चंदौली में जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में एक समीक्षा बैठक हुई, जिसमें सीएम डैश बोर्ड, राजस्व, न्यायिक, चकबंदी, भूमि अधिग्रहण, फार्मर रजिस्ट्री, कर-करेत्तर और आईजीआरएस (IGRS) के कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को राजस्व वसूली में तेजी लाने और विभिन्न परियोजनाओं के लिए अधिग्रहित की गई किसानों की जमीनों का मुआवजा समय पर वितरित करने के कड़े निर्देश दिए। बैठक के दौरान, जिलाधिकारी ने भारतमाला परियोजना, रिंग रोड और एनएच सहित अन्य विकास परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए आदेश दिया कि जिन किसानों को अभी तक भूमि अधिग्रहण का मुआवजा नहीं मिल पाया है, उनके खातों में एक महीने के भीतर धनराशि भेज दी जाए। उन्होंने सड़क निर्माण में बाधा बन रहे विद्युत पोल और ट्रांसफार्मरों को तत्काल स्थानांतरित करने का निर्देश भी दिया। कार्यों में ढिलाई बरतने वाले अधिकारियों के प्रति सख्त रुख अपनाते हुए, खेल मैदान के कार्य में धीमी गति पाए जाने पर उप जिलाधिकारी सकलडीहा को और स्वामित्व योजना में खराब प्रदर्शन के लिए तहसीलदार सदर व तहसीलदार सकलडीहा को चेतावनी पत्र जारी करने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि राजस्व संग्रह में गिरावट या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी, और दोषी पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। न्यायिक प्रक्रिया को सुचारु बनाने के लिए सभी उप जिलाधिकारियों (SDM), तहसीलदारों और नायब तहसीलदारों को पुराने और लंबित न्यायिक वादों का शीघ्र निपटारा करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने सभी विभागों से अपने निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप कार्य करने को कहा, ताकि सरकारी राजस्व में वृद्धि हो सके, तथा अधिकारियों को अपने-अपने विभागों में तकनीकी कार्यों और डाटा फीडिंग की निगरानी स्वयं करने और कार्यों को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा करने पर जोर दिया। इस महत्वपूर्ण बैठक में अपर जिलाधिकारी (वि०रा०) राजेश कुमार, अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) रतन वर्मा, जिला कृषि अधिकारी, जिला पूर्ति अधिकारी सहित जनपद के समस्त तहसीलदार, नायब तहसीलदार और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
चंदौली में जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में एक समीक्षा बैठक हुई, जिसमें सीएम डैश बोर्ड, राजस्व, न्यायिक, चकबंदी, भूमि अधिग्रहण, फार्मर रजिस्ट्री, कर-करेत्तर और आईजीआरएस (IGRS) के कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को राजस्व वसूली में तेजी लाने और विभिन्न परियोजनाओं के लिए अधिग्रहित की गई किसानों की जमीनों का मुआवजा समय पर वितरित करने के कड़े निर्देश दिए। बैठक के दौरान, जिलाधिकारी ने भारतमाला परियोजना, रिंग रोड और एनएच सहित अन्य विकास परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए आदेश दिया कि जिन किसानों को अभी तक भूमि अधिग्रहण का मुआवजा नहीं मिल पाया है, उनके खातों में एक महीने के भीतर धनराशि भेज दी जाए। उन्होंने सड़क निर्माण में बाधा बन रहे विद्युत पोल और ट्रांसफार्मरों को तत्काल स्थानांतरित करने का निर्देश भी दिया। कार्यों में ढिलाई बरतने वाले अधिकारियों के प्रति सख्त रुख अपनाते हुए, खेल मैदान के कार्य में धीमी गति पाए जाने पर उप जिलाधिकारी सकलडीहा को और स्वामित्व योजना में खराब प्रदर्शन के लिए तहसीलदार सदर व तहसीलदार सकलडीहा को चेतावनी पत्र जारी करने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि राजस्व संग्रह में गिरावट या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी, और दोषी पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। न्यायिक प्रक्रिया को सुचारु बनाने के लिए सभी उप जिलाधिकारियों (SDM), तहसीलदारों और नायब तहसीलदारों को पुराने और लंबित न्यायिक वादों का शीघ्र निपटारा करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने सभी विभागों से अपने निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप कार्य करने को कहा, ताकि सरकारी राजस्व में वृद्धि हो सके, तथा अधिकारियों को अपने-अपने विभागों में तकनीकी कार्यों और डाटा फीडिंग की निगरानी स्वयं करने और कार्यों को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा करने पर जोर दिया। इस महत्वपूर्ण बैठक में अपर जिलाधिकारी (वि०रा०) राजेश कुमार, अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) रतन वर्मा, जिला कृषि अधिकारी, जिला पूर्ति अधिकारी सहित जनपद के समस्त तहसीलदार, नायब तहसीलदार और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
- चकिया सैदुपुर सड़क मार्ग पर एक पेड़ गिर जाने के कारण यातायात बाधित हो गया। इस घटना के बाद, ग्रामीणों की सहायता से गिरे हुए पेड़ को काटकर अब सड़क मार्ग पर आवागमन को फिर से बहाल करने का कार्य किया जा रहा है।3
- चन्दौली के पूर्व पुलिस कप्तान और वाराणसी कमिश्नरेट के पूर्व डीआईजी, साथ ही काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र रहे श्री संतोष कुमार सिंह जी (IPS) ने एक महत्वपूर्ण संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि लोगों को पुलिस से नहीं, बल्कि कानून से डरना चाहिए। यह संदेश 20 जून 2026 को सेमरा शहाबगंज, चन्दौली में आयोजित मातृभूमि सेवा ट्रस्ट के सेवा शिविर के दौरान दिया गया।1
- पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर (डीडीयू नगर) में उस समय अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जब एक खतरनाक कोबरा साँप दिखाई दिया। कोबरा को देखते ही आसपास के लोग स्तब्ध रह गए और पूरे क्षेत्र में भय का माहौल पैदा हो गया। हालांकि, स्थानीय लोगों ने समय रहते सूझबूझ और सतर्कता का परिचय देते हुए सुरक्षित तरीके से उस साँप का रेस्क्यू कर लिया, जिससे किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना टल गई। इस दौरान, लोगों ने एक-दूसरे को सतर्क रहने की सलाह भी दी। यह संदेश भी दिया गया है कि यदि कहीं साँप दिखाई दे, तो घबराएं नहीं और न ही उसे मारने का प्रयास करें, बल्कि तुरंत वन विभाग या किसी प्रशिक्षित रेस्क्यू टीम को सूचना दें।1
- चंदौली के नौगढ़ तहसील क्षेत्र स्थित हरियाबांध गांव में ग्रामसभा की कीमती भूमि पर कथित अवैध कब्जे के मामले से ग्रामीणों में गहरा आक्रोश व्याप्त है। आरोप है कि कुछ प्रभावशाली और दबंग लोग तेजी से सरकारी जमीन पर पक्का निर्माण करवा रहे हैं, जबकि यह निर्माण स्थल पहले से मौजूद सरकारी अन्नपूर्णा भवन और सामुदायिक शौचालय के ठीक समीप है। ग्रामीणों के अनुसार, पिछले दो-तीन दिनों की छुट्टियों का लाभ उठाते हुए निर्माण कार्य को बहुत तेजी से आगे बढ़ाया गया। राजमिस्त्रियों और मजदूरों को लगाकर पक्की दीवारें खड़ी कर दी गईं, जिससे ग्रामीणों की यह आशंका और मजबूत हो गई कि सरकारी भूमि पर स्थायी कब्जे की तैयारी की जा रही है। एक स्थानीय नागरिक ने इस निर्माण कार्य का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर साझा किया है, जो वायरल हो रहा है और इसमें निर्माण कार्य जारी होने का दावा किया जा रहा है। इसके बाद ग्रामीणों ने प्रशासनिक अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं। ग्रामीणों का सीधा आरोप है कि तहसील और ब्लॉक स्तर के जिम्मेदार अधिकारी इस अवैध निर्माण को रोकने के बजाय चुप्पी साधे हुए हैं। कुछ ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया है कि भूमाफियाओं को संरक्षण मिलने के कारण सरकारी जमीन पर कब्जे की कोशिशें लगातार बढ़ रही हैं। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है। स्थानीय प्रशासन से निराश ग्रामीणों ने अब मीडिया के माध्यम से अपनी बात रखी है और जिलाधिकारी से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो ग्रामसभा की महत्वपूर्ण भूमि पर स्थायी कब्जा हो जाएगा। ग्रामीणों ने मांग की है कि राजस्व और प्रशासनिक अधिकारियों की एक संयुक्त टीम मौके पर पहुंचकर भूमि की पैमाइश करे, अवैध निर्माण की जांच करे और दोषी पाए जाने वालों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। अब यह देखना होगा कि जिला प्रशासन इस गंभीर प्रकरण का संज्ञान लेकर आगे क्या कदम उठाता है।4
- चंदौली जिले में स्थित कमलापति त्रिपाठी अस्पताल मरीजों को बेहतर दवा और इलाज की सुविधा प्रदान करता है। अस्पताल में कार्यरत डॉक्टर मरीजों के उपचार के लिए अपना पूरा समय देते हैं, जिसकी व्यापक सराहना की गई है। यहां मरीजों के लिए मात्र ₹1 की पर्ची काटी जाती है। अस्पताल में जितनी दवाएं उपलब्ध होती हैं, वे अंदर से ही मरीजों को दी जाती हैं, जबकि अन्य आवश्यक दवाएं बाहर से खरीदने के लिए लिखी जाती हैं। यह व्यवस्था सभी मरीजों के लिए एक समान है, और अस्पताल के डॉक्टर अग्रिम आदेशों का पालन सुनिश्चित करते हैं।2
- चंदौली के मुगलसराय में शराब बिक्री के निर्धारित समय संबंधी शासन के कड़े नियमों के बावजूद, देर रात तक अवैध रूप से शराब बेची जा रही है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो ने एक बार फिर आबकारी विभाग और संबंधित अधिकारियों की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, जिसमें दावा किया जा रहा है कि कैलाशपुरी मोड़ स्थित एक मॉडल शॉप पर रात 10 बजे के बाद भी धड़ल्ले से शराब की बिक्री जारी थी। यह कोई अकेला मामला नहीं है, क्योंकि कुछ समय पहले मुगलसराय की अंग्रेजी शराब की दुकान नंबर-1 का भी ऐसा ही एक वीडियो सामने आया था, जिसमें निर्धारित समय के बाद शराब बेचने के आरोप लगे थे। इन लगातार हो रहे उल्लंघनों के बावजूद, यह सवाल उठ रहा है कि आखिर कार्रवाई किसके खिलाफ की जा रही है, या क्या यह केवल फाइलों और प्रेस नोट तक ही सीमित है? शहर में यह चर्चा भी गर्म है कि शासन की स्पष्ट नीति के बावजूद, यदि दुकानें देर रात तक संचालित हो रही हैं, तो यह केवल दुकानदारों की मनमानी नहीं, बल्कि निगरानी व्यवस्था की स्पष्ट विफलता है, जो बिना किसी संरक्षण के इतने लंबे समय तक संभव नहीं मानी जा सकती। इसके अतिरिक्त, सूत्र यह भी दावा कर रहे हैं कि मुगलसराय से बिहार की ओर शराब तस्करी का पुराना नेटवर्क फिर से सक्रिय हो रहा है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इन वायरल वीडियो और स्थानीय चर्चाओं में सच्चाई होने पर, यह मामला केवल समय सीमा के उल्लंघन तक सीमित नहीं रहता। सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब ये वीडियो आम लोगों के मोबाइल तक आसानी से पहुंच रहे हैं, तो जिम्मेदार विभागों की नजर इन पर क्यों नहीं पड़ती? क्या नियम सिर्फ दिखावा हैं, या कानून का समय कुछ खास लोगों के लिए 'एक्सटेंड' हो जाता है? अब सबकी निगाहें आबकारी विभाग और जिला प्रशासन पर टिकी हैं कि क्या वे इस वायरल वीडियो को मात्र सोशल मीडिया की हलचल मानकर अनदेखा कर देंगे, या इसकी निष्पक्ष जांच कराकर यह उजागर करेंगे कि आखिर रात के अंधेरे में नियमों की 'बोतल' कौन खोल रहा है।2
- चंदौली में जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में एक समीक्षा बैठक हुई, जिसमें सीएम डैश बोर्ड, राजस्व, न्यायिक, चकबंदी, भूमि अधिग्रहण, फार्मर रजिस्ट्री, कर-करेत्तर और आईजीआरएस (IGRS) के कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को राजस्व वसूली में तेजी लाने और विभिन्न परियोजनाओं के लिए अधिग्रहित की गई किसानों की जमीनों का मुआवजा समय पर वितरित करने के कड़े निर्देश दिए। बैठक के दौरान, जिलाधिकारी ने भारतमाला परियोजना, रिंग रोड और एनएच सहित अन्य विकास परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए आदेश दिया कि जिन किसानों को अभी तक भूमि अधिग्रहण का मुआवजा नहीं मिल पाया है, उनके खातों में एक महीने के भीतर धनराशि भेज दी जाए। उन्होंने सड़क निर्माण में बाधा बन रहे विद्युत पोल और ट्रांसफार्मरों को तत्काल स्थानांतरित करने का निर्देश भी दिया। कार्यों में ढिलाई बरतने वाले अधिकारियों के प्रति सख्त रुख अपनाते हुए, खेल मैदान के कार्य में धीमी गति पाए जाने पर उप जिलाधिकारी सकलडीहा को और स्वामित्व योजना में खराब प्रदर्शन के लिए तहसीलदार सदर व तहसीलदार सकलडीहा को चेतावनी पत्र जारी करने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि राजस्व संग्रह में गिरावट या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी, और दोषी पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। न्यायिक प्रक्रिया को सुचारु बनाने के लिए सभी उप जिलाधिकारियों (SDM), तहसीलदारों और नायब तहसीलदारों को पुराने और लंबित न्यायिक वादों का शीघ्र निपटारा करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने सभी विभागों से अपने निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप कार्य करने को कहा, ताकि सरकारी राजस्व में वृद्धि हो सके, तथा अधिकारियों को अपने-अपने विभागों में तकनीकी कार्यों और डाटा फीडिंग की निगरानी स्वयं करने और कार्यों को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा करने पर जोर दिया। इस महत्वपूर्ण बैठक में अपर जिलाधिकारी (वि०रा०) राजेश कुमार, अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) रतन वर्मा, जिला कृषि अधिकारी, जिला पूर्ति अधिकारी सहित जनपद के समस्त तहसीलदार, नायब तहसीलदार और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।1
- लखनऊ के अलीगंज इलाके में एक कोचिंग सेंटर की इमारत में भीषण आग लग गई, जिसके बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। आग लगने के तुरंत बाद, कई छात्रों को इमारत से सुरक्षित बाहर निकाला गया। घटना की सूचना मिलते ही दमकल की टीम घटनास्थल पर पहुंची और उन्होंने तत्काल राहत तथा बचाव कार्य शुरू किया। फिलहाल, इस भीषण आग लगने के पीछे के कारणों की जांच की जा रही है।1