62 वर्षों के लंबे इंतजार के बाद भी ढाढर सिचाई परियोजना नहर में सालों पानी की उपलब्धता हेतु संघर्ष समिति का 11अप्रैल 2026 को महाधरना " " 62 वर्षों के लंबे इंतजार के बाद भी ढाढर सिचाई परियोजना नहर में सालों पानी की उपलब्धता हेतु संघर्ष समिति का 11अप्रैल 2026 को महाधरना " मगध प्रमंडल के गयाजी , जहानाबाद, नवादा जिला के हज़ारों एकड़ भूमि को सिंचित करने हेतु तिलैया- ढाढर सिचाई परियोजना की परिकल्पना सर्वप्रथम 1964 में जहानाबाद के तत्कालीन सांसद सत्यभामा देवी ने किया था, जिसे बाद में तत्कालीन केंद्रीय मंत्री के एन राव की पहल पर 1974 में केंद्र सरकार द्वारा सर्वप्रथम 13 करोड़ 43 लाख जारी करने पर योजना का काम शुरू होने के बाद 1978 में समझौते के आधार पर तिलैया- ढाढर परियोजना की रूपरेखा बनने के बाद काम धीमी गति से चला तथा लगातार संघर्ष के बाद 2020 में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जी के वीडियों कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए गया नवादा की सीमा पर फतेहपुर प्रखंड के दोनैया, सोहजना गांव स्थित ढाढर नदी पर 300 करोड़ के निर्मित बाँध का उद्घाटन करने के बाद भी तिलैया डैम से पानी बिहार से झारखंड के विभाजन के बाद उपलब्ध नहीं होने से किसानों को सालों भर पानी नहीं मिल पाता है जिसके समाधान हेतु केंद्र सरकार द्वारा गठित सेंट्रल वाटर ट्राइब्यूनल में बिहार सरकार के जाने के वर्षों बीत जाने के बाद भी समस्या का समाधान नहीं होने से किसानों में भारी मायूसी है। उपर्युक्त बातें बिहार प्रदेश कॉंग्रेस कमिटी के प्रदेश प्रतिनिधि सह प्रवक्ता विजय कुमार मिट्ठू, पूर्व विधायक मोहम्मद खान अली, फतेहपुर प्रखंड कॉंग्रेस अध्यक्ष बाल मुकुंद पांडेय, पंकज कुमार पंकज, युवा कॉंग्रेस फतेहपुर प्रखंड अध्यक्ष अरविंद कुमार यादव, बुलंद अख्तर, प्रदीप मांझी, प्रयाग यादव ब्रह्मदेव पासवान, आदि ने कहा कि बिहार सरकार की उदासीनता के कारण तिलैया जलाशय से 02 लाख एकड़ फीट पानी टनल के जरिए ढाढर नदी में अभी तक नहीं गिरने से यह परियोजना पूरी तरह वर्षा के पानी पर निर्भर रहने से मगध के तीन जिला के किसानों को कोई लाभ नहीं मिल रहा है, जिसके समाधान हेतु 11 अप्रैल 2026 को बराज के पास 11: 00 बजे दिन से महाधरना आयोजित कर केंद्र एवं राज्य सरकारों को विस्तृत ज्ञापन देने का काम किया जाएगा। नेताओं ने कहा कि इस नहर से सैकड़ों गांवों के किसान- मजदूर को 62 साल के इंतजार के बाद भी सालों भर पाणि नहीं मिल रहा है, जिसका निदान झारखंड सरकार से तिलैया डैम से पानी की समस्या का समाधान करने से ही सम्भव है, जिस संबंध में अभी तक कोई भी प्रगति नहीं है। नेताओ ने कहा कि कॉंग्रेस पार्टी, संघर्ष समिति, किसान मजदूर मगध प्रमंडल के गयाजी, जहानाबाद, नवादा के किसानों के बिच जनजागरण चला कर दोनैया- सोहजना बराज पर 11 अप्रैल 2026 को 11 : 00 बजे दिन से शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन का कार्यक्रम आयोजित कर सभी जनप्रतिनिधियों को भी आमंत्रित कर इस कार्य को कार्यान्वयन कराने का प्रयास किया जाएगा । भवदीय विजय कुमार मिट्ठू बाल मुकुंद पांडेय अरविंद कुमार यादव पंकज कुमार पंकज बुलंद अख्तर प्रयाग यादव
62 वर्षों के लंबे इंतजार के बाद भी ढाढर सिचाई परियोजना नहर में सालों पानी की उपलब्धता हेतु संघर्ष समिति का 11अप्रैल 2026 को महाधरना " " 62 वर्षों के लंबे इंतजार के बाद भी ढाढर सिचाई परियोजना नहर में सालों पानी की उपलब्धता हेतु संघर्ष समिति का 11अप्रैल 2026 को महाधरना " मगध प्रमंडल के गयाजी , जहानाबाद, नवादा जिला के हज़ारों एकड़ भूमि को सिंचित करने हेतु तिलैया- ढाढर सिचाई परियोजना की परिकल्पना सर्वप्रथम 1964 में जहानाबाद के तत्कालीन सांसद सत्यभामा देवी ने किया था, जिसे बाद में तत्कालीन केंद्रीय मंत्री के एन राव की पहल पर 1974 में केंद्र सरकार द्वारा सर्वप्रथम 13 करोड़ 43 लाख जारी करने पर योजना का काम शुरू होने के बाद 1978 में समझौते के आधार पर तिलैया- ढाढर परियोजना की रूपरेखा बनने के बाद काम धीमी गति से चला तथा लगातार संघर्ष के बाद 2020 में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जी के वीडियों कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए गया नवादा की सीमा पर फतेहपुर प्रखंड के दोनैया, सोहजना गांव स्थित ढाढर नदी पर 300 करोड़ के निर्मित बाँध का उद्घाटन करने के बाद भी तिलैया डैम से पानी बिहार से झारखंड के विभाजन के बाद उपलब्ध नहीं होने से किसानों को सालों भर पानी नहीं मिल पाता है जिसके समाधान हेतु केंद्र सरकार द्वारा गठित सेंट्रल वाटर ट्राइब्यूनल में बिहार सरकार के जाने के वर्षों बीत जाने के बाद भी समस्या का समाधान नहीं होने से किसानों में भारी मायूसी है। उपर्युक्त बातें बिहार प्रदेश कॉंग्रेस कमिटी के प्रदेश प्रतिनिधि सह प्रवक्ता विजय कुमार मिट्ठू, पूर्व विधायक मोहम्मद खान अली, फतेहपुर प्रखंड कॉंग्रेस अध्यक्ष बाल मुकुंद पांडेय, पंकज कुमार पंकज, युवा कॉंग्रेस फतेहपुर प्रखंड अध्यक्ष अरविंद कुमार यादव, बुलंद अख्तर, प्रदीप मांझी, प्रयाग यादव ब्रह्मदेव पासवान, आदि ने कहा कि बिहार सरकार की उदासीनता के कारण तिलैया जलाशय से 02 लाख एकड़ फीट पानी टनल के जरिए ढाढर नदी में अभी तक नहीं गिरने से यह परियोजना पूरी तरह वर्षा के पानी पर निर्भर रहने से मगध के तीन जिला के किसानों को कोई लाभ नहीं मिल रहा है, जिसके समाधान हेतु 11 अप्रैल 2026 को बराज के पास 11: 00 बजे दिन से महाधरना आयोजित कर केंद्र एवं राज्य सरकारों को विस्तृत ज्ञापन देने का काम किया जाएगा। नेताओं ने कहा कि इस नहर से सैकड़ों गांवों के किसान- मजदूर को 62 साल के इंतजार के बाद भी सालों भर पाणि नहीं मिल रहा है, जिसका निदान झारखंड सरकार से तिलैया डैम से पानी की समस्या का समाधान करने से ही सम्भव है, जिस संबंध में अभी तक कोई भी प्रगति नहीं है। नेताओ ने कहा कि कॉंग्रेस पार्टी, संघर्ष समिति, किसान मजदूर मगध प्रमंडल के गयाजी, जहानाबाद, नवादा के किसानों के बिच जनजागरण चला कर दोनैया- सोहजना बराज पर 11 अप्रैल 2026 को 11 : 00 बजे दिन से शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन का कार्यक्रम आयोजित कर सभी जनप्रतिनिधियों को भी आमंत्रित कर इस कार्य को कार्यान्वयन कराने का प्रयास किया जाएगा । भवदीय विजय कुमार मिट्ठू बाल मुकुंद पांडेय अरविंद कुमार यादव पंकज कुमार पंकज बुलंद अख्तर प्रयाग यादव
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- " 62 वर्षों के लंबे इंतजार के बाद भी ढाढर सिचाई परियोजना नहर में सालों पानी की उपलब्धता हेतु संघर्ष समिति का 11अप्रैल 2026 को महाधरना " मगध प्रमंडल के गयाजी , जहानाबाद, नवादा जिला के हज़ारों एकड़ भूमि को सिंचित करने हेतु तिलैया- ढाढर सिचाई परियोजना की परिकल्पना सर्वप्रथम 1964 में जहानाबाद के तत्कालीन सांसद सत्यभामा देवी ने किया था, जिसे बाद में तत्कालीन केंद्रीय मंत्री के एन राव की पहल पर 1974 में केंद्र सरकार द्वारा सर्वप्रथम 13 करोड़ 43 लाख जारी करने पर योजना का काम शुरू होने के बाद 1978 में समझौते के आधार पर तिलैया- ढाढर परियोजना की रूपरेखा बनने के बाद काम धीमी गति से चला तथा लगातार संघर्ष के बाद 2020 में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जी के वीडियों कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए गया नवादा की सीमा पर फतेहपुर प्रखंड के दोनैया, सोहजना गांव स्थित ढाढर नदी पर 300 करोड़ के निर्मित बाँध का उद्घाटन करने के बाद भी तिलैया डैम से पानी बिहार से झारखंड के विभाजन के बाद उपलब्ध नहीं होने से किसानों को सालों भर पानी नहीं मिल पाता है जिसके समाधान हेतु केंद्र सरकार द्वारा गठित सेंट्रल वाटर ट्राइब्यूनल में बिहार सरकार के जाने के वर्षों बीत जाने के बाद भी समस्या का समाधान नहीं होने से किसानों में भारी मायूसी है। उपर्युक्त बातें बिहार प्रदेश कॉंग्रेस कमिटी के प्रदेश प्रतिनिधि सह प्रवक्ता विजय कुमार मिट्ठू, पूर्व विधायक मोहम्मद खान अली, फतेहपुर प्रखंड कॉंग्रेस अध्यक्ष बाल मुकुंद पांडेय, पंकज कुमार पंकज, युवा कॉंग्रेस फतेहपुर प्रखंड अध्यक्ष अरविंद कुमार यादव, बुलंद अख्तर, प्रदीप मांझी, प्रयाग यादव ब्रह्मदेव पासवान, आदि ने कहा कि बिहार सरकार की उदासीनता के कारण तिलैया जलाशय से 02 लाख एकड़ फीट पानी टनल के जरिए ढाढर नदी में अभी तक नहीं गिरने से यह परियोजना पूरी तरह वर्षा के पानी पर निर्भर रहने से मगध के तीन जिला के किसानों को कोई लाभ नहीं मिल रहा है, जिसके समाधान हेतु 11 अप्रैल 2026 को बराज के पास 11: 00 बजे दिन से महाधरना आयोजित कर केंद्र एवं राज्य सरकारों को विस्तृत ज्ञापन देने का काम किया जाएगा। नेताओं ने कहा कि इस नहर से सैकड़ों गांवों के किसान- मजदूर को 62 साल के इंतजार के बाद भी सालों भर पाणि नहीं मिल रहा है, जिसका निदान झारखंड सरकार से तिलैया डैम से पानी की समस्या का समाधान करने से ही सम्भव है, जिस संबंध में अभी तक कोई भी प्रगति नहीं है। नेताओ ने कहा कि कॉंग्रेस पार्टी, संघर्ष समिति, किसान मजदूर मगध प्रमंडल के गयाजी, जहानाबाद, नवादा के किसानों के बिच जनजागरण चला कर दोनैया- सोहजना बराज पर 11 अप्रैल 2026 को 11 : 00 बजे दिन से शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन का कार्यक्रम आयोजित कर सभी जनप्रतिनिधियों को भी आमंत्रित कर इस कार्य को कार्यान्वयन कराने का प्रयास किया जाएगा । भवदीय विजय कुमार मिट्ठू बाल मुकुंद पांडेय अरविंद कुमार यादव पंकज कुमार पंकज बुलंद अख्तर प्रयाग यादव1
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- भारतीय जनता पार्टी के 47वें स्थापना दिवस के शुभ अवसर पर भाजपा नेता डॉक्टर मनीष पंकज मिश्रा ने अपने आवास सहित शाहमीर तकिया रविदास टोला में पार्टी का झंडा फहराकर स्थापना दिवस मनाया तथा बच्चों को कॉपी ,कलम ,मिठाई बाटकर बच्चो को शिक्षा के प्रति जागरूक किया।इस अवसरपरउन्होंने पार्टी के इतिहास ,और उपलब्धियों पर प्रकाश डाला। डॉ मिश्रा ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी की स्थापना वर्ष 1980 में महान नेता और पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न से सम्मानित अटल बिहारी वाजपेई सहित अनेक राष्ट्रवादी नेताओं के प्रयास से हुई थी। उन्होंने बताया कि पार्टी ने अपने स्थापना काल से ही राष्ट्रवाद, सुशासन और विकास को अपना मूल मंत्र बनाया है। भाजपा ने देश की राजनीति में एक नई दिशा प्रदान की और आज यह संगठन विश्व की सबसे बड़ी लोकतांत्रिक राजनीतिक पार्टी के रूप में स्थापित हो चुका है।उन्होंने कहा कि भाजपा के नेताओं और कार्यकर्ताओं की मेहनत तथा जनता के विश्वास के कारण पार्टी निरंतर आगे बढ़ती रही है। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई के नेतृत्व में देश ने सुशासन और विकास का नया दौर देखा। वर्तमान में देश के प्रधानमंत्रीश्री नरेंद्र भाई मोदीके नेतृत्व में भारत विश्व स्तर पर नई पहचान बना रहा है। उन्होंने ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले 12 वर्षों में देश ने विकास, आधारभूत संरचना, डिजिटल तकनीक, गरीब कल्याण और आत्मनिर्भर भारत जैसे अनेक क्षेत्रों में ऐतिहासिक प्रगति की है। आज कई राज्यों में भारतीय जनता पार्टी की सरकार है तथा कई राज्यों में सहयोगी दलों के साथ मिलकर सरकार चल रही है।उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे पार्टी कीविचारधारा और नीतियों को जन-जन तक पहुँचाने के लिए निरंतर कार्य करें। स्थापना दिवस के अवसर पर उन्होंने देश के उज्ज्वल भविष्य, संगठन की मजबूती और समाज के सर्वांगीणविकास के लिए सभी कार्यकर्ताओं को बधाई और शुभकामनाएँ दीं। आज स्थापना दिवस पर प्रदेश कार्यसमिति सदस्य राजेंद्र प्रसाद अधिवक्ता,संतोष ठाकुर,गोपाल प्रसाद यादव, राणा रंजीत सिंह, वार्ड पार्षद राजीव कुमार सिन्हा,विजय प्रसाद उर्फ काला नाग,मंटू कुमार,महेश यादव,बबलू गुप्ता,सुनील रविदास,दारा रविदास,प्रदीप,शंकर,अनिल, बुलाकी, शिवनी देवी,सुमित्रा देवी,मीना देवी,सुनीता देवी सहित सैकड़ों की संख्या में उपस्थित होकर स्थापना दिवस मनाया।1
- मगध प्रमंडल के गयाजी , जहानाबाद, नवादा जिला के हज़ारों एकड़ भूमि को सिंचित करने हेतु तिलैया- ढाढर सिचाई परियोजना की परिकल्पना सर्वप्रथम 1964 में जहानाबाद के तत्कालीन सांसद सत्यभामा देवी ने किया था, जिसे बाद में तत्कालीन केंद्रीय मंत्री के एन राव की पहल पर 1974 में केंद्र सरकार द्वारा सर्वप्रथम 13 करोड़ 43 लाख जारी करने पर योजना का काम शुरू होने के बाद 1978 में समझौते के आधार पर तिलैया- ढाढर परियोजना की रूपरेखा बनने के बाद काम धीमी गति से चला तथा लगातार संघर्ष के बाद 2020 में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जी के वीडियों कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए गया नवादा की सीमा पर फतेहपुर प्रखंड के दोनैया, सोहजना गांव स्थित ढाढर नदी पर 300 करोड़ के निर्मित बाँध का उद्घाटन करने के बाद भी तिलैया डैम से पानी बिहार से झारखंड के विभाजन के बाद उपलब्ध नहीं होने से किसानों को सालों भर पानी नहीं मिल पाता है जिसके समाधान हेतु केंद्र सरकार द्वारा गठित सेंट्रल वाटर ट्राइब्यूनल में बिहार सरकार के जाने के वर्षों बीत जाने के बाद भी समस्या का समाधान नहीं होने से किसानों में भारी मायूसी है। उपर्युक्त बातें बिहार प्रदेश कॉंग्रेस कमिटी के प्रदेश प्रतिनिधि सह प्रवक्ता विजय कुमार मिट्ठू, पूर्व विधायक मोहम्मद खान अली, फतेहपुर प्रखंड कॉंग्रेस अध्यक्ष बाल मुकुंद पांडेय, पंकज कुमार पंकज, युवा कॉंग्रेस फतेहपुर प्रखंड अध्यक्ष अरविंद कुमार यादव, बुलंद अख्तर, प्रदीप मांझी, प्रयाग यादव ब्रह्मदेव पासवान, आदि ने कहा कि बिहार सरकार की उदासीनता के कारण तिलैया जलाशय से 02 लाख एकड़ फीट पानी टनल के जरिए ढाढर नदी में अभी तक नहीं गिरने से यह परियोजना पूरी तरह वर्षा के पानी पर निर्भर रहने से मगध के तीन जिला के किसानों को कोई लाभ नहीं मिल रहा है, जिसके समाधान हेतु 11 अप्रैल 2026 को बराज के पास 11: 00 बजे दिन से महाधरना आयोजित कर केंद्र एवं राज्य सरकारों को विस्तृत ज्ञापन देने का काम किया जाएगा। नेताओं ने कहा कि इस नहर से सैकड़ों गांवों के किसान- मजदूर को 62 साल के इंतजार के बाद भी सालों भर पाणि नहीं मिल रहा है, जिसका निदान झारखंड सरकार से तिलैया डैम से पानी की समस्या का समाधान करने से ही सम्भव है, जिस संबंध में अभी तक कोई भी प्रगति नहीं है। नेताओ ने कहा कि कॉंग्रेस पार्टी, संघर्ष समिति, किसान मजदूर मगध प्रमंडल के गयाजी, जहानाबाद, नवादा के किसानों के बिच जनजागरण चला कर दोनैया- सोहजना बराज पर 11 अप्रैल 2026 को 11 : 00 बजे दिन से शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन का कार्यक्रम आयोजित कर सभी जनप्रतिनिधियों को भी आमंत्रित कर इस कार्य को कार्यान्वयन कराने का प्रयास किया जाएगा । भवदीय विजय कुमार मिट्ठू बाल मुकुंद पांडेय अरविंद कुमार यादव पंकज कुमार पंकज बुलंद अख्तर प्रयाग यादव1
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