Shuru
Apke Nagar Ki App…
बीकानेर जिले के श्रीडूंगरगढ़ में हाईवे पर एक सड़क हादसा हुआ, जहाँ एक ट्रक और कार के बीच आमने-सामने की टक्कर हो गई। यह दुर्घटना बिग्गाबास रामसरा के पास हुई। इस भीषण टक्कर के परिणामस्वरूप ट्रक पलट गया, जबकि कार भी क्षतिग्रस्त हो गई। हादसे में कार में सवार लोगों को हल्की चोटें आईं।
News 7 NETWORK
बीकानेर जिले के श्रीडूंगरगढ़ में हाईवे पर एक सड़क हादसा हुआ, जहाँ एक ट्रक और कार के बीच आमने-सामने की टक्कर हो गई। यह दुर्घटना बिग्गाबास रामसरा के पास हुई। इस भीषण टक्कर के परिणामस्वरूप ट्रक पलट गया, जबकि कार भी क्षतिग्रस्त हो गई। हादसे में कार में सवार लोगों को हल्की चोटें आईं।
More news from राजस्थान and nearby areas
- पादूकलां के निकटवर्ती ग्राम पंचायत बग्गड़ स्थित भारत निर्माण सेवा केंद्र परिसर में बुधवार को एक ग्रामीण सेवा शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में स्वास्थ्य, राजस्व, पशुपालन, कृषि, परिवहन सहित कुल 21 विभागों ने सक्रिय भागीदारी निभाई, जिसका मुख्य उद्देश्य आमजन की समस्याओं का मौके पर ही समाधान करना और राज्य सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र व्यक्तियों तक पहुँचाना था। शिविर के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने अपनी समस्याएं और आवेदन प्रस्तुत किए, जिनका संबंधित विभागों द्वारा त्वरित निस्तारण किया गया। शिविर प्रभारी उपखंड अधिकारी विनीत कुमार सुखाड़िया, तहसीलदार अशोक कुमार, नायब तहसीलदार प्रेम कुमार ढेबाना, विकास अधिकारी भंवरलाल सिंघाड़िया, सहायक विकास अधिकारी धर्मेंद्र गिल और ग्राम पंचायत प्रशासक सुरज्या देवी पंवार की मौजूदगी में ग्रामीणों की शिकायतें सुनी गईं। उपखंड अधिकारी विनीत कुमार सुखाड़िया और तहसीलदार अशोक कुमार ने ग्रामीणों की शिकायतों को गंभीरता से सुनते हुए अनेक प्रकरणों का मौके पर ही निस्तारण किया, जबकि अन्य विभागों से संबंधित समस्याओं को आवश्यक कार्रवाई हेतु आगे प्रेषित किया गया। ग्राम पंचायत प्रशासक सुरज्या देवी पंवार ने बताया कि राज्य सरकार की मंशा है कि नागरिकों को अपने कार्यों के लिए बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें और योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचे। उन्होंने ग्रामीण सेवा शिविरों को इस सोच को धरातल पर उतारने का एक प्रभावी माध्यम बताते हुए शिविर की सफलता में सहयोग देने वाले सभी विभागों, जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों का आभार व्यक्त किया। विकास अधिकारी भंवरलाल सिंघाड़िया ने भी इस बात पर जोर दिया कि इन शिविरों के माध्यम से राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने और आमजन की समस्याओं को स्थानीय स्तर पर हल करने का प्रयास किया जा रहा है। ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग ने चार पट्टे वितरित किए और दस शौचालय व दो प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत किए। महिला एवं बाल विकास विभाग की महिला पर्यवेक्षक अमिता रसाल और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की उपस्थिति में एक गर्भवती महिला की गोद भराई की गई, साथ ही प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के आवेदन लिए गए, गर्भवती एवं धात्री महिलाओं का पंजीयन किया गया और बच्चों का वजन मापा गया। राजस्व विभाग ने चार बंटवारा, तीन सीमाज्ञान, 30 शुद्धिकरण और एक रास्ता कायम करने सहित विभिन्न प्रकरणों का निस्तारण किया, इसके अतिरिक्त 15 जन्म प्रमाण पत्र और 10 मृत्यु प्रमाण पत्र भी जारी किए गए। जलदाय विभाग के कनिष्ठ अभियंता विजय गढ़वाल ने जानकारी दी कि बग्गड़ के बाजार क्षेत्र में पाइपलाइन लीकेज की मरम्मत कर जलापूर्ति सुचारु की गई और अंतिम छोर तक पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के प्रयास हुए। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग द्वारा 54 पेंशन सत्यापन और 10 पालनहार योजना सत्यापन पूरे किए गए, जबकि एक स्कूटी योजना और पाँच प्रवेश संबंधी आवेदन भी स्वीकार किए गए। राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम ने दो रोडवेज पास बनाए और कृषि विभाग ने किसानों को तारबंदी योजना सहित विभिन्न कृषि योजनाओं और आधुनिक खेती की महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की। राजस्थान ग्रामीण बैंक की शाखा प्रबंधक आकांक्षा कुमारी ने बताया कि शिविर में 12 बैंक उपभोक्ताओं की री-केवाईसी की गई। चिकित्सा विभाग ने नर्सिंग अधिकारी रमेशनाथ के नेतृत्व में 384 लोगों की स्वास्थ्य जाँच की, जिसमें 13 मरीजों की शुगर व ब्लड प्रेशर की जाँच और 75 लोगों की ओरल कैंसर स्क्रीनिंग शामिल थी। 13 बच्चों का टीकाकरण किया गया, 12 गर्भवती महिलाओं की स्वास्थ्य जाँच हुई, 13 आयुष्मान कार्ड वितरित किए गए और पाँच कार्डों की केवाईसी की गई। शिविर में प्रधानमंत्री आवास योजना, महात्मा गांधी नरेगा, सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना, पालनहार योजना, मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, मुख्यमंत्री किसान सम्मान निधि, उज्ज्वला योजना, खाद्य सुरक्षा योजना तथा रोजगार एवं आजीविका संवर्धन योजनाओं की जानकारी प्रदान की गई और पात्र व्यक्तियों से आवेदन भी प्राप्त किए गए। इस अवसर पर शिविर प्रभारी के नाम एक लिखित ज्ञापन भी प्रस्तुत किया गया, जिसमें बग्गड़ से बेड़ास जाने वाले रास्ते के दुस्तीकरण (मरम्मत) की मांग की गई। इस शिविर में प्रशासक सुरज्या देवी पंवार, पूर्व सरपंच रामरतन जाजड़ा, उपखंड अधिकारी विनीत कुमार सुखाड़िया, तहसीलदार अशोक कुमार सहित सभी विभागों के अधिकारी, कर्मचारी, जनप्रतिनिधि और आंगनवाड़ी कार्यकर्ता व आशा सहयोगिनी सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।4
- मरुधरा की आस्था के प्रमुख केंद्र कपिल मुनि सरोवर परिसर में स्थित वर्षों पुराने पीपल और बड़ के वृक्षों के संरक्षण तथा पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने के लिए प्रशासन ने गंभीर पहल की है। इसी कड़ी में, विकास अधिकारी वीरपाल सिंह नायक ने सरोवर परिसर का निरीक्षण किया और ग्राम पंचायत को वृक्षों के संरक्षण, उनकी नियमित देखरेख एवं सुरक्षा के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। विकास अधिकारी ने इस दौरान कहा कि कपिल मुनि सरोवर धार्मिक आस्था का केंद्र होने के साथ-साथ एक महत्वपूर्ण प्राकृतिक धरोहर भी है। उन्होंने बताया कि परिसर में मौजूद पीपल और बड़ के ये प्राचीन वृक्ष श्रद्धालुओं को छाया प्रदान करने के अलावा पर्यावरण संरक्षण में अहम भूमिका निभाते हैं, और इनका संरक्षण समय की आवश्यकता है ताकि आने वाली पीढ़ियाँ भी इनसे जुड़ सकें। ग्राम पंचायत को निर्देश दिए गए कि वृक्षों के आसपास नियमित सफाई व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, उनकी जड़ों को नुकसान पहुँचाने वाली गतिविधियों पर प्रभावी रोक लगाई जाए, तथा आवश्यकतानुसार सुरक्षा उपाय किए जाएँ। इसके अतिरिक्त, वृक्षों की निरंतर निगरानी और देखभाल के लिए एक कार्ययोजना तैयार करने के भी निर्देश दिए गए। निरीक्षण के दौरान सरोवर परिसर में बेसहारा गोवंश के प्रवेश से उत्पन्न हो रही समस्याओं पर भी विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों ने यह स्वीकार किया कि खुले में घूमने वाले गोवंश से पौधों और वृक्षों को नुकसान होता है, साथ ही श्रद्धालुओं को भी असुविधा का सामना करना पड़ता है। इस समस्या से निपटने के लिए सरोवर परिसर में गोवंश के प्रवेश को रोकने हेतु व्यवहारिक उपाय अपनाने और आवश्यक व्यवस्थाएँ विकसित करने पर सहमति बनी। इस अवसर पर जेईएन सुरेश विश्नोई और ग्राम पंचायतकर्मी कामेश शर्मा सहित अन्य कार्मिक मौजूद रहे। स्थानीय लोगों ने प्रशासन की इस पहल का स्वागत करते हुए ऐसी पहल लगातार जारी रखने की बात कही ताकि कपिल मुनि सरोवर की हरियाली और धार्मिक गरिमा बनी रहे।1
- राजस्थान के कांग्रेस पीसीसी अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा का पारा बेहद गर्म हो गया, जिसके बाद उन्होंने भाजपा को सीधे तौर पर चुनौती दे दी। डोटासरा ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि किसी को इतना भी नहीं छेड़ना चाहिए कि कहीं उनका बुढ़ापा ही खराब हो जाए।1
- बगड़ न्यूज़ ने अपने मॉर्निंग अपडेट में झुंझुनूं और राजस्थान से जुड़ी सुबह की प्रमुख खबरें पेश कीं। इस अपडेट में क्षेत्र के ताजा घटनाक्रम, ब्रेकिंग न्यूज और हर महत्वपूर्ण जानकारी सबसे पहले शामिल है।1
- राजस्थान में जल संकट से निपटने के लिए एक बड़ी और ऐतिहासिक पहल सामने आई है। स्वच्छ भारत मिशन के ब्रांड एंबेसडर और जल संरक्षण के प्रबल समर्थक के.के. गुप्ता द्वारा मुख्यमंत्री को भेजे गए सुझावात्मक पत्र पर राजस्थान सरकार ने गंभीरता से संज्ञान लिया है। इसके परिणामस्वरूप, राजस्थान नदी बेसिन एवं जल संसाधन योजना प्राधिकरण ने जल संरक्षण को लेकर महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इन निर्देशों में गांवों के पुराने तालाबों का पुनर्जीवन, जल आवक मार्गों से अतिक्रमण हटाना, तालाबों की सफाई, जल स्रोतों को प्रदूषण मुक्त रखना और शहरों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग को प्रभावी बनाना शामिल है। के.के. गुप्ता ने अपने पूर्व कार्यकाल के दौरान डूंगरपुर नगर परिषद में बावड़ियों, कुओं और तालाबों का जीर्णोद्धार किया था, जिससे प्रतिदिन लगभग 8 लाख लीटर अतिरिक्त पानी उपलब्ध हुआ। इसके साथ ही, 100 सरकारी भवनों और 500 घरों को वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम से जोड़ा गया, जिसके परिणामस्वरूप भू-जल स्तर में करीब 20 फीट की बढ़ोतरी हुई और पानी की गुणवत्ता में भी सुधार दर्ज किया गया। इस मॉडल की सराहना तत्कालीन केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने राज्यसभा में भी की थी, इसे पूरे देश के लिए प्रेरणादायक बताया था। वहीं, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में चल रहे ‘वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान’ के तहत डूंगरपुर जिले में 100 तालाबों का जीर्णोद्धार भी किया गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इस मॉडल को पूरे राजस्थान में लागू किया गया तो आने वाले वर्षों में जल संकट पर बड़ी राहत मिल सकती है, क्योंकि 'जल है तो कल है' के संकल्प के साथ राजस्थान अब इसी दिशा में आगे बढ़ रहा है।1
- बज्जु की निकटवर्ती ग्राम पंचायत बांगड़सर के आरडी 860 पर, पूर्व चेयरमैन रामप्रताप खीचड़ की अगुवाई में 'ऑपरेशन नीलकंठ' के तहत आयोजित विशाल कबड्डी दंगल सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस प्रतियोगिता का मुख्य उद्देश्य युवाओं को नशे जैसी सामाजिक बुराई से दूर रखकर खेलों के प्रति जागरूक करना था। इस कबड्डी दंगल में आरडी 860 सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में खेल प्रेमी एवं ग्रामीण पहुंचे। प्रतियोगिता के दौरान खिलाड़ियों ने अपनी ताकत, फुर्ती और खेल कौशल का शानदार परिचय दिया, जिससे रोमांचक मुकाबलों ने दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया और पूरे मैदान में उनका उत्साहवर्धन होता रहा। इस अवसर पर खेल मैदान 'नशा भगाओ – खेलों को अपनाओ' के नारों से गूंज उठा। समापन समारोह में पूर्व चेयरमैन रामप्रताप खीचड़ ने उपस्थित युवाओं एवं ग्रामीणों को नशा मुक्त जीवन जीने तथा अपने गांव को नशा मुक्त बनाने की सामूहिक शपथ दिलाई। ग्रामीणों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे खेल आयोजनों से युवाओं की ऊर्जा को सकारात्मक दिशा मिलती है तथा समाज में नशे के खिलाफ जागरूकता बढ़ती है। सफल संचालन पर ग्रामीणों एवं खेल प्रेमियों ने आयोजकों का आभार व्यक्त किया।1
- नागौर शहर के शारदा बाल निकेतन विद्यालय में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस से शुरू हुआ पांच दिवसीय योग शिविर आज 25 जून को समाप्त होगा। यह शिविर, जो अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर शुरू हुआ था, शहरवासियों और छात्र-छात्राओं के लिए योग प्रशिक्षण का केंद्र रहा। प्रबंध समिति के अध्यक्ष हरिराम धारणियां ने जानकारी दी कि इस शिविर में राजस्थान सहित देश भर में ख्याति प्राप्त योगा ट्रेनर परिणीति विश्नोई उपस्थित रहीं, जिन्होंने शिविर में आए छात्र-छात्राओं और शहरवासियों को योग के विभिन्न आयामों से अवगत करवाया। प्रधानाचार्य गेनाराम गुरु ने बताया कि योग शिविर की सभी आवश्यक तैयारियाँ पहले ही पूरी कर ली गई थीं, और इसमें विद्यालय के छात्र-छात्राओं, आचार्य बंधु-भगिनी तथा कई अभिभावकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। सहायक प्रधानाचार्य पुखराज राव ने बताया कि योग शिविर के चौथे दिन, विद्यालय के छात्र-छात्राओं को योग शिक्षक केसरी नंदन सोनी और लीला कच्छावा ने विभिन्न प्रकार के योग, प्राणायाम और आसन का अभ्यास करवाया। शिविर का समापन आज 25 जून को होने के साथ ही प्रसिद्ध योगा ट्रेनर परिणीति बिश्नोई शहरवासियों को योग करवाएंगी।1
- नागौर जिले के मूंडवा स्थित ईनाणा बाईपास पर राष्ट्रीय राजमार्ग-58 पर बुधवार को एक सड़क हादसा हो गया। जानकारी के अनुसार, एक ट्रक चालक ने अचानक सड़क पर आई नीलगाय को बचाने के प्रयास में अपने वाहन का संतुलन खो दिया, जिससे वह सामने से आ रहे दूसरे ट्रक से टकरा गया। हादसे के समय एक ट्रक में शीतल पेय की बोतलें भरी हुई थीं, जो टक्कर के बाद सड़क पर बिखर गईं। इस कारण कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित रहा। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग और संबंधित विभाग के कर्मचारी मौके पर पहुंचे तथा सड़क पर फैले सामान को हटाने का काम शुरू किया। गनीमत यह रही कि इस हादसे में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई और दोनों ट्रकों के चालक सुरक्षित बताए जा रहे हैं, हालांकि ट्रकों को नुकसान पहुंचा है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, चालक के नीलगाय को बचाने के लिए अचानक वाहन मोड़ने से यह दुर्घटना हुई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर यातायात को सुचारु कराया और घटना की जानकारी जुटाई। इस हादसे के बाद वाहन चालकों से राष्ट्रीय राजमार्ग-58 पर सावधानी बरतने और वन्यजीव क्षेत्रों में सतर्कता से वाहन चलाने की अपील की गई है।2