logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…
  • Latest News
  • News
  • Politics
  • Elections
  • Viral
  • Astrology
  • Horoscope in Hindi
  • Horoscope in English
  • Latest Political News
logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…

उत्तराखंड :मुख्यमंत्री ने चंपावत के प्रसिद्ध मां पूर्णागिरि मेले का किया शुभारंभ

8 hrs ago
user_Laxman bisht
Laxman bisht
Local News Reporter लोहाघाट, चंपावत, उत्तराखंड•
8 hrs ago

उत्तराखंड :मुख्यमंत्री ने चंपावत के प्रसिद्ध मां पूर्णागिरि मेले का किया शुभारंभ

More news from उत्तराखंड and nearby areas
  • चंपावत:*मुख्यमंत्री धामी ने चम्पावत को दी ₹74.54 करोड़ की विकास योजनाओं की सौगात*
    1
    चंपावत:*मुख्यमंत्री धामी ने चम्पावत को दी ₹74.54 करोड़ की विकास योजनाओं की सौगात*
    user_The Public Matter
    The Public Matter
    पत्रकार चंपावत, चंपावत, उत्तराखंड•
    3 hrs ago
  • Post by Laxman bisht
    1
    Post by Laxman bisht
    user_Laxman bisht
    Laxman bisht
    Local News Reporter लोहाघाट, चंपावत, उत्तराखंड•
    8 hrs ago
  • जिला अलीगढ़ दानिश सच का साथ 🙏🙏👍
    1
    जिला अलीगढ़ दानिश सच का साथ 🙏🙏👍
    user_Danish Khan
    Danish Khan
    Dancer अल्मोड़ा, अल्मोड़ा, उत्तराखंड•
    9 hrs ago
  • ईरान में जान बचाने को भागते लोग, आसमान में धुएं का गुबार।
    1
    ईरान में जान बचाने को भागते लोग, आसमान में धुएं का गुबार।
    user_नवीन चन्द्र आर्य
    नवीन चन्द्र आर्य
    Nainital, Uttarakhand•
    56 min ago
  • नैनीताल: मौसम का जो स्वरूप इस बार सर्दियों में देखने को मिला है, शायद ही कभी देखने को मिला हो, नैनीताल मुक्तेश्वर सरीखी चोटियां बर्फविहीन हो चली हैं, तो इस बार केदारघाटी भी बर्फ से विरक्त हो चली है। इन सबके बीच विराट हिमालय की सफेद ऊंची चोटियां की सफेदी फीकी हो चली हैं तो कुछ समझ में आ रहा होगा कि भविष्य की राह बेहद नहीं बल्कि खतरनाक कठिन होने जा रही है। जलसंकट से तो जूझना ही पड़ेगा, कृषि भी बुरी तरह प्रभावित होगी। इसके सबसे बड़ी वजह कमजोर पश्चिमी विक्षोभ हैं और जलवायु की मार पश्चिमी विक्षोभों की कमर तोड़ने में लगी हुई है।  अब पश्चिमी विक्षोभ बादलों तक सीमित होकर रहने लगे हैं। गढ़वाल कुमाऊं की हसीन वादियों रंग इस बार बदरंग नजर आने लगा है। दिसंबर सूखे की भेंट चढ़ गया। जनवरी में दो दिन की बारिश और बर्फबारी प्रदेश की औसत बारिश 42 मिमी की भरपाई सिर्फ दो दिन में पूरा कर गई। फरवरी का आज आखिरी दिन है और ये महीना भी मायूस कर सूखे के साथ गुजर गया। रविवार से मार्च की शुरुवात होगी तो प्री मानसून की शुरूआत को लेकर उम्मीदें जगने लगी हैं, लेकिन संशय बना हुआ है कि पश्चिमी विक्षोभों की तरह प्री मानसून भी धोखा न दे जाय। यदि ऐसा कुछ हुआ तो गर्मी में जलसंकट को लेकर तैयारियां रहना होगा। क्योंकि यह सब हमारा ही किया धरा है उत्तराखंड और हिमाचल के पहाड़ों के साथ दखल अंदाजी का दंश सभी को झेलना होगा।  पर्यावरण वैज्ञानिकों की चेतावनियां तभी से शुरू हो गई थी, जब ग्लोबल वार्मिंग का पारा चढ़ना शुरू हुआ था। करीब ढाई दशक पहले वैज्ञानिकों का समूह आवाज देने लगा था और किसी ने सुनी भी तो अनसुनी करदी। इसका नतीजा है कि इस बार पर्वतों की रौनक गायब है। पेड़ पोंधे की पत्तियां हरियाली को तरसने लगे है। अबोध पेड़ पत्तों की पुकार,  शायद ही कोई सुने।  बिगड़ते हालातों के बीच आर्यभट्ट प्रेक्षण विज्ञान शोध संस्थान एरीज, नैनीताल के पर्यावरण पर नजर रखने वाले वैज्ञानिक डा नरेंद्र सिंह कहते हैं कि वो कौनसे हालात थे, जो शुक्र और मंगल ग्रह के सागर निगल गए। हमें सोचना तो पड़ेगा, समझना भी पड़ेगा और साथ में चेतना भी होगा। बिगड़ते हालातों को संभालने के लिए आज नहीं बल्कि अभी से सामूहिक प्रयास करने होंगे।
    1
    नैनीताल: मौसम का जो स्वरूप इस बार सर्दियों में देखने को मिला है, शायद ही कभी देखने को मिला हो, नैनीताल मुक्तेश्वर सरीखी चोटियां बर्फविहीन हो चली हैं, तो इस बार केदारघाटी भी बर्फ से विरक्त हो चली है। इन सबके बीच विराट हिमालय की सफेद ऊंची चोटियां की सफेदी फीकी हो चली हैं तो कुछ समझ में आ रहा होगा कि भविष्य की राह बेहद नहीं बल्कि खतरनाक कठिन होने जा रही है। जलसंकट से तो जूझना ही पड़ेगा, कृषि भी बुरी तरह प्रभावित होगी। इसके सबसे बड़ी वजह कमजोर पश्चिमी विक्षोभ हैं और जलवायु की मार पश्चिमी विक्षोभों की कमर तोड़ने में लगी हुई है। 
अब पश्चिमी विक्षोभ बादलों तक सीमित होकर रहने लगे हैं। गढ़वाल कुमाऊं की हसीन वादियों रंग इस बार बदरंग नजर आने लगा है। दिसंबर सूखे की भेंट चढ़ गया। जनवरी में दो दिन की बारिश और बर्फबारी प्रदेश की औसत बारिश 42 मिमी की भरपाई सिर्फ दो दिन में पूरा कर गई। फरवरी का आज आखिरी दिन है और ये महीना भी मायूस कर सूखे के साथ गुजर गया। रविवार से मार्च की शुरुवात होगी तो प्री मानसून की शुरूआत को लेकर उम्मीदें जगने लगी हैं, लेकिन संशय बना हुआ है कि पश्चिमी विक्षोभों की तरह प्री मानसून भी धोखा न दे जाय। यदि ऐसा कुछ हुआ तो गर्मी में जलसंकट को लेकर तैयारियां रहना होगा। क्योंकि यह सब हमारा ही किया धरा है उत्तराखंड और हिमाचल के पहाड़ों के साथ दखल अंदाजी का दंश सभी को झेलना होगा। 
पर्यावरण वैज्ञानिकों की चेतावनियां तभी से शुरू हो गई थी, जब ग्लोबल वार्मिंग का पारा चढ़ना शुरू हुआ था। करीब ढाई दशक पहले वैज्ञानिकों का समूह आवाज देने लगा था और किसी ने सुनी भी तो अनसुनी करदी। इसका नतीजा है कि इस बार पर्वतों की रौनक गायब है। पेड़ पोंधे की पत्तियां हरियाली को तरसने लगे है। अबोध पेड़ पत्तों की पुकार,  शायद ही कोई सुने। 
बिगड़ते हालातों के बीच आर्यभट्ट प्रेक्षण विज्ञान शोध संस्थान एरीज, नैनीताल के पर्यावरण पर नजर रखने वाले वैज्ञानिक डा नरेंद्र सिंह कहते हैं कि वो कौनसे हालात थे, जो शुक्र और मंगल ग्रह के सागर निगल गए। हमें सोचना तो पड़ेगा, समझना भी पड़ेगा और साथ में चेतना भी होगा। बिगड़ते हालातों को संभालने के लिए आज नहीं बल्कि अभी से सामूहिक प्रयास करने होंगे।
    user_NTL
    NTL
    Nainital, Uttarakhand•
    1 hr ago
  • 💩😺
    4
    💩😺
    user_Mahaveer Saini
    Mahaveer Saini
    Psychologist बगवालीपोखर, अल्मोड़ा, उत्तराखंड•
    2 hrs ago
  • Post by Surendra Kumar
    1
    Post by Surendra Kumar
    user_Surendra Kumar
    Surendra Kumar
    Paint Shop कोसिया कुटौली, नैनीताल, उत्तराखंड•
    6 hrs ago
  • चम्पावत:256 करोड़ की लागत से बन रहे प्रदेश के प्रथम महिला स्पोर्ट्स कॉलेज का मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने किया स्थलीय निरीक्षण*
    1
    चम्पावत:256 करोड़ की लागत से बन रहे प्रदेश के प्रथम महिला स्पोर्ट्स कॉलेज का मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने किया स्थलीय निरीक्षण*
    user_The Public Matter
    The Public Matter
    पत्रकार चंपावत, चंपावत, उत्तराखंड•
    3 hrs ago
View latest news on Shuru App
Download_Android
  • Terms & Conditions
  • Career
  • Privacy Policy
  • Blogs
Shuru, a product of Close App Private Limited.