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डेल्हा थाना अंतर्गत हत्या के कांड मे 50.000रु का इनामी अपराधी एवं उसके सहयोगी को किया गया गिरफ्तार l
त्रिलोकी नाथ
डेल्हा थाना अंतर्गत हत्या के कांड मे 50.000रु का इनामी अपराधी एवं उसके सहयोगी को किया गया गिरफ्तार l
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- विश्व स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर नरोमा फाउंडेशन के द्वारा गया जिले से मैट्रिक / इंटर में उत्कृष्ट अंक हासिल कर बिहार में गया जिले का नाम रौशन करनेवाले होनहार छात्र छात्राओं एवं उनके पूजनीय शिक्षक / अभिभावकों को सम्मानित किया गया । इस मौके पर मुख्य अतिथि मानपुर मुफस्सिल थाने में पदस्थापित प्रशिक्षु IPS दीप्ति मोनाली, विशिष्ट अतिथि BDO वजीरगंज प्रभाकर सिंह, शिक्षक अनिल कुमार सिंह,एस के मेहता , योगेंद्र कुमार, पिंटू कुमार,करुण गुप्ता, दीपक तिवारी सभी लोगो ने उपस्थित मेघावी छात्र छतराओ के साथ जिले के समस्त छात्र छात्राओं को मार्गदर्शित करते हुए अनुशासित होकर कठिन मेहनत करने का संदेश दिया ।इस कार्यक्रम में नरोमा फाउंडेशन के अध्यक्ष हड्डी जोड़ रोग विशेषज्ञ डॉ संजय कुमार, सेक्रेटरी ई॰ अदिति आनंद और नरोमा हॉस्पिटल के मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ पवन त्रिपाठी ने अतिथियों को पुष्पगुच्छ, मोमेंटो और अंगवस्त्र सेकर स्वागत किया । और कार्यक्रम में शामिल सभी लोगो के साथ नरोमा फाउंडेशन के समस्त सदस्यों को प्रति आभार व्यक्त किया।5
- Post by त्रिलोकी नाथ1
- Post by SATISH KUMAR (पत्रकार)1
- Post by Uma Shanker singh1
- मगध प्रमंडल के गयाजी , जहानाबाद, नवादा जिला के हज़ारों एकड़ भूमि को सिंचित करने हेतु तिलैया- ढाढर सिचाई परियोजना की परिकल्पना सर्वप्रथम 1964 में जहानाबाद के तत्कालीन सांसद सत्यभामा देवी ने किया था, जिसे बाद में तत्कालीन केंद्रीय मंत्री के एन राव की पहल पर 1974 में केंद्र सरकार द्वारा सर्वप्रथम 13 करोड़ 43 लाख जारी करने पर योजना का काम शुरू होने के बाद 1978 में समझौते के आधार पर तिलैया- ढाढर परियोजना की रूपरेखा बनने के बाद काम धीमी गति से चला तथा लगातार संघर्ष के बाद 2020 में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जी के वीडियों कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए गया नवादा की सीमा पर फतेहपुर प्रखंड के दोनैया, सोहजना गांव स्थित ढाढर नदी पर 300 करोड़ के निर्मित बाँध का उद्घाटन करने के बाद भी तिलैया डैम से पानी बिहार से झारखंड के विभाजन के बाद उपलब्ध नहीं होने से किसानों को सालों भर पानी नहीं मिल पाता है जिसके समाधान हेतु केंद्र सरकार द्वारा गठित सेंट्रल वाटर ट्राइब्यूनल में बिहार सरकार के जाने के वर्षों बीत जाने के बाद भी समस्या का समाधान नहीं होने से किसानों में भारी मायूसी है। उपर्युक्त बातें बिहार प्रदेश कॉंग्रेस कमिटी के प्रदेश प्रतिनिधि सह प्रवक्ता विजय कुमार मिट्ठू, पूर्व विधायक मोहम्मद खान अली, फतेहपुर प्रखंड कॉंग्रेस अध्यक्ष बाल मुकुंद पांडेय, पंकज कुमार पंकज, युवा कॉंग्रेस फतेहपुर प्रखंड अध्यक्ष अरविंद कुमार यादव, बुलंद अख्तर, प्रदीप मांझी, प्रयाग यादव ब्रह्मदेव पासवान, आदि ने कहा कि बिहार सरकार की उदासीनता के कारण तिलैया जलाशय से 02 लाख एकड़ फीट पानी टनल के जरिए ढाढर नदी में अभी तक नहीं गिरने से यह परियोजना पूरी तरह वर्षा के पानी पर निर्भर रहने से मगध के तीन जिला के किसानों को कोई लाभ नहीं मिल रहा है, जिसके समाधान हेतु 11 अप्रैल 2026 को बराज के पास 11: 00 बजे दिन से महाधरना आयोजित कर केंद्र एवं राज्य सरकारों को विस्तृत ज्ञापन देने का काम किया जाएगा। नेताओं ने कहा कि इस नहर से सैकड़ों गांवों के किसान- मजदूर को 62 साल के इंतजार के बाद भी सालों भर पाणि नहीं मिल रहा है, जिसका निदान झारखंड सरकार से तिलैया डैम से पानी की समस्या का समाधान करने से ही सम्भव है, जिस संबंध में अभी तक कोई भी प्रगति नहीं है। नेताओ ने कहा कि कॉंग्रेस पार्टी, संघर्ष समिति, किसान मजदूर मगध प्रमंडल के गयाजी, जहानाबाद, नवादा के किसानों के बिच जनजागरण चला कर दोनैया- सोहजना बराज पर 11 अप्रैल 2026 को 11 : 00 बजे दिन से शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन का कार्यक्रम आयोजित कर सभी जनप्रतिनिधियों को भी आमंत्रित कर इस कार्य को कार्यान्वयन कराने का प्रयास किया जाएगा । भवदीय विजय कुमार मिट्ठू बाल मुकुंद पांडेय अरविंद कुमार यादव पंकज कुमार पंकज बुलंद अख्तर प्रयाग यादव1
- Post by Pushkar kumar4
- Post by Pawan Raj1
- " 62 वर्षों के लंबे इंतजार के बाद भी ढाढर सिचाई परियोजना नहर में सालों पानी की उपलब्धता हेतु संघर्ष समिति का 11अप्रैल 2026 को महाधरना " मगध प्रमंडल के गयाजी , जहानाबाद, नवादा जिला के हज़ारों एकड़ भूमि को सिंचित करने हेतु तिलैया- ढाढर सिचाई परियोजना की परिकल्पना सर्वप्रथम 1964 में जहानाबाद के तत्कालीन सांसद सत्यभामा देवी ने किया था, जिसे बाद में तत्कालीन केंद्रीय मंत्री के एन राव की पहल पर 1974 में केंद्र सरकार द्वारा सर्वप्रथम 13 करोड़ 43 लाख जारी करने पर योजना का काम शुरू होने के बाद 1978 में समझौते के आधार पर तिलैया- ढाढर परियोजना की रूपरेखा बनने के बाद काम धीमी गति से चला तथा लगातार संघर्ष के बाद 2020 में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जी के वीडियों कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए गया नवादा की सीमा पर फतेहपुर प्रखंड के दोनैया, सोहजना गांव स्थित ढाढर नदी पर 300 करोड़ के निर्मित बाँध का उद्घाटन करने के बाद भी तिलैया डैम से पानी बिहार से झारखंड के विभाजन के बाद उपलब्ध नहीं होने से किसानों को सालों भर पानी नहीं मिल पाता है जिसके समाधान हेतु केंद्र सरकार द्वारा गठित सेंट्रल वाटर ट्राइब्यूनल में बिहार सरकार के जाने के वर्षों बीत जाने के बाद भी समस्या का समाधान नहीं होने से किसानों में भारी मायूसी है। उपर्युक्त बातें बिहार प्रदेश कॉंग्रेस कमिटी के प्रदेश प्रतिनिधि सह प्रवक्ता विजय कुमार मिट्ठू, पूर्व विधायक मोहम्मद खान अली, फतेहपुर प्रखंड कॉंग्रेस अध्यक्ष बाल मुकुंद पांडेय, पंकज कुमार पंकज, युवा कॉंग्रेस फतेहपुर प्रखंड अध्यक्ष अरविंद कुमार यादव, बुलंद अख्तर, प्रदीप मांझी, प्रयाग यादव ब्रह्मदेव पासवान, आदि ने कहा कि बिहार सरकार की उदासीनता के कारण तिलैया जलाशय से 02 लाख एकड़ फीट पानी टनल के जरिए ढाढर नदी में अभी तक नहीं गिरने से यह परियोजना पूरी तरह वर्षा के पानी पर निर्भर रहने से मगध के तीन जिला के किसानों को कोई लाभ नहीं मिल रहा है, जिसके समाधान हेतु 11 अप्रैल 2026 को बराज के पास 11: 00 बजे दिन से महाधरना आयोजित कर केंद्र एवं राज्य सरकारों को विस्तृत ज्ञापन देने का काम किया जाएगा। नेताओं ने कहा कि इस नहर से सैकड़ों गांवों के किसान- मजदूर को 62 साल के इंतजार के बाद भी सालों भर पाणि नहीं मिल रहा है, जिसका निदान झारखंड सरकार से तिलैया डैम से पानी की समस्या का समाधान करने से ही सम्भव है, जिस संबंध में अभी तक कोई भी प्रगति नहीं है। नेताओ ने कहा कि कॉंग्रेस पार्टी, संघर्ष समिति, किसान मजदूर मगध प्रमंडल के गयाजी, जहानाबाद, नवादा के किसानों के बिच जनजागरण चला कर दोनैया- सोहजना बराज पर 11 अप्रैल 2026 को 11 : 00 बजे दिन से शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन का कार्यक्रम आयोजित कर सभी जनप्रतिनिधियों को भी आमंत्रित कर इस कार्य को कार्यान्वयन कराने का प्रयास किया जाएगा । भवदीय विजय कुमार मिट्ठू बाल मुकुंद पांडेय अरविंद कुमार यादव पंकज कुमार पंकज बुलंद अख्तर प्रयाग यादव1