Shuru
Apke Nagar Ki App…
प्रदेश में 4 दिन पहले GST अफसरों के खिलाफ प्रेस कॉन्फ्रेंस करने वाले ट्रांसपोर्टर अली असगर की आज आगरा में लाश मिली है। प्रदेश में 4 दिन पहले GST अफसरों के खिलाफ प्रेस कॉन्फ्रेंस करने वाले ट्रांसपोर्टर अली असगर की आज आगरा में लाश मिली है। बेटे सजमल ने कहा– "GST अफसरों ने पापा पर कई नंबरों से थ्रेट कॉल की। शिकायत वापस लेने के लिए कहा, वरना मारने तक की धमकी दी" मृतक के बेटे को सुनिए
न्यूज़ पेपर
प्रदेश में 4 दिन पहले GST अफसरों के खिलाफ प्रेस कॉन्फ्रेंस करने वाले ट्रांसपोर्टर अली असगर की आज आगरा में लाश मिली है। प्रदेश में 4 दिन पहले GST अफसरों के खिलाफ प्रेस कॉन्फ्रेंस करने वाले ट्रांसपोर्टर अली असगर की आज आगरा में लाश मिली है। बेटे सजमल ने कहा– "GST अफसरों ने पापा पर कई नंबरों से थ्रेट कॉल की। शिकायत वापस लेने के लिए कहा, वरना मारने तक की धमकी दी" मृतक के बेटे को सुनिए
More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
- प्रदेश में 4 दिन पहले GST अफसरों के खिलाफ प्रेस कॉन्फ्रेंस करने वाले ट्रांसपोर्टर अली असगर की आज आगरा में लाश मिली है। बेटे सजमल ने कहा– "GST अफसरों ने पापा पर कई नंबरों से थ्रेट कॉल की। शिकायत वापस लेने के लिए कहा, वरना मारने तक की धमकी दी" मृतक के बेटे को सुनिए1
- Post by FH.NEWS1
- पलिया कलां खीरी। दुधवा टाइगर रिजर्व की मोटीवेटर नाज़रून निशा के द्वारा लगातार विषैला सांपों का रेस्क्यू कर वन्यजीव संरक्षण की दिशा में बेहतर कार्य करती दिखाई दे रही है । वही एक बार फिर पलिया नगर के दो अलग-अलग स्थानों से सांपों का सुरक्षित रेस्क्यू किया है। जहां पहले दुधवा रोड स्थित पाम रिसोर्ट के पास एक अत्यंत विषैला स्पेक्टेकल्ड कोबरा (भारतीय नाग) जिसके निकलने से दहशत फैल गई । वहीं सूचना मिलते ही नाज़रून निशा मौके पर पहुँचीं और सावधानी के साथ इस खतरनाक सांप का रेस्क्यू किया। वहीं दूसरी ओर कहारिया टाइल्स शॉप के नाम से मौजूद दुकान में एक विशालकाय 'रैट स्नेक' (धामन सांप) निकलने की जानकारी मिली । दुकान में सांप होने की जानकारी मिलते ही आसपास के लोग जमा हो गए, जिसके बाद नाज़रून निशा ने वहां पहुँचकर सांप का रेस्क्यू किया। इसके बाद दोनों सांपों को दुधवा के जंगल में ले जाकर सुरक्षित में छोड़ दिया । हालांकि नाज़रून निशा के इस साहसिक कार्य की स्थानीय लोगों ने सराहना की है, क्योंकि समय रहते रेस्क्यू होने से किसी भी अनहोनी की आशंका टल गई और वन्यजीवों की जान भी बच गई।3
- Post by खीरी न्यूज़ अपडेट1
- Post by Lakhimpur Kheri दस्तक1
- कोतवाली सदर क्षेत्रांतर्गत स्वयं के द्वारा गोली लगने से युवक की मृत्यु के संबंध में सहायक पुलिस अधीक्षक/क्षेत्राधिकारी सदर, श्री विवेक कुमार तिवारी की बाइट*1
- वाले भाजपा नेता रवि गुप्ता ने एक नई परंपरा की फिर की शुरुआत! भारतीय जनता पार्टी जनपद लखीमपुर खीरी के नवनिर्वाचित जिला अध्यक्ष श्री अरविंद गुप्ता जी के पलिया विधानसभा प्रथम आगमन पर वरिष्ठ भाजपा नेता रवि गुप्ता ने अपनी पूरी टीम के साथ पलिया शहर के मेला गेट पर सैकड़ों लोगों के हुजूम के बीच कांटे पर जिला अध्यक्ष जी को बैठाकर 111 किलो लड्डू से तौलकर पगड़ी पहनाकर भयंकर पुष्प वर्षा कर ढोल नगाड़ों से बहुत ही शानदार और ऐतिहासिक स्वागत किया!लोगों में चर्चा है कि जिला अध्यक्ष जी का लखीमपुर जनपद का सबसे शानदार स्वागत भाजपा नेता रवि गुप्ता द्वारा पलिया में अपनी पूरी टीम के साथ किया गया!स्वागत कार्यक्रम में पलिया विधानसभा एवं लखीमपुर जनपद से आए हुए तमाम कार्यकर्ता एवं पदाधिकारियों के साथ ही शहर व क्षेत्र के नामी गिरामी लोग मौजूद रहे! स्वागत कार्यक्रम के बाद पूरा जनसमूह प्राचीन हनुमान मठिया मंदिर द्वारा आयोजित कन्याओं के विवाह में शामिल हुआ जहां पर सभी ने वर वधु को शुभकामनाएं प्रेषित की!1
- पलिया कलां खीरी। दुधवा टाइगर रिजर्व की मोटीवेटर नाज़रून निशा के द्वारा लगातार विषैला सांपों का रेस्क्यू कर वन्यजीव संरक्षण की दिशा में बेहतर कार्य करती दिखाई दे रही है । वही एक बार फिर पलिया नगर के दो अलग-अलग स्थानों से सांपों का सुरक्षित रेस्क्यू किया है। जहां पहले दुधवा रोड स्थित पाम रिसोर्ट के पास एक अत्यंत विषैला स्पेक्टेकल्ड कोबरा (भारतीय नाग) जिसके निकलने से दहशत फैल गई । वहीं सूचना मिलते ही नाज़रून निशा मौके पर पहुँचीं और सावधानी के साथ इस खतरनाक सांप का रेस्क्यू किया। वहीं दूसरी ओर कहारिया टाइल्स शॉप के नाम से मौजूद दुकान में एक विशालकाय 'रैट स्नेक' (धामन सांप) निकलने की जानकारी मिली । दुकान में सांप होने की जानकारी मिलते ही आसपास के लोग जमा हो गए, जिसके बाद नाज़रून निशा ने वहां पहुँचकर सांप का रेस्क्यू किया। इसके बाद दोनों सांपों को दुधवा के जंगल में ले जाकर सुरक्षित में छोड़ दिया । हालांकि नाज़रून निशा के इस साहसिक कार्य की स्थानीय लोगों ने सराहना की है, क्योंकि समय रहते रेस्क्यू होने से किसी भी अनहोनी की आशंका टल गई और वन्यजीवों की जान भी बच गई।3
- कुदरत का कहर: मोहम्मदी खीरी में आसमानी आफत ने मचाई तबाही, ओलों की मार से कराह उठा अन्नदाता! मोहम्मदी-खीरी। इंसान अपनी प्लानिंग करता रह गया और ऊपर वाले ने अपनी इबारत लिख दी। रविवार को मोहम्मदी और आसपास के इलाकों में मौसम ने ऐसा खौफनाक यू-टर्न लिया कि खुशहाली की उम्मीद लगाए बैठे किसानों के चेहरों पर हवाइयां उड़ने लगीं। चिलचिलाती धूप की जगह अचानक काली घटाओं ने डेरा डाला और देखते ही देखते 'सफेद मौत' यानी ओलों की ऐसी बारिश हुई कि खेतों में खड़ी सोना उगलती फसलें मिट्टी में मिल गईं। तेज आंधी और बारिश का 'डेडली कॉम्बो' दोपहर के वक्त अचानक मौसम का मिजाज बिगड़ा। धूल भरी तेज आंधी ने पूरे इलाके को अपनी आगोश में ले लिया। विजिबिलिटी इतनी कम हो गई कि सड़कों पर गाड़ियों की रफ्तार थम गई। लेकिन असली खेल तो उसके बाद शुरू हुआ। आंधी के साथ आई मूसलाधार बारिश और फिर शुरू हुआ बड़े-बड़े ओलों का तांडव। लगभग आधे घंटे तक गिरे इन ओलों ने मोहम्मदी क्षेत्र के कई गांवों में कुदरत का ऐसा कहर बरपाया कि हर तरफ तबाही के निशान नजर आने लगे। गेहूं की 'सुनहरी उम्मीद' पर फिरा पानी सबसे ज्यादा मार गेहूं की फसल पर पड़ी है। जो फसल पककर तैयार होने की कगार पर थी और जिसे देखकर किसान अपनी बिटिया की शादी या कर्ज चुकाने के सपने बुन रहा था, वो अब जमीन पर बिछी नजर आ रही है। जानकारों की मानें तो: * गेहूं: तेज हवा और ओलों की वजह से दाने झड़ गए हैं और फसल गिर गई है, जिससे उत्पादन में भारी गिरावट तय है। * सरसों: कटी रखी या तैयार सरसों की फलियां टूटकर बिखर गई हैं। * आम और बागवानी: आम के बागों में आए बौर (फूल) और छोटी अमिया को इस आंधी-ओले ने बुरी तरह झकझोर दिया है, जिससे बागवानों को भी लाखों का चूना लगना तय है। सन्नाटे में डूबा अन्नदाता खेतों की मेढ़ पर खड़ा किसान आज बेबस है। मोहम्मदी के प्रभावित गांवों के किसानों का कहना है कि उन्होंने साल भर खून-पसीना एक करके फसल तैयार की थी, लेकिन कुदरत के इस 'मसालेदार' सितम ने उनकी कमर तोड़ दी है। बारिश के कारण खेतों में जलभराव की स्थिति है, जिससे बची-कुची फसल के भी सड़ने का डर सता रहा है। > "ऐसा मंजर पहले कभी नहीं देखा। ओले नहीं गिर रहे थे, लग रहा था जैसे पत्थर बरस रहे हों। अब सरकार से ही मुआवजे की आस है, वरना हम तो बर्बाद हो गए।" — एक स्थानीय किसान > अब सबकी निगाहें शासन और प्रशासन की ओर टिकी हैं। किसानों ने मांग की है कि जल्द से जल्द फसलों के नुकसान का सर्वे कराया जाए और उन्हें उचित मुआवजा दिया जाए। अगर समय रहते मदद न मिली, तो मोहम्मदी का किसान इस आर्थिक चोट से शायद ही उबर पाए। फिलहाल, आसमान में अभी भी बादल छाए हुए हैं और किसानों की धड़कनें तेज हैं कि कहीं कुदरत का ये गुस्सा दोबारा न फूट पड़े।3