा दिया। सत्ता में आने के बाद एक भी बड़ी गारंटी धरातल पर उतरती दिखाई नहीं दी। राणा ने डिजास्टर एक्ट का हवाला देकर चुनाव टालने को केवल बहाना करार देते हुए सवाल उठाया कि ट्राइबल क्षेत्रों को छोड़कर प्रदेश के अन्य हिस्सों में कहां ऐसी आपदा है, जहां सड़कें बंद हों या सामान्य जनजीवन ठप हो। उन्होंने कहा कि यदि प्रदेश में वास्तव में आपदा की स्थिति है तो मुख्यमंत्री राहत कार्यों में नजर क्यों नहीं आते। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि मुख्यमंत्री बार-बार दिल्ली के दौरे और फाइव स्टार होटलों में ठहरने में व्यस्त हैं, जो आपदा का रोना रोने वाली सरकार के दावों पर सवाल खड़ा करता है। जनता मुश्किल में है और सरकार आराम फरमा रही है। राणा ने कहा कि पंचायत चुनावों से बचना इस बात का प्रमाण है कि सरकार को अपनी हार साफ दिखाई दे रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि भाजपा लोकतंत्र की हत्या नहीं होने देगी और समय पर चुनाव करवाने के लिए सड़क से लेकर सदन तक संघर्ष करेगी। उन्होंने कहा कि जनता अब जवाब मांग रही है और कांग्रेस सरकार को अपने वादाखिलाफी का हिसाब देना ही होगा।1
- हिमाचल प्रदेश स्टेट इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड ज्वांइट एक्शन कमेटी जिला हमीरपुर की मीटिंग संयोजक, कामेश्वर दत्त शर्मा की अध्यक्षता में हमीरपुर में सम्पन हुई। इस मीटिंग में केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तावित बिजली संषोधन विधेयक, 2025 व उसके प्रावधानों को लागू करने के लिए की जा रही स्मार्ट मीटरिंग के संदर्भ में चर्चा की गई, क्योंकि बिजली क्षेत्र देश की बुनियादी सार्वजनिक सेवा है जिसका सीधा संबंध हर घर, किसान, छोटे व्यापारी, उद्योग कर्मचारी और आम नागरिक के जीवन से है। प्रस्तावित बिजली संशोधन विधेयक में ऐसे कई प्रावधान शामिल है, जिनसे बिजली कंपनियों का निजीकरण कर उपभोक्ताओं पर आर्थिक बोझ बढने तथा कर्मचारियों, पेंशनर्ज की सेवा व समाजिक सुरक्षा प्रभावित होगी। प्रदेश के बिजली कर्मचारी व अभियंताओं द्वारा इस संशोधन विधेयक व इसमें निहित निजीकरण के प्रावधानो को लागू करने के लिए की जा रही स्मार्ट मीटरिंग के खिलाफ एनसीसीओईईई के राष्ट्रीय अवाहन पर 12 फरवरी, 2026 को समूचे प्रदेश में पेन डाउन, टूल डाउन की हड़ताल व भोजना अवकाश के दौरान बोर्ड कार्यलयों के बाहर पेंशनर्ज व आम जनता का सहयोग लेते हुए विरोध प्रदर्षन करने का फैसला लिया है।1
- नगर परिषद सुजानपुर नशा निवारण समिति के माध्यम से सुजानपुर के विभिन्न वार्ड में स्वयं सहायता समूह की महिला सदस्यों को अध्यक्ष प्रोफेसर राजीव ठाकुर ने संबोधित किया।उन्होंने बताया कि मातृशक्ति के सहयोग से हम नशे को रोक सकते हैं।हमारे अभिभावक बच्चों,युवाओं पर निगरानी रखें और समय पर उन्हें परामर्श दें तो उनको नशे से दूर रखा जा सकता है। इस अवसर पर कार्यकारी अधिकारी हर्षित शर्मा कार्यालय प्रभारी सीनत शर्मा सदस्य मोनिका चौधरी कुमारी बिंदिया उपस्थित रहे। इस मौके पर वार्ड नंबर 5 नगर परिषद सुजानपुर में युवाओं और स्थानीय जनता के साथ नशा निवारण के संबंध में विचार सांझा किए। इस अवसर पर सदस्य प्रकाश सडयाल ने भी लोगों को संबोधित किया।2
- ज़हर युक्त खेती छोड़ प्राकृतिक खेती और बढ़ रहे किसान1
- ऊना। हिमाचल पथ परिवहन निगम से सेवानिवृत्त पेंशनर्स ने शनिवार को ऊना जिला मुख्यालय के पुराने बस अड्डा परिसर में प्रदेश सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। हिमाचल पथ परिवहन निगम सेवानिवृत कर्मचारी कल्याण संगठन की बैठक के दौरान पेंशनर्स ने समय पर पेंशन जारी न होने पर रोष व्यक्त करते हुए सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। संगठन के अध्यक्ष किशोरी लाल ने कहा कि वर्तमान में सरकार द्वारा पेंशन को चार अलग-अलग श्रेणियों में बांटकर जारी किया जा रहा है। 75 वर्ष, 65 वर्ष, 63 वर्ष और 58 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के पेंशनर्स के लिए अलग-अलग भुगतान व्यवस्था बनाई गई है, जिससे असमानता और भ्रम की स्थिति पैदा हो रही है। उन्होंने मांग की कि सभी पेंशनर्स को एक समान और एकमुश्त पेंशन दी जाए। किशोरी लाल ने कहा कि कड़ाके की ठंड में बुजुर्ग पेंशनर्स को प्रदर्शन के लिए मजबूर होना पड़ रहा है, जो दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने आरोप लगाया कि निगम कार्यालयों में पेंशनर्स के मेडिकल और अन्य बिल लंबे समय से लंबित पड़े हैं और अधिकारी इस ओर कोई सहानुभूतिपूर्ण रवैया नहीं अपना रहे। उन्होंने यह भी कहा कि जहां निगम में कार्यरत कर्मचारियों को सरकार द्वारा तीन फीसदी महंगाई भत्ता (डीए) की किश्त जारी कर दी गई है, वहीं पेंशनर्स को इससे वंचित रखा गया है। पेंशनर्स ने चेतावनी दी कि यदि उनकी पेंशन हर माह पहली तारीख को जारी करने की व्यवस्था शीघ्र नहीं की गई तो सेवानिवृत कर्मचारियों की संयुक्त संघर्ष समिति के बैनर तले प्रदेशभर में आंदोलन तेज किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जिस तरह पेंशनर्स को महीने के अंत में जाकर किश्तों में पेंशन दी जा रही है, उसी तरह मंत्री विधायक भी अपनी सैलरी इसी तरह किस्तों में और महीने के अंतिम दिनों में जाकर ले।1
- UGC का यह गैर-जिम्मेदाराना बिल सिर्फ सामान्य वर्ग पर हमला नहीं है, यह पूरे सनातन समाज और भारत की सामाजिक एकता पर सीधा प्रहार है। मोदी जी—आज आप अविश्वास के प्रतीक बन चुके हैं। अटल बिहारी वाजपेयी, आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी से लेकर आज के सामान्य वर्ग तक— सबको एक-एक कर धोखा दिया गया। बीजेपी का यह घातक और विनाशकारी फैसला UGC के नाम पर थोपा गया, जिसने न केवल सामान्य वर्ग को गहरी चोट पहुंचाई, बल्कि देशभर में वैमनस्य, सामाजिक असंतुलन और जातीय ज़हर घोल दिया। जाति के नाम पर समाज को तोड़ना किसी भी राष्ट्र के हित में नहीं हो सकता। जब समाज ही बिखरा होगा, तो विकास और सुरक्षा सिर्फ नारे बनकर रह जाएंगे। अगर आज भी जनता नहीं जागी, तो यह विभाजनकारी सोच भारत को पतन की ओर धकेल देगी। अब चुप्पी नहीं—जवाब चाहिए। जय हिंद 🇮🇳 जय भारत जय भवानी 🚩 जय श्री कृष्ण जय श्री राम — ब्यास ठाकुर देवभूमि क्षत्रिय संगठन एवं सवर्ण मोर्चा हिमाचल प्रदेश तीसरा विकल्प: राष्ट्रीय देवभूमि पार्टी1
- Classes are going on at Nagrota Bagwan as well as at Kangra branch. minimum and nominal fees1
- हमीरपुर पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं हमीरपुर के सांसद अनुराग सिंह ठाकुर ने आज हमीरपुर संसदीय क्षेत्र में दो महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में भाग लिया। उन्होंने चंगर विधानसभा क्षेत्र में सामुदायिक केंद्रों के लोकार्पण एवं शिलान्यास कार्यक्रम में शिरकत की तथा जनसभा को संबोधित किया। इससे पूर्व धनेड स्थित जी.एम. होली हार्ट पब्लिक स्कूल के वार्षिक समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में सम्मिलित हुए। दोनों कार्यक्रमों में हमीरपुर के विधायक आशीष शर्मा, बड़सर के विधायक इंद्रदत्त लखनपाल, जिलाध्यक्ष राकेश ठाकुर, जिला महामंत्री अजय रिंटू, पार्टी पदाधिकारी, कार्यकर्ता तथा स्थानीय गणमान्य व्यक्ति बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। हमीरपुर विधानसभा क्षेत्र के चंगर में आयोजित जनसभा में अनुराग सिंह ठाकुर ने केंद्र सरकार की उपलब्धियों पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश ने हर क्षेत्र में ऐतिहासिक प्रगति की है। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना, मुफ्त राशन योजना, आयुष्मान भारत, जल जीवन मिशन, ग्रामीण सड़क विस्तार और डिजिटल कनेक्टिविटी जैसे कार्यक्रमों का उल्लेख करते हुए कहा कि इन पहलों ने आम नागरिक के जीवन स्तर को बेहतर बनाया है और भारत को वैश्विक आर्थिक शक्ति के रूप में स्थापित किया है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि राजस्व घाटा अनुदान को लेकर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार जनता को भ्रमित कर रही है, जबकि केंद्र सरकार ने हिमाचल को संवैधानिक दायित्वों के अनुरूप हर सहायता समय पर प्रदान की है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार अपनी वित्तीय विफलताओं को छिपाने के लिए केंद्र पर निराधार आरोप लगा रही है, जो पूरी तरह भ्रामक है। उन्होंने भारत के सकारात्मक विदेशी व्यापार समझौतों का जिक्र करते हुए बताया कि इनसे निर्यात में वृद्धि होगी, नए रोजगार सृजित होंगे और भारतीय उद्योगों को वैश्विक बाजार में मजबूती मिलेगी। बजट 2026–27 का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि रक्षा क्षेत्र के लिए लगभग 7.85 लाख करोड़ रुपये से अधिक का प्रावधान किया गया है, पब्लिक इन्फ्रास्ट्रक्चर के लिए 12.2 लाख करोड़ रुपये, स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए करीब 1 लाख 7 हज़ार करोड़ रुपये, शिक्षा क्षेत्र के लिए लगभग 1 लाख 30 हजार करोड़ रुपये, महिला सशक्तिकरण एवं बाल कल्याण के लिए लगभग पाँच लाख करोड़ रुपये तथा MSME क्षेत्र के लिए करीब दस हजार करोड़ रुपये का विशेष कोष रखा गया है। उन्होंने कहा कि यह बजट समावेशी विकास, आत्मनिर्भर भारत और मजबूत राष्ट्र निर्माण की दिशा में निर्णायक कदम है। इसके पहले अनुराग सिंह ठाकुर ने धनेड स्थित जी.एम. होली हार्ट पब्लिक स्कूल के वार्षिक समारोह को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों में मंच संचालन की जिम्मेदारी बच्चों को दी जानी चाहिए ताकि उनका आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता बढ़े। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि बच्चों को मोबाइल फोन से यथासंभव दूर रखा जाए ताकि वे पढ़ाई, खेल और रचनात्मक गतिविधियों पर अधिक ध्यान दे सकें।1