सुल्तानपुर: सीएचसी के कूड़ेदान में सरकारी दवाएं मिलने का मामला: जांच टीम पहुंची, रहस्य बरकरार; छोटे कर्मचारियों को निपटाने की कवायद तेज सुल्तानपुर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) प्रतापपुर कमैचा में कूड़ेदान में सरकारी दवाएं मिलने का मामला गरमा गया है। यह खबर सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग हरकत में आया। मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) के निर्देश पर गुरुवार को डिप्टी सीएमओ डॉ. पीडी तिवारी और एडिशनल सीएमओ डॉ. जेसी सरोज जांच के लिए सीएचसी पहुंचे। दोनों अधिकारियों ने लगभग तीन घंटे तक अस्पताल परिसर, दवा भंडारण कक्ष, स्टॉक रजिस्टर और संबंधित अभिलेखों की गहन जांच की। इस दौरान अस्पताल के चिकित्सकों और कर्मचारियों से भी पूछताछ की गई। जांच पूरी होने के बाद अधिकारी मीडिया के सवालों से बचते नजर आए और मामले में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया। यह स्पष्ट नहीं हो सका कि सरकारी दवाएं कूड़ेदान तक कैसे पहुंचीं और इसके लिए कौन जिम्मेदार है। विभाग की ओर से अब तक न तो जांच के निष्कर्ष सार्वजनिक किए गए हैं और न ही किसी कार्रवाई की जानकारी दी गई है। इससे मामले को लेकर लोगों की उत्सुकता और संदेह दोनों बढ़ गए हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि जिस कूड़ेदान में सरकारी दवाओं का ढेर मिला था, उसे बाद में जला दिया गया। यदि यह आरोप सही है, तो इससे महत्वपूर्ण साक्ष्यों के नष्ट होने की आशंका है। हालांकि, स्वास्थ्य विभाग ने इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। सूत्रों के अनुसार, जांच अधिकारी अधीक्षक समेत डॉक्टरों को बचाकर छोटे कर्मचारियों को जिम्मेदार ठहराने की तैयारी कर रहे हैं। इससे पहले लंभुआ सीएचसी में भी दो बार ऐसी घटनाएं हुई थीं, लेकिन आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। यह मामला बुधवार को सामने आया था, जब सीएचसी परिसर के कूड़ेदान में बड़ी मात्रा में सरकारी दवाएं मिली थीं, जो एक्सपायर भी नहीं हुई थीं। इस घटना ने स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोग अब निष्पक्ष जांच, दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग कर रहे हैं।
सुल्तानपुर: सीएचसी के कूड़ेदान में सरकारी दवाएं मिलने का मामला: जांच टीम पहुंची, रहस्य बरकरार; छोटे कर्मचारियों को निपटाने की कवायद तेज सुल्तानपुर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) प्रतापपुर कमैचा में कूड़ेदान में सरकारी दवाएं मिलने का मामला गरमा गया है। यह खबर सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग हरकत में आया। मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) के निर्देश पर गुरुवार को डिप्टी सीएमओ डॉ. पीडी तिवारी और एडिशनल सीएमओ डॉ. जेसी सरोज जांच के लिए सीएचसी पहुंचे। दोनों अधिकारियों ने लगभग तीन घंटे तक अस्पताल परिसर, दवा भंडारण कक्ष, स्टॉक रजिस्टर और संबंधित अभिलेखों की गहन जांच की। इस दौरान अस्पताल के चिकित्सकों और कर्मचारियों से भी पूछताछ की गई। जांच पूरी होने के बाद अधिकारी मीडिया के सवालों से बचते नजर आए और मामले में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया। यह स्पष्ट नहीं हो सका कि सरकारी दवाएं कूड़ेदान तक कैसे पहुंचीं और इसके लिए कौन जिम्मेदार है। विभाग की ओर से अब तक न तो जांच के निष्कर्ष सार्वजनिक किए गए हैं और न ही किसी कार्रवाई की जानकारी दी गई है। इससे मामले को लेकर लोगों की उत्सुकता और संदेह दोनों बढ़ गए हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि जिस कूड़ेदान में सरकारी दवाओं का ढेर मिला था, उसे बाद में जला दिया गया। यदि यह आरोप सही है, तो इससे महत्वपूर्ण साक्ष्यों के नष्ट होने की आशंका है। हालांकि, स्वास्थ्य विभाग ने इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। सूत्रों के अनुसार, जांच अधिकारी अधीक्षक समेत डॉक्टरों को बचाकर छोटे कर्मचारियों को जिम्मेदार ठहराने की तैयारी कर रहे हैं। इससे पहले लंभुआ सीएचसी में भी दो बार ऐसी घटनाएं हुई थीं, लेकिन आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। यह मामला बुधवार को सामने आया था, जब सीएचसी परिसर के कूड़ेदान में बड़ी मात्रा में सरकारी दवाएं मिली थीं, जो एक्सपायर भी नहीं हुई थीं। इस घटना ने स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोग अब निष्पक्ष जांच, दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग कर रहे हैं।
- सुल्तानपुर: सीएचसी के कूड़ेदान में सरकारी दवाएं मिलने का मामला: जांच टीम पहुंची, रहस्य बरकरार; छोटे कर्मचारियों को निपटाने की कवायद तेज सुल्तानपुर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) प्रतापपुर कमैचा में कूड़ेदान में सरकारी दवाएं मिलने का मामला गरमा गया है। यह खबर सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग हरकत में आया। मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) के निर्देश पर गुरुवार को डिप्टी सीएमओ डॉ. पीडी तिवारी और एडिशनल सीएमओ डॉ. जेसी सरोज जांच के लिए सीएचसी पहुंचे। दोनों अधिकारियों ने लगभग तीन घंटे तक अस्पताल परिसर, दवा भंडारण कक्ष, स्टॉक रजिस्टर और संबंधित अभिलेखों की गहन जांच की। इस दौरान अस्पताल के चिकित्सकों और कर्मचारियों से भी पूछताछ की गई। जांच पूरी होने के बाद अधिकारी मीडिया के सवालों से बचते नजर आए और मामले में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया। यह स्पष्ट नहीं हो सका कि सरकारी दवाएं कूड़ेदान तक कैसे पहुंचीं और इसके लिए कौन जिम्मेदार है। विभाग की ओर से अब तक न तो जांच के निष्कर्ष सार्वजनिक किए गए हैं और न ही किसी कार्रवाई की जानकारी दी गई है। इससे मामले को लेकर लोगों की उत्सुकता और संदेह दोनों बढ़ गए हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि जिस कूड़ेदान में सरकारी दवाओं का ढेर मिला था, उसे बाद में जला दिया गया। यदि यह आरोप सही है, तो इससे महत्वपूर्ण साक्ष्यों के नष्ट होने की आशंका है। हालांकि, स्वास्थ्य विभाग ने इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। सूत्रों के अनुसार, जांच अधिकारी अधीक्षक समेत डॉक्टरों को बचाकर छोटे कर्मचारियों को जिम्मेदार ठहराने की तैयारी कर रहे हैं। इससे पहले लंभुआ सीएचसी में भी दो बार ऐसी घटनाएं हुई थीं, लेकिन आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। यह मामला बुधवार को सामने आया था, जब सीएचसी परिसर के कूड़ेदान में बड़ी मात्रा में सरकारी दवाएं मिली थीं, जो एक्सपायर भी नहीं हुई थीं। इस घटना ने स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोग अब निष्पक्ष जांच, दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग कर रहे हैं।1
- दुनिया की पांच अजब गजब खबरें चूहे के बिल से मिला 10 लाख का हीरा शादी मे मां को नहीं बुलाने पर गयी नौकरी दुनिया भर से आईं कुछ ऐसी हैरान कर देने वाली घटनाएं, जिन्होंने लोगों को चौंका दिया। कर्नाटक में एक चूहे के बिल से करीब ₹10 लाख का हीरा बरामद हुआ, जिसे देखकर हर कोई दंग रह गया। वहीं चीन में एक कर्मचारी ने अपनी शादी में मां को नहीं बुलाया तो नाराज बॉस ने उसे नौकरी से निकाल दिया। इधर एक युवक ने भैंसों के लिए ब्यूटी पार्लर खोलकर अनोखी पहल की, जबकि चीन में कुछ युवतियों ने अपने पैरों से डुबोया हुआ पानी ₹600 प्रति कप बेचकर सुर्खियां बटोरीं। वहीं एक भारतीय योग शिक्षक ने एक ही सांस में पानी के अंदर 86 पुशअप लगाकर नया विश्व रिकॉर्ड बना दिया। 'खबर हटके' की ये अनोखी घटनाएं सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं और लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई हैं।1
- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सरकारी कर्मचारियों को कहा फोन उठाओ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सरकारी कर्मचारियों को कहा फोन उठाओ *दुबेपुर ब्लाक के ADO पंचायत दिनेश सिंह फ़ोन ही नहीं उठाते!* *ADO पंचायत का कॉल न उठाने का वीडियो सोशल मिडिया पर हो रहा वायरल* *मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा व्यस्त थे तो बैक कॉल करो! ADO पंचायत दिनेश साहब वो भी नहीं कर रहे हैं!* *सीएम योगी के सख्त आदेशों की ADO पंचायत द्वारा खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही है!* *DPRO साहब आपके अधिकारी बेलगाम हो गए है!? CM योगी के फ़ोन उठाने वाले आदेश को भी नहीं मान रहे !* *DPRO साहब क्या दुबेपुर के ADO पंचायत दिनेश सिंह को आपका संरक्षण मिला है!?`* *DPRO साहब ने अपने सचिव को ADO पंचायत के पद पर तैनात किया था उस समय खूब आलोचना हुई थी।`* *इसी वजह से अब आरोप लग रहा है कि ADO पंचायत दिनेश सिंह DPRO कार्यालय के संरक्षण में CM योगी के आदेशों को ठेंगा दिखा रहे हैं!* *सुल्तानपुर।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के फोन जरूर उठाएं` वाले स्पष्ट निर्देशों की खुलेआम अवहेलना का मामला सामने आया है।* *सुल्तानपुर के दुबेपुर ब्लॉक में तैनात ADO पंचायत दिनेश सिंह पर आरोप है कि वो फोन रिसीव नहीं कर रहे हैं। कल 1:45 बजे पत्रकार ने जरूरी कार्य से उनसे संपर्क करने के लिए दो बार फोन किया, लेकिन ADO द्वारा कॉल रिसीव नहीं की गई।* *मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी सरकारी कर्मचारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि हर हाल में फोन उठाएं` यदि किसी कारणवश व्यस्त हैं तो तत्काल बैक कॉल` करना अनिवार्य है।* *सबसे गंभीर बात यह है कि CM के आदेश के बावजूद ADO पंचायत दिनेश सिंह द्वारा न तो फोन उठाया गया और न ही बैक कॉल किया गया।* *सोशल मिडिया पर खबर वायरल होने के बाद अब देखना है कि DPRO साहब अपने कर्मचारी को निर्देश देते है या ADO कि इस बड़ी गलती को नजर अंदाज करते है!*1
- मानसून में सतर्क रहें: अमेठी प्रशासन ने जारी की एडवाइजरी, सर्पदंश, आकाशीय बिजली और डूबने से बचाव के बताए उपाय मानसून में सतर्क रहें: अमेठी प्रशासन ने जारी की एडवाइजरी, सर्पदंश, आकाशीय बिजली और डूबने से बचाव के बताए उपाय अमेठी। मानसून के दौरान बढ़ रहे हादसों को देखते हुए अमेठी जिला प्रशासन ने लोगों के लिए व्यापक सुरक्षा एडवाइजरी जारी की है। प्रशासन ने सर्पदंश, आकाशीय बिजली गिरने और नदी-नहरों में डूबने जैसी घटनाओं से बचने के लिए विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) ज्योति सिंह ने कहा कि बारिश के मौसम में जागरूकता और सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव है। उन्होंने लोगों से अफवाहों से दूर रहने तथा किसी भी आपात स्थिति में तुरंत स्वास्थ्य और प्रशासनिक सेवाओं की मदद लेने का आग्रह किया। जिलाधिकारी के निर्देश पर जारी एडवाइजरी में बताया गया है कि बरसात के दौरान सांप बिलों से बाहर निकल आते हैं, जलाशयों का जलस्तर बढ़ जाता है और आकाशीय बिजली गिरने की घटनाओं में भी इजाफा होता है। ऐसे में लोगों को खेतों में काम करते समय जूते पहनने, पूरे कपड़े पहनने और रात में टॉर्च का उपयोग करने की सलाह दी गई है। घर के आसपास झाड़ियां और कचरा साफ रखने तथा दरवाजे-खिड़कियां बंद रखने की भी अपील की गई है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सर्पदंश की स्थिति में झाड़-फूंक या घरेलू उपचार के बजाय पीड़ित को तुरंत नजदीकी सरकारी अस्पताल ले जाएं, जहां एंटी-स्नेक वेनम उपलब्ध है। गरज-चमक के दौरान खुले मैदान, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने तथा 'दामिनी' और 'सचेत' मोबाइल ऐप के माध्यम से आकाशीय बिजली की पूर्व चेतावनी प्राप्त करने की सलाह दी गई है। इसके अलावा अभिभावकों से बच्चों पर विशेष निगरानी रखने, नदियों, नहरों और गहरे जलाशयों के पास अनावश्यक रूप से न जाने की अपील की गई है। किसी भी आपात स्थिति में 108, 102, 112 और कंट्रोल रूम 1077 पर तत्काल संपर्क करने की सलाह प्रशासन ने दी है।1
- 200 वर्ष पुरानी ऐतिहासिक धरोहर सगरा, श्री राम जानकी मँदिर एवं धर्मशाला आज भी संजोए हुए है समाज सेवा और जल संरक्षण की विरासत 200 वर्ष पुरानी ऐतिहासिक धरोहर सगरा, मुसाफिरखाना (अमेठी)। जनपद की प्रमुख तहसील मुसाफिरखाना में स्थित ऐतिहासिक सागरा, श्री राम जानकी मँदिर एवं धर्मशाला आज भी अपनी गौरवशाली विरासत की कहानी बयां कर रही है। लगभग 200 वर्ष पूर्व समाजसेवी श्री राम खत्री के पिता द्वारा इस परिसर का निर्माण जनसेवा और लोककल्याण की भावना से कराया गया था। उस समय परिवहन के आधुनिक साधनों का अभाव था और लोग पैदल, बैलगाड़ियों तथा घोड़ागाड़ियों से लंबी यात्राएं किया करते थे। ऐसे में नगर के मुख्य मार्ग पर स्थित यह स्थान यात्रियों के लिए किसी वरदान से कम नहीं था। बताया जाता है कि यहां आने वाले मुसाफिर सगरा में स्नान कर अपनी थकान दूर करते थे, धर्मशाला में विश्राम करते थे तथा भोजन की व्यवस्था भी यहीं उपलब्ध हो जाती थी। साथ ही आसपास की सब्जी मंडी स्थानीय व्यापार का प्रमुख केंद्र थी, जहां दूर-दराज के किसान अपनी उपज लेकर आते थे। इस प्रकार यह परिसर केवल धार्मिक या सामाजिक दृष्टि से ही नहीं, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था का भी महत्वपूर्ण केंद्र था।खत्री परिवार के सदस्य अंशुमान खत्री ने बताया कि उनके पूर्वजों ने समाज की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए इस धरोहर का निर्माण कराया था। उनका उद्देश्य लाभ कमाना नहीं, बल्कि राहगीरों, व्यापारियों और आम लोगों को सुविधाएं उपलब्ध कराना था। उन्होंने कहा कि आज भी यह सगरा वर्षा जल के संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है और क्षेत्र के भू-जल स्तर को बनाए रखने में सहायक है। बदलते पर्यावरणीय परिदृश्य में ऐसे पारंपरिक जल स्रोतों का संरक्षण पहले से कहीं अधिक आवश्यक हो गया है।उन्होंने कहा कि तेजी से हो रहे शहरीकरण के बीच ऐतिहासिक धरोहरों का अस्तित्व खतरे में पड़ता जा रहा है। इसलिए इस सगरा, श्री राम जानकी मंडी एवं धर्मशाला का संरक्षण, जीर्णोद्धार और सौंदर्यीकरण कराया जाना चाहिए, ताकि इसकी ऐतिहासिक पहचान बनी रहे और आने वाली पीढ़ियां अपने पूर्वजों की समाज सेवा, जल संरक्षण और लोकहित की भावना से प्रेरणा ले सकें।स्थानीय नागरिकों का भी मानना है कि यह धरोहर मुसाफिरखाना की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक पहचान है। यदि इसके संरक्षण के लिए प्रशासन, जनप्रतिनिधि और समाज मिलकर प्रयास करें तो यह स्थान भविष्य में ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक पर्यटन का आकर्षण भी बन सकता है। इससे क्षेत्र की विरासत सुरक्षित रहेगी और लोगों में अपनी ऐतिहासिक धरोहरों के प्रति जागरूकता भी बढ़ेगी। गुरु पूर्णिमा पर मुक्ति साधना आश्रम में उमड़ा आस्था का सैलाब सहारा जीवन न्यूज़ अमेठी/फुरसतगंज। गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर फुरसतगंज क्षेत्र के निगोहां स्थित मुक्ति साधना आश्रम में श्रद्धालुओं का विशाल जनसैलाब उमड़ पड़ा। आश्रम में दूर-दराज़ से हजारों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचे और अपने पूज्य गुरु के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। पूरे आश्रम परिसर में भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्मिक उत्साह का वातावरण देखने को मिला। इस अवसर पर आश्रम में विशाल भंडारे का आयोजन भी किया गया, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। आयोजन को सफल बनाने के लिए आश्रम के स्वयंसेवक पूरे समय व्यवस्थाओं में जुटे रहे। श्रद्धालुओं का मानना है कि गुरुजी के दर्शन मात्र से बड़े से बड़े कष्ट दूर हो जाते हैं तथा जीवन में सुख, शांति और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। इसी अटूट आस्था के कारण बड़ी संख्या में श्रद्धालु आश्रम पहुंचे। गुरु पूर्णिमा के इस पावन अवसर पर अनेक श्रद्धालुओं ने गुरुजी से गुरु मंत्र भी ग्रहण किया और आध्यात्मिक जीवन के मार्ग पर चलने का संकल्प लिया पूरे आयोजन के दौरान गुरु वंदना, भजन-कीर्तन, सत्संग एवं आध्यात्मिक प्रवचनों का आयोजन हुआ। कार्यक्रम श्रद्धा, भक्ति और अनुशासन के साथ संपन्न हुआ तथा हजारों श्रद्धालु गुरुजी का आशीर्वाद लेकर अपने-अपने गंतव्य के लिए रवाना हुए।1
- अमेठी - सावन के पहले दिन आज मुस्लिम और क्रिश्चियन धर्म को मानने वाले नट समाज के लोगों ने निकाली कांवड़ यात्रा, बीजेपी विधायक सुरेश पासी के नेतृत्व में नट समाज के सैकड़ों लोगों ने निकाली कांवड़ यात्रा, नट समाज के लोगों ने जगदीशपुर बीजेपी विधायक सुरेश पासी के नेतृत्व में हिंदू धर्म अपनाते हुए की घर वापसी, भगवान शंकर का किया जलाभिषेक, भगवा वस्त्र धारण कर नंगे पांव विधायक के साथ 11 किलोमीटर की कांवड़ यात्रा निकाल कर नट समाज के लोगों ने समाज को दिया संदेश, सरकार के कार्यो व हिंदू समाज के रिति रिवाज व सम्मान को देखते हुए सैकड़ों महिलाओं व पुरुषों ने हिंदू धर्म अपनाते हुए की घर वापसी, कठौरा मालविका फैक्ट्री परिसर में श्री आनन्देश्वर शिवलिंग पर जलाभिषेक कर प्राचीन शिव मंदिर सप्तेश्वर धाम पहुंचकर किया जलाभिषेक, हिंदू धर्म अपनाने वाले नट समाज के लोगों का जगह जगह पर पुष्प वर्षा कर किया गया स्वागत, पुलिस प्रशासन के मौजूदगी में कांवड़ यात्रा में हजारों लोग हुए शामिल, बाइट -सुरेश पासी भाजपा विधायक जगदीशपुर बाइट - सोमा नट समाज के लोग बाइट - मनसा देवी पीटीसी अमेठी...... अमेठी - सावन के पहले दिन आज मुस्लिम और क्रिश्चियन धर्म को मानने वाले नट समाज के लोगों ने निकाली कांवड़ यात्रा, बीजेपी विधायक सुरेश पासी के नेतृत्व में नट समाज के सैकड़ों लोगों ने निकाली कांवड़ यात्रा, नट समाज के लोगों ने जगदीशपुर बीजेपी विधायक सुरेश पासी के नेतृत्व में हिंदू धर्म अपनाते हुए की घर वापसी, भगवान शंकर का किया जलाभिषेक, भगवा वस्त्र धारण कर नंगे पांव विधायक के साथ 11 किलोमीटर की कांवड़ यात्रा निकाल कर नट समाज के लोगों ने समाज को दिया संदेश, सरकार के कार्यो व हिंदू समाज के रिति रिवाज व सम्मान को देखते हुए सैकड़ों महिलाओं व पुरुषों ने हिंदू धर्म अपनाते हुए की घर वापसी, कठौरा मालविका फैक्ट्री परिसर में श्री आनन्देश्वर शिवलिंग पर जलाभिषेक कर प्राचीन शिव मंदिर सप्तेश्वर धाम पहुंचकर किया जलाभिषेक, हिंदू धर्म अपनाने वाले नट समाज के लोगों का जगह जगह पर पुष्प वर्षा कर किया गया स्वागत, पुलिस प्रशासन के मौजूदगी में कांवड़ यात्रा में हजारों लोग हुए शामिल, बाइट -सुरेश पासी भाजपा विधायक जगदीशपुर बाइट - सोमा नट समाज के लोग बाइट - मनसा देवी पीटीसी अमेठी......3
- दखिनवारा गौशाला में भारी लापरवाही, तीन दिन तक नाले में फंसी रही गाय; 112 पुलिस और ग्रामीणों ने बचाई जान अमेठी। जामो विकासखंड के दखिनवारा स्थित गौशाला में लापरवाही का गंभीर मामला सामने आया है। आरोप है कि एक गाय तीन दिन पहले नाले में गिर गई थी, लेकिन जिम्मेदारों ने उसकी सुध नहीं ली। समय पर बचाव न होने से गाय की हालत लगातार बिगड़ती रही। स्थानीय लोगों ने इसकी सूचना पुलिस को दी, जिसके बाद डायल 112 पुलिस टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने जेसीबी मंगवाकर स्थानीय ग्रामीणों की मदद से कड़ी मशक्कत के बाद गाय को सुरक्षित नाले से बाहर निकलवाया, जिससे उसकी जान बच गई। बचाव के तुरंत बाद पशु चिकित्सक को मौके पर बुलाकर गाय का उपचार कराया गया। घटना के बाद स्थानीय लोगों में गौशाला की व्यवस्थाओं को लेकर नाराजगी देखी गई। लोगों ने जिम्मेदार अधिकारियों से मामले की जांच कर लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने और गौशाला की व्यवस्था सुधारने की मांग की है। यह पूरा मामला जामो थाना क्षेत्र के दखिनवारा गौशाला का बताया जा रहा है।4