पालक महासंघ ने प्राइवेट स्कूलों की मनमानी रोकने और सरकारी स्कूलों की व्यवस्था पालक महासंघ ने प्राइवेट स्कूलों की मनमानी रोकने और सरकारी स्कूलों की व्यवस्था सुधारने हेतु दिया ज्ञापन शाजापुर। पालक महासंघ मध्य प्रदेश की जिला इकाई शाजापुर द्वारा प्राइवेट स्कूलों की मनमानी रोकने और सरकारी स्कूलों की व्यवस्था सुधारने हेतु कलेक्ट्रेट जनसुनवाई में ज्ञापन दिया। कार्यकर्ताओं ने जिला शिक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए तथा प्राइवेट स्कूलो पर पांच सूत्री और सरकारी स्कूलों पर पांच सूत्री, कुल 10 सूत्री मांगों पर कलेक्टर के नाम ज्ञापन दिया। जिलाध्यक्ष राजेश सिसनोरिया ने बताया कि पालक महासंघ पिछले दो वर्षों से शिक्षा में अनियमितता और सुधार के लिए लगातार आवेदन और निवेदन करता आया हैं, नए सत्र की शुरुआत होने से पहले ही हम तीसरी बार जिला कलेक्टर और जिला शिक्षा अधिकारी को शिक्षा में सुधार के लिए फिर से ज्ञापन के माध्यम से निवेदन कर रहे हैं, प्राइवेट स्कूलो के लिए हमारी प्रमुख मांग है कि कक्षा पहली ली से बाहरवीं तक एनसीईआरटी की किताबें लागू हो, फीस रेगुलेशन नियम फॉलो हो, महंगे कोर्स ओर ड्रेस पर स्कूल कमीशन बंद हो। हमारी सरकारी स्कूलों के लिए मांग है कि शिक्षक ई अटेंडेंस का पालन नहीं कर रहे हे और ना ही समय पर स्कूल खोल रहे ना समय पर स्कूल बंद कर रहे। गरीब और कमजोर बच्चों की शिक्षा में सुधार के लिए लापरवाह शिक्षकों पर कड़ी कार्यवाही हो। जिला महासचिव राजेंद्र चौखुटिया ने बताया कि जिला प्रशासन को पहले भी अवगत कराया था कि एजी तख्तवाला ओर सोलंकी ड्रेसेस पर सभी बड़े स्कूलों की ड्रेस ओर कोर्स बिक रहे ओर स्कूल वही से खरीदने के लिए मजबूर कर रहे लेकिन प्रशासन सुन नहीं रहा। यदि हमारी मांग नहीं मानेंगे तो हम आने वाले समय में बड़ा आंदोलन करेंगे। वही कार्यकारणी सदस्य मनोहर कटारिया ने बताया कि संगठन ने दो महीने पहले तीन स्कूलों की शिकायत की थी जिनके द्वारा बलात्कारी आसाराम का प्रचार प्रसार स्कूलों के बच्चों के सामने किया गया था, लेकिन जिला प्रशासन इतना निर्लज है कि स्कूल वालों को बचाने में लगा है। यदि इनमें शिक्षा का दृष्टिकोण ऐसा हे तो शिक्षा के केंद्र बंद कर देना चाहिए क्यों जनता के टैक्स से तनख्वा ले रहे हो और पालकों की जेब खाली कर रहे हो। ज्ञापन में जिला अध्यक्ष राजेश सिसनोरिया, महासचिव राजेंद्र चौखुटिया, कार्यकारणी सदस्य मनोहर कटारिया, शिवनारायण धारिया, जिला उपाध्यक्ष नन्द किशोर पवार, जिला संगठन मंत्री नवीन पटोंदा, जिला मीडिया प्रभारी महेंद्र सौराष्ट्रीय, टी आर सिसोदिया, एडवोकेट अशोक कुमार मालवीय, संतोष मालवीय आदि के साथ अन्य पालक मौजूद रहे।
पालक महासंघ ने प्राइवेट स्कूलों की मनमानी रोकने और सरकारी स्कूलों की व्यवस्था पालक महासंघ ने प्राइवेट स्कूलों की मनमानी रोकने और सरकारी स्कूलों की व्यवस्था सुधारने हेतु दिया ज्ञापन शाजापुर। पालक महासंघ मध्य प्रदेश की जिला इकाई शाजापुर द्वारा प्राइवेट स्कूलों की मनमानी रोकने और सरकारी स्कूलों की व्यवस्था सुधारने हेतु कलेक्ट्रेट जनसुनवाई में ज्ञापन दिया। कार्यकर्ताओं ने जिला शिक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए तथा प्राइवेट स्कूलो पर पांच सूत्री और सरकारी स्कूलों पर पांच सूत्री, कुल 10 सूत्री मांगों पर कलेक्टर के नाम ज्ञापन दिया। जिलाध्यक्ष राजेश सिसनोरिया ने बताया कि पालक महासंघ पिछले दो वर्षों से शिक्षा में अनियमितता और सुधार के लिए लगातार आवेदन और निवेदन करता आया हैं, नए सत्र की शुरुआत होने से पहले ही हम तीसरी बार जिला कलेक्टर और जिला शिक्षा अधिकारी को शिक्षा में सुधार के लिए फिर से ज्ञापन के माध्यम से निवेदन कर रहे हैं, प्राइवेट स्कूलो के लिए हमारी प्रमुख मांग है कि कक्षा पहली ली से बाहरवीं तक एनसीईआरटी की किताबें लागू हो, फीस रेगुलेशन नियम फॉलो हो, महंगे कोर्स ओर ड्रेस पर स्कूल कमीशन बंद हो। हमारी सरकारी स्कूलों के लिए मांग है कि शिक्षक ई अटेंडेंस का पालन नहीं कर रहे हे और ना ही समय पर स्कूल खोल रहे ना समय पर स्कूल
बंद कर रहे। गरीब और कमजोर बच्चों की शिक्षा में सुधार के लिए लापरवाह शिक्षकों पर कड़ी कार्यवाही हो। जिला महासचिव राजेंद्र चौखुटिया ने बताया कि जिला प्रशासन को पहले भी अवगत कराया था कि एजी तख्तवाला ओर सोलंकी ड्रेसेस पर सभी बड़े स्कूलों की ड्रेस ओर कोर्स बिक रहे ओर स्कूल वही से खरीदने के लिए मजबूर कर रहे लेकिन प्रशासन सुन नहीं रहा। यदि हमारी मांग नहीं मानेंगे तो हम आने वाले समय में बड़ा आंदोलन करेंगे। वही कार्यकारणी सदस्य मनोहर कटारिया ने बताया कि संगठन ने दो महीने पहले तीन स्कूलों की शिकायत की थी जिनके द्वारा बलात्कारी आसाराम का प्रचार प्रसार स्कूलों के बच्चों के सामने किया गया था, लेकिन जिला प्रशासन इतना निर्लज है कि स्कूल वालों को बचाने में लगा है। यदि इनमें शिक्षा का दृष्टिकोण ऐसा हे तो शिक्षा के केंद्र बंद कर देना चाहिए क्यों जनता के टैक्स से तनख्वा ले रहे हो और पालकों की जेब खाली कर रहे हो। ज्ञापन में जिला अध्यक्ष राजेश सिसनोरिया, महासचिव राजेंद्र चौखुटिया, कार्यकारणी सदस्य मनोहर कटारिया, शिवनारायण धारिया, जिला उपाध्यक्ष नन्द किशोर पवार, जिला संगठन मंत्री नवीन पटोंदा, जिला मीडिया प्रभारी महेंद्र सौराष्ट्रीय, टी आर सिसोदिया, एडवोकेट अशोक कुमार मालवीय, संतोष मालवीय आदि के साथ अन्य पालक मौजूद रहे।
- 📡 *_साधना प्लस न्यूज_* *धतरावदा जोड़ के समीप अल्टो कार ने खाई पलटी, एक की मौत दूसरा घायल* *गोविंद कुम्भकार की रिपोर्ट* 📱 *9584097180*1
- पालक महासंघ ने प्राइवेट स्कूलों की मनमानी रोकने और सरकारी स्कूलों की व्यवस्था सुधारने हेतु दिया ज्ञापन शाजापुर। पालक महासंघ मध्य प्रदेश की जिला इकाई शाजापुर द्वारा प्राइवेट स्कूलों की मनमानी रोकने और सरकारी स्कूलों की व्यवस्था सुधारने हेतु कलेक्ट्रेट जनसुनवाई में ज्ञापन दिया। कार्यकर्ताओं ने जिला शिक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए तथा प्राइवेट स्कूलो पर पांच सूत्री और सरकारी स्कूलों पर पांच सूत्री, कुल 10 सूत्री मांगों पर कलेक्टर के नाम ज्ञापन दिया। जिलाध्यक्ष राजेश सिसनोरिया ने बताया कि पालक महासंघ पिछले दो वर्षों से शिक्षा में अनियमितता और सुधार के लिए लगातार आवेदन और निवेदन करता आया हैं, नए सत्र की शुरुआत होने से पहले ही हम तीसरी बार जिला कलेक्टर और जिला शिक्षा अधिकारी को शिक्षा में सुधार के लिए फिर से ज्ञापन के माध्यम से निवेदन कर रहे हैं, प्राइवेट स्कूलो के लिए हमारी प्रमुख मांग है कि कक्षा पहली ली से बाहरवीं तक एनसीईआरटी की किताबें लागू हो, फीस रेगुलेशन नियम फॉलो हो, महंगे कोर्स ओर ड्रेस पर स्कूल कमीशन बंद हो। हमारी सरकारी स्कूलों के लिए मांग है कि शिक्षक ई अटेंडेंस का पालन नहीं कर रहे हे और ना ही समय पर स्कूल खोल रहे ना समय पर स्कूल बंद कर रहे। गरीब और कमजोर बच्चों की शिक्षा में सुधार के लिए लापरवाह शिक्षकों पर कड़ी कार्यवाही हो। जिला महासचिव राजेंद्र चौखुटिया ने बताया कि जिला प्रशासन को पहले भी अवगत कराया था कि एजी तख्तवाला ओर सोलंकी ड्रेसेस पर सभी बड़े स्कूलों की ड्रेस ओर कोर्स बिक रहे ओर स्कूल वही से खरीदने के लिए मजबूर कर रहे लेकिन प्रशासन सुन नहीं रहा। यदि हमारी मांग नहीं मानेंगे तो हम आने वाले समय में बड़ा आंदोलन करेंगे। वही कार्यकारणी सदस्य मनोहर कटारिया ने बताया कि संगठन ने दो महीने पहले तीन स्कूलों की शिकायत की थी जिनके द्वारा बलात्कारी आसाराम का प्रचार प्रसार स्कूलों के बच्चों के सामने किया गया था, लेकिन जिला प्रशासन इतना निर्लज है कि स्कूल वालों को बचाने में लगा है। यदि इनमें शिक्षा का दृष्टिकोण ऐसा हे तो शिक्षा के केंद्र बंद कर देना चाहिए क्यों जनता के टैक्स से तनख्वा ले रहे हो और पालकों की जेब खाली कर रहे हो। ज्ञापन में जिला अध्यक्ष राजेश सिसनोरिया, महासचिव राजेंद्र चौखुटिया, कार्यकारणी सदस्य मनोहर कटारिया, शिवनारायण धारिया, जिला उपाध्यक्ष नन्द किशोर पवार, जिला संगठन मंत्री नवीन पटोंदा, जिला मीडिया प्रभारी महेंद्र सौराष्ट्रीय, टी आर सिसोदिया, एडवोकेट अशोक कुमार मालवीय, संतोष मालवीय आदि के साथ अन्य पालक मौजूद रहे।2
- मोहन बड़ोदिया रबी विपणन वर्ष 2026-27 में समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन के लिए किसान पंजीयन का कार्य 7 फरवरी 2026 से 07 मार्च 2026 तक निर्धारित किया गया था। शासन निर्देशानुसार रबी विपणन वर्ष 2026-27 में समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन के लिए किसान पंजीयन की अवधि 10 मार्च 2026 तक बढ़ाई गई हैं। जिला आपूर्ति अधिकारी सुश्री अंजु मरावी ने जिले के समस्त किसानो से अनुरोध किया हैं कि नियत अवधि में अपनी फसल को समर्थन मूल्य पर विक्रय करने एवं असुविधा से बचने के लिए अपनी भूमि के निकटतम पंजीयन केन्द्र एवं एम.पी. ऑनलाईन कियोस्क, कॉमन सर्विस सेन्टर, लोक सेवा केन्द्र एवं किसान अपना पंजीयन अनिवार्य1
- मोहन बड़ोदिया। शाजापुर जिले के मोहन बड़ौदिया जनपद की ग्राम पंचायत तिंगजपुर में पेयजल संकट को लेकर जन संघर्ष समिति द्वारा जनपद पंचायत मोहन बड़ौदिया परिसर में धरना-प्रदर्शन किया गया। इस दौरान समिति के पदाधिकारियों एवं ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री के नाम तहसीलदार मोहन बड़ौदिया को ज्ञापन सौंपकर समस्या के शीघ्र समाधान की मांग की। जन संघर्ष समिति मध्यप्रदेश के नेतृत्व में आयोजित इस धरना-प्रदर्शन में बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए। ग्रामीणों ने बताया कि ग्राम पंचायत तिनंगजपुर में लंबे समय से गंभीर पेयजल संकट बना हुआ है, जिससे लोगों को पीने के पानी के लिए काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कई बार संबंधित अधिकारियों को इस समस्या से अवगत कराने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। धरना-प्रदर्शन के दौरान जन संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने कहा कि यदि जल्द ही ग्राम पंचायत तिनंगजपुर में पेयजल की समुचित व्यवस्था नहीं की गई तो समिति द्वारा ग्रामीणों के साथ मिलकर बड़े स्तर पर आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि गांव में स्थायी रूप से पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि ग्रामीणों को राहत मिल सके। इसके पश्चात समिति के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन तहसीलदार मोहन बड़ौदिया को सौंपा और समस्या के निराकरण के लिए तत्काल कार्रवाई करने की मांग की। ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि यदि समस्या का शीघ्र समाधान नहीं किया गया तो ग्रामीणों के साथ मिलकर आगे उग्र आंदोलन किया जाएगा। धरना-प्रदर्शन के दौरान जन संघर्ष समिति के पदाधिकारी राजा भैय्या,अविनाश सिंह, राम सिंह मालवीय, डॉ शिव मालवीय, संतोष , संदीप सिसोदिया,गोकुल ,एवं ग्राम पंचायत तिनंगजपुर के ग्रामीण बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।1
- कालापीपल के नांदनी में वाहन हटाने के विवाद पर बवाल, दो युवकों की पिटाई के बाद ग्रामीणों ने किया चक्काजाम कालापीपल क्षेत्र के नांदनी गांव में वाहन हटाने को लेकर हुए विवाद ने तूल पकड़ लिया। जानकारी के अनुसार करीब 20 लोगों ने मिलकर दो युवकों के साथ मारपीट कर दी। घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने सड़क पर चक्काजाम कर विरोध प्रदर्शन किया। बताया जा रहा है कि वाहन हटाने की बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच कहासुनी हुई, जो देखते ही देखते मारपीट में बदल गई। मारपीट में दो युवक घायल हो गए। घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर एकत्र हो गए और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर सड़क पर चक्काजाम कर दिया। चक्काजाम के कारण कुछ समय तक यातायात प्रभावित रहा। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों को समझाइश देकर जाम खुलवाया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और आरोपियों की तलाश की जा रही है।1
- durlabh Kashyap1
- Post by Ramnivas Marco2
- शाजापुर में सौर ऊर्जा का चमत्कार, बिजली के बिल हो रहे शून्य, उपभोक्ता बन रहे हैं बिजली उत्पादक पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना से रोशन हुए घर, कलेक्टर बाफना ने उपभोक्ताओं को किया सम्मानित फोटो-10-एसजेआर01- कलेक्टर ने किया सम्मान। शाजापुर। जिले में सौर ऊर्जा के प्रति लोगों का रुझान अब चमत्कारिक परिणाम देने लगा है। शाजापुर के जिन घरों में कभी हजारों रुपये का बिजली बिल आता था, आज उन घरों के बिल न सिर्फ शून्य हो गए हैं, बल्कि माइनस (ऋणात्मक) में आ रहे हैं। यानी अब उपभोक्ता बिजली खरीद नहीं रहे हैं, बल्कि बिजली बनाकर विद्युत कंपनी को दे रहे हैं। पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत शहर के कई जागरूक नागरिकों ने अपने घरों की छतों पर सोलर प्लांट स्थापित करवाए हैं। इस शानदार पहल और पर्यावरण संरक्षण में योगदान के लिए कलेक्टर ऋजु बाफना ने उक्त उपभोक्ताओं को सम्मानित कर जिले के अन्य लोगों के लिए एक मिसाल पेश की है। लुमिना सोलर टेक्नोलॉजी ने बदली तस्वीर, छतों पर बन रही बिजली सैकड़ों उपभोक्ताओं ने लुमिना सोलर टेक्नोलॉजी के माध्यम से अपने घरों में सोलर पैनल लगवाए हैं, जिसके बाद से इनके घरों का आर्थिक गणित ही बदल गया है। ज्योति नगर निवासी बैजनाथ सिंह जिनके घर का बिजली बिल पहले औसतन 3,000 रुपये प्रतिमाह आता था, लेकिन सोलर पैनल लगने के बाद अब इनका बिल -2320 रुपये (माइनस) आ रहा है। इतना ही नहीं, इनके सोलर प्लांट से बनी 1200 यूनिट अतिरिक्त बिजली वर्तमान में विद्युत कंपनी के पास जमा है। वहीं मनोज मदनलाल गुप्ता, इनका बिजली बिल भी अब -1002 रुपये (माइनस) आ रहा है और इनके प्लांट द्वारा उत्पादित 500 यूनिट बिजली ग्रिड में कंपनी के पास जमा है। सैफुद्दीन अली गिरवर रोड पहले 3,000 रुपये का भारी-भरकम बिल भरने वाले सैफुद्दीन जी का बिल अब -3200 रुपये (माइनस) हो गया है। उपभोक्ताओं के अनुसार, बिल शून्य होने और अतिरिक्त बिजली उत्पादन के कारण उन्हे सालाना लगभग 40 से 50 हजार रुपये का सीधा आर्थिक फायदा हो रहा है। कलेक्टर ने प्रशस्ति-पत्र देकर किया सम्मानित सोलर प्लांट लगवाने के पर्यावरण हितैषी कदम की सराहना करते हुए मध्य प्रदेश पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी (म.प्र.प.क्षे.वि.वि.कं. ), वृत्त शाजापुर ने भी उपभोक्ताओं का सम्मान किया है। शाजापुर नवीन नगर निवासी मनोज गुप्ता जी, गिरवर रोड निवासी सैफुद्दीन अली, बैजनाथसिंह ने अपने निवास पर 3 किलोवाट के सोलर पैनल लगवाए हैं और वे अन्य लोगों को भी प्रेरित कर रहे हैं। सोलर उर्जा के प्रति लोगों मंे जागरूकता लाने के उददेश्य से मंगलवार को विभाग के अधीक्षण यंत्री एस.एन. वर्मा द्वारा उपभोक्ताओं को कलेक्टर ऋजु बाफना से प्रशस्ति-पत्र दिलवाकर सम्मानित किया गया। पत्र में उल्लेखित है कि उपभोक्ता के इस प्रयास से न केवल ऊर्जा खर्च कम हुआ है, बल्कि वायु प्रदूषण को कम करने और पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण योगदान मिला है। उपभोक्ताओं के सम्मान के दौरान जिला पंचायत सीईओ अनुपमा चौहान, विद्युत वितरण कंपनी अधीक्षण यंत्री एसएन वर्मा, एसडीएम मनीषा वास्कले, विद्युत वितरण कंपनी जेई रामेश्वर अहिरवार सहिन अन्य अधिकारी उपस्थित थे। क्या कहते हैं लाभान्वित उपभोक्ता शिक्षा विभाग में पदस्थ मनोज मदनलाल गुप्ता का कहना है कि शुरुआत में लगता था कि सोलर प्लांट लगवाना महंगा सौदा है, सौर उर्जा के बारे में जानकारी के लिए लुमिना सोलर टेक्नोलॉजी के डायरेक्टर दीपक अग्रवाल से संपर्क किया तो उन्होने बताया कि पीएम सूर्य घर योजना के अंतर्गत आप आसानी से राष्ट्रीयकृत बैंक से ऋण लेकर सोलर प्लांट लगवाने के साथ ही 78 हजार रूपये की सब्सिडी प्राप्त कर सकते हैं और अपने बिजली के बिल को शून्य कर सकते हैं। मनोज गुप्ता कहते हैं कि प्लांट लगने के बाद अब मेरा बिल माइनस 1002 रुपये आ रहा है और 500 यूनिट ग्रिड में जमा हैं, तो समझ आ रहा है कि यह सबसे बेहतरीन निवेश है। इससे हमारी बड़ी आर्थिक बचत हो रही है। वहीं पुलिस विभाग में कार्यरत बैजनाथ सिंह चांदना का कहना है कि पहले हर महीने 3000 रुपये तक का बिल भरने की भारी चिंता सताती थी। जब से लुमिना सोलर टेक्नोलॉजी से प्लांट लगवाया है, तब से न सिर्फ बिल शून्य हुआ है, बल्कि 1200 यूनिट बिजली कंपनी के पास जमा है। बिल माइनस में देखकर बहुत सुकून मिलता है। व्यवसायी सैफुद्दीन अली कहते हैं कि पीएम सूर्य घर योजना के तहत 3 किलोवाट का पैनल लगवाने से मेरा 3000 का बिल सीधे माइनस 3200 हो गया है। पैसे तो बच ही रहे हैं, लेकिन जब पर्यावरण बचाने के लिए विद्युत विभाग और कलेक्टर महोदया द्वारा सम्मानित किया गया, तो यह मेरे और मेरे परिवार के लिए बहुत गर्व का क्षण रहा। प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे भी इन उपभोक्ताओं से प्रेरणा लें और पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना का अधिक से अधिक लाभ उठाकर अपने घरों को सोलर ऊर्जा से रोशन करें। 000000000000000000002