*पहाड़ों के बीच बसा चाऊरडोंगरी अब बारहमासी सड़क संपर्क से जुड़ा* *पहाड़ काट कर बनाई सड़क, ग्रामीणों की जिंदगी में बदलाव की दस्तक* *पीएम जनमन योजना ने पूरा किया बरसों पुराना सपना* जिला ब्यूरो चीफ राजेश कुमार कश्यप कवर्धा, 23 अप्रैल 2026। कभी कठिन पहाड़ी रास्तों और संसाधनों की कमी से जूझने वाला कबीरधाम जिले का सुदूर वनांचल क्षेत्र का ग्राम चाऊरडोंगरी आज विकास की नई राह पर आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत यहां पक्की सड़कों का निर्माण होने से ग्रामीणों की जिंदगी में बड़ा बदलाव आया है। प्रधानमंत्री जनमन योजना के अंतर्गत प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) विभाग द्वारा अमनिया बांगर रोड राहीडांड से चाऊरडोंगरी तक लगभग 3 किलोमीटर लंबी पक्की सड़क का निर्माण किया गया है, जिसकी लागत 1.74 करोड़ रूपये है। यह सड़क पहाड़ों की कटिंग कर तैयार की गई है, जिससे यह क्षेत्र दुर्गम और पहुँचविहीन नहीं रहा गया है और बारहमासी पक्की सड़क से जुड़ चुका है। पहाड़ के ऊपर बसे इस गांव तक पहले पहुंचना बेहद कठिन था। बारिश के दिनों में हालात और भी खराब हो जाते थे। लोगों को रोजमर्रा की जरूरतों के सामान लाने के लिए कई किलोमीटर पैदल चलना पड़ता था। बीमार पड़ने पर समय पर उपचार मिल पाना भी मुश्किल था। लेकिन अब तस्वीर पूरी तरह बदल चुकी है। सड़क बनने से अब गांव तक आवागमन आसान हो गया है। ग्रामीणों ने बताया कि पहले चाऊरडोंगरी से कुई और पंडरिया तक जाने के लिए कोई पक्का रास्ता नहीं था। आवश्यक सामग्री लाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता था, लेकिन अब सड़क बनने से उनकी परेशानी काफी हद तक दूर हो गई है। ग्रामीणों का कहना है कि अब गांव में स्वास्थ्य सेवाएं भी आसानी से पहुंच रही हैं। पहले जहां मरीजों को अन्य साधनों से ले जाना पड़ता था, वहीं अब वाहन सीधे गांव तक पहुंच रहे हैं। इससे समय पर इलाज मिलना संभव हो पाया है। ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में क्षेत्र में हो रहे तेजी से विकास कार्यों और मिल रही मूलभूत सुविधाओं पर प्रसन्नता व्यक्त की है। उनका कहना है कि पहले जहां उनका गांव सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा और आवागमन जैसी बुनियादी सुविधाओं से वंचित था, वहीं अब सरकार की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से परिस्थितियां तेजी से बदल रही हैं। ग्रामीणों ने बताया कि पक्की सड़क बनने से न केवल आवागमन सुगम हुआ है, बल्कि अब शासकीय योजनाओं का लाभ भी सीधे गांव तक पहुंच रहा है। पहले जहां छोटी-छोटी आवश्यकताओं के लिए भी लंबी दूरी तय करनी पड़ती थी, वहीं अब समय और श्रम दोनों की बचत हो रही है। ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार ने दूरस्थ वनांचल क्षेत्रों की वर्षों पुरानी समस्याओं को समझते हुए ठोस कदम उठाए हैं। आज उनके गांव में जो परिवर्तन दिखाई दे रहा है, वह सरकार की जनकल्याणकारी नीतियों का परिणाम है। पीएमजीएसवाई विभाग के कार्यपालन अभियंता श्री एस.के. ठाकुर ने बताया कि प्रधानमंत्री जनमन योजना के अंतर्गत सुदूर एवं दुर्गम क्षेत्रों को मुख्य मार्गों से जोड़ना प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से चाऊरडोंगरी जैसे पहाड़ी क्षेत्रों में सड़क निर्माण कार्य को प्राथमिकता दी गई। उन्होंने कहा कि इन सड़कों के निर्माण से न केवल आवागमन सुगम हुआ है, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। आज चाऊरडोंगरी गांव विकास की नई दिशा में आगे बढ़ रहा है। पक्की सड़क ने यहां के लोगों के जीवन में उम्मीद और सुविधाओं दोनों की राह खोल दी है। *पहाड़ों के बीच बसा चाऊरडोंगरी अब बारहमासी सड़क संपर्क से जुड़ा* *पहाड़ काट कर बनाई सड़क, ग्रामीणों की जिंदगी में बदलाव की दस्तक* *पीएम जनमन योजना ने पूरा किया बरसों पुराना सपन कवर्धा, 23 अप्रैल 2026। कभी कठिन पहाड़ी रास्तों और संसाधनों की कमी से जूझने वाला कबीरधाम जिले का सुदूर वनांचल क्षेत्र का ग्राम चाऊरडोंगरी आज विकास की नई राह पर आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत यहां पक्की सड़कों का निर्माण होने से ग्रामीणों की जिंदगी में बड़ा बदलाव आया है। प्रधानमंत्री जनमन योजना के अंतर्गत प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) विभाग द्वारा अमनिया बांगर रोड राहीडांड से चाऊरडोंगरी तक लगभग 3 किलोमीटर लंबी पक्की सड़क का निर्माण किया गया है, जिसकी लागत 1.74 करोड़ रूपये है। यह सड़क पहाड़ों की कटिंग कर तैयार की गई है, जिससे यह क्षेत्र दुर्गम और पहुँचविहीन नहीं रहा गया है और बारहमासी पक्की सड़क से जुड़ चुका है। पहाड़ के ऊपर बसे इस गांव तक पहले पहुंचना बेहद कठिन था। बारिश के दिनों में हालात और भी खराब हो जाते थे। लोगों को रोजमर्रा की जरूरतों के सामान लाने के लिए कई किलोमीटर पैदल चलना पड़ता था। बीमार पड़ने पर समय पर उपचार मिल पाना भी मुश्किल था। लेकिन अब तस्वीर पूरी तरह बदल चुकी है। सड़क बनने से अब गांव तक आवागमन आसान हो गया है। ग्रामीणों ने बताया कि पहले चाऊरडोंगरी से कुई और पंडरिया तक जाने के लिए कोई पक्का रास्ता नहीं था। आवश्यक सामग्री लाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता था, लेकिन अब सड़क बनने से उनकी परेशानी काफी हद तक दूर हो गई है। ग्रामीणों का कहना है कि अब गांव में स्वास्थ्य सेवाएं भी आसानी से पहुंच रही हैं। पहले जहां मरीजों को अन्य साधनों से ले जाना पड़ता था, वहीं अब वाहन सीधे गांव तक पहुंच रहे हैं। इससे समय पर इलाज मिलना संभव हो पाया है। ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में क्षेत्र में हो रहे तेजी से विकास कार्यों और मिल रही मूलभूत सुविधाओं पर प्रसन्नता व्यक्त की है। उनका कहना है कि पहले जहां उनका गांव सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा और आवागमन जैसी बुनियादी सुविधाओं से वंचित था, वहीं अब सरकार की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से परिस्थितियां तेजी से बदल रही हैं। ग्रामीणों ने बताया कि पक्की सड़क बनने से न केवल आवागमन सुगम हुआ है, बल्कि अब शासकीय योजनाओं का लाभ भी सीधे गांव तक पहुंच रहा है। पहले जहां छोटी-छोटी आवश्यकताओं के लिए भी लंबी दूरी तय करनी पड़ती थी, वहीं अब समय और श्रम दोनों की बचत हो रही है। ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार ने दूरस्थ वनांचल क्षेत्रों की वर्षों पुरानी समस्याओं को समझते हुए ठोस कदम उठाए हैं। आज उनके गांव में जो परिवर्तन दिखाई दे रहा है, वह सरकार की जनकल्याणकारी नीतियों का परिणाम है। पीएमजीएसवाई विभाग के कार्यपालन अभियंता श्री एस.के. ठाकुर ने बताया कि प्रधानमंत्री जनमन योजना के अंतर्गत सुदूर एवं दुर्गम क्षेत्रों को मुख्य मार्गों से जोड़ना प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से चाऊरडोंगरी जैसे पहाड़ी क्षेत्रों में सड़क निर्माण कार्य को प्राथमिकता दी गई। उन्होंने कहा कि इन सड़कों के निर्माण से न केवल आवागमन सुगम हुआ है, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। आज चाऊरडोंगरी गांव विकास की नई दिशा में आगे बढ़ रहा है। पक्की सड़क ने यहां के लोगों के जीवन में उम्मीद और सुविधाओं दोनों की राह खोल दी है।
*पहाड़ों के बीच बसा चाऊरडोंगरी अब बारहमासी सड़क संपर्क से जुड़ा* *पहाड़ काट कर बनाई सड़क, ग्रामीणों की जिंदगी में बदलाव की दस्तक* *पीएम जनमन योजना ने पूरा किया बरसों पुराना सपना* जिला ब्यूरो चीफ राजेश कुमार कश्यप कवर्धा, 23 अप्रैल 2026। कभी कठिन पहाड़ी रास्तों और संसाधनों की कमी से जूझने वाला कबीरधाम जिले का सुदूर वनांचल क्षेत्र का ग्राम चाऊरडोंगरी आज विकास की नई राह पर आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत यहां पक्की सड़कों का निर्माण होने से ग्रामीणों की जिंदगी में बड़ा बदलाव आया है। प्रधानमंत्री जनमन योजना के अंतर्गत प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) विभाग द्वारा अमनिया बांगर रोड राहीडांड से चाऊरडोंगरी तक लगभग 3 किलोमीटर लंबी पक्की सड़क का निर्माण किया गया है, जिसकी लागत 1.74 करोड़ रूपये है। यह सड़क पहाड़ों की कटिंग कर तैयार की गई है, जिससे यह क्षेत्र दुर्गम और पहुँचविहीन नहीं रहा गया है और बारहमासी पक्की सड़क से जुड़ चुका है। पहाड़ के ऊपर बसे इस गांव तक पहले पहुंचना बेहद कठिन था। बारिश के दिनों में हालात और भी खराब हो जाते थे। लोगों को रोजमर्रा की जरूरतों के सामान लाने के लिए कई किलोमीटर पैदल चलना पड़ता था। बीमार पड़ने पर समय पर उपचार मिल पाना भी मुश्किल था। लेकिन अब तस्वीर पूरी तरह बदल चुकी है। सड़क बनने से अब गांव तक आवागमन आसान हो गया है। ग्रामीणों ने बताया कि पहले चाऊरडोंगरी से कुई और पंडरिया तक जाने के लिए कोई पक्का रास्ता नहीं था। आवश्यक सामग्री लाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता था, लेकिन अब सड़क बनने से उनकी परेशानी काफी हद तक दूर हो गई है। ग्रामीणों का कहना है कि अब गांव में स्वास्थ्य सेवाएं भी आसानी से पहुंच रही हैं। पहले जहां मरीजों को अन्य साधनों से ले जाना पड़ता था, वहीं अब वाहन सीधे गांव तक पहुंच रहे हैं। इससे समय पर इलाज मिलना संभव हो पाया है। ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में क्षेत्र में हो रहे तेजी से विकास कार्यों और मिल रही मूलभूत सुविधाओं पर प्रसन्नता व्यक्त की है। उनका कहना है कि पहले जहां उनका गांव सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा और आवागमन जैसी बुनियादी सुविधाओं से वंचित था, वहीं अब सरकार की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से परिस्थितियां तेजी से बदल रही हैं। ग्रामीणों ने बताया कि पक्की सड़क बनने से न केवल आवागमन सुगम हुआ है, बल्कि अब शासकीय योजनाओं का लाभ भी सीधे गांव तक पहुंच रहा है। पहले जहां छोटी-छोटी आवश्यकताओं के लिए भी लंबी दूरी तय करनी पड़ती थी, वहीं अब समय और श्रम दोनों की बचत हो रही है। ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार ने दूरस्थ वनांचल क्षेत्रों की वर्षों पुरानी समस्याओं को समझते हुए ठोस कदम उठाए हैं। आज उनके गांव में जो परिवर्तन दिखाई दे रहा है, वह सरकार की जनकल्याणकारी नीतियों का परिणाम है। पीएमजीएसवाई विभाग के कार्यपालन अभियंता श्री एस.के. ठाकुर ने बताया कि प्रधानमंत्री जनमन योजना के अंतर्गत सुदूर एवं दुर्गम क्षेत्रों को मुख्य मार्गों से जोड़ना प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से चाऊरडोंगरी जैसे पहाड़ी क्षेत्रों में सड़क निर्माण कार्य को प्राथमिकता दी गई। उन्होंने कहा कि इन सड़कों के निर्माण से न केवल आवागमन सुगम हुआ है, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। आज चाऊरडोंगरी गांव विकास की नई दिशा में आगे बढ़ रहा है। पक्की सड़क ने यहां के लोगों के जीवन में उम्मीद और सुविधाओं दोनों की राह खोल दी है। *पहाड़ों के बीच बसा चाऊरडोंगरी अब बारहमासी सड़क संपर्क से जुड़ा* *पहाड़ काट कर बनाई सड़क, ग्रामीणों की जिंदगी में बदलाव की दस्तक* *पीएम जनमन योजना ने पूरा किया बरसों पुराना सपन कवर्धा, 23 अप्रैल 2026। कभी कठिन पहाड़ी रास्तों और संसाधनों की कमी से जूझने वाला कबीरधाम जिले का सुदूर वनांचल क्षेत्र का ग्राम चाऊरडोंगरी आज विकास की नई राह पर आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत यहां पक्की सड़कों का निर्माण होने से ग्रामीणों की जिंदगी में बड़ा बदलाव आया है। प्रधानमंत्री जनमन योजना के अंतर्गत प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) विभाग द्वारा अमनिया बांगर रोड राहीडांड से चाऊरडोंगरी तक लगभग 3 किलोमीटर लंबी पक्की सड़क का निर्माण किया गया है, जिसकी लागत 1.74 करोड़ रूपये है। यह सड़क पहाड़ों की कटिंग कर तैयार की गई है, जिससे यह क्षेत्र दुर्गम और पहुँचविहीन नहीं रहा गया है और बारहमासी पक्की सड़क से जुड़ चुका है। पहाड़ के ऊपर बसे इस गांव तक पहले पहुंचना बेहद कठिन था। बारिश के दिनों में हालात और भी खराब हो जाते थे। लोगों को रोजमर्रा की जरूरतों के सामान लाने के लिए कई किलोमीटर पैदल चलना पड़ता था। बीमार पड़ने पर समय पर उपचार मिल पाना भी मुश्किल था। लेकिन अब तस्वीर पूरी तरह बदल चुकी है। सड़क बनने से अब गांव तक आवागमन आसान हो गया है। ग्रामीणों ने बताया कि पहले चाऊरडोंगरी से कुई और पंडरिया तक जाने के लिए कोई पक्का रास्ता नहीं था। आवश्यक सामग्री लाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता था, लेकिन अब सड़क बनने से उनकी परेशानी काफी हद तक दूर हो गई है। ग्रामीणों का कहना है कि अब गांव में स्वास्थ्य सेवाएं भी आसानी से पहुंच रही हैं। पहले जहां मरीजों को अन्य साधनों से ले जाना पड़ता था, वहीं अब वाहन सीधे गांव तक पहुंच रहे हैं। इससे समय पर इलाज मिलना संभव हो पाया है। ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में क्षेत्र में हो रहे तेजी से विकास कार्यों और मिल रही मूलभूत सुविधाओं पर प्रसन्नता व्यक्त की है। उनका कहना है कि पहले जहां उनका गांव सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा और आवागमन जैसी बुनियादी सुविधाओं से वंचित था, वहीं अब सरकार की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से परिस्थितियां तेजी से बदल रही हैं। ग्रामीणों ने बताया कि पक्की सड़क बनने से न केवल आवागमन सुगम हुआ है, बल्कि अब शासकीय योजनाओं का लाभ भी सीधे गांव तक पहुंच रहा है। पहले जहां छोटी-छोटी आवश्यकताओं के लिए भी लंबी दूरी तय करनी पड़ती थी, वहीं अब समय और श्रम दोनों की बचत हो रही है। ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार ने दूरस्थ वनांचल क्षेत्रों की वर्षों पुरानी समस्याओं को समझते हुए ठोस कदम उठाए हैं। आज उनके गांव में जो परिवर्तन दिखाई दे रहा है, वह सरकार की जनकल्याणकारी नीतियों का परिणाम है। पीएमजीएसवाई विभाग के कार्यपालन अभियंता श्री एस.के. ठाकुर ने बताया कि प्रधानमंत्री जनमन योजना के अंतर्गत सुदूर एवं दुर्गम क्षेत्रों को मुख्य मार्गों से जोड़ना प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से चाऊरडोंगरी जैसे पहाड़ी क्षेत्रों में सड़क निर्माण कार्य को प्राथमिकता दी गई। उन्होंने कहा कि इन सड़कों के निर्माण से न केवल आवागमन सुगम हुआ है, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। आज चाऊरडोंगरी गांव विकास की नई दिशा में आगे बढ़ रहा है। पक्की सड़क ने यहां के लोगों के जीवन में उम्मीद और सुविधाओं दोनों की राह खोल दी है।
- *पहाड़ों के बीच बसा चाऊरडोंगरी अब बारहमासी सड़क संपर्क से जुड़ा* *पहाड़ काट कर बनाई सड़क, ग्रामीणों की जिंदगी में बदलाव की दस्तक* *पीएम जनमन योजना ने पूरा किया बरसों पुराना सपन कवर्धा, 23 अप्रैल 2026। कभी कठिन पहाड़ी रास्तों और संसाधनों की कमी से जूझने वाला कबीरधाम जिले का सुदूर वनांचल क्षेत्र का ग्राम चाऊरडोंगरी आज विकास की नई राह पर आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत यहां पक्की सड़कों का निर्माण होने से ग्रामीणों की जिंदगी में बड़ा बदलाव आया है। प्रधानमंत्री जनमन योजना के अंतर्गत प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) विभाग द्वारा अमनिया बांगर रोड राहीडांड से चाऊरडोंगरी तक लगभग 3 किलोमीटर लंबी पक्की सड़क का निर्माण किया गया है, जिसकी लागत 1.74 करोड़ रूपये है। यह सड़क पहाड़ों की कटिंग कर तैयार की गई है, जिससे यह क्षेत्र दुर्गम और पहुँचविहीन नहीं रहा गया है और बारहमासी पक्की सड़क से जुड़ चुका है। पहाड़ के ऊपर बसे इस गांव तक पहले पहुंचना बेहद कठिन था। बारिश के दिनों में हालात और भी खराब हो जाते थे। लोगों को रोजमर्रा की जरूरतों के सामान लाने के लिए कई किलोमीटर पैदल चलना पड़ता था। बीमार पड़ने पर समय पर उपचार मिल पाना भी मुश्किल था। लेकिन अब तस्वीर पूरी तरह बदल चुकी है। सड़क बनने से अब गांव तक आवागमन आसान हो गया है। ग्रामीणों ने बताया कि पहले चाऊरडोंगरी से कुई और पंडरिया तक जाने के लिए कोई पक्का रास्ता नहीं था। आवश्यक सामग्री लाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता था, लेकिन अब सड़क बनने से उनकी परेशानी काफी हद तक दूर हो गई है। ग्रामीणों का कहना है कि अब गांव में स्वास्थ्य सेवाएं भी आसानी से पहुंच रही हैं। पहले जहां मरीजों को अन्य साधनों से ले जाना पड़ता था, वहीं अब वाहन सीधे गांव तक पहुंच रहे हैं। इससे समय पर इलाज मिलना संभव हो पाया है। ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में क्षेत्र में हो रहे तेजी से विकास कार्यों और मिल रही मूलभूत सुविधाओं पर प्रसन्नता व्यक्त की है। उनका कहना है कि पहले जहां उनका गांव सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा और आवागमन जैसी बुनियादी सुविधाओं से वंचित था, वहीं अब सरकार की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से परिस्थितियां तेजी से बदल रही हैं। ग्रामीणों ने बताया कि पक्की सड़क बनने से न केवल आवागमन सुगम हुआ है, बल्कि अब शासकीय योजनाओं का लाभ भी सीधे गांव तक पहुंच रहा है। पहले जहां छोटी-छोटी आवश्यकताओं के लिए भी लंबी दूरी तय करनी पड़ती थी, वहीं अब समय और श्रम दोनों की बचत हो रही है। ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार ने दूरस्थ वनांचल क्षेत्रों की वर्षों पुरानी समस्याओं को समझते हुए ठोस कदम उठाए हैं। आज उनके गांव में जो परिवर्तन दिखाई दे रहा है, वह सरकार की जनकल्याणकारी नीतियों का परिणाम है। पीएमजीएसवाई विभाग के कार्यपालन अभियंता श्री एस.के. ठाकुर ने बताया कि प्रधानमंत्री जनमन योजना के अंतर्गत सुदूर एवं दुर्गम क्षेत्रों को मुख्य मार्गों से जोड़ना प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से चाऊरडोंगरी जैसे पहाड़ी क्षेत्रों में सड़क निर्माण कार्य को प्राथमिकता दी गई। उन्होंने कहा कि इन सड़कों के निर्माण से न केवल आवागमन सुगम हुआ है, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। आज चाऊरडोंगरी गांव विकास की नई दिशा में आगे बढ़ रहा है। पक्की सड़क ने यहां के लोगों के जीवन में उम्मीद और सुविधाओं दोनों की राह खोल दी है।1
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- जिला कबीरधाम | दिनांक 23.04.2026 नाबालिग अपहरण व दुष्कर्म मामले में त्वरित कार्रवाई, आरोपी गिरफ्तार – पीड़िता सुरक्षित बरामद कबीरधाम पुलिस ने नाबालिग बालिका के अपहरण व दुष्कर्म मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर पीड़िता को सकुशल बरामद किया है। सायबर सेल की मदद से लोकेशन ट्रेस कर टीम ने बलौदाबाजार जिले के अमेरा गांव से 21 अप्रैल 2026 को पीड़िता को मुक्त कराया। पीड़िता के बयान व साक्ष्यों के आधार पर मामले में बीएनएस व पॉक्सो एक्ट की धाराएं जोड़ी गई हैं। मेडिकल जांच में पीड़िता के गर्भवती होने की पुष्टि हुई है तथा डीएनए परीक्षण की अनुशंसा की गई है। आरोपी दीनानाथ साहू (23) को 22 अप्रैल 2026 को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया है। पुलिस ने महिला व बाल अपराधों के प्रति सख्त कार्रवाई जारी रखने की बात कही है।1
- डिंडोरी जिला के विकास खंड करंजिया में क्रिकेट प्रतियोगिता का आगाज एवं मैच बेहतरीन रहा.1
- जल गंगा संवर्धन अभियान में मध्यप्रदेश का शानदार प्रदर्शन, डिंडोरी देश में प्रथम, खंडवा द्वितीय मध्यप्रदेश ने वर्षा जल संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करते हुए देशभर में अपनी अलग पहचान बनाई है। जल शक्ति मंत्रालय द्वारा जारी 22 अप्रैल की रैंकिंग में प्रदेश का डिंडोरी जिला देश में प्रथम एवं खंडवा जिला द्वितीय स्थान पर रहा है। यह उपलब्धि राज्य में संचालित “जल गंगा संवर्धन अभियान” की सफलता को दर्शाती है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में 19 मार्च से 30 जून 2026 तक संचालित इस अभियान का उद्देश्य वर्षा जल का अधिकतम संरक्षण एवं पारंपरिक जल स्रोतों का पुनर्जीवन है। अभियान के अंतर्गत प्रदेशभर में जल संरचनाओं के निर्माण एवं पुनर्संरक्षण के कार्य व्यापक स्तर पर किए जा रहे हैं। डिंडोरी जिले में अब तक 1.23 लाख से अधिक जल संरचनाएं निर्मित की जा चुकी हैं, जबकि खंडवा जिले में 87 हजार से अधिक संरचनाएं तैयार की गई हैं। वहीं पूरे मध्यप्रदेश में यह संख्या लगभग 3.97 लाख से अधिक पहुंच चुकी है, जो अभियान की व्यापकता और प्रभावशीलता को दर्शाती है। अभियान के तहत खेत तालाब, कुओं का रिचार्ज, अमृत सरोवर निर्माण, बोरवेल रिचार्ज सिस्टम, रूफटॉप वाटर हार्वेस्टिंग तथा तालाबों के जीर्णोद्धार जैसे कार्य तेजी से किए जा रहे हैं। इस अभियान की विशेषता यह है कि इसमें जनभागीदारी को प्राथमिकता दी गई है, जिससे ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में आमजन भी सक्रिय रूप से जल संरक्षण से जुड़ रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “जहां गिरे, जब गिरे, वर्षा जल का संग्रह करें” संदेश को आत्मसात करते हुए यह अभियान जल संरक्षण को जन आंदोलन का स्वरूप देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल साबित हो रहा है। राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे सतत प्रयासों और जनसहभागिता के परिणामस्वरूप मध्यप्रदेश जल संरक्षण के क्षेत्र में देश में अग्रणी बनकर उभरा है।1
- मुंगेली पुलिस ने एक बार फिर अपनी कार्यक्षमता साबित करते हुए “गुम मोबाइल खोज अभियान” के तहत बड़ी सफलता हासिल की है। एसएसपी भोजराम पटेल के मार्गदर्शन में साइबर सेल और पुलिस टीम ने 90 गुम मोबाइल फोन, जिनकी कीमत करीब 13.50 लाख रुपये है, उनके असली मालिकों को वापस सौंप दिए। CEIR पोर्टल और IMEI ट्रैकिंग तकनीक की मदद से इन मोबाइलों को विभिन्न जिलों और राज्यों से रिकवर किया गया। मोबाइल वापस मिलने पर नागरिकों के चेहरे खुशी से खिल उठे और उन्होंने पुलिस का आभार व्यक्त किया। यह पहल जनता के विश्वास को और मजबूत करती है। #Mungeli #PoliceNews #MobileRecovery #CyberCrime #CEIRPortal #Chhattisgarh #GoodNews #PoliceAction #TechNews1
- घुघरी मचला मिर्चाखेडा के तरफ से लगी आग ,मलवाथर जंगल में भीषण रूप ,आग बेकाबू ।1
- ’’नामांकन लक्ष्य अधूरा रहने पर कलेक्टर सख्त, अधिकारियों के वेतन रोकने के निर्देश’’ डिंडौरी : 22 अप्रैल,2026 कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया ने सर्व शिक्षा अभियान की समीक्षा बैठक के दौरान कक्षा 1 से 8वीं तक शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए थे। इसके लिए 30 अप्रैल 2026 की समय-सीमा निर्धारित की गई थी। निर्धारित समय-सीमा के भीतर लक्ष्य पूरा नहीं होने पर कलेक्टर ने कड़ा रुख अपनाते हुए डीपीसी स्टाफ, बीआरसी, एपीसी, बीईओ एवं स्कूलों के संस्था प्रमुखों के प्रति नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने संबंधित अधिकारी-कर्मचारियों के वेतन रोकने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने स्पष्ट कहा कि जब तक नामांकन का कार्य पूर्ण नहीं होगा, तब तक वेतन जारी नहीं किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को शीघ्र ही शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि शैक्षणिक सत्र की शुरुआत सुचारु रूप से हो सके। डीपीसी श्रीमती श्वेता अग्रवाल, श्रीमती प्रमिला मिश्रा एपीसी, श्री अमित गौलिया एपीसी, श्री बीके मिश्रा सहायक यंत्री, प्रोग्रामर श्री अनुराग पटेल सहित अन्य अधिकारी कर्मचारी उपस्थित रहे।1